छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

UAPA | लंबे समय तक हिरासत राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारी नहीं पड़ सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने IED विस्फोट मामले में जमानत देने से इनकार किया
UAPA | 'लंबे समय तक हिरासत राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारी नहीं पड़ सकती': छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने IED विस्फोट मामले में जमानत देने से इनकार किया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश (एनआईए), रायपुर द्वारा सुरक्षा बल पर आईईडी विस्फोट से हमला करने वाले तीन व्यक्तियों की ज़मानत याचिका खारिज कर दी है, जिसमें आईटीबीपी के एक कांस्टेबल की मौत हो गई थी। अपीलकर्ताओं को राहत देने से इनकार करते हुए, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने कहा कि लंबे समय तक हिरासत में रखना या सामाजिक-आर्थिक कठिनाई राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं से ज़्यादा महत्वपूर्ण नहीं हो सकती। न्यायालय के शब्दों में -कोर्ट ने कहा,"केवल लंबे...

पति पत्नी को मोबाइल या बैंक पासवर्ड साझा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पति पत्नी को मोबाइल या बैंक पासवर्ड साझा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि कोई पति अपनी पत्नी को उसकी निजी जानकारी, संचार, व्यक्तिगत वस्तुएं और यहां तक कि मोबाइल फोन और बैंक खातों के पासवर्ड साझा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।जस्टिस राकेश मोहन पांडे की एकल पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पति ऐसा करने के लिए दबाव डालता है, तो यह उसकी पत्नी की गोपनीयता का उल्लंघन होगा और घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (PWDV) के प्रावधानों को लागू करने का आधार बन सकता है।कोर्ट ने कहा, “विवाह का यह अर्थ नहीं कि पति को स्वचालित रूप से पत्नी...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की खेती की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की, बढ़ते मादक द्रव्यों के सेवन की ओर किया इशारा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की खेती की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की, बढ़ते मादक द्रव्यों के सेवन की ओर किया इशारा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डॉ. सचिन अशोक काले द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज की, जिसमें राज्य में औद्योगिक भांग/कैनबिस की खेती और विकास की अनुमति मांगी गई थी। साथ ही औषधीय, औद्योगिक और पर्यावरणीय उद्देश्यों के लिए भांग की खेती और उपयोग के लिए नियामक ढांचा परिभाषित करने, लाइसेंस देने और स्थापित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने छत्तीसगढ़ में मादक और मनोविकारकारी पदार्थों की बढ़ती खपत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे पदार्थ न...

डिग्री धारकों को बाहर रखना अनुचित: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डिप्लोमा को एकमात्र मानदंड मानने वाले सब-इंजीनियरों के भर्ती नियम को खारिज किया
डिग्री धारकों को बाहर रखना अनुचित: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डिप्लोमा को एकमात्र मानदंड मानने वाले सब-इंजीनियरों के भर्ती नियम को खारिज किया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक यांत्रिकी विभाग (अराजपत्रित) (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम 2016 के नियम 8 अनुसूची-III क्रमांक 1 कॉलम क्रमांक 5 को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है, जिसमें उप-अभियंताओं की भर्ती के लिए 3 वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा को एकमात्र शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई थी, जिससे इंजीनियरिंग डिग्री धारकों को भर्ती से बाहर रखा गया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने इस बात पर जोर देते हुए कि किसी भी पात्रता मानदंड का पदों की कार्यात्मक...

