संपादकीय
COVID-2019: मनचाहे दामों पर वस्तुओं की बिक्री कर रहे दुकानदारों के खिलाफ ऐसे दर्ज कराएँ शिकायत
जैसा कि हम सभी जानते हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च रात 12 बजे से अगले 21 दिनों के लिए 3 सप्ताह के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। पीएम ने यह घोषणा करते हुए कहा था कि कोरोना-वायरस को फैलने से रोकने के लिए यह उपाय नितांत आवश्यक है।हालाँकि, 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान कुछ आवश्यक सामग्री और सेवाएं इस लॉकडाउन से मुक्त भी हैं, और ऐसा इसलिए किया गया है जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।हालंकि, ऐसे तमाम मामले भी प्रकाश में आ रहे हैं, जहाँ लोगों द्वारा एक...
तब्लीगी जमातः वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों से सख्ती से निपटना होगा : गुजरात हाईकोर्ट
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में हुई तब्लीगी जमात की धार्मिक मण्डली के कारण COVID-19 संक्रमण के कई केस सामने आने के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से कहा है कि उनको वीजा कानूनों के उल्लंघनकर्ताओं के साथ सख्ती से व्यवहार करना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, अपने पर्यटक वीजा के आधार पर धार्मिक मण्डली में भाग लेने वाले 960 विदेशियों ने वीजा मैन्यूअल या नियमावली 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। जो द फाॅरनेर्स एक्ट या विदेशी...
अरुणा रॉय और निखिल डे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर MNREGA कर्मियों को भुगतान, प्रवासी श्रमिकों के लिए अस्थाई जॉब कार्ड की मांग की
एक्टिविस्ट अरुणा रॉय और निखिल डे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को एक समान दिशा-निर्देश जारी करन का अनुरोध किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मनरेगा अधिनियम के तहत सभी सक्रिय और पंजीकृत जॉब कार्ड धारकों को कार्य पर मौजूद समझा जाए और जल्द से जल्द पूरी उन्हें मज़दूरी का भुगतान किया जाए। एक्टिविस्ट की ओर से वकील प्रशांत भूषण द्वारा दायर याचिका में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (MGNREGA Act) के 7.6 करोड़ से अधिक सक्रिय...
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी की बैठक, लॉकडाउन में अर्जेंट मामलों की सुनवाई पर जोर
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी की बैठक शनिवार को हुई, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि लॉकडाउन की अवधि में अर्जेंट मामलों की सुनवाई होती रहे और सुनवाई के लिए सूचीबद्ध अन्य मामलों के लिए पार्टियों को कोर्ट में आने की आवश्यकता नहीं है। चेयरपर्सन डॉ जस्टिस चंद्रचूड़ ने उच्च न्यायालयों द्वारा अपने कार्यक्षेत्रों में शुरु किए गए उपायों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई राज्यों को ई-फाइलिंग में, वर्चुअल कोर्ट के संचालन में और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामलों की सुनवाई में कठिनाइयां आ रही हैं,...
निज़ामुद्दीन में धार्मिक मण्डली में भाग लेकर राज्य में आने वालों की पहचान हो : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि कोरोनावायरस के प्रसार से बचने के लिए 21 दिनों की लॉकडाउन अवधि के दौरान राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई करना होगी और किसानों की मदद करनी होगी। राज्य सरकार को निज़ामुद्दीन में धार्मिक मण्डली में भाग लेने के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों का तुरंत पता लगाने और और उन्हें क्वारंटीन करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई की,...
सैनिटाइज़र और मास्क की उपलब्धता सरकार द्वारा तय की गई कीमत पर सुनिश्चित करने के लिए उठाए कदम, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा सैनिटाइज़र और मास्क की कालाबाजारी रोकने के उपायों के क्रियान्वयन के संबंध में प्रस्तुत की गई अधिसूचनाओं को नोट करते हुए कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप के मद्देनजर उसके के समुचित पालन का निर्देश दिया।यह याचिका जस्टिस फोर राइट्स फाउंडेशन, सत्यम सिंह राजपूत (एडवोकेट एंड फाउंडर), एडवोकेट अमित शर्मा और प्रतीक शर्मा, दिल्ली विश्वविद्यालय के कानून के छात्र द्वारा दायर की गई थी। दरअसल COVID19 संकट के बीच मास्क, हैंड सैनिटाइजर और पर्सनल प्रोटेक्शन...
अपने ही आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा राजस्थान हाईकोर्ट, SC ने एक पीठ के लॉकडाउन के दौरान जमानत मामले सूचीबद्ध ना करने के फैसले पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ द्वारा पारित उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें हाईकोर्ट रजिस्ट्री को निर्देश दिया था कि वह लॉकडाउन की अवधि के दौरान जरूरी मामलों के रूप में जमानत और सजा निलंबन की अर्जियों को सूचीबद्ध ना करे। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा दायर अपील में इस आदेश पर रोक लगा दी।दरअसल न्यायमूर्ति पंकज भंडारी ने कहा था कि इस तरह के मामलों को अत्यधिक जरूरी नहीं माना जा सकता है।आदेश में उल्लिखित...
असहमतियों और वैज्ञानिक विमर्श पर ग्रहण?
सीनियर एडवोकेट संतोष पॉल" हमें स्पष्ट होना चाहिए कि विज्ञान के लिए आम सहमति का कोई अर्थ नहीं है। आम सहमति राजनीति का विषय है। विज्ञान में आम सहमति व्यर्थ है। अर्थपूर्ण वो नतीजे हैं, जिन्हें दोबारा हासिल किया जा सके। इतिहास के महानतम वैज्ञानिक महान इसलिए रहे, क्योंकि उन्होंने आम सहमति के खिलाफ खड़ा होना चुना।" माइकल क्रिक्टन कोरोनोवायरस की महामारी पर संभावित सामाजिक, आर्थिक और वैज्ञानिक विमर्शों को सुप्रीम कोर्ट का 31 मार्च 2020 का आदेश प्रभावित कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट का ऐसा इरादा नहीं...
