दिल्ली हाईकोर्ट

सज़ा के बदले सुधार पर ज़ोर: दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे व्यक्ति को समय से पहले किया रिहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सज़ा के मामले में सुधारवादी नज़रिया अपनाते हुए 1993 के बोबाज़ार ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहे मोहम्मद राशिद खान को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली सज़ा के बदले सज़ा देने (retributive) के सिद्धांत से आगे बढ़कर सुधारवादी नज़रिए को अपना चुकी है।कोर्ट ने कहा,"असल में, यह मामला याचिकाकर्ता मोहम्मद राशिद खान की समय से पहले रिहाई से जुड़ा है। वह 3 मार्च 1993 से यानी लगभग 33 साल से न्यायिक हिरासत में है। उसे...

पति के घर छोड़ने के बाद पत्नी ननद की प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा नहीं बनाए रख सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई महिला अपनी ननद की प्रॉपर्टी पर तब तक कब्ज़ा नहीं बनाए रख सकती, जब उसका पति—जो वहां इजाज़त से रह रहा था—वह जगह खाली कर दे।ऐसे ही एक मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,"...उसके पति एमके को ही उस प्रॉपर्टी में रहने की इजाज़त दी गई और शादी के बाद वह सिर्फ़ अपने पति के साथ परिवार के सदस्य के तौर पर वहां रहने आई। एक बार जब एमके का अधिकार खत्म हो गया और उसने वह जगह खाली की तो अपील करने वाली महिला की स्थिति किसी घुसपैठिए से बेहतर नहीं रह जाती और उसे...

DTC कंडक्टर को नौकरी से निकालना गलत: बिना कैश वेरिफ़िकेशन के टिकट दिए बिना किराया वसूलने का आरोप साबित नहीं होता - दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया डिवीज़न बेंच ने कहा कि ज़रूरी दस्तावेज़ (जैसे लॉग बुक और पिछला सर्विस रिकॉर्ड) न देने और पैसे के हेरफेर को साबित करने के लिए कैश वेरिफ़िकेशन न होने से अनुशासनात्मक जांच गलत हो जाती है। इसलिए कंडक्टर को नौकरी में वापस बहाल किया जाना चाहिए और उसकी सर्विस की निरंतरता (continuity of service) बनी रहनी चाहिए।मामले की पृष्ठभूमिकर्मचारी जुलाई 1983 में दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) में डेली-रेटेड कंडक्टर के तौर पर शामिल हुआ।...

काला हिरण फ़िल्म की रिलीज़ के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान, नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की उस अंतरिम अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रस्तावित फ़िल्म "काला हिरण: द बैटल फ़ॉर लिगेसी" के मेकर्स को रोकने की मांग की।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की वेकेशन बेंच ने फ़िल्म की रिलीज़ के ख़िलाफ़ अंतरिम रोक की अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया। यह अर्ज़ी एक्टर ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा के लिए दायर मुकदमे में दी।खान की ओर से पेश वकील निज़ाम पाशा ने कहा कि 29 मई को इस फ़िल्म का पोस्टर जारी किया गया, जिसमें एक...

BREAKING| कानून का घोर दुरुपयोग: विदेशी फंडिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ रद्द की FIR और ED केस

दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेशी फंडिंग के आरोपों पर न्यूज़ पोर्टल NewsClick और उसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ EOW की FIR और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ECIR रद्द की।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि अगर FIR में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह मान भी लिया जाए तो भी IPC की धारा 406 और 420 के तहत अपराध के ज़रूरी तत्व नहीं बनते हैं।कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसी FIR को जारी रखना कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है, इसलिए EOW की FIR और ED द्वारा दर्ज ECIR रद्द कर दिया गया।जज ने फैसला सुनाया,"यह माना गया...

सोशल मीडिया का इस्तेमाल न्यायपालिका को कमज़ोर करने के लिए नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही सोशल मीडिया से जानकारी तुरंत फैलती है, लेकिन इसे न्यायिक संस्थाओं को कमज़ोर करने, न्याय व्यवस्था में दखल देने या अपमानजनक आरोपों के ज़रिए जजों की छवि खराब करने का ज़रिया नहीं बनने दिया जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी, जिसे संविधान से सुरक्षा मिली है, का मतलब यह नहीं है कि ऐसी बातें प्रकाशित की जाएं जो पहली नज़र में अदालतों का अपमान करती हों, न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा कम करती हों या न्यायिक कामकाज को...

