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सुनिश्चित करें कि वे शांति से रह सकें: कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक विवाहित जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान की
'सुनिश्चित करें कि वे शांति से रह सकें': कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक विवाहित जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक अंतर-धार्मिक विवाहित जोड़े को पत्नी के बालिग होने के कारण पत्नी के परिवार के सदस्यों के खिलाफ पुलिस सुरक्षा प्रदान की।न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा 18 साल की एक लड़की द्वारा दायर एक याचिका पर फैसला सुना रहे थे, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ खुद और अपने पति के लिए सुरक्षा की मांग की गई थी, जिन्होंने उनके अंतर-धार्मिक विवाह पर आपत्ति जताई थी।याचिकाकर्ता ने कहा कि उसकी और उसके पति की जान को खतरा है क्योंकि उनकी शादी अंतर-धार्मिक प्रकृति की है। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता के...

जजों को मामलों की सुनवाई से खुद को अलग करने में पार्टियों के दबाव में नहीं आना चाहिए: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
जजों को मामलों की सुनवाई से खुद को अलग करने में पार्टियों के दबाव में नहीं आना चाहिए: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर बेंच) ने हाल ही में कहा कि किसी भी जज को मामलों की सुनवाई से खुद को अलग करने के लिए पार्टियों के दबाव में नहीं आना चाहिए।जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया की पीठ ने अपीलकर्ता की पत्नी द्वारा दायर अंतरिम आवेदन (जमानत याचिका में दायर) को खारिज करते हुए कहा, जिसमें हत्या के आरोपी/अपीलकर्ता की दूसरी जमानत याचिका की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की गई थी।मामलामहत्वपूर्ण रूप से, जस्टिस अहलूवालिया को इस आधार पर अलग करने की मांग की गई थी कि उन्होंने मुख्य आरोपी (गिरिराज...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पक्षकारों के अनुरोध पर हाइब्रिड सुनवाई की अनुमति देने के अपने आदेश के अनुपालन पर जिला न्यायाधीशों से रिपोर्ट मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने पक्षकारों के अनुरोध पर हाइब्रिड सुनवाई की अनुमति देने के अपने आदेश के अनुपालन पर जिला न्यायाधीशों से रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को सभी जिला न्यायाधीशों से एक रिपोर्ट मांगी। इसमें उन अदालतों के विवरण का खुलासा किया गया हो जो पक्षकारों के अनुरोध पर हाइब्रिड या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा की अनुमति देने के अपने निर्देश का पालन नहीं कर रही थीं।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ अनिल कुमार हजले द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रही थी। इसमें उन काउंसलों के लाभ के लिए हाइब्रिड सुनवाई की मांग की गई थी, जो संक्रमण से पीड़ित हैं और COVID-19 के कारण फिजिकल रूप से अदालत के सामने...

वैक्सीन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर पर शर्म क्यों आनी चाहिए? वह हमारे प्रधानमंत्री हैं: केरल हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा
'वैक्सीन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर पर शर्म क्यों आनी चाहिए? वह हमारे प्रधानमंत्री हैं': केरल हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को COVID-19 महामारी के खिलाफ वैक्सीनेशन पर नागरिकों को जारी किए गए वैक्सीन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर चिपकाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने जब मामला सुनवाई के लिए आया तो कहा:"वह हमारे प्रधानमंत्री हैं, किसी अन्य देश के प्रधानमंत्री नहीं। वह हमारे जनादेश के माध्यम से सत्ता में आए। केवल इसलिए कि आपके राजनीतिक मतभेद हैं, आप इसे चुनौती नहीं दे सकते ... आप हमारे पीएम पर शर्म क्यों करते हैं?...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
'दोषी भी इंसानों से कम नहीं': कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपनी पसंद के डॉक्टर से इलाज कराने के लिए दोषी की पैरोल अवधि बढ़ाई

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक दोषी की पैरोल छुट्टी दस दिनों के लिए बढ़ा दी है, जिससे उसे अपनी पसंद के डॉक्टर से इलाज कराने की अनुमति मिल गई है।न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित ने कहा,"एक रिट कोर्ट मानवीय समस्याओं से आंखें नहीं मूंद सकता है और दोषी भी इंसानों से कम नहीं हैं। केवल इसलिए दोषी को सजा काटने के लिए सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है और इस तरह दोषी अपराध बोध से मुक्त हो जाता है।"जालसाजी के आरोप में जेल में बंद याचिकाकर्ता पंकज ए. पारेक ने अपनी पैरोल छुट्टी बढ़ाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने जैविक पिता के बजाय मृतक मां की दोस्त को 4 साल की बच्ची की कस्टडी दी, पिता को मुलाकात का अधिकार दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने जैविक पिता के बजाय मृतक मां की दोस्त को 4 साल की बच्ची की कस्टडी दी, पिता को मुलाकात का अधिकार दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में साढ़े चार साल की एक बच्‍ची की कस्टडी जैविक पिता को सौंपने के बजाय मृतक मां की एक दोस्त को सौंप दी। हालांकि, कोर्ट ने जैविक पिता को मुलाकात का अधिकार प्रदान किया।कोर्ट ने माना कि जैविक पिता के साथ बच्ची के संबंध को उसकी मासूम उम्र से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।जस्टिस बिवास पटनायक और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने स्वीकार किया किजबकि बेटी अपनी मां की दोस्त के साथ बखूबी एडजस्ट कर चुकी है, फिर भी जैविक पिता के साथ उसके संबंध को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है।कोर्ट ने...

मद्रास हाईकोर्ट
शांतिपूर्ण माहौल में काम करने का अधिकार एक बुनियादी अधिकार, यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने में प्रशासनिक चूक को स्वीकार नहीं किया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, कलपक्कम के एक अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित एक महत्वपूर्ण फैसले में शिकायतों को जल्द से जल्द निस्तारण में प्रशासन की जिम्मेदारी को रेखांकित किया है। अदालत ने कहा कि शिकायत की स्थापना के बाद से पर्याप्त समय बीतना और मामले में अंतिमता का अभाव महिला कर्मचारियों की दक्षता पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।समय का प्रवाह अनिवार्य रूप से उन पर प्रभाव डालेगा, जब वे उसी ही स्थान पर कार्य जारी रखेंगी। अदालत ने कहा कि मौजूदा मामले ने उसे मानसिक...

कंगना रनौत के खिलाफ खालिस्तान टिप्पणी पर 25 जनवरी तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी: मुंबई पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा
कंगना रनौत के खिलाफ 'खालिस्तान' टिप्पणी पर 25 जनवरी तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी: मुंबई पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा

मुंबई पुलिस ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि वह 25 जनवरी तक अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ सिख समुदाय और खालिस्तानी आंदोलन के बारे में उनके इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर दर्ज प्राथमिकी में कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी।न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की खंडपीठ ने कंगना के अंडरटेकिंग को भी दर्ज किया कि वह सीआरपीसी की धारा 41 के तहत उन्हें दिए गए नोटिस के अनुपालन में अपना बयान दर्ज करने के लिए खार पुलिस के समक्ष पेश होंगी।पीठ कंगना की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो...

दिल्ली दंगे: कोर्ट ने लंबित मामलों में देरी से बचने के लिए डीसीपी को अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को न्यायिक आदेशों का पालन करने के लिए संवेदनशील बनाने का निर्देश दिया
दिल्ली दंगे: कोर्ट ने लंबित मामलों में देरी से बचने के लिए डीसीपी को अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को न्यायिक आदेशों का पालन करने के लिए संवेदनशील बनाने का निर्देश दिया

दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर पूर्वी जिले के डीसीपी को अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों में न्यायिक आदेशों और ट्रायल कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए संवेदनशील बनाने का निर्देश दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लंबित मामलों में कोई देरी न हो।कड़कड़डूमा कोर्ट के उत्तर पूर्व जिले के प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने सीएमएम द्वारा पारित एक आदेश को रद्द करते हुए आदेश पारित किया। इसमें दिल्ली पुलिस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।...

