छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

आश्रित, सात साल बाद मृत मान लिए गए लापता कर्मचारी की सेवा समाप्ति को चुनौती दे सकता है और उसके सेवा लाभों का दावा कर सकता है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
आश्रित, सात साल बाद मृत मान लिए गए लापता कर्मचारी की सेवा समाप्ति को चुनौती दे सकता है और उसके सेवा लाभों का दावा कर सकता है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि किसी लापता सरकारी कर्मचारी की आश्रित पत्नी उसकी एकतरफा सेवा समाप्ति को चुनौती दे सकती है और सात साल बाद मृत मान लिए गए लापता कर्मचारी के सेवा लाभों का दावा कर सकती है।पृष्ठभूमि तथ्यप्रतिवादी का पति भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की राजहरा खदान में वरिष्ठ तकनीशियन (विद्युत) के पद पर कार्यरत था। वह मानसिक रूप से बीमार था और बाद में लापता हो गया। इसलिए वह लंबे समय तक अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित रहा। उसकी पत्नी...

आपराधिक मामले के लंबित रहने से विभागीय कार्यवाही स्वतः जारी रहने या समाप्त होने पर रोक नहीं लगती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
आपराधिक मामले के लंबित रहने से विभागीय कार्यवाही स्वतः जारी रहने या समाप्त होने पर रोक नहीं लगती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि किसी आपराधिक मामले के लंबित रहने से विभागीय कार्यवाही स्वतः जारी रहने या समाप्त होने पर रोक नहीं लगती। इसके अलावा, आपराधिक मुकदमे के लंबित रहने तक अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक केवल एक उचित अवधि के लिए ही होनी चाहिए। साथ ही किसी कर्मचारी द्वारा आपराधिक मुकदमे की लंबी अवधि का उपयोग विभागीय कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए विलंबित करने के लिए नहीं किया जा सकता।पृष्ठभूमि तथ्यप्रतिवादी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुल के रास्ते को अवरुद्ध करने पर लिया स्वत: संज्ञान, कहा- अतिक्रमणकारी राज्य को सीधी चुनौती दे रहे हैं
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुल के रास्ते को अवरुद्ध करने पर लिया स्वत: संज्ञान, कहा- अतिक्रमणकारी राज्य को सीधी चुनौती दे रहे हैं

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक हिंदी दैनिक में प्रकाशित समाचार पर स्वत: संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया म कि दयालबंद पुल के नीचे रहने वाले 15 परिवारों के लिए इस्तेमाल होने वाले चिह्नित फुटपाथ को कुछ लोगों ने अवरुद्ध कर दिया। ये लोग पहले वह ज़मीन खरीदने में विफल रहे थे और उन्होंने अब वहां एक लोहे का गेट और दीवार खड़ी कर दी, जिस पर एक धमकी भरा नोट भी चिपका है कि उस रास्ते से गुजरने वालों को 'उचित उपचार' दिया जाएगा।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की खंडपीठ ने इन व्यक्तियों द्वारा अपनाई...

पुत्र जीवित है तो पुत्री मिताक्षरा हिंदू पिता की संपत्ति की उत्तराधिकारी नहीं हो सकती, जिनकी मृत्यु 1956 से पहले हुई थी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पुत्र जीवित है तो पुत्री मिताक्षरा हिंदू पिता की संपत्ति की उत्तराधिकारी नहीं हो सकती, जिनकी मृत्यु 1956 से पहले हुई थी: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि मिताक्षरा विधि के अनुसार, यदि पुत्र जीवित है तो पुत्री अपने मृत हिंदू पिता की संपत्ति की उत्तराधिकारी नहीं हो सकती, जिनकी मृत्यु 1956 (हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के लागू होने के वर्ष) से ​​पहले हुई।जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की एकल पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि पुत्र की अनुपस्थिति में पुत्री ऐसी संपत्ति पर अपना अधिकार जता सकती है।कोर्ट ने कहा,“यह विधिक स्थिति सर्वविदित है कि मिताक्षरा कानून के अनुसार, पुत्री, अधिनियम, 1956 के लागू होने से पूर्व अपने पिता की संपत्ति की...

साइबर अपराध जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की कमी पर चिंता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
साइबर अपराध जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की कमी पर चिंता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की अनुपस्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि इस कमी के कारण कानून प्रवर्तन और न्यायिक प्राधिकरणों की साइबर अपराधों से तुरंत निपटने की क्षमता बाधित हो रही है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य के लिए पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य परीक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई।कोर्ट ने खेद व्यक्त करते हुए कहा,"यह वास्तव में एक महत्वपूर्ण चिंता का...

