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Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
नाम बदलना भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 व अनुच्छेद 21 के तहत अभिव्यक्ति के अधिकार का एक हिस्सा : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में माना है कि नाम बदलना (चेंज आॅफ नेम) भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत गारंटीकृत अभिव्यक्ति है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने कहा कि, ''व्यक्तिगत 'नाम' भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) रिड विद अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत अभिव्यक्ति के अधिकार का एक पहलू है। अनुच्छेद 19 (1) के तहत मिली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अपने प्रभाव क्षेत्र में अभिव्यक्ति के सभी प्रकार को शामिल करती है और वर्तमान दुनिया में नाम स्पष्ट रूप से एक मजबूत अभिव्यक्ति...

हाथरस मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 जनवरी को पार्टियों को सम्बंधित ऑडियो-विडियो सामग्री देखने का प्रस्ताव दिया
हाथरस मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 जनवरी को पार्टियों को सम्बंधित ऑडियो-विडियो सामग्री देखने का प्रस्ताव दिया

हाथरस बलात्कार और हत्या मामले में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार (16 दिसंबर) को विभिन्न पक्षों के वकीलों, तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट और एसपी, हाथरस और पीड़ित परिवार के एक या दो सदस्य के समक्ष, रिकॉर्ड पर उपलब्ध ऑडियो-विजुअल सामग्री को देखने का प्रस्ताव रखा। न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने पार्टियों के वकील की सहमति से 16 जनवरी 2021 को रिकॉर्ड पर उपलब्ध ऑडियो और विजुअल सामग्री को देखने की तारीख तय की।ऑडियो-वीडियो सामग्री देखने के लिए लखनऊ में नए उच्च न्यायालय भवन...

भ्रूण में गंभीर असामान्यता के कारण दंपति ने 35 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की मांग की, केरल उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज की
भ्रूण में गंभीर असामान्यता के कारण दंपति ने 35 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की मांग की, केरल उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज की

केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार (16 दिसंबर) को एक विवाहित दंपत्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने 35 सप्ताह की गर्भकालीन आयु की गर्भावस्था की चिकित्सा समाप्ति की अनुमति मांगी थी।यह देखते हुए कि "जिस चरण में अनुमति दी जा सकती है वह सीमाएं पार हो चुकी हैं", न्यायमूर्ति पीवी आशा की पीठ ने मेडिकल बोर्ड की राय के आधार पर आदेश पारित किया कि हर संभावना है कि बच्चा जीवित पैदा होगा।" याचिकाकर्ताओं की दलीलभ्रूण में गंभीर असामान्यताओं की ओर इशारा करते हुए, याचिकाकर्ताओं (पति और...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
"यह राज्य को निगरानी की बेलगाम शक्ति देता है और जीवनसाथी चुनने के वयस्कों के पंसद के अधिकार में हस्तक्षेप करता है": लव जिहाद कानून के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दो और जनहित याचिकाएं

इस साल नवंबर में यूपी सरकार द्वारा 'लव जिहाद' के नाम पर धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए पारित विवादास्पद अध्यादेश के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं।इससे पहले अधिवक्ता सौरभ कुमार ने भी एक याचिका दायर की थी, जिसमें उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी। तीनों यचिकाओं को सुनवाई के लिए कल मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किए जाने की संभावना है।दो...

Telangana High Court Directs Police Commissioner To Permit Farmers Rally In Hyderabad On Republic Day
किसान प्रदर्शन : हम कानून के खिलाफ विरोध करने के मौलिक अधिकार को मान्यता देते हैं; लेकिन यह दूसरों के अधिकारों को प्रभावित नहीं कर सकता, सीजेआई बोबड़े ने कहा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस जनहित याचिका पर कोई भी मूलभूत दिशा-निर्देश पारित करने से अपने आप को रोक लिया,जो किसानों के विरोध प्रदर्शन को हटाने की मांग करते हुए दायर की गई थी क्योंकि मामले में प्रतिवादियों के रूप में जोड़ी गई किसान यूनियनों की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ था। भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाल ही में पारित कृषि कानूनों को लेकर चल रहे विवाद का हल निकालने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समिति गठित...

