संपादकीय

सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल चुनावी सभा कराने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के संचालन पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने वर्चुअल चुनावी सभा कराने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के संचालन पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के विधानसभा उपचुनावों में चुनाव प्रचार के लिए राजनीतिक दलों द्वारा शारीरिक सभाएं आयोजित करने की शर्तों के आदेश पर रोक लगा दी।मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक दलों द्वारा शारीरिक सभाओं के संचालन में शर्तें लगाने के आदेश को चुनौती देने वाली चुनाव आयोग और बीजेपी नेता प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा दाखिल दो अलग- अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने कहा...

पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे को कोयला घोटाला मामले में तीन साल की कैद
पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे को कोयला घोटाला मामले में तीन साल की कैद

पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे को 1999 में झारखंड कोयला ब्लॉक के आवंटन में अनियमितताओं से संबंधित कोयला घोटाला मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई। रे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्य मंत्री (कोयला) थे।विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने उस समय के कोयला मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों प्रदीप कुमार बनर्जी और नित्या नंद गौतम और कास्त्रोन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (सीटीएल) के निदेशक महेंद्र अग्रवाल को भी तीन-तीन साल की जेल की सजा सुनाई है।अदालत ने इन तीनों पर प्रत्येक पर 10...

संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 12 :  संविदा का पालन कैसे किया जाता है? जानिए विशेष बातें (Performance of Contracts)
संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 12 : संविदा का पालन कैसे किया जाता है? जानिए विशेष बातें (Performance of Contracts)

अब तक के आलेखों में हमने संविदा क्या होती है और संविदा का सृजन कैसे किया जाता है इसके संबंध में संपूर्ण जानकारियों को साझा किया है तथा समझाने का प्रयास किया है कि एक वैध संविदा का सृजन कैसे होता है। एक वैध संविदा जब अस्तित्व में आ जाती है तब इस संविदा के लिए सबसे सर्वोत्तम तो होगा की संविदा का पालन किया जाए इसलिए संविदा अधिनियम की धारा 37 अध्याय 4 के अंतर्गत यह स्पष्ट संविदा के पक्षकारों को कहा गया है कि वह अपने वचनों का पालन करें। धारा 37 के अंतर्गत एक प्रकार से नैतिक रूप से भी यह इशारा किया...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन इन्वेस्टमेंट्स को डेट फंड योजनाओं की समाप्त‌ि की कार्यवाही को आगे बढ़ाने से रोका, कहा- यून‌िट धारकों की सहमति के बिना कार्यवाही आगे नहीं बढ़ा सकते
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन इन्वेस्टमेंट्स को डेट फंड योजनाओं की समाप्त‌ि की कार्यवाही को आगे बढ़ाने से रोका, कहा- यून‌िट धारकों की सहमति के बिना कार्यवाही आगे नहीं बढ़ा सकते

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शनिवार को फ्रैंकलिन टेम्पलटन इन्वेस्टमेंट्स (एफटी) को यून‌िट धारकों की सहमति के बिना डेट फंड योजनाओं की समाप्त‌ि की कार्यवाही को आगे बढ़ाने से रोक दिया है। चीफ जस्टिस एएस ओका और ज‌स्ट‌िस अशोक एस किनागी की खंडपीठ ने शनिवार को एफटी की छह डेट फंड योजनाओं की समाप्त‌ि के ‌खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाने के लिए विशेष बैठक की।अदालत ने कहा कि वह योजनाओं को समाप्त करने के फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर रही है, हालांकि एफटी को निर्णय के आधार पर अगला कदम उठाने से पहले यूनिट...

पुरुषों और महिला के लिए विवाह की असमान उम्र स्टीरियोटाइप रूढ़ियों पर आधारित: SC में शादी की उम्र एक करने और हाईकोर्ट से याचिकाएं ट्रांसफर करने की मांग
"पुरुषों और महिला के लिए विवाह की असमान उम्र स्टीरियोटाइप रूढ़ियों पर आधारित": SC में शादी की उम्र एक करने और हाईकोर्ट से याचिकाएं ट्रांसफर करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें राजस्थान उच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित उन याचिकाओं को स्थानांतरित करने की मांग की गई है, जिसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए विवाह की एक समान उम्र की मांग की गई है। अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि यह याचिका अनुच्छेद 14, 15 और 21 की व्याख्या पर मुकदमों की बहुलता और परस्पर विरोधी विचारों से बचने के लिए दायर की गई है और इसमें लैंगिक न्याय और समानता से संबंधित निर्णय शामिल हैं।याचिकाकर्ता ने...

संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 10 : संविदा अधिनियम के अंतर्गत शून्य करार (Void Agreements) क्या होते हैं और कौन से करारों का कोई अस्तित्व ही नहींं होता
संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 10 : संविदा अधिनियम के अंतर्गत शून्य करार (Void Agreements) क्या होते हैं और कौन से करारों का कोई अस्तित्व ही नहींं होता

यह आलेख संविदा विधि के भाग- 9 का शेष भाग है तथा इसके अंतर्गत उन करारों का उल्लेख किया जा रहा है जिन करारों को विधि द्वारा सीधे शून्य घोषित किया गया है। अब तक हमने धारा 26 के अंतर्गत विवाह अवरोधक करार धारा 27 के अंतर्गत व्यापार अवरोधक करारों के संबंध में चर्चा की है। अभी इस आलेख में उन करारों के संबंध में चर्चा की जा रही है जिन्हें विधि द्वारा सीधे शून्य घोषित किया गया है। पाठकगण यदि इस आलेख को समझना चाहते हैं तो उन्हें इस आलेख के पूर्व भाग- 9 का भी अध्ययन करना चाहिए यदि भाग-9 का अध्ययन किया...

National Uniform Public Holiday Policy
बीमाकर्ता को पहले से मौजूद बीमारियों की जानकारी देना प्रस्तावक का कर्तव्यः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि एक प्रस्तावक जीवन बीमा की पॉलिसी लेने से पहले से, अपनी मौजूदा बीमार‌ियों की जानकारी बीमाकर्ता को देना के लिए कर्तव्यबद्ध है।मौजूदा मामले में, बीमा प्रस्ताव फॉर्म में प्रस्तावक के स्वास्थ्य और चिकित्सा इतिहास से संबंधित प्रश्न थे और इस बात का व‌िशेष रूप से खुलासा करना था कि क्या प्रस्तावक को किसी भी प्रकार की बीमारी है, या अस्पताल में भर्ती किया गया है या उपचार किया गया है और उसे अपने अच्छे स्वास्थ्य की घोषणा करनी थी। प्रस्तावक ने प्रश्नों का उत्तर नकारात्मक दिया,...

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ख‌िलाफ COVID प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन के आरोप में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिया एफआईआर दर्ज करने का आदेश
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ख‌िलाफ COVID प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन के आरोप में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिया एफआईआर दर्ज करने का आदेश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि सख्त आदेशों के बावजूद, राज्य में उम्मीदवारों, राजनीतिक / सरकारी / राज्य पदाधिकारियों द्वारा राजनैतिक सभाओं को संबोधित किया गया है, मंगलवार (20 अक्टूबर) को अपने आदेश में बहुत ही कठोर शब्दों में कहा, "चुनाव प्रचार में लोकप्र‌ियता पाने के परम उद्देश्य से अधिक से अधिक और बड़ी सभाओं को संचालन करना राजनीतिक दलों का साझा एजेंडा प्रतीत होता है। यह स्पष्ट रूप से देश के उन भोले और निर्दोष नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन की कीमत पर किया जाता है, जो समाज के निचले तबके...

मीडिया पर सरकार का नियंत्रण अनुच्छेद 19 (1) (ए) पर ह‌थौड़ा चलाने जैसे होगाः न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन ने सुशांत स‌िंह राजपूत मीडिया ट्रायल मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
'मीडिया पर सरकार का नियंत्रण अनुच्छेद 19 (1) (ए) पर ह‌थौड़ा चलाने जैसे होगाः न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन ने सुशांत स‌िंह राजपूत मीडिया ट्रायल मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया

बॉम्बे हाईकोर्ट में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में मीडिया कवरेज के कारण हुए मीडिया ट्रायल के खिलाफ दायर जनहित याचिका में उल्लेखनीय तर्क और विमर्श हुए। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की पीठ ने पूरे दिन मामले की सुनवाई की।सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ भटनागर नेशनल ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन की ओर से पेश हुए और प्रेस के स्व-नियामक तंत्र की वकालत की। उन्होंने अदालत को बताया कि वर्तमान में मौजूद दिशा-निर्देश पर्याप्त हैं और प्रेस पर सरकारी नियंत्रण अनुचित हैं, अगर...

संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 9 : संविदा अधिनियम के अंतर्गत शून्य करार (Void Agreements) क्या होते हैं और कौन से करारों को विधि द्वारा सीधे शून्य घोषित किया गया है
संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 9 : संविदा अधिनियम के अंतर्गत शून्य करार (Void Agreements) क्या होते हैं और कौन से करारों को विधि द्वारा सीधे शून्य घोषित किया गया है

भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की धारा 10 के अंतर्गत विधिपूर्ण प्रतिफल और विधिपूर्ण उद्देश्य के साथ कोई भी करार के संविदा होने के लिए आवश्यक योग्यता यह भी है कि उन करारों को विधि द्वारा सीधे शून्य घोषित न किया गया हो। समाज और देश को बनाए रखने के लिए जनता के हित के लिए कुछ करार ऐसे हैं जिन्हें विधि द्वारा सीधे ही शून्य घोषित कर दिया गया है।पिछले आलेख भाग-8 में प्रतिफल के कारण शून्य होने वाले करारों के संबंध में चर्चा की गई है। इस आलेख में उन करारों के संबंध में चर्चा की जा रही है जिन्हें विधि द्वारा...

यदि आप ही जांचकर्ता, अभियोजक और न्यायाधीश बन जाएंंगे तो हम यहांं क्यों हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट ने मीडिया ट्रायल पर चिंता व्यक्त की
'यदि आप ही जांचकर्ता, अभियोजक और न्यायाधीश बन जाएंंगे तो हम यहांं क्यों हैं?' बॉम्बे हाईकोर्ट ने मीडिया ट्रायल पर चिंता व्यक्त की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित रिपोर्ट पर विनियम की मांग करते हुए दायर याचिकाओं पर सुनवाई की और ''मीडिया ट्रायल'' की प्रथा पर अपनी चिंता व्यक्त की। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ ने रिपब्लिक टीवी की तरफ से पेश अधिवक्ता मालविका त्रिवेदी से कहा कि, ''यदि आप जांचकर्ता, अभियोजक और न्यायाधीश बन गए हैं, तो हमारा क्या उपयोग है? हम यहां क्यों हैं?'' पीठ ने अधिवक्ता त्रिवेदी से कहा, ''अगर आपको सच्चाई जानने में इतनी दिलचस्पी है,...

संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 8 : संविदा अधिनियम के अंतर्गत शून्य करार (Void Agreements) क्या होते हैं और प्रतिफल के संबंध में करार कब शून्य होता है?
संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 8 : संविदा अधिनियम के अंतर्गत शून्य करार (Void Agreements) क्या होते हैं और प्रतिफल के संबंध में करार कब शून्य होता है?

जिस प्रकार हमने पूर्व के आलेखों में यह समझा है कि भारतीय संविदा अधिनियम 1872 के अंतर्गत धारा 10 सर्वाधिक महत्वपूर्ण धारा है। इस धारा के अंतर्गत जिन बातों का उल्लेख किया गया है उन बातों को अगली 20 धाराओं में विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। धारा 10 के अनुसार किसी भी करार के संविदा होने के लिए उस में सक्षम पक्षकार, स्वतंत्र सहमति, विधिपूर्ण प्रतिफल और विधिपूर्ण उद्देश तथा करार विधि द्वारा सीधे शून्य घोषित नहीं किया गया हो यह सभी बातों का समावेश होना चाहिए तब ही कोई करार संविदा का रूप लेता है।पूर्व...

