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न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी ने मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी ने मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली

न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी ने सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। शपथ के बाद उनका मद्रास हाईकोर्ट के न्यू ऑडिटोरियम में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में कानूनी बिरादरी द्वारा स्वागत किया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट में अपने हालिया स्थानांतरण के बाद न्यायमूर्ति भंडारी अब मद्रास हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश बन गए हैं। उन्होंने जस्टिस दुरईस्वामी से एसीजे का पद संभाला है।इस अवसर पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एमएन भंडारी ने बार के सम्मानित...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
किसी विशेष पद पर भर्ती के लिए उच्च योग्यता प्राप्त उम्मीदवारों को बाहर रखने का नियोक्ता का निर्णय उचित है: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक विशेष पद के लिए निर्धारित योग्यता से उच्चतर कोई भी योग्यता उपयुक्त योग्यता नहीं हो सकती है, और कहा कि नियोक्ता का अपने विवेकानुसार, उच्च योग्यता प्राप्त उम्मीदवारों को चयन के दायरे से बाहर रखना उचित है।जस्टिस संजय धर और जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे की खंडपीठ ने कहा कि क्लास- 4 पद के लिए न्यूनतम और अधिकतम योग्यता क्रमशः मैट्रिक और 10+2 रखना ना तो तर्कहीन, अनुचित और ना ही मनमाना है।मामलान्यायालय अपीलकर्ता द्वारा दायर एक लेटर पेटेंट अपील का...

सबरीमाला हलाल गुड़ विवाद: केरल हाईकोर्ट ने खाद्य सुरक्षा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा
सबरीमाला हलाल गुड़ विवाद: केरल हाईकोर्ट ने खाद्य सुरक्षा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को खाद्य सुरक्षा आयुक्त को सबरीमाला में प्रसाद और निवेद्यम तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अशुद्ध हलाल गुड़ के चल रहे विवाद के बारे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पीजी अजितकुमार की खंडपीठ ने खाद्य सुरक्षा विभाग से एक याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें प्रतिवादियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी कि सबरीमाला मंदिर के प्रसाद में शुद्ध गुड़ का उपयोग होना चाहिए।मामले को बुधवार को फिर से उठाया जाएगा, जब तक...

सीआरपीसी की धारा 41A और अर्नेश कुमार दिशानिर्देशों के तहत गिरफ्तारी प्रक्रिया का उल्लंघन करने पर पुलिस अधिकारी कार्रवाई का सामना करेंगे: तेलंगाना हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 41A और 'अर्नेश कुमार' दिशानिर्देशों के तहत गिरफ्तारी प्रक्रिया का उल्लंघन करने पर पुलिस अधिकारी कार्रवाई का सामना करेंगे: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आरोपी को सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत गिरफ्तारी की प्रक्रिया का उल्लंघन करने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने की स्वतंत्रता दी। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के लिए 'अर्नेश कुमार' मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना पुलिस का कर्तव्य है। न्यायमूर्ति ललिता कन्नेगंती की एकल-न्यायाधीश पीठ सिकंदराबाद में एक शिक्षा / नौकरी परामर्श फर्म के प्रमुख द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मुख्य रूप से याचिकाकर्ता...

कथित तौर पर फर्जी एससी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए समीर वानखेड़े को सिविल सेवा से बर्खास्त करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर
कथित तौर पर फर्जी एससी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए समीर वानखेड़े को सिविल सेवा से बर्खास्त करने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर

बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में केंद्रीय नौकरी हासिल करने के लिए अनुसूचित जाति (एससी) से संबंधित झूठे जाति के दावे करने के लिए एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े को सिविल सेवाओं से बर्खास्त करने की मांग की गई है।जबरन वसूली के आरोप सामने आने से पहले समीर वानखेड़े शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े क्रूज ड्रग्स मामले की जांच कर रहे थे।बाद में मामला को एनसीबी की विशेष जांच टीम, दिल्ली को स्थानांतरित कर दिया गया।याचिका के अनुसार, वानखेड़े ने खुद के मुसलमान होने की बात को छुपाया। वह...

परिवार की मर्जी के खिलाफ कपल द्वारा शादी करने पर उनको धमकी देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें, सख्त कार्रवाई करें: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिए
परिवार की मर्जी के खिलाफ कपल द्वारा शादी करने पर उनको धमकी देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें, सख्त कार्रवाई करें: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिए

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह उत्तराखंड राज्य के पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि यदि किसी पुलिस अधिकारी को किसी युवा जोड़े को इस तरह की धमकी देने के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होती है, या जो लोग शादी करना चाहते हैं, उनके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और युवा जोड़े को धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की खंडपीठ ने राज्य के डीजीपी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस...

