दिल्ली हाईकोर्ट

हथियार रखने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, आर्म्स लाइसेंस देना कार्यपालिका का विवेकाधीन अधिकार: दिल्ली हाइकोर्ट
हथियार रखने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, आर्म्स लाइसेंस देना कार्यपालिका का विवेकाधीन अधिकार: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने साफ़ किया कि भारतीय संविधान के तहत किसी व्यक्ति को हथियार रखने का कोई मौलिक अधिकार प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आर्म्स लाइसेंस देना पूरी तरह से आर्म्स एक्ट 1959 और आर्म्स रूल्स 2016 के तहत कार्यपालिका के विवेकाधीन क्षेत्र में आता है। इसमें अदालत अपने विचार कार्यपालिका के स्थान पर नहीं थोप सकती।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें आर्म्स लाइसेंस के लिए दिए गए आवेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी।याचिकाकर्ता एक पार्किंग ठेकेदार था...

राजनीतिक दल से जुड़ने और सक्रिय राजनीति करने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित: दिल्ली हाइकोर्ट
राजनीतिक दल से जुड़ने और सक्रिय राजनीति करने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक का राजनीतिक दल से जुड़ने और सक्रिय रूप से राजनीति में भाग लेने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस अधिकार में किसी भी तरह का हस्तक्षेप या दबाव व्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा की जड़ पर प्रहार करता है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह टिप्पणी वकील को पुलिस सुरक्षा देने के आदेश के दौरान की। वकील ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की ओर से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल...

फर्जी फैमिली ट्रस्ट विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर की याचिका पर जारी किया नोटिस
फर्जी फैमिली ट्रस्ट विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर की याचिका पर जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर की ओर से दायर उस याचिका पर बुधवार को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी सास रानी कपूर द्वारा दायर मुकदमे को खारिज करने की मांग की।रानी कपूर ने आरोप लगाया कि प्रिया कपूर समेत अन्य लोगों ने एक फर्जी फैमिली ट्रस्ट बनाकर उन्हें उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत से अवैध रूप से वंचित किया।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की पीठ ने रानी कपूर को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा गया कि यदि कोई प्रत्युत्तर दाखिल...

Consumer Protection Act | RWA के खिलाफ निष्पादन कार्यवाही खारिज करने के NCDRC आदेश को चुनौती, दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
Consumer Protection Act | RWA के खिलाफ निष्पादन कार्यवाही खारिज करने के NCDRC आदेश को चुनौती, दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें एक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ दायर निष्पादन कार्यवाही यह कहते हुए खारिज कर दी गई कि वे मूल उपभोक्ता शिकायत के पक्षकार नहीं थे।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने 15.09.2025 को पारित NCDRC के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 67 के संदर्भ में उठाए गए विचारणीयता के प्रश्न को नोट...

एक्टर विवेक ओबेरॉय के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश, डीपफेक के दुरुपयोग पर लगाई रोक
एक्टर विवेक ओबेरॉय के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश, डीपफेक के दुरुपयोग पर लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता एवं उद्यमी विवेक ओबेरॉय के पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकार) की रक्षा करते हुए उनके पक्ष में जॉन डो (अज्ञात व्यक्तियों) के विरुद्ध अंतरिम आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने अभिनेता के हक़ में एक्स-पार्टी ऐड-इंटरिम डायनामिक इंजंक्शन जारी करते हुए कई प्रतिवादियों और अज्ञात डिजिटल इकाइयों को उनके नाम, छवि, आवाज़, हाव-भाव और अन्य विशिष्ट पहचान से जुड़े अधिकारों के दुरुपयोग से रोक दिया है।न्यायालय ने कहा कि विवेक ओबेरॉय ने प्रथम दृष्टया...

