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नैतिक अधमता से जुड़े मामले में बरी हो जाना मात्रा पर्याप्त नहीं: सि‌‌‌क्किम हाईकोर्ट ने सिविल जज की नियुक्ति को वापस लेने के फुल कोर्ट के फैसले का समर्थन किया
नैतिक अधमता से जुड़े मामले में बरी हो जाना मात्रा पर्याप्त नहीं: सि‌‌‌क्किम हाईकोर्ट ने सिविल जज की नियुक्ति को वापस लेने के फुल कोर्ट के फैसले का समर्थन किया

सिक्किम हाईकोर्ट ने सोमवार को एक फैसले में कहा कि किसी व्यक्ति को संदेह का लाभ देकर नैतिक अधमता से जुड़े मामले में बरी करना, उसे रोजगार देने के लिए पर्याप्त नहीं है।चीफ जस्टिस जितेंद्र कुमार माहेश्वरी की बेंच ने कहा कि नियुक्ति पाने के लिए, मौजूदा मामले में न्यायिक नियुक्ति, बरी होना सम्मानजनक होना चाहिए।कोर्ट ने कहा, "नियोक्ता को सभी उपलब्ध प्रासंगिक तथ्यों और ‌पिछले जीवन पर विचार करने का अधिकार है और औचित्य और निष्ठा के मानक को देखते हुए रोजगार में कर्मचारी की निरंतरता पर उचित निर्णय ले सकता...

क्या कैदियों को उपचार के लिए चिकित्सा प्रणाली चुनने का मौलिक अधिकार है ? राजस्थान हाईकोर्ट आसाराम बापू के बेटे की याचिका पर विचार करेगा
क्या कैदियों को उपचार के लिए चिकित्सा प्रणाली चुनने का मौलिक अधिकार है ? राजस्थान हाईकोर्ट आसाराम बापू के बेटे की याचिका पर विचार करेगा

राजस्थान उच्च न्यायालय ने सोमवार को यौन उत्पीड़न मामले में जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम बापू के लिए आयुर्वेद चिकित्सा उपचार की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।उनके बेटे द्वारा दायर की गई रिट याचिका में प्रभावकारी चिकित्सा उपचार का लाभ उठाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत कैदियों के मौलिक अधिकार पर जोर दिया गया है। इसमें अदालत के विचार के लिए निम्नलिखित प्रश्न उठाए गए हैं :1. क्या संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी व्यक्ति का चिकित्सकीय रूप से इलाज किया जाना मौलिक...

हिरासत में रखे व्यक्ति का पसंद के वकील से परामर्श करना संवैधानिक अधिकार, राज्य इसे कमजोर नहीं कर सकताः दिल्ली उच्च न्यायालय ने शिफा उर रहमान को राहत दी
हिरासत में रखे व्यक्ति का पसंद के वकील से परामर्श करना संवैधानिक अधिकार, राज्य इसे कमजोर नहीं कर सकताः दिल्ली उच्च न्यायालय ने शिफा उर रहमान को राहत दी

यह कहते हुए कि हिरासत में रखे व्यक्ति का पसंद के वकील से परामर्श करना संवैधानिक अधिकार है, जिसे राज्य कमजोर नहीं कर सकता है, दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह जामिया मिलिया इस्लामिया के एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष शिफा उर रहमान को राहत दी, जिन्हें दिल्ली में पिछले साल हुए दंगों के मामलों में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था।ज‌स्ट‌िस विभू बाखरू की एकल पीठ ने कहा, "यह अदालत यह स्वीकार करने में असमर्थ है कि इस प्रकार के मामलों में, इस आधार पर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का अनुपालन ना करने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य में अस्पताल में बेड के आवंटन के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य में अस्पताल में बेड के आवंटन के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति विपिन सांघी और रेखा पल्ली की खंडपीठ, जो राजधानी में COVID-19 प्रबंधन के बड़े मुद्दे पर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, ने दिल्ली में अस्पताल में बेड के आवंटन के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ सलाहकार विवेक सूद ने अदालत से आग्रह किया कि बेड आवंटन "पहले आओ पहले पाओ" के आधार पर जारी नहीं रह सकता है और कुछ बिंदुओं पर उसी के लिए एक पारदर्शी तंत्र बनाया जाना चाहिए।बेड्स के आवंटन के लिए...

