मुख्य सुर्खियां

एक ही घटना पर दूसरी एफआईआर कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग, इसे सीआरपीसी की धारा 173 के तहत अंतिम रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना रद्द की जा सकती है: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
एक ही घटना पर दूसरी एफआईआर कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग, इसे सीआरपीसी की धारा 173 के तहत अंतिम रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना रद्द की जा सकती है: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने माना है कि यदि किसी घटना के संबंध में दूसरी एफआईआर दर्ज की जाती है, जिस पर पहले से एफआईआर मौजूद हो तो यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और हाईकोर्ट धारा 482 सीआरपीसी के तहत, धारा 173 सीआरपीसी के तहत अंतिम रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना, इसे रद्द करने की अपनी शक्तियों के दायरे में है।जस्टिस विकास बहल ने कहा,"जहां धारा 173 सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है, वहां एक एफआईआर को रद्द करने के लिए धारा 482 सीआरपीसी के तहत शक्ति का प्रयोग पूर्णतया दायरे से बाहर...

झारखंड हाईकोर्ट
ड्यूटी पर चालक की हत्या रोजगार की प्रकृति के निकट नहीं, यह कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत 'व्यावसायिक खतरा' नहीं कहा जा सकता: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में आयुक्त के एक फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत ड्यूटी पर एक ट्रक चालक की हत्या के लिए मुआवजा दिया गया था।जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने कहा कि कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 1923 की धारा 3 के तहत मुआवजे प्रदान करने के रोजगार के दरमियन आकस्मिक मृत्यु अनिवार्य है। कोर्ट का विचार था कि ड्यूटी पर ड्राइवर की हत्या दुर्घटना नहीं है...।कोर्ट ने कहा,"रोजगार और रोजगार के दरमियान कर्मचारी के साथ परिणामी दुर्घटना के बीच करणीय संबंध होना चाहिए। करणीय संबंध यह...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी लेक्चरर की जमानत रद्द की; कहा-ट्रायल कोर्ट धारा 439(1ए) सीआरपीसी के तहत शिकायतकर्ता को सुनने के लिए बाध्य
कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी लेक्चरर की जमानत रद्द की; कहा-ट्रायल कोर्ट धारा 439(1ए) सीआरपीसी के तहत शिकायतकर्ता को सुनने के लिए बाध्य

कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोपी एक लेक्चरर को जमानत देने के आदेश को रद्द कर दिया। निचली अदालत आदेश पारित करने से पहले शिकायतकर्ता/पीड़ित को सुनवाई का अवसर देने में विफल रही, जिसके बाद हाईकोर्ट ने उक्त फैसला दिया।ज‌स्टिस एचपी संदेश ने गुरुराज एल को जमानत देने के 10 अगस्त, 2021 के आदेश को रद्द कर दिया और निर्देश दिया कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाए और उसे सीआरपीसी की धारा 439 (2) के तहत हिरासत में लिया जाए।कोर्ट ने कहा, " मामले में, पीड़ित लड़की की उम्र लगभग 14 साल 10...

आर्मी बैटल कैजुअल्टी वेलफेयर फंड में पांच लाख जमा करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामले में शर्तों के साथ जमानत दी
'आर्मी बैटल कैजुअल्टी वेलफेयर फंड' में पांच लाख जमा करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामले में शर्तों के साथ जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए एक आरोपी को जमानत देते हुए हाल ही में उसे 'आर्मी बैटल कैजुअल्टी वेलफेयर फंड' के खाते में पांच लाख रूपये का बैंक ड्राफ्ट जमा करने का निर्देश दिया।जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने आरोपी रजनीश कुमार गुप्ता को उक्त राशि जमा करने और निचली अदालत के समक्ष इसकी रसीद जमा करने को कहा।गुप्ता पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ, जिला लखनऊ द्वारा धारा 8/18/29 एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/18/29 के तरह...

माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध महिला ने की शादी: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को उसे पति के पास जाने के लिए सुरक्षित यात्रा मार्ग मुहैया कराने का निर्देश दिया
माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध महिला ने की शादी: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को उसे पति के पास जाने के लिए सुरक्षित यात्रा मार्ग मुहैया कराने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध एक पुरुष से विवाह करने वाली महिला को सुरक्षित यात्रा मार्ग प्रदान करने का निर्देश दिया। उसका पति चेन्नई में कार्यरत है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनूप जे. भंभानी ने महिला को उसके पति के पास जाने का कहते हुए इस तथ्य पर ध्यान दिया कि दोनों व्यस्क हैं और महिला ने अपनी मर्जी और इच्छा से शादी की है। हालांकि उसके माता-पिता उसकी इच्छा के विरुद्ध थे।कोर्ट ने 22 नवंबर, 2021 को आर्य समाज मंदिर द्वारा जारी किए गए विवाह प्रमाण पत्र को...

