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दिल्ली बार काउंसिल ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया, COVID-19 संकट से निपटने के लिए 16,448 वकीलों को दी गई 5000 रुपए की वित्तीय मदद
दिल्ली बार काउंसिल ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया, COVID-19 संकट से निपटने के लिए 16,448 वकीलों को दी गई 5000 रुपए की वित्तीय मदद

दिल्ली बार काउंसिल ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि COVID-19 महामारी के कारण पैदा हुए संकट से निपटने के लिए 16,448 वकीलों की वित्तीय सहायता के मद में कुल 8.22 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जिनमें प्रत्येक वकील को 5,000 रुपए की मदद की गई है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस प्रतीक जालान की डिवीजन बेंच को एक जनहित याचिका की सुनवाई के दरमियान यह जानकारी दी गई। याचिका में एडवोकेट वेलफेयर फंड ट्रस्ट को COVID-19 के मद्देनजर वित्तीय संकट से जूझ रहे वकीलों की आर्थ‌िक मदद करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। ...

[धारा 173 सीआरपीसी] पुलिस एक अभियुक्त के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दायर कर सकती है और दूसरे के खिलाफ आगे जांच कर सकती है: केरल हाईकोर्ट
[धारा 173 सीआरपीसी] पुलिस एक अभियुक्त के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दायर कर सकती है और दूसरे के खिलाफ आगे जांच कर सकती है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने माना है कि जांच अधिकारी को एक से अधिक अभियुक्तों से जुड़े अपराध में जांच आगे बढ़ाने और पकड़े गए आरोपी के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति है। उसे फरार आरोपी के गिरफ्तार होने तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। मामले में पिता-पुत्र की एक जोड़ी पर अपराध का आरोप लगाया गया था। बेटे के फरार होने के बाद, मामले में एक आरोपी, पिता के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दायर की गई थी। ट्रायल कोर्ट ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 324 और 341 के तहत दंडनीय अपराध का दोषी पाया; आरोपपत्र में...

नुक्कड़ों पर विवाद निपटारे की प्रवृत्ति कानून के शासन के विरुद्ध : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
नुक्कड़ों पर विवाद निपटारे की प्रवृत्ति 'कानून के शासन' के विरुद्ध : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक हालिया फैसले में कहा है कि विवादों का निपटारा खुद ही गली-चौराहों पर कर लेने की प्रवृत्ति 'कानून का शासन' स्थापित करने का लक्ष्य हासिल करने तथा सभ्य समाज के निर्माण के उद्देश्यों की पूर्त्ति के विरुद्ध है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने यह टिप्पणी उन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर विचार करते हुए की, जिन्होंने कथित रूप से बीच सड़क पर लड़ाई की थी, जिसके कारण शिकायतकर्ताओं को गम्भीर चोट पहुंची थी। आरोपियों के खिलाफ कुछ शिकायतें दर्ज करायी गयी थीं। राज्य...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक को एक क़ैदी को बीए की ऑनलाइन परीक्षा में बैठने के लिए सभी ज़रूरी गैजेट उपलब्ध कराने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक को एक क़ैदी को बीए की ऑनलाइन परीक्षा में बैठने के लिए सभी ज़रूरी गैजेट उपलब्ध कराने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने संबंधित जेल अधीक्षक को बीए की ऑनलाइन परीक्षा देने के इच्छुक एक क़ैदी को इसके लिए आवश्यक सभी ज़रूरी गैजेट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने क़ैदी को अंतरिम ज़मानत देने की बजाय उसे जेल में ही सारी ज़रूरी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। यह आदेश सीआरपीसी की धारा 439 के तहत दायर एक ज़मानत आवेदन पर दिया गया जिसमें 45 दिन के अंतरिम ज़मानत की मांग की गई थी ताकि क़ैदी बीए प्रोग्राम की अपनी मुख्य परीक्षा में बैठ सके। यह परीक्षा 10 जुलाई...

