मुख्य सुर्खियां
साझेघर में निवास के मामले में सास को मालकिन होने के नाते बहू के खिलाफ बेदखली का दावा करने से नहीं रोका गया : दिल्ली हाईकोर्ट
संपत्ति पर कब्जे के एक मामले के तथ्यों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि सास पर संपत्ति की मालकिन होने के नाते अपनी बहू के खिलाफ बेदखली का दावा करने के संबंध में कोई रोक नहीं है, भले ही निवास एक साझा घर है।न्यायमूर्ति आशा मेनन ने कहा, ''यहां एक निवास स्पष्ट रूप से एक साझा घर है, यह मालिक, वादी को अपनी बहू के खिलाफ बेदखली का दावा करने से नहीं रोकता है(अगर हालात ऐसे बन जाते हैं)।'' बेंच ने इस प्रकार एक सास के पक्ष में और बहू और उसकी मां के खिलाफ कब्जा करने का एक आदेश दिया है। जबकि बहू व उसकी मां...
POCSO मामलों में जिरह के दौरान चूक को चिह्नित करने में विफल रहने पर गवाह को फिर से नहीं बुला सकते : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि पॉक्सो मामलों में जिरह के दौरान एक गवाह के पिछले बयानों की चूक (ओमिशन) को चिह्नित करने में विफल रहना हमेशा उन गवाहों को फिर से बुलाने का एक वैध आधार नहीं होता है। हालांकि, याचिका का निपटारा करने से पहले, न्यायमूर्ति एमआर अनीथा ने स्पष्ट किया है किः ''मैं यह भी स्पष्ट करती हूं कि मैं इसे एक मिसाल के रूप में नहीं बनाना चाहती हूं कि गवाहों से जिरह के दौरान महत्वपूर्ण चूक को चिह्नित करने की आवश्यकता नहीं है।'' पृष्ठभूमिः याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड...
दिल्ली दंगा: अदालत ने जनवरी से सरकारी वकील के पेश होने में विफलता के लिए राज्य सरकार पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया
दिल्ली की एक अदालत ने इस साल जनवरी में चार्जशीट दाखिल होने के बाद से उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित एक मामले में स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर के पेश होने में विफल रहने के बाद राज्य सरकार पर 3000 रुपये का जुर्माना लगाया।मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अरुण कुमार गर्ग ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को जुर्माना लगाने की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच करने और जिम्मेदार व्यक्ति के वेतन से उसकी कटौती का आदेश देने का भी निर्देश दिया।अदालत खजूरी खास पुलिस स्टेशन में दर्ज 2020 की एफआईआर नंबर 205 से निपट रही...
बेटी की भलाई के लिए माता-पिता द्वारा दिए गए उपहार दहेज के दायरे में नहीं : केरल हाईकोर्ट
एक महत्वपूर्ण फैसले में, केरल हाईकोर्ट ने माना है कि शादी के समय दुल्हन को उसकी भलाई के लिए दिए गए उपहारों को दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के दायरे में दहेज के रूप में नहीं माना जाएगा।एक पीड़ित पति की तरफ से दायर याचिका को अनुमति देते हुए, न्यायमूर्ति एम.आर. अनीथा ने कहाः ''...विवाह के समय दुल्हन को बिना किसी मांग के दिए गए उपहार और जो इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों के अनुसार बनाई गई सूची में दर्ज किए गए हैं,वो धारा 3(1) के दायरे में नहीं आएंगे,जो दहेज देने या लेने पर रोक लगाती है।'' ...
'सुनिश्चित करें कि वे शांति से रह सकें': कलकत्ता हाईकोर्ट ने अंतर-धार्मिक विवाहित जोड़े को पुलिस सुरक्षा दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह एक अंतर धार्मिक विवाहित जोड़े को लड़की के बालिग होने के कारण लड़की के परिवार के सदस्यों से इस्स जोड़े को पुलिस सुरक्षा प्रदान की।न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा 18 साल की एक लड़की द्वारा दायर एक याचिका पर फैसला सुना रहे थे। इसमें उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपने और अपने पति के लिए सुरक्षा की मांग की गई थी। परिवार के सदस्यों ने उनके अंतर-धार्मिक विवाह पर आपत्ति जताई थी।याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उसकी और उसके पति की जान को खतरा है, क्योंकि उनकी शादी अंतर-धार्मिक प्रकृति...
दिल्ली हाईकोर्ट में 'एक्स पोस्ट फैक्टो' पर्यावरण मंजूरी के खिलाफ याचिका, कोर्ट ने नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी एक कार्यालय ज्ञापन को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। इसमें पूर्व-पश्चात पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) यानी परियोजनाओं के लिए ईसी प्राप्त करने से उक्त परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है।अधिवक्ता चिराग जैन और शोभित शुक्ला के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने वाली निष्ठा शुक्ला द्वारा याचिका दायर की गई।याचिका में कहा गया कि सात जुलाई, 2021 का विवादित ओएम अधिकार क्षेत्र के बिना पारित किया गया। साथ...
