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व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ओसीआई कार्डधारकों को भारतीय नागरिक में रूप में माना जाना चाहिए: कर्नाटक उच्च न्यायालय
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने माना है कि व्यावसायिक शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के उद्देश्य से ओसीआई कार्डधारकों को भारतीय नागरिक माना जाना चाहिए।जस्टिस बीवी नागरत्न और एनएस संजय गौड़ा की खंडपीठ ने कर्नाटक प्रोफेशनल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (रेगुलेशन ऑफ एडमिशन एंड डिटर्मिनेशन ऑफ फी) एक्ट, 2006 की धारा 2 (1) (एन) को रद्द कर दिया और "अप्रवासी भारतीय" की परिभाषा के भीतर 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' और 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्डहोल्डर्स' को भी शामिल किया।पीठ ने कहा, प्रोफेशनल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन रूल्स...
दिल्ली दंगा: क्योंकि वह ताहिर हुसैन का भाई है, इसलिए उसे अनंत काल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता: दिल्ली कोर्ट ने शाह आलम को जमानत दी
दिल्ली दंगोंं से जुड़े एक मामले में गवाह की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट (दिल्ली) ने बुधवार (09 दिसंबर) को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद और एनई दिल्ली दंगा मामले में मुख्य अभियुक्त ताहिर हुसैन के छोटे भाई शाह आलम को दंगों से संबंधित मामलों में से एक में जमानत दे दी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने शाह आलम की जमानत याचिका का निपटारा करते हुए बीट कांस्टेबलों से सवाल किया कि उन्होंंने 06.03.2020 तक इंतजार क्यों किया जब उनके बयान सीआरपीसी की धारा 161 के तहत आईओ द्वारा दर्ज किए...
COVID-19: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में स्कूलों के दोबारा खोलने पर चिंता व्यक्त की; पूछा- किस तारीख तक आम जनता के लिए उपलब्ध होगा टीका
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को महामारी के बीच उत्तर प्रदेश राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने पर चिंता व्यक्त की। इस मामले में यह देखा गया कि स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का ठीक से पालन न करने पर शिक्षकों और / या छात्रों के संक्रमित होने का खतरा रहता है।न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ राज्य में COVID-19 से संबंधित मुद्दों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान यह नोट किया गया कि यह चिंता का विषय है कि क्या शिक्षक और छात्र COVID-19 दिशानिर्देशों का पालन...
गाय वीडियो विवाद- बतायें, 'अमूल' गायों के प्रति क्रूर कैसे हो रहा है: दिल्ली हाईकोर्ट ने अमूल की याचिका पर वीडियो अपलोड करने वाले से पूछा
बेंच ने कोई भी अंतरिम आदेश जारी करने से परहेज किया और वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति को जवाब देने का एक मौका दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने 'अमूल' ट्रेडमार्क के तहत दूध एवं अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स बेचने वाले गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) लिमिटेड की ओर से दायर मामले में नितिन जैन नामक व्यक्ति से यह बताने को कहा है कि अमूल या इस सोसाइटी के सदस्य किस प्रकार गायों के साथ क्रूरता में शामिल हैं, जैसा कि उसने अपने अपलोडेड वीडियो में जिक्र किया है।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की बेंच ने...
'हम कभी भी ऐसी याचिका की सुनवाई नहीं करेंगे जो हमें 100 साल पीछे ले जाए', कर्नाटक हाईकोर्ट ने गैर-हिंदुओं को HRICE Act के तहत कार्यालयों में काम करने से रोकने की याचिका खारिज की
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार को उन रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें मांग की गई थी कि गैर-हिंदुओं को कर्नाटक हिंदू रिलीजियस इंस्टीट्यूशंस एंड चैरिटेबल एंडाउमेंट्स एक्ट (HRICE Act) के तहत आयुक्त कार्यालय में काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।चीफ जस्टिस अभय एस ओका की अध्यक्षता में पीठ ने कहा, "हिंदू धर्म कभी भी इतना संकीर्ण नहीं रहा। हिंदू धर्म में ऐसे लोगों को शामिल नहीं किया गया है, जो इतने संकीर्ण विचारों वाले हैं।"याचिकाओं में HRICE Act की धारा 7 को सख्ती से लागू करने की मांग की गई...