ग्लो एंड हैंडसम : बॉम्बे हाईकोर्ट ने एचयूएल को इमामी के ख़िलाफ़ दी अंतरिम राहत
'ग्लो एंड हैंडसम' : बॉम्बे हाईकोर्ट ने एचयूएल को इमामी के ख़िलाफ़ दी अंतरिम राहत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एकपक्षीय फ़ैसले में एचयूएल को इमामी के ख़िलाफ़ अंतरिम राहत देते हुए इमामी को 'ग्लो एंड हैंडसम' ट्रेडमार्क के प्रयोग के लिए एचयूएल के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की क़ानूनी कार्रवाई करने से फिलहाल रोक दिया है। कोर्ट ने वादी को इसके लिए एक सप्ताह का लिखित नोटिस भी नहीं दिया। न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला ने एचयूएल की याचिका की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की और वादी की पैरवी वक़ील हीरेन कामोद ने की। अदालत ने कहा कि बचाव पक्ष इमामी की ओर से अख़बारों में जो बयान दिए गए हैं...

अपवाद के रूप में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने की ओपन कोर्ट में सुनवाई, बच्चे के लगाव को देखते हुए उसकी मां को कस्टडी सौंपी
अपवाद के रूप में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने की ओपन कोर्ट में सुनवाई, बच्चे के लगाव को देखते हुए उसकी मां को कस्टडी सौंपी

अपवाद के रूप में एक मामले की ओपन कोर्ट में सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अधीनस्थ अदालत के उस फैसले को खारिज कर दिया है ,जिसमें एक तीन साल के बच्चे की कस्टडी उसके पिता को सौंपने की अनुमति दे दी गई थी। न्यायालय ने कहा कि बच्चे का वात्सल्य व लगाव अपनी मां से ज्यादा है।न्यायमूर्ति एससी शर्मा की पीठ ने कहा, ''हालांकि, यह अदालत केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई कर रही है,परंतु इस मामले को एक अपवाद के रूप में लेते हुए इसकी सुनवाई ओपन या खुली कोर्ट में की गई...

National Uniform Public Holiday Policy
सुप्रीम कोर्ट में याचिका, "COVID योग प्रोटोकॉल" बनाने और टीवी पर प्रसा‌रित करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें केंद्रीय आयुष मंत्रालय को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह, मधुमेह, बुखार, संक्रमण, हृदय संबंधी, श्वसन और पाचन संबंधी अधिकांश सामान्य बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए कस्टमाइज्‍़ड योग प्रोटोकॉल के अलावा, लोगों में COVID प्रतिरोध को बढ़ाने के लिए मानका योग प्रोटोकॉल विकसित करे। भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में, आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय को "COVID योग प्रोटोकॉल"...

सभी कैदी कर सकेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रायवेट वकील के साथ कानूनी साक्षात्कार, दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
सभी कैदी कर सकेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रायवेट वकील के साथ कानूनी साक्षात्कार, दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया

दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्राायवेट वकील के साथ कानूनी साक्षात्कार करने की सुविधा अब दिल्ली के सभी कैदियों को दी जाएगी।एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जलान की पीठ के समक्ष दिल्ली सरकार ने यह जानकारी दी है। सरकार की तरफ से बताया गया है कि अब सभी कैदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा ले सकेंगे,ताकि वे अपने वकील के साथ कानूनी साक्षात्कार कर सके। अधिवक्ता सार्थक मग्गन के जरिए दायर इस याचिका में...

उत्तर प्रदेश पुलिस आईटी एक्ट की असंवैधानिक धारा 66 ए के तहत लगातार दर्ज कर रही एफआईआर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इसे खारिज करने से किया इनकार
उत्तर प्रदेश पुलिस आईटी एक्ट की 'असंवैधानिक' धारा 66 ए के तहत लगातार दर्ज कर रही एफआईआर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इसे खारिज करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में दिए गए एक फैसले (श्रेया सिंघल बनाम बनाम यून‌ियन ऑफ इंडिया) में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ए को रद्द कर चुकी है। पिछले वर्ष, शीर्ष अदालत ने 'असंवैधानिक' धारा 66 ए के निरंतर प्रयोग पर अपनी चिंता जाहिर की थी और नाराजगी व्यक्त की थी। हाल ही में, रोहित सिंघल नाम के एक व्यक्ति ने धारा 3/7, आवश्यक वस्तु अधिनियम, और धारा 66A सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष...

