दिल्ली हाईकोर्ट

पीछे बैठे यात्री के नशे में होने का आरोप, बिना किसी कारण संबंध के एक्सीडेंट के मामलों में योगदान देने वाली लापरवाही का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
पीछे बैठे यात्री के नशे में होने का आरोप, बिना किसी कारण संबंध के एक्सीडेंट के मामलों में योगदान देने वाली लापरवाही का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर यह आरोप लगाया जाता है कि दोपहिया वाहन पर पीछे बैठा यात्री शराब के नशे में था तो यह योगदान देने वाली लापरवाही साबित करने के लिए काफी नहीं है, जब तक कि कथित नशे और एक्सीडेंट होने के बीच कोई साफ कारण संबंध स्थापित न हो जाए।जस्टिस प्रतीक जालान ने यह टिप्पणी इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें कंपनी ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा दावेदार, जो पीछे बैठा यात्री था, उसको दिए गए मुआवजे को चुनौती दी।इंश्योरेंस कंपनी ने मेडिको-लीगल...

कार्यकारी प्रस्ताव से भर्ती नियम नहीं बदल सकते: दिल्ली हाइकोर्ट जामिया को सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों की पदोन्नति पर विचार करने का निर्देश
कार्यकारी प्रस्ताव से भर्ती नियम नहीं बदल सकते: दिल्ली हाइकोर्ट जामिया को सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों की पदोन्नति पर विचार करने का निर्देश

दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी यूनिवर्सिटी का कार्यकारी प्रस्ताव (एग्जीक्यूटिव रेज़ोल्यूशन) मौजूदा भर्ती नियमों को तब तक नहीं बदल सकता, जब तक उन्हें औपचारिक रूप से संशोधित न किया जाए। हाइकोर्ट ने इसी आधार पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया द्वारा दायर अपील खारिज की।यह फैसला जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद और जस्टिस विमल कुमार यादव की खंडपीठ ने सुनाया। अपील जामिया की ओर से उस एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें यूनिवर्सिटी को उप पुस्तकालयाध्यक्ष (डिप्टी लाइब्रेरियन) पद पर पदोन्नति के लिए...

स्कीयर मनजीत को 2026 शीतकालीन ओलंपिक टीम से बाहर करना मनमाना: दिल्ली हाइकोर्ट ने IOA को लगाई फटकार
स्कीयर मनजीत को 2026 शीतकालीन ओलंपिक टीम से बाहर करना मनमाना: दिल्ली हाइकोर्ट ने IOA को लगाई फटकार

दिल्ली हाइकोर्ट ने क्रॉस-कंट्री स्कीयर मनजीत को 2026 के मिलानो–कोर्तिना शीतकालीन ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय दल से बाहर किए जाने को मनमाना, अनुचित और अंतरराष्ट्रीय योग्यता ढांचे के विपरीत करार दिया।हाइकोर्ट ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की चयन प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी करते हुए मनजीत की ओलंपिक में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जस्टिस जस्मीत सिंह ने मनजीत द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि IOA और उसकी ऐड-हॉक कमेटी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ऐसे पात्रता मानदंड लागू किए, जो...

दिल्ली महिला आयोग में अध्यक्ष व स्टाफ की नियुक्ति की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल
दिल्ली महिला आयोग में अध्यक्ष व स्टाफ की नियुक्ति की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल

दिल्ली महिला आयोग (DCW) में अध्यक्ष और अन्य स्टाफ पदों की लंबे समय से रिक्तियों को भरने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। यह याचिका राजद सांसद सुधाकर सिंह ने अपने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर की है।याचिका में कहा गया है कि वैधानिक रूप से गठित और महिलाओं को संस्थागत सहायता, शिकायत निवारण, परामर्श और संकट हस्तक्षेप प्रदान करने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद, दिल्ली महिला आयोग लंबे समय से न तो भौतिक रूप से सुलभ है और न ही प्रभावी रूप से...

