दिल्ली हाईकोर्ट
कस्टडी विवादों के कारण मां के उच्च शिक्षा और पर्सनल डेवलपमेंट के अधिकार को कम नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि एक मां का पर्सनल डेवलपमेंट, गरिमा और आज़ादी का अधिकार, जिसमें विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करना भी शामिल है, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का एक ज़रूरी हिस्सा है। इसे सिर्फ़ इसलिए कम नहीं किया जा सकता, क्योंकि कस्टडी और मुलाक़ात की कार्यवाही पेंडिंग है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि यह तथ्य कि एक मां बच्चे की प्राइमरी केयरटेकर है और उसके पालन-पोषण के लिए ज़िम्मेदार है, उसे शिक्षा, पर्सनल ग्रोथ या खुद को आगे बढ़ाने के अधिकार को छोड़ने...
सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2023 को चुनौती खारिज, प्रतियोगी परीक्षाओं में न्यायिक समीक्षा बेहद सीमित: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2023, विशेष रूप से पेपर-2 (सीसैट) को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के मामलों में न्यायिक समीक्षा का दायरा अत्यंत सीमित होता है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने असफल अभ्यर्थियों द्वारा दायर याचिकाओं के समूह को खारिज किया। इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2023 के सीसैट पेपर में पूछे गए कुछ प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर थे।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि...
विवेक ओबेरॉय के पर्सनालिटी रइट्स की सुरक्षा पर दिल्ली हाइकोर्ट करेगा अंतरिम आदेश पारित
दिल्ली हाइकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह एक्टर और उद्यमी विवेक ओबेरॉय के पर्सनालिटी रइट्स की सुरक्षा को लेकर अंतरिम आदेश पारित करेगा।यह टिप्पणी जस्टिस तुषार राव गेडेला ने उस समय की जब विवेक ओबेरॉय की ओर से वकील सना रईस खान अदालत में पेश हुईं।सुनवाई की शुरुआत में ही जस्टिस गेडेला ने कहा,“हम आदेश पारित करेंगे।”इस पर वकील सना रईस खान ने पूछा कि क्या उन्हें कोई दलील रखनी होगी।इसके जवाब में जस्टिस गेडेला ने कहा,“जब अदालत कह रही है कि वह आदेश पारित करेगी, तो क्या दलील की आवश्यकता है?”यह वाद एडवोकेट...
अप्रमाणित व्यभिचार के आरोपों के आधार पर अंतरिम भरण-पोषण से इनकार नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल व्यभिचार के आरोप, यदि वे प्रमाणित न हों तो घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण देने से इनकार करने का आधार नहीं बन सकते।हाइकोर्ट ने कहा कि बिना ठोस सबूत लगाए गए ऐसे आरोप अंतरिम चरण में स्वीकार्य नहीं हैं।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125(4) के विपरीत घरेलू हिंसा अधिनियम में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जो केवल इस आधार पर महिला को राहत से वंचित कर दे कि वह कथित रूप से व्यभिचार में रह रही...
'साफ़ तौर पर अनुचित, मनमाना': दिल्ली हाईकोर्ट ने MBBS स्टूडेंट्स के माइग्रेशन पर पूरी तरह रोक रद्द की
दिल्ली हाईकोर्ट ने ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन, 2023 का रेगुलेशन 18 रद्द किया, जिसमें MBBS स्टूडेंट्स के मेडिकल कॉलेज से दूसरे मेडिकल कॉलेज में माइग्रेशन पर पूरी तरह रोक लगाई गई।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि रेगुलेशन 18 भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 के अनुसार संवैधानिक कसौटी पर खरा नहीं उतरता और यह साफ़ तौर पर अनुचित और मनमाना था।कोर्ट ने कहा,"ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन, 2023 का रेगुलेशन 18, इस प्रकार, अल्ट्रा वायर्स घोषित किया जाता...
'धोखे वाले मैसेज, फ्रॉड लिंक डिजिटल सुरक्षा के लिए खतरा': दिल्ली हाईकोर्ट ने बल्क सिम फ्रॉड मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट कंपनी के दो डायरेक्टर्स को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया, जिन पर साइबर क्राइम से जुड़ी गतिविधियों के लिए धोखे से बल्क मोबाइल सिम कनेक्शन लेने और उनका गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि धोखे वाले मैसेज और फ्रॉड लिंक फैलाने जैसे अपराध पब्लिक के भरोसे और डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।बेंच ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा दर्ज मामले में अग्रिम जमानत की अर्जियों को खारिज कर दिया, जो टेलीकॉम और KYC नियमों के...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'गांजा' को अपराध की श्रेणी से बाहर करने से इनकार किया, केंद्र से NDPS Act की समीक्षा करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) और NDPS नियमों में गांजे के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों में ढील देने की ज़रूरत है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच गांजे सहित भांग पर लगे प्रतिबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने या उनमें ढील देने की मांग वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, ताकि इसके औषधीय, औद्योगिक, आर्थिक, पारिस्थितिक और अन्य लाभ मिल सकें।याचिकाकर्ता- ग्रेट लेजिस्लेशन मूवमेंट इंडिया ट्रस्ट ने...