वायरल वीडियो प्रकरण: परिवीक्षाधीन DHJS जज की सेवा समाप्ति बरकरार, दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा- कार्रवाई न दंडात्मक, न ही कलंककारी
वायरल वीडियो प्रकरण: परिवीक्षाधीन DHJS जज की सेवा समाप्ति बरकरार, दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा- कार्रवाई न दंडात्मक, न ही कलंककारी

दिल्ली हाइकोर्ट ने वायरल कोर्टरूम वीडियो के बाद दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा (DHJS) के परिवीक्षाधीन न्यायिक अधिकारी की सेवा समाप्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। हाइकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई अधिकारी की समग्र अनुपयुक्तता के आकलन पर आधारित साधारण सेवा समाप्ति है और इसे न तो दंडात्मक कहा जा सकता है और न ही कलंककारी।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने 10 अक्टूबर, 2024 की अधिसूचना और 14 अक्टूबर, 2024 के परिणामी आदेश को वैध ठहराया, जिनके माध्यम से परिवीक्षा...

POCSO मामलों में गवाहों पर दबाव रोकने के लिए रोज़ाना गवाही दर्ज हो: दिल्ली हाइकोर्ट का ट्रायल कोर्ट्स को निर्देश
POCSO मामलों में गवाहों पर दबाव रोकने के लिए रोज़ाना गवाही दर्ज हो: दिल्ली हाइकोर्ट का ट्रायल कोर्ट्स को निर्देश

दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी की सभी ट्रायल अदालतों को निर्देश दिया कि POCSO मामलों में जिन गवाहों की गवाही शुरू हो चुकी है उनकी गवाही बिना अंतराल के रोज़ाना दर्ज की जाए ताकि गवाहों पर दबाव डालने की संभावना को रोका जा सके।जस्टिस गिरीश काथपालिया ने कहा कि ऐसे मामलों में ट्रायल यथासंभव दिन-प्रतिदिन चलाया जाना चाहिए विशेष रूप से तब, जब गवाह बयान दे रहा हो।हाइकोर्ट ने अपने आदेश में कहा,“निर्देश दिया जाता है कि इस निर्णय की प्रति दिल्ली के सभी प्रिंसिपल जिला एंड सेशन जजों को भेजी जाए ताकि इसे...

बिना आरोप वाले लोगों के बैंक अकाउंट मनमाने तरीके से फ्रीज करना आर्टिकल 19(1)(g), 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाईकोर्ट
बिना आरोप वाले लोगों के बैंक अकाउंट मनमाने तरीके से फ्रीज करना आर्टिकल 19(1)(g), 21 का उल्लंघन: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बैंक अकाउंट को पूरी तरह और गलत तरीके से फ्रीज करना, खासकर जब अकाउंट होल्डर न तो आरोपी हो और न ही संदिग्ध, तो यह "पूरी तरह से मनमाना" है और भारत के संविधान के आर्टिकल 21 और 19(1)(g) का उल्लंघन करता है।जस्टिस पुरुशैन्द्र कुमार कौरव ने कहा,“बैंक अकाउंट को पूरी तरह या गलत तरीके से फ्रीज करना, खासकर जब अकाउंट होल्डर जांच के तहत अपराध में न तो आरोपी हो और न ही संदिग्ध, तो यह पूरी तरह से मनमाना है। भारत के संविधान के आर्टिकल 19(1)(g) और 21 के तहत मौलिक अधिकारों के खिलाफ है,...

हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव करने से इनकार किया, कहा- दखल देने से आ सकती है मामलों की बाढ़
हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव करने से इनकार किया, कहा- दखल देने से आ सकती है मामलों की बाढ़

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जामिनेशन, 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव की मांग वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक दखल से बाढ़ आ सकती है, जिससे कई तरह के नतीजे हो सकते हैं और यह प्रक्रिया बेकार हो जाएगी।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा कि अदालतों को संयम बरतना चाहिए और शैक्षणिक और मूल्यांकन मामलों के रेगुलेशन में जांच अधिकारियों को उचित छूट देनी चाहिए।कोर्ट ने कहा कि भले ही व्यक्तिगत शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन समाधान करते समय चयन...

