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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नीट काउंसलिंग के लिए अनजाने में गलत श्रेणी का चयन करने वाली एसटी उम्मीदवार के प्र‌ति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया, अपवाद मानते हुए पंजीकरण की अनुमति दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नीट काउंसलिंग के लिए अनजाने में गलत श्रेणी का चयन करने वाली एसटी उम्मीदवार के प्र‌ति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया, अपवाद मानते हुए पंजीकरण की अनुमति दी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने हाल ही में अनुसूचित जनजाति के एनईईटी उम्मीदवार की स्थितियों पर सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण लिया। उसने अनजाने में खुद को यूआर/एनआरआई कोटा के तहत पंजीकृत कर दिया था। कोर्ट ने काउंसलिंग के अंतिम दौर में उसे फिर से पंजीकृत करने की अनुमति दी।आमतौर पर, अदालतें ऐसी याचिकाओं को अनुमति देने से हिचकती हैं। हालांकि, मौजूदा मामले में जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस राजेंद्र कुमार (वर्मा) की खंडपीठ ने कहा, " यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि याचिकाकर्ता, जो एसटी वर्ग की छात्रा है...

मद्रास हाईकोर्ट ने FL2 लाइसेंस के बिना क्लब परिसर में शराब परोसने की वैधता पर राज्य से जवाब मांगा
मद्रास हाईकोर्ट ने FL2 लाइसेंस के बिना क्लब परिसर में शराब परोसने की वैधता पर राज्य से जवाब मांगा

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत क्लब परिसर के अंदर शराब की खपत के लिए FL2 लाइसेंस के कब्जे पर एकल पीठ द्वारा जोर देने के खिलाफ एक रिट अपील पर सुनवाई शुरू की।कांचीपुरम रीडिंग क्लब और टेनिस एसोसिएशन द्वारा एकल पीठ के आदेश के खिलाफ रिट अपील को प्राथमिकता दी गई। इसने उनके खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा के लिए उनकी याचिका को खारिज कर दिया।पुलिस अधिकारी जो लगातार और अनावश्यक निरीक्षण के साथ अपने सदस्यों को कथित रूप से परेशान कर रहे थे।क्लब द्वारा एकल पीठ के समक्ष यह भी...

केरल हाईकोर्ट
'जब एक महिला अपनी संतान को मारती है तो ऐसे मामलों में अक्सर जो दिखता है उससे ज्यादा कुछ होता है', केरल हाईकोर्ट ने 9 साल के बेटे की कथित हत्या के मामले में मां को बरी किया

केरल हाईकोर्ट ने एक मामले में एक महिला की सजा को उलटते हुए कहा, 'भगवान हर जगह नहीं हो सकता और इसलिए उसने मां बनाई।' निचली अदालत उसे अपने 9 साल के बेटे को मारने की आरोप में सजा सुनाई थी। उसने अपने अशांत वैवाहिक जीवन का बदला लेने के लिए ऐसा किया था।जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस सी जयचंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर जो दिखता है उससे ज्यादा कुछ होता है।मामलाअभियोजन पक्ष का मामला यह था कि 2016 में महिला ने अपने बेटे के गले को बुरी तरह से रेत दिया और उसका मुंह तौलिये से दबाकर उसे मौत...

दिल्ली दंगे: अदालत ने न्यायिक आदेशों के बावजूद हथकड़ी में पेश करने के खिलाफ उमर खालिद की याचिका पर जेल, डीजीपी को नोटिस जारी किया
दिल्ली दंगे: अदालत ने न्यायिक आदेशों के बावजूद हथकड़ी में पेश करने के खिलाफ उमर खालिद की याचिका पर जेल, डीजीपी को नोटिस जारी किया

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र के मामले में आरोपी उमर खालिद की याचिका पर डीजीपी, जेल को नोटिस जारी किया। इसमें न्यायिक आदेशों के बावजूद जेल अधिकारियों द्वारा हथकड़ी में उनकी अवैध पेशी की विभागीय जांच की मांग की गई।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने आदेश दिया,"इस बात को दोहराने की आवश्यकता नहीं है कि एक अंडर-ट्रायल कैदी पूरी कार्यवाही के दौरान अदालत की हिरासत में रहता है। उसे बेड़ियों/हथकड़ी लगाने जैसा कोई भी कदम तभी लिया जा सकता है जब न्यायालय अनुरोध या आवेदन...