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने और सिविल न्यायालयों में जाने के अधिकार को बहाल करने की मांग की
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने एक बयान जारी कर केंद्र सरकार से विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने और अदालतों से न्याय पाने के लिए किसानों के अधिकारों को बहाल करने का आग्रह किया है। चूंकि अधिनियमों को जल्दबाजी में पारित किया गया था, इसलिए काउंसिल ने मांग की है कि इन अधिनियमों में देश के किसानों के परामर्श और सलाह करने के बाद संशोधन करने की आवश्यकता है, ताकि एक समुदाय के रूप में उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कांउसिल ने कहा कि,''देश भर में कानूनी बिरादरी को लगता है कि सरकार को कृषि...
DNA रिपोर्ट में देरी के चलते POCSO के अंतर्गत चल रहे मामले की कार्यवाही को लटकाया नहीं जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते सुनाये एक आदेश में यह साफ़ किया है कि POCSO कोर्ट का यह कर्तव्य है कि वह जल्द से जल्द बच्चे का बयान दर्ज करे और डीएनए रिपोर्ट मिलने में देरी के चलते मामले की कार्यवाही में देरी नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति पंकज भंडारी की पीठ ने यह आदेश उस मामले में सुनाया जहाँ अपीलार्थी-अभियुक्त के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 एवं 342, POCSO की धारा 3/4 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(w), 3(2)(va) के अंतर्गत मामला विचाराधीन है।दरअसल अपीलार्थी ने विशेष न्यायाधीश, POCSO अधिनियम द्वारा...
महिला वकील का अदालत पर अन्याय करने का आरोप: मद्रास हाइकोर्ट ने अपने आदेश पर रोक लगाई, वकील को बहस के लिए एक और अवसर दिया
अपने प्रकार के प्रथम मामले में, मद्रास उच्च न्यायालय (मदुरै बेंच) ने शुक्रवार (11 दिसंबर) को एक अहस्ताक्षरित निर्णय पर रोक लगा दी और प्रतिवादी के लिए उपस्थित वकील को मामले में अपनी दलील देने के लिए एक और अवसर दे दिया। न्यायमूर्ति एन. किरुबाकरन और न्यायमूर्ति बी. पुगलेंधी की खंडपीठ ने यह आदेश, प्रतिवादी के लिए पेश वकील द्वारा अदालत के खिलाफ अन्याय के आरोप लगाने के पश्च्यात दिया।दरअसल, अदालत के निर्णय के ऐलान के पश्च्यात, यह जानने के बाद कि मामला उसके मुवक्किल के खिलाफ चला गया था, प्रतिवादी के...
हरियाणा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
12 दिसंबर, 2020 को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वावधान में हरियाणा राज्य भर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। हरियाणा के 22 जिला एवं 33 उपमंडलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया और "सिविल , क्रिमिनल , वैवाहिक, बैंक रिकवरी आदि" से संबंधित मामलों का निपटारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित करने का उद्देश्य वादकारियों को अपने विवादों को पूर्व-वादक स्तर पर निपटाने के लिए एक मंच की सुविधा प्रदान करना है। 2020 में पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन फरवरी, 2020...
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद, पीड़िता ने अपीलकर्ता पर दोष मढ़ने की कोशिश कीः उड़ीसा हाईकोर्ट ने 30 साल बाद (बलात्कार के प्रयास) आरोपी को बरी किया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने शुक्रवार (11 दिसंबर) को 30 साल पहले दायर एक आपराधिक अपील को स्वीकार कर लिया और भारतीय दंड संहिता के धारा 376/511 और 354 के तहत लगाए गए आरोपों से अपीलकर्ता को बरी कर दिया। न्यायमूर्ति एस के साहू की खंडपीठ अपीलार्थी शत्रुघ्न नाग द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसने 1989 के सत्र केस नंबर 6/22 में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, टीटीलागढ़ की अदालत में मुकदमे का सामना किया था। पृष्ठभूमि प्राथमिकी के अनुसार, 03 अक्टूबर 1989 को रात को लगभग 9.30 बजे कथित पीड़िता अपने घर के एक कमरे...
