दिल्ली हाईकोर्ट
पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए रामदेव पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट, एक्स कॉर्प ने कहा- सटायर हटाया नहीं जा सकता
योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक रामदेव ने अपने पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई जस्टिस ज्योति सिंह के समक्ष हुई, जिन्होंने संक्षिप्त सुनवाई के बाद इसे कल के लिए सूचीबद्ध किया।रामदेव की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने पैरवी की। वहीं सोशल मीडिया मंच एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि राजनीतिक टिप्पणी, व्यंग्य, निष्पक्ष टिप्पणी और सार्वजनिक भाषण को व्यक्तित्व अधिकारों के नाम पर हटाने का आदेश नहीं दिया जा...
बार संचालित करने का अधिकार नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन के अधिकार से ऊपर नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि बार या पब चलाने का अधिकार पूर्ण नहीं है और इसे नागरिकों, विशेषकर बच्चों, के शांत, शोर-मुक्त और सुव्यवस्थित वातावरण में रहने के अधिकार के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें आर.के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन स्थित एक बार एवं लाउंज के कथित अनियंत्रित संचालन की शिकायत की गई। याचिकाकर्ता का आरोप था कि बार निर्धारित समय से अधिक देर तक, कभी-कभी तड़के सुबह तक खुला रहता है, जिससे आसपास के निवासियों और आम लोगों को...
अधिक आयु की अभ्यर्थी लंबी पार्ट-टाइम सेवा के आधार पर नियमित नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने निर्णय दिया कि जो अभ्यर्थी निर्धारित कट-ऑफ तिथि पर अधिक आयु (ओवरएज) की हो, वह केवल इस आधार पर नियमित पद पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती कि उसने लंबे समय तक पार्ट-टाइम लाइब्रेरियन के रूप में सेवा दी।जस्टिस संजीव नरूला ने दिल्ली सरकार से सहायता प्राप्त एक विद्यालय में लाइब्रेरियन पद की चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की।याचिकाकर्ता वर्ष 2002 से पार्ट-टाइम लाइब्रेरियन के रूप में कार्यरत थीं। उन्होंने वर्ष 2018 में शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित एक अन्य...
PFI के प्रतिबंधित होने से पहले उसमें नेतृत्व पद संभालना PMLA के तहत अपराध नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि किसी संगठन के प्रतिबंधित होने से पहले उसमें केवल एक नेतृत्व पद (Leadership Position) पर होना स्वतः ही मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का अपराध नहीं बन जाता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक संगठन वैध था तब तक उससे जुड़ा होना किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं बनाता।यह टिप्पणी जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने 'सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया' (SDPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोइद्दीन कुट्टी के. उर्फ एम.के. फैजी को जमानत देते हुए की। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फैजी पर PFI...
पारिवारिक विवाद सार्वजनिक न करें: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर और मंधिरा कपूर को मानहानिपूर्ण बयान देने से रोका
दिल्ली हाइकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर और उनकी ननद मंधिरा कपूर स्मिथ के बीच चल रहे विवाद पर सख्त रुख अपनाया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक या मानहानिपूर्ण बयान देने से रोक दिया।दार्शनिक और मर्यादित आचरण की सलाहमामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस मिनी पुष्करणा ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कपूर परिवार के सदस्यों को गरिमा के साथ आचरण करना चाहिए और सार्वजनिक डोमेन में एक-दूसरे को बदनाम नहीं करना चाहिए।...
NEET-PG 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने कट-ऑफ में कमी को ठहराया वैध, कहा- नीति निर्णय में कोई मनमानी नहीं
दिल्ली हाइकोर्ट ने NEET-PG 2025 की पात्रता कट-ऑफ प्रतिशत में कमी करने का निर्णय बरकरार रखते हुए इसे चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि यह निर्णय विचार-विमर्श के बाद लिया गया और इसमें किसी प्रकार की मनमानी या दुर्भावना नहीं पाई गई।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि कार्यपालिका द्वारा लिए गए प्रशासनिक या नीतिगत निर्णयों की न्यायिक समीक्षा केवल तभी की जा सकती है, जब उनमें स्पष्ट रूप से मनमानी या विकृति हो।अदालत ने कहा,“यह स्थापित विधि है कि...
विज्ञापन में प्रावधान हो तो परीक्षा से पहले न्यूनतम अंक तय कर सकता है भर्ती प्राधिकरण : दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि यदि भर्ती विज्ञापन में इसका स्पष्ट प्रावधान हो तो भर्ती प्राधिकरण चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी संबंधित परीक्षा चरण से पहले न्यूनतम अर्हक अंक निर्धारित कर सकता है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने यह निर्णय याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा-2023 के तहत अनुभाग अधिकारी पद के अभ्यर्थी थे। यह परीक्षा वैज्ञानिक तथा औद्योगिक...
देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम नहीं होने दे सकते: अमृत विल्सन की OCI रद्दीकरण याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट की टिप्पणी
दिल्ली हइकोर्ट ने यूनाइटेड किंगडम स्थित लेखिका और पत्रकार अमृत विल्सन की OCI कार्ड रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।सुनवाई के दौरान जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा,“हम इतने सहिष्णु राज्य नहीं हो सकते कि अपने ही देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आलोचना या बदनाम होने की अनुमति दे दें।”अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अमृत विल्सन के संबंध में इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट्स मौजूद हैं, जिनमें उनके कथित भारत-विरोधी...
अपराधी को प्रोबेशन पर रिहा किया जाता है तो सरकारी नौकरी के लिए अयोग्यता खत्म हो जाती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट की धारा 12 के तहत प्रोबेशन पर रिहा करने से सरकारी नौकरी के लिए सज़ा से जुड़ी अयोग्यता खत्म हो जाती है, भले ही सज़ा खुद खत्म न हो।पृष्ठभूमि के तथ्यप्रतिवादी को उसकी पत्नी द्वारा फाइल किए गए केस में IPC की धारा 498A और 406 के तहत दोषी ठहराया गया। उसने सज़ा के खिलाफ अपील फाइल की। हालांकि, अपील के पेंडिंग रहने के दौरान आपसी सहमति से शादी खत्म हो गई। अपील कोर्ट ने सज़ा...
चुनाव उम्मीदवारों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी का ज़रूरी खुलासा करने की मांग वाली याचिका पर विचार करे केंद्र: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से चुनाव उम्मीदवारों द्वारा अपने नॉमिनेशन एफिडेविट में क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स का ज़रूरी खुलासा करने की मांग वाली याचिका पर फैसला करने को कहा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने केंद्र से कहा कि वह छह महीने के अंदर जल्द से जल्द सोच-समझकर फैसला ले।कोर्ट ने वकील दीपांशु साहू की याचिका बंद किया, जिसमें रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 की धारा 75A के तहत एसेट्स की परिभाषा में “वर्चुअल डिजिटल एसेट्स” को शामिल करने और...
समान काम, समान वेतन के लिए योग्यता भी समान होनी चाहिए: दिल्ली हाइकोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 'समान काम के लिए समान वेतन' का सिद्धांत केवल पद या काम की समानता पर आधारित नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि दो कैडरों के बीच शैक्षणिक योग्यता में अंतर है तो उनके वेतन में अंतर को जायज ठहराया जा सकता है।मामले की पृष्ठभूमियह मामला दिल्ली मेडिकल टेक्निकल एम्प्लॉइज एसोसिएशन की ओर से दायर किया गया। एसोसिएशन के लैब टेक्नीशियन, जो नगर निगम (MCD) के अस्पतालों में कार्यरत हैं, केंद्र सरकार के संस्थानों (जैसे AIIMS और NICD) के लैब टेक्नीशियनों के समान 5,000-8,000 रुपये...
कानून किसी भूत को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता: पहचान में संदेह के चलते दिल्ली हाइकोर्ट ने 23 साल बाद डकैती मामले में दोषी को बरी किया
दिल्ली कोर्ट ने डकैती मामले में लगभग 23 वर्ष पहले ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया है। हाइकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान संदेह से परे स्थापित करने में विफल रहा और पहचान परेड (टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड) विश्वसनीय नहीं थी।जस्टिस विमल कुमार यादव ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा निरस्त करते हुए कहा कि आपराधिक कानून अनुमान या अनिश्चितता के आधार पर नहीं चल सकता। जब अपराधी की पहचान ही संदेह के घेरे में हो तब दायित्व तय नहीं किया जा सकता।अदालत ने अपने...
नाबालिगों को अपराध का 'हथियार' बनाना बढ़ती समस्या: दिल्ली हाइकोर्ट ने तस्करी मामले में अग्रिम जमानत से किया इनकार
दिल्ली कोर्ट ने महिला को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया, जिस पर एक नाबालिग बच्चे की तस्करी कर उसे अवैध शराब के कारोबार में इस्तेमाल करने का आरोप है। हाइकोर्ट ने कहा कि अपराधों में बच्चों का शोषण कर उन्हें हथियार की तरह उपयोग करना समाज के लिए गंभीर और बढ़ता हुआ खतरा है।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस गिरिश कठपालिया ने टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत देना समाज को गलत संदेश देगा। उन्होंने कहा कि हाल के समय में अपराधों के लिए बच्चों के शोषण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कठोर अपराधी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मर्डर के दोषी की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी, मरने से पहले दिए गए बयान की जानकारी में चूक पर पुलिसिंग में 'टनल विज़न' की ओर इशारा किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जुर्म के लगभग 24 साल बाद एक मर्डर के दोषी की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी। साथ ही यह भी एनालाइज़ किया कि पैरा-पुलिस का काम करने वाले पुलिस अधिकारी इमरजेंसी को कैसे समझते हैं और उस पर कैसे रिस्पॉन्ड करते हैं।ये अपील एक मर्डर केस से जुड़ी हैं, जिसमें प्रॉसिक्यूशन ने घटना के तुरंत बाद पीड़ित के दिए गए मरने से पहले दिए गए ओरल बयान पर बहुत ज़्यादा भरोसा किया। डिफेंस ने एक साफ़ गड़बड़ी की ओर इशारा करके इस बयान को गलत साबित करने की कोशिश की: हेड कांस्टेबल द्वारा भेजे गए शुरुआती PCR...