पति को पालतू चूहा कहना और माता-पिता से दूर रहने के लिए मजबूर करना क्रूरता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक बरकरार रखी
पति को पालतू चूहा कहना और माता-पिता से दूर रहने के लिए मजबूर करना क्रूरता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक बरकरार रखी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला बरकरार रखा, जिसमें एक पति को तलाक दिया गया था, क्योंकि उसकी पत्नी ने उसे पालतू चूहा कहा और लगातार यह दबाव बनाया कि वह अपने माता-पिता को छोड़कर केवल उनके साथ रहे।मामले में अपीलकर्ता पत्नी ने पति को छोड़ दिया था और फैमिली कोर्ट ने पति की तलाक की याचिका स्वीकार की।जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की डिविजन बेंच ने कहा,“प्रतिवादी और उसके परिवार के मौखिक बयान, जबरदस्ती और अपीलकर्ता द्वारा की गई आलोचनाएं सीधे तौर पर क्रूरता की कानूनी परिभाषा...

पेंशन के लिए अवैध धन की मांग जैसे अपराध पर समझौते से FIR नहीं खत्म हो सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
पेंशन के लिए अवैध धन की मांग जैसे अपराध पर समझौते से FIR नहीं खत्म हो सकती: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मियों द्वारा पेंशन रिलीज़ के नाम पर अवैध धन की मांग और धन का गबन जैसी घटनाएं केवल निजी विवाद नहीं हैं बल्कि समाज के लिए गंभीर नकारात्मक प्रभाव पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में समझौते के आधार पर FIR को रद्द नहीं किया जा सकता।मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार याचिकाकर्ता सरकारी क्लर्क था, जबकि शिकायतकर्ता एक मृतक शिक्षक की विधवा हैं। याचिकाकर्ता और एक अन्य अधिकारी ने शिकायतकर्ता से उसके पति की...

गरीबों पर डंडा, अमीरों पर रहम: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
गरीबों पर डंडा, अमीरों पर रहम: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर सड़कों पर हो रहे हुड़दंग और लापरवाह ड्राइविंग की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने दो हिंदी दैनिकों में प्रकाशित रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें बताया गया कि कुछ युवक जन्मदिन मनाने फार्महाउस जाते समय गाड़ियों को लापरवाही से चला रहे थे, स्टंट कर रहे थे और खिड़कियों व सनरूफ से लटककर अन्य राहगीरों की जान को खतरे में डाल रहे थे।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने इस पर कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि पुलिस गरीबों, मध्यम वर्ग और वंचितों...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बार काउंसिल में नामांकन न होने के कारण न्यायपालिका एग्जाम एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बार काउंसिल में नामांकन न होने के कारण न्यायपालिका एग्जाम एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 सितंबर) को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2024 के लिए रजिस्टर्ड कई अभ्यर्थियों द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन अभ्यर्थियों में लोक अभियोजक और सहायक लोक अभियोजक भी शामिल है, जो परीक्षा के विज्ञापन की तिथि पर बार काउंसिल में 'एडवोकेट' के रूप में नामांकित नहीं है। इन अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड न दिए जाने को चुनौती दी थी, जबकि उन्हें पहले परीक्षा के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई।बुधवार (17 सितंबर) शाम को वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए इस तर्कसंगत आदेश...

दिव्यांगता श्रेणी में आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है सरकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
दिव्यांगता श्रेणी में आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है सरकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) की धारा 34 के तहत राज्य सरकार विकलांगता श्रेणियों के बीच आरक्षण का आदान-प्रदान कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि वाणिज्य संकाय के पदों से दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को बाहर करना अवैध नहीं है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने यह फैसला दृष्टिबाधित उम्मीदवार की याचिका खारिज करते हुए दिया, जिसने वाणिज्य संकाय में सहायक प्रोफेसर के पद पर आरक्षण की मांग की...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बजट स्वीकृति के बावजूद मेडिकल इंस्टीट्यूट को आधुनिक डिवाइस की आपूर्ति में देरी पर निराशा व्यक्त की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बजट स्वीकृति के बावजूद मेडिकल इंस्टीट्यूट को आधुनिक डिवाइस की आपूर्ति में देरी पर निराशा व्यक्त की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया कि छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS), बिलासपुर के डॉक्टरों को नए और आधुनिक मेडिकल डिवाइस की खरीद के लिए सरकार द्वारा 15 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के चार महीने बाद भी पुराने उपकरणों से ही ऑपरेशन करना पड़ रहा है।इस संबंध में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने कहा,"उपरोक्त रिपोर्ट से यह पता चलता है कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद, CIMS को मशीनें/उपकरण उपलब्ध नहीं...

