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लाॅ यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन परीक्षा की अनुमति देने वाले बीसीआई के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका में राहत देने से इनकार, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी याचिकाकर्ता को उचित फोरम में जाने की स्वतंत्रता
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका में कोई भी राहत देने से इंकार कर दिया है,जिसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ से जारी उन निर्देशों की संवैधानिकता को चुनौती दी गई थी,जो आॅनलाइन परीक्षाओं व कक्षाओं के संचालन के संबंध देश के सभी लाॅ विश्वविद्यालयों को जारी किए गए थे। इन निर्देशों में कहा गया था कि काॅलेजों को फिर से खोलने के बाद अंतिम वर्ष की लाॅ की परीक्षाएं ऑनलाइन मोड के माध्यम से या किसी अन्य उपयुक्त विधि के माध्यम से करवाई जाएं। वहीं मध्यवर्ती लाॅ की परीक्षाएं भी आयोजित की जाएं। न्यायमूर्ति...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, स्कूल ऐसे स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने से रोक दें, जो वित्तीय क्षमता के बावजूद ट्यूशन फीस नहीं दे रहे
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार के आदेश की आंशिक रूप से व्याख्या की, जिसमें निजी स्कूलों को ऐसे स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कक्षाओं से भाग लेने को रोकने से मना किया गया था, जो टयूशन फी जमा नहीं करते हैं। क्वीन मैरी स्कूल नॉर्थेंड की ओर से दायर याचिका पर जस्टिस जयंत नाथ की एकल पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने कहा, "जहां माता-पिता ने दो महीने से अधिक समय से ट्यूशन फीस का भुगतान नहीं किया है, याचिकाकर्ता ऐसे माता-पिता को भुगतान न करने का कारण बताने के लिए एक उचित नोटिस जारी करने के लिए स्वतंत्र...
ऋण स्थगन पर रिजर्व बैंक की ओर से जारी परिपत्र के प्रवर्तन के लिए निजी बैंक के खिलाफ रिट याचिका सुनवाई योग्य: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को फैसला दिया कि लॉकडाउन के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से घोषित ऋण अधिस्थगन के मामले में संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत निजी बैंकों के खिलाफ एक रिट याचिका सुनवाई योग्य है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन-1 के तुरंत बाद, RBI ने 27 मार्च को एक परिपत्र जारी किया था, और सभी ऋणदायी संस्थानों - वाणिज्यिक बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, छोटे वित्त बैंकों, स्थानीय क्षेत्र बैंकों सहित), सहकारी बैंकों, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों और NBFC (आवास वित्त कंपनियों और माइक्रो...
अकादमिक मूल्यांकन और परीक्षा छात्रों के जीवन पर भारी नहीं होनी चाहिए : यूनिवर्सिटी एक्ज़ाम की अनुमति देने के MHA के फैसले के खिलाफ लॉ स्टूडेंट ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा
दिल्ली विश्वविद्यालय के क़ानून की एक छात्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल को पत्र लिखकर अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा लेने से छात्रों को होने वाली मुश्किलों के बारे में बताया है। सरकार ने कहा है कि अंतिम वर्ष के छात्रों को अब परीक्षा देनी होगी। छात्रा आस्था खन्ना ने पत्र मेंं कहा, "…छात्र चाहते हैं कि उनके मौलिक अधिकारों और मानव अधिकारों की रक्षा की जाए…किसी की सामाजिक और आर्थिक स्थिति क्या है, इसको नज़रंदाज़ करते हुए मैं हर छात्र के हितों की रक्षा करने का आग्रह...
(ऑनलाइन क्लासेस) ई-लर्निंग के लिए एसओपी एक प्रगतिशील कदम, इस पर सवाल उठाना राष्ट्रहित के खिलाफ : बाॅम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को दिए एक आदेश में एक याचिकाकर्ता के लिए कुछ कठोर शब्द प्रयोग किए थे। इस याचिकाकर्ता ने, महाराष्ट्र सरकार द्वारा अनुमोदित स्कूली छात्रों की ऑनलाइन कक्षाओं के लिए 15 जून को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को तर्कहीन कहते हुए चुनौती दी थी। नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति एसबी शुकरे और न्यायमूर्ति एसएम मोदक की पीठ ने इमरान शेख की तरफ से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद कहा कि- ''यदि मानक संचालन प्रक्रिया ई-लर्निंग को प्रोत्साहित करती है और उसके बावजूद भी भारत का...
आपराधिक कानून में सुधारों के लिए बनी राष्ट्रीय स्तर की समिति की रचना, समय सीमा और कार्यप्रणाली पर महिला वकीलों ने जताई गंभीर चिंता, लिखा पत्र
आपराधिक कानून में सुधारों के लिए बनी राष्ट्रीय स्तर की समिति में एक भी महिला न होने और, अल्पसंख्यकों और अन्य हाशिए के समुदायों को शामिल नहीं करने पर अपनी "चिंता" और " नाराज़गी" व्यक्त करते हुए कि देश भर की महिला वकीलों ने समिति को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है, "यह आवश्यक है कि समिति में प्रख्यात महिलाओं, दलित, आदिवासी और विभिन्न धार्मिक अल्पसंख्यकों, एलजीबीटी, दिव्यांग क्रिमिनल लॉयरों, भारत के विभिन्न हिस्सों के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को शामिल करने के लिए समिति का विस्तार किया जाए।" ...