पुजारी केवल देवता की संपत्ति के प्रबंधन के लिए नियुक्त एक अनुदानकर्ता, वह मंदिर की भूमि पर अधिकार का दावा नहीं कर सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पुजारी केवल देवता की संपत्ति के प्रबंधन के लिए नियुक्त एक 'अनुदानकर्ता', वह मंदिर की भूमि पर अधिकार का दावा नहीं कर सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि पुजारी या पुरोहित केवल एक “अनुदानकर्ता” है जिसे देवता की संपत्ति का प्रबंधन सौंपा गया है और उसकी भूमिका एक प्रबंधक की है जिसका भूमि पर कोई मालिकाना अधिकार नहीं है। इसलिए उसे भूमिस्वामी (भूमि का मालिक) नहीं माना जा सकता। इस संबंध में न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु ने आगे कहा, "...कानून में यह स्पष्ट है कि पुजारी काश्तकार मौरुशी नहीं है। पुजारी केवल देवता की संपत्ति का प्रबंधन करने वाला अनुदानकर्ता है और यदि पुजारी उसे सौंपा गया कार्य यानी पूजा-अर्चना करने...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गैर-हाजिर रहे तकनीशियन की बर्खास्तगी को सही ठहराया, कहा- सजा देना प्रबंधन का विशेषाधिकार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गैर-हाजिर रहे तकनीशियन की बर्खास्तगी को सही ठहराया, कहा- सजा देना प्रबंधन का विशेषाधिकार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व तकनीशियन की सेवा में पुनर्स्थापना की याचिका खारिज करते हुए कहा कि अनुशासनात्मक मामलों में सजा देना प्रबंधन का प्रबंधकीय कार्य है। इसके साथ ही कोर्ट कहा कि तब तक अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि सजा प्रथम दृष्टया अत्यंत कठोर या न्याय की अंतरात्मा को झकझोरने वाली न लगे। यह फैसला जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने दिया और माना कि 140 दिनों तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर सेवा से बर्खास्तगी एक उचित और अनुपातिक दंड है।मामले की...

गवाह से स्पष्टीकरण के लिए जांच अधिकारी द्वारा जिरह करने से जांच कार्यवाही प्रभावित नहीं होती : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
गवाह से स्पष्टीकरण के लिए जांच अधिकारी द्वारा जिरह करने से जांच कार्यवाही प्रभावित नहीं होती : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने माना कि जांच अधिकारी जांच कार्यवाही के दौरान गवाहों से जिरह कर सकता है और उनसे स्पष्टीकरण मांग सकता है और इससे जांच कार्यवाही शून्य नहीं हो जाती। तथ्ययाचिकाकर्ता छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था। उसके खिलाफ दो आरोपों के लिए विभागीय जांच शुरू की गई थी। पहला यह कि 06.02.2009 को वह अनधिकृत रूप से ग्राम खोराटोला गया और शिकायतकर्ता को एक कमरे में बंद कर दिया। उसने लकड़ी रखने के मामले में...

नक्सल क्षेत्र में CRPF कर्मियों की तनावपूर्ण सेवा स्थितियां सहकर्मियों की हत्या को उचित नहीं ठहरा सकतीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार रखा
नक्सल क्षेत्र में CRPF कर्मियों की तनावपूर्ण सेवा स्थितियां सहकर्मियों की हत्या को उचित नहीं ठहरा सकतीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार रखा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक कांस्टेबल की सजा को बरकरार रखा है, जिसने छुट्टी न मिलने के कारण ड्यूटी आवंटन से रंजिश रखते हुए अपने सहकर्मियों पर गोली चलाई थी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई थी और एक घायल हो गया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने कहा कि नक्सल प्रभावित वातावरण में बिना छुट्टी के लंबे समय तक काम करना साथी साथियों की हत्या का औचित्य नहीं है,“सशस्त्र बलों के कर्मियों की कार्य स्थितियां अत्यंत खतरनाक और जानलेवा हो सकती...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 4 जिला न्यायालयों में डिजिटलीकरण केंद्र और आपराधिक मामलों के लिए ई-समन सुविधा शुरू की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 4 जिला न्यायालयों में डिजिटलीकरण केंद्र और आपराधिक मामलों के लिए ई-समन सुविधा शुरू की

छत्तीसगढ़ में राज्य न्यायपालिका के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा और बेमेतरा के जिला एवं सत्र न्यायालयों में डिजिटलीकरण केंद्रों का 25 जून 2025 को वर्चुअल मोड के माध्यम से औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 23 सिविल जिलों में जिला अस्पतालों में आपराधिक मामलों के लिए ई-समन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य राज्य न्यायपालिका की पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और न्याय तक निर्बाध...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 411 करोड़ रुपए के मेडिकल खरीद घोटाले में आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 411 करोड़ रुपए के मेडिकल खरीद घोटाले में आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने "हमार-लैब" योजना के तहत चिकित्सा उपकरणों और रिएजेंट्स की धोखाधड़ी से खरीद में जुड़े मामलों में बड़े पैमाने पर आपराधिक साजिश रचने के आरोपी शशांक चोपड़ा को जमानत देने से इनकार कर दिया है। राज्य को योजना में हुई धांधलियों से 411 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इस बात पर गौर करते हुए कि इस तरह के आर्थिक अपराध देश की वित्तीय सेहत के लिए खतरा पैदा करते हैं, चीफ ज‌स्टिस रमेश सिन्हा ने कहा,"वर्तमान मामला एक ऐसा मामला है जिसमें आर्थिक अपराध शामिल है और जिसे पारंपरिक अपराधों से...