हाईकोर्ट ने रायपुर में पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत पर प्रकाश डालने वाली खबर पर स्वतः संज्ञान लिया, राज्य से हलफनामा मांगा
हाईकोर्ट ने रायपुर में पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत पर प्रकाश डालने वाली खबर पर स्वतः संज्ञान लिया, राज्य से हलफनामा मांगा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें रायपुर के आमानाका स्थित पुलिस क्वार्टरों की जर्जर हालत और नए आवासों के निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि राज्य सरकार द्वारा न दिए जाने का मुद्दा उठाया गया।मीडिया में खुलासा हुआ है कि क्वार्टरों में 24 मकान लगभग 34 साल पुराने हैं। उनकी हालत ऐसी है कि छत तक जाने वाली सीढ़ियां टूटकर गिर गईं। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि पहली मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां खंभों के सहारे टिकी हुई हैं। लगभग 20 परिवार वहां "भगवान की दया" पर रह रहे हैं।नगर...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने PG मेडिकल एडमिशन में डोमिसाइल आधारित आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर  मांगा जवाब
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने PG मेडिकल एडमिशन में डोमिसाइल आधारित आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका पर मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें राज्य मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट एडमिशन नियम 2021 की वैधता को चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया कि नियम 11(क) और आंशिक नियम 11(ख) संस्थान व निवास आधारित आरक्षण प्रदान करते हैं, जो असंवैधानिक है।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने राज्य को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया और याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल करने की अनुमति दी।याचिका में कहा गया कि नियम 11(क) उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता देता है,...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हत्या में प्रयुक्त चाकू पहुंचाने के लिए फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय को राहत देने से किया इनकार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हत्या में प्रयुक्त चाकू पहुंचाने के लिए फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय को राहत देने से किया इनकार

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फ्लिपकार्ट को डिलीवरी सेवाएं प्रदान करने वाली लॉजिस्टिक्स कंपनी इलास्टिक रन के कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार किया। इलास्टिक रन ने एक प्रतिबंधित चाकू पहुंचाया था, जिसका इस्तेमाल बाद में डकैती और हत्या करने के लिए हथियार के रूप में किया गया।इलास्टिक रन के कर्मचारियों दिनेश कुमार साहू (वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक) और हरिशंकर साहू (डिलीवरी सेवा एजेंट) के खिलाफ विशेष आरोप यह है कि पुलिस द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को खतरनाक हथियारों की डिलीवरी के संबंध में पूर्व...

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य भर में मेडिकल सेवाओं की कमियों पर चिंता जताई, हलफनामा मांगा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य भर में मेडिकल सेवाओं की कमियों पर चिंता जताई, हलफनामा मांगा

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य भर के विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध मेडिकल और स्वास्थ्य सुविधाओं में कई कमियों को उजागर किया, खासकर डॉक्टरों की कमी, अस्पतालों में भीड़भाड़, अभिकर्मकों की अनुपलब्धता और रात्रिकालीन ड्यूटी पर पर्याप्त कर्मचारियों की अनुपस्थिति के संदर्भ में।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव द्वारा प्रस्तुत हलफनामों का हवाला देते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने कहा,“…यद्यपि यह कहा गया कि पर्याप्त डॉक्टर हैं। फिर भी कुछ पद रिक्त हैं और अस्पतालों...

कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के इलाज से रेलवे का पल्ला झाड़ने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की कार्यवाही
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के इलाज से रेलवे का पल्ला झाड़ने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की कार्यवाही

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेलवे विभाग द्वारा गंभीर रूप से घायल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के इलाज का खर्च उठाने से इंकार करने पर स्वतः संज्ञान लिया। यह युवक रेलवे कोचिंग डिपो में मरम्मत कार्य के दौरान ओवरहेड वायर की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था और फिलहाल जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है।सूत्रों के अनुसार रेलवे अधिकारियों ने जिम्मेदारी से किनारा करते हुए दावा किया कि कॉन्ट्रैक्ट वर्करों के लिए मुआवज़ा या इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है और पूरा खर्च ठेकेदार कुमार इंजीनियरिंग भिलाई (प्रतिवादी 6) पर ही डाला।इस...

पीड़िता के नाबालिग होने के ठोस सबूत नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भतीजी से दुष्कर्म के दोषी की सजा कम की
'पीड़िता के नाबालिग होने के ठोस सबूत नहीं': छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भतीजी से दुष्कर्म के दोषी की सजा कम की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को दोषी ठहराने के आदेश में बदलाव किया है, जिस पर भतीजी के साथ जबरन यौन संबंध बनाने का आरोप है, जिसने अपने पिता द्वारा यौन उत्पीड़न के बाद शरण ली थी, इस आधार पर कि उसके अल्पसंख्यक होने का दावा करने के लिए रिकॉर्ड पर कोई ठोस या कानूनी रूप से स्वीकार्य सबूत उपलब्ध नहीं है।IPC की धारा 376 (3) से सजा को संशोधित करते हुए, जो सोलह वर्ष से कम उम्र की महिला पर बलात्कार की सजा को धारा 376 (2) (f) आईपीसी (रिश्तेदार द्वारा बलात्कार) के साथ-साथ आजीवन कारावास से 10 साल की सजा...