अधिवक्ता कल्याण ट्रस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट मेंं कहा, अधिवक्ताओंं को COVID19 के इलाज पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति मिलेगी
अधिवक्ता कल्याण ट्रस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि जो अधिवक्ता ट्रस्ट के सदस्य हैं, उन्हें COVID19 के इलाज पर होने वाले चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति (Reimburse) मिलेगी। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की डिवीजन बेंच के समक्ष उक्त जानकारी वैभव शर्मा द्वारा COVID19 से पीड़ित अधिवक्ताओं के लिए वित्तीय सहायता की मांग करने वाली जनहित याचिका पर दी गई। ट्रस्ट ने अदालत को यह भी आश्वासन दिया है कि वह अपने कोष का उपयोग पूर्व राहत देने के लिए भी करेगा। ...
आवेदक के माता-पिता का असंतोषजनक क्रेडिट स्कोर एजुकेशन लोन देने से इनकार करने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि एजुकेशन लोन (शैक्षिक ऋण) सिर्फ इस आधार पर देने से मना नहीं किया जा सकता कि आवेदक के अभिभावक का क्रेडिट स्कोर (ऋणांक) असंतोषजनक है। न्यायमूर्ति अनु शिवरमन ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के बाद आवेदक की लोन चुकाने की क्षमता एकमात्र निर्णायक कारक हो सकता है। प्रणव फ़ूड टेक्नॉलजी में प्रथम वर्ष बीटेक का छात्र है और उसने एसबीआई से शिक्षा ऋण के लिए आवेदन किया था ताकि वह तमिलनाडु के इंजीनियरिंग कॉलेज में अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। उसका आवेदन इस आधार पर ख़ारिज कर दिया गया...
''पुलिस परिस्थिति को ठीक से संंभालने मेंं विफल रही''- घर भेजने में हुई देरी के कारण उपद्रव करने के मामले में गिरफ्तार प्रवासी श्रमिकों को गुजरात हाईकोर्ट ने दी जमानत
गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन 25 प्रवासी श्रमिकों को जमानत दे दी है, जिनको राजकोट में 17 मई को पुलिस कर्मियों के साथ हुई झड़प के बाद कथित तौर पर हत्या और डकैती के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। प्रवासी श्रमिकों को उनके मूल राज्यों में वापिस भेजने में हुई देरी के चलते यह उपद्रव हुआ था।न्यायमूर्ति गीता गोपी की पीठ ने इस बात की सराहना की है कि इस मामले में दायर शिकायत में लगाए गए आरोपों से पता चलता है कि ''प्रवासी मजदूरों की भावनाएं मौजूदा स्थिति के कारण हर समय उच्च स्तर पर थी'' और ''वे अपने...
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में बहुसंख्यकवादी भावना के आगे घुटने टेक दिए, संविधान की रक्षा करने में विफल रहाः सीनियर एडवोकेट दिनेश दिवेदी
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट दिनेश द्विवेदी ने कहा है कि अयोध्या मामले में बहुसंख्यकवाद विरोधी भावना की रक्षा करने में सुप्रीम कोर्ट विफल रहा। लाइवलॉ की ओर से आयोजित एक वेबिनार में, जिसका विषय था, "न्यायालय और संवैधानिक मूल्य" बोलते हुए दिनेश द्विवेदी ने कहा, "आम तौर पर, सुप्रीम कोर्ट ने संविधान और बहुसंख्यकवाद विरोधी भावना की रक्षा की है। मेरा स्पष्ट विचार है कि एकमात्र समय जब सुप्रीम कोर्ट बहुंसख्यकवाद विरोधी भावना की रक्षा करने में विफल रहा, वह तब था, जब सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद...
नागरिकों को यह जानने का अधिकार कि वस्तुओं का उत्पादन कहां हुआ है': ई-कॉमर्स के माध्यम से बेची जाने वाली वस्तुएं कहां से आई हैं यह बताने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में याचिका
गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें मांग की गई है कि वेब पोर्टल/ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म के माध्यम से बेचे जाने वाली सभी वस्तुओं का निर्माण कहां हुआ है इस बारे में जानने के उपभोक्ताओं के अधिकारों को लागू किया जाए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला ने याचिका पर भारत सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालाय और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को नोटिस जारी कर इसका जवाब 29 जुलाई तक देने को कहा है। यह याचिका वक़ील यतिन सोनी ने दायर की है और अदालत से उन वस्तुओं की...
