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[पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी] पंजाब और हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए हाईकोर्ट में समय-सीमा बताई
[पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी] पंजाब और हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए हाईकोर्ट में समय-सीमा बताई

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब और हरियाणा राज्य सरकारों ने परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह और अन्य में सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए एक समयसीमा प्रस्तुत की। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी लगाने के लिए निर्देशित किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीन कार्यरत प्रत्येक पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।जस्टिस अमोल रतन सिंह की खंडपीठ हरियाणा सरकार ने बताया गया कि वह अन्यथा 01.04.2022...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फेसबुक पर पीएम नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फेसबुक पर पीएम नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पिछले हफ्ते उस व्यक्ति को जमानत दे दी, जिस पर फेसबुक और व्हाट्सएप पर भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था। इससे कथित तौर पर बड़े पैमाने पर लोग नाराज हो गए थे।न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की खंडपीठ ने उसे अपराध की प्रकृति, अभियुक्त की मिलीभगत के बारे में रिकॉर्ड पर सबूत, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के बड़े जनादेश को ध्यान में रखते हुए जमानत दी।क्या है पूरा मामलाअनिवार्य रूप से, अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि...

पगड़ी पहनने वाले सेना में हो सकते हैं तो हिजाब पहनने वाली लड़कियां क्लास में क्यों नहीं आ सकतीं : अधिवक्ता रविवर्मा कुमार ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील दी
पगड़ी पहनने वाले सेना में हो सकते हैं तो हिजाब पहनने वाली लड़कियां क्लास में क्यों नहीं आ सकतीं : अधिवक्ता रविवर्मा कुमार ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील दी

कर्नाटक हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने बुधवार को भी हिजाब पर प्रतिबंध मामले में मुस्लिम छात्राओं द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई जारी रखी। याचिकाकर्ता छात्राओं ने एक सरकारी कॉलेज के हिजाब (हेडस्कार्फ़) पहनने पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें कॉलेज में प्रवेश करने से इनकार करने की कार्रवाई को चुनौती दी।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रोफेसर रविवर्मा कुमार ने बुधवार को तर्क दिया कि राज्य मुस्लिम लड़कियों के साथ केवल उनके धर्म के आधार पर भेदभाव कर रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 5 फरवरी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
अगर ट्रायल कोर्ट का नजरिया 'विकृत' पाया जाता है तो बरी के खिलाफ अपील में हाईकोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते कहा कि हाईकोर्ट को ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित फैसले और बरी करने के आदेश में हस्तक्षेप करना चाहिए, अगर यह निष्कर्ष निकलता है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला विकृत या अन्यथा अस्थिर था। जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, मथुरा द्वारा पारित 2017 के आदेश के खिलाफ दायर एक अपील को खारिज करते हुए 3 व्यक्तियों को आईपीसी की धारा 302 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत बरी करते हुए उक्त टिप्पणी की।बाबू बनाम केरल राज्य (2010) 9...

यदि आरोपी का वकील पेश होने में विफल रहता है तो ट्रायल कोर्ट कानूनी सहायता वकील नियुक्त करने के लिए बाध्य : कर्नाटक हाईकोर्ट
यदि आरोपी का वकील पेश होने में विफल रहता है तो ट्रायल कोर्ट कानूनी सहायता वकील नियुक्त करने के लिए बाध्य : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि हिरासत में लिए गए आरोपी का प्रतिनिधित्व करने वाला वकील अदालत के सामने पेश होने में विफल रहता है, तो ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) आरोपी के बचाव के लिए कानूनी सहायता वकील नियुक्त करने के लिए बाध्य है।जस्टिस के एस मुदगल की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा, "भारत के संविधान का अनुच्छेद 39ए राज्य को आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के आधार पर न्याय तक पहुंच से वंचित नहीं करने का कर्तव्य देता है। संविधान के अनुच्छेद 39ए के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम...

झारखंड हाईकोर्ट
पक्षकारों की सहमति से फैमिली कोर्ट द्वारा पारित किसी भी आदेश में अपील सुनवाई योग्य नहीं: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने हाल ही में कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 19(2), सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 96(3) के तहत प्रावधान के समान है, जो पक्षकारों की सहमति से पारित डिक्री की अपील को प्रतिबंधित करती है।पीठ ने कहा गया है कि यह बार धारा 19(2) के तहत और विस्तार के साथ काम करता है। इसके अनुसार पक्षकारों की सहमति से फैमिली कोर्ट द्वारा पारित किसी भी आदेश में कोई अपील नहीं होगी।मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति चंद्रशेखर और रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ द्वारा की जा रही थी, जिसने...

हिजाब पर प्रतिबंधः कानूनी शिक्षाविदों और वकीलों का खुला पत्र, मुस्लिम महिलाओं के संवैधानिक आधिकारों के उल्लंघन की कड़ी निंदा
हिजाब पर प्रतिबंधः कानूनी शिक्षाविदों और वकीलों का खुला पत्र, मुस्लिम महिलाओं के संवैधानिक आधिकारों के उल्लंघन की कड़ी निंदा

हिजाब के मसले पर 500 से अधिक लॉ स्टूडेंट्स, कानूनी श‌िक्षाविदों और वकीलों ने एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में हिजाब पहनने के कारण मु‌स्लिम युवतियों को शैक्षणिक संस्‍थानों में प्रवेश करने से रोकने की कड़ी निंदा की गई है। पत्र में ऐसी कार्रवाई को संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में अंजना प्रकाश (हाईकोर्ट की पूर्व जज) अमर सरन (हाईकोर्ट के पूर्व जज), सीएस द्वारकानाथ (पूर्व अध्यक्ष, कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग), संजय पारिख (वरिष्ठ अधिवक्ता), मिहिर देसाई...

गुजरात हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान ड्रिंक्स पीने वाले पुलिसकर्मी को वकीलों को कोका-कोला के कैन बांटने का निर्देश दिया
गुजरात हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान ड्रिंक्स पीने वाले पुलिसकर्मी को वकीलों को कोका-कोला के कैन बांटने का निर्देश दिया

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को वर्चुअल सुनवाई के दौरान ड्रिंक्स पी रहे एक पुलिस अधिकारी को बार एसोसिएशन को कोल्ड ड्रिंक (कोका-कोला) के 100 कैन बांटने या अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष जे. शास्त्री की बेंच के सामने जब सुनवाई चल रही थी तो पुलिस इंस्पेक्टर ए.एम. राठौड़ वीसी सुनवाई के दौरान ड्रिंक्स पीते हुए पाए गए।इंस्पेक्टर राठौर एक मामले की ऑनलाइन सुनवाई के लिए अदालत के सामने पेश हो रहे थे। इसमें उन पर ट्रैफिक जंक्शन पर दो महिलाओं के...

पीडब्ल्यूडी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों को जाति के आधार पर उप-वर्गीकृत नहीं किया जा सकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
पीडब्ल्यूडी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों को जाति के आधार पर उप-वर्गीकृत नहीं किया जा सकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति अपने आप में एक श्रेणी का गठन करते हैं। जाति, पंथ, धर्म आदि जैसे अन्य विचारों के आधार पर उस श्रेणी के सदस्यों के बीच कोई और वर्गीकरण नहीं किया जा सकता है।दरअसल, याचिकाकर्ता को केवल इस तथ्य के आधार पर असम सरकार द्वारा आयोजित भर्ती से बाहर रखा गया था कि वह शारीरिक रूप से विकलांग सामान्य श्रेणी का उम्मीदवार है। न्यायमूर्ति सुमन श्याम की एकल न्यायाधीश पीठ ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए कहा, "इस...

केरल हाईकोर्ट
किसी व्यक्ति की पत्नी और बच्चे रोजगार में हों तो भी उसे अनुकंपा भत्ते के लिए विशेष विचार से वंचित नहीं किया जा सकताः केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसला में कहा कि एक सरकारी कर्मचारी जिसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, उसे केवल इस कारण अनुकंपा भत्ते के लिए विशेष विचार से वंचित नहीं किया जा सकता है कि उसकी पत्नी और बच्चे कार्यरत हैं।एक रिट याचिका की अनुमति देते हुए, जस्टिस वीजी अरुण ने कहा कि हालांकि सेवा से हटाए गए सरकारी कर्मचारी पेंशन/ग्रेच्युटी के हकदार नहीं हैं, सक्षम प्राधिकारी विशेष विचार के योग्य मामलों में अनुकंपा भत्ता स्वीकृत कर सकते हैं।"... याचिकाकर्ता की पत्नी और बच्चों को नियोजित होना स्वयं इस...

आपको लगता है कि यह कुर्सी केवल सर के लिए है? : जस्टिस रेखा पल्ली ने उन्हें सर कहने वाले वकील को टोका
'आपको लगता है कि यह कुर्सी केवल सर के लिए है?' : जस्टिस रेखा पल्ली ने उन्हें 'सर' कहने वाले वकील को टोका

दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को एक दिलचस्प संवाद हुआ। एक वकील ने जस्टिस रेखा पल्ली को "सर" के रूप में संबोधित किया।वकील ने जस्टिस पल्ली को "सर" के रूप में संबोधित किया तो जस्टिस पल्ली ने उन्हें यह कहते हुए टोका कि "मैं सर नहीं हूं। मुझे आशा है कि आप इसे समझ सकते हैं।"वकील ने जवाब दिया,"क्षमा करें, आप जिस कुर्सी पर बैठी हैं, उसकी वजह से मैं ऐसा कह गया।"जस्टिस पल्ली ने इस पर कहा,"यह तो और भी बुरा है। अगर आप इस समय के बाद भी सोचते हैं कि अध्यक्ष महोदय के लिए है। यदि युवा सदस्य अंतर करना बंद नहीं करते...

वकीलों के खिलाफ दर्ज झूठे मामले वापस लें और बार में सद्भाव सुनिश्चित करें: बीसीआई ने डीजीपी, छत्तीसगढ़ को लिखा
वकीलों के खिलाफ दर्ज झूठे मामले वापस लें और बार में सद्भाव सुनिश्चित करें: बीसीआई ने डीजीपी, छत्तीसगढ़ को लिखा

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ को पत्र लिखकर वकीलों के खिलाफ दर्ज झूठे आपराधिक मामलों को तुरंत वापस लेने के लिए कहा है। बीसीआई ने यह पत्र तहसील कार्यालय, राजागढ़ के कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा अधिवक्ताओं के साथ मारपीट की एक घटना के बाद उत्पन्न होने के बाद लिखा है।अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित, बीसीआई द्वारा जारी एक नोट में कहा गया घटना राजस्व कार्यालय में प्रचलित भ्रष्ट प्रथाओं के कारण हुई, जिसका वकील विरोध कर रहे थे। उनके हस्तक्षेप के...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
"राज्य को पूरे मुआवजे के भुगतान के बिना निजी भूमि का अधिग्रहण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती": हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

जम्मू एंड कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य को बहुत लंबे समय तक प्रभावित लोगों को पूरा मुआवजा दिए बिना निजी भूमि का अधिग्रहण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति संजय धर की खंडपीठ ने राज्य के उदासीन व्यवहार कहा, "यह एक चिंताजनक स्थिति है कि राज्य पूर्ण मुआवजे के भुगतान के बिना निजी भूमि का अधिग्रहण कर रहा है। राज्य के अधिकारियों की ओर से इस तरह की कार्रवाई या चूक स्वीकार्य नहीं है और इसे अनिश्चित काल तक जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। हम...

वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार फाउंटेन कोर्ट चैंबर्स में डोर टेनेंट के रूप में शामिल हुए
वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार फाउंटेन कोर्ट चैंबर्स में डोर टेनेंट के रूप में शामिल हुए

वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार फाउंटेन कोर्ट चेम्बर्स में बतौर डोर टेनेंट (Door Tenant) शामिल हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव पचनंदा और ज़ाल अंध्यारुजिना के क्रमशः 2016 और 2021 में डोर टेनेंट के रूप में शामिल होने के बाद वह चैंबर्स का हिस्सा बनने वाले तीसरे भारतीय वकील बन गए हैं।फाउंटेन कोर्ट चेम्बर्स यूके के प्रमुख व्यावसायिक बैरिस्टरों में से एक है। इसके कार्यालय लंदन और सिंगापुर में हैं। इसमें हाई प्रोफ़ाइल वाणिज्यिक विवादों में आने वाले पूर्णकालिक सदस्य और डोर टेनेंट हैं।अरविंद दातार 1980 में पहली...

झारखंड हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना- गवाह नियोक्ता की अनुमति के बिना पेश हुआ, केवल इस आधार पर गवाही संदिग्ध नहीं हो सकतीः झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के तहत मुआवजे में वृद्धि संबंधित एक मामले में एक गवाह- उस कंपनी का महाप्रबंधक जहां मृतक काम किया करता था, की गवाही को केवल इसलिए खारिज़ करने से इनकार कर दिया कि वह विभाग प्रमुख की अनुमति के बिना पेश हुआ था।जस्टिस गौतम चौधरी ने कहा कि निजी प्रतिष्ठान में नियम और प्रोटोकॉल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों या सरकारी विभाग से काफी अलग होते हैं। पीठ ने कहा कि एक गवाह की सत्यता पर केवल इसलिए प्रश्नचिन्ह नहीं लगाया जा सकता है कि उसने ट्रिब्यूनल में...

मद्रास हाईकोर्ट
पांडिचेरी की अदालतें ओरिजनल सिविल कोर्ट रिकॉर्ड की जांच किए बिना फ्रांसीसी सिविल कोड पर आदेश पारित नहीं कर सकतीं: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने ओरिजनल दस्तावेजों की जांच किए बिना मैरिज रजिस्टर में परिवर्तन करने के निर्देश जारी करने वाले पांडिचेरी की एक अतिरिक्त उप न्यायालय की आलोचना करते हुए कहा कि अदालतें उचित जांच के बिना और केवल वादियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रतियों पर भरोसा करके आदेश पारित नहीं कर सकती हैं।न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम की एकल पीठ एक फ्रांसीसी नागरिक द्वारा मैरिज रजिस्टर में अपने नाम के साथ-साथ उसके माता-पिता के नाम को सही करने के लिए की गई याचिका पर सुनवाई कर रही...