आरोपी को सबूत बनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, CrPC की धारा 91 के तहत फैक्ट्स मेमो का ड्राफ्ट: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व जज को CBI नोटिस को गलत ठहराया
आरोपी को सबूत बनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, CrPC की धारा 91 के तहत फैक्ट्स मेमो का ड्राफ्ट: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व जज को CBI नोटिस को गलत ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस इशरत मसरूर कुरैशी को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा CrPC की धारा 91 के तहत जारी किए गए नोटिस को गलत ठहराया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे नोटिस का इस्तेमाल "आरोपी को मजबूर करने" के लिए नहीं किया जा सकता ताकि वह अपनी पर्सनल जानकारी के आधार पर तथ्यों का खुलासा करे।कोर्ट ने कहा कि विवादित नोटिस, जिसमें आरोपी से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और कर्मचारियों की डिटेल्स मांगी गईं, वह संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत प्रतिबंधित गवाही देने के...

दिल्ली हाईकोर्ट ने बहुत ज़्यादा लंबी होने के कारण जमानत याचिका खारिज करने का आदेश रद्द किया, कहा- आज़ादी कागज़ों की संख्या पर निर्भर नहीं हो सकती
दिल्ली हाईकोर्ट ने "बहुत ज़्यादा लंबी" होने के कारण जमानत याचिका खारिज करने का आदेश रद्द किया, कहा- आज़ादी कागज़ों की संख्या पर निर्भर नहीं हो सकती

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें सिर्फ़ इस आधार पर बेल याचिका खारिज कर दी गई थी कि वह "बहुत ज़्यादा लंबी और भारी" थी।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि न्यायिक अनुशासन के लिए ज़रूरी है कि मामलों का फ़ैसला सार के आधार पर किया जाए, न कि रूप के आधार पर खारिज किया जाए। साथ ही किसी आरोपी की आज़ादी कोर्ट के सामने रखे गए कागज़ों की कथित 'संख्या' पर निर्भर नहीं हो सकती।कोर्ट ने कहा,"किसी व्यक्ति की आज़ादी को वकील की ड्राफ़्टिंग शैली या उसके द्वारा बेल याचिका के...

ऑनलाइन मानहानि का मुकदमा केवल वहीं चलेगा, जहां प्रतिवादी स्थित हो या जहां वास्तविक नुकसान हुआ हो: दिल्ली हाईकोर्ट
ऑनलाइन मानहानि का मुकदमा केवल वहीं चलेगा, जहां प्रतिवादी स्थित हो या जहां वास्तविक नुकसान हुआ हो: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने आईआरएस अधिकारी समीर ज्ञानदेव वानखेड़े द्वारा नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ Ba***ds of Bollywood के खिलाफ दायर मानहानि वाद को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ऑनलाइन मानहानि का मुकदमा केवल उसी न्यायालय में दायर किया जा सकता है, जहां प्रतिवादी स्थित हो या जहां वास्तव में प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची हो।अदालत ने यह भी दोहराया कि इंटरनेट पर सामग्री की हर जगह उपलब्धता मात्र से किसी भी मंच पर मुकदमा दायर करने का असीमित अधिकार नहीं मिल जाता।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि ऑनलाइन मानहानि...

30 साल बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 5,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस ASI की सज़ा बरकरार रखी
30 साल बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 5,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में पुलिस ASI की सज़ा बरकरार रखी

