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भारत में विदेशी ड्रग कंपनियां इस तरह मुनाफा नहीं कमा सकतीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- स्थानीय दवाओं को विकल्प के रूप में बढ़ावा क्यों नहीं दिया गया
'भारत में विदेशी ड्रग कंपनियां इस तरह मुनाफा नहीं कमा सकतीं': बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- स्थानीय दवाओं को विकल्प के रूप में बढ़ावा क्यों नहीं दिया गया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने COVID-19 रोगियों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली आयातित दवाओं की जगह स्थानीय दवाओं को विकल्प के रूप में उपयोग के लिए बढ़ावा क्यों नहीं दिया।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की पीठ ने कहा कि,"विदेशी दवाओं को लोकप्रिय बनाने के कारण स्पष्ट हैं। लेकिन अगर हमारे पास विकल्प हैं तो स्थानीय दवाओं का उपयोग क्यों न करें। यह वहीं है। आपको हनुमान की भी आवश्यकता नहीं है। हिंदू महाकाव्य रामायण के मुताबिक कैसे एक स्थानीय...

दिल्ली में COVID-19 से पीड़ित सभी व्यक्तियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करे: दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया
"दिल्ली में COVID-19 से पीड़ित सभी व्यक्तियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करे": दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय राजधानी में COVID-19 से पीड़ित सभी रोगियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि वेंटिलेटर को अस्पताल में भर्ती होने, दवा या आईसीयू के संबंध में सुविधाओं की आवश्यकता वाले रोगियों को उसी के साथ प्रदान किया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने 52 साल के एक याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो खराब स्वास्थ्य स्थिति के कारण मरणासन्न अवस्था और उनसे अपनी याचिका में...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 30 जून तक बेदखल करने के विवादों और विध्वंस पर रोक लगाई, अंतरिम आदेशों का विस्तार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 30 जून तक बेदखल करने के विवादों और विध्वंस पर रोक लगाई, अंतरिम आदेशों का विस्तार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिना शर्त सभी अंतरिम आदेशों को 30 जून, 2021 तक या अगले आदेशों तक बढ़ा दिया, जब तक विशेष रूप से महामारी की दूसरी लहर के कारण न्यायिक आदेश से निपटा नहीं जाता। (पीआईएल नं. 1 ऑफ 2021 पर स्वतः संज्ञान।)यह विस्तार मुंबई में अपनी प्रिसिंपल सीट, बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर और औरंगाबाद और गोवा में बेंच और न्यायालयों / न्यायाधिकरणों के अधीन है। यह आदेश केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली, और दमन और दीव में अदालतों / अधिकरणों पर भी लागू रहेगा।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति...

दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना के तहत कस्टोडियल डेथ मामलों में मुआवजे का प्रावधान है: दिल्ली विधि सेवा प्राधिकरण ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
'दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना के तहत कस्टोडियल डेथ मामलों में मुआवजे का प्रावधान है': दिल्ली विधि सेवा प्राधिकरण ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य विधि सेवा प्राधिकरण (स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ) को न्यायिक हिरासत में हुई कथित आरोपी (चोर) की मौत के संबंध में उसकी पत्नी के द्वारा किए गए मुआवजे के आवेदन पर शीघ्रता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने देखा कि दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना, 2018 में कस्टोडियल डेथ के मामले में मुआवजे का प्रावधान है। इसको ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की एकल पीठ ने आदेश दिया कि," राज्य विधि सेवा प्राधिकरण को याचिकाकर्ता के आवेदन पर कार्रवाई करने की...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
COVID-19: जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने वकीलों के टीकाकरण, वित्तीय सहायता के ल‌िए निर्देश जारी किए

जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने यूटी एडमिनेस्ट्रेशन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि 45 वर्ष से अधिक आयु के वकीलों को COVID-19 प्रतिरोधी टीका एक सप्ताह के भीतर लगा दिया जाए।कोर्ट ने आदेश दिया है कि 18-45 आयु वर्ग के वकीलों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए और COWIN ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने के दो सप्ताह के भीतर उनका टीकाकरण किया जाना चाहिए।यह आदेश एक डिवीजन बेंच ने दिया है, जिसमें चीफ जस्टिस पंकज मिठल और जस्ट‌िस संजय धर शामिल ‌थे। पीठ COVID-19 महामारी के बीच नागरिकों के जीवन को बचाने के लिए...