साढ़े चार साल की कैद के बाद खुर्रम परवेज को जमानत, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार सर्वोपरि

दिल्ली हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज कथित आतंक वित्तपोषण मामले में कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को जमानत दी।अदालत ने कहा कि लगभग साढ़े चार वर्षों की लंबी कैद, मुकदमे की धीमी प्रगति और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार उन्हें जमानत दिए जाने के पक्ष में महत्वपूर्ण आधार हैं।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र दुडेजा की खंडपीठ ने 17 दिसंबर 2024 को ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देने...

वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मालवीय नगर अग्निकांड पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की

एक वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को खुला पत्र लिखकर राजधानी में हाल ही में हुई मालवीय नगर अग्निकांड की घटना पर स्वतः संज्ञान लेने और घटना की जांच की न्यायिक निगरानी की मांग की।पत्र में वकील भविष्य शाक्य ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए जिसमें कई लोगों की जान चली गई।पत्र में कहा गया कि यह त्रासदी दिल्ली में सार्वजनिक सुरक्षा कानूनों के कार्यान्वयन, नियामक निगरानी और अग्नि सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन के संबंध में गंभीर...

कोई अंतरिम राहत नहीं: खान सर के खिलाफ़ अंजना ओम कश्यप की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से दायर अंतरिम राहत की अर्जी पर नोटिस जारी किया। यह अर्जी परीक्षा कोचिंग टीचर फैसल खान (जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है) और अन्य शिक्षकों द्वारा कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां करने के खिलाफ़ दायर की गई।यह अंतरिम राहत की अर्जी कश्यप द्वारा खान सर और अन्य प्रतिवादियों अभिनय शर्मा, बबीता त्यागी, अरविंद भदौरिया, मनीष यादव और X अकाउंट यूज़र्स SamKhasa और Abhimanyu1305 के खिलाफ़ दायर मानहानि के मुकदमे में दी...

दिल्ली का दम घुट जाएगा, भगवान ही बचाए: इंडियन पोलो एसोसिएशन को हटाने के कदम पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (8 जून) को ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह इंडियन पोलो एसोसिएशन (IPA) की उस याचिका पर फैसला करे, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा जारी उस नोटिस पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसमें जनहित का हवाला देते हुए एसोसिएशन को अपनी जगह खाली करने के लिए कहा गया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने IPA की याचिका का निपटारा किया, लेकिन बेदखली के नोटिस को लेकर केंद्र सरकार के वकील से सवाल किए।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील से मौखिक रूप से कहा,"यह सब सालों से चल रहा है। आप दिल्ली...

साकेत भवन हादसे पर जज को बताया हत्यारा: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का दिया आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने साकेत क्षेत्र में इमारत ढहने की घटना को लेकर मौजूदा हाएकोर्ट जज के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक और अवमाननापूर्ण टिप्पणियों को तत्काल हटाने का आदेश दिया।अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को संबंधित वीडियो और पोस्ट हटाने के निर्देश देते हुए संकेत दिया कि संबंधित अकाउंट को भी अवरुद्ध करने संबंधी विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा दायर आपराधिक अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिका में...

खान सर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची पत्रकार अंजना ओम कश्यप, दायर किया मानहानि मामला

पत्रकार अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने एग्जाम कोचिंग टीचर फैसल खान (खान सर) के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया।यह मुकदमा "स्टार टीचर्स" पर उनकी कवरेज के संबंध में पत्रकार के खिलाफ खान सर की कथित मानहानिकारक टिप्पणियों को लेकर दायर किया गया।कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क ने "स्टार टीचर्स" पर उनकी कवरेज के संबंध में खान सर द्वारा की गई "बिकाऊ पत्रकार", "चाटुकार", "दलाली", "फेक न्यूज़ की दुकान" जैसी कथित मानहानिकारक टिप्पणियों को हटाने की मांग की।इस मामले की सुनवाई कल...

