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उच्च अधिकारियों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बलात्कार मामले की याचिका खार‌िज की, महिला पर लगाया एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया
"उच्च अधिकारियों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया": पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बलात्कार मामले की याचिका खार‌िज की, महिला पर लगाया एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक मामले में यह देखते हुए कि न केवल कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने का प्रयास किया गया, बल्कि अधिकारियों को भी प्रभावित किया गया, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महिला पर एक लाख जुर्माना लगाया। महिला ने बलात्कार का फर्जी आरोप लगाया था और मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।मामले के तथ्यों और जुड़ी हुई परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद, जस्ट‌िस हरनरेश सिंह गिल की पीठ ने महिला की याचिका को खारिज करते हुए कहा, "यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता ने प्रतिवादी...

वास्तव में यह सराहनीय है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने विशेष जज, पुलिस और वकीलों के एक साल के भीतर POCSO ट्रायल पूरा करने पर सराहना की
"वास्तव में यह सराहनीय है:" बॉम्बे हाईकोर्ट ने विशेष जज, पुलिस और वकीलों के एक साल के भीतर POCSO ट्रायल पूरा करने पर सराहना की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत एक व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने की पुष्टि करते हुए POCSO द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर मुकदमे को पूरा करने के लिए संबंधित पुलिस दल और विशेष न्यायाधीश की सराहना की।न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की खंडपीठ ने विशेष जांच के लिए विशेष न्यायाधीश वीवी वीरकर और सिंधुदुर्गनगरी पुलिस स्टेशन की कुशल जांच के लिए सराहना की।विशेष न्यायाधीश की अध्यक्षता करते हुए न्यायमूर्ति ने टिप्पणी की,POCSO अधिनियम का जनादेश, 1...

मुंबई सेशंस कोर्ट ने जावेद अख्तर की मानहानि मामले में समन के खिलाफ कंगना रनौत की पुनर्विचार याचिका खारिज की
मुंबई सेशंस कोर्ट ने जावेद अख्तर की मानहानि मामले में समन के खिलाफ कंगना रनौत की पुनर्विचार याचिका खारिज की

दिंडोशी, मुंबई की एक सत्र अदालत ने अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा दायर उस के आवेदन को अस्वीकार कर दिया है, जिसमें गीतकार जावेद अख्तर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में उनके खिलाफ कार्यवाही को "निलंबित" करने की मांग की गई थी।19 जुलाई, 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के तुरंत बाद रिपब्लिक टीवी के एंकर अरनब गोस्वामी के साथ अपने एक साक्षात्कार में अख्तर ने कंगना पर उनकी "बेदाग प्रतिष्ठा को गलत तरीके से बयान देकर" से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।इसके बाद जावेद अख़्तर ने कंगना रनौत के...

हैरानी की बात है कि जिस लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया था, उसे रेलवे प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया गया: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुधारात्मक उपायों का निर्देश दिया
"हैरानी की बात है कि जिस लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया था, उसे रेलवे प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया गया": बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुधारात्मक उपायों का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार की एक वारदात, जिसमें दुष्कर्म के बाद लड़की को रेलवे प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया गया था, पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए जांच अधिकारी को सुधारात्मक उपाय करने और पीड़ित लड़की का पता लगाने का निर्देश दिया है।शोषण को रोकने के लिए निवारक उपाय करने के कर्तव्य की की याद दिलाते हुए, ज‌स्ट‌िस भारती डांगरे की खंडपीठ ने कहा, "ऐसे विधान हैं, जो राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों में निहित अनिवार्यता के अनुरूप राज्य को अनिवार्य करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि युवाओं का शोषण न...