कर्नाटक सीमा पर नाकाबंदी : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से दोनों राज्यों की बीच मध्यस्थता करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को केरल और कर्नाटक राज्य के मुख्य सचिवों के बीच एक बैठक आयोजित करने के लिए कहा ताकि कर्नाटक से लगने वाली सीमा में कासरगोड जिले के मरीज़ों को COVID-19 के प्रकोप के मद्देनजर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रवेश के मुद्दे को दोनों राज्य आपसी से सहमति से निपटा सकें। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने केरल हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कर्नाटक राज्य ने केरल उच्च न्यायालय के...
क्या है फर्जी खबर और IPC की धारा 505 (1) के बीच संबंध, जानिए कौन से मामलों में लागू होगी यह धारा?
यह बात हम सभी जानते हैं कि वैसे तो फर्जी खबर को फैलाना एवं इसके फैलने में अपना योगदान देना अपने आप में बिलकुल भी उचित नहीं है, परन्तु आपदा के दौरान फर्जी ख़बरों का वितरण, बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इसके दुष्परिणाम शायद किसी से भी छुपे नहीं हैं। हाल ही में, अलख आलोक श्रीवास्तव बनाम भारत संघ [Writ Petition(s) (Civil) No(s). 468/2020] के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी यह टिपण्णी की थी कि फर्जी ख़बरों के जरिये फैलने वाला आतंक, लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। पीठ का...
कर्नाटक राज्य ने केरल हाईकोर्ट के केंद्र को केरल की सीमाओं को खोलने के निर्देशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
कर्नाटक राज्य ने केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है, जिसमें कर्नाटक के अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा देखभाल का उपयोग करने के लिए केरल के मरीजों को प्रवेश की अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार को कर्नाटक सीमा पर लगाई गई नाकाबंदी को हटाने का निर्देश दिया था।स्पेशल लीव पिटीशन में, कर्नाटक का कहना है कि इस आदेश के लागू होने से कानून और व्यवस्था के मुद्दों को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि स्थानीय आबादी कासरगोड जिले से लोगों के प्रवेश का विरोध कर रही है, जिसमें...
सरकार के आदेश के बावजूद प्रवासी मज़दूरों को ठेकेदार पूरा भुगतान नहीं कर रहे हैं : हर्ष मंदर ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने सुप्रीम कोर्ट में एक अतिरिक्त हलफनामा दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार द्वारा दिए गए आदेशों के बावजूद कई प्रवासी श्रमिक अभी भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारों के आदेश के बावजूद कि ठेकेदारों को इन श्रमिकों को पूरी मजदूरी का भुगतान करना होगा, ठेकेदार मज़दूरों को कम भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सरकार के आदेशों के बाद भी पिछले दो दिनों में बहुत बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों को उनके आवास से बाहर निकाल...
COVID-2019: आपदा संबंधी फर्जी ख़बर फ़ैलाने के क्या हो सकते हैं दुष्परिणाम, जानिए क्या कहता है कानून?
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (31 मार्च, 2020) को अलख आलोक श्रीवास्तव बनाम भारत संघ Writ Petition(s) (Civil) No(s). 468/2020 के मामले में यह कहा कि शहरों में काम कर रहे मज़दूरों का पलायन, देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद इस फ़र्ज़ी खबर के कारण शुरू हुआ कि लॉकडाउन 3 महीने तक चलेगा। इस मामले में पीठ ने आगे यह भी कहा कि, "...हम मीडिया (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल) से यह उम्मीद करते हैं कि वह जिम्मेदारी भरा रवैया अपनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि दहशत का माहौल पैदा करने वाली खबरें, बिना पुष्टि के...
जस्टिस रजनेश ओसवाल ने J&K HC के जज की शपथ ली : भारत के संविधान की शपथ लेने वाले पहले जज
जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के रद्द होने के बाद जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय में जज नियुक्त किए गए न्यायमूर्ति रजनेश ओसवाल पहले जज बन गए है जिन्होंने भारत के संविधान के तहत शपथ ली है। जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने गुरुवार को आयोजित समारोह में न्यायमूर्ति रजनेश ओसवाल को शपथ दिलाई। इस शपथग्रहण समारोह का इंटरनेट पर सीधा प्रसारण भी किया गया। COVID-19 महामारी के कारण लॉकडाउन के मद्देनजर,...
'आपदा के लिए नुस्खा' : केरल हाईकोर्ट ने डॉक्टर से प्रमाणित लोगों को शराब की आपूर्ति करने के आदेश पर रोक लगाई
केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवार को केरल सरकार द्वारा 30 मार्च को जारी किए गए उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके अनुसार आबकारी विभाग किसी डॉक्टर से यह प्रमाण पत्र लेने वाले व्यक्ति को शराब की आपूर्ति करेगा कि वह शराब वापसी सिन्ड्रोम से पीड़ित है।ये रोक तीन सप्ताह की अवधि के लिए है।जस्टिस ए के जयशंकरन नांबियार और जस्टिस शाजी पी शेली की पीठ ने कांग्रेस सांसद टी एन प्रथपन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और केरल गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा दायर याचिकाओं पर ये अंतरिम आदेश पारित...


