कोर्ट ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को प्रस्तावित वैक्सीन के लिए 'COVISHIELD' नाम के प्रयोग करने के खिलाफ नोटिस जारी किया
महाराष्ट्र की एक सिविल कोर्ट ने एक मामले में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) को नोटिस जारी किया है, जिसमें मांग की गई है कि दवा कंपनी को कोरोनावायरस के लिए प्रस्तावित अपनी वैक्सीन के लिए ट्रेडमार्क "COVISHIELD" या "COVID-SHIELD" या ऐसी ही मिलते-जुलते या समान नाम का इस्तेमाल करने से रोका जाए।नांदेड़ की एक दवा कंपनी "क्युटिस बायोटेक" ने यह मुकदमा दायर किया, जिसने दावा किया है कि वह "COVI SHIELD" ट्रेडमार्क का "वैध और पूर्व उपयोगकर्ता" है। वादी का दावा है कि उसने 29 अप्रैल, 2020 को "COVI...
सार्वजनिक कार्यों का निर्वहन करता है बार एसोसिएशन; अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका सुनवाई योग्यः कर्नाटक उच्च न्यायालय
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि अनुच्छेद 226 के तहत एक बार एसोसिएशन के खिलाफ रिट याचिका सुनवाई योग्य है। जस्टिस जी नरेंदर और जस्टिस एमआई अरुण की खंडपीठ ने, बेलगावी बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चंद्रकांत मजागी की अपील पर दिए फैसला में कहा कि तीसरे प्रतिवादी, बार एसोसिएशन( सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत एक सोसायटी) के खिलाफ रिट याचिका सुनवाई योग्य है।याचिकाकर्ता ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में चौथे प्रतिवादी, दिनेश एम पाटिल की नियुक्ति के खिलाफ याचिका दायर की थी। हालांकि सिंगल जज की...
केंद्र सरकार से सभी राज्यों की भाषाओं का सम्मान करने और स्थानीय भाषा में नोटिफिकेशन जारी करने की उम्मीद : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा कि केवल हिंदी और अंग्रेज़ी भाषाओं में अधिसूचना जारी करना पर्याप्त नहीं होगा बल्कि इन्हें स्थानीय भाषाओं में भी जारी किया जाना चाहिए। मद्रास उच्च न्यायालय ने हाल ही में टिप्पणी की कि केंद्र सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि वह सभी राज्यों की भाषाओं का सम्मान करे और प्रक्रियाओं का अनुपालन करे।न्यायमूर्ति एन किरुबाकरन और न्यायमूर्ति बी पुगलेंधी की पीठ केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना (दिनांक 22.09.2020) को चुनौती देने वाली रिट...
जोधपुर में पर्यावरण और यातायात प्रबंधन: राजस्थान हाईकोर्ट ने सार्वजनिक फुटपाथ पर 50 वर्ष पुराने मंदिर का पुनर्निर्माण करने पर रोक लगाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को जोधपुर नगर निगम को सार्वजनिक फुटपाथ और सार्वजनिक रास्ते आदि पर अतिक्रमण न रोक पाने की उसकी विफलता के लिए फटकाई लगाई।न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा और न्यायमूर्ति रामेश्वर व्यास की खंडपीठ ने यह देखते हुए कि एक नया मंदिर सार्वजनिक फुटपाथ बनाया जा रहा है, संबंधित प्राधिकरण के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने से इसलिए खुद को रोक लिया, क्योंकि यह आश्वासन दिया गया था कि इस तरह के निर्माण को जल्द ही रोक दिया जाएगा और इसे दो सप्ताह के भीतर हटा दिया जाएगा।न्यायालय एक रवि लोढ़ा...