एसोसिएशन ऑफ जज ने सुप्रीम कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट को पत्र लिखकर ज्यूडिशिल ऑफिसर्स को डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी काडर पर पद्दोन्नत करने के लिए सूटेबिलिटी टेस्ट को टालने के लिए कहा
एसोसिएशन ऑफ जज ने सुप्रीम कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट को पत्र लिखकर ज्यूडिशिल ऑफिसर्स को डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी काडर पर पद्दोन्नत करने के लिए 'सूटेबिलिटी टेस्ट' को टालने के लिए कहा

एसोसिएशन ऑफ जज ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय और गुजरात हाईकोर्ट को एक पत्र लिखा कर COVID-19 महामारी को देखते हुए जिला न्यायाधीश कैडर में पदोन्नति के लिए राज्य में न्यायिक अधिकारियों के लिए राज्य में होने वाली 'सूटेबिलिटी टेस्ट'को स्थगित करने की मांग की गई है।गौरतलब है कि यह टेस्ट कल यानी 4 अप्रैल को अहमदाबाद में आयोजित होने वाली थी। 66 अधीनस्थ न्यायिक अधिकारियों को इस उद्देश्य के लिए बुलाया गया था।एसोसिएशन ने प्रस्तुत किया है कि अहमदाबाद COVID-19 के सबसे बुरे दौर का सामना कर रहा है और मामले तेजी...

परिवार में होने वाले सामान्य झगड़े ऐसी प्रताड़ना के समान नहीं कि एक दुल्हन को आत्महत्या के लिए उकसाएंः दिल्ली कोर्ट ने पति और परिवार के सदस्यों को बरी किया
''परिवार में होने वाले सामान्य झगड़े ऐसी प्रताड़ना के समान नहीं कि एक दुल्हन को आत्महत्या के लिए उकसाएंः दिल्ली कोर्ट ने पति और परिवार के सदस्यों को बरी किया

दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में उस मृत महिला के पति व ससुराल वालों को बरी कर दिया है, जिसने शादी के एक महीने के भीतर ही आत्महत्या कर ली थी और उन सभी पर दहेज प्रताड़ना,दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि शादी होने के बाद शुरूआती दिनों में परिवार में होने वाले छोटे-मोट झगड़े या कहासुनी ऐसे नहीं होते हैं कि उन्होंने महिला को इस हद तक प्रताड़ित कर दिया था कि वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गई थी।" अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चारू अग्रवाल ने यह भी कहा कि,''अगर एक...

देश में कोई भी सत्तावादी शासन संभव नहीं हो सकता : मद्रास हाईकोर्ट ने पुदुचेरी में धारा 144 के तहत निषेधात्मक आदेश पर अस्वीकृति जताई
"देश में कोई भी सत्तावादी शासन संभव नहीं हो सकता" : मद्रास हाईकोर्ट ने पुदुचेरी में धारा 144 के तहत निषेधात्मक आदेश पर अस्वीकृति जताई

रविवार (4 अप्रैल) को हुई एक विशेष सुनवाई में मद्रास उच्च न्यायालय ने पुदुचेरी प्रशासन / कलेक्टर द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए पारित निषेधात्मक आदेश पर अस्वीकृति जताई है।प्रथम डिवीजन बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति शामिल हैं, ने चुनाव आयोग से एक स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कहा कि "गैरकानूनी जमावड़े और आवागमन को प्रतिबंधित करना" नागरिकों के सामान्य व्यवसाय और काम के रास्ते में नहीं...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के लिए दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के लिए दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह देखते हुए राज्य सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियमों के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के लिए दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया कि कई मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने में प्रक्रियात्मक खामियों के कारण प्रतिबंधक रूप से निरूद्ध करने (preventive detention) (उचित आधारों पर पारित) के आदेशों को रद्द कर दिया जाता है।न्यायमूर्ति शेल नागू और न्यायमूर्ति आनंद पाठक की खंडपीठ याचिकाकर्ता को तीन महीने की अवधि के लिए...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
वर्तमान में विवाह की अवधारणा को हल्के में लिया जाता है और अकल्पनीय तुच्छ मुद्दों पर तलाक के लिए आवेदन कर दिया जाता है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि वर्तमान पीढ़ी में शादी की अवधारणा को बहुत हल्के ढंग से लिया जाता है और यहां तक ​​कि तुच्छ मुद्दों के लिए वे तलाक दाखिल करते हैं और शादी टूट जाती है।न्यायमूर्ति वी. भवानी सुब्बारोयन की खंडपीठ ने विशेष रूप से टिप्पणी की,"असहिष्णु तुच्छ कारणों से रिश्ते को तोड़ने वाले असहिष्णु दंपत्ति की मांग को पूरा करने के लिए पारिवारिक न्यायालय में मामलों की संख्या में वृद्धि होती हैं।"न्यायालय के समक्ष मामलाप्रतिवादी/पति ने याचिकाकर्ता/पत्नी के खिलाफ फैमिली कोर्ट के समक्ष एक...

