दिल्ली हाईकोर्ट

जाह्नवी कपूर को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट ने अश्लील सामग्री हटाने का दिया आदेश, 6884 लिंक पर रोक से इनकार

एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर के व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी 6884 आपत्तिजनक बताए गए इंटरनेट लिंक हटाने का एकमुश्त आदेश देने से इनकार किया।हालांकि, अदालत ने ऐसे 552 लिंक को तत्काल हटाने का निर्देश दिया, जिनमें प्रथम दृष्टया जाह्नवी कपूर से जुड़ी बेहद अश्लील या यौन रूप से आपत्तिजनक सामग्री पाई गई। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि एक्ट्रेस की ओर से मांगी गई राहत बहुत व्यापक है। अदालत ने कहा कि मामले में शामिल 6884 लिंक अलग-अलग श्रेणियों के हैं, इसलिए सभी लिंक को एक साथ...

पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े सेप्टिक टैंक में फेंकने के आरोपी को जमानत नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- अपराध का वीभत्स तरीका नजरअंदाज नहीं कर सकते

पत्नी की हत्या कर उसके शव के टुकड़े करने और उन्हें सेप्टिक टैंक में फेंकने के आरोपी व्यक्ति को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया।हाईकोर्ट ने कहा कि जमानत पर फैसला करते समय हत्या के वीभत्स तरीके को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जस्टिस गिरीश कठपालिया ने आशु पाल की जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। मामला प्रेम नगर थाने में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302, 201 और 34 के तहत दर्ज FIR से जुड़ा है।अभियोजन के अनुसार 22 फरवरी 2019 को पाल थाने पहुंचा और कथित तौर पर बताया कि उसने अपनी...

निजी पता और व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप, सौरव दास ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया मुकदमा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास ने सोशल मीडिया पर अपना आवासीय पता और निजी जानकारी सार्वजनिक किए जाने के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा समेत कई लोगों और समाचार एवं वेब मंचों के खिलाफ मुकदमा दायर किया।मुकदमे में संडे गार्जियन, जयपुर डायलॉग्स, पैम्फलेट और लॉबीट समेत कई मंचों को प्रतिवादी बनाया गया। इसके अलावा गूगल LLC और X कॉर्प को भी मामले में पक्षकार बनाया गया।दास ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया है कि प्रतिवादियों ने उनके आवासीय पते और उनके जीवन...

संपत्ति कर तय करने की पद्धति अदालत नहीं कर सकती निर्धारित, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की खान मार्केट एसोसिएशन की याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि रिट क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल कर अदालत किसी वैधानिक प्राधिकरण को संपत्तियों का मूल्यांकन करने या संपत्ति कर निर्धारित करने के लिए कोई खास पद्धति अपनाने का निर्देश नहीं दे सकती। ऐसी पद्धति तय करना संबंधित वैधानिक और प्रशासनिक प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस शैल जैन की खंडपीठ ने खान मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। एसोसिएशन ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद को संपत्तियों के मूल्यांकन योग्य मूल्य तय करने के...

फर्जी GST रजिस्ट्रेशन में तकनीकी जांच की हाईकोर्ट ने सराहना की, आरोपी को अग्रिम जमानत से इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्दोष लोगों के पैन कार्ड और अन्य पहचान संबंधी जानकारियों का दुरुपयोग कर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराने के आरोपों की जांच में तकनीक के इस्तेमाल की सराहना की। अदालत ने मामले के आरोपी राज कुमार को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने जांच अधिकारी की ओर से दाखिल विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी के साधनों का इस्तेमाल कर कथित जालसाजों तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जांच की।अदालत ने कहा,“जांच अधिकारी ने सूचना...

प्रेडिकेट अपराध की FIR में मिली सुरक्षा का लाभ PMLA मामले में अपने आप नहीं मिलेगा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी को मूल या अनुसूचित अपराध से जुड़ी FIR की कार्यवाही में मिली सुरक्षा का लाभ धन शोधन निवारण कानून (PMLA) के तहत शुरू की गई अलग कार्यवाही में स्वतः नहीं मिल सकता।अदालत ने कहा कि धन शोधन निवारण कानून के तहत कार्यवाही अनुसूचित अपराध से अलग और स्वतंत्र होती है।जस्टिस मधु जैन ने धन शोधन के एक मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोपी के खिलाफ धन शोधन निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया।आरोपी की ओर से...