दिल्ली हाईकोर्ट ने लगभग तीन दशक पुराने भ्रष्टाचार के एक मामले में एक पुलिस असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) की सज़ा और दोषसिद्धि बरकरार रखी।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा की बेंच ने कहा कि गवाहों की गवाही में मामूली कमियां अवैध रिश्वत की मांग और उसे स्वीकार करने के स्पष्ट सबूत को छिपा नहीं सकतीं।बेंच ने कहा,"रिकॉर्ड पर मौजूद पूरे सबूतों को पढ़ने से पता चलता है कि कमियां मामूली हैं और बहुत ज़्यादा महत्वपूर्ण नहीं हैं। उन्होंने अभियोजन पक्ष के मुख्य मामले पर कोई असर नहीं डाला।"बेंच ने बलदेव सिंह द्वारा दायर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रानी कपूर के प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ धोखाधड़ी वाले फैमिली ट्रस्ट मामले में समन जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने रानी कपूर के प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ धोखाधड़ी वाले फैमिली ट्रस्ट मामले में समन जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर द्वारा अपनी बहू प्रिया कपूर और एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ दायर एक मुकदमे में समन जारी किया।बता दें, रानी कपूर ने आरोप लगाया कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से उनकी पूरी संपत्ति हड़पने के लिए एक धोखाधड़ी वाला फैमिली ट्रस्ट बनाया है।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने प्रतिवादियों को तीस दिनों के भीतर मुकदमे में लिखित बयान दाखिल करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने रानी कपूर की अंतरिम राहत मांगने वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी...

प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी वर्कमैन; बर्खास्तगी वैध होने पर भी धारा 17-B का वेतन वापस नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट
प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी 'वर्कमैन'; बर्खास्तगी वैध होने पर भी धारा 17-B का वेतन वापस नहीं लिया जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रोबेशन पर कार्यरत कर्मचारी भी औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 2(स) के अंतर्गत वर्कमैन की परिभाषा में आते हैं। हाइकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रोबेशनरी कर्मचारी की सेवाएं साधारण बर्खास्तगी के रूप में बिना कलंक लगाए समाप्त की जाती हैं, तो उसके लिए पूर्ण विभागीय जांच आवश्यक नहीं है और ऐसी बर्खास्तगी कानूनन वैध मानी जाएगी।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ ने एकल जज के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए यह फैसला सुनाया।मामला सरिता तिवारी...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सोशल मीडिया पर मानहानि या दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सोशल मीडिया पर मानहानि या दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाने का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हालांकि बोलने की आज़ादी महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यह आज़ादी की आड़ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मानहानिकारक, अपमानजनक या दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रकाशित करने तक नहीं फैली हुई है।जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का इस्तेमाल दूसरों के अधिकारों को कुचलने के लिए नहीं किया जा सकता, खासकर प्रतिष्ठा के अधिकार को, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक अभिन्न अंग माना जाने वाला एक मूल्यवान अधिकार है।कोर्ट ने कहा...

रिहायशी इलाके में सीवेज प्लांट? हाईकोर्ट ने वसंत कुंज STP पर DDA से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
रिहायशी इलाके में सीवेज प्लांट? हाईकोर्ट ने वसंत कुंज STP पर DDA से स्टेटस रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) से शहर के वसंत कुंज इलाके में "घनी" हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर कथित तौर पर अवैध रूप से लगाए गए और चलाए जा रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संबंध में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने अथॉरिटी से 4 हफ़्ते में जवाब देने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को तय की।एक रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया कि संबंधित हाउसिंग कॉम्प्लेक्स पहले से ही शहर के...

दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट परिसरों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता रेखांकित की
दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट परिसरों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता रेखांकित की

दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के जिला कोर्ट परिसरों में वकीलों, वादकारियों और सुरक्षा कर्मियों सहित सभी हितधारकों के लिए पर्याप्त आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संबंध में दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए हाइकोर्ट ने याचिकाकर्ता को प्रशासनिक पक्ष के समक्ष अपनी मांग रखने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने याचिका में उठाए गए मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पर प्रशासनिक स्तर पर विचार किया जाना उपयुक्त होगा। सुनवाई...

