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कर्नाटक में 606 विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत, 230 दो‌षियों को पैरोल

LiveLaw News Network
7 April 2020 2:44 PM GMT
कर्नाटक में 606 विचाराधीन कैदियों को अंतरिम जमानत, 230 दो‌षियों को पैरोल
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जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने के सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए 3 अप्रैल को कर्नाटक में उच्‍चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक हुई है। बैठक की अध्यक्षता कर्नाटक उच्‍च न्यायालय के न्यायाधीश और कर्नाटक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने की। बैठक में यह सूचित किया गया कि 2 अप्रैल तक राज्य की सभी जेलों में बंद 606 अंडर ट्रायल कैदियों को जमानत दे दी गई है और 230 दोषियों की पैरोल पर रिहा किया गया है।

जेल महानिदेशक ने समिति को पुलिस महानिरीक्षक, उत्तरी रेंज, बेलागवी, उपायुक्त, विजयापुर जिला, पुलिस आयुक्त, बेंगलुरु सिटी, पुलिस अधीक्षक, विजयापुर, बागलकोट और बेलागवी, डीआईजी, जेल, उत्तरी रेंज, बेलगावी, मुख्य अधीक्षक/अधीक्षक-केंद्रीय कारागार बेलगावी, विजयपुरा, बगलकोट और उप-जेल, जामखंडी को भेजे गए फैक्स संदेश के बारे में सूचित किया।

केंद्रीय जेल, विजयापुर में बंद 175 अंडर ट्रायल कैदियों को राज्य की विभिन्न जेलों में स्थानांतरित किया गया है। सेंट्रल जेल, मैसूर में कैद 50 अंडर ट्रायल कैदियों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है।

डीजीपी, जेल ने बताया कि 9 केंद्रीय जेलों, 21 जिला जेलों और राज्य में 15 तालुक / राजस्व जेलों में, जहां स्वीकृत किए गए मेडिकल स्टाफ को नहीं भरा गया है, वहां राज्य अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे तुरंत पदों को भरने के लिए निर्देश दें।

महानिदेशक (जेल और सुधार सेवाएं) ने दिनांक 02.04.2020 के परिपत्र को रिकॉर्ड पर रखा, जिसमें नोडल मेडिकल संस्थानों की जानकारी दी गई, जिन्हें किसी भी कैदी को COVID-19 संक्रमण की आशंका की स्थिति में में भर्ती करने के लिए चिन्हित किया गया है।

केएसएलएसए के चेयरमैन ने बताया कि COVID-19 की समस्या के मद्देनजर निम्‍नलिख‌ित उपाय किए गए हैं-

(a) राज्य के सभी जेलों में बंद कैदियों (‌विचाराधीनऔर दोषी) की स्वास्थ्य संबंधित जांच, अध्यक्ष और सदस्य सचिव, डीएलएसए और टीएलएससी की निगरानी में की गई है।

(b) कर्नाटक के केंद्रीय कारागारों में निर्मित फेस मास्क को जिला कारागार और तालुक जेलों में व्यक्तिगत स्टाफ और कैदियों के ‌लिए भेजा जा रहा है।

(c) सभी डीएलएसए और टीएलएससी स्कूलों, कॉलेजों में रखे गए श्रमिकों-मजदूरों को भोजन और खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने के राज्य के अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं।

(d) सभी तालुकों में पैरा लीगल वालंटियर्स ने कोरोनावायरस (COVID-19) के बारे में जागरूकता पैदा कर रहे हैं।

(e) डीएलएसए और टीएलएससी जरूरतमंदों को खाद्यान्न वितरण का कार्य कर रहे हैं।

(f) ग्रामीण स्तर पर टॉम टॉम सेवाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

(g) COVID​​-19 के बारे में पोस्टर चिपकाकर जानकारी दी जा रही है।

(h) इन पोस्टरों के व्हाट्सएप संदेशों को पैरा लीगल वालंटियर्स और पैनल अधिवक्ताओं को भेज दिया गया है, जिन्हें वे ऐसे समूहों के साथ आगे भेज सकते हैं, जिनके साथ वे संपर्क में हैं।

(i) सदस्य सचिव, DLSA और TLSC राज्य प्रशासन के समन्वय के साथ, निम्नलिखित कदम उठा रहे हैं:

(i) कोरोनावायरस के पीड़ितों को तत्काल सहायता सुनिश्चित करना।

(ii) तत्काल राहत के लिए सरकार और गैर-सरकारी संगठनों के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाना।

(iii) राहत सामग्री जैसे सैनिटाइज़र, मास्क, दस्ताने आदि के वितरण की निगरानी करना।

(iv) फंसे हुए श्रमिकों और मजदूरों को भोजन और पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना।

(v) पीड़ितों के लिए उचित उपचार सुनिश्चित करना और जिला अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना।

(vi) स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता की निगरानी और महामारी के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाना।

(j) कर्नाटक राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के माध्यम से इस्कॉन द्वारा किए गए अनुरोध पर, लगभग 50 पैरा लीगल वालंटियर्स को जरूरतमंदों को वितरित करने के लिए किराने की सामग्री की पैकिंग के लिए तैनात किया गया है।

(k) KSLSA ने COVID-19 की जरूरतमंदों के लिए 24 x 7 हेल्पलाइन सेवा खोली है।

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