मूल दस्तावेज़ को दबाए जाने पर क्रॉस एक्जामिनेशन के दौरान द्वितीयक साक्ष्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
मूल दस्तावेज़ को दबाए जाने पर क्रॉस एक्जामिनेशन के दौरान द्वितीयक साक्ष्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर दोहराया कि किसी दस्तावेज़ से संबंधित द्वितीयक साक्ष्य केवल तभी स्वीकार की जा सकती है, जब यह सिद्ध हो कि मूल दस्तावेज़ खो गया हो, नष्ट हो गया हो या जानबूझकर उस पक्ष द्वारा रोका गया हो, जिसके खिलाफ उस दस्तावेज़ को साबित किया जा रहा है।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच या मुकदमे के प्रारंभिक चरणों में प्रस्तुत नहीं की गई द्वितीयक साक्ष्य को, मात्र क्रॉस एक्जामिनेशन के दौरान पेश करने पर स्वीकृत नहीं किया जा सकता।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोर्ट रूम में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना किया प्रतिबंधित
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोर्ट रूम में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना किया प्रतिबंधित

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वादियों और पक्षकारों को अदालत कक्षों के अंदर मोबाइल फोन या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को ले जाने से रोक दिया है, यहां तक कि स्विच-ऑफ मोड में भी। अदालत ने कार्यवाही की किसी भी प्रकार की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी स्पष्ट रूप से रोक लगा दी है।चीफ़ जस्टिस के आदेशों द्वारा जारी अधिसूचना में आगे चेतावनी दी गई है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग) नियम, 2022 के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि...

कोरबा गैंगरेप-हत्या मामला | हाईकोर्ट ने कहा- यह सबसे दुर्लभ मामला नहीं, पांचों दोषियों की फांसी की सजा कम की
कोरबा गैंगरेप-हत्या मामला | हाईकोर्ट ने कहा- यह सबसे दुर्लभ मामला नहीं, पांचों दोषियों की फांसी की सजा कम की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते पांच आरोपियों की मौत की सजा को बदल दिया, जिन्हें इस साल जनवरी में 16 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या और 2021 में उसके परिवार के दो सदस्यों की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था।चीफ़ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस विभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि निचली अदालत दोषी/अपीलकर्ताओं में सुधार और पुनर्वास की संभावना पर विचार करने में विफल रही है। "इसने केवल अपराध और जिस तरीके से इसे अंजाम दिया गया था, उस पर विचार किया है और...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदतन अपराधी के खिलाफ निर्वासन आदेश को बरकरार रखा, कहा- उसकी स्वतंत्र आवाजाही जनता के लिए खतरनाक
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदतन अपराधी के खिलाफ निर्वासन आदेश को बरकरार रखा, कहा- उसकी स्वतंत्र आवाजाही 'जनता के लिए खतरनाक'

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक आदतन अपराधी के खिलाफ पारित निर्वासन आदेश (Externment Order) को रद्द करने से इनकार कर दिया। निर्वासन आदेश महासमुंद के जिला मजिस्ट्रेट ने परित किया था, जिसके तहत उसे राज्य के कई जिलों की सीमाओं में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। याचिकाकर्ता, जिसका आपराधिक आचरण का लंबा इतिहास रहा है, 1995 से 2023 के बीच कई मामलों और निवारक कार्रवाइयों द्वारा चिह्नित, दबाव में समझौता करने के परिणामस्वरूप कई बरी होने और लगातार धमकी भरे व्यवहार के साथ, एक रिट याचिका के माध्यम से निर्वासन...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हिंदू स्टूडेंट्स को नमाज अदा करने के लिए मजबूर करने के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसरों के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हिंदू स्टूडेंट्स को नमाज अदा करने के लिए मजबूर करने के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसरों के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में बिलासपुर जिले के कोटा में अपने यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) शिविर में हिंदू स्टूडेंट्स को नमाज अदा करने के लिए मजबूर करने के आरोपी सात सहायक प्रोफेसरों के खिलाफ FIR रद्द करने से इनकार किया।गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी, बिलासपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम करते हुए याचिकाकर्ताओं को 26 मार्च से 01 अप्रैल, 2025 के बीच आयोजित NSS शिविर की निगरानी के लिए नियुक्त किया गया था।शिविर में भाग लेने वाले तीन स्टूडेंट द्वारा की गई शिकायत से FIR...