सशस्त्र बल फील्ड में जाकर अस्पताल नहीं बना सकते और न ही इस समय नागरिक प्रशासन को सहायता दे सकते: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
सशस्त्र बल फील्ड में जाकर अस्पताल नहीं बना सकते और न ही इस समय नागरिक प्रशासन को सहायता दे सकते: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया

दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र ने बुधवार को बताया कि सशस्त्र बल फील्ड अस्पताल स्थापित नहीं कर सकते हैं और न ही इस समय में नागरिक प्रशासन की सहायता के लिए सेना को बुला सकते हैं।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ को एएसजी चेतन शर्मा द्वारा उस प्रगति के बारे में अवगत कराया गया था, जिसमें सेना के लिए रक्षा विनियमों के विनियमन 301 के तहत सशस्त्र बलों, वायु सेना और नौसेना की आवश्यकता और अन्य समान नियमों के लिए के संबंध में निर्देश प्राप्त हुए थे।केंद्र का यह जवाब दिल्ली के डिप्टी...

जिला ग्रामीण विकास अभ‌िकरण के कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी नहीं, लेकिन उन पर अनुकंपा नियुक्ति के नियम लागू होंगेः इलाहाबाद उच्च न्यायालय
जिला ग्रामीण विकास अभ‌िकरण के कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी नहीं, लेकिन उन पर अनुकंपा नियुक्ति के नियम लागू होंगेः इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक पूर्ण पीठ ने माना है कि उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली, 1974 में शामिल अनुकंपा नियुक्ति के प्रावधान जिला ग्रामीण विकास एजेंसी के कर्मचारियों पर लागू हैं।ज‌स्ट‌िस रमेश सिन्हा, ज‌स्ट‌िस चंद्र धारी सिंह और ज‌स्ट‌िस मनीष माथुर की पूर्ण पीठ ने, इस प्रकार, माना कि 17 मार्च, 1994 के सरकारी आदेश के पैराग्राफ 2 (9) के मद्देनजर, जो यह प्रावधान करती है कि डीआरडीए कर्मचारियों के रोजगार के मामलों के में, जिसके लिए उक्त सरकारी आदेश में कोई...

दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल के कैदियों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, कॉलिंग सुविधाएं बढ़ाने और ई-मुलकात की अनुमति देने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए
दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल के कैदियों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, कॉलिंग सुविधाएं बढ़ाने और ई-मुलकात की अनुमति देने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सेंट्रल जेल-6 तिहाड़ में बंद कुछ अंडर-ट्रायल कैदियों द्वारा दायर एक याचिका सुनवाई करते हुए दिशा-निर्देश जारी किए, जिसमें जेल में कुछ सुविधाओं के प्रावधान के लिए निर्देश मांगे गए थे।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की खंडपीठ ने सोमवार को सरकार से जेल में टेली-कॉलिंग सुविधाओं, कैदियों के वैक्सीनेश, ई-मुलकात, मासिक कॉलिंग चार्ज और इंटरलाकिंग मुद्दों पर जवाब मांगा।न्यायालय के 3 मई के आदेश के अनुसार, सरकार के वकील ने न्यायालय के समक्ष जवाब प्रस्तुत किया, जिसके बाद दोनों...

Holding Peaceful Processions, Raising Slogans Cant Be An Offence: Himachal Pradesh High Court Quashes FIR Against Lady Advocate
''नहीं का मतलब नहीं, इस शब्द को किसी और स्पष्टीकरण की आवश्यकता नहीं'': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग से बलात्कार के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

''नहीं का मतलब,नहीं-कुछ पुरुषों के लिए इस सरल वाक्य को समझना सबसे मुश्किल हो गया है'' यह कहते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को उस आरोपी व्यक्ति की तरफ से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया,जिस पर एक 17 साल की नाबालिग से बलात्कार करने का आरोप है। न्यायमूर्ति अनूप चितकारा की एकल पीठ ने कहा किः ''नो का मतलब यस नहीं होता है,इसका मतलब यह भी नहीं है कि लड़की शर्मीली है। इसका मतलब यह भी नहीं है कि लड़की किसी आदमी को उसे समझाने के लिए कह रही है, इसका मतलब यह भी नहीं है कि वह उसका पीछा करता रहे।...

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं: गुजरात हाईकोर्ट ने COVID-19 संक्रमण रोकने के लिए प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया
'कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं': गुजरात हाईकोर्ट ने COVID-19 संक्रमण रोकने के लिए प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार (4 मई) को गुजरात राज्य में तेजी से बढ़ते COVID-19 मामलों में लिए गए स्वत: संज्ञान की कार्यवाही की सुनवाई करते हुए कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं।मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति भार्गव डी करिया की खंडपीठ हाईकोर्ट के 27 अप्रैल के आदेश में उठाए गए अधिकांश मुद्दों का जवाब देते हुए सरकार की ओर से दायर हलफनामे पर सुनवाई कर रही थी।कोर्ट ने हालांकि इस संबंध में कोई निर्देश या सुझाव देने से परहेज...