सीआरपीसी का सहारा लें: कलकत्ता हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 226 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज की
'सीआरपीसी का सहारा लें': कलकत्ता हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 226 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने वैकल्पिक उपाय की उपलब्धता के स्थापित सिद्धांत पर विचार करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका पुलिस अधिकारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज न करने से संबंधित शिकायत पर निर्णय के लिए दायर नहीं की जा सकती है।मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा,"शिकायत याचिकाकर्ता द्वारा की गई शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज न करने के संबंध में है, इसलिए यह व्यक्तिगत प्रकृति की शिकायत है, जिसे एक जनहित याचिका...

एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप लगाने के लिए अभियुक्तों को पीड़ित की जाति की जानकारी होना आवश्यकः गुजरात हाईकोर्ट
एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप लगाने के लिए अभियुक्तों को पीड़ित की जाति की जानकारी होना आवश्यकः गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए, यह स्थापित किया जाना चाहिए कि आरोपी को पीड़ित की जाति की जानकारी थी।जस्टिस बीएन कर‌िया ने कहा, "यदि हम अधिनियम की धारा 3(5) (ए) का उल्लेख करते हैं तो आरोपी को यह जानकारी होना चाहिए कि ऐसा व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य है या ऐसी संपत्ति ऐसे सदस्य की है। यह आरोप कही भी नहीं लगा है कि शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोप‌ियों को यह जानकारी थी कि...

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जघन्य अपराध के मामले में जांच पूरी होने से पहले दी जमानत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यायिक विवेक सीखने का निर्देश दिया
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने जघन्य अपराध के मामले में जांच पूरी होने से पहले दी जमानत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने "न्यायिक विवेक" सीखने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, मैसूर को "न्याय‌िक विवेक" सीखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है ऐसा संस्‍था के हित में होगा और न्याय की तलाश में आए लोगों के हितों की सुरक्षा होगी। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि जज को न्यायिक विवेक सीखाने के लिए न्याय‌िक अकादमी में भेजा जाए।जस्टिस एचपी संदेश की बेंच ने कहा,रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि संबंधित न्यायिक अधिकारी को जघन्य अपराधों के मामले में जमानत देने से पहले अपने न्यायिक विवेक का प्रयोग करने में न्यायिक विचार...

केरल हाईकोर्ट के वकीलों ने वकीलों की फीस सीमित करने के लिए सिविल रूल्स ऑफ प्रैक्टिस में संशोधन का प्रस्ताव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
केरल हाईकोर्ट के वकीलों ने वकीलों की फीस सीमित करने के लिए सिविल रूल्स ऑफ प्रैक्टिस में संशोधन का प्रस्ताव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

केरल में कानूनी बिरादरी के लिए एक बड़ा झटका है। सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने हाल ही में राज्य में वकीलों की फीस के संबंध में नियमों में संशोधन के प्रस्ताव के साथ बार काउंसिल ऑफ केरल के अध्यक्ष को एक पत्र संबोधित किया है।उच्च न्यायालय द्वारा प्रख्यापित केरल सिविल रूल्स ऑफ़ प्रैक्टिस, 1971 के परिशिष्ट VII में वकीलों की फीस के संबंध में कई नियमों का प्रावधान है।पत्र की सामग्री के अनुसार, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने 2019 में राज्य सरकार को एक पत्र लिखा था जिसमें अधिवक्ताओं द्वारा अपने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
एसएसबी परीक्षा- दाहिने हाथ पर धार्मिक टैटू के कारण उम्मीदवारों को मेटिकल टेस्ट में अनफिट घोषित किया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह तीन उम्मीदवारों की ओर से दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के उच्च अधिकारियों से जवाब मांगा है, जिन्हें उनके दाहिने हाथ पर धार्मिक टैटू के कारण मेडिकल टेस्ट में अनफिट घोषित कर दिया गया था।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने केंद्र और एसएसबी के वकील को इस संबंध में निर्देश प्राप्त करने को कहा और मामले को 23 फरवरी को आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया।मामलाअवनीश कुमार और 2 अन्य लोग सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में हेड कांस्टेबल (मंत्रिस्तरीय)...