अर्नब गोस्वामी अपना एजेंडा चला रहे हैं, पूर्व पुलिसकर्मी ने मुकदमा दायर कर कहा, रिपब्‍ल‌िक टीवी को मुंबई पुलिस को बदनाम करने से रोका जाए
"अर्नब गोस्वामी अपना एजेंडा चला रहे हैं", पूर्व पुलिसकर्मी ने मुकदमा दायर कर कहा, रिपब्‍ल‌िक टीवी को मुंबई पुलिस को बदनाम करने से रोका जाए

मुंबई की अदालत में एक मुकदमा दायर किया गया है, जिसमें रिपब्लिक टीवी, आर भारत और न्यूज एंकर अर्नब गोस्वामी को टीआरपी घोटाले के मामले में हुई एफआईआर की चर्चा करने या जिक्र करने से रोकने की मांग की गई है।मुंबई के पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त, इकबाल शेख की ओर से दायर मुकदमे में मुंबई पुलिस के खिलाफ "अवमाननापूर्ण रपटों" के कारण वादी को हुई मानसिक पीड़ा के लिए 5 लाख रुपये की क्षति की भी मांग की गई है।एडवोकेट आभा सिंह के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि रिपब्लिक टीवी और आर भारत ने मुंबई पुलिस को...

फैसला सुनाए जाने के बाद वेबसाइट पर अपलोड करने में हुई एक वर्ष से अधिक की देरी: सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को तलब किया
फैसला सुनाए जाने के बाद वेबसाइट पर अपलोड करने में हुई एक वर्ष से अधिक की देरी: सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को तलब किया

सुप्रीम कोर्ट ने यह देखते हुए कि 24 जनवरी, 2018 को सुनाया गया फैसला पटना हाईकोर्ट की वेबसाइट पर एक मई, 2019 को अपलोड किया गया, गुरुवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को तलब किया है और तथ्य की वास्तव‌िकता के संबंध में एक रिपोर्ट जमा करने को कहा।"जैसाकि विद्वान वकील ने कहा है, मामले में 733 दिनों की देरी हुई है, (333 दिनों की नहीं, जैसाकि आवेदन और कार्यालय की रिपोर्ट में कहा गया है।" न्यायमूर्ति एसके कौल और दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि इस पहलू को रजिस्ट्री द्वारा सत्यापित किया जाना...

संविदा विधि (Contract Law) भाग 7 :  स्वतंत्र सहमति के अंतर्गत कपट, दुर्व्यपदेशन और भूल
संविदा विधि (Contract Law) भाग 7 : स्वतंत्र सहमति के अंतर्गत कपट, दुर्व्यपदेशन और भूल

भारतीय संविदा अधिनियम 1872 के अंतर्गत धारा 10 सभी करारों को संविदा घोषित करती है। इस धारा के अंतर्गत यह उल्लेख किया गया है कि किसी भी करार के संविदा होने के लिए स्वतंत्र सहमति उसमें एक प्रमुख गुण होता है। अधिनियम की धारा 14 के अंतर्गत स्वतंत्र सहमति की परिभाषा प्रस्तुत की गई है जिसमें स्वतंत्र सहमति में पांच तत्वों का समावेश दिया गया है। इन पांच तत्वों में अंत के तीन तत्व कपाट, दुर्व्यपदेशन और भूल है जिन्हें इस आलेख में प्रस्तुत किया जा रहा है। यदि किसी सहमति में कपट नहीं है दुर्व्यपदेशन नहीं है...

राजस्थान हाईकोर्ट ने ड्रीम 11 के खिलाफ दायर याचिका को खारिज किया, कंपनी पर सट्टेबाजी और जुए का था आरोप
राजस्थान हाईकोर्ट ने ड्रीम 11 के खिलाफ दायर याचिका को खारिज किया, कंपनी पर सट्टेबाजी और जुए का था आरोप

राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार (16 अक्टूबर) को ड्रीम 11 फैंटेसी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ जनहित याचिका की प्रकृति की रिट याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इस मंच पर खेला जा रहा गेम "सट्टेबाजी" के अलावा और कुछ नहीं है।याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स गेम्स संयोग के खेल हैं, इस प्रकार यह जुआ/सट्टेबाजी का अवैध कार्य है। चीफ जस्टिस इंद्रजीत महंती और जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल की खंडपीठ ने कहा कि,"चूंकि फैंटसी गेम का परिणाम प्रतिभागी के कौशल पर निर्भर करता...