छुट्टी को सही ठहराने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट देना गंभीर दुराचार, जिसके लिए नौकरी से निकाला जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जो सरकारी कर्मचारी बिना इजाज़त छुट्टी को सही ठहराने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट देता है, वह गंभीर दुराचार करता है, जिसके लिए उसे नौकरी से निकाला जा सकता है।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच CAG ऑफिस द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के आदेश को चुनौती दी गई। CAT ने एक सरकारी कर्मचारी को जाली मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने के लिए दी गई नौकरी से निकालने की सज़ा में दखल दिया था।जवाब देने वाले...
समान काम के लिए समान वेतन अपने आप नहीं मिलता: हाईकोर्ट ने MCD लैब टेक्नीशियन की केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर वेतन की याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि "समान काम के लिए समान वेतन" का सिद्धांत अपने आप लागू नहीं होता। इसे सिर्फ़ नौकरी के पद या काम में समानता के आधार पर लागू नहीं किया जा सकता, खासकर जब शैक्षिक योग्यता और भर्ती के नियम अलग-अलग हों।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने इस तरह दिल्ली नगर निगम (MCD) में काम करने वाले लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले लैब टेक्नीशियन के बराबर वेतन की मांग की गई थी।याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि...
यौन उत्पीड़न पीड़िता का नाम और पता अदालत में दायर रिपोर्टों में न लिखें: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि यौन उत्पीड़न की पीड़िता का नाम, पिता का नाम या पता किसी भी स्थिति रिपोर्ट या अदालत में दाखिल दस्तावेज़ में प्रकट न किया जाए।जस्टिस स्वरना कांता शर्मा ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से कहा कि वे सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों को इस संबंध में कानून के सख्त पालन हेतु आवश्यक निर्देश पुनः जारी करें।यह निर्देश एक POCSO Act से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए, जिसमें जांच अधिकारी द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट में पीड़िता का नाम उल्लेखित किया गया...
FIR में नाम न होना निर्णायक नहीं, यदि वित्तीय लेन-देन से संलिप्तता साबित हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपी का मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों के साथ वित्तीय लेन-देन रहा है, जिससे उसकी सक्रिय भूमिका और समन्वय सिद्ध होता है, तो केवल इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि उसका नाम FIR में दर्ज नहीं था।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह टिप्पणी गांजा की बड़ी मात्रा में कथित तस्करी से जुड़े एक मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की।आरोपी की दलीलेंआरोपी ने अदालत के समक्ष यह तर्क दिया कि उसका नाम FIR में नहीं है और उसके पास से किसी...
नाबालिग से सहमति वाला प्रेम संबंध जमानत पर विचार का आधार हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO Act से जुड़े एक मामले में आरोपी को जमानत देते हुए कहा है कि भले ही नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं होता, लेकिन यदि मामला सहमति वाले प्रेम संबंध का हो और पीड़िता की उम्र 18 वर्ष के क़रीब हो, तो जमानत पर विचार किया जा सकता है।जस्टिस विकास महाजन ने वरुण कुमार सिंह की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला किसी हिंसा, दबाव या क्रूरता का नहीं, बल्कि प्रेम संबंध से उत्पन्न हुआ प्रतीत होता है।मामले का संक्षेपवरुण कुमार सिंह को अगस्त 2023 में...
प्रणालीगत विफलता: आजीवन कारावास के दोषी की 13 वर्षों तक गिरफ्तारी न होने पर दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, विस्तृत दिशा-निर्देश जारी
दिल्ली हाइकोर्ट ने हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए दोषी की गिरफ्तारी में 13 वर्षों की देरी पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए इसे आपराधिक न्याय प्रणाली की गंभीर “प्रणालीगत विफलता” करार दिया है।हाइकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न्यायिक आदेशों के प्रवर्तन पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं और आपराधिक न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की खंडपीठ सोनू नामक दोषी द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसे वर्ष 2009 में हत्या के मामले में दोषी ठहराते...