गोवा में मरीजों को ऑक्सीजन बेड, COVID-19 दवाइयों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर
गोवा में मरीजों को ऑक्सीजन बेड, COVID-19 दवाइयों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच में राज्य में सभी रोगियों के लिए ऑक्सीजन बेड, COVID-19 दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के लिए सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने और COVID-19 वार्डों में उनके खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा से बचने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई।दक्षिण गोवा अधिवक्ताओं एसोसिएशन द्वारा याचिका को समयबद्ध तरीके से COVID-19 का पता लगाने के लिए टेस्ट कार्यक्रम को बढ़ाने और सभी आयु वर्ग के लोगों को टीकों की...

समझ में नहीं आ रहा है कि शादी में शामिल सभी लोगों को पुलिस स्टेशन क्यों लाया गया: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने सरकार को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा विवाह समारोह को रोकने के मामले में जांच की अनुमति दी
'समझ में नहीं आ रहा है कि शादी में शामिल सभी लोगों को पुलिस स्टेशन क्यों लाया गया': त्रिपुरा हाईकोर्ट ने सरकार को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा विवाह समारोह को रोकने के मामले में जांच की अनुमति दी

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने गुरुवार (6 मई) को अगरतला में हुई घटना के वायरल वीडियो के संबंध में सरकार को एक बार फिर से जांच करने की अनुमति दी, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट और उनकी टीम ने विवाह समारोह को बीच में ही रोक दिया था।चीफ ज‌स्ट‌िस अकील कुरैशी और जस्टिस एसजी चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने नोटिस जारी करने के साथ ही कई अंतरिम निर्देश जारी किए, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट को अगरतला से बाहर भेजने का निर्देश भी शामिल है। इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार को इस मामले में एक बार फिर से जांच की अनुमति दी।पीठ तीन याचिकाओं पर...

अदार पूनावाला और एसआईआई भारतीयों के जीवन रक्षक बने हैं; इसलिए सरकार को उनकी सुरक्षा करनी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर
"अदार पूनावाला और एसआईआई भारतीयों के जीवन रक्षक बने हैं; इसलिए सरकार को उनकी सुरक्षा करनी चाहिए": बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर

बॉम्बे हाईकोर्ट में COVID-19 वैक्सीन कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ अदार पूनावाला को कथित तौर पर धमकी देने के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की गई है।एडवोकेट दत्ता माने की आपराधिक रिट याचिका भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 का आह्वान करते हुए पुणे पुलिस को पूनावाला, उनके परिवार के सदस्यों को 'जेड प्लस' सुरक्षा प्रदान करने और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की संपत्तियों की रक्षा करने के लिए निर्देश दिए जाने की मांग करती है।याचिका में पूनावाला...

अतिवादी या कठोर दृष्टिकोण हेट स्पीच नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 153A के प्रावधानों को दोहराया
'अतिवादी या कठोर दृष्टिकोण हेट स्पीच नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 153A के प्रावधानों को दोहराया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अतिवादी या कठोर दृष्टिकोण हेट स्पीच नहीं है और इसके साथ ही कोर्ट ने नवी मुंबई निवासी सुनैना होले के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द की।जस्टिस एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि,"हमारे विचारों को व्यक्त करने का अधिकार हमारे लोकतंत्र में संरक्षित और पोषित अधिकार है। केवल याचिकाकर्ता का दृष्टिकोण अतिवादी या कठोर है, इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि यह हेट स्पीच है क्योंकि वह एक अलग दृष्टिकोण रखता है।"मुंबई में बांद्रा मस्जिद के बाहर एकत्र हुए प्रवासी कामगारों पर एक...