जबरदस्ती यौन उत्पीड़न का मामला नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने शादी के झूठे वादे के बहाने महिला से बलात्कार के आरोपी डॉक्टर को जमानत दी
"जबरदस्ती यौन उत्पीड़न का मामला नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट ने शादी के झूठे वादे के बहाने महिला से बलात्कार के आरोपी डॉक्टर को जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में शादी के झूठे वादे के बहाने एक महिला के साथ बलात्कार करने के आरोपी दिल्ली के एक डॉक्टर को अग्रिम जमानत दे दी। कोर्ट ने माना कि मामले में "जबरदस्ती यौन हमला नहीं" किया गया था।अदालत ने आगे कहा कि यह बताने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है कि आरोपी ने शादी का वादा किया था और इसलिए यह सवाल कि क्या अभियोजक की शारीरिक संबंध बनाने की सहमति, स्वतंत्र सहमति थी या नहीं, ट्रायल में तय करने की आवश्यकता है।जस्ट‌िस सुब्रमणियम प्रसाद की एकल पीठ ने कहा, "याचिकाकर्ता सफदरजंग अस्पताल...

पेरेंट्स को स्कूल फीस का भुगतान करने के लिए एसएमएस करके प्रताड़ित किया जा रहा है, यहां तक कि लॉकडाउन की अवधि  में भी : इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर
पेरेंट्स को स्कूल फीस का भुगतान करने के लिए एसएमएस करके प्रताड़ित किया जा रहा है, यहां तक कि लॉकडाउन की अवधि में भी : इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर

इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार ने फिजिकल कक्षाओं के निलंबन के दौरान स्कूल की फीस के नियमन के बारे में द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में एक और जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में राज्य में निजी स्कूलों द्वारा फीस के लिए अतिरिक्त और मनमानी शुल्क को चुनौती दी गई है।माता-पिता एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा मुरादाबाद में यह याचिका दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि माता-पिता और बच्चों को निजी स्कूलों द्वारा एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से 2020-2021 के सत्र के लिए...

विकृति को सुधार की आवश्यकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने  बेवफाई के आरोप पर मां को बच्चों की कस्टडी न देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द किया
''विकृति को सुधार की आवश्यकता'': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बेवफाई के आरोप पर मां को बच्चों की कस्टडी न देने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया,जिसमें मां के खिलाफ लगाए गए बेवफाई के आरोपों पर भरोसा करते हुए उसे बच्चों की कस्टडी देने से इनकार कर दिया गया था। न्यायमूर्ति सुधीर मित्तल की खंडपीठ ने कहा कि अभिभावक अधिनियम की धारा 17 के साथ-साथ माइनाॅरटी एक्ट की धारा 13 के मद्देनजर अभिभावक नियुक्त करते समय नाबालिग का कल्याण न्यायालय द्वारा ध्यान में रखा जाने वाला सर्वोपरि विचार है। बेंच ने यह भी कहा कि, ''बच्चे मासूम होते हैं। उनके आदर्श विकास के लिए, यह...

शिवसेना विधायक रवींद्र वायकर और उनकी पत्नी मनीषा वायकार ने पूर्व बीजेपी सांसद कीर्ति सोमैया के खिलाफ 100 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया
शिवसेना विधायक रवींद्र वायकर और उनकी पत्नी मनीषा वायकार ने पूर्व बीजेपी सांसद कीर्ति सोमैया के खिलाफ 100 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया

शिवसेना विधायक रवींद्र वायकर और उनकी पत्नी मनीषा वायकर ने पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया द्वारा उनके खिलाफ दिए गए कथित अपमानजनक बयानों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।विधायक वायकर ने सोमैया के खिलाफ उनके खिलाफ कथित अपमानजनक बयानों द्वारा उनकी प्रतिष्ठा को खराब करने, मानहानि करने और अपूरणीय क्षति पहुंचाने के कारण 100 करोड़ का हर्जाना की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया गया है।इसके अलावा, वर्तमान सूट की पेंडेंसी के दौरान किसी भी तरीके से उनकी छवि को खराब करने से सोमैया को प्रतिबंधित...

