दिल्ली हाईकोर्ट

कर्मचारी के हस्ताक्षरित वेतन पुनर्गठन पत्र से ऊपर नहीं हो सकता कंपनी का आंतरिक पत्राचार: दिल्ली हाईकोर्ट
कर्मचारी के हस्ताक्षरित वेतन पुनर्गठन पत्र से ऊपर नहीं हो सकता कंपनी का आंतरिक पत्राचार: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि कंपनी के भीतर होने वाला आंतरिक पत्राचार किसी कर्मचारी द्वारा हस्ताक्षरित वेतन पुनर्गठन पत्र की स्पष्ट शर्तों को निष्प्रभावी नहीं कर सकता।अदालत ने पूर्व कर्मचारी की अपील खारिज की, जिसमें उसने कथित रूप से रोके गए वेतन और क्षतिपूर्ति बोनस की वसूली की मांग की थी।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने निचली अदालत द्वारा वसूली वाद खारिज किए जाने का निर्णय बरकरार रखते हुए कहा कि अपीलकर्ता यह साबित नहीं कर सकी कि कंपनी ने कम किए गए वेतन के हिस्से को भविष्य में...

विदेश में नौकरी का हवाला देकर विशेष विवाह अधिनियम की 30 दिन की अवधि में छूट नहीं मिल सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
विदेश में नौकरी का हवाला देकर विशेष विवाह अधिनियम की 30 दिन की अवधि में छूट नहीं मिल सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह करने की इच्छुक एक जोड़ी को 30 दिन की अनिवार्य नोटिस अवधि में छूट देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि व्यक्तिगत कठिनाई या वास्तविक असुविधा भी कानून द्वारा निर्धारित अनिवार्य प्रक्रिया को कमजोर करने या उससे बचने का आधार नहीं बन सकती।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने यह फैसला उस याचिका पर सुनाया, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत निर्धारित 30 दिन की प्रतीक्षा अवधि को कम करने और निर्धारित समय से पहले विवाह पंजीकरण की अनुमति देने की...

अगर सहमति हुई हो तो वकील क्लाइंट के लिए मिले मुआवज़े से अपनी बकाया प्रोफेशनल फ़ीस एडजस्ट कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
अगर सहमति हुई हो तो वकील क्लाइंट के लिए मिले मुआवज़े से अपनी बकाया प्रोफेशनल फ़ीस एडजस्ट कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर क्लाइंट और वकील के बीच यह सहमति हुई कि केस में मिले मुआवज़े की रक़म से प्रोफेशनल फ़ीस एडजस्ट की जाएगी तो वकील ऐसा एडजस्टमेंट करने का हक़दार होगा, बशर्ते क्लाइंट तय फ़ीस का भुगतान साबित न कर पाए।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने वकील के ₹36,000 की प्रोफेशनल फ़ीस की वसूली के काउंटरक्लेम को मंज़ूरी देने वाला फ़ैसला बरकरार रखा और क्लाइंट की दूसरी अपील खारिज की।बेंच ने कहा,"सबूतों से पता चलता है कि वादी (क्लाइंट) को वकील को फ़ीस देनी थी, जिसका भुगतान उसने कभी नहीं किया। उनके...

तत्काल कोई राहत नहीं: टेलीग्राम पर अस्थायी बैन के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
तत्काल कोई राहत नहीं: टेलीग्राम पर अस्थायी बैन के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। टेलीग्राम ने भारत में 22 जून तक अपनी सर्विस पर अस्थायी रोक लगाने के सरकार के फैसले को चुनौती दी। यह रोक 21 जून को होने वाली NEET 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले पेपर लीक को रोकने के लिए लगाई गई है।जस्टिस तेजस करिया ने केंद्र की कल (गुरुवार) तक जवाब दाखिल करने की अपील को मंज़ूरी दी और मामले की सुनवाई के लिए दोपहर 2.30 बजे का समय तय किया।हालांकि, फिलहाल टेलीग्राम को कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई।जज...

अंजना ओम कश्यप की मानहानि याचिका पर फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में तय की अगली सुनवाई
अंजना ओम कश्यप की मानहानि याचिका पर फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में तय की अगली सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क द्वारा दायर मानहानि वाद में फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया। यह मामला शिक्षाविद् फैसल खान उर्फ खान सर तथा अन्य शिक्षकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं द्वारा कथित रूप से की गई मानहानिकारक टिप्पणियों से जुड़ा है।जस्टिस मधु जैन ने अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग पर तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया और मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की।सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि कुछ प्रतिवादियों ने अभी तक अंतरिम राहत आवेदन पर अपना जवाब...

NEET पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची कंपनी
NEET पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची कंपनी

NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देते हुए मैसेजिंग मंच टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। केंद्र ने 22 जून तक भारत में टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े संगठित गिरोहों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया।मामले का उल्लेख अवकाशकालीन पीठ के समक्ष किया गया, जिस पर जस्टिस तेजस कारिया ने तत्काल सुनवाई की अनुमति दी।यह कार्रवाई राष्ट्रीय परीक्षा...

प्राइवेट स्कूल में कर्मचारी को शिक्षा निदेशक की मंज़ूरी के बिना नौकरी से हटाने का आदेश अमान्य: दिल्ली हाईकोर्ट
प्राइवेट स्कूल में कर्मचारी को शिक्षा निदेशक की मंज़ूरी के बिना नौकरी से हटाने का आदेश अमान्य: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला डिवीज़न बेंच ने कहा कि नौकरी से हटाने का आदेश अमान्य है, क्योंकि इसने दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 8(2) का उल्लंघन किया। इस धारा के तहत प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाले स्कूल के किसी कर्मचारी को नौकरी से हटाने की सज़ा देने से पहले शिक्षा निदेशक की मंज़ूरी लेना ज़रूरी है।पृष्ठभूमि की जानकारीअपीलकर्ता 'साई मेमोरियल गर्ल्स स्कूल' (एक प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाला स्कूल) में असिस्टेंट टीचर के तौर पर काम कर रही थी। उसके खिलाफ...

सज़ा के बदले सुधार पर ज़ोर: दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे व्यक्ति को समय से पहले किया रिहा
'सज़ा के बदले सुधार पर ज़ोर': दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे व्यक्ति को समय से पहले किया रिहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सज़ा के मामले में सुधारवादी नज़रिया अपनाते हुए 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे मोहम्मद राशिद खान को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली सज़ा के बदले सज़ा देने (retributive) के सिद्धांत से आगे बढ़कर सुधारवादी नज़रिए को अपना चुकी है।कोर्ट ने कहा,"असल में, यह मामला याचिकाकर्ता मोहम्मद राशिद खान की समय से पहले रिहाई से जुड़ा है। वह 3 मार्च 1993 से यानी लगभग 33 साल से न्यायिक हिरासत में है। उसे...

पति के घर छोड़ने के बाद पत्नी ननद की प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा नहीं बनाए रख सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
पति के घर छोड़ने के बाद पत्नी ननद की प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा नहीं बनाए रख सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई महिला अपनी ननद की प्रॉपर्टी पर तब तक कब्ज़ा नहीं बनाए रख सकती, जब उसका पति—जो वहां इजाज़त से रह रहा था—वह जगह खाली कर दे।ऐसे ही एक मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,"...उसके पति एमके को ही उस प्रॉपर्टी में रहने की इजाज़त दी गई और शादी के बाद वह सिर्फ़ अपने पति के साथ परिवार के सदस्य के तौर पर वहां रहने आई। एक बार जब एमके का अधिकार खत्म हो गया और उसने वह जगह खाली की तो अपील करने वाली महिला की स्थिति किसी घुसपैठिए से बेहतर नहीं रह जाती और उसे...

DTC कंडक्टर को नौकरी से निकालना गलत: बिना कैश वेरिफ़िकेशन के टिकट दिए बिना किराया वसूलने का आरोप साबित नहीं होता - दिल्ली हाईकोर्ट
DTC कंडक्टर को नौकरी से निकालना गलत: बिना कैश वेरिफ़िकेशन के टिकट दिए बिना किराया वसूलने का आरोप साबित नहीं होता - दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया डिवीज़न बेंच ने कहा कि ज़रूरी दस्तावेज़ (जैसे लॉग बुक और पिछला सर्विस रिकॉर्ड) न देने और पैसे के हेरफेर को साबित करने के लिए कैश वेरिफ़िकेशन न होने से अनुशासनात्मक जांच गलत हो जाती है। इसलिए कंडक्टर को नौकरी में वापस बहाल किया जाना चाहिए और उसकी सर्विस की निरंतरता (continuity of service) बनी रहनी चाहिए।मामले की पृष्ठभूमिकर्मचारी जुलाई 1983 में दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) में डेली-रेटेड कंडक्टर के तौर पर शामिल हुआ।...

काला हिरण फ़िल्म की रिलीज़ के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान, नोटिस जारी किया
'काला हिरण' फ़िल्म की रिलीज़ के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान, नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की उस अंतरिम अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रस्तावित फ़िल्म "काला हिरण: द बैटल फ़ॉर लिगेसी" के मेकर्स को रोकने की मांग की।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की वेकेशन बेंच ने फ़िल्म की रिलीज़ के ख़िलाफ़ अंतरिम रोक की अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया। यह अर्ज़ी एक्टर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दायर मुकदमे में दी।खान की ओर से पेश वकील निज़ाम पाशा ने कहा कि 29 मई को इस फ़िल्म का पोस्टर जारी किया गया, जिसमें एक...

BREAKING| कानून का घोर दुरुपयोग: विदेशी फंडिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ रद्द की FIR और ED केस
BREAKING| 'कानून का घोर दुरुपयोग': विदेशी फंडिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ रद्द की FIR और ED केस

दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी फंडिंग के आरोपों पर न्यूज़ पोर्टल NewsClick और उसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ EOW की FIR और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ECIR रद्द की।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि अगर FIR में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह मान भी लिया जाए तो भी IPC की धारा 406 और 420 के तहत अपराध के ज़रूरी तत्व नहीं बनते हैं।कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी FIR को जारी रखना कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है, इसलिए EOW की FIR और ED द्वारा दर्ज ECIR रद्द कर दिया गया।जज ने फैसला सुनाया,"यह माना गया...

सोशल मीडिया का इस्तेमाल न्यायपालिका को कमज़ोर करने के लिए नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
सोशल मीडिया का इस्तेमाल न्यायपालिका को कमज़ोर करने के लिए नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही सोशल मीडिया से जानकारी तुरंत फैलती है, लेकिन इसे न्यायिक संस्थाओं को कमज़ोर करने, न्याय व्यवस्था में दखल देने या अपमानजनक आरोपों के ज़रिए जजों की छवि खराब करने का ज़रिया नहीं बनने दिया जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी, जिसे संविधान से सुरक्षा मिली है, का मतलब यह नहीं है कि ऐसी बातें प्रकाशित की जाएं जो पहली नज़र में अदालतों का अपमान करती हों, न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा कम करती हों या न्यायिक कामकाज को...

साढ़े चार साल की कैद के बाद खुर्रम परवेज को जमानत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार सर्वोपरि
साढ़े चार साल की कैद के बाद खुर्रम परवेज को जमानत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार सर्वोपरि

दिल्ली हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज कथित आतंक वित्तपोषण मामले में कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को जमानत दी।अदालत ने कहा कि लगभग साढ़े चार वर्षों की लंबी कैद, मुकदमे की धीमी प्रगति और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार उन्हें जमानत दिए जाने के पक्ष में महत्वपूर्ण आधार हैं।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र दुडेजा की खंडपीठ ने 17 दिसंबर 2024 को ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देने...

वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मालवीय नगर अग्निकांड पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की
वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मालवीय नगर अग्निकांड पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की

एक वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को खुला पत्र लिखकर राजधानी में हाल ही में हुई मालवीय नगर अग्निकांड की घटना पर स्वतः संज्ञान लेने और घटना की जांच की न्यायिक निगरानी की मांग की।पत्र में वकील भविष्य शाक्य ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए जिसमें कई लोगों की जान चली गई।पत्र में कहा गया कि यह त्रासदी दिल्ली में सार्वजनिक सुरक्षा कानूनों के कार्यान्वयन, नियामक निगरानी और अग्नि सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन के संबंध में गंभीर...

कोई अंतरिम राहत नहीं: खान सर के खिलाफ़ अंजना ओम कश्यप की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
कोई अंतरिम राहत नहीं: खान सर के खिलाफ़ अंजना ओम कश्यप की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से दायर अंतरिम राहत की अर्जी पर नोटिस जारी किया। यह अर्जी परीक्षा कोचिंग टीचर फैसल खान (जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है) और अन्य शिक्षकों द्वारा कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां करने के खिलाफ़ दायर की गई।यह अंतरिम राहत की अर्जी कश्यप द्वारा खान सर और अन्य प्रतिवादियों अभिनय शर्मा, बबीता त्यागी, अरविंद भदौरिया, मनीष यादव और X अकाउंट यूज़र्स SamKhasa और Abhimanyu1305 के खिलाफ़ दायर मानहानि के मुकदमे में दी...

दिल्ली का दम घुट जाएगा, भगवान ही बचाए: इंडियन पोलो एसोसिएशन को हटाने के कदम पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए
'दिल्ली का दम घुट जाएगा, भगवान ही बचाए': इंडियन पोलो एसोसिएशन को हटाने के कदम पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (8 जून) को ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह इंडियन पोलो एसोसिएशन (IPA) की उस याचिका पर फैसला करे, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा जारी उस नोटिस पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसमें जनहित का हवाला देते हुए एसोसिएशन को अपनी जगह खाली करने के लिए कहा गया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने IPA की याचिका का निपटारा किया, लेकिन बेदखली के नोटिस को लेकर केंद्र सरकार के वकील से सवाल किए।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील से मौखिक रूप से कहा,"यह सब सालों से चल रहा है। आप दिल्ली...