पोक्सो अधिनियम का उद्देश्य नौजवानों के बीच के रोमांटिक संबंधों को अपने दायरे में लाना   नहीं  : इलाहाबाद हाईकोर्ट
पोक्सो अधिनियम का उद्देश्य नौजवानों के बीच के रोमांटिक संबंधों को अपने दायरे में लाना नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पोक्सो (प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट) आरोपी को जमानत दे दी। उक्त आरोपी अपनी प्रेमिका 14 वर्षीय लड़की (पीड़िता) को लेकर कथित रूप से भाग गया था। कोर्ट ने कहा कि वे दोनों घर से भाग गए थे और एक मंदिर में शादी कर ली। लगभग दो साल तक साथ रहे। इस दौरान लड़की ने एक बच्चे को जन्म भी दिया।जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह भी टिप्पणी की कि बच्चे को माता-पिता के प्यार और स्नेह से वंचित करना बेहद कठोर और अमानवीय होगा। आरोपी और नाबालिग पीड़ित...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट दोषी ठहराने योग्य कानूनी सबूत के अभाव में दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं: जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने हाल ही में यह देखते हुए एक आपराधिक दोषमुक्ति अपील को खारिज कर दिया कि कानूनी सबूत के अभाव में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साक्ष्य को अभियुक्तों की दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता है।जस्टिस मोहन लाल और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने कहा,"एक आपराधिक मुकदमे में, यह सुनिश्चित करना न्यायालय का कर्तव्य है कि केवल अनुमान या संदेह कानूनी सबूत की जगह नहीं लेते हैं। संदेह, चाहे कितना भी मजबूत या संभावित हो, अपराध करने के लिए अभियुक्त के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित करने के...

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कानूनी सबूत के अभाव में दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं हो सकती: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कानूनी सबूत के अभाव में दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं हो सकती: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट (Jammu & Kashmir High Court) ने हाल ही में एक आपराधिक मामले में बरी करने की अपील को खारिज कर दिया।कोर्ट ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साक्ष्य को किसी भी तरह से कानूनी सबूत के अभाव में अभियुक्तों की दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता है। न्यायमूर्ति मोहन लाल और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की खंडपीठ ने कहा,"एक आपराधिक मुकदमे में, यह सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय का कर्तव्य है कि केवल अनुमान या संदेह कानूनी सबूत की जगह नहीं लेते हैं। संदेह मजबूत या संभावित...

तमिलनाडु सरकार ने LGBTQIA+ समुदाय के उत्पीड़न को रोकने के लिए पुलिस आचरण नियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी की
तमिलनाडु सरकार ने LGBTQIA+ समुदाय के उत्पीड़न को रोकने के लिए पुलिस आचरण नियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी की

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों के आचरण नियम, 1964 में नियम 24-सी को शामिल करके एक संशोधन अधिसूचित किया। उक्त नियम पुलिस अधिकारियों को LGBTQIA+ व्यक्तियों को परेशान करने से रोकता है।तमिलनाडु जिला पुलिस अधिनियम, 1859 की धारा आठ और चेन्नई शहर पुलिस अधिनियम, 1888 की धारा नौ द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तमिलनाडु सरकार के सर्कुलर में संशोधन को अधिसूचित किया गया।संशोधित पुलिस आचरण नियमावली में नियम 24-सी इस प्रकार है:"24-सी. कोई भी पुलिस अधिकारी LGBTQIA (समलैंगिक,...