मीडिया में मामले का चुनिंदा खुलासा अभियुक्तों और पीड़ितों के अधिकारों को प्रभावित करता हैः सुप्रीम कोर्ट
मीडिया में मामले का चुनिंदा खुलासा अभियुक्तों और पीड़ितों के अधिकारों को प्रभावित करता हैः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अपराध की जांच के दरमियान मीडिया में मामले का चुनिंदा खुलासा अभियुक्तों और पीड़ितों के अधिकारों को प्रभावित करता है।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने दहेज हत्या मामले में एक मृत महिला के ससुराल वालों को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करते हुए उक्त टिप्पणी की। कोर्ट ने मामले की आगे की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो को भी निर्देश दिया है।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मृतक महिला के ससुर, देवर और भाभी को अग्रिम जमानत दे दी थी। ये सभी दहेज हत्या के मामले में आरोपी...

गुजरात बार काउंसिल में नामांकन के लिए लॉ ग्रेजुएटस  का आवेदन एक साल से अधिक समय से लंबित: हाईकोर्ट  ने नोटिस जारी किया
गुजरात बार काउंसिल में नामांकन के लिए लॉ ग्रेजुएटस का आवेदन एक साल से अधिक समय से लंबित: हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक लॉ स्टूडेंट की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसका बार काउंसिल ऑफ गुजरात मेंं आवेदन एक साल से अधिक समय से लंबित रखा गया है, जिससे वह अखिल भारतीय बार परीक्षा में बैठने के अवसर से वंचित है । जस्टिस एसएच वोरा की सिंगल बेंच ने 21 दिसंबर 2020 को रिटर्नेबल बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ गुजरात को नोटिस जारी किया है।यह याचिका एक शिवी रवि अग्रवाल ने दायर की है, जिसमें कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा 28.01.2017 को पारित प्रस्ताव के अनुसार, स्टेट बार...

तब्लीगी जमातः संभव है कि उन्हें अलग-अलग जगहों से उठाया गया हो और दुर्भावना से मुकदमे चलाए गए हों: दिल्ली कोर्ट ने 36 विदेशियों को बरी किया
तब्लीगी जमातः संभव है कि उन्हें अलग-अलग जगहों से उठाया गया हो और 'दुर्भावना से' मुकदमे चलाए गए हों: दिल्ली कोर्ट ने 36 विदेशियों को बरी किया

साकेत कोर्ट (दिल्ली) ने यह देखते हुए कि आररोपियों की याचिका "उचित रूप से संभावित" कि उनमें से कोई भी प्रासंगिक अवधि में मर्कज में मौजूद नहीं था और उन्हें विभिन्न स्थानों से उठाया गया ताकि उन पर दुर्भावना से मुकदमा चलाया जा सके, 36 विदेशी नागरिकों को बरी कर दिया। उन पर आरोप था कि इस साल मार्च में उन्होंने निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के एक कार्यक्रम में भाग लिया था, जिसमें COVID 19 दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया था, जिसके तहत वो मुकदमे को सामना कर रहे थे।मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट, अरुण...

सार्वजनिक संस्थानों को सुशासन के हिस्से के रूप में अपने आदेश ऑनलाइन उपलब्ध कराने चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
सार्वजनिक संस्थानों को सुशासन के हिस्से के रूप में अपने आदेश ऑनलाइन उपलब्ध कराने चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सभी संस्थानों, विशेष रूप से जनता को सेवाएं प्रदान करने वाले संस्थानों को अपने सभी आदेशों, नोटिसों और अन्य दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए एक मंच बनाना चाहिए।यह आदेश न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की एकल पीठ ने ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) द्वारा पारित आदेश की गैर-आपूर्ति से व्यथित एम / एस सिविकॉन इंजीनियरिंग कॉन्ट्रैक्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक रिट याचिका में नियोक्ता द्वारा योगदान के भुगतान में डिफ़ॉल्ट पारित किया।याचिकाकर्ता...