भले ही बच्चा सरकारी नौकरी ज्वॉइन करने के पहले पैदा हुआ हो, कर्मचारी मातृत्व अवकाश की हकदार : राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर खंडपीठ) ने सोमवार (07 दिसंबर) को कहा है कि याचिकाकर्ता (एक महिला सरकारी कर्मचारी) मातृत्व अवकाश लेने की हकदार है, भले ही उसने सरकारी नौकरी ज्वॉइन करने से पहले बच्चे को जन्म दिया हो।न्यायमूर्ति दिनेश मेहता की खंडपीठ ने विशेष रूप से कहा कि, ''एक महिला सरकारी कर्मचारी मातृत्व अवकाश का लाभ पाने की हकदार है, अगर वह प्रसव की अवधि में नौकरी ज्वॉइन कर लेती है यानी बच्चे को जन्म देने से 15 दिन पहले या बच्चे के जन्म के तीन महीने बाद तक, इस तथ्य से कोई फर्क नहीं...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिए स्पष्ट नीति के लिए कहा ; सीएसआर और एनजीओ फंड के दोहन का सुझाव दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को नगर निगम कोलकाता से शहर में शौचालयों के निर्माण के लिए एक स्पष्ट नीति बनाने के लिए कहा, "इस देश के सभी महानगरों और कस्बों में पर्याप्त सार्वजनिक शौचालयों की कमी है और अधिकांश में स्वच्छता नहीं है।जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने कहा कि कोलकाता जैसे बड़े महानगर शहरों में जहां बाहरी लोगों और फुटपाथ पर रहने वालों की आबादी बढ़ रही है, वहां अब उपलब्ध कई और शौचालय होने चाहिए। पीठ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "यहां तक कि जिन बस्तियों और अन्य...
"सीबीआई के लिए अग्नि परीक्षा": मद्रास हाईकोर्ट का क्राइम ब्रांंच को निर्देश , सीबीआई की कस्टडी से गायब 100 किलो सोने के बारे में जाँच करे
मद्रास हाईकोर्ट ने अपराध शाखा को सीबीआई की हिरासत से 100 किलोग्राम सोने के गायब होने के बारे में जांच करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति पीएन प्रकाश ने इस संबंध में सीबीआई के अनुरोध को खारिज कर दिया, जिसमें सीबीआई ने पड़ोसी राज्य या राष्ट्रीय जांच एजेंसी से इस मामले की जांच कराने का अनुरोध किया था।सुराणा कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लिए लिक्विडेटर के अनुसार, सीबीआई ने 400.47 किलोग्राम सोना जब्त किया था। गोल्ड एंड सिल्वर का आयात करने वाले सुराणा पर एमएमटीसी ने अनुचित आरोप लगाते हुए आरोपों पर मिनरल्स...
उत्तर प्रदेश सरकार के 'लव जिहाद के नाम पर धर्मांतरण' विरोधी अध्यादेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका
कथित 'लव जिहाद 'के बहाने धर्मांतरण के खिलाफ पारित उत्तर प्रदेश सरकार के विवादास्पद अध्यादेश की संवैधानिक वैधता को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। एडवोकेट सौरभ कुमार ने अपनी रिट याचिका में कहा है कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020, दोनों नैतिकता और संवैधान के खिलाफ है। उन्होंने न्यायालय से आग्रह किया है कि इस कानून को असंवैधानिक घोषित किया जाए और अंतरिम रूप से, अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे इस कानून के तहत कोई कड़ी कार्रवाई न करें।उत्तर...
दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग खुद को वकील बताते हैं और भूमि हड़पने के लिए काम ''भाड़े के गुंडों'' की तरह करते हैं : मद्रास हाईकोर्ट
इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि पुलिस बल के साथ-साथ प्रशासन में शामिल कुछ ब्लैक शिप साथ मिलकर कई राजनीतिक दल और सांप्रदायिक संगठन भूमि कब्जाने का काम कर रहे हैं, मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग वकील होने का दावा करते हैं और काले व सफेद कपड़े भी पहनते हैं, परंतु असल में वह जमीन हड़पने वालों से मिलीभगत करके संपत्ति हड़पने के लिए ''भाड़े के गुंडों '' की तरह काम करते हैं।'' न्यायमूर्ति एन किरुबाकरन और न्यायमूर्ति बी पुगलेंधी की खंडपीठ ने आगे कहा कि, ...















