संपादकीय
असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में 'अयोग्य' व्यक्तियों को कैसे शामिल किया गया? गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम एनआरसी समन्वयक से पूछा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही के एक फैसले में, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के समन्वयक को यह बताने का निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता का नाम इस तथ्य के बावजूद रजिस्टर में कैसे शामिल हो गया कि प्रासंगिक समय पर, उसके खिलाफ कार्यवाही जारी थी।जस्टिस मनोजीत भुयन और जस्टिस सौमित्र सैकिया की खंडपीठ ने कहा, "असम राज्य समन्वयक, एनआरसी को एक व्यापक हलफनामा दायर करने दीजिए, और आवश्यक विवरणों के साथ स्थितियों को रिकॉर्ड पर लाने दीजिए, जिससे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में ऐसे व्यक्तियों ने जगह बना ली, जो कि...
संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 14 : क्षतिपूर्ति क्या होती है, संविदा विधि में क्षतिपूर्ति की संविदा क्या होती है (Indemnity)
अब तक के संविदा विधि से संबंधित आलेखों के 13 भागों के अंतर्गत संविदा विधि के प्रारंभिक रूप को और उसकी अवधारणा को समझा गया है। आलेख 14 संविदा विधि के एक प्रकार से दूसरे भाग का प्रारंभ है, इस आलेख में लेखक क्षतिपूर्ति के संदर्भ में विशेष बातों का उल्लेख कर रहा है। संविदा विधि की अब तक की 75 धाराओं के अंतर्गत संविदा विधि के प्रारंभिक रूप को समझा गया है। भारतीय संविदा अधिनियम 1872 की प्रारंभिक 75 धाराएं आधारभूत धाराएं हैं, इन धाराओं के बाद अगली धाराओं का अध्ययन संविदा विधि का भाग-2 माना जाता...
'41 ए CrPC के तहत शक्ति का उपयोग धमकाने, प्रताड़ित करने और परेशान करने के लिए नहीं किया जा सकता' : सुप्रीम कोर्ट ने WB सरकार के खिलाफ पोस्ट करने पर दिल्ली निवासी को जारी समन पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की एक निवासी को पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ 'आपत्तिजनक' फेसबुक पोस्ट करने के आरोपी के रूप में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ए के तहत जारी नोटिस के जवाब में पश्चिम बंगाल में जांच अधिकारी के सामने पेश होने के दिशा-निर्देश पर रोक लगा दी है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा,"न्यायालय के रूप में संज्ञान अंतर्निहित सिद्धांतों का होता है जो पुलिस जांच के मामले में न्यायिक समीक्षा के अभ्यास को रोकता है, समान रूप से, अदालत को संविधान के अनुच्छेद 19...
इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय, एनआईसी और एनईजीडी को जानकारी नहीं कि आरोग्य सेतु ऐप किसने बनाया और कैसे बनाया : सीआईसी ने सीपीआईओ को समन जारी किया
केंद्रीय सूचना आयोग ने मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय,नेशनल इन्फर्मैटिक्स सेंटर व एनईजीडी के सीपीआईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न आरटीआई एक्ट की धारा 20 के तहत उन पर जुर्माना लगा दिया जाए क्योंकि उन्होंने प्रथम दृष्टया सूचनाएं प्रदान करने में बाधा ड़ाली हैं और आरोग्य सेतु ऐप से संबंधित एक आरटीआई आवेदन का स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। सीआईसी ने एनआईसी को यह बताने के लिए भी कहा है कि जब आरोग्य सेतु वेबसाइट में यह उल्लेख किया गया है कि प्लेटफॉर्म को उनके द्वारा डिजाइन, विकसित और होस्ट...
सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को फीस में 20 प्रतिशत तक कमी करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर रोक लगाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को फीस में कम से कम 20 प्रतिशत कमी करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों पर रोक लगाने से इनकार कियासुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्देशों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके तहत निजी स्कूलों को फीस में कम से कम 20 प्रतिशत की कमी करने और वित्तीय वर्ष 2020-21 में शुल्क वृद्धि नहीं करने का निर्देश दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उन निर्देशों में भी हस्तक्षेप नहीं किया, जिनमें कहा गया था कि स्कूलों को गैर-आवश्यक सेवाओं (जैसे...
जम्मू कोर्ट ने अधिवक्ता दीपिका राजावत को नवरात्री ट्वीट मामले में दर्ज एफआईआर पर अग्रिम ज़मानत दी
प्रधान सत्र न्यायाधीश, जम्मू की अदालत ने नवरात्रि के अवसर पर अपने ट्वीट के खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में अधिवक्ता दीपिका सिंह राजावत द्वारा दायर अग्रिम ज़मानत याचिका मंज़ूर कर ली है। राजावत के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन रैना और आलोक बम्ब्रो द्वारा दिए गए तर्कों के आधार पर न्यायाधीश संजीव गुप्ता ने देखा है कि राजावत अपनी गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण पाने की हकदार हैं।राजावत के वकीलों ने प्रस्तुत कि राजावत का ट्वीट "भारत में बढ़ते बलात्कार के मामलों के खिलाफ आवाज उठाने के उद्देश्य से किया गया था और...