COVID19 पीड़ितों को मुआवजाः  आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत योजना बनाने का निर्देश देने की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका
COVID19 पीड़ितों को मुआवजाः आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत योजना बनाने का निर्देश देने की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका

कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत इस योजना के कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकार को दिशा-निर्देश दिए जाएं। याचिका में राज्य राहत कोष से अस्पताल में भर्ती होने के दौरान इलाज में आए खर्च को भी वापिस दिलाए जाने की मांग की गई है। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले एक डॉ संदीप पांडे ने अधिवक्ता रजत राजन...

राज्य ने विशेषज्ञों के COVID-19 की दूसरी लहर को लेकर दी गई चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की खिंचाई की
'राज्य ने विशेषज्ञों के COVID-19 की दूसरी लहर को लेकर दी गई चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया': उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की खिंचाई की

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को COVID-19 महामारी की दूसरी लहर से निपटने के लिए की गई तैयारियों में कमी को लेकर राज्य सरकार की खिंचाई की।मुख्य न्यायाधीश राघवेन्द्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की पीठ ने कहा कि,"जनवरी 2021 में वैज्ञानिकों ने COVID-19 महामारी की दूसरी लहर को लेकर चेतावनी दिया था, फिर भी राज्य सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।"पीठ ने आगे कहा कि,"हालांकि पिछले डेढ़ साल से राज्य महामारी की चपेट में है, लेकिन राज्य में महामारी से निपटने के लिए योजना की कमी है।"पीठ ने...

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली घरों में आइसोलेट और दिल्ली-एनसीआर में इलाज करा रहे COVID-19 से संक्रमित अपने सदस्यों और उनके परिवारों को मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराएगा
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली घरों में आइसोलेट और दिल्ली-एनसीआर में इलाज करा रहे COVID-19 से संक्रमित अपने सदस्यों और उनके परिवारों को मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराएगा

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने घरों में आइसोलेट और दिल्ली-एनसीआर में इलाज करा रहे COVID-19 से संक्रमित अपने सदस्यों और उनके परिवारों को मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने का फैसला किया है।बार काउंसिल ने कहा है कि जो भी सदस्य बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में नामित है, उनमें से जिन्हें ऑक्सीजन की तत्काल/आपातकालीन आवश्यकता है, वे निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:91-11-466670219999489809 9560967001 9990679070 इसके लिए सदस्यों को COVID-19 पॉजीटिव की रिपोर्ट की एक कॉपी, नामांकन संख्या की प्रति और निवास...

राज्य सरकार के ऑक्सीजन के अनुरोध पर विचार करें: केरल हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा
राज्य सरकार के ऑक्सीजन के अनुरोध पर विचार करें: केरल हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा

केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और डॉ. कौसर एदप्पगाथ की खंडपीठ ने निजी अस्पतालों द्वारा COVID-19 रोगियों से वसूले जाने वाले शुल्क पर विचार-विमर्श के लिए बुलाई गई एक विशेष बैठक के दौरान कहा कि केरल में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की कमी होती जा रही है।ऑक्सीजनराज्य के अटॉर्नी जनरल केवी सोहन ने हाईकोर्ट से राज्य सरकार के ऑक्सीजन के लिए अनुरोध पर विचार करने के लिए केंद्र को दिशा-निर्देश दिए जाने की मांग की।राज्य के एजी ने कोर्ट को अवगत कराया कि केरल सरकार की ऑक्सीजन की आपूर्ति केंद्र सरकार के...

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की हाई पॉवर कमेटी ने लगभग 400 कैदियों की रिहाई का निर्देश दिया
केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की हाई पॉवर कमेटी ने लगभग 400 कैदियों की रिहाई का निर्देश दिया

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की उच्चाधिकार समिति (हाई पॉवर कमेटी) की बैठक पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ के न्यायाधीश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति जसवंत सिंह की अध्यक्षता में हुई और इसमें अरुण कुमार गुप्ता, आईएएस, प्रमुख सचिव गृह विभाग, यूटी चंडीगढ़ और ओमबीर सिंह, आईपीएस, चंडीगढ़ जेल के आईजी और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के एसएलएसए के सदस्य सचिव पुनेश जिंदिया भी शामिल थे।सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 के संबंध में दायर याचिका...

