उपभोक्ता मामले
चंडीगढ़ जिला आयोग ने विस्तारा एयरलाइंस और आईआरसीटीसी को COVID 19 के दौरान अनुचित रूप से कैंसलेशन चार्ज काटने के लिए जिम्मेदार ठहराया
चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-1 के अध्यक्ष श्री पवनजीत सिंह , श्रीमती सुरजीत कौर(सदस्य) और श्री सुरेश कुमार सरदाना (सदस्य) ने विस्तारा एयरलाइंस और आईआरसीटीसी (इंडिया रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन) के खिलाफ उपभोक्ता शिकायत स्वीकार किया। कोविड-19 महामारी के दौरान की गई बुकिंग से काटे गए कैंसिलेशन चार्ज को वापस नहीं करने के लिए शिकायतकर्ता ने पोर्ट ब्लेयर की पारिवारिक यात्रा के लिए आईआरसीटीसी के माध्यम से हवाई टिकट बुक किए थे, लेकिन महामारी के कारण यात्रा रद्द कर दी गई थी। इसके...
उत्तरी दिल्ली जिला आयोग ने अनधिकृत लेनदेन को वापस लेने पर आरबीआई के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए पीएनबी को जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-1, उत्तरी दिल्ली के अध्यक्ष दिव्या ज्योति जयपुरियार , अश्विनी कुमार मेहता (सदस्य) और हरप्रीत कौर चारी (सदस्य) की खंडपीठ ने शिकायतकर्ता के बैंक खाते में अनधिकृत तरीके से डेबिट की गई राशि को वापस करने में विफलता के लिए पंजाब नेशनल बैंक को जिम्मेदार ठहराया। जिला आयोग ने माना कि बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है, जो बैंकों को ग्राहक द्वारा अधिसूचना की तारीख से 10 कार्य दिवसों (Working days) के भीतर ग्राहक के खाते में अनधिकृत...
उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिला आयोग ने ओयो (OYO) और गोआईबीबो (Goibibo) को बुकिंग के बावजूद शिकायतकर्ता को कमरे न प्रदान करने के लिए जिम्मेदार ठहराया, प्रत्येक को 1 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अध्यक्ष सुरिंदर कुमार शर्मा, अनिल कुमार बंबा (सदस्य) और आदर्श नैन (सदस्य) की खंडपीठ ने ओयो (OYO) रूम्स लिमिटेड और गोआईबिबो (Goibibo) वेब प्राइवेट लिमिटेड को पुष्टि और भुगतान के बावजूद चयनित होटल पहुंचने पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार को कमरों का आवंटन सुनिश्चित करने में विफलता के लिए सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया। जिला आयोग ने उन्हें मुआवजे के रूप में शिकायतकर्ता को 1,00,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।पूरा मामला:श्री अनुपमा...
कटक जिला आयोग ने अपोलो अस्पताल को अनुमानित उपचार खर्च का खुलासा नहीं करने के लिए जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, कटक (ओडिशा) के अध्यक्ष श्री देबाशीष नायक और श्री सिबानंद मोहंती (सदस्य) की खंडपीठ ने अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज लिमिटेड को मरीज के परिवार के सदस्यों को अनुमानित लागत का खुलासा नहीं करने के लिए उत्तरदायी ठहराया। जिला आयोग ने भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के अनुरूप रोगियों और उनके परिवारों को अनुमानित उपचार व्यय का ब्योरा देने में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चिकित्सा संस्थानों के कर्तव्य को दोहराया। पूरा मामला:श्री रमेश चंद्र पटनायक (शिकायतकर्ता) की पत्नी...
इस आधार पर राजमार्ग टोल माफ नहीं किया जा सकता कि ड्राइवर को कुछ मिनटों के लिए टोल प्लाजा पर इंतजार करना पड़ा: भिवानी जिला आयोग
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, भिवानी (हरियाणा) की सदस्य सरोज बाला बोहरा और सदस्य शशि किरण पंवार की खंडपीठ ने शिकायतकर्ता द्वारा दायर एक शिकायत को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि एनएचएआई(NHI) टोल प्लाजा पर वाहन का प्रतीक्षा समय 2.5 मिनट से अधिक होने पर टोल के लिए शुल्क नहीं ले सकता। जिला आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता के दावे का आधार एक आरटीआई(RTI) है। हालांकि, इस संबंध में एनएचएआई द्वारा जारी पत्र अधिक महत्व रखता है और आयोग ने कहा कि समय के साथ ऐसा कोई छूट नियम मौजूद नहीं है।पूरा...