"वह कहीं भाग नहीं रही है": सुप्रीम कोर्ट ने देवांगना कलिता को जमानत देने के फैसले को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका खारिज की
दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में छात्र एक्टिविस्ट देवांगना कलिता को जमानत देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने कहा कि अदालत जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने के लिए इच्छुक नहीं है।भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने दिल्ली पुलिस की ओर से पेश होकर कहा कि उच्च न्यायालय ने प्रासंगिक पहलुओं पर विचार करने के लिए...
आपराधिक ट्रायल प्रणाली में खामियां : सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों से क्रिमिनल प्रैक्टिस मसौदे पर प्रतिक्रिया मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आपराधिक ट्रायल प्रणाली में अपर्याप्तता और अक्षमताओं से संबंधित स्वत: संज्ञान कार्यवाही के दौरान, सभी उच्च न्यायालयों से एमिक्स क्यूरी द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट ऑफ क्रिमिनल प्रैक्टिस के कार्यान्वयन पर प्रतिक्रिया मांगी। स्वत: संज्ञान मामले में अदालत द्वारा नियुक्त किए गए एमिक्स क्यूरी में से एक, वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने सुझाव दिया कि उच्च न्यायालयों को प्रशासनिक पक्ष में मसौदा आपराधिक नियमों को अपनाना चाहिए।उन्होंने कहा, "हमने पूरे भारत में एक समकालीन...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने CBI को CM त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर FIR दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार (27 अक्टूबर) को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक पत्रकार द्वारा उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की प्राथमिकी दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति रवींद्र मैथानी की पीठ ने उस मामले में यह फैसला दिया जिसमें एक उमेश शर्मा (स्थानीय समाचार चैनल 'समचार प्लस' के मालिक) ने रावत से संबंधित एक वीडियो (जुलाई 2020 में) बनाया था जो वर्ष 2016 में गौ सेवा आयोग का नेतृत्व करने के लिए झारखंड में एक...
'आईएएस का चयन मनमौजी प्रक्रिया नहीं हो सकती', साक्षात्कार रद्द करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने यूपीएससी को लगाई फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने 31 दिसंबर, 2019 को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी पत्र के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की है। संघ लोक सेवा आयोग ने उक्त पत्र जारी कर चयन समिति द्वारा आयोजित साक्षात्कार का रद्द कर दिया था।"सिविल सेवाओं के लिए चयन, विशेष रूप से आईएएस- एक प्रतिष्ठित सेवा, मनमौजी प्रक्रिया नहीं हो सकती है। इसे कुछ मानदंडों, प्रक्रियाओं और अनुशासन का पालन करना पड़ता है। जब राज्य या कोई भी साधन उक्त अनुशासन का पालन करने में विफल रहता है, तो यह निहित स्वार्थों द्वारा कुशासन और...
सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस केस के पीड़ितों व गवाहों की सुरक्षा CRPF को देने के आदेश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस गैंगरेप और हत्या मामले से जुड़ी याचिकाओं का निपटारा करते हुए निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार और गवाहों को एक सप्ताह के भीतर सीआरपीएफ द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। सीजेआई एस बोबडे के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि यह 'आश्वस्त है कि राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कदम उठाए गए हैं।' हालांकि, वर्तमान प्रकृति के एक मामले में सामान्य धारणा और निराशावाद को संबोधित करना आवश्यक है जिसे औचित्य के बिना नहीं कहा जा सकता...
[NDPS] स्वतंत्र गवाहों की कमी घातक नहीं; पुलिस अधिकारियों की गवाही की जांच अधिक सावधानी से होः सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि, एनडीपीएस मामलों में स्वतंत्र गवाहों की कमी अभियोजन के मामलों के लिए घातक नहीं है।जस्टिस एनवी रमना, सूर्यकांत और हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारियों की गवाही की जांच करते समय न्यायालयों को अधिक ध्यान रखना होगा। पीठ ने कहा, यदि वे विश्वसनीय पाए जाते हैं तो एक सफल दोषसिद्धि का आधार बन सकते हैं।इस मामले में, ट्रायल कोर्ट ने अभियुक्तों को बरी करते हुए, कहा था कि किसी भी स्वतंत्र गवाह ने अभियोजन के मामले का समर्थन नहीं किया और स्टार पुलिस...
हाथरस मामला : सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को सीबीआई जांच की निगरानी करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से हाथरस गैंगरेप और हत्या मामले की सीबीआई जांच की निगरानी करने को कहा है। ट्रायल के उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर ट्रांसकक करने की दलील पर सीजेआई की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि जांच पूरी होने तक स्थानांतरण का सवाल खुला रखा गया है। पीठ ने भारत के सॉलिसिटर जनरल की याचिका पर भी ध्यान दिया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों के बारे में विवरण का खुलासा किया गया है। उसके आधार पर, न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च...
