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उपहार अग्निकांड: दिल्ली हाईकोर्ट ने अंसल बंधुओं की सबूतों से छेड़छाड़ मामले में सजा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज की
उपहार अग्निकांड: दिल्ली हाईकोर्ट ने अंसल बंधुओं की सबूतों से छेड़छाड़ मामले में सजा पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को रियल एस्टेट व्यवसायी सुशील अंसल और गोपाल अंसल द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में वर्ष 1997 में हुई उपहार अग्निकांड के संबंध में सबूतों से छेड़छाड़ मामले में उनकी सात साल की जेल की सजा को निलंबित करने की मांग की गई थी।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने हालांकि अनूप सिंह करायत द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने पिछले महीने इसे सुरक्षित रखने के बाद आदेश पारित किया था।न्यायाधीश ने कहा,"आदेश शाम तक अपलोड किए जाएंगे।"अंसल ने तीन दिसंबर, 2021 को...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
दुर्घटनाग्रस्त चालक के पास नकली ड्राइविंग लाइसेंस था, केवल इस आधार पर बीमाकर्ता को देयता से मुक्त नहीं किया जा सकताः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना डेथ क्लेम के एक मामले हाल ही में कहा कि बीमा कंपनी को केवल इस आधार पर अपनी देयता से बचने की अनुमति नहीं दी जा सकती है कि वाहन चलाने वाले व्यक्ति, जिसके कारण मृतक के साथ दुर्घटना हुई थी, उसके पास उस समय विधिवत लाइसेंस नहीं था।यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम लेहरू और अन्य में 2003 में दिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए जस्टिस सुभाष चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि नियोक्ता से यह उम्मीद नहीं होती कि वह रोजगार के समय जारीकर्ता प्राधिकरण से...

दिल्ली हाईकोर्ट ने मेडिकल कारणों COVID-19 वैक्सीन से इनकार करने वाले शिक्षक को अंतरिम राहत देते हुए वेतन जारी करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मेडिकल कारणों COVID-19 वैक्सीन से इनकार करने वाले शिक्षक को अंतरिम राहत देते हुए वेतन जारी करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत के रूप में एक शिक्षक को दो महीने का वेतन जारी करने का निर्देश दिया। इस शिक्षक ने अपनी मेडिकल कंडिशन के कारण COVID-19 की वैक्सीन लेने से इनकार कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप शहर के एक स्कूल में टीचर को ऑनलाइन क्लास लेने से मना कर दिया गया।जस्टिस योगेश खन्ना की पीठ के समक्ष आर.एस. भार्गव ने सेवा में बहाल किए जाने और "छुट्टी पर" स्थिति से हटाने के निर्देश दिए जाने की मांग की। इससे उन्हें वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग मोड के माध्यम से कक्षाएं संचालित करने की अनुमति मिल...

[NDPS Act Section 37] गांजा रखने पर नियमित जमानत दी जा सकती है अगर यह वाणिज्यिक मात्रा नहीं है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
[NDPS Act Section 37] गांजा रखने पर नियमित जमानत दी जा सकती है अगर यह वाणिज्यिक मात्रा नहीं है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में आरोपी को नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act), 1985 के तहत नियमित जमानत दी।कोर्ट ने देखा कि धारा 37 के तहत निर्धारित जमानत की कठोरता उस स्थिति में लागू नहीं होती है जब जब्ती वाणिज्यिक मात्रा में प्रतिबंधित नहीं है। याचिकाकर्ता/अभियुक्त को नियमित जमानत की मांग करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 437 और 439 के तहत याचिका दायर की गई थी, जिसके पास कथित रूप से 4.3 किलोग्राम गांजा मिला था।यह आरोप लगाया गया था कि याचिकाकर्ता इसे अवैध...