वित्तीय नुकसान और प्राकृतिक खतरों से बचने के लिए खरीद केंद्रों से धान का स्टॉक समय पर उठाना राज्य का कर्तव्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
वित्तीय नुकसान और प्राकृतिक खतरों से बचने के लिए खरीद केंद्रों से धान का स्टॉक समय पर उठाना राज्य का कर्तव्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कुलहरिया (याचिकाकर्ता संस्था) में संग्रहित धान को समय पर उठाए ताकि लंबे समय तक भंडारण से होने वाले आर्थिक नुकसान और प्राकृतिक क्षति से बचा जा सके।यह फैसला जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी भूमिका को देखते हुए यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह सरकारी नीति और समझौतों के अनुसार खरीदे गए धान को तय समय पर उठाए।याचिकाकर्ता समिति ने अपनी याचिका में कहा कि राज्य...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कर्मचारियों और ग्राहकों का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी एसबीआई कर्मचारी की वेतन वृद्धि रोकने के जुर्माने को बरकरार रखा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कर्मचारियों और ग्राहकों का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी एसबीआई कर्मचारी की वेतन वृद्धि रोकने के जुर्माने को बरकरार रखा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एक कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को बरकरार रखा है, जिस पर एक महिला ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार करने और यौन उत्पीड़न का आरोप है। इस प्रकार, उस पर संचयी प्रभाव से दो वेतन वृद्धि रोकने का दंड लगाया गया है। इस संबंध में, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा, "रिकॉर्ड से यह पता चलता है कि अनुशासनात्मक जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा की गई है और प्राधिकारी की क्षमता के संबंध में कोई आरोप नहीं है। प्रारंभ में,...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्पष्टता: सरकारी निकायों से संबंधित सभी टेंडर, अनुबंध मामलों की सुनवाई डिवीजन बेंच करेगी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्पष्टता: सरकारी निकायों से संबंधित सभी टेंडर, अनुबंध मामलों की सुनवाई डिवीजन बेंच करेगी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की फुल बेंच ने हाईकोर्ट नियमावली, 2007 के नियम 23(1)(iv) से संबंधित अस्पष्टता को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार/सार्वजनिक उपक्रम/स्थानीय निकाय/वैधानिक निकायों से संबंधित सभी टेंडर/अनुबंध मामलों की सुनवाई डिवीजन बेंच द्वारा की जाएगी।नियम 23(1)(iv) के अनुसार पहले से यह प्रावधान था कि सरकारी टेंडर/अनुबंध से जुड़ी रिट याचिकाओं की सुनवाई डिवीजन बेंच करेगी।4 अप्रैल, 2017 को एक अधिसूचना के जरिए इस नियम को संशोधित किया गया और नया नियम लाया गया, जिसमें सिर्फ अनुबंध/टेंडर के 'आवंटन...

संबंधित मुद्दे के सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने तक Income Tax Act की धारा 143(1)(ए) के तहत अस्वीकृति लागू नहीं होती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
संबंधित मुद्दे के सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने तक Income Tax Act की धारा 143(1)(ए) के तहत अस्वीकृति लागू नहीं होती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने माना कि एक मूल्यांकन अधिकारी (एओ) आयकर अधिनियम, 1961 (1961 अधिनियम) की धारा 143 (1) (ए) को लागू नहीं कर सकता है, ताकि किसी दावे को अस्वीकार किया जा सके, जहां धारा 36 (1) (वीए) के तहत ईपीएफ/ईएसआई में कर्मचारियों के योगदान की कटौती जैसे मुद्दे चेकमेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड बनाम सीआईटी [(2023) 6 एससीसी 451] में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन थे। इस संबंध में न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी की खंडपीठ ने कहा,“…हमारा यह मानना ​​है कि कर...