अगर फ्लैट का कब्जा 42 या 48 महीनों के भीतर नही दिया जाता है तो बिल्डर्स के सेवा में कमी मानी जाएगी: दिल्ली राज्य आयोग
जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल (अध्यक्ष) और सुश्री पिंकी (सदस्य) की दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की पीठ ने कहा कि जब एक निर्धारित समय सीमा की कमी वाली बिल्डर सेवाओं से निपटते हैं, तो भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 के तहत अनुबंध को पूरा करने के लिए एक उचित अवधि 24 से 48 महीने के भीतर आती है। पीठ ने आगे तर्क दिया कि शिकायतकर्ताओं से यह उम्मीद नहीं की जा सकती है कि वे संपत्ति खरीदने के लिए खर्च की गई मेहनत की कमाई का लाभ प्राप्त करने के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार करेंगे।पूरा मामला: ...
बाल उपचार के सेवा में कमी, एक स्वास्थ्य देखभाल सेवा जो अभी भी संशोधित उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कवर की गई है: दिल्ली राज्य आयोग
जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल (अध्यक्ष) और सुश्री पिंकी (सदस्य) की दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की खंडपीठ ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2 (42) के तहत 'सेवाओं' के दायरे में शामिल की जा रही 'स्वास्थ्य सेवा' सेवाओं की वैधता को चुनौती देने वाली अपील को खारिज कर दिया।पूरा मामला: शिकायतकर्ता ने अपोज़िट पार्टी से मेटामोर्फोसिस हेयर ट्रीटमेंट की मांग की, जिसमें बालों की समस्याओं के लिए 100% प्रभावी समाधान होने का दावा किया गया। अपोज़िट पार्टी-1 डॉ मोनिका गोगिया के साथ बातचीत के बाद,...
दिल्ली राज्य आयोग ने तय समय सीमा के भीतर फ्लैट का कब्जा ना देने के लिए बीपीटीपी बिल्डर्स को जिम्मेदार ठहराया
न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल (अध्यक्ष) और सुश्री पिंकी (सदस्य) की दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की पीठ ने तय समय अवधि के भीतर फ्लैट का कब्जा देने में विफल रहने के लिए शिकायतकर्ता को अपनी सेवाएं प्रदान करने में अपोज़िट पार्टी को कमी के रूप में माना। पूरा मामला: आवंटन पत्र प्राप्त करने वाले शिकायतकर्ता ने अपोजिट पार्टी की परियोजना में 3-बीएचके आवासीय फ्लैट बुक किया। इसके बाद, एक अग्रीमेंट किया गया, जिसमें 42 महीनों के भीतर कब्जे का आश्वासन दिया। मांगों को पूरा करने के लिए,...
दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डाक विभाग को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया
जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल (अध्यक्ष) और सुश्री पिंकी (सदस्य) की दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की खंडपीठ ने लापरवाही के आरोपों के प्रकाश में भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898 की धारा 6 के आधार पर प्रतिवादी की दलीलों को खारिज कर दिया । पीठ ने आगे कहा कि यदि पत्र का पता लगाने वाला डाक विभाग के कर्मचारी द्वारा जानबूझकर लापरवाही की संभावना को सही रूप से प्रदर्शित कर सकता है, तो इसके इनकार को साबित करने की जिम्मेदारी विभाग पर आ जाती है। पूरा मामला: शिकायतकर्ता ने एक शिकायत में कहा कि उन्होंने...
जालंधर जिला आयोग ने एफडी (FD) जमाकर्ता की मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति (Nominee) के अधिकारों को बरकरार रखते हुये यस बैंक को राशि देने व मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, जालंधर की अध्यक्ष हरवीन भारद्वाज और सदस्य जसवंत सिंह ढिल्लों की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमे यस बैंक ने एफडी जमकर्ता (मृतक) के नामिनी बेटे द्वारा किए गए वैध दावे को खारिज करने के लिए बैंक को जिम्मेदार ठहराया। जिला आयोग ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम और बैंकिंग कंपनी (नामांकन) नियमों के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि जब तक नामांकन में बदलाव होता है, तब तक नामांकित व्यक्ति जमा राशि प्राप्त करने का हकदार होता है, और नामांकित व्यक्ति के अधिकार दूसरों...