आर्य समाज ट्रस्ट ने कथित रूप से मुस्लिम लड़की का धर्म परिवर्तन किया; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया, राज्य ने गंभीर मुद्दा बताया
आर्य समाज ट्रस्ट ने कथित रूप से मुस्लिम लड़की का धर्म परिवर्तन किया; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया, राज्य ने 'गंभीर' मुद्दा बताया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर बेंच) ने आर्य समाज विवाह मंदिर ट्रस्ट को धर्मांतरण के एक मामले में नोट‌िस जारी किया है। ट्रस्ट ने आर्य समाज मंदिर में कथित रूप से एक मुस्लिम लड़की को हिंदू धर्म में धर्मांतरित किया था।जस्टिस रोहित आर्य और जस्टिस राजीव कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने ट्रस्ट के पुजारी/प्रबंधक की कोर्ट में उपस्थिति की मांग की। राज्य की ओर से दलील द‌िया गया कि आर्य समाज मंदिर में धर्म परिवर्तन का मामला 'गंभीर' मुद्दा है।पृष्ठभूमिदरअसल राहुल @ गोलू नामक एक युवक ने हाईकोर्ट में बंदी...

हरिद्वार धर्म संसद में विवादित टिप्पणी के लिए कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की जमानत खारिज की
हरिद्वार धर्म संसद में विवादित टिप्पणी के लिए कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की जमानत खारिज की

हरिद्वार कोर्ट ने गुरुवार को नफरत फैलाने वाले भाषण के आरोपी जितेंद्र त्यागी उर्फ ​​वसीम रिजवी को जमानत देने से इनकार कर दिया। जितेंद्र त्यागी को पैगंबर मोहम्मद साहब पर उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया है। उसने यह टिप्पणी पिछले महीने हरिद्वार में आयोजित 'धर्म संसद' के दौरान की थी।त्यागी पर उत्तराखंड पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, 1860 (आईपीसी) की धारा 153ए, 298, के तहत मामला दर्ज किया गया है।उसके खिलाफ पिछले महीने हरिद्वार में हुई 'धर्म संसद' या धार्मिक सभा के दौरान इस्लाम धर्म...

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने नियमित जमानत याचिका को अग्रिम जमानत याचिका माना,  पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे गंभीर मुद्दा बताया
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने नियमित जमानत याचिका को अग्रिम जमानत याचिका माना, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे 'गंभीर' मुद्दा बताया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फरीदकोट द्वारा पारित एक जमानत आदेश पर सवाल उठाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फरीदकोट ने आरोपी के जमानत याचिका दायर करने के समय हिरासत में होने के बावजूद, नियमित जमानत याचिका को अग्रिम जमानत याचिका के रूप में माना।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी की खंडपीठ ने इसे 'गंभीर चिंता' का मामला बताते हुए जिला फरीदकोट के संबंधित प्रशासनिक न्यायाधीश को कानून के अनुसार यदि आवश्यक हो तो आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले की फाइल भेजी।संक्षेप में...

बुली बाई ऐप केस : मुंबई कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
'बुली बाई' ऐप केस : मुंबई कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

बांद्रा मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने विशाल झा, श्वेता सिंह और मयंक रावत को जमानत देने से इनकार करते हुए विस्तृत आदेश में कहा कि बुली बाई ऐप मामले में आरोपी तीन छात्रों ने प्रथम दृष्टया "नारीत्व को बदनाम" किया है।मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोमलसिंह राजपूत ने गुरुवार को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत के आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई।आदेश में कहा गया,"निःसंदेह आरोपी व्यक्ति कम उम्र के छात्र हैं और उनके पास जीवन और स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार है। लेकिन उन अधिकारों पर उचित प्रतिबंध...

जेलों में भीड़भाड़: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मानसिक रूप से बीमार कैदियों और गैर-कार्यात्मक जेल प्रशासनिक निकायों की स्थिति पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
जेलों में भीड़भाड़: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मानसिक रूप से बीमार कैदियों और गैर-कार्यात्मक जेल प्रशासनिक निकायों की स्थिति पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार को एक विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। इस हलफनामे में जेलों में भीड़भाड़, कैदियों द्वारा सामना की जाने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्याए और निकायों के काम न करने और दाखिल करने से संबंधित मुद्दे से संबंधित चिंताओं पर जवाब देने के लिए कहा।अदालत ने इस हलफनामे को सुनवाई की अगली तारीख से पहले दायर करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई सात मार्च को होगी।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की एक खंडपीठ एक स्वः संज्ञान मामले पर...