बेहद चिंताजनक: हाइकोर्ट ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित ड्रग सिंडिकेट पर स्वतः संज्ञान लिया
बेहद चिंताजनक: हाइकोर्ट ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित ड्रग सिंडिकेट पर स्वतः संज्ञान लिया

दिल्ली हाइकोर्ट ने शहर के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कथित रूप से सक्रिय ड्रग सिंडिकेट को लेकर स्वतः संज्ञान लिया। इस दौरान हाइकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एमीक्स क्यूरी नियुक्त किया, जिन्हें क्षेत्र का दौरा कर तथ्यों की जांच करने का निर्देश दिया गया। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एमिक्स क्यूरी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में आवश्यक आदेश पारित किए जाएंगे।यह...

अप्रयुक्त भ्रूण को निसंतान दंपतियों द्वारा गोद लेने पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
अप्रयुक्त भ्रूण को निसंतान दंपतियों द्वारा गोद लेने पर रोक के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने निसंतान दंपतियों द्वारा किसी अन्य दंपति के अप्रयुक्त जमे हुए भ्रूण को गोद लेने पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत भ्रूण दान पर लगी रोक को असंवैधानिक बताते हुए दायर की गई।बुधवार को मुख्य जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अधिनियम की धारा 28 के दायरे का विस्तार चाहता है, जो मानव गैमीट और भ्रूण के भंडारण तथा उपयोग...

चीनी वीज़ा घोटाला मामला: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
चीनी वीज़ा घोटाला मामला: कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने चीनी वीज़ा घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती दी। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांचाधीन है।बुधवार को जस्टिस मनोज जैन ने कुछ समय तक मामले की सुनवाई के बाद आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने 23 दिसंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसके तहत उन्हें मुकदमे का सामना करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने रिकॉर्ड किया कि आरोपों को...

यात्रियों की सुरक्षा से सीधा संबंध: पायलटों के विश्राम मानदंड लागू करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने DGCA से मांगा पक्ष
'यात्रियों की सुरक्षा से सीधा संबंध': पायलटों के विश्राम मानदंड लागू करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने DGCA से मांगा पक्ष

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (28 जनवरी) को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से उस याचिका पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा, जिसमें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को स्थगित (abeyance) में रखने के DGCA के फैसले को चुनौती दी गई है। ये नियम पायलटों और फ्लाइट क्रू के लिए न्यूनतम विश्राम समय निर्धारित करते हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।याचिका में कहा गया है कि ये नियम पायलटों की थकान (fatigue management) को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। हालांकि, इंडिगो से जुड़े...

दिल्ली हाईकोर्ट अप्रैल में यासीन मलिक के लिए मौत की सज़ा मांगने वाली NIA की याचिका पर करेगा सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट अप्रैल में यासीन मलिक के लिए मौत की सज़ा मांगने वाली NIA की याचिका पर करेगा सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (28 जनवरी) को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के जवाब पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। NIA ने एक टेरर फंडिंग मामले में मलिक के लिए मौत की सज़ा की अपील की है।सुनवाई के दौरान, NIA की ओर से पेश हुए SPP अक्षय मलिक ने जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच के सामने यासीन मलिक के जवाब पर एजेंसी का जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा और कहा कि यह जांच के लिए भेजा गया।इस अनुरोध का विरोध करते हुए यासीन मलिक ने...

शादी का रजिस्ट्रेशन वैवाहिक सद्भाव का सबूत नहीं, एक साल से पहले आपसी तलाक से इनकार करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
शादी का रजिस्ट्रेशन वैवाहिक सद्भाव का सबूत नहीं, एक साल से पहले आपसी तलाक से इनकार करने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दो लोगों के बीच सिर्फ शादी का रजिस्ट्रेशन वैवाहिक सद्भाव या साथ रहने के उनके इरादे को तय नहीं कर सकता।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीजन बेंच ने कहा,"शादी का रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक कानूनी ज़रूरत है। यह अपने आप में वैवाहिक सद्भाव, साथ रहने के इरादे, या वैवाहिक रिश्ते की व्यवहार्यता को तय नहीं कर सकता।" बेंच एक पत्नी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें शादी की तारीख से एक साल पूरा होने से पहले आपसी...