हर टॉम, डिक और हैरी को इस स्थिति में नहीं लाया जाना चाहिए: उड़ीसा उच्च न्यायालय ने प्रस्ताव/आवेदन के बिना वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम की अनुमति देने के नियम को खत्म किया
"हर टॉम, डिक और हैरी को इस स्थिति में नहीं लाया जाना चाहिए": उड़ीसा उच्च न्यायालय ने प्रस्ताव/आवेदन के बिना वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम की अनुमति देने के नियम को खत्म किया

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने सोमवार को 'उड़ीसा उच्च न्यायालय (वरिष्ठ अधिवक्ता का पदनाम) नियम, 2019' के नियम 6 (9) को रद्द कर दिया, जो जजों की ओर से किसी भी प्रस्ताव की अनुपस्थिति में या ऐसे अधिवक्ता की ओर से आवेदनों के ना होने पर वरिष्ठ के रूप में एक अधिवक्ता को नामित करने के लिए पूर्ण न्यायालय पर शक्ति प्रदान करता है।जस्टिस सीआर डैश और जस्टिस प्रमथ पटनायक की डिवीजन बेंच ने देखा कि इंदिरा जयसिंह मामले [इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया] (2017) 9 SCC 766] में वरिष्ठ पदनाम के लिए सुप्रीम कोर्ट...

बेहतरीन आदेश: केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के COVID-19 के इलाज के लिए निजी अस्पतालों में प्रति दिन वार्ड की कीमत 3000 रुपये के भीतर तय करने के आदेश की सराहना की
'बेहतरीन आदेश': केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के COVID-19 के इलाज के लिए निजी अस्पतालों में प्रति दिन वार्ड की कीमत 3000 रुपये के भीतर तय करने के आदेश की सराहना की

केरल हाईकोर्ट ने निजी अस्पतालों में COVID-19 उपचार की कीमत को युक्तिसंगत बनाने के उपायों पर चर्चा करने के दौरान केरल सरकार द्वारा निजी अस्पतालों में COVID-19 के उपचार के लिए कीमत तय करने के नवीनतम आदेश की सराहना की।जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस डॉ. कौसर एडापागथ की पीठ ने कहा कि सरकार के आदेश ने इस संबंध में न्यायालय के बोझ को काफी हद तक कम कर दिया।कोर्ट को आज की सुनवाई में राज्य के अटॉर्नी जनरल ने सूचित किया कि अस्पतालों और स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं-मान्यता प्राप्त अस्पतालों (एनएबीएच...

NCERT और CISCE को अनुमोदित पाठ्यपुस्तकों को अपनाने के लिए मजबूर किया गया: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने CBSE संबद्ध स्कूलों की याचिका पर नोटिस जारी किया
'NCERT और CISCE को अनुमोदित पाठ्यपुस्तकों को अपनाने के लिए मजबूर किया गया': पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने CBSE संबद्ध स्कूलों की याचिका पर नोटिस जारी किया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को उस आवेदन पर नोटिस जारी किया है, जो CBSE से संबंधित स्कूल्स एसोसिएशन द्वारा दायर किया गया था। इसमें यह शिकायत की गई थी कि उन्हें (अन्य निजी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों के साथ) केवल NCERT और CISCE द्वारा स्वीकृत (एप्रुव्ड) पाठ्य सामग्री को लागू करने के लिए कहा जा रहा है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी मान्यता / NOC को रद्द किया जा सकता है।इस निर्णय को 'पूरी तरह से गैरकानूनी' करार देते हुए CBSE संबद्ध स्कूल्स एसोसिएशन ने तर्क दिया कि पाठ्यपुस्तकों के...

सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन, वकीलों और शिक्षाविदों ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने के लिए पत्र लिखा
सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन, वकीलों और शिक्षाविदों ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को जेलों में कैदियों की भीड़ कम करने के लिए पत्र लिखा

27 सिविल सोसाइटी संगठनों, वकीलों, शिक्षाविदों और पत्रकारों के एक समूह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर COVID-19 की दूसरी लहर के प्रकोप को देखते हुए राज्य की जेलों में कैदियों की भीड़ को तत्काल कम करने का अनुरोध किया है। पत्र पर 10 मानवाधिकार संगठन और 17 प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वकीलों और पत्रकारों ने हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर करने वालों में एडवोकेट अपार गुप्ता, एडवोकेट गौतम भाटिया, एडवोकेट अरविंद नरेन, प्रो. मृणाल सतीश, प्रो. प्रीति बक्षी, प्रो. नोम चॉम्स्की और प्रो....