हाईकोर्ट ने बैलेट पेपर से छेड़छाड़ के आरोपों के बावजूद दिल्ली बार काउंसिल के लिए नए चुनाव कराने का आदेश देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के लिए नए चुनाव कराने का आदेश देने से इनकार किया। कोर्ट का मानना ​​है कि गिनती के दौरान छेड़छाड़ किए गए बैलेट पेपर मिलने से पूरी चुनाव प्रक्रिया खराब नहीं हुई, इसलिए दोबारा चुनाव कराने की ज़रूरत नहीं है। कोर्ट ने हाई-पावर्ड इलेक्शन सुपरवाइजरी कमेटी (HPESC) के फैसले को सही ठहराया। कमेटी ने निर्देश दिया था कि बैलेट पेपर से छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद दूसरी पसंद के वोटों की गिनती के चरण से गिनती फिर से शुरू की जाए।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस...

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन पर तत्काल सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार

'दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन को लेकर दायर जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया।इस याचिका में प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने की मांग की गई थी।अवकाशकालीन पीठ, जिसमें जस्टिस सौरभ बनर्जी और जस्टिस अमित शर्मा शामिल थे, के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया। हालांकि पीठ ने इसे तत्काल सूचीबद्ध करने से मना कर दिया।यह याचिका सेव इंडिया फाउंडेशन नामक संस्था की...

हाईकोर्ट का दिल्ली कोर्ट्स से आग्रह: अस्वाभाविक मौत से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने की अर्जियों पर तेज़ करें सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन मामलों में FIR दर्ज करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है, जिनमें कम उम्र की शादीशुदा महिलाओं की अस्वाभाविक मौत हुई हो।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अदालतों से आग्रह किया कि वे उन अर्जियों को ज़्यादा प्राथमिकता दें, जिनमें FIR दर्ज करने की मांग की गई हो और जहां दहेज से जुड़ी प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हों, लेकिन पुलिस समय पर कार्रवाई करने में नाकाम रही हो।कोर्ट ने कहा,"इस कोर्ट को उम्मीद है कि भविष्य में FIR दर्ज करने के निर्देश मांगने वाली अर्जियों पर—खासकर उन मामलों में...

नागा चैतन्य को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने अश्लील सामग्री, डीपफेक और फर्जी कारोबार पर लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने तेलुगु एक्टर अक्किनेनी नागा चैतन्य के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया। हाईकोर्ट ने कई वेबसाइटों, ऑनलाइन विक्रेताओं और अज्ञात व्यक्तियों को एक्टर के नाम, तस्वीर, आवाज, इमेज और व्यक्तित्व से जुड़े अन्य पहलुओं का इस्तेमाल अश्लील सामग्री, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार डीपफेक सामग्री तथा बिना अनुमति बेचे जा रहे उत्पादों के लिए करने से रोक दिया।जस्टिस ज्योति सिंह ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया एक्टर ने अपने व्यक्तित्व और प्रचार...

विशेष विवाह अधिनियम में तलाक याचिका के लिए एक वर्ष की प्रतीक्षा अवधि असाधारण परिस्थितियों में माफ की जा सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि विशेष विवाह अधिनियम, 1954 (Special Marriage Act) के तहत तलाक की याचिका दाखिल करने से पहले निर्धारित एक वर्ष की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि को असाधारण परिस्थितियों में माफ किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि यदि वैवाहिक संबंध केवल औपचारिक रूप से अस्तित्व में हो, उसका कभी वास्तविक निर्वहन न हुआ हो और विवाह जारी रखने से पक्षकारों की कठिनाइयां ही बढ़ें, तो अदालत इस अवधि में छूट दे सकती है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ ने पति की अपील...

बलात्कार जैसे मामलों में बरी होने पर पहचान की सुरक्षा जरूरी, नाम आधारित सर्च रिजल्ट्स हटाए जाएं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यौन अपराधों के मामलों में यदि किसी व्यक्ति को अदालत से बरी कर दिया जाता है तो उसकी प्रतिष्ठा और निजता की रक्षा के लिए इंटरनेट पर उपलब्ध नाम आधारित खोज परिणामों को हटाया जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में बरी हुए व्यक्ति की पहचान को सार्वजनिक रूप से लगातार उपलब्ध रखना उसके सम्मान और गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि यौन अपराधों के आरोपों से मुक्त हो चुके निजी व्यक्तियों के मामलों में यदि उनकी पहचान...