महाराष्ट्र COVID-19 से निपटने में अग्रणी: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महामारी के दौरान दायर दो जनहित याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि COVID-19 की दूसरी लहर से निपटने में महाराष्ट्र सरकार अग्रणी थी।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की पीठ ने आगे कहा कि महाराष्ट्र उन कुछ राज्यों में से एक है जहां कोर्ट में फिजिकल रूप से सुनवाई शुरू हो गई है और आने वाले वर्ष के लिए आशा व्यक्त की है।कोर्ट ने कहा,"हम अप्रैल 2021 को दोहराना नहीं चाहते, उन काले दिनों को। हमें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि महाराष्ट्र COVID19 की स्थिति से...
[सेक्शन 66ए आईटी एक्ट] पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती, कोर्ट चार्जशीट का संज्ञान नहीं ले सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी, यूपी की जिला अदालतों को निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश की सभी जिला अदालतों और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66 ए के तहत कोई एफआईआर दर्ज ना की जाए और उक्त धारा के तहत दायर की चार्जशीट का कोई भी अदालत संज्ञान न ले।जस्टिस राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने यह निर्देश जारी किया। कोर्ट ने यह नोट किया था कि आईटी अधिनियम की धारा 66ए को श्रेया सिंघल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2015) 5 एससीसी 1 के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही रद्द कर दिया है।न्यायालय हर्ष कदम की याचिका पर सुनवाई कर रहा...
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भाजपा नेता मोहित भारतीय की मानहानि शिकायत पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ समन जारी किया
मुंबई में सेवरी में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व महासचिव मोहित भारतीय द्वारा दायर मानहानि मामले में सीआरपीसी की धारा 204 ए के तहत समन जारी किया है।सम्मन 30 दिसंबर, 2021 को वापस करने योग्य है।मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पीआई मोकाशी ने सोमवार को पारित एक आदेश में कहा कि भारतीय द्वारा उद्धृत दस्तावेजों और वीडियो क्लिप से पता चलता है कि मलिक ने उनके खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था "ताकि इसे बड़े पैमाने पर जनता द्वारा...
"चाइल्ड केयर सेंटर्स की स्थितियां भयावह, भागी हुई लड़कियों का अपहरण किया जा रहा है": दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य की प्रतिक्रिया मांगी, सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी दिल्ली में कस्तूरबा गांधी नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट और अन्य चाइल्ड केयर केंद्रों को भयावह बताते हुए दिल्ली सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर जवाब मांगा है कि बच्चे ऐसे केंद्रों से पलायन न करें और उसके बाद उनका अपहरण न हो सके।जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें बख्तावरपुर के एक चिल्ड्रेन होम से पांच नाबालिग लड़कियों के भागने और ऐसी ही अन्य समान घटनाओं में मजिस्ट्रेट जांच की मांग की गई है।कोर्ट ने कहा,...
'पीड़िता के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को खतरा': कर्नाटक हाईकोर्ट ने कथित बलात्कार पीड़िता को 24 सप्ताह से अधिक के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कथित बलात्कार पीड़िता को 24 सप्ताह से अधिक के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी और कहा कि इसे जारी रखने से उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा।धारवाड़ बेंच में बैठे जस्टिस एन एस संजय गौड़ा ने कहा,"इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता (उत्तरजीवी) अभी भी पढ़ाई कर रही है और उसके पिता नहीं है, उसकी मां अकेल परवरिश कर रही है। मनोचिकित्सक ने पुष्टि की है कि गर्भावस्था को जारी रखना निश्चित रूप से याचिकाकर्ता के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम...
COVID-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं; वर्तमान प्राथमिकता फुल वैक्सीनेशन: दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार
दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया कि नेशनल COVID-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम की वर्तमान प्राथमिकता दो डोज सहित फुल वैक्सीनेशन के साथ पूरी पात्र आबादी को कवर करना है। वर्तमान में बूस्टर डोज के प्रशासन के संबंध में कोई दिशानिर्देश नहीं हैं।इसमें कहा गया कि दो विशेषज्ञ निकायों अर्थात् वैक्सीनेशन पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) और COVID-19 (एनईजीवीएसी) के लिए वैक्सीन प्रशासन पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह ने व्यापक रूप से प्रत्याशित बूस्टर डोज के प्रशासन के लिए अब तक कोई दिशानिर्देश...
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह के लिए शिवाजी पार्क ग्राउंड का उपयोग करने की अनुमति के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका वापस ली
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह के लिए शिवाजी पार्क ग्राउंड का उपयोग करने की अनुमति के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका वापस लीमुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने 22-28 दिसंबर, 2021 के बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह के लिए शिवाजी पार्क ग्राउंड का उपयोग करने की अनुमति के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष अपनी याचिका बिना शर्त वापस ले ली।न्यायमूर्ति अमजद सैयद और न्यायमूर्ति अभय आहूजा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आने के बाद याचिका...