सुनिश्चित करें कि शांति भंग न हो: कलकत्ता हाईकोर्ट ने बेटे और बहू द्वारा कथित उत्पीड़न के खिलाफ वरिष्ठ नागरिक को पुलिस सुरक्षा प्रदान की
'सुनिश्चित करें कि शांति भंग न हो': कलकत्ता हाईकोर्ट ने बेटे और बहू द्वारा कथित उत्पीड़न के खिलाफ वरिष्ठ नागरिक को पुलिस सुरक्षा प्रदान की

कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने सोमवार को एक वरिष्ठ नागरिक को उसके बेटे और बहू द्वारा किए गए कथित उत्पीड़न के खिलाफ पुलिस सुरक्षा प्रदान की।न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा एक वरिष्ठ नागरिक राधारानी साहा द्वारा दायर एक याचिका पर फैसला सुना रही थीं, जिसमें अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई थी क्योंकि उनके बेटे और बहू के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत को दमदम पुलिस स्टेशन द्वारा संबोधित नहीं किया गया था।कोर्ट ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया,"दमदम पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी यह सुनिश्चित...

मोटर दुर्घटना दावा: अनुमानित आय वाले लोगों के लिए भविष्य की संभावनाओं को अनुमति दी जानी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना दावा: अनुमानित आय वाले लोगों के लिए 'भविष्य की संभावनाओं' को अनुमति दी जानी चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना में मृतक के परिजन को दिए गए मुआवजे के खिलाफ दायर अपील में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, मुंबई के एक आदेश की आंशिक रूप से अनुमति दी। अदालत ने कहा कि मृतक की आय के समर्थन में सबूतों की कमी मुआवजे के निर्धारण के लिए मजदूरी के न्यूनतम स्तर पर काल्पनिक आय तय करने का औचित्य नहीं हो सकता है।पृष्ठभूमि24 वर्षीय मृतक के आश्रित आवेदकों ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत ट्रिब्यूनल के समक्ष आवेदन दायर किया था। उन्होंने आकलन वर्ष 2000-01 के लिए मृतक का आईटी...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
क्रिकेट मैच फिक्सिंग आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने केपीएल खिलाड़ियों के खिलाफ एफआईआर रद्द की

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि क्रिकेट मैच फिक्सिंग धोखाधड़ी के अपराध की श्रेणी में नहीं आता है इसलिए कथित अपराधियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत अपराध नहीं माना जा सकता।जस्टिस श्रीनिवास हरीश कुमार की एकल पीठ ने कहा,"यह सच है कि यदि कोई खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में शामिल होता है तो एक सामान्य भावना पैदा होगी कि उसने खेल प्रेमियों को धोखा दिया है। लेकिन, यह अपराध की सामान्य भावना को जन्म नहीं देती।"पीठ ने आरोपी अबरार काजी और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं की अनुमति दे दी। उक्त...

अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए दिए गए वचन कि सास को चिकित्सा सहायता और भरणपोषण दिया जाएगा, से बहू बंधी हुई हैः कलकत्ता हाईकोर्ट
अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए दिए गए वचन कि सास को चिकित्सा सहायता और भरणपोषण दिया जाएगा, से बहू बंधी हुई हैः कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक मामले में कहा कि अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने के लिए दिए गए वचन कि सास को चिकित्सा सहायता और भरणपोषण प्रदान किया जाएगा, से बहू बंधी हुई है।अदालत ने 80 वर्षीय विधवा (अपीलकर्ता) की याचिका पर फैसला सुनाया, जिसके पति का काफी समय पहले निधन हो गया था। उसका बेटा बजदुलाल मंडल प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक के रूप में कार्यरत था। दुर्भाग्य से 14 अक्टूबर 2014 को उसका भी निधन हो गया। इसके बाद बहू (प्रतिवादी संख्या 9) ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। साथ में उसने 25...

दिल्ली हाईकोर्ट
अंतरिम समाधान पेशेवर के समक्ष दावा दाखिल करने से निदेशक डिक्री के तहत अपने दायित्व से मुक्त नहीं हो सकता, जब वह व्यक्तिगत रूप से समक्षौता डीड पर हस्ताक्षर किया हो: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हाल ही में देखा कि अंतरिम समाधान पेशेवर (Interim Resolution Professional) के समक्ष दावा करने से निदेशक एक डिक्री के तहत अपने दायित्व से मुक्त नहीं हो जाता है, जब वह व्यक्तिगत रूप से भी पक्षकार होता है।याचिकाकर्ता, कंपनी श्याम पल्प और बोर्ड मिल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जहां उन्हें और कंपनी को संयुक्त रूप से "दूसरे पक्षकार" के रूप में वर्णित किया गया था।समझौता कंपनी द्वारा किराए का भुगतान न करने और लीज परिसर को खाली करने के...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
"व्यक्तियों की स्वतंत्रता बाधित होती है": दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिकाओं में स्थिति रिपोर्ट दाखिल न करने पर चिंता व्यक्त की

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को लंबित जमानत आवेदनों के मामलों में संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थिति रिपोर्ट दाखिल न करने पर चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि देरी से किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता बाधित होती है।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी दो मामलों की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें अदालत ने पहले अभियोजन एजेंसियों द्वारा स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के पहलू पर फैसला सुनाया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसमें कोई देरी न हो। इससे पहले, न्यायालय को सूचित किया गया था कि स्थिति रिपोर्ट समय पर दाखिल करने...