सेम-सेक्स पार्टनर रिलेशनशिप में रह सकते हैं तो उन्हें एक-दूसरे के लिए मेडिकल सहमति देने का विकल्प क्यों नहीं दिया जा सकता? दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सवाल किया कि अगर सेम-सेक्स पार्टनर को रिलेशनशिप में रहने और साथ रहने का अधिकार है तो उन्हें एक-दूसरे के लिए मेडिकल सहमति देने के विकल्प से क्यों वंचित किया जाना चाहिए।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह टिप्पणी तब की जब उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि एक साल बीत जाने के बाद भी उस याचिका का जवाब क्यों नहीं दिया गया, जिसमें मरीज के नॉन-हेटरोसेक्सुअल पार्टनर को उनका मेडिकल प्रतिनिधि मानने और मेडिकल स्थितियों में सहमति देने के लिए गाइडलाइंस बनाने की मांग की गई।यह याचिका...

PMLA के तहत ED की ECIR, तलाशी या ज़ब्ती को चुनौती देने वाली सिविल रिट पर हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत सिविल रिट याचिका पर सुनवाई की जा सकती है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 17(1) के तहत तलाशी और ज़ब्ती सहित उससे जुड़ी कार्यवाही को चुनौती दी गई हो।जस्टिस अनीश दयाल ने कहा कि ECIR, ED का आंतरिक प्रशासनिक दस्तावेज़ होने के बावजूद, हाई कोर्ट द्वारा न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है।कोर्ट ने कहा,"इस कोर्ट को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शुरू की...

बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाना पॉलिसी से जुड़ा फ़ैसला, कोर्ट इस पर निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार किया। इस याचिका में 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से रोकने और 13 से 16 साल के बच्चों के लिए कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए गाइडलाइंस बनाने या कानून लाने की मांग की गई।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने कहा कि बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने का मामला केंद्र सरकार का पॉलिसी से जुड़ा फ़ैसला है और कोर्ट ऐसा कोई निर्देश नहीं दे सकता।कोर्ट ने...

Electronic Evidence | दिल्ली हाईकोर्ट ने कानूनी सहायता पाने वालों के लिए मुफ़्त फ़ोरेंसिक मदद की मांग वाली PIL पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक PIL पर नोटिस जारी किया। इस PIL में कानूनी सहायता पाने के हकदार लोगों को मुफ़्त फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद देने के लिए एक सिस्टम बनाने की मांग की गई, ताकि वे 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023' (BSA) की धारा 63 के तहत इलेक्ट्रॉनिक-सबूत सर्टिफ़िकेशन की ज़रूरतों को पूरा कर सकें।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (NALSA) और केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय से जवाब मांगा।ज़ीशान अख़लाक और अमन भिड़े द्वारा...

POCSO Act बच्चे से क्रॉस एग्जामिनेशन पर रोक नहीं लगाता, लेकिन आक्रामक सवालों और चरित्र हनन से सुरक्षा जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि POCSO Act के तहत बाल गवाह से जिरह करने पर बचाव पक्ष को रोक नहीं है लेकिन मुकदमे के दौरान बच्चे को आक्रामक सवालों और चरित्र हनन से सुरक्षा देना जरूरी है।अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्चे की गरिमा की रक्षा का मतलब यह नहीं है कि बचाव पक्ष को उससे सवाल पूछने या अपने बचाव में जरूरी सुझाव देने से पूरी तरह रोक दिया जाए। जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने दुष्कर्म और POCSO Act के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...

हम कैसे निगरानी करेंगे? बेघर और तोड़फोड़ से विस्थापित लोगों को SIR में शामिल करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बेघर लोगों और तोड़फोड़ अभियान के कारण विस्थापित हुए लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने की मांग वाली जनहित याचिका पर बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि हर जिम्मेदारी अदालत पर नहीं डाली जा सकती और वह नीति के क्रियान्वयन की निगरानी नहीं करेगी।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि संबंधित संवैधानिक संस्थाओं को अपने संवैधानिक दायरे में इस समस्या का समाधान करने के लिए...

पत्नी का लगातार झगड़ना, पति के माता-पिता का विरोध और शारीरिक संबंध से इनकार क्रूरता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी का लगातार झगड़ना, पति द्वारा अपने माता-पिता की मदद का विरोध, अलग रहने के बावजूद विवाद जारी रखना और शारीरिक संबंधों से इनकार करना, परिस्थितियों के आधार पर वैवाहिक क्रूरता माना जा सकता है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस विनोद कुमार की खंडपीठ ने पत्नी की अपील खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट द्वारा पति को दिए गए तलाक को बरकरार रखा। तलाक हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(ia) के तहत क्रूरता के आधार पर दिया गया था।पति ने आरोप लगाया था कि शादी की शुरुआत से ही पत्नी उससे और...

