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[NEET-PG] ग्रामीण क्षेत्र सेवा में संलग्न उम्मीदवार अधिकार के रूप में एक विशेष उप-कोटा का दावा नहीं कर सकते: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने हाल ही में कहा कि ग्रामीण क्षेत्र सेवा या दुर्गम ग्रामीण क्षेत्र सेवा में संलग्न एनईईटी-पीजी उम्मीदवार अधिकार के रूप में एक विशेष उप-कोटा का दावा नहीं कर सकते हैं।न्यायमूर्ति एन. नागरेश ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि मेडिकल पोस्टग्रेजुएट डिग्री कोर्स 2021-2022 में प्रवेश के लिए प्रॉस्पेक्टस में ग्रामीण क्षेत्र की सेवा के लिए 2% और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्र की सेवा के लिए 5% वेटेज प्रदान किया गया है। कोर्ट ने कहा, "प्रॉस्पेक्टस ग्रामीण सेवा और कठिन ग्रामीण सेवा...
'पॉलिसी मैटर': दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 की बूस्टर डोज अंतराल को कम करने के लिए जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को फ्रंट लाइन वर्कर्स और वरिष्ठ नागरिकों को COVID-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने के लिए समय अंतराल को कम करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।चीफ जस्टिस पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि यह एक प्रशासनिक निर्णय है और अदालत याचिकाकर्ताओं की इच्छा के आधार पर नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है।पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"ये नीतियां डॉक्टरों द्वारा बनाई गई हैं जो विषय-विशेषज्ञ हैं और हाईकोर्ट ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करने...
मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 245(2) के तहत आरोपी को इस आधार पर डिस्चार्ज नहीं कर सकता कि साक्ष्य के लिए निर्धारित तिथि पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित था; सबूतों पर विचार करना आवश्यक: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक मजिस्ट्रेट को सीआरपीसी की धारा 245(2) के तहत एक आरोपी को आरोपमुक्त करते समय यह दर्शाने के लिए कारण दर्ज करने होंगे कि कोई मामला नहीं बनता है।बेंच ने आगे कहा कि मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 245(2) के तहत आरोपी को इस आधार पर डिस्चार्ज नहीं कर सकता कि साक्ष्य के लिए निर्धारित तिथि पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित था। न्यायमूर्ति आनंद कुमार मुखर्जी ने कहा, "मेरे विचार में, सीआरपीसी की धारा 245 (2) के तहत मजिस्ट्रेट की ओर से यह कानूनी आवश्यकता होगी कि वह उन...
'रिपोर्ट बिल्कुल अस्पष्ट: कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में पुलिस जांच पर कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य के कलना जिले में एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में कलना थाना, पूरबा बर्धमान के पुलिस अधिकारियों द्वारा जिस तरह से जांच की जा रही है, उस पर नाराजगी व्यक्त की।अदालत लापता नाबालिग लड़की के माता-पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी।जस्टिस टीएस शिवगनम और जस्टिस हिरणमय भट्टाचार्य की पीठ ने गुरुवार को राकेश सिंह, प्रभारी अधिकारी, कालना पुलिस स्टेशन, पुरबा बर्धमान द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया।पीठ ने कहा,"कहने के लिए कम से कम...
आईटी नियम, 2021 के भाग III के तहत गूगल जैसे सर्च इंजन 'प्रकाशक' नहीं: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग III के तहत गूगल (Google) जैसे सर्च इंजन 'प्रकाशक' हैं।नियमों की धारा 2(एस) एक प्रकाशक को "समाचार और समसामयिक मामलों की सामग्री के प्रकाशक या ऑनलाइन क्यूरेट की गई सामग्री के प्रकाशक" के रूप में परिभाषित करती है।सूचना और प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से केंद्र ने सीबीएसई के अधिकारी द्वारा दायर एक याचिका में एक जवाबी हलफनामा दायर किया है, जिसमें कथित...
"फिल्म का टाइटल राजपूत समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है": करणी सेना ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिल्म 'पृथ्वीराज' की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की
अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर अभिनीत फिल्म 'पृथ्वीराज (Prithviraj)' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संगीता सिंह (महिला विंग) द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका दायर की गई है।राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की (महिला विंग) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली वकील संगीता सिंह ने यह आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है कि फिल्म का शीर्षक 'सम्राट पृथ्वीराज चौहान' की जगह 'पृथ्वीराज' रखा गया है। इससे...
COVID-19 बूस्टर डोज: गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश, अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी और वकीलों को फ्रंट लाइन वर्कर माना जाएगा
असम सरकार की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि गुवाहाटी हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों के सभी न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, अन्य अधिकारी और कर्मचारियों को COVID-19 वैक्सीनेशन के उद्देश्य से फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में माना जाएगा। इन कर्मचारियों में विभिन्न अदालतों में पेश होने वाले वकील और विभिन्न जेलों के सभी अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।यह ध्यान दिया जा सकता है कि 10 जनवरी, 2022 से राज्य में स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं, फ्रंट लाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को संक्रमण के साथ...
[एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37] 'उचित आधार' का मतलब 'प्रथम दृष्टया' आधार से कुछ अधिक है: कलकत्ता हाईकोर्ट
नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 37 की व्याख्या करते हुए, कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि किसी अपराधी ने अपराध नहीं किया है, यह मानने के लिए 'उचित आधार' होना चाहिए, जो महज 'प्रथम दृष्टया' आधार से अधिक होना चाहिए।अधिनियम की धारा 37 इस कानून में निहित अपराधों के वर्गीकरण से संबंधित है और उन मामलों का प्रावधान करती है जहां आरोपी व्यक्ति को जमानत दी जा सकती है। यह कुछ अपराधों के मामले में जमानत के लिए दोहरी शर्तें प्रदान करता है: पहला, आरोपी...
[दिल्ली दंगे] "भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने का प्रयास किया गया, बड़े पैमाने पर जनता पीड़ित": अभियोजन पक्ष ने जमानत के विरोध में तर्क दिए
दिल्ली दंगों (Delhi Riots) के बड़े षड्यंत्र के मामले में कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने गुरुवार को दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) को बताया कि आरोपी व्यक्तियों द्वारा भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने का प्रयास किया गया था और हिंसा के कारण बड़े पैमाने पर जनता पीड़ित है।विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद उमर खालिद, शरजील इमाम, खालिद सैफी, मीरा हैदर, सलीम मलिक, शहाब अहमद और सलीम खान की जमानत याचिकाओं का विरोध कर रहे थे।प्रसाद ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत को...
AIBE 16 Result 2021-22: ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन का रिजल्ट जारी; ऐसे करें डाउनलोड
अखिल भारतीय बार परीक्षा 16 (All India Bar Examination XVI) का रिजल्ट जारी किया गया है।AIBE-XVI का आयोजन 31 अक्टूबर 2021 को किया गया था। रिजल्ट www.allindiabarexamination.com लिंक पर जा कर चेक किए जा सकते हैं। उम्मीदवार दिए गए लिंक पर अपना रोल नंबर और जन्म तिथि लिखकर करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं।एआईबीई 16 रिजल्ट: प्रक्रिया- ऑफिशियल वेबसाइट allindiabarexamination.com पर जाएं।- एआईबीई रिजल्ट पर क्लिक करें।- एआईबीई रोल नंबर और जन्म तिथि (उम्मीदवार की) सहित लॉगिन क्रेडेंशियल डालें।- एआईबीई XVI...
डीएनए नमूना जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों को निर्दिष्ट करें, एमपी हाईकोर्ट का राज्य सरकार को निर्देश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि डीएनए नमूनों की जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब के गठन के लिए जारी न्यायालय के निर्देशों के संबंध में उसने क्या कदम उठाए हैं।यह आदेश जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने दिया। पीठ कहा कि बड़ी संख्या में मामलों में, एफएसएल रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट एचसी या ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं की जा रही है, इस तथ्य के बावजूद कि चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है और मुकदमे में, महत्वपूर्ण गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।अदालत ने कहा, "यह राज्य...
अन्य राज्यों की एसी/एसटी/ओबीसी महिलाएं विवाह बाद राजस्थान में बसने पर यहां सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण की हकदार नहींः राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया कि राज्य के बाहर की महिलाएं विवाह के बाद राजस्थान में बसने पर किसी अन्य राज्य में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग की सदस्य होने के कारण राज्य में सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण के लाभ के हकदार नहीं हो सकती हैं।हालांकि, वे आरक्षित श्रेणी के सदस्य के रूप में उन योजनाओं का लाभ उठा सकती हैं, जिनमें डोमिसाइल या निवास को हकदारी के रूप में परिकल्पित किया गया है।हाईकोर्ट ने सुनीता रानी नामक एक महिला की रिट याचिका पर यह टिप्पणियां की। प्रतिवादी सब डिविजनल...
एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी की गवाही को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि अन्य सह-आरोपियों के संबंध में दी गई गवाही को अविश्वसनीय पाया गया: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि एक आरोपी के संबंध में एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी की गवाही को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि अन्य सह-आरोपियों के संबंध में उसके साक्ष्य अविश्वसनीय पाए गए हैं।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस बिभास रंजन डे की खंडपीठ ने कहा कि सबूतों की सराहना के संबंध में भारत में 'एक बात में झूठ, हर बात में झूठ' (falsus in uno, falsus in omnibus) का सिद्धांत लागू नहीं है। तदनुसार, पीठ ने एकमात्र चश्मदीद गवाह (पीडब्ल्यू 5) की गवाही के आधार पर आईपीसी की धारा 302...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ दायर 11 अवमानना याचिकाओं को खारिज किया, 11 लाख का जुर्माना लगाया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने जितेंद्र कुमार राजन नामक एक व्यक्ति द्वारा दायर उन 11 अवमानना याचिकाओं को खारिज़ कर दिया है, जिनमें हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा, "किसी को भी न्याय के मंदिर की छवि खराब करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।"जस्टिस बी वीरप्पा और जस्टिस एमजी उमा की खंडपीठ ने कहा, "जब न्यायालय की गरिमा की बात आती है तो कोई नरमी नहीं दिखाई जा सकती, और इसलिए, प्रत्येक याचिका पर एक लाख रुपये यानी, कुल 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।"इसके बाद अदालत ने...