समन से गैरहाज़िरी के मामलों में अरविंद केजरीवाल की बरी के खिलाफ अपील करेंगे: दिल्ली हाईकोर्ट में बोली ED
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े समन के अनुपालन न करने के मामलों में पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को मिली बरी (acquittal) के खिलाफ चुनौती दायर करेगा।यह बयान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू ने चीफ़ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष दिया।यह घटनाक्रम तब सामने आया जब केजरीवाल के वकील ने ED द्वारा जारी समन को चुनौती देने वाली याचिका...
प्रिया कपूर ने देवरानी और पॉडकास्ट होस्ट पर ठोका मानहानि का दावा, दिल्ली हाइकोर्ट में 20 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग
दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी देवरानी मंधिरा कपूर स्मिथ और इनकॉन्ट्रोवर्शियल नामक पॉडकास्ट की होस्ट पूजा चौधरी के खिलाफ दिल्ली हाइकोर्ट में मानहानि का दीवानी मुकदमा दायर किया। प्रिया कपूर ने कथित रूप से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयानों के लिए 20 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की।दायर वाद में आरोप लगाया गया कि मंधिरा कपूर स्मिथ ने संबंधित पॉडकास्ट में ऐसे बयान दिए जिनमें प्रिया कपूर को परिवार की विरासत, संपत्ति और कारोबारी मामलों पर कोई वैध अधिकार न रखने वाली...
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर की सैलरी इनकम मानी जाएगी: दिल्ली हाईकोर्ट ने AIIMS में EWS अपॉइंटमेंट कैंसिल करने का फैसला सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि जूनियर रेजिडेंसी के दौरान डॉक्टर को मिली सैलरी, इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) कैटेगरी के तहत एलिजिबिलिटी तय करने के लिए “इनकम” मानी जाती है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने इस आधार पर याचिकाकर्ता की सीनियर रेजिडेंट अपॉइंटमेंट कैंसिल करने का फैसला सही ठहराया कि तय इनकम लिमिट का उल्लंघन किया गया।इसमें कहा गया,“EWS रिज़र्वेशन के लिए “ग्रॉस एनुअल इनकम” का मतलब टैक्स एक्ट के तहत ध्यान में रखी गई इनकम से है। इसलिए पॉलिसी फ्रेमवर्क में इनकम के किसी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मर्डर केस में ज़मानत दी, गुमराह करने वाली स्टेटस रिपोर्ट के लिए पुलिस के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मर्डर केस के एक आरोपी को ज़मानत दी। साथ ही कोर्ट से ज़रूरी सबूत छिपाकर गुमराह करने वाली स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा,“यह एक चौंकाने वाली स्थिति का मामला है, जहां उस समय के SHO PS बवाना ने 14.07.2025 की तारीख वाली एक अधूरी और गुमराह करने वाली स्टेटस रिपोर्ट फाइल की। उस समय के SHO PS बवाना इंस्पेक्टर रजनीकांत बताए गए। उस स्टेटस रिपोर्ट में, SHO ने प्रॉसिक्यूशन के स्टार गवाह की गवाही का ज़रूरी...
Right To Travel Abroad | सिर्फ़ FIR या जांच का पेंडिंग होना LOC के लंबे ऑपरेशन को सही नहीं ठहरा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ जांच का पेंडिंग होना या क्रिमिनल केस का रजिस्ट्रेशन होना किसी आरोपी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) के लंबे ऑपरेशन को सही नहीं ठहरा सकता।22.5 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट विवाद में महिला आरोपी के खिलाफ जारी LOC रद्द करते हुए जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि सिर्फ़ जांच का पेंडिंग होना संविधान के आर्टिकल 21 के तहत विदेश यात्रा के मौलिक अधिकार में लंबे समय तक कटौती को सही नहीं ठहरा सकता।कोर्ट ने मारिया रमेश नाम की एक महिला की अर्जी मान ली, जिसमें...
एम्प्लॉयर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को ट्वीट करना सर्विस रूल्स के तहत मिसकंडक्ट माना जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि किसी के एम्प्लॉयर के खिलाफ करप्शन के आरोपों को ट्वीट करना या पब्लिक में फैलाना लागू सर्विस रूल्स के तहत मिसकंडक्ट माना जा सकता है।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,“याचिकाकर्ता ने ट्वीट्स और री-ट्वीट्स के ज़रिए ऑर्गनाइज़ेशन के खिलाफ आरोपों को पब्लिक में बढ़ाया, इंटरनल फ्रेमवर्क से बाहर रिप्रेजेंटेशन दिए, और पाया गया कि उसने बाहरी दबाव बनाने की कोशिश की। ऐसा कंडक्ट कंडक्ट, डिसिप्लिन और अपील रूल्स, 1976 के तहत डिसिप्लिनरी कार्रवाई का कारण बन सकता है। इसके लिए सीरियस एक्शन की...


















