दिल्ली हाईकोर्ट
कुंडली न मिलने का बहाना बनाकर शादी से इनकार, जबकि पहले बनाए शारीरिक संबंध और दिए बार-बार आश्वासन BNS की धारा 69 लागू: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति शादी का बार-बार आश्वासन देकर शारीरिक संबंध स्थापित करता है और बाद में कुंडली न मिलने का हवाला देकर विवाह से इनकार कर देता है तो यह भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध के दायरे में आ सकता है। यह धारा छल या झूठे आश्वासन के माध्यम से स्थापित यौन संबंध को दंडनीय ठहराती है।जस्टिस स्वरना कांता शर्मा ने ऐसे ही एक मामले में आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज की। आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म से संबंधित प्रावधानों के साथ-साथ BNS की धारा 69 के तहत...
सिर्फ़ जुर्म की गंभीरता के आधार पर समय से पहले रिहाई से इनकार नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी उम्रकैद के दोषी को रिहा करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने डकैती और हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सज़ा पाए बांग्लादेशी नागरिक को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि लागू पॉलिसी के तहत एलिजिबिलिटी लिमिट पार हो जाने के बाद सिर्फ़ जुर्म की गंभीरता ही समय से पहले रिहाई से इनकार करने का एकमात्र आधार नहीं हो सकती।इस तरह जस्टिस संजीव नरूला ने सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) का फैसला रद्द किया, जिसने लंबे समय तक जेल में रहने और जेल में संतोषजनक व्यवहार के बावजूद समय से पहले रिहाई की उसकी अर्जी खारिज की।बेंच ने कहा, “जुर्म की...
गैग ऑर्डर से प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक नहीं, लेकिन नाबालिग की पहचान की सुरक्षा अनिवार्य: द्वारका SUV हादसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को द्वारका में हुए हालिया एसयूवी हादसे से जुड़े 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी की पहचान सार्वजनिक करने पर रोक लगाने का आदेश दिया। इस दुर्घटना में 23 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई थी। जस्टिस सौरभ बनर्जी ने केंद्र सरकार, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया सहित संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक एफआईआर से संबंधित नाबालिग के रिकॉर्ड या पहचान को चरित्र प्रमाणपत्र या किसी अन्य उद्देश्य से उजागर न किया जाए।यह याचिका नाबालिग के पिता द्वारा दायर की गई थी,...
घर के पास सार्वजनिक मूत्रालय और खुला कूड़ादान अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के घर के ठीक पास सार्वजनिक मूत्रालय और खुला कूड़ादान होना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त गरिमापूर्ण जीवन और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि स्वस्थ जीवन का अभिन्न पहलू स्वच्छ और स्वच्छतापूर्ण वातावरण है। इसके अभाव में व्यक्ति के गरिमा के साथ जीने के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।अदालत एडवोकेट रचित गुप्ता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनके घर की पूर्वी दीवार के साथ कथित रूप से अवैध रूप...
पैतृक या विरासत में मिली संपत्ति भी धन शोधन कानून के तहत कुर्क हो सकती है: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पैतृक या विरासत में मिली संपत्तियां भी धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) के तहत कुर्क की जा सकती हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून में ऐसी संपत्तियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडे़जा की खंडपीठ ने अरुण सूरी द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अपील में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पीतमपुरा स्थित एक आवासीय संपत्ति की कुर्की को चुनौती दी गई।यह अपील एक्ट की धारा 42 के तहत उस आदेश के विरुद्ध दायर की गई,...
गृहिणी निष्क्रिय नहीं, घरेलू योगदान के आर्थिक मूल्य को कानून में मान्यता मिलनी चाहिए: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि गृहिणी को निष्क्रिय मानना घरेलू योगदान की गलत समझ को दर्शाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि घरेलू संबंधों में पत्नी के योगदान के आर्थिक मूल्य को कानून में मान्यता दी जानी चाहिए।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने कहा,“गृहिणी 'निष्क्रिय नहीं बैठती; वह ऐसा श्रम करती है, जिससे कमाने वाला जीवनसाथी प्रभावी ढंग से काम कर सके। भरण-पोषण के दावों का निर्णय करते समय इस योगदान की अनदेखी करना अवास्तविक और अन्यायपूर्ण होगा।”अदालत ने आगे कहा,“कानून को केवल आय को ही...
हिंसा भड़काए बिना सरकार या पॉलिसी की आलोचना करने पर UAPA नहीं लग सकता: दिल्ली हाईकोर्ट में बताया गया
सीनियर एडवोकेट अरविंद दातार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि हिंसा को बढ़ावा दिए या भड़काए बिना सरकार या उसके पॉलिसी फैसलों की आलोचना करने पर अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट, 1967 (UAPA) नहीं लग सकता।सीनियर वकील ने फाउंडेशन ऑफ़ मीडिया प्रोफेशनल्स की ओर से चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच के सामने यह बात कही।फाउंडेशन ने UAPA के तहत अलग-अलग प्रोविज़न की कॉन्स्टिट्यूशनल वैलिडिटी को चुनौती दी, जिसमें कहा गया कि यह कानून एंटी-टेरर कानून के रूप में एक पॉलिटिकल...