सीआरपीसी की धारा 125 (3) –भरण पोषण के भुगतान में चूक के मामले में एक माह से अधिक के कारावास की सजा नहीं दी जा सकती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 125 (3) –"भरण पोषण के भुगतान में चूक के मामले में एक माह से अधिक के कारावास की सजा नहीं दी जा सकती": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 (3) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक अदालत भरण पोषण के भुगतान में चूक के मामले में एक माह से अधिक के कारावास की सजा नहीं दी जा सकती है।न्यायमूर्ति मंजरी नेहरू कौल की पीठ ने यह फैसला सुनाया, जो एक बाल राज द्वारा दायर एक रिवीजन याचिका से निपट रहे थे। याचिकाकर्ता ने सीआरपीसी की धारा 125 (3) के तहत एक आवेदन पर पारित फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।अनिवार्य रूप से फैमिली कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 66 महीने के भरण पोषण के भुगतान में...

संरक्षण याचिकाः याचिकाकर्ताओं का पहला विवाह समाप्त न होने के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आय, संपत्ति और नाबालिग बच्चों का विवरण दायर करना अनिवार्य किया
संरक्षण याचिकाः याचिकाकर्ताओं का पहला विवाह समाप्त न होने के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आय, संपत्ति और नाबालिग बच्चों का विवरण दायर करना अनिवार्य किया

एक महत्वपूर्ण आदेश में, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं (संरक्षण याचिका दायर करने वाले) की पहली शादी से हुए नाबालिग बच्चों की स्थिति, यदि कोई हो तो, चल और अचल संपत्ति के साथ ही आय के विवरण को दायर करना अनिवार्य कर दिया है।गौरतलब है कि इस घोषणा को उन सभी सुरक्षा याचिकाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है जहां पक्षकारों पर यह आरोप लगाया जाता है कि वे पहली शादी को विधिवत तरीके से समाप्त किए बिना ही लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं या जहां यह आरोप लगाया जाता है कि याचिकाकर्ताओं ने दूसरी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में ओरल केयर विक्रेता गुड डे के खिलाफ ब्रिटानिया को अंतरिम निषेधाज्ञा दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में ओरल केयर विक्रेता 'गुड डे' के खिलाफ ब्रिटानिया को अंतरिम निषेधाज्ञा दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज को एक ओरल केयर विक्रेता के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा (Interim Injunction) दी। ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज कथित तौर पर इसके समान ट्रेडमार्क 'गुड डे' का उपयोग कर रही है।न्यायमूर्ति संजीव नरूला का प्रथम दृष्टया विचार था कि ब्रिटानिया के ट्रेडमार्क 'गुड डे' को एक प्रसिद्ध ट्रेडमार्क के रूप में स्वीकार किया गया, इसलिए इसे ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 29 (4) (बी) के संदर्भ में निषेधाज्ञा प्राप्त करने का अधिकार होगा।इसलिए कोर्ट ने गुड डे ओरल केयर और अन्य...

आवाजाही की स्वतंत्रता एक संवैधानिक गारंटी, आवश्यक नागरिक सुविधाओं के अभाव में यह प्रभावित नहीं होनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
आवाजाही की स्वतंत्रता एक संवैधानिक गारंटी, आवश्यक नागरिक सुविधाओं के अभाव में यह प्रभावित नहीं होनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान में निहित नागरिकों की आवाजाही की स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी नागरिक सुविधाओं की कमी से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।जस्टिस नजमी वज़ीरी ने कहा," आवाजाही की स्वतंत्रता (Freedom Of Movement) एक संवैधानिक गारंटी है, इसे आवश्यक नागरिक सुविधाओं की कमी से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के आनंद में सशक्त और सुविधा प्रदान करने की आवश्यकता है। इसके लिए बुनियादी नागरिक सुविधाओं का प्रावधान आवश्यक है। एक सुरक्षित पड़ोस,...

यह दिल्ली पुलिस के लोगो शांति, सेवा, न्याय पर एक बड़ा तमाचा : कोर्ट ने दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने पर दिल्ली पुलिस को फिर लताड़ा
"यह दिल्ली पुलिस के लोगो शांति, सेवा, न्याय" पर एक बड़ा तमाचा" : कोर्ट ने दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने पर दिल्ली पुलिस को फिर लताड़ा

दिल्ली की एक अदालत द्वारा एक नाबालिग बलात्कार के मामले में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की खिंचाई करने के कुछ दिनों बाद अदालत ने यह कहते हुए पुलिस को फिर से फटकार लगाई कि इस मामले में अब तक की गई जांच एक मज़ाक के अलावा और कुछ नहीं है।अदालत ने पहले पुलिस आयुक्त को अदालत में धोखाधड़ी करने के लिए अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने और उचित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव राव ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
नाबालिग पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार की श्रेणी में आता हैः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पति को जमानत देने से इनकार किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर बेंच) ने हाल ही में एक ऐसे व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर अपनी 'पत्नी' के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का आरोप लगाया गया है, जो कथित अपराध के समय 18 वर्ष से कम उम्र की थी और इसलिए उसके खिलाफ का मामला दर्ज किया गया है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की खंडपीठ ने कहा कि इंडिपेंडेंट थॉट बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व एक अन्य (2017) 10 एससीसी 800 के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 के प्रावधान को पढ़ने के बाद यह माना था कि एक...

