उपभोक्ता मामले
दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डाक विभाग को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया
जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल (अध्यक्ष) और सुश्री पिंकी (सदस्य) की दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की खंडपीठ ने लापरवाही के आरोपों के प्रकाश में भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898 की धारा 6 के आधार पर प्रतिवादी की दलीलों को खारिज कर दिया । पीठ ने आगे कहा कि यदि पत्र का पता लगाने वाला डाक विभाग के कर्मचारी द्वारा जानबूझकर लापरवाही की संभावना को सही रूप से प्रदर्शित कर सकता है, तो इसके इनकार को साबित करने की जिम्मेदारी विभाग पर आ जाती है। पूरा मामला: शिकायतकर्ता ने एक शिकायत में कहा कि उन्होंने...
जालंधर जिला आयोग ने एफडी (FD) जमाकर्ता की मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति (Nominee) के अधिकारों को बरकरार रखते हुये यस बैंक को राशि देने व मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, जालंधर की अध्यक्ष हरवीन भारद्वाज और सदस्य जसवंत सिंह ढिल्लों की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमे यस बैंक ने एफडी जमकर्ता (मृतक) के नामिनी बेटे द्वारा किए गए वैध दावे को खारिज करने के लिए बैंक को जिम्मेदार ठहराया। जिला आयोग ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम और बैंकिंग कंपनी (नामांकन) नियमों के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि जब तक नामांकन में बदलाव होता है, तब तक नामांकित व्यक्ति जमा राशि प्राप्त करने का हकदार होता है, और नामांकित व्यक्ति के अधिकार दूसरों...
मरीजों को केवल अस्पताल की फार्मेसी से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, तमिलनाडु आयोग की सर्किट बेंच ने ऐसा करने के लिए जोसेफ अस्पताल और डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया
तमिलनाडु राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, मदुरै की सर्किट बेंच ने थिरु एस करुप्पैया (पीठासीन न्यायिक सदस्य) के नेतृत्व में जोसेफ अस्पताल, तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) और उसके डॉक्टर को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी के लिए उत्तरदायी ठहराया। रोगी को केवल अस्पताल की फार्मेसी से महंगी और अतिरिक्त दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया गया था तथा उसे अस्पताल के ब्लड बैंक से ब्लड खरीदने के लिए मजबूर किया गया था जबकि अस्पताल के विभाग को ये बताया गया था कि उसके बहन का ब्लड ग्रुप सेम है। श्रीमती मैथिली...
पूर्वी दिल्ली जिला आयोग ने सेवा में कमी के लिए निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पूर्वी दिल्ली (दिल्ली) के अध्यक्ष सुखवीर सिंह मल्होत्रा , रवि कुमार (सदस्य) और सुश्री रश्मि बंसल (सदस्य) कि खंडपीठ ने निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अस्पताल के बिल और रसीद जैसे सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश करने के बाद दावा की गई पूरी बीमा राशि न देने के लिए सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया। जिला आयोग ने कहा कि नियम व शर्तों के अनुसार बीमा राशि देने से इनकार करना और बाद के चरण में पॉलिसी को रद्द करना बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कमी है।महेश चंद जैन...
नल की आपूर्ति काटने के बाद भी जल कर की मांग के लिए पश्चिम गोदावरी जिला आयोग ने एलुरु नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पश्चिम गोदावरी, एलुरु (आंध्र प्रदेश) के अध्यक्ष श्री डी. कोदंड राम मूर्ति ,श्री एस. सुरेश कुमार (सदस्य) और श्रीमती के.एस.एन. लक्ष्मी (सदस्य) की खंडपीठ ने सेवा में कमी और इसके रिकॉर्ड को सत्यापित करने में विफलता के लिए एलुरु नगर निगम और उसके राजस्व अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को नल की आपूर्ति काटे जाने के बाद भी डिमांड नोटिस भेजना जारी रखा। जिला आयोग ने कहा कि आपूर्ति बंद होने के बाद नगर निगम जल कर एकत्र करने का हकदार नहीं...
हैदराबाद आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक टेक को बूक किए गए रंग से अलग रंग के स्कूटर की डिलीवरी करने में विफलता के लिए जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-1, हैदराबाद (तेलंगाना) की खंडपीठ में शामिल श्रीमती बी. उमा वेंकट सुब्बा लक्ष्मी (अध्यक्ष), श्रीमती सी. लक्ष्मी प्रसन्ना (सदस्य) और श्री बी. राजा रेड्डी (सदस्य), जिन्होंने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को शिकायतकर्ता को दो बार गलत रंग का स्कूटर देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। समाधान के कई प्रयासों के बावजूद, ओला शिकायतकर्ता द्वारा मूल रूप से मांगे गए रंग को देने में असफल रहा। श्रीमती श्रीकला येनिगल्ला ("शिकायतकर्ता") ने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज...