डेटा संरक्षण कानून की वैधता को चुनौती, दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को डिजिटल निजी डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की विभिन्न धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। याचिका में कहा गया कि संबंधित प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(क) और 21 का उल्लंघन करते हैं।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने एडवोकेट डॉ. चंद्रेश जैन द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया।याचिका में डिजिटल निजी डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की धाराएं 17 से 21, 23, 29, 33, 34, 36, 37, 39, 40, 44 और अनुसूची के...
आप यहां क्यों आए हैं: दिल्ली हाइकोर्ट ने गायक जुबिन नौटियाल की याचिका पर क्षेत्राधिकार पर उठाए सवाल
दिल्ली हाइकोर्ट ने गायक जुबिन नौटियाल द्वारा अपने पर्सैनलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर दायर वाद में क्षेत्राधिकार को लेकर गंभीर सवाल उठाए । अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान ही यह पूछा कि जब गायक उत्तराखंड में रहते हैं तो उन्होंने वहां की अदालत का रुख क्यों नहीं किया?जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सुनवाई की शुरुआत में ही याचिकाकर्ता के वकील से कहा,“आप यहां क्यों आए हैं, जो यहां उपलब्ध है, वह वहां भी उपलब्ध है। वहां की अदालतें अभी समाप्त नहीं हुई हैं।”याचिकाकर्ता की ओर से यह दलील दी गई कि...
UPI धोखाधड़ी रोकने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश बनाने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
डिजिटल भुगतान प्रणाली में बढ़ती धोखाधड़ी के मामलों को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम से जवाब तलब किया। अदालत ने UPI के माध्यम से हो रहे वित्तीय अपराधों पर रोक लगाने और पीड़ितों को शीघ्र धनवापसी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश बनाने की मांग पर नोटिस जारी किया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने वित्त मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार RBI तथा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम से...
दिल्ली हाईकोर्ट ने MCOCA केस के लिए और ज़्यादा ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट की मांग की, एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन की मांग की
दिल्ली हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ़ ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एक्ट, 1999 (MCOCA) के तहत केस से निपटने के लिए और ज़्यादा ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट की मांग की।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने कहा कि सेशन जज या एडिशनल सेशन जज MCOCA की धारा 5(3) के तहत स्पेशल कोर्ट के जज के तौर पर अपॉइंट होने के लिए क्वालिफाइड होंगे।कोर्ट ने कहा कि जब स्पेशल कोर्ट में सिर्फ़ जज अपॉइंट होता है तो उस जज के छुट्टी पर जाने या किसी और वजह से काम के इंतज़ाम में ज़रूर मुश्किलें आएंगी।यह देखते हुए कि लेजिस्लेचर ने ऐसी सिचुएशन को पहले...
'आपको और सख्त कार्रवाई की ज़रूरत': DCPCR की खाली जगहों को भरने में देरी पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई, गंभीर नतीजे की चेतावनी दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को कई बार भरोसा दिलाने के बावजूद दिल्ली कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (DCPCR) में खाली जगहों को भरने में देरी के लिए फटकार लगाई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक खाली जगहों को नहीं भरा गया, तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा, यह दिल्ली सरकार के हालिया हलफनामे के अनुसार एक टाइमलाइन है।कोर्ट ने कहा कि इस तरह की देरी न केवल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस...
NDMC अपीलीय अधिकरण में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति पर शीघ्र निर्णय लें: दिल्ली हाइकोर्ट का केंद्र को निर्देश
दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद अधिनियम 1994 की धारा 253 के तहत गठित अपीलीय अधिकरण में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी करने पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। अदालत ने कहा कि यह निर्णय यथाशीघ्र अधिमानतः चार सप्ताह के भीतर लिया जाए।यह निर्देश चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने दिया। खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसे शिवमणि यादव ने दायर किया।याचिका में कहा गया कि संबंधित अपीलीय अधिकरण पिछले वर्ष नवंबर...
आयु में छूट लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित पदों का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट का लाभ लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित (यूआर) पदों पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते, भले ही उनके अंक अनारक्षित श्रेणी के चयनित अभ्यर्थियों से अधिक क्यों न हों।यह निर्णय जस्टिस संजीव नरूला ने पारित किया।उक्त मामला एयर ऑथोरिटी द्वारा उत्तरी क्षेत्र में गैर-कार्यकारी संवर्ग की भर्ती से संबंधित था। याचिकाकर्ता पूर्व सैनिक थे, जिन्होंने दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की सूची से अपने नाम हटाए जाने को चुनौती...