आपदा प्रबंधन अधिनियम वैधानिक रूप से आपद्धर्म को मान्यता देता है: केरल हाईकोर्ट
आपदा प्रबंधन अधिनियम वैधानिक रूप से आपद्धर्म को मान्यता देता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 आपद्धर्म के सिद्धांत (संंकट काल में अपनाया जाने वाला धर्म) को वैधानिक मान्यता प्रदान करता है। यह अधिनियम आपदाओं के समय अन्य कानूनों को ओवरराइड कर सकता है, क्योंकि इसका उद्देश्य जीवन की रक्षा करना है।न्यायमूर्ति एन नागरेश ने कहा कि अधिनियम इस तरह की अधिभावी शक्ति के बिना अन्य सभी अधिकार स्वतंत्रता अपना अर्थ खो देंगे।न्यायाधीश ने कहा,"आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 72 वास्तव में "आपद्धर्म" के सामान्य कानून को एक वैधानिक मान्यता देती है।...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
वे लोग जो सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं केवल उन्हें यह तय करना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या राज्य की सुरक्षा की क्या जरूरते हैं: जम्मू,कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम, 1978 के तहत जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक कथित कार्यकर्ता की हिरासत को बरकरार रखते हुए पिछले सप्ताह कहा कि जो लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए या सार्वजनिक व्यवस्‍था के रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या राज्य की सुरक्षा के लिए क्या आवश्यकता है, इसका एकमात्र जज होना चाहिए।जस्टिस ताशी रबस्तान की खंडपीठ ने यह देखते हुए कि निवारक उपाय करना और शरारती व्यक्ति को रोकना आवश्यक है, उन्होंने जोर देकर...

दिल्ली हाईकोर्ट
औपचारिक डिक्री का गैर आरेखण मात्र कोर्ट के लिए समझौता विलेख के निष्पादन को खारिज करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि औपचारिक डिक्री का गैर-आरेखण, और आपत्तियां, जिन्हें बाद में समझौता करने के लिए पार्टी द्वारा इससे मुकरने के लिए उठाया जाता है, कोई आधार नहीं है, जिस पर निष्पादन न्यायालय एक समझौता विलेख के निष्पादन को खारिज करने के लिए विचार कर सकता है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि समझौते के संबंध में औपचारिक डिक्री नहीं तैयार करने का कार्य पार्टियों को अदालत के समक्ष किए गए समझौते के लाभों से वंचित नहीं करेगा। कोर्ट तीस हजारी कोर्ट्स के एक सिविल जज की ओर से पारित आदेश के खिलाफ एक...

आर्यन खान मामलाः जमानत आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, साजिश के लिए कोई सबूत नहीं; व्हाट्सएप चैट में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं
आर्यन खान मामलाः जमानत आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, साजिश के लिए कोई सबूत नहीं; व्हाट्सएप चैट में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं

आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा के खिलाफ प्रथम दृष्टया ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सके कि उन्होंने नारकोटिक्स ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत अपराध की साजिश रची थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने तीनों को दिए जमानत आदेश में यह बात कही है।क्रूज शिप ड्रग केस में जस्टिस नितिन साम्ब्रे ने 28 अक्टूबर, 2021 को तीनों को जमानत दी थी। आदेश की विस्तृत प्रति आज उपलब्ध कराई गई। उन पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 (सी) सहपठित धारा 20(बी), धारा 27, 28, 29 और 35 के तहत...

सुबोध कुमार जायसवाल को सीबीआई प्रमुख के पद से हटाने के लिए मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया
सुबोध कुमार जायसवाल को सीबीआई प्रमुख के पद से हटाने के लिए मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया

बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एक सेवानिवृत्त सहायक मुंबई पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल को केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक के पद से हटाने के लिए पात्रता के आधार पर उनकी नियुक्ति को रद्द करने की मांग की।1985 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी जायसवाल ने महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्य किया और उन्हें मई, 2021 में सीबीआई के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया।संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत राजेंद्रकुमार त्रिवेदी द्वारा दायर याचिका में कहा गया...

दिल्ली की अदालत ने वादी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, जज पर लगाया था धमकाने का आरोप
दिल्ली की अदालत ने वादी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, जज पर लगाया था धमकाने का आरोप

दिल्ली की एक अदालत ने एक वादकारी पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। उसने पीठासीन जज के खिलाफ पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए अपने मामले को स्थानांतरित करने की मांग की थी। उसने आरोप लगाया था कि कार्यवाही के दौरान जज ने याचिकाकर्ता के वकील को उसकी न्यायिक शक्तियां दिखाने की धमकी दी।जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने आरोपों को निराधार और याचिका को गुणहीन बताते हुए तबादला याचिका खारिज कर दी। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को तुच्छ शिकायतों में घसीटने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी निराशा व्यक्त की।जज...