कदाचार का स्पष्ट मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने अनधिकृत गैर-हाज़री के लिए सेवा से हटाए गए सीआरपीएफ कांस्टेबल को राहत से इनकार किया
'कदाचार का स्पष्ट मामला': राजस्थान हाईकोर्ट ने अनधिकृत गैर-हाज़री के लिए सेवा से हटाए गए सीआरपीएफ कांस्टेबल को राहत से इनकार किया

राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर खंडपीठ ने अनुशासनात्मक प्राधिकारी के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसने सीआरपीएफ कांस्टेबल-याचिकाकर्ता को छुट्टी की अवधि पूरी होने पर ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं करने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया था।चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस सुदेश बंसल की खंडपीठ ने कहा,"हमारे विचार में याचिकाकर्ता ने हस्तक्षेप के लिए कोई मामला नहीं बनाया। याचिकाकर्ता सीआरपीएफ के एक कांस्टेबल के रूप में कार्यरत था, जो एक अनुशासित बल है। वह लगभग एक वर्ष तक बिना स्वीकृत छुट्टी या विभाग को...

Install Smart Television Screens & Make Available Recorded Education Courses In Shelter Homes For Ladies/Children
'जनहित याचिका में लगाए गए आरोपों के संबंध में कम से कम एक बुनियादी सबूत पेश करने से छूट नहीं': राजस्थान हाईकोर्ट ने पब्लिक फंड में गबन का आरोप लगाने वाली याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर ने कहा है कि एक जनहित याचिका में याचिकाकर्ता अपने द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में कम से कम एक बुनियादी सबूत पेश करने से छूट नहीं है।चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस सुदेश बंसल की खंडपीठ ने कहा,"अन्यथा भी हम पाते हैं कि लंबी दलीलों वाली याचिका कथनों में लंबी है लेकिन सामग्री में कम है। याचिका में लगाए गए आरोपों के लिए सहायक साक्ष्य की आवश्यकता होती है। यहां तक ​​​​कि एक जनहित याचिका में भी याचिकाकर्ता को अपने द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में कम से कम एक बुनियादी सबूत...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
[SSB Exam] दाहिने हाथ पर धार्मिक टैटू के कारण उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट में अयोग्य घोषित किया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते तीन उम्मीदवारों द्वारा दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के उच्च अधिकारियों से जवाब मांगा है, जिन्हें उनके दाहिने हाथों (फोरआर्म) पर धार्मिक टैटू के कारण मेडिकल टेस्ट में अयोग्य घोषित कर दिया गया है।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने केंद्र और एसएसबी के वकील को इस संबंध में निर्देश लेने का निर्देश दिया और मामले को 23 फरवरी को आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट किया गया।याचिका में क्या कहा गया है?अवनीश कुमार और 2 अन्य लोग सशस्त्र सीमा बल...

जन्म और मृत्यु के देरी से हुए पंजीकरण की शुद्धता को सत्यापित करने का अधिकार केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
जन्म और मृत्यु के देरी से हुए पंजीकरण की शुद्धता को सत्यापित करने का अधिकार केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत केवल न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के पास जन्म और मृत्यु के देरी से किए गए पंजीकरण, ऐसे पंजीकरण जिन्हें घटना के एक वर्ष के अंदर नहीं किया गया है, की शुद्धता को सत्यापित करने का अधिकार है। इस संबंध में कार्यपालक दंडाधिकारी को कोई अधिकार नहीं है।इस फैसले के विपरीत, इसने एमपी जन्म और मृत्यु पंजीकरण नियम, 1999 के नियम 9 को रद्द कर दिया, जिसने उक्त उद्देश्य के लिए जेएमएफसी के साथ कार्यकारी...

हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में नया जिला बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की
हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में नया जिला बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य में एक नया जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के निर्माण के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया।याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना को रद्द करने की मांग की थी। इसके तहत छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 13 (2) के तहत रायगढ़ और बलौदा बाजार -भाटापारा की सीमा में परिवर्तन करके नए जिले का निर्माण करने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी और जस्टिस एन.के. चंद्रवंशी की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की।उक्त आवेदन ग्राम पंचायत कंडोला ने अपने...