शादी के झूठे वादे पर सहमति से बने संबंध तभी अपराध, जब सहमति झूठे वादे से प्रभावित हो: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि शादी का झूठा वादा कर किसी महिला को यौन संबंध के लिए राजी करना अपराध हो सकता है लेकिन हर सहमति से बने संबंध को बाद में शादी के वादे के आरोप के आधार पर आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता।अदालत को यह जांचना होगा कि महिला की सहमति वास्तव में शादी के झूठे वादे से प्रभावित हुई, या संबंध दोनों वयस्कों की स्वतंत्र सहमति से बने थे।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने दुष्कर्म और आपराधिक धमकी के आरोप में जेल में बंद एक व्यक्ति को नियमित जमानत देते हुए यह टिप्पणी की। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड...

लिव-इन रिलेशनशिप शादी जैसा ही, अपनी मर्ज़ी से साथ रहने वाले बालिग़ों को पुलिस सुरक्षा का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप शादी के समान ही होते हैं, भले ही उन्हें कानूनी तौर पर शादी न माना गया हो। ऐसे रिश्तों में रहने वाले बालिग़ों को पुलिस सुरक्षा पाने का अधिकार है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों को भारत के संविधान के आर्टिकल 19 और 21 के तहत आज़ादी, जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार मिलते हैं।कोर्ट ने कहा कि अपनी मर्ज़ी से साथ रहने वाले बालिग़ों को अपना पार्टनर चुनने और उनके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का पूरा अधिकार है, जिसमें...

BNSS, UAPA के तहत हिरासत की अवधि को 90 दिनों तक सीमित नहीं करता: हाईकोर्ट का लाल किला बम धमाका आरोपी को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने से इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (18 अगस्त) को जसीर बिलाल वानी उर्फ़ दानिश को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने से इनकार किया। वह 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुई कार में धमाके के आरोपियों में से एक है, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी।'लेजिस्लेशन बाय रेफरेंस' (कानून के संदर्भ का सिद्धांत) को लागू करते हुए कोर्ट ने कहा कि UAPA की धारा 43(D)(2) पर लागू होने वाली CrPC की धारा 167 को BNSS की धारा 187 के तौर पर समझा जाना चाहिए।बता दें, UAPA की धारा 43D(2) के पहले प्रावधान के तहत हिरासत की अवधि को 180 दिनों तक...

AAP MLA कुलदीप कुमार की कथित गैर-कानूनी हिरासत का मामला दिल्ली हाईकोर्ट ने बंद किया, पुलिस ने कहा- उन्हें रिहा कर दिया गया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (18 अगस्त) को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार की कथित गैर-कानूनी हिरासत के मामले में दायर 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका को बंद कर दिया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उन्हें उसी दिन पहले ही रिहा कर दिया गया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने गौर किया कि कुमार को 18 अगस्त को दोपहर करीब 3:48 बजे रिहा कर दिया गया और कहा कि उनकी रिहाई के साथ ही इस याचिका का मकसद पूरा हो गया।इस मामले का ज़िक्र सीनियर एडवोकेट शादान फरासत...

JNU में डेप्रिवेशन पॉइंट्स आधार पर PG एडमिशन रहेगा जारी: दिल्ली हाईकोर्ट ने दी इजाज़त

मंगलवार (18 अगस्त) को दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) को 'डेप्रिवेशन पॉइंट्स' के आधार पर पोस्ट-ग्रेजुएट एडमिशन जारी रखने की इजाज़त दी। कोर्ट ने पिछले हफ़्ते सिंगल जज के उस आदेश में बदलाव किया, जिसमें इस सिस्टम के आधार पर एडमिशन पर रोक लगाई थी।हालांकि, कोर्ट ने कहा कि एडमिशन सिंगल जज के पास लंबित याचिका के नतीजे पर निर्भर करेंगे।पिछले हफ़्ते दिए गए अपने आदेश में सिंगल जज ने कहा था कि ऐसे पॉइंट्स का इस्तेमाल करके यूनिवर्सिटी ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) परीक्षा में...

JNU में डिप्रिवेशन प्वाइंट्स के आधार पर PG एडमिशन पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक, कहा- प्रवेश परीक्षा के अंकों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती

दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में डिप्रिवेशन प्वाइंट्स के आधार पर स्नातकोत्तर दाखिलों पर अंतरिम रोक लगाई।जस्टिस जसमीति सिंह ने प्रथम दृष्टया कहा कि इन अंकों के जरिए यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स द्वारा साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) में प्राप्त अंकों को बदल रहा है। कोर्ट ने कहा कि प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षा की पवित्रता को इस तरह प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मामला JNU के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने यूनिवर्सिटी के...