COVID-19:बिहार सरकार की कार्यों से असंतुष्ट पटना हाईकोर्ट ने कहा, कोर्ट के ज्यादातर निर्देश कागज पर ही रह गए, कठोर कदमों की आवश्यकता
COVID-19:बिहार सरकार की कार्यों से असंतुष्ट पटना हाईकोर्ट ने कहा, "कोर्ट के ज्यादातर निर्देश कागज पर ही रह गए, कठोर कदमों की आवश्यकता"

बिहार में COVID प्रबंधन से संबंधित एक दलील का निस्तारण करते हुए पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार (4 मई) को कहा कि ऐस स्थिति में, अगर कठोर कदम नहीं उठाए गए तो बिहार में COVID से पैदा हुए संकट, जो पहले से ही नियंत्रण से बाहर हो गया है, के बहुत ही ज्यादा खराब होने की आशंका है।जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह और जस्टिस मोहित कुमार शाह की पीठ COVID​​-19 महामारी की दूसरी लहर से पैदा हुई चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की क‌थित कमी से संबंधित मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही...

जस्टिस गीता मित्तल को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ वूमेन जजेस द्वारा दिए जाने वाला Arline Pacht Global Vision अवार्ड से सम्मानित किया
जस्टिस गीता मित्तल को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ वूमेन जजेस द्वारा दिए जाने वाला Arline Pacht Global Vision अवार्ड से सम्मानित किया

जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति गीता मित्तल को एक भारतीय न्यायविद् के रूप में अंतर्राष्ट्रीय महिला न्यायाधीशों (IJJ) द्वारा 2021 के लिए प्रतिष्ठित Arline Pacht Global Vision पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।न्यायमूर्ति मित्तल ने कहा, "आईएवीजे द्वारा इस पुरस्कार को प्रदान करना एक मान्यता है कि मेरे प्रयास कुछ अर्थ के है।"यह पुरस्कार 7 मई, 2021 को वर्चुअल उद्घाटन समारोह के दौरान IAWJ के द्विवार्षिक सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा। वह इस सम्मान को मेक्सिको के...

विशेष मामला नहीं, क्लाइंट के प्रोफाइल से फर्क नहीं पड़ता: दिल्ली हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में प्रिया रमानी के बरी होने के खिलाफ दायर एमजे अकबर की याचिका को 11 अगस्त तक स्थगित किया
"विशेष मामला नहीं, क्लाइंट के प्रोफाइल से फर्क नहीं पड़ता": दिल्ली हाईकोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में प्रिया रमानी के बरी होने के खिलाफ दायर एमजे अकबर की याचिका को 11 अगस्त तक स्थगित किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की उस अपील पर सुनवाई करते हुए अगस्त से पहले कभी भी मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार करते दिया है, जिसमें उन्होंने पत्रकार प्रिया रमानी को "आपराधिक" मानहानि मामले में उसके द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोप के खिलाफ उनके द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में बरी करने की चुनौती दी थी। अदालत ने इस याचिका को 11 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की एक एकल न्यायाधीश की पीठ ने मुकदमे के संबंध में ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड को...

दिल्ली एनसीटी को आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन का 100 मीट्रिक टन बफ़र स्टॉक बनाए: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया
"दिल्ली एनसीटी को आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन का 100 मीट्रिक टन बफ़र स्टॉक बनाए: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को दिल्ली एनसीटी और उसके आस-पास के क्षेत्रों को आपूर्ति के लिए दिल्ली सरकार के साथ मिलकर 100 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का बफर स्टॉक स्थापित करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि इस संबंध में अगले 3 दिनों में कदम उठाए जाने चाहिए।एमिकस क्यूरी राजशेखर राव ने कोर्ट को आपूर्तिकर्ताओं के साथ विस्तृत चर्चा से अवगत कराते हुए कहा कि वर्तमान बुनियादी ढांचा उन्हें प्रति दिन 480 से 520 मीट्रिक टन...

एडवोकेट और उनके क्लर्क को पहचान पत्र दिखाकर कार्यालयों और न्यायालयों में आने-जाने की अनुमति दी जाएगी: राज्य पुलिस प्रमुख ने केरल हाईकोर्ट को आश्वासन
'एडवोकेट और उनके क्लर्क को पहचान पत्र दिखाकर कार्यालयों और न्यायालयों में आने-जाने की अनुमति दी जाएगी': राज्य पुलिस प्रमुख ने केरल हाईकोर्ट को आश्वासन

केरल हाईकोर्ट को राज्य पुलिस प्रमुख ने आश्वासन दिया कि केरल राज्य में तेजी से बढ़ते COVID-19 मामलों के मद्देनजर राज्य में लगाए गए गतिविधियों पर प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ताओं और उनके क्लर्कों को कार्यालयों और अदालतों में आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ जुरिस्ट्स एंड एडवोकेट्स द्वारा दायर जनहित याचिका के जवाब में राज्य पुलिस प्रमुख ने यह सबमिशन किया। याचिका में यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि केरल में COVID-19 के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के...