मरने से पहले दिया गया बयान सजा का एकमात्र आधार हो सकता, बशर्त यह सच और स्वैच्छिक हो: तेलंगाना हाईकोर्ट
मरने से पहले दिया गया बयान सजा का एकमात्र आधार हो सकता, बशर्त यह सच और स्वैच्छिक हो: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि यदि मृतक स्वस्थ मानसिक स्थिति में और स्वेच्छा से बयान देता है तो मरने से पहले दिया गया बयान (डाइंग डिक्लेयरेशन) दोषसिद्धि का एकमात्र आधार हो सकता है।मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा ने 'अतबीर बनाम दिल्ली सरकार' मामले में दिये गये फैसले पर भरोसा जताया, जिसमें यह फैसला सुनाया गया था कि मरने से पहले दिया गया बयान (मृत्युकालीन घोषणा) सजा का एकमात्र आधार हो सकता है यदि यह न्यायालय के पूर्ण विश्वास को प्रेरित करती है और मृतक बयान देने के समय स्वस्थ मनोस्थिति...

मस्जिदों में लाउड-स्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका: गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया
मस्जिदों में लाउड-स्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका: गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने गुजरात सरकार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर नोटिस जारी किया।याचिका में कोर्ट से राज्य सरकार को पूरे राज्य में मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए उचित उपाय करने का निर्देश देने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति आशुतोष जे शास्त्री की पीठ ने गांधीनगर जिले में अपना क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर धर्मेंद्र विष्णुभाई प्रजापति की याचिका पर नोटिस जारी किया है।याचिका में कहा गया है कि गांधीनगर जिले में मुस्लिम समुदाय के...

केरल हाईकोर्ट
विवाह विफल रहा है, इसके बावजूद पति/पत्नी का आपसी सहमति से तलाक देने से इनकार करना क्रूरता के समान : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने माना है कि इस तथ्य के बावजूद कि विवाह विफल हो चुका है, यदि पति-पत्नी में से कोई एक आपसी सहमति से तलाक देने से इनकार कर रहा है तो यह दूसरे पति या पत्नी के साथ क्रूरता करने के अलावा और कुछ नहीं है।जस्टिस ए. मोहम्मद मुस्तक और जस्टिस सोफी थॉमस की खंडपीठ ने कहा कि एक बार जब अदालत यह राय बनाने में सक्षम हो जाती है कि असामंजस्य के कारण, विवाह विफल हो गया है और पति-पत्नी में से एक आपसी अलगाव के लिए सहमति नहीं दे रहा है तो अदालत बहुत अच्छी तरह से उस आचरण को क्रूरता के रूप में मान सकती...

हिजाब पर प्रतिबंध मामला : दक्षिण अफ्रीका के फैसले में हिंदू लड़की को सांस्कृतिक अभ्यास के रूप में स्कूल में नाक की रिंग पहनने की अनुमति दी, कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील
हिजाब पर प्रतिबंध मामला : दक्षिण अफ्रीका के फैसले में हिंदू लड़की को सांस्कृतिक अभ्यास के रूप में स्कूल में नाक की रिंग पहनने की अनुमति दी, कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील

कर्नाटक हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने सोमवार को याचिकाकर्ता, एक मुस्लिम छात्रा की ओर से व्यापक दलीलें सुनीं, जिसने हिजाब (हेडस्कार्फ़) पहनकर उसे कॉलेज में प्रवेश करने से इनकार करने की एक सरकारी कॉलेज की कार्रवाई को चुनौती दी थी।पीठ ने पिछले शुक्रवार को छात्रों को कक्षाओं में किसी भी प्रकार के धार्मिक कपड़े पहनने से रोका था , जबकि मामले की सुनवाई लंबित है। अंतरिम आदेश केवल उन संस्थानों पर लागू किया गया जिन्होंने कॉमन ड्रेस कोड निर्धारित किया है।मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को सुनवाई की शुरुआत में सभी...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
केवल समझौते के कारण नहीं छोड़ा जा सकता, एक महिला को परेशान करने के पाप का प्रायश्चित करना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी को सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला के शीलभंग के आरोपी एक व्यक्ति को एक महीने के लिए सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह देखते हुए कि फैसला दिया है कि उसे केवल शिकायतकर्ता के साथ समझौता करने के कारण नहीं छोड़ा जा सकता है और उसे अपने पाप का प्रायश्चित करना होगा।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने आरोपी को 10 फरवरी से 11 मार्च, 2022 तक एक महीने की अवधि के लिए डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया। अदालत ने उस व्यक्ति को आर्म्ड फोर्सेस बैटल कैजुअल्टी वेलफेयर फंड में...