अन्वय नाइक सुसाइड मामले में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दायर चार्जशीट पर मजिस्ट्रेट ने संज्ञान लिया
अन्वय नाइक सुसाइड मामले में अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दायर चार्जशीट पर मजिस्ट्रेट ने संज्ञान लिया

बुधवार को अलीबाग स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट ने वर्ष 2018 के अन्वय नाइक केस में रायगढ़ पुलिस द्वारा रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दायर आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया है। गोस्वामी के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता अबद पोंडा ने इस तथ्य के बारे में स्वंय बॉम्बे हाई कोर्ट को सूचित किया। गोस्वामी की तरफ से एक याचिका दायर कर मांग की गई थी कि मजिस्ट्रेट को इस मामले में सज्ञंान लेने से रोक दिया जाए। इसी याचिका पर न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति मुरलीधर को उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लिए जस्टिस हिमा कोहली के नाम की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति मुरलीधर को उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लिए जस्टिस हिमा कोहली के नाम की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बुधवार को उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति मुरलीधर को नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही कॉलेजियम ने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस हिमा कोहली को नियुक्त करने की सिफारिश की।सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस मुरलीधर को उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है। साथ ही कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति हिमा कोहली को...

याचिकाकर्ता ने गोपनीय इरादों से अदालत की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपना आपराधिक इतिहास छुपाया: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया
'याचिकाकर्ता ने गोपनीय इरादों से अदालत की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपना आपराधिक इतिहास छुपाया': इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक याचिकाकर्ता पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जिसने रिट याचिका में गलत बयान दिया था कि केवल मात्र एक मामले के आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की खंडपीठ एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्रार्थना की गई थी कि जिला मजिस्ट्रेट, मऊ के आदेशों (याचिकाकर्ता की संपत्ति की कुर्की के आदेश) को रद्द कर दिया जाए।दलीलयाचिकाकर्ता की दलील थी कि दिनांक 21.10.2020 के आधार पर, जिला मजिस्ट्रेट, मऊ ने यूपी...

इस्तेमाल न हो सकी कोर्ट फीस कोर्ट आदेश के बिना रिफंड की जाएगी : दिल्ली हाईकोर्ट
इस्तेमाल न हो सकी कोर्ट फीस कोर्ट आदेश के बिना रिफंड की जाएगी : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि यदि कोर्ट फीस का इस्तेमाल नहीं किया गया है तो सरकार उसे वापस करने के लिए बाध्य है और इसके लिए कोर्ट आदेश की प्रति जमा कराने पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट का मानना है कि कोर्ट फीस के भुगतान के लिए स्टांप स्वीकृत माध्यम है और यह प्रक्रिया तभी पूरी होती है जब दस्तावेज फाइल हो जाते हैं। महज स्टांप खरीद लेने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भुगतान प्रक्रिया पूरी हो गई।कोर्ट ने यह भी व्यवस्था दी कि फीस रिफंड के लिए कोर्ट आदेश को जमा करने की पूर्व शर्त...

हिन्दुत्व का अपमान कोई धार्मिक अपमान नहीं कि आईपीसी की धारा 295-ए लग सके : अभिनव चंद्रचूड़ ने FIR निरस्त करने की मांग करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष दलील दी
'हिन्दुत्व' का अपमान कोई धार्मिक अपमान नहीं कि आईपीसी की धारा 295-ए लग सके' : अभिनव चंद्रचूड़ ने FIR निरस्त करने की मांग करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष दलील दी

'हिन्दुत्व कोई धर्म नहीं और इसके अपमान को धर्म का अपमान नहीं कहा जा सकता,' यह दलील एडवोकेट डॉ. अभिनव चंद्रचूड़ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष उस वक्त दी, जब वह एफआईआर निरस्त करने संबंधी एक याचिका की सुनवाई के दौरान पेश हो रहे थे। उन्होंने दलील दी कि 'हिन्दुत्व' को एक दर्शन, जीवन पद्धति अथवा एक राजनीतिक दल की प्रचण्ड विचारधारा के रूप में देखा जा सकता है। डॉ. चंद्रचूड़ ने कहा कि जब कोई व्यक्ति 'हिन्दुत्व' का अपमान करता है या यहां तक कि शायद 'हिन्दुत्व' के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता है तो भी...