दिल्ली महिला आयोग में खाली जगहों को भरने के लिए उठाए गए कदमों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार का जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग (DCW) के चेयरपर्सन और दूसरे स्टाफ मेंबर्स के खाली पदों को भरने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार का जवाब मांगा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि खाली जगहों को न भरने और आयोग के लिए पर्याप्त स्टाफ न देने का कोई कारण नहीं हो सकता।कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से पूछा कि खाली जगहों को भरने के लिए अधिकारियों ने क्या कदम उठाए।इसने वकील से यह भी पूछा कि आयोग बंद न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए गए।कोर्ट ने कहा,“यह सब क्या...
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुमशुदा लोगों के मामलों में 'ऑम्निबस' राहत की मांग वाली PIL खारिज की, कहा- पुलिसिंग पुलिस पर छोड़ देनी चाहिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिका खारिज की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी से लोगों के लापता होने के हालिया मुद्दे पर “ऑम्निबस” प्रार्थना की मांग की गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता- आनंद लीगल एड फोरम ट्रस्ट को फटकार लगाते हुए कहा कि PIL में इस मुद्दे पर कोई खास उदाहरण या डिटेल्स नहीं हैं।जब ट्रस्ट की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह मुद्दा गंभीर हैं तो बेंच ने टिप्पणी की:“इसलिए मामले को गंभीरता से लें। सिर्फ इसलिए कि आपको लगता है कि किसी मुद्दे को एक...
सहमति से बने फिजिकल रिलेशनशिप के खराब होने के बाद सहमति को बाद में वापस नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी महिला की दी गई सहमति को बाद में वापस नहीं लिया जा सकता ताकि सहमति से बने रिलेशनशिप को सिर्फ इसलिए क्रिमिनल ऑफेंस में बदला जा सके, क्योंकि रिलेशनशिप टूट गया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि कानून को महिलाओं को असली सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन, ज़बरदस्ती और गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए सतर्क रहना चाहिए। साथ ही उसे अपने प्रोसेस के गलत इस्तेमाल से भी बचना चाहिए।कोर्ट ने कहा,"क्रिमिनल लॉ को ऐसे रिलेशनशिप से होने वाले बदले, दबाव या पर्सनल बदले का ज़रिया बनने की...
पालिका बाज़ार वेंडिंग प्लान को मंज़ूरी देने से पहले दुकानदारों और वेंडरों की बात सुन सरकार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह कनॉट प्लेस और पालिका बाज़ार के लिए प्रस्तावित टाउन वेंडिंग प्लान पर आखिरी फ़ैसला लेने से पहले दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के प्रतिनिधियों की बात सुने। इन दोनों को सुप्रीम कोर्ट ने सुधीर मदान और अन्य बनाम MCD और अन्य (2007) में नो-वेंडिंग ज़ोन घोषित किया।यह डेवलपमेंट पालिका बाज़ार शॉपकीपर्स वेलफ़ेयर एसोसिएशन की रिट पिटीशन में आया। इसमें टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) द्वारा किए गए सर्वे, सर्टिफिकेट ऑफ़ वेंडिंग (COVs) जारी करने और नई दिल्ली...
टूथपेस्ट पर ज़रूरी वेज/नॉन-वेज लेबलिंग रिव्यू में: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ से मिलकर फैसला लेने को कहा
रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ की अलग-अलग राय के बी, दिल्ली हाईकोर्ट यह देख रहा है कि क्या टूथपेस्ट और दूसरी टॉयलेटरी पैकेजिंग पर लाल, भूरे या हरे डॉट्स के ज़रिए ज़रूरी वेजिटेरियन/नॉन-वेजिटेरियन लेबलिंग की ज़रूरत को मौजूदा कानून के तहत लागू किया जा सकता है।यह मुद्दा रेकिट बेनकिज़र (इंडिया) लिमिटेड की रिट याचिका में उठा है, जो टूथपेस्ट, साबुन और दूसरी पर्सनल हाइजीन चीज़ें बनाती है।कंपनी ने जून 2014 में लाए गए लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज़) रूल्स, 2011 के रूल 6(8) में बदलाव को चुनौती दी है, जो मेन...
चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं हो सकते: BCI, टैक्स लॉयर्स एसोसिएशन ने दिल्ली हाईकोर्ट मे बताया
दिल्ली हाईकोर्ट उन रिट याचिका के बैच पर सुनवाई की, जिनमें एक ज़रूरी सवाल उठाया गया कि क्या वे लोग जो एनरोल्ड एडवोकेट नहीं हैं, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट (CAs), कंपनी सेक्रेटरी (CSs) और कॉस्ट अकाउंटेंट शामिल हैं, ट्रिब्यूनल के सामने पेश होकर केस पर बहस कर सकते हैं।यह मुद्दा बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और एसोसिएशन ऑफ टैक्स लॉयर्स द्वारा फाइल की गई याचिका में उठाया गया, जिसमें कहा गया कि एडवोकेट्स एक्ट, 1961 एनरोल्ड एडवोकेट को कोर्ट, ट्रिब्यूनल और दूसरी एडजुडिकेटरी अथॉरिटी के सामने लॉ प्रैक्टिस...


