सुप्रीम कोर्ट ने 2002 गुजरात दंगों की पीड़िता को नौकरी और आवास पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2002 के गुजरात दंगों के दौरान पांच महीने की गर्भवती और सामूहिक बलात्कार की शिकार बिलकिस बानो को राज्य द्वारा प्रदान की गई नौकरी की पेशकश और आवास पर अपनी शिकायतों को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने बानो का प्रतिनिधित्व कर रहीं वकील शोभा गुप्ता से कहा कि वह उनके हस्तक्षेप आवेदन को वापस ले लें और प्रतिनिधित्व करें।पीठ ने कहा, "आवेदक के लिए शोभा गुप्ता ने...
... वीडियो कांफ्रेंसिंग सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्ट पेश हो गया वकील, जस्टिस चंद्रचूड़ बोले कुछ तो मर्यादा रखें
सोमवार को सुदर्शन टीवी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान में एक एडवोकेट को शर्टलेस देख सभी चौंक गए। वीसी सुनवाई के दौरान एक वकील स्क्रीन पर बिना शर्ट के दिखाई दिए। हालांकि कुछ सेकेंड के बाद वह वकील लॉग आउट हो गए।पीठ के पीठासीन न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने पूछा कि अधिवक्ता कौन है? हालांकि जज ने दो-तीन बार क्वेश्चन दोहराया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।मामला स्थगित होने के बाद जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस घटना पर अपनी नाराजगी जताते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता...
संविदा विधि (Law of Contract ) भाग 13 : संविदा- सदृश्य क्या होता है, संविदा सदृश्य के संबंध में विशेष बातें (Quasi Contract)
किसी भी संविदा के होने के लिए करार की आवश्यकता होती है। प्रस्थापना और प्रस्थापना के प्रतिग्रहण के बाद करार का जन्म होता है तथा इसमें भी स्वतंत्र सहमति और वैध प्रतिफल तथा विधिपूर्ण उद्देश्य होना आवश्यक होता है। पूर्व के आलेखों में अब तक किसी संविदा के प्रस्ताव से लेकर उस संविदा के पालन तक चर्चा की जा चुकी है। इस आलेख में सदृश्य संविदा के विषय में चर्चा की जा रही है।संविदा होने के लिए करार की आवश्यकता होती है तब संविदा का निर्माण होता है परंतु सदैव ऐसा नहीं होता है। कुछ संविदाएं तो ऐसी होती हैं...
यह कभी सार्वजनिक प्रवचन का स्तर नहीं रहा : CJI बोबडे ने अर्नब गोस्वामी के वकील से कहा
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को रिपब्लिक टीवी के मुख्य संपादक अर्नब गोस्वामी की रिपोर्टिंग की शैली पर कुछ टिप्पणी की। सीजेआई बोबड़े ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे को कहा, जो गोस्वामी के लिए उपस्थित हुए थे, "आप रिपोर्टिंग के साथ थोड़े पुराने जमाने के हो सकते हैं। सच कहूं तो मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। यह हमारे सार्वजनिक प्रवचन का स्तर नहीं रहा है।" अदालत महाराष्ट्र राज्य द्वारा बॉम्बे उच्च न्यायालय के 30 जून के आदेश के खिलाफ रिपब्लिक टीवी के मुख्य संपादक, अर्नब गोस्वामी के खिलाफ जांच...
उत्तर प्रदेश गोहत्या निरोधक कानून का दुरुपयोग हो रहा है, किसी भी मांस को गोमांस बता दिया जाता है : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को निर्दोष व्यक्तियों को फंसाने के लिए उत्तर प्रदेश गोहत्या निरोधक कानून, 1955 के प्रावधानों के लगातार दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। उक्त अधिनियम की धारा 3, 5 और 8 के तहत गोहत्या और गोमांस की बिक्री के आरोपी एक रहमुद्दीन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की एकल पीठ ने कहा, "कानून का निर्दोष व्यक्तियों के खिलाफ दुरुपयोग किया जा रहा है। जब भी कोई मांस बरामद किया जाता है, तो इसे सामान्य रूप से गाय के मांस (गोमांस) के रूप में दिखाया जाता है,...
केंद्र के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने की निगरानी के लिए जस्टिस मदन बी लोकुर की नियुक्ति के फैसले पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के समन्वय और निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के (सेवानिवृत्त) जज न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर को एक सदस्यीय समिति नियुक्त करने के 16 अक्टूबर के अपने आदेश पर रोक लगा दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को यह आदेश भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर दिया।सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि केंद्र सरकार पराली जलाने की समस्या को दूर करने के लिए एक स्थायी निकाय गठित करने के लिए एक व्यापक कानून...













![[NDPS] स्वतंत्र गवाहों की कमी घातक नहीं; पुलिस अधिकारियों की गवाही की जांच अधिक सावधानी से होः सुप्रीम कोर्ट [NDPS] स्वतंत्र गवाहों की कमी घातक नहीं; पुलिस अधिकारियों की गवाही की जांच अधिक सावधानी से होः सुप्रीम कोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/07/30/500x300_362668-362599-supreme-court-of-india-1212.jpg)