16 साल के लड़के की हिरासत में मौत का मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पीड़ित के पिता को 5 लाख रुपये मुआवजा दिया
16 साल के लड़के की हिरासत में मौत का मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पीड़ित के पिता को 5 लाख रुपये मुआवजा दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट (औरंगाबाद पीठ) ने हाल ही में उस 16 वर्षीय लड़के के पिता को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया है, जिसकी मार्च, 2016 में शिरडी पुलिस स्टेशन में हिरासत के दौरान मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति तानाजी वी नलवाडे और न्यायमूर्ति श्रीकांत डी कुलकर्णी की खंडपीठ ने निष्कर्ष निकाला कि यह शिरडी पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों के हाथों हिरासत में मौत का मामला था। कोर्ट के समक्ष मामला याचिकाकर्ता (मृतक लड़के के पिता) ने अपने बेटे किरण रोकडे की हिरासत में मौत होने के मामले में 10 लाख रुपये के मुआवजे की...

Allahabad High Court expunges adverse remarks against Judicial Officer
हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956, के तहत गोद लेने की प्रक्रिया में तलाक के बिना पति से अलग रही पत्नी की सहमति आवश्यकः इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि एक व्यक्ति, जो अपनी पत्नी से तलाक के बिना अलग रह रहा है, को हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत एक बच्चे को गोद लेने के लिए, अलग रह रही पत्नी की सहमति की आवश्यकता होती है।ज‌स्टिस जेजे मुनीर की खंडपीठ ने कहा, "पति से अलग रहने वाली एक पत्नी, तब भी एक पत्नी होती है, जब तक कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक बंधन में तलाक के आदेश या विवाह को शून्य घोष‌ित किए जाने से से समाप्त नहीं हो जाता है।"पृष्ठभूमिन्यायालय भानु प्रताप सिंह की रिट याचिका पर सुनवाई कर...

आपराधिक मामलों में सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करने में विफल रहने वाले अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करेंं: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया
आपराधिक मामलों में सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करने में विफल रहने वाले अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करेंं: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह डीजीपी, हरियाणा राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हर उस मामले में जहां सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने का दावा किया जाता है, ऐसे मामलों की प्रतियां और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 65 बी के तहत आवश्यक प्रमाण उपलब्ध करवाए जाएं।न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की खंडपीठ ने आगे निर्देश दिया,"ऐसा करने के लिए किसी भी चूक के मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 166-ए (कानून के तहत लोक सेवक निर्देशोंं की की अवज्ञा ) के तहत...

पीड़िता का बयान परस्पर विरोधी : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाॅक्सो के तहत दोषी करार दिए आरोपी को बरी किया
''पीड़िता का बयान परस्पर विरोधी'' : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाॅक्सो के तहत दोषी करार दिए आरोपी को बरी किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एक सात साल की नाबालिग बच्ची से बलात्कार करने के मामले में दोषी करार दिए गए 28 वर्षीय व्यक्ति को राहत देते हुए,उसकी सजा को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए बयान में कई परस्पर विरोधी बातें कही गई थी। इसलिए अदालत ने कहा कि सिर्फ पीड़िता की गवाही के आधार पर अपीलकर्ता को दोषी करार देना बहुत असुरक्षित होगा। न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की खंडपीठ 28 वर्षीय अली मोहम्मद शेख की तरफ से दायर एक आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही...

कांस्टेबल पद के लिए आवेदन करने के लिए ट्रांसजेंडर समुदाय को सक्षम करें: पटना हाईकोर्ट ने राज्य से एक संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने को कहा
कांस्टेबल पद के लिए आवेदन करने के लिए ट्रांसजेंडर समुदाय को सक्षम करें: पटना हाईकोर्ट ने राज्य से एक संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने को कहा

राज्य को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की याद दिलाते हुए पटना हाईकोर्ट ने सोमवार (14 दिसंबर) को बिहार राज्य से कहा कि वह ट्रांसजेंडर समुदाय को कांस्टेबल के पद के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाए। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने केंद्रीय चयन बोर्ड के कांस्टेबल द्वारा जारी किए गए विज्ञापन का उल्लेख करते हुए कहा,"विज्ञापन से यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 (इसके बाद अधिनियम के रूप में संदर्भित) के प्रावधानों के...