मोटरसाइकिल टैक्सी सेवाओं की परमिट के लिए किए गए आवेदन पर दो महीने के भीतर विचार करें: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया
'मोटरसाइकिल टैक्सी सेवाओं की परमिट के लिए किए गए आवेदन पर दो महीने के भीतर विचार करें': कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को राज्य में मोटरसाइकिल टैक्सी सेवाओं की परमिट के लिए किए गए आवेदन पर दो महीने के भीतर विचार करने और निर्णय लेने का निर्देश दिया है।न्यायमूर्ति बी वी नागरत्न और न्यायमूर्ति जे एच काजी की खंडपीठ ने एएनआई टेक्नॉलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर अपील का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया।याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 2 (7) अनुबंध गाड़ी को परिभाषित करती है जो एक समावेशी परिभाषा है और इसमें परिवहन वाहनों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और...

COVID-19 के कारण मरने वाले न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट स्टाफ के परिजनों के लिए अनुग्रह रा‌शि की मांग, दिल्ली उच्च न्यायालय ने याचिका पर जारी किया नो‌टिस
COVID-19 के कारण मरने वाले न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट स्टाफ के परिजनों के लिए अनुग्रह रा‌शि की मांग, दिल्ली उच्च न्यायालय ने याचिका पर जारी किया नो‌टिस

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें COVID-19 के कारण मौत का शिकार हुए न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट स्टाफ के परिजनों को एक करोड़ और 50 लाख रुपए अनुग्रह राशि प्रदान करने की मांग की गई है। याचिका में हाल ही में COVID-19 के कारण मरने वाले न्यायिक अधिकारियों कोवई वेणुगोपाल और कामरान खान को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की मांग की गई है।चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने रजिस्ट्रार जीएनसीटीडी, वित्त विभाग, जीएनसीटीडी, गृह मंत्रालय, दिल्ली सचिवालय,...

अस्पताल के निदेशक और विभाग के प्रमुख को रोगी के बीमारी की प्रकृति और उपचार के बारे में जानकारी होनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
'अस्पताल के निदेशक और विभाग के प्रमुख को रोगी के बीमारी की प्रकृति और उपचार के बारे में जानकारी होनी चाहिए': दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में चिकित्सा संस्थान के निदेशक और विभाग के प्रमुख को रोगी के कल्याण को ध्यान में रखते हुए रोगी के बीमारी की प्रकृति और इलाज के बारे में जानकारी होनी चाहिए।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने यह अवलोकन उस मामले में किया, जिसमें बेंच मेहराज बानो द्वारा दायर एक पत्र अपील पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया कि चिकित्सा उपचार और उसके नाबालिग बेटे के बीमार होने के संबंध में कुछ निजता की जानकारी आईएचबीएएस में उपचार करने वाले...

COVID- अस्पताल ज्यादा चार्ज वसूल कर महामारी का लाभ उठा रहे हैं: मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार से जवाब मांगा
COVID- "अस्पताल ज्यादा चार्ज वसूल कर महामारी का लाभ उठा रहे हैं": मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार से जवाब मांगा

मद्रास हाईकोर्ट (मदुरै खंडपीठ) ने गुरुवार (6 मई) को निजी अस्पतालों के लिए COVID-19 रोगियों के लिए कुल बेड की संख्या का न्यूनतम 50% आवंटित करने का सरकारी आदेश को सख्ती से लागू करने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र और राज्य से जवाब मांगा है।न्यायमूर्ति एम. एस. रमेश और न्यायमूर्ति बी. पुगलेंधी की एक खंडपीठ ने कहा,"इस कठिन समय के दौरान भी कुछ अस्पतालों द्वारा अत्यधिक बिल वसूल किया जा रहा है, जिसे अनुमति नहीं दी जा सकती। अस्पताल COVID-19 महामारी की स्थिति का लाभ उठा रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि...