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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम को चुनाव ड्यूटी के दौरान एक शिक्षक की COVID-19 मौत के मामले में मुआवजे का फैसला करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम को चुनाव ड्यूटी के दौरान एक शिक्षक की COVID-19 मौत के मामले में मुआवजे का फैसला करने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में जिला मजिस्ट्रेट, जौनपुर को पिछले साल उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों के दौरान COVID-19 के कारण एक शिक्षक की मौत के मामले में किए गए मुआवजे के दावे की जांच करने और एक तर्कपूर्ण आदेश पारित करने का निर्देश दिया।जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस विक्रम डी. चौहान की पीठ आर्यन श्रीवास्तव की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आर्यन की मां को यूपी पंचायत चुनावों में चुनाव ड्यूटी दी गई थी। ड्यूटी के दौरान COVID-19 से संक्रमित होने के कारण बाद उनकी मृत्यु हो गई।याचिकाकर्ता ने...

पोक्सोः पेनट्रेशन पर्याप्त, सीमन मौजूद हो यह जरूरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी की सजा बरकरार रखी
पोक्सोः 'पेनट्रेशन पर्याप्त, सीमन मौजूद हो यह जरूरी नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी की सजा बरकरार रखी

दिल्ली हाईकोर्ट ने ने पॉक्सो मामले में एक व्यक्ति की दोषस‌िद्धी और सजा को बरकरार रखा। उसे पांच साल की बच्‍ची के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया गया था।कोर्ट ने पाया कि आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध का गठन करने के लिए पेनेट्रेशन पर्याप्त है और सीमन की उपस्थिति जरूरी नहीं है।जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने कहा, "निस्संदेह, एफएसएल और डीएनए फिंगरप्रिंटिंग रिपोर्ट के अनुसार सीमन का पता नहीं चला था....धारा 376 आईपीसी और पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दंडनीय अपराध का गठन करने के...

सीआरपीसी की धारा 427 – आजीवन कारावास से फरार अपराधी की सजा एक साथ नहीं चलेगी: कर्नाटक हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 427 – आजीवन कारावास से फरार अपराधी की सजा एक साथ नहीं चलेगी: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि पैरोल की छुट्टी के बाद फरार होने को लेकर सजा सुनाए जाने पर आजीवन कारावास का दोषी, यह दावा नहीं कर सकता कि कम गंभीर प्रकृति वाली उसकी बाद की सजा उस जेल की अवधि के साथ-साथ चलेगी, जिसे वह पहले से काट रहा था।कोर्ट ने कहा कि भागा हुआ दोषी सीआरपीसी की धारा 427(2) का लाभ नहीं ले सकता है, जिसमें कहा गया है कि पहले से ही कारावास की सजा काट रहे व्यक्ति की अगली सजा साथ-साथ चलेगी।कोर्ट ने माना कि यह प्रावधान एक फरार अपराधी के लिए उपलब्ध नहीं है।जस्टिस एचपी संदेश ने कहा,"जब किसी...

वैवाहिक बलात्कार वैवाहिक घर में महिलाओं के खिलाफ होने वाली यौन हिंसा का सबसे बड़ा रूप, जिसकी कोई रिपोर्ट नहीं होती: वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने दिल्ली हाईकोर्ट में तर्क दिया
''वैवाहिक बलात्कार वैवाहिक घर में महिलाओं के खिलाफ होने वाली यौन हिंसा का सबसे बड़ा रूप, जिसकी कोई रिपोर्ट नहीं होती'': वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने दिल्ली हाईकोर्ट में तर्क दिया

भारत में वैवाहिक बलात्कार के अपराधीकरण की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान शुक्रवार को एक याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वैवाहिक बलात्कार महिलाओं के खिलाफ होने वाली यौन हिंसा का सबसे बड़ा रूप है, जिसको न तो कभी रिपोर्ट किया जाता है और न ही इसका कोई विश्लेषण या अध्ययन किया गया है। याचिकाकर्ता खुशबू सैफी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस सी हरि शंकर की पीठ के समक्ष कहा कि, ''यह शायद वैवाहिक घर में महिलाओं के खिलाफ होने वाली यौन...

समान नागरिक संहिता सरकारी नीति का मामला, संसद को कोई निर्देश जारी नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा
'समान नागरिक संहिता सरकारी नीति का मामला, संसद को कोई निर्देश जारी नहीं किया जा सकता': दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा कि समान नागरिक संहिता का कार्यान्वयन संविधान के तहत एक निर्देशक सिद्धांत और सार्वजनिक नीति का मामला है। इस संबंध में न्यायालय द्वारा कोई निर्देश जारी नहीं किया जा सकता।देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग को लेकर भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर जनहित याचिका में केंद्र की ओर से दायर जवाबी हलफनामे में यह दलील दी गई।केंद्र ने आगे कहा कि संसद कानून बनाने के लिए संप्रभु शक्ति का प्रयोग करती है और कोई भी बाहरी शक्ति या प्राधिकरण किसी विशेष...

COVID-19: गुजरात हाईकोर्ट 10 जनवरी से अगले आदेश तक केवल वर्चुअल मोड से सुनवाई करेगा
COVID-19: गुजरात हाईकोर्ट 10 जनवरी से अगले आदेश तक केवल वर्चुअल मोड से सुनवाई करेगा

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ते COVID-19 मामलों और सामूहिक समारोहों से बचने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के मद्देनजर, 10 जनवरी से अगले आदेश तक केवल वर्चुअल मोड के माध्यम से कार्य करने का निर्णय लिया।इस संबंध में हाईकोर्ट मैनेजमेंट द्वारा चीफ जस्टिस के आदेश के तहत स्थायी समिति के माननीय न्यायाधीशों और मानक संचालन समिति के माननीय न्यायाधीशों के साथ विचार-विमर्श के बाद एक एसओपी जारी किया गया। साथ ही गुजरात हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ द्वारा किए गए अनुरोध और कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा...

COVID-19 की तीसरी लहर: उत्तराखंड हाईकोर्ट 10 जनवरी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोड से केवल विशेष मामलों की सुनवाई करेगा
COVID-19 की तीसरी लहर: उत्तराखंड हाईकोर्ट 10 जनवरी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोड से केवल विशेष मामलों की सुनवाई करेगा

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने COVID-19 वायरस के प्रसार से मानव जीवन के लिए आसन्न खतरे और इससे प्रभावित व्यक्तियों की संख्या में खतरनाक वृद्धि को देखते हुए 10 जनवरी से केवल वर्चुअल मोड के माध्यम से मामलों को लेने का फैसला किया।कोर्ट के वादियों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों को देखते हुए यह फैसला लिया गया।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के आदेश के तहत माननीय हाईकोर्ट में दिनांक 10.01.2022 (सोमवार) से व्यापार के लेनदेन के...

मद्रास हाईकोर्ट
"भगवान को समन जारी नहीं कर सकते" : मद्रास हाईकोर्ट ने मूर्ति पेश करने के निचली अदालत का आदेश रद्द किया

मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द करते हुए कहा कि भक्तों द्वारा किसी मूर्ति को भगवान माना जाता है, जिसे अदालत द्वारा समन नहीं किया जा सकता। मूर्ति चोरी के एक मामले में निचली अदालत ने मूर्ति को अदालत में पेश करने के आदेश जारी किए थे, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।न्यायमूर्ति आर सुरेश कुमार ने देखा कि,"अदालत में भगवान को केवल निरीक्षण या सत्यापन उद्देश्यों के लिए पेश होने के लिए नहीं बुलाया जा सकता, जैसे कि यह एक आपराधिक मामले का एक भौतिक उद्देश्य है।"बड़ी संख्या में भक्तों की...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
किसी के पास सरकारी छुट्टी घोषित करवाने का मौलिक अधिकार नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि सरकारी छुट्टी (public holiday) घोषित करना सरकारी नीति का मामला है और कोई व्यक्ति सार्वजनिक अवकाश के मौलिक अधिकार का दावा नहीं कर सकता।न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति माधव जामदार की खंडपीठ ने कहा,"सार्वजनिक अवकाश कोई कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार नहीं है, जिसे उल्लंघन कहा जा सके। किसी को भी सार्वजनिक अवकाश का मौलिक अधिकार नहीं है।"2 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश (सरकारी छुट्टी) घोषित करने की मांग वाली एक याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की। याचिका...

भारत माता और भूमा देवी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द आईपीसी की धारा 295 ए के तहत अपराध : मद्रास हाईकोर्ट
भारत माता और भूमा देवी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द आईपीसी की धारा 295 ए के तहत अपराध : मद्रास हाईकोर्ट

कैथोलिक पादरी (Catholic Priest) जॉर्ज पोन्नैया के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि "भारत माता" और "भूमा देवी" के खिलाफ इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्द भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295 ए के तहत धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अपराध आकर्षित करते हैं।कन्याकुमारी जिले के अरुमानई शहर में पिछले साल 18 जुलाई को दिवंगत कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी को श्रद्धांजलि देने के लिए बुलाई गई एक बैठक के दौरान एक अपमानजनक और भड़काऊ भाषण के लिए पादरी पर मामला दर्ज किया गया...

COVID-19 मामलों में तेजी के बीच वरवर राव को जेल भेजा जा सकता है? बॉम्बे हाईकोर्ट ने आत्मसमर्पण करने का समय पांच फरवरी तक बढ़ाया
COVID-19 मामलों में तेजी के बीच वरवर राव को जेल भेजा जा सकता है? बॉम्बे हाईकोर्ट ने आत्मसमर्पण करने का समय पांच फरवरी तक बढ़ाया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तेलुगु कवि वरवर राव के जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का समय पांच फरवरी तक बढ़ा दिया। इसके साथ ही चार फरवरी को आगे के विचार के लिए मेडिकल जमानत के विस्तार के लिए अपना आवेदन पोस्ट किया।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनआर बोरकर की खंडपीठ ने COVID-19 की तीसरी लहर जिस गति से फैल रही है, उस पर चिंता व्यक्त की और पूछा कि क्या राव को इस दौरान वापस जेल भेजा जा सकता है।हाईकोर्ट ने 22 फरवरी, 2021 को राव को छह महीने के लिए मेडिकल जमानत देते हुए माना था कि वृद्ध कवि को...

महिला को गर्भधारण नहीं करने का अधिकार है, हालांकि यह प्रतिबंधों के अधीन: तेलंगाना हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़िता को 26 सप्ताह के भ्रूण को समाप्त करने की अनुमति दी
'महिला को गर्भधारण नहीं करने का अधिकार है, हालांकि यह प्रतिबंधों के अधीन': तेलंगाना हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़िता को 26 सप्ताह के भ्रूण को समाप्त करने की अनुमति दी

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि भ्रूण या जन्म लेने वाले बच्चे के जीवन को महिला के जीवन से अधिक ऊंचे स्थान पर नहीं रखा जा सकता है। अदालत ने कहा कि संवैधानिक न्यायालयों के पास गर्भावस्था को समाप्त करने का निर्देश देने का अधिकार है, भले ही गर्भावस्था की अवधि गर्भावस्था की चिकित्सा समाप्ति (संशोधन) अधिनियम, 2021 के अनुसार चौबीस सप्ताह की वैधानिक सीमा से अधिक हो।जस्टिस बी विजयसेन रेड्डी ने कहा," एक महिला को गर्भधारण करने का विकल्प चुनने का अधिकार है, साथ ही, यह उसका अधिकार है कि...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
शादी का झूठा वादा करके रेप, पीड़िता को इस्लाम कबूल करने की धमकी का आरोप: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को पीड़िता से शादी करने के झूठे वादे पर उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करके और उसके बाद उसे मुस्लिम धर्म स्वीकार करने की धमकी देकर बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति ओम प्रकाश त्रिपाठी की खंडपीठ फरहान अहमद (शानू) की जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जिसने तर्क दिया कि वह निर्दोष है और उसे केवल ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से मामले में झूठा फंसाया गया है।क्या है पूरा मामला?अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार पीड़िता फेसबुक के माध्यम से...