मरीजों को केवल अस्पताल की फार्मेसी से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, तमिलनाडु आयोग की सर्किट बेंच ने ऐसा करने के लिए जोसेफ अस्पताल और डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया
तमिलनाडु राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, मदुरै की सर्किट बेंच ने थिरु एस करुप्पैया (पीठासीन न्यायिक सदस्य) के नेतृत्व में जोसेफ अस्पताल, तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) और उसके डॉक्टर को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी के लिए उत्तरदायी ठहराया। रोगी को केवल अस्पताल की फार्मेसी से महंगी और अतिरिक्त दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया गया था तथा उसे अस्पताल के ब्लड बैंक से ब्लड खरीदने के लिए मजबूर किया गया था जबकि अस्पताल के विभाग को ये बताया गया था कि उसके बहन का ब्लड ग्रुप सेम है। श्रीमती मैथिली...
पूर्वी दिल्ली जिला आयोग ने सेवा में कमी के लिए निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पूर्वी दिल्ली (दिल्ली) के अध्यक्ष सुखवीर सिंह मल्होत्रा , रवि कुमार (सदस्य) और सुश्री रश्मि बंसल (सदस्य) कि खंडपीठ ने निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अस्पताल के बिल और रसीद जैसे सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने के बाद दावा की गई पूरी बीमा राशि न देने के लिए सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया। जिला आयोग ने कहा कि नियम व शर्तों के अनुसार बीमा राशि देने से इनकार करना और बाद के चरण में पॉलिसी को रद्द करना बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कमी है।महेश चंद जैन...
नल की आपूर्ति काटने के बाद भी जल कर की मांग के लिए पश्चिम गोदावरी जिला आयोग ने एलुरु नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पश्चिम गोदावरी, एलुरु (आंध्र प्रदेश) के अध्यक्ष श्री डी. कोदंड राम मूर्ति ,श्री एस. सुरेश कुमार (सदस्य) और श्रीमती के.एस.एन. लक्ष्मी (सदस्य) की खंडपीठ ने सेवा में कमी और इसके रिकॉर्ड को सत्यापित करने में विफलता के लिए एलुरु नगर निगम और उसके राजस्व अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को नल की आपूर्ति काटे जाने के बाद भी डिमांड नोटिस भेजना जारी रखा। जिला आयोग ने कहा कि आपूर्ति बंद होने के बाद नगर निगम जल कर एकत्र करने का हकदार नहीं...
हैदराबाद आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक टेक को बूक किए गए रंग से अलग रंग के स्कूटर की डिलीवरी करने में विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-1, हैदराबाद (तेलंगाना) की खंडपीठ में शामिल श्रीमती बी. उमा वेंकट सुब्बा लक्ष्मी (अध्यक्ष), श्रीमती सी. लक्ष्मी प्रसन्ना (सदस्य) और श्री बी. राजा रेड्डी (सदस्य), जिन्होंने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को शिकायतकर्ता को दो बार गलत रंग का स्कूटर देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। समाधान के कई प्रयासों के बावजूद, ओला शिकायतकर्ता द्वारा मूल रूप से मांगे गए रंग को देने में असफल रहा। श्रीमती श्रीकला येनिगल्ला ("शिकायतकर्ता") ने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज...
उचित कारणों के बिना ट्रेनों के देरी से पहुंचने से रेलवे अधिकारियों पर जिम्मेदारी बनती है: एर्नाकुलम जिला आयोग
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, एर्नाकुलम (केरल) की खंडपीठ में श्री डी बी बीनू (अध्यक्ष), श्री रामचंद्रन (सदस्य) और श्रीमती श्रीविधिया टीएन (सदस्य) ने कहा कि यात्रियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का अधिकार है और उन्हें प्रशासन की सनक के अधीन नहीं होना चाहिए। यह भी कहा गया कि रेलवे को अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण किसी भी प्रकार की देरी के लिए वैध कारण प्रदान करना चाहिए। तथा कहा कि यात्रियों का समय अमूल्य है, और वे अनुचित देरी के लिए मुआवजे के हकदार हैं जब तक कि रेलवे एक उचित कारण साबित...