दिल्ली हाईकोर्ट ने होमबॉयर्स से एकत्र धन की हेराफेरी और गबन के आरोपी प्रोजेक्ट प्रमोटर को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया, अंतरिम सुरक्षा वापस ली
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक निर्माण परियोजना के प्रमोटर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। उसके खिलाफ कंपनी ने घर खरीदारों से एकत्र किए गए धन की हेराफेरी और गबन के आरोप में दो एफआईआर दर्ज कराई है। कोर्ट ने प्रमोटर को दी गई अंतरिम सुरक्षा भी वापस ले ली।सिद्धार्थ चौहान, प्रबंध निदेशक, मेसर्स सिद्धार्थ बिल्डहोम प्राइवेट लिमिटेड ने दो अलग-अलग एफआईआर में दो अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर की थीं। शेयर पूंजी में उनकी 97 फीसदी हिस्सेदारी थी। जस्टिस मनोज कुमार ओहरी का विचार था कि चौहान पीड़ित घर...
पत्रकार विक्रम जोशी की 'क्रूर हत्या': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एकमात्र आरोपी की जमानत याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में पत्रकार विक्रम जोशी हत्याकांड के एकमात्र आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में जुलाई, 2020 में जोशी को उनकी दो नाबालिग बेटियों के सामने सिर में गोली मार दी गई थी।न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से पता चलता है कि पत्रकार जोशी की नृशंस हत्या में अकेले आवेदक की संलिप्तता है।संक्षेप में तथ्यजोशी की कथित तौर पर पांच और 11 साल की उनकी दो बेटियों के...
भारतीय करेंसी नोटों पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छापने की मांग वाली याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) में केंद्र सरकार से जवाब मांगा। इसमें भारतीय करेंसी नोटों पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छापने का निर्देश देने की मांग की गई।94 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी हरेन बागची विश्वास द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि महात्मा गांधी जैसे नोटों पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर क्यों नहीं छापी जा सकती। याचिकाकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि भारत सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को उचित मान्यता नहीं दी है।मुख्य न्यायाधीश...
स्त्री धन की वसूली के एकमात्र आधार पर आईपीसी की धारा 498A,406 के तहत किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल यह तथ्य कि स्त्री धन की वसूली किसी व्यक्ति से की जानी है, उसे धारा 498-ए (दहेज की मांग से संबंधित) और 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत अपराधों के लिए गिरफ्तार करने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता है।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को सीआरपीसी के तहत आरोपी के परिसरों की तलाशी लेने का अधिकार है।कोर्ट ने कहा, "याचिकाकर्ता से हिरासत में पूछताछ की मांग केवल स्त्री धन की वसूली के लिए की जा रही है। केवल स्त्री धन की वसूली याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत...
दिल्ली दंगा: हाईकोर्ट ने मुसलमानों को मारने वाली भीड़ का हिस्सा होने के आरोपी दो लोगों को जमानत देने से इनकार किया, कहा कि वे एकमात्र सार्वजनिक गवाह को प्रभावित कर सकते हैं
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले साल उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में चार मुस्लिमानों की हत्या के आरोपी अजय और शुभम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा यह आशंका है कि वे एकमात्र सार्वजनिक गवाह को धमकी दे सकते हैं।इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि दोनों पिछले साल अप्रैल से हिरासत में है, जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, "जमानत न्यायशास्त्र एक आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा के बीच की खाई को पाटने का प्रयास करता है। यह किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सुरक्षित करने...
सीपीसी आदेश XII नियम 6 : स्वीकारोक्त पर निर्णय के लिए आवेदन सूट के किसी भी चरण में दायर किया जा सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि मुकदमे के किसी भी चरण में नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश XII नियम 6 के तहत एक डिक्री पारित की जा सकती है, जहां या तो दलीलों में या अन्य तरीके से तथ्यों को स्वीकार कर लिया गया हो।न्यायमूर्ति के.एस. मुदगल ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके द्वारा उसने प्रतिवादियों की याचिकाओं में स्वीकारोक्ति के आधार पर याचिकाकर्ताओं की किराए की संपत्ति के कब्जे के लिए आदेश XII नियम 6 के तहत दायर आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उठाए गए...
'पीड़िता को भारत वापस लाने के लिए तत्काल उपाय करें': कलकत्ता हाईकोर्ट ने तस्करी के जरिए बांग्लादेश भेजी गई लड़की के बचाव के लिए भारत सरकार को निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह तस्करी की शिकार हुई एक लड़की की मदद के लिए आगे आई। कोर्ट तस्करी कर बांग्लादेश स्थित रंगपुर भेजी गई लड़की की तत्काल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया।जस्टिस राजशेखर मंथा ने भारत स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त से पीड़ित लड़की को शेख रसेल बाल प्रशिक्षण और पुनर्वास केंद्र, रंगपुर, बांग्लादेश से किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि पीड़िता सुरक्षित भारत लौट आए।अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी...








![[सेक्शन 66ए आईटी एक्ट] पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती, कोर्ट चार्जशीट का संज्ञान नहीं ले सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी, यूपी की जिला अदालतों को निर्देश दिया [सेक्शन 66ए आईटी एक्ट] पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती, कोर्ट चार्जशीट का संज्ञान नहीं ले सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी, यूपी की जिला अदालतों को निर्देश दिया](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/10/21/500x300_402691-allahabadhc.jpg)