सीआईएसएफ परीक्षा 2019: राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र को क्यूबिटस वल्गू से पीड़ित टैटू मार्क वाले उम्मीदवार के लिए पद खाली रखने का निर्देश दिया
सीआईएसएफ परीक्षा 2019: राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र को क्यूबिटस वल्गू से पीड़ित टैटू मार्क वाले उम्मीदवार के लिए पद खाली रखने का निर्देश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट की एकल पीठ ने केंद्र सरकार को अगले आदेश तक सीआईएसएफ परीक्षा, 2019 के अनुसरण में क्यूबिटस वाल्गू से पीड़ित और टैटू मार्क वाले उम्मीदवार के लिए एक पद खाली रखने का निर्देश दिया।जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए फैसला सुनाया,"याचिकाकर्ता के वकील द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुतियां और रिकॉर्ड पर सामग्री को ध्यान में रखते हुए यह न्यायालय प्रतिवादियों को अगले आदेश तक परीक्षा, 2019 के अनुसरण में एक पद खाली रखने का निर्देश देना उचित समझता है।"वर्तमान मामले में...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भाजपा, कांग्रेस को राष्ट्रीय दल का दर्जा देने, चुनाव चिन्ह आवंटित करने के चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भाजपा, कांग्रेस को 'राष्ट्रीय दल' का दर्जा देने, चुनाव चिन्ह आवंटित करने के चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ जनहित याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका खारिज की, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा राष्ट्रीय दलों के रूप में मान्यता देने, चुनाव चिन्ह आवंटित करने के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ याचिकाकर्ता शेषमणि नाथ त्रिपाठी (समाजवादी पार्टी के नेता) द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ईसीआई के 1989 के आदेश को चुनौती...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गंगा सागर मेले की अनुमति दी; COVID प्रोटोकॉल के अनुपालन की निगरानी के लिए 3-सदस्यीय समिति का गठन किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गंगा सागर मेले की अनुमति दी; COVID प्रोटोकॉल के अनुपालन की निगरानी के लिए 3-सदस्यीय समिति का गठन किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार को पश्चिम बंगाल राज्य में COVID-19 के बढ़ते मामलों के बीच इस साल के गंगा सागर मेला आयोजित करने की अनुमति दी। हालांकि कोर्ट ने कुछ शर्तें लगाई हैं।बात दें, अदालत ने गुरुवार को राज्य में COVID-19 के बढ़ते मामलों के बीच इस साल के गंगा सागर मेला को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।हर साल मकर संक्रांति पर लाखों हिंदू भक्त पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में पवित्र स्नान करने और कपिल मुनि मंदिर में पूजा करने...

यौन उत्पी‌ड़ित का लेबल देकर एक मां अपनी बेटी की पूरी जिंदगी दांव पर नहीं लगाएगी: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने बलात्कार की सजा बरकरार रखी
यौन उत्पी‌ड़ित का लेबल देकर एक मां अपनी बेटी की पूरी जिंदगी दांव पर नहीं लगाएगी: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने बलात्कार की सजा बरकरार रखी

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अवलोकन में कहा है कि यौन पीड़ित लड़की की मां कभी भी अपनी बेटी पर यौन उत्पीड़‌ित का लेबल लगाकर उसका नाम, प्रसिद्धि और पूरी जिंदगी दांव पर नहीं लगाएगी। जस्टिस टी अमरनाथ गौड़ और जस्टिस अरिंदम लोध की खंडपीठ ने चार साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के एक मामले में आईपीसी की धारा 376 (2) (एफ) के तहत एक व्यक्ति के बलात्कार की सजा की पुष्टि की।पृष्ठभूमिअभियुक्त ने आईपीसी की धारा 376 (2) (एफ) के तहत अपनी दोषसिद्धि के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और अतिरिक्त सत्र...

डीसीपीसीआर ने सुधार गृहों में रहने वाले जुवेनाइल के अनुभव का आकलन करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में जांच पैनल का गठन किया
डीसीपीसीआर ने सुधार गृहों में रहने वाले जुवेनाइल के अनुभव का आकलन करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में जांच पैनल का गठन किया

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने एक चार सदस्यीय जांच पैनल का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर करेंगे।यह पैनल शहर में स्पेशल होम और सुधार गृहों में रहने वाले बच्चों के मुद्दों और चुनौतियों का आकलन और जांच करेगा। 3 जनवरी, 2022 को जारी आदेश में कहा गया है कि जांच निम्नलिखित मामलों पर गौर करेगी,- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित विभिन्न सुधार गृहों, सुरक्षा के स्थान और स्पेशल होम में रहने वाले बच्चों और कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों के बीच...

जासूसी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को जमानत दी
जासूसी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को एक मामले के संबंध में जमानत दे दी। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने पारिश्रमिक के बदले में चीनी अधिकारियों को गोपनीय जानकारी प्रदान की।प्रवर्तन निदेशालय ने शर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी।जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने 21 दिसंबर, 2021 को फैसला सुरक्षित रखने के बाद शुक्रवार को यह आदेश सुनाया।पिछली सुनवाई के दौरान शर्मा की ओर से पेश...

एनएचआरसी ने अवैध रूप से गिरफ्तार करने वाले दोषी पुलिस अधिकारी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की
एनएचआरसी ने अवैध रूप से गिरफ्तार करने वाले दोषी पुलिस अधिकारी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पुलिस आयुक्त, दिल्ली को पीएचआर अधिनियम, 1993 की धारा 18 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया। आयोग ने पूछा कि मामले में शिकायतकर्ता को 1,00,000/- (केवल एक लाख रुपये) रुपये के मुआवजे की सिफारिश क्यों नहीं करनी चाहिए।आयोग ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया, डीके बसु मामले आदि में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने और छह सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का...