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जीएसटी अधिकारियों द्वारा तलाशी और जब्ती के दौरान वकील की मौजूदगी का आग्रह ठुकराया
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जीएसटी अधिकारियों द्वारा तलाशी और जब्ती के दौरान वकील की मौजूदगी का आग्रह ठुकराया

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम की धारा 67 के तहत एक मीठी सुपारी विनिर्माण संयंत्र की तलाशी और जब्ती के दौरान वकील की मौजूदगी संबंधी एक याचिकाकर्ता की अर्जी गत शुक्रवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति वंदना कासरेकर की खंडपीठ ने कहां कि याचिकाकर्ता अपने अनुरोध के समर्थन में कोई भी 'सांविधिक प्रावधान या किसी कानूनी अधिकार' का हवाला देने में असफल रहा है। इस मामले में याचिकाकर्ता के विनिर्माण संयंत्र यूनिट को कथित तौर पर कर चोरी के मामले...

केंद्र सरकार का 59 एप्स को ब्लॉक करने का फैसला, श्रेया सिंघल जजमेंट और धारा 69 ए आईटी एक्ट
केंद्र सरकार का 59 एप्स को ब्लॉक करने का फैसला, श्रेया सिंघल जजमेंट और धारा 69 ए आईटी एक्ट

अशोक किनीइलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने हाल ही में 59 मोबाइल ऐप्स, जिनमें ज्यादातर चीनी एप्स हैं, जैसे टिक टोक, कैम स्कैनर, जेंडर आदि शामिल हैं, को ब्लॉक करने का फैसले किया है। फैसले को सार्वजनिक करते हुए मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69 ए के तहत अपनी शक्तियों का उल्लेख किया है, साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी (जनता द्वारा सूचना के अभिगम को अवरुद्ध करने के लिए प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय) नियम, 2009 के प्रासंगिक प्रावधानों का उल्‍लेख किया है। इन ऐप्स को भारत की...

वर्णान्धता सिपाही के पद पर तैनाती से इनकार का आधार नहीं हो सकती : गुजरात हाईकोर्ट
वर्णान्धता सिपाही के पद पर तैनाती से इनकार का आधार नहीं हो सकती : गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी उम्मीदवार को लोक रक्षक दल में उसके मेरिट के अनुसार सभी लाभों के साथ सिर्फ़ इसलिए नियुक्ति से मना नहीं किया जा सकता क्योंकि उसे वर्णान्धता है। न्यायमूर्ति बिरेन वैष्णव ने सूरत पुलिस के डीजेपी और आयुक्त को निर्देश दिया कि वह याचिककर्ताओं के मामले पर उनकी वर्णान्धता को नज़रंदाज़ करते हुए संबंधित पद पर उसकी नियुक्ति पर विचार करें। कोर्ट ने कहा कि अगर उनके ख़िलाफ़ और कुछ नहीं है तो उन्हें तत्काल इस पद पर नियुक्ति दी जाए। एकल पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने इससे...

मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में राज्य नहीं कर सकता संप्रभु प्रतिरक्षा की मांग : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य को दिया निर्देश, ट्रायल में देरी होने के लिए आरोपी को देंं मुआवजा
'मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में राज्य नहीं कर सकता संप्रभु प्रतिरक्षा की मांग' : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य को दिया निर्देश, ट्रायल में देरी होने के लिए आरोपी को देंं मुआवजा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने माना है कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में राज्य स्वायत्त बचाव की दलील का सहारा नहीं ले सकता ।इस मामले में न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ ने राज्य को उस जमानत आवेदक को मुआवजा देने का निर्देश दिया है, जो एक साल से अधिक समय से जेल में बंद था, परंतु उसके मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हुई जिसके लिए पूरी तरह से राज्य की पुलिस जिम्मेदार थी। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत याचिकाकर्ता को स्पीडी ट्रायल का मौलिक अधिकार...

केवल 25 प्रतिशत लॉ स्टूडेंट्स के पास इंटरनेट की सुविधा : ऑनलाइन क्लास और परीक्षा संचालित करने के BCI के निर्देशों को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती
'केवल 25 प्रतिशत लॉ स्टूडेंट्स के पास इंटरनेट की सुविधा' : ऑनलाइन क्लास और परीक्षा संचालित करने के BCI के निर्देशों को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती

दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ से जारी उन निर्देशों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है,जो ऑनलाइन परीक्षाओं व कक्षाओं के संचालन के संबंध देश के सभी लाॅ विश्वविद्यालयों को जारी किए गए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि काॅलेजों को फिर से खोलने के बाद अंतिम वर्ष की लाॅ की परीक्षाएं ऑनलाइन मोड के माध्यम से या किसी अन्य उपयुक्त विधि के माध्यम से करवाई जाएं। वहीं मध्यवर्ती लाॅ की परीक्षाएं भी आयोजित की जाएं। बीसीआई द्वारा 27 मई को जारी किए गए दिशा-निर्देश व 9 जून...