अगर पीड़ित बच्चा एससी/एसटी से है तो POCSO विशेष अदालत एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामले की सुनवाई कर सकती है : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि जिस बच्चे के ख़िलाफ़ अपराध हुआ है,यदि वह अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का है तो प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 (POCSO) कोर्ट के अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत इस मामले की सुनवाई का अधिकार समाप्त नहीं होते। न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने पुणे के 21 साल के एक युवक की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह कहा। इस युवक पर एक नाबालिग के साथ बलात्कार का आरोप है। नवंबर 2019 में इस घटना के बाद लड़की की मां ने इस मामले...
सीएए विरोधी प्रदर्शन के आरोपी पर पुलिस ने लगाया है डकैती का चार्ज, गुजरात हाईकोर्ट ने हटाने से किया इनकार
गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने के आरोप में गिरफ्तार सतीश प्रवीणभाई वंसोला के खिलाफ डकैती के आपराधिक आरोप को हटाने से इनकार कर दिया। उन्हें पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस उपाधीक्षक के अनुरोध के बाद वंसोला के खिलाफ प्राथमिकी में डकैती का आरोप जोड़ा गया था। वंसोला पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक राज्य परिवहन बस की चाबी जबरन ले ली थी। कर्ट ने कहा, "रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि राज्य परिवहन बस की चाबियों की चोरी के दौरान, याचिकाकर्ता ने...
क्या शादी करने का वादा तोड़ना बलात्कार है? सवाल यह है कि आरोपी क्या वास्तव में पीड़िता से शादी करना चाहता था या उसने अपनी हवस पूरी करने के लिए झूठा वादा किया? : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 376 (2)(n) और 506 के तहत आरोपी व्यक्ति की गिरफ़्तारी से पहले ज़मानत की अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करने के हर वादे को तोड़ना बलात्कार नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन ने अपने फ़ैसले में कहा, "इस तरह के मामले में जिस प्रश्न पर ग़ौर किया जाना है वह यह कि आरोपी क्या वास्तव में पीडिता से शादी करना चाहता था, उसकी मंशा गलत थी और उसने अपनी हवस पूरी करने के लिए झूठा वादा किया था।" अदालत ने कहा, "अगर साक्ष्य प्रथम दृष्टया इस बात की...
संवैधानिक मूल्य और बहुमत की राय एक ही नहीं हैंः जस्टिस कुरियन जोसेफ
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ ने, लाइवलॉ की ओर से आयोजित वेबिनार, जिसका विषय था, "न्यायालय और संवैधानिक मूल्य", में कहा है कि, "न्यायाधीशों को संविधान की रक्षा के लिए नियुक्त किया गया है, अन्य किसी कार्य के लिए नहीं। हम कभी-कभी विफल हो जाते हैं क्योंकि हम संवैधानिक स्तर पर वस्तुनिष्ठ के बजाय व्यक्तिनिष्ठ स्तर पर संवैधानिक हो जाते हैं।" वेबिनार में जस्टिस कुरियन जोसेफ के अलावा, सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी अरोड़ा और दिनेश द्विवेदी भी मौजूद थे। संचालन...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाई, कहा, यह अनुच्छेद 21A के खिलाफ
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार का ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रतिबंध लगाने का आदेश प्रथम दृष्टया संविधान के अनुच्छेद 21 और 21A के तहत दिए गए जीवन और शिक्षा मौलिक अधिकारों का अतिक्रमण है। चीफ जस्टिस अभय श्रीनाथदास ओका और जस्टिस नटराज रंगास्वामी की खंडपीठ ने टिप्पणी की, "प्रथम दृष्टया हम मानते हैं कि 15 जून और 27 जून के दोनों आदेश, संविधान के अनुच्छेद 21 और 21 ए के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का अतिक्रमण करते हैं।" कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 162 के तहत सरकार द्वारा पारित...
तमिलनाडु में 11 विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट ने DMK की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने DMK नेता आर सक्करापानी द्वारा दायर याचिका में नोटिस जारी किया है, जिसमें तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे 2017 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी के खिलाफ मतदान करने वाले 11 विधायकों की अयोग्यता याचिका पर तुरंत फैसला करें। याचिका पर भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने नोटिस जारी किया। हालांकि, उन्होंने दलीलें सुनने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल...
दिल्ली कोर्ट ने तबलीगी जमात घटना से संबंधित 122 मलेशियाई नागरिकों को दी जमानत, प्ली बार्गेनिंग के अनुरोध पर सुनवाई के लिए तैयार
साकेत कोर्ट स्थित मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने तब्लीगी जमात घटना से संबंधित 122 मलेशियाई नागरिकों को जमानत दे दी है। इन सभी पर वीजा की शर्तों और सरकार द्वारा COVID19 के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए लगाए गए नियमों का का उल्लंघन करने करने का आरोप है।सीएमएम गुरमोहिना कौर ने सभी मलेशियाई नागरिकों को जमानत देते हुए कहा है कि प्रत्येक को 10,000 रुपए का निजी मुचलका भरना होगा। साथ ही उनके प्ली बार्गेनिंग या अपराध स्वीकार करने के अनुरोध को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ मलिक के पास भेज दिया है...



