डीएनए सैंपल जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों को निर्दिष्ट करें: एमपी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि डीएनए सैंपल की जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब के गठन के लिए जारी न्यायालय के निर्देशों के संबंध में उसके द्वारा क्या कदम उठाए गए।जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ से यह आदेश आया। पीठ ने कहा कि बड़ी संख्या में मामलों में एफएसएल रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट एचसी या ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं की जा रही है, इस तथ्य के बावजूद कि चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है और मुकदमे में महत्वपूर्ण गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।अदालत ने कहा,"यह राज्य...
हत्या की साजिश के मामले में आगे की जांच के खिलाफ दिलीप ने केरल हाईकोर्ट का रुख किया
एक्टर दिलीप ने केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) के समक्ष एक और याचिका दायर की है। याचिका में जांच अधिकारी द्वारा दायर की गई हालिया रिपोर्ट में आगे की जांच को निलंबित करने की मांग की गई है, जिसमें अभिनेता पर 2017 के यौन उत्पीड़न मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।अदालत के समक्ष दायर याचिका में, उन्होंने आरोप लगाया है कि इस 'दिखावा जांच' को आगे बढ़ाने से निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन होता है और कहा कि यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।दिलीप ने...
"हम आपकी चिंता को समझते हैं कि मामले की सुनवाई हो": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूएपीए के आरोपी अतीक की जमानत याचिका 10 फरवरी तक स्थगित की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूएपीए के आरोपी अतीक-उर-रहमान और अन्य आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामले को चीफ जस्टिस के समक्ष रखा और मामले को 10 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया।अतीक-उर-रहमान और अन्य को 2020 में यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब वे सामूहिक बलात्कार और हत्या पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए हाथरस जा रहे थे।जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस अजय त्यागी की खंडपीठ ने मामले को चीफ जस्टिस को यह देखते हुए भेजा कि चूंकि अतीक और अन्य द्वारा दायर बंदी...
'हम अपराध से जुड़े सामाजिक कलंक से बेखबर नहीं': कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाबालिग के बलात्कार के मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी को माफ किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि बलात्कार के अपराध से सामाजिक कलंक जुड़ा है, और इस प्रकार यह माना जाता है कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने मे विलंबर अभियोजन के मामले को निष्प्रभावी नहीं करेगी। अदालत ने तदनुसार 14 साल की एक नाबालिग पीड़िता के बलात्कार के दोषी एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखा। पीड़िता ने बाद में एक मृत बच्चे को जन्म दिया था।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस बिवास पटनायक की खंडपीठ ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पीड़िता ने अपीलकर्ता की लगातार धमकियों के कारण किसी को अपराध के बारे में...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कफील खान की मेडिकल कॉलेज से बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका पर यूपी सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से उनकी सेवाओं को समाप्त करने को चुनौती देने वाली डॉ कफील खान की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया।जस्टिस राजन रॉय की बेंच ने चार हफ्ते में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। खान के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबन आदेश जारी किया था। खान को 2017 बीआरडी अस्पताल मामले में बर्खास्त कर दिया गया था। अगस्त 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण 63 बच्चों की मौत हो गई थी।यह आरोप लगाया गया कि जब उक्त त्रासदी...
[दिल्ली दंगा] "आरोपी सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिख रहे, गवाहों द्वारा पहचान किए जाने के बाद डिस्चार्ज का कोई आधार नहीं": दिल्ली कोर्ट ने 11 के खिलाफ आरोप तय किए
दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों (Delhi Riots) से संबंधित एक मामले में 11 के खिलाफ आरोप तय किए हैं।कोर्ट ने कहा कि आरोपी सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखे, इसे डिस्चार्ज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है। इन दंगों ने 2020 में शहर को हिलाकर रख दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने अंकित चौधरी उर्फ फौजी, सुमित बादशाह, पप्पू, विजय, आशीष कुमार, सौरभ कौशिक, भूपेंद्र, शक्ति सिंह, सचिन कुमार, राहुल और योगेश के खिलाफ आरोप तय किए।गोकलपुरी थाने में दर्ज प्राथमिकी...








![[एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37] उचित आधार का मतलब प्रथम दृष्टया आधार से कुछ अधिक है: कलकत्ता हाईकोर्ट [एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37] उचित आधार का मतलब प्रथम दृष्टया आधार से कुछ अधिक है: कलकत्ता हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2020/07/04/500x300_377719-377642-ndps-act.jpg)
![[दिल्ली दंगे] भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने का प्रयास किया गया, बड़े पैमाने पर जनता पीड़ित: अभियोजन पक्ष ने जमानत के विरोध में तर्क दिए [दिल्ली दंगे] भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने का प्रयास किया गया, बड़े पैमाने पर जनता पीड़ित: अभियोजन पक्ष ने जमानत के विरोध में तर्क दिए](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/09/28/500x300_401445-delhiriotsdelhipolice.jpg)