उचित कारणों के बिना ट्रेनों के देरी से पहुंचने से रेलवे अधिकारियों पर जिम्मेदारी बनती है: एर्नाकुलम जिला आयोग
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, एर्नाकुलम (केरल) की खंडपीठ में श्री डी बी बीनू (अध्यक्ष), श्री रामचंद्रन (सदस्य) और श्रीमती श्रीविधिया टीएन (सदस्य) ने कहा कि यात्रियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का अधिकार है और उन्हें प्रशासन की सनक के अधीन नहीं होना चाहिए। यह भी कहा गया कि रेलवे को अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण किसी भी प्रकार की देरी के लिए वैध कारण प्रदान करना चाहिए। तथा कहा कि यात्रियों का समय अमूल्य है, और वे अनुचित देरी के लिए मुआवजे के हकदार हैं जब तक कि रेलवे एक उचित कारण साबित...
दक्षिण मुंबई जिला आयोग ने ब्लिंकिट (Blinkit) को अप्राप्य (Undelivered) सामान के लिए रिफ़ंड करने के लिए जिम्मेदार ठहराया
दक्षिण मुंबई जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की खंडपीठ जिसमे श्री प्रदीप जी कडु (अध्यक्ष), एस ए पेटकर (सदस्य), जी एम कापसे (सदस्य) शा मिल थे, आयोग ने ब्लिंकिट (Blinkit) को समान की डेलीवेरी ना करने पर रिफ़ंड के लिए जिम्मेदार ठहराया तथा आयोग ने ब्लिंकित को शिकायतकर्ता को धनराशि के साथ साथ 5000 रुपए मुआवजे के तौर पर तथा 3000 रुपये लिटिगेशन खर्च देने का आदेश दिया। संक्षिप्त विवरण: कल्पना शांतिलाल शाह ("शिकायतकर्ता") ने ब्लिंकिट के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किराने के सामान का ऑर्डर किया।...
जिला उपभोक्ता आयोग चडीगढ़ ने अजीओ और रिलायंस रिटेल को एमआरपी से अधिक मूल्य पर सामान बेचने के लिए जिम्मेदार ठहराया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-1, चंडीगढ़ की खंडपीठ जिसमे श्री पवनजीत सिंह (अध्यक्ष), श्रीमती सुरजीत कौर (सदस्य) और श्री सुरेश कुमार सरदाना (सदस्य) शामिल थे, खंडपीठ ने रिलायंस रिटेल लिमिटेड और उसके लाइफस्टाइल ब्रांड अजीओ को लैपटॉप ब्रीफकेस को उसके मूल एमआरपी से अधिक पर बेचने के लिए अनुचित व्यापार प्रथाओं और सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया।दीपिका भारद्वाज ("शिकायतकर्ता") ने रिलायंस रिटेल लिमिटेड ("सेलर") से अजीओ की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से एक लैपटॉप ब्रीफकेस खरीदा। ब्रीफकेस का...
बैंगलोर जिला आयोग ने रिलायंस रिटेल को गलत सामान डेलीवर करने पर रिफंड और मुआवजे देने के लिए जिम्मेदार ठहराया
बैंगलोर जिला आयोग ने रिलायंस रिटेल को डेलीवर गलत सामान को वापस ना करने पर, रिफंड और मुआवजे देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। बेंगलुरु शहरी-द्वितीय अतिरिक्त जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (कर्नाटक) की खंडपीठ, जिसमें श्री विजयकुमार एम. पावले (अध्यक्ष), श्री बी. देवराजू (सदस्य) और श्रीमती वी. अनुराधा (सदस्य) शामिल थे ,ने रिलायंस रिटेल लिमिटेड को गलत उत्पाद के रिटर्न अनुरोध को रद्द करने के लिए सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया, क्योंकि उसने स्वेच्छा से अपनी गलती स्वीकार की और जल्द से जल्द...
केरला उपभोक्ता आयोग ने ग्राहक को 1.05 लाख रुपये देने का आदेश दिया जिसने 2018 मॉडल होंडा मोटरसाइकिल के लिए भुगतान किया था लेकिन उसे लेकिन उसे 2017 मॉडल दी जाती है।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग,एर्नाकुलम ने आर्य भंगी मोटर्स (विक्रेता) को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए जिम्मेदार ठहराया। दरअसल, ग्राहक ने 2018 मॉडल मोटरसाइकल के लिए आग्रह किया था लेकिन विक्रेता के द्वारा उसे 2017 मॉडल होंडा मोटरसाइकल दी जाती है जिसकी चेसिस मुड़ी हुई रहती है।आयोग के अध्यक्ष डी बी बिणु और सदस्य वी रामचंद्रन और श्रीविधिया टी एन की खंडपीठ ने शिकायतकर्ता को हुई परेशानी और असुविधा के लिए डीलर से 1,05,660 रुपये मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता ने...
केरल उपभोक्ता आयोग ने शादी समारोह में खाने के बाद फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए मेहमान को 40,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, एर्नाकुलम ने एक फूड कैटरिंग सेवा देने वाले को एक शिकायतकर्ता को 40,000 रुपये मुआवजे के रूप देने का आदेश दिया, शिकायतकर्ता एक शादी समारोह में परोसे गए खाने से का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गया था।आयोग के अध्यक्ष डी बी बिणु और सदस्य वी रामचंद्रन और श्रीविधिया टी एन की खंडपीठ ने पाया कि कैटरिंग सेवकों के द्वारा असुविधा से शिकायतकर्ता को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा जो की सेवा में कमी माना जाएगा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शादी...