चाइल्ड कस्टडी दिशानिर्देश | दिल्ली हाईकोर्ट ने पेरेंटिंग प्लान के लिए PIL को प्रशासनिक पक्ष को भेजा, समिति नीति पर फैसला करेगी
चाइल्ड कस्टडी दिशानिर्देश | दिल्ली हाईकोर्ट ने 'पेरेंटिंग प्लान' के लिए PIL को प्रशासनिक पक्ष को भेजा, समिति नीति पर फैसला करेगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक PIL याचिकाकर्ता से, जिसने संरचित 'बाल पहुंच और कस्टडी दिशानिर्देश' और 'पेरेंटिंग प्लान' बनाने की मांग की, इस मुद्दे पर नीति बनाने के लिए हाईकोर्ट के प्रशासनिक पक्ष से संपर्क करने को कहा।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस तरह आयुष्मान इनिशिएटिव फॉर चाइल्ड राइट्स और एकम न्याय फाउंडेशन द्वारा दायर PIL याचिका का निपटारा यह देखते हुए किया कि इस मामले पर हाई कोर्ट की उचित समिति द्वारा विचार किया जाना था।कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को दो...

दिल्ली हाईकोर्ट ने NCRB पोर्टल पर नॉन-FIR शिकायत डेटा, पेंडिंग और तय कोर्ट केस के इंटीग्रेशन की मांग की
दिल्ली हाईकोर्ट ने NCRB पोर्टल पर नॉन-FIR शिकायत डेटा, पेंडिंग और तय कोर्ट केस के इंटीग्रेशन की मांग की

दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) पोर्टल पर उन शिकायत मामलों के डेटा को इंटीग्रेट करने की मांग की, जिनमें FIR दर्ज नहीं होती, साथ ही उन मामलों को भी जो सक्षम अदालतों में पेंडिंग हैं या तय हो चुके हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने NCRB के डायरेक्टर और नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के DDG से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा कि क्या NCRB पोर्टल पर उक्त डेटा को इंटीग्रेट करने के लिए कोई कदम उठाए गए।इस डेटा में जेल में बंद कैदियों के खिलाफ पेंडिंग...

आवेदन संख्या और उपस्थिति का उल्लेख अनिवार्य: दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट्स को जारी किए दिशा-निर्देश
आवेदन संख्या और उपस्थिति का उल्लेख अनिवार्य: दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट्स को जारी किए दिशा-निर्देश

दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी की सभी जिला कोर्ट्स को विस्तृत प्रैक्टिस दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायिक आदेश में यह स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए कि किन आवेदन पर फैसला किया गया और पक्षकार या उनके वकील पेश हुए थे या नहीं।कोर्ट ने जिला कोर्ट्स के कई आदेशों में बुनियादी विवरणों की कमी पर गंभीर चिंता जताई।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि उनके समक्ष बार-बार ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनमें लंबित कार्यवाहियों के दौरान दायर अंतरिम और अन्य आवेदनों पर...

अध-कचरी याचिका: दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, लगाया 25,000 का जुर्माना
अध-कचरी याचिका: दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, लगाया 25,000 का जुर्माना

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने इसे अध-कचरी याचिका करार दिया।कोर्ट ने कहा कि यह याचिका तीन साल की अत्यधिक देरी से दाखिल की गई और इसमें पूरा रिकॉर्ड तक संलग्न नहीं किया गया। हाइकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए 25,000 का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने आदेश दिया कि यह राशि नई दिल्ली स्थित एम्स के पुअर पेशेंट्स फंड में जमा कराई जाए।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह लागत उस अधिकारी से वसूली जाएगी,...