स्वेच्छा से प्रेमी के साथ जाने वाली वयस्क लड़की को हिरासत में रखने का कोई कारण नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेटी और उसके प्रेमी को परेशान करने पर पिता के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी
''स्वेच्छा से प्रेमी के साथ जाने वाली वयस्क लड़की को हिरासत में रखने का कोई कारण नहीं'': बॉम्बे हाईकोर्ट ने बेटी और उसके प्रेमी को परेशान करने पर पिता के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी

बॉम्बे हाईकोर्ट (औरंगाबाद बेंच) ने बुधवार (31 मार्च) को उस वयस्क लड़की को हिरासत करने से इनकार कर दिया (जो 20 वर्षीय व्यक्ति के साथ चली गई थी), जो उसके पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के बाद अदालत में पेश हो गई थी।न्यायमूर्ति रवींद्र वी घुगे और न्यायमूर्ति भालचंद्र यू देबदवार की पीठ एक सी डी चव्हाण (लड़की के पिता) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि उनकी बेटी दिसंबर 2020 में एक व्यक्ति के साथ चली गई थी और तब से लापता है। हाईकोर्ट के समक्ष लड़की का...

टेलीफोन टैपिंग संविधान के अनुच्छेद 21 को तब तक बाधित करेगा, जब तक कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के तहत अनुमति ना होः छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
टेलीफोन टैपिंग संविधान के अनुच्छेद 21 को तब तक बाधित करेगा, जब तक कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के तहत अनुमति ना होः छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

एक कांस्टेबल और एक हेड कांस्टेबल के बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करते हुए, जो कथित रूप से अपराधी का पक्ष लेना चाहते थे और इस आशय की फोन पर बातचीत रिकॉर्ड की गई थी, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह कहा कि टेलीफोन टैपिंग संविधान के अनुच्छेद 21 को तब तक बाधित करेगा, जब तक कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के तहत इसकी अनुमति नहीं है।जस्टिस गौतम भादुड़ी की खंडपीठ उन याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्हें बिना किसी विभागीय जांच के सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, वह भी बातचीत की...

केवल विशेष बेंचें ही 9 अप्रैल तक अदालत में बैठेंगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 के दौरान अदालत में कामकाज के लिए व्यवस्था और तौर-तरीको को लेकर गाइडलाइन जारी की
केवल विशेष बेंचें ही 9 अप्रैल तक अदालत में बैठेंगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 के दौरान अदालत में कामकाज के लिए 'व्यवस्था और तौर-तरीको' को लेकर गाइडलाइन जारी की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार (02 अप्रैल) को COVID-19 मामलों में हालिया वृद्धि के मद्देनजर, (COVID-19 के दौरान हाईकोर्ट के कामकाज से संबंधित) व्यवस्था और तौर-तरीकों को लेकर एक गाइडलाइन जारी की है, जो 03 अप्रैल 2021 से लेकर 09 अप्रैल 2021 तक प्रभावी रहेगी। हाईकोर्ट ने अधिसूचित किया है कि यह न्यूनतम शक्ति के साथ कार्य करेगा और अगले आदेशों तक गठित केवल विशेष पीठों (लखनऊ और प्रयागराज दोनों) में ही कार्यरत रहेगा और नियमित न्यायालयों में 5 अप्रैल से 9 अप्रैल तक कामकाज नहीं होगा।सामान्य...

दो वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट को वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से विकलांग और चिकित्सकीय रूप से विकलांग लोगों को डोर टू डोर जाकर टीकाकरण करने की एक नीति बनाने के लिए निर्देश देने की मांग की
दो वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट को वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से विकलांग और चिकित्सकीय रूप से विकलांग लोगों को डोर टू डोर जाकर टीकाकरण करने की एक नीति बनाने के लिए निर्देश देने की मांग की

बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई जिसमें केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से विकलांग और चिकित्सकीय रूप से विकलांग लोगों को जल्द से जल्द कोविड टीकाकरण सेवाएं प्रदान करने के लिए डोर टू डोर जाकर वैक्सीन लगाने की एक नीति बनाएं।महाराष्ट्र के दो वकील ध्रुत कपाड़िया और कुणाल तिवारी ने चिकित्सा सुविधा के साथ डॉक्टर को घर पर बुलाकर कोविड वैक्सीन लगवाने के लिए अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक को अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए एक हेल्पलाइन...