ऑर्डर VII रूल्स 11 सीपीसी के तहत आवेदन पर विचार करते समय लिखित बयान में दी गई प्रतिवादी की दलील पूरी तरह अप्रासंगिक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
ऑर्डर VII रूल्स 11 सीपीसी के तहत आवेदन पर विचार करते समय लिखित बयान में दी गई प्रतिवादी की दलील पूरी तरह अप्रासंगिक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दीवानी न्यायालय के ऑर्डर के खिलाफ दीवानी पुनरीक्षण पर निर्णय करते हुए माना कि ऑर्डर VII रूल 11 सीपीसी के तहत प्रस्तुत आवेदन को अस्वीकार करना अवैध होगा यदि अदालत ने प्रतिवादी के लिखित बयान की मांग की है, बजाय शिकायत में दिए बयानों पर निर्णय करने पर।जस्टिस अनिल वर्मा ने कहा,"ऑर्डर VII रूल 11 सीपीसी के क्लॉज (ए) और (डी) के तहत एक आवेदन पर निर्णय लेने के उद्देश्य के लिए वाद में दिए बयान महत्वर्ण हैं; प्रतिवादी द्वारा लिखित बयान में दी गई दलीलें उस स्तर पर पूरी तरह से...

क्या मीडिया हाउस एक-दूसरे के काम पर कमेंट नहीं कर सकते? न्यूज़लॉन्ड्री ने उनके खिलाफ टीवी टुडे द्वारा दायर मुकदमे में दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
क्या मीडिया हाउस एक-दूसरे के काम पर कमेंट नहीं कर सकते? न्यूज़लॉन्ड्री ने उनके खिलाफ टीवी टुडे द्वारा दायर मुकदमे में दिल्ली हाईकोर्ट में कहा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार को टीवी टुडे (TV Today) द्वारा न्यूज पोर्टल न्यूजलॉन्ड्री (NewsLaundary), इसके सीईओ अभिनंदन सेखरी और अन्य के खिलाफ दायर मुकदमे की सुनवाई जारी रखी, जिसमें एंकरों, प्रबंधन और कर्मचारियों के कॉपीराइट उल्लंघन और मानहानि के लिए 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है।न्यूज़लॉन्ड्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ कृपाल ने तर्क दिया कि कॉपीराइट का उल्लंघन एक व्यावसायिक विवाद है, मानहानि नहीं है और यदि कार्रवाई के गैर-व्यावसायिक कारण हैं तो सूट को...

केरल हाईकोर्ट ने अपने नवजात शिशु को पानी से भरी बाल्टी में डुबाकर मारने वाली विकलांग महिला को जमानत दी
केरल हाईकोर्ट ने अपने नवजात शिशु को पानी से भरी बाल्टी में डुबाकर मारने वाली विकलांग महिला को जमानत दी

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक 33 वर्षीय विकलांग महिला को जमानत दे दी। इस विकलांग महिला ने कथित तौर पर अपने नवजात शिशु को पानी से भरी बाल्टी डूबोकर मार दिया था। यह उसका छठा बच्चा था और कथित तौर पर अनपेक्षित गर्भावस्था का परिणाम था।जस्टिस गोपीनाथ पी. ने महिला को जमानत पर रिहा कर दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में उसकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं हो सकती है।जस्टिस गोपीनाथ पी. ने आगे कहा,"मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और इस तथ्य पर विचार करते हुए कि याचिकाकर्ता को...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के 829 आदिवासी गांवों में मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने पर चिंता जताई

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के कम से कम 829 गांवों में मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने पर नाराजगी जताई। इससे बच्चों के लिए COVID-19 महामारी के दौरान वर्चुअल कक्षाओं में भाग लेना असंभव हो गया है।अदालत ने कहा, "अगर वहां की स्थिति ऐसी है, तो कोई भी अच्छी तरह से कल्पना कर सकता है कि महाराष्ट्र राज्य की गढ़चिरौली जिले की अगली पीढ़ी के भविष्य का क्या होगा।" जस्टिस सुनील शुक्रे और अनिल पानसरे की पीठ ने 2020 में शुरू की गई एक स्वत: संज्ञान जनहित...