समर्पण को सहमतिपूर्ण यौन संबंध कभी नहीं माना जा सकता : केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार के दोषी की सज़ा बरकरार रखी
'समर्पण को सहमतिपूर्ण यौन संबंध कभी नहीं माना जा सकता : केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार के दोषी की सज़ा बरकरार रखी

केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि ऐसे यौन संबंध जो मान्य हैं, सिर्फ उन्हीं के बारे में यह कहा जा सकता है कि वे पीड़िता के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते और उन्हें ही सहमतिपूर्ण माना गया है। आरोपी के ख़िलाफ़ मामला यह था कि उसने एक नाबालिग लड़की से फ़रवरी 2009 में बलात्कार किया और बाद में भी ऐसा करता रहा। यह लड़की अनुसूचित जाति की है। ट्रायल कोर्ट ने उसे आईपीसी की धारा 376 के तहत बलात्कार का दोषी माना। ट्रायल कोर्ट ने पाया कि अभियोजन लड़की की उम्र का निर्धारण नहीं कर पाया और यह साबित नहीं कर पाया कि यह...

बिना किसी छूट के आजीवन कारावास की सजा पाए हत्या के दोषियों को फर्लो नहीं दी जा सकतीः दिल्ली हाईकोर्ट
बिना किसी छूट के आजीवन कारावास की सजा पाए हत्या के दोषियों को फर्लो नहीं दी जा सकतीः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक दोषी, जिसे किसी विशेष अवधि के लिए या इस शर्त के साथ आजीवन कारावास की सजा दी गई है कि उस अवधि में उसे कोई छूट नहीं दी जाएगी, तो वह सजा की उक्त अवधि के दरमियान फर्लो का हकदार नहीं है। ज‌स्टिस मुक्ता गुप्ता की एकल पीठ के समक्ष पेश याचिकाकर्ताओं, पहला- संजय कुमार वाल्मीकि बलात्कार और हत्या का दोषी है, उसे धारा 302/376 (2) (एफ) / 363 /201आईपीसी के तहत दंडनीय अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था और सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसमें यह शर्त ‌थी कि...

जस्टिस ओका की युवा वकीलों को सलाह, यदि आप सफल होना चाहते हैं, तो शुरुआती वर्षों में ट्रायल कोर्ट में प्रैक्टिस करें
जस्टिस ओका की युवा वकीलों को सलाह, "यदि आप सफल होना चाहते हैं, तो शुरुआती वर्षों में ट्रायल कोर्ट में प्रैक्टिस करें"

कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका ने द रूट्स रिसोर्सेज और नलसार्स न्याय फोरम की ओर से आयोजित ई-सेमिनार में कानून और न्याय पने अपने विचार साझा ‌किए। कार्यक्रम में जस्टिस ओका ने उन छात्रों और युवा वकीलों के लाभ के लिए, जिन्हें मुकदमेबाजी में कैरियर बनाने की इच्छा है, अपने विचार और अनुभव साझा किए। ट्रायल कोर्ट स्‍तर का कार्य एक महान सीख ट्रायल कोर्ट में वकालत के महत्व पर ज‌स्ट‌िस ओका ने कहा कि, "यदि आप हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करना चाहते हैं और आप वास्तव...

पति की मृत्यु के बाद करेवा विवाह करने वाली महिला नहीं है विधवा पेंशन प्राप्त करने की हकदार : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पति की मृत्यु के बाद 'करेवा' विवाह करने वाली महिला नहीं है विधवा पेंशन प्राप्त करने की हकदार : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एक महिला जो अपने पति की मृत्यु के बाद 'करेवा''(एक विधवा द्वारा पुनर्विवाह के मामले में 'करेवा या चादर अंदाजी' की जाती है। इस सेरेमनी के दौरान भविष्य में बनने वाला पति महिला के सिर पर एक सफेद चादर ड़ाल देता है) विवाह स्वीकार कर लेती है, उसके बाद वह विधवा पेंशन पाने की हकदार नहीं है क्योंकि वह अब ''निराश्रित'' नहीं है।न्यायमूर्ति लिसा गिल ने कहा, ''यह स्पष्ट है कि उक्त योजना एक ऐसी स्थिति का ध्यान रखने के लिए बनाई गई है, जिसमें अपने पति की मौत के बाद...