एक्टर व उद्यमी विवेक ओबेरॉय ने पर्सनेलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया
एक्टर और उद्यमी विवेक ओबेरॉय ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट में वाद दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न अज्ञात और ज्ञात व्यक्ति उनकी पहचान, नाम, छवि और आवाज़ का बिना अनुमति दुरुपयोग कर रहे हैं।एडवोकेट सना रईस खान और प्रणय चिताले के माध्यम से दायर इस वाद में विवेक ओबेरॉय ने हाइकोर्ट से आग्रह किया कि उनके व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन पर रोक लगाई जाए। याचिका में अज्ञात व्यक्तियों (जॉन डो) सहित कई प्रतिवादियों को पक्षकार बनाया गया।याचिका में कहा गया कि सोशल...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1995 के CBI रिश्वत जाल मामले में पुलिस सब-इंस्पेक्टर की सजा बरकरार रखी
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1995 के भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर को सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा बरकरार रखी। यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज किया गया था।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए अपील खारिज कर दी। आरोपी सब-इंस्पेक्टर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1947 की धारा 7 तथा धारा 13(1)(d) सहपठित धारा 13(2) के तहत दोषी ठहराया गया।मामले की पृष्ठभूमिअक्टूबर, 1995 में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी सब-इंस्पेक्टर (तत्कालीन तैनाती:...
दिल्ली हाईकोर्ट ने धर्मशाला में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को भारतीय नागरिक घोषित किया, पासपोर्ट जारी करने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 1966 में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को जन्म से भारतीय नागरिक घोषित करते हुए उसे भारतीय पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया।जस्टिस सचिन दत्ता ने यांगचेन ड्राकमारग्यापोन द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि वह नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 3(1)(a) के तहत जन्म से भारतीय नागरिक हैं।याचिकाकर्ता तिब्बती शरणार्थी वंश की हैं और 1997 में अपने पति से मिलने स्विट्ज़रलैंड गई थीं। वहां उन्हें और उनके परिवार को फॉरेनर्स पासपोर्ट जारी किए गए,...
दिल्ली हाईकोर्ट ने AIPA को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के तौर पर मान्यता देने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया पिकलबॉल एसोसिएशन (AIPA) की याचिका खारिज की, जिसमें उसने केंद्र सरकार के इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (IPA) को देश में इस खेल के लिए नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) के तौर पर मान्यता देने के फैसले को चुनौती दी थी।जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि IPA को मान्यता देना सीधे तौर पर मनमाना था या उसमें कोई साफ तौर पर गैर-वाजिब बात थी।AIPA 2008 से मौजूद है। उसने अक्टूबर, 2024 में पिकलबॉल के लिए NSF के तौर पर मान्यता के लिए आवेदन किया था। हालांकि, पिछले साल अप्रैल...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया, फ्रांज काफ्का का दिया हवाला
लेखक फ्रांज काफ्का का हवाला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया, जो 2003 में एक युवती के साथ लूट और गैंगरेप के मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहा है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) सहित अधिकारियों ने दो दशकों से ज़्यादा समय तक बिना किसी घटना के हिरासत और लगातार सकारात्मक सुधार रिपोर्ट के बावजूद, उसे समय से पहले रिहा करने से बार-बार इनकार करके मनमाने ढंग से काम किया।कोर्ट ने कहा,"ग्रेगर सैमसा की तरह...
अगर प्रॉस्पेक्टस में कुछ नहीं कहा गया है तो संस्थानों में मिलाकर पीजी रेजिडेंसी मान्य: दिल्ली हाईकोर्ट ने AIIMS द्वारा टॉप रैंक होल्डर का रिजेक्शन रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) का फैसला रद्द किया, जिसमें डीएम (क्रिटिकल केयर मेडिसिन) कोर्स में एडमिशन के लिए टॉप-रैंक होल्डर की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई। कोर्ट ने कहा कि जब प्रॉस्पेक्टस में किसी एक संस्थान से ट्रेनिंग अनिवार्य नहीं है तो 1,095 दिनों की पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंसी को संस्थानों में मिलाकर माना जा सकता है।जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि AIIMS एडमिशन के आखिरी स्टेज पर कोई अतिरिक्त एलिजिबिलिटी शर्त नहीं लगा सकता, जब सिलेक्शन प्रोसेस को कंट्रोल करने वाला...
NDPS Act के तहत जमानत तय करते समय सह-आरोपी का फरार होना ज़रूरी फैक्टर हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 37 के तहत जमानत पर विचार करते समय फरार सह-आरोपी की मौजूदगी एक ज़रूरी फैक्टर हो सकती है।जस्टिस सौरभ बनर्जी विदेशी नागरिक द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिस पर 256 ग्राम हेरोइन - जो कि नारकोटिक पदार्थ की कमर्शियल मात्रा है, की बरामदगी से जुड़े एक मामले में आरोप है, जिसमें सह-आरोपी जमानत मिलने के बाद फरार हो गया और अब लापता है।जमानत देने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सह-आरोपी के फरार होने...

