परीक्षा की निष्पक्षता में मानसिक शांति भी शामिल: दिल्ली हाइकोर्ट ने बायोमेट्रिक गड़बड़ी से प्रभावित JEE अभ्यर्थी को दोबारा परीक्षा देने की अनुमति दी
परीक्षा की निष्पक्षता में मानसिक शांति भी शामिल: दिल्ली हाइकोर्ट ने बायोमेट्रिक गड़बड़ी से प्रभावित JEE अभ्यर्थी को दोबारा परीक्षा देने की अनुमति दी

दिल्ली हाइकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की निष्पक्षता केवल परीक्षा कक्ष में प्रवेश देने तक सीमित नहीं होती बल्कि यह भी जरूरी है कि अभ्यर्थी को ऐसे प्रक्रियात्मक झटकों का सामना न करना पड़े जो उसकी मानसिक शांति और एकाग्रता को भंग कर दें।इसी आधार पर हाइकोर्ट ने JEE 2026 की मुख्य परीक्षा (सेशन-I) में बायोमेट्रिक गड़बड़ी से प्रभावित अभ्यर्थी को दोबारा परीक्षा देने की अनुमति दी।मामले की सुनवाई जस्टिस जस्मीत सिंह ने की।याचिकाकर्ता श्लोक भारद्वाज परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचे...

सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को सामाजिक मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को सामाजिक मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने वाले सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को समाज या माता-पिता की मंज़ूरी की आवश्यकता नहीं है और न ही कोई व्यक्ति या संस्था उनके इस निर्णय में दख़ल दे सकती है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि सहमति से विवाह करने का निर्णय पूरी तरह पवित्र है और ऐसे निर्णय को सम्मान दिया जाना चाहिए, विशेषकर तब जब दोनों व्यक्ति वयस्क हों और उन्हें अपने जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त हो।अदालत ने दोहराया कि विवाह करने का अधिकार मानवीय स्वतंत्रता का...

2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के बड़ी साज़िश मामले में जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के 'बड़ी साज़िश' मामले में जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े 'बड़ी साज़िश' मामले में दो आरोपियों—अथर खान और सलीम मलिक—द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने जमानत याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा और दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।सलीम मलिक की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप सह-आरोपी मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद के समान हैं, जिन्हें हाल...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2025 में क्लास XII पास करने वालों के लिए एडिशनल सब्जेक्ट की सुविधा खत्म करने के CBSE का फैसला रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2025 में क्लास XII पास करने वालों के लिए 'एडिशनल सब्जेक्ट' की सुविधा खत्म करने के CBSE का फैसला रद्द किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने CBSE के दो नोटिफिकेशन रद्द किया, जिसमें 2025 में क्लास XII पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए प्राइवेट कैंडिडेट के तौर पर "एडिशनल सब्जेक्ट" में बैठने की सुविधा वापस ले ली गई। कोर्ट ने कहा कि यह फैसला मनमाना था, इसे पिछली तारीख से लागू किया गया और यह वैध उम्मीद के सिद्धांत का उल्लंघन करता है।जस्टिस जसमीत सिंह ने 2025 में क्लास XII बोर्ड परीक्षा पास करने वाले स्टूडेंट्स द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच को मंज़ूरी दी और कहा कि विवादित पॉलिसी में बदलाव बिना किसी उचित नोटिफिकेशन और बिना...

दिल्ली हाईकोर्ट ने SSC से प्रश्न पत्र और आंसर-की को फाइनल करने में सिस्टमैटिक तरीका अपनाने को कहा, गंभीर कमियों पर ध्यान दिलाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने SSC से प्रश्न पत्र और आंसर-की को फाइनल करने में सिस्टमैटिक तरीका अपनाने को कहा, गंभीर कमियों पर ध्यान दिलाया

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) से भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न पत्र और आंसर-की बनाने, जांचने और फाइनल करने में ज़्यादा सिस्टमैटिक और सख्त तरीका अपनाने को कहा।जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने कहा कि अस्पष्टताओं और आपत्तियों को दूर करने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाने से न केवल परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि बेवजह के मुकदमों में भी काफी कमी आएगी।बेंच ने कहा कि SSC को भविष्य की सभी परीक्षाओं में ज़्यादा अकादमिक सख्ती और प्रशासनिक सावधानी बरतनी...