केरल हाईकोर्ट
धीमी गति लेकिन लापरवाही से वाहन चलाना तेज और असावधानी से वाहन चलाने जैसा: केरल हाईकोर्ट

केरल ‌हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि लापरवाही और असावधानी से वाहन चलाना, भले ही वह कम गति से चलाया गया हो, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 279 के तहत ' तेज और असावधानी से गाड़ी चलाने' के समान होगा ।ट्रेकिंग पथ से होकर ट्रैक्टरों की लापरवाही और असावधानी भरी ड्राइविंग संबंधित एक मामले पर जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस पीजी अजितकुमार की खंडपीठ ने कहा,"सड़क पर वाहन चलाने वाला व्यक्ति कृत्य के साथ-साथ परिणाम के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। वाहन की गति के संदर्भ में यह निर्धारित करना...

कुछ दिन एक साथ रहने का मतलब यह नहीं है कि दो वयस्क वास्तव में लिव-इन-रिलेशन में हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
कुछ दिन एक साथ रहने का मतलब यह नहीं है कि दो वयस्क वास्तव में 'लिव-इन-रिलेशन' में हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल द्वारा दायर सुरक्षा याचिका पर विचार करते हुए कहा कि केवल इसलिए कि दो वयस्क कुछ दिनों से एक साथ रह रहे हैं, उनका यह दावा पर्याप्त नहीं है कि वे वास्तव में लिव-इन-रिलेशनशिप में हैं।न्यायमूर्ति मनोज बजाज की पीठ ने 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए याचिका खारिज किया और यह नोट किया गया कि याचिका कार्रवाई के वैध कारण के बिना दायर की गई थी।पूरा मामलापीठ अनिवार्य रूप से 18 साल की लड़की और 20 साल के लड़के द्वारा दायर याचिका पर...

एनसीआर प्रदूषण: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ईंट भट्टों को बंद करने में विफल रहने पर यूपी के दो जिलों के डीएम को अवमानना नोटिस जारी किया
एनसीआर प्रदूषण: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ईंट भट्टों को बंद करने में विफल रहने पर यूपी के दो जिलों के डीएम को अवमानना नोटिस जारी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के दो जिलों गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों के खिलाफ एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी ईंट भट्टों को बंद करने के न्यायालय के आदेश का पालन न करने के संबंध में अवमानना ​​नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने बुलंदशहर के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और जिला मजिस्ट्रेट गौतमबुद्धनगर के सुहास लालिनकेरे यतिराज को उनके संबंधित जिलों में सभी ईंट भट्टों को बंद करने में विफल रहने पर नोटिस जारी किया।न्यायालय याचिकाकर्ता...

मद्रास बार एसोसिएशन चुनाव परिणाम घोषित; एडवोकेट वी आर कमलानाथन अध्यक्ष, एडवोकेट डी. श्रीनिवासन सचिव चुने गए
मद्रास बार एसोसिएशन चुनाव परिणाम घोषित; एडवोकेट वी आर कमलानाथन अध्यक्ष, एडवोकेट डी. श्रीनिवासन सचिव चुने गए

मद्रास बार एसोसिएशन (एमबीए) के सात दिसंबर, 2021 को घोषित परिणामों के अनुसार एडवोकेट वी. आर. कमलानाथन को एमबीए के अध्यक्ष के रूप में चुना गया।उन्हें कुल 626 वोटों में से 428 वोट मिले।एमबीए के सचिव पद के लिए अधिवक्ता डी. श्रीनिवासन को 332 मतों के साथ निर्वाचित घोषित किया गया।323 वोट हासिल करने वाले अधिवक्ता पी. श्रीनिवास एमबीए के कोषाध्यक्ष होंगे।एडवोकेट एन. रमैया 338 वोट हासिल कर लाइब्रेरियन होंगे।कार्यकारी समिति के सदस्य अधिवक्ता वी. रमेश, वाई.टी. अरविंद घोष, एस.के. चंद्रकुमार, आर. हेमलता और डी....