दक्षिण मुंबई जिला आयोग ने ब्लिंकिट (Blinkit) को अप्राप्य (Undelivered) सामान के लिए रिफ़ंड करने के लिए जिम्मेदार ठहराया
दक्षिण मुंबई जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की खंडपीठ जिसमे श्री प्रदीप जी कडु (अध्यक्ष), एस ए पेटकर (सदस्य), जी एम कापसे (सदस्य) शा मिल थे, आयोग ने ब्लिंकिट (Blinkit) को समान की डेलीवेरी ना करने पर रिफ़ंड के लिए जिम्मेदार ठहराया तथा आयोग ने ब्लिंकित को शिकायतकर्ता को धनराशि के साथ साथ 5000 रुपए मुआवजे के तौर पर तथा 3000 रुपये लिटिगेशन खर्च देने का आदेश दिया। संक्षिप्त विवरण: कल्पना शांतिलाल शाह ("शिकायतकर्ता") ने ब्लिंकिट के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किराने के सामान का ऑर्डर किया।...
जिला उपभोक्ता आयोग चडीगढ़ ने अजीओ और रिलायंस रिटेल को एमआरपी से अधिक मूल्य पर सामान बेचने के लिए जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-1, चंडीगढ़ की खंडपीठ जिसमे श्री पवनजीत सिंह (अध्यक्ष), श्रीमती सुरजीत कौर (सदस्य) और श्री सुरेश कुमार सरदाना (सदस्य) शामिल थे, खंडपीठ ने रिलायंस रिटेल लिमिटेड और उसके लाइफस्टाइल ब्रांड अजीओ को लैपटॉप ब्रीफकेस को उसके मूल एमआरपी से अधिक पर बेचने के लिए अनुचित व्यापार प्रथाओं और सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया।दीपिका भारद्वाज ("शिकायतकर्ता") ने रिलायंस रिटेल लिमिटेड ("सेलर") से अजीओ की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से एक लैपटॉप ब्रीफकेस खरीदा। ब्रीफकेस का...
बैंगलोर जिला आयोग ने रिलायंस रिटेल को गलत सामान डेलीवर करने पर रिफंड और मुआवजे देने के लिए जिम्मेदार ठहराया
बैंगलोर जिला आयोग ने रिलायंस रिटेल को डेलीवर गलत सामान को वापस ना करने पर, रिफंड और मुआवजे देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। बेंगलुरु शहरी-द्वितीय अतिरिक्त जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (कर्नाटक) की खंडपीठ, जिसमें श्री विजयकुमार एम. पावले (अध्यक्ष), श्री बी. देवराजू (सदस्य) और श्रीमती वी. अनुराधा (सदस्य) शामिल थे ,ने रिलायंस रिटेल लिमिटेड को गलत उत्पाद के रिटर्न अनुरोध को रद्द करने के लिए सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया, क्योंकि उसने स्वेच्छा से अपनी गलती स्वीकार की और जल्द से जल्द...
केरला उपभोक्ता आयोग ने ग्राहक को 1.05 लाख रुपये देने का आदेश दिया जिसने 2018 मॉडल होंडा मोटरसाइकिल के लिए भुगतान किया था लेकिन उसे लेकिन उसे 2017 मॉडल दी जाती है।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग,एर्नाकुलम ने आर्य भंगी मोटर्स (विक्रेता) को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए जिम्मेदार ठहराया। दरअसल, ग्राहक ने 2018 मॉडल मोटरसाइकल के लिए आग्रह किया था लेकिन विक्रेता के द्वारा उसे 2017 मॉडल होंडा मोटरसाइकल दी जाती है जिसकी चेसिस मुड़ी हुई रहती है।आयोग के अध्यक्ष डी बी बिणु और सदस्य वी रामचंद्रन और श्रीविधिया टी एन की खंडपीठ ने शिकायतकर्ता को हुई परेशानी और असुविधा के लिए डीलर से 1,05,660 रुपये मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता ने...
केरल उपभोक्ता आयोग ने शादी समारोह में खाने के बाद फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए मेहमान को 40,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, एर्नाकुलम ने एक फूड कैटरिंग सेवा देने वाले को एक शिकायतकर्ता को 40,000 रुपये मुआवजे के रूप देने का आदेश दिया, शिकायतकर्ता एक शादी समारोह में परोसे गए खाने से का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गया था।आयोग के अध्यक्ष डी बी बिणु और सदस्य वी रामचंद्रन और श्रीविधिया टी एन की खंडपीठ ने पाया कि कैटरिंग सेवकों के द्वारा असुविधा से शिकायतकर्ता को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा जो की सेवा में कमी माना जाएगा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शादी...




