कासगंज कस्टोडियल डेथ: फांसी लगाकर आत्महत्या का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से असंभव: पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया
कासगंज कस्टोडियल डेथ: 'फांसी लगाकर आत्महत्या का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से असंभव': पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया

पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने कासगंज कस्टोडियल डेथ पीड़ित अल्ताफ के शरीर का दोबारा पोस्टमॉर्टम करने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है।इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका में पीयूसीएल ने कस्टडी में बर्बरता, पूरे भारत को लंबे समय से त्रस्त के आलोक में आरोप लगाया है कि अल्ताफ के मामले में फांसी लगाकर आत्महत्या का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से असंभव है।अधिवक्ता शाश्वत आनंद और अधिवक्ता सैयद अहमद फैजान के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी के माध्यम से दायर याचिका में अल्ताफ के...

किसी ट्रैवल ब्लॉगर का पासपोर्ट अनुचित रूप से जब्त करना, उसके आजीविका के मौलिक अधिकार को प्रभावित करता है : एमपी हाईकोर्ट
किसी ट्रैवल ब्लॉगर का पासपोर्ट अनुचित रूप से जब्त करना, उसके आजीविका के मौलिक अधिकार को प्रभावित करता है : एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (इंदौर बेंच) ने हाल ही में कहा है कि अनुचित कारणों के आधार पर एक ट्रैवल ब्लॉगर का पासपोर्ट जब्त करना, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले उसके आजीविका के मौलिक अधिकार को प्रभावित करता है। न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल की खंडपीठ ने आगे कहा कि पासपोर्ट को केवल इसलिए जब्त नहीं किया जा सकता है क्योंकि धारा 498-ए आदि के तहत अपराध का मामला लंबित है या किसी व्यक्ति के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। अदालत ने आगे फैसला सुनाते हुए कहा कि''यदि जांच अधिकारी इस बात पर अपना...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
'बलात्कार की पीड़िता को डीएनए टेस्ट कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता': POCSO मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बलात्कार की पीड़िता को उसके बच्चे के पितृत्व का निर्धारण करने के लिए डीएनए टेस्ट करवाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।अदालत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सुल्तानपुर के 25 जून, 2021 के आदेश को चुनौती देने वाली एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इस तरह के डीएनए टेस्ट की अनुमति दी गई थी।न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि संबंधित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 'अपनी एनर्जी या ऊर्जा को गलत दिशा में निर्देशित' किया है क्योंकि उनके...

पत्नी की जानकारी के बिना उसकी टेलीफोनिक बातचीत की रिकॉर्डिंग निजता का स्पष्ट उल्लंघन: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पत्नी की जानकारी के बिना उसकी टेलीफोनिक बातचीत की रिकॉर्डिंग निजता का स्पष्ट उल्लंघन: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पत्नी की जानकारी के बिना उसकी टेलीफोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग निजता का स्पष्ट उल्लंघन है।न्यायमूर्ति लिसा गिल की खंडपीठ ने इस अवलोकन में एक फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। इस आदेश में पति को तलाक के मुकदमे (हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत) में पत्नी के खिलाफ क्रूरता का मामला दर्ज कराने के लिए उसके और उसकी पत्नी के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत को साबित करने की अनुमति दी गई थी।फैमिली कोर्ट ने कॉम्पैक्ट डिस्क में निहित कथित टेलीफोन पर...

पंजाब ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
पंजाब ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

पंजाब सरकार ने केंद्र के उस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने के लिए असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर की दूरी के भीतर तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के अधिकार का विस्तार किया गया। पहले इन राज्यों में बीएसएफ के अधिकार 15 किलोमीटर तक सीमित थे। गुजरात राज्य के संबंध में अधिकार क्षेत्र की सीमा 80 किमी से घटाकर 50 किमी कर दी गई है। पंजाब राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के...