झारखंड हाईकोर्ट
जब समान हितों वाले कई लोग याचिका दायर करते हैं तो कोर्ट फीस अलग-अलग देनी होगी: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि समान हित (Similar Interests) वाले कई व्यक्तियों द्वारा संयुक्त रूप से दायर याचिका में एक ही कोर्ट फीस चुकाना उचित है। हालांकि, जब हित सिर्फ समान होते हैं, लेकिन सामान्य (Common Interest) नहीं होते हैं तो अलग से कोर्ट फीस चुकानी पड़ती है।चीफ जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने दोनों के बीच अंतर पर जोर देते हुए कहा,"यदि याचिकाकर्ताओं के बीच हित सामान्य या संयुक्त हैं, जब वे वर्ग या समूह के रूप में इसमें...

एलएलबी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने केएसएलयू को 3 साल के कोर्स के लिए परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी, परीक्षा अधिसूचना रद्द करने के सिंगल जज के आदेश को रद्द किया
एलएलबी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने केएसएलयू को 3 साल के कोर्स के लिए परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी, परीक्षा अधिसूचना रद्द करने के सिंगल जज के आदेश को रद्द किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को सिंगल जज के एक आदेश को रद्द कर दिया, जिसके जरिए कर्नाटक स्टेट लॉ यून‌िवर्सिटी द्वारा जारी अधिसूचना को रद्द कर दिया था। यूनिवर्सिटी ने उक्त अधिसूचना के जर‌िए तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स के दूसरे और चौथे सेमेस्टर के स्टूडेंट्स के लिए ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया था।जस्टिस एसजी पंडित और जस्टिस अनंत रामनाथ हेगड़े की खंडपीठ ने कर्नाटक स्टेट लॉ यूनिवर्सिटी द्वारा दायर इंट्रा-कोर्ट अपील की अनुमति देते हुए कहा, "यह कानूनी शिक्षा के सर्वोत्तम हित में है। आदेश...

छत्रसाल स्टेडियम मर्डर केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहिणी कोर्ट से ट्रायल ट्रांसफर करने की याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा
छत्रसाल स्टेडियम मर्डर केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहिणी कोर्ट से ट्रायल ट्रांसफर करने की याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने पीड़ितों और अभियोजन पक्ष के गवाहों की सुरक्षा के हित में शहर के रोहिणी कोर्ट से किसी अन्य जिला अदालत में मुकदमा स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा। मामले में दिन-प्रतिदिन की सुनवाई के रूप में भी एक 'इन-कैमरा' सुनवाई हो रही है।यह मामला पूर्व जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की मौत से जुड़ा है। पहलवान सुशील कुमार इस मामले के आरोपियों में से एक हैं।जस्टिस मुक्ता गुप्ता इस मामले में पीड़ितों और अभियोजन पक्ष के गवाहों द्वारा दायर एक याचिका...

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य को 4 महीने के भीतर सार्वजनिक नियुक्तियों, शैक्षणिक संस्थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आरक्षण देने के निर्देश दिए
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य को 4 महीने के भीतर सार्वजनिक नियुक्तियों, शैक्षणिक संस्थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आरक्षण देने के निर्देश दिए

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने राज्य सरकार को ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग में शामिल करने और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सार्वजनिक नियुक्तियों के मामलों में सभी प्रकार के आरक्षण देने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।न्यायमूर्ति मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति मदन गोपाल व्यास की खंडपीठ ने इस कवायद को पूरा करने के लिए चार महीने का समय दिया है।कोर्ट ने गंगा कुमारी द्वारा दायर एक रिट याचिका में यह निर्देश दिया। इसमें राष्ट्रीय कानूनी सेवा...

चारा घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया
चारा घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया

रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया। चारा घोटाले से जुड़ा यह पांचवां मामला है, जिसमें कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया है।विशेष सीबीआई न्यायाधीश सीके शशि ने फैसला सुनाया। 18 फरवरी को मामले की सजा तय की जाएगी। चारा घोटाले से जुड़े इस पांचवें मामले में वर्ष 1996 में रांची के डोरंडा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में सीबीआई ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया था।चारा घोटाले...

सेक्‍शन 163ए एमवीए के तहत मोटर वाहन का उपयोग स्‍थापित करना ही आवश्यक, यह साबित करने की जरूरत नहीं कि कोई और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था: गुजरात हाईकोर्ट
सेक्‍शन 163ए एमवीए के तहत मोटर वाहन का उपयोग स्‍थापित करना ही आवश्यक, यह साबित करने की जरूरत नहीं कि कोई और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने य‌ह पुष्टि करते हुए कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 163ए के तहत यह साबित करना आवश्यक नहीं है कि कोई अन्य व्यक्ति लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके कारण पीड़ित की मृत्यु हुई, मृतक के परिवार को मुआवजे देना का दाय‌ित्व बीमा कंपनी पर लगाया है।जस्टिस संदीप एन भट्ट की खंडपीठ ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के फैसले से असंतुष्ट अपीलकर्ताओं द्वारा एमवी एक्ट की धारा 173 के तहत दायर पहली अपील के संबंध में यह आदेश दिया।पृष्ठभूमिअपीलार्थी-दावाकर्ता के पिता का ट्रैक्टर घर लौटते हुए पलट...

व्यक्तिगत स्वतंत्रता में केवल इसलिए कटौती नहीं की जा सकती कि समाज अभियुक्तों के खिलाफ भावनाएं रखता है: दिल्ली हाईकोर्ट
व्यक्तिगत स्वतंत्रता में केवल इसलिए कटौती नहीं की जा सकती कि समाज अभियुक्तों के खिलाफ भावनाएं रखता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि केवल आरोपी के खिलाफ समाज की भावनाओं के कारण जमानत के अधिकार से इनकार नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने लूट के मामले में आरोपी व्यक्ति को जमानत दे दी।जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 392, 411 और धारा 34 के तहत दर्ज एफआईआर में नियमित जमानत मांगने वाले तरनजीत सिंह को जमानत दे दी।अदालत ने कहा,"यह अच्छी तरह से स्थापित कानून है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक कीमती मौलिक अधिकार है। इसे तभी कम किया जाना चाहिए जब यह मामले के अजीबोगरीब तथ्यों और...

केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस, मोटर वाहन विभाग को वाहनों पर सरकारी बोर्डों के ओवरलोडिंग, दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने राज्य पुलिस और मोटर वाहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों को सड़क सुरक्षा नीति दिशानिर्देशों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों / मालिकों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है, खासकर उन लोगों के खिलाफ जो अपने वाहनों को ओवरलोड करते हैं या आवश्यक प्राधिकरण की अनुमति के बिना सरकारी नेमप्लेट का उपयोग करते हैं।न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन ने सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की समिति द्वारा निर्देशित राज्य में सड़क सुरक्षा नीति, मोटर वाहन अधिनियम और मोटर वाहन...

गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात आतंकवाद नियंत्रण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए जमानत खारिज की, संगठित अपराध की व्याख्या की
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात आतंकवाद नियंत्रण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए जमानत खारिज की, 'संगठित अपराध' की व्याख्या की

गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात कंट्रोल ऑफ टेरर‌िज्म एंड आर्गनाइज्ड एक्ट, 2015 के तहत एक आरोपी को यह कहते हुए कि जमानत देने से इनकार कर दिया कि वह हाईवे पर चोरी में शामिल 'संगठित अपराध सिंडिकेट' का हिस्सा है।अधिनियम की धारा 2(1)(f) के तहत परिभाषित 'संगठित अपराध सिंडिकेट' का अर्थ दो या दो से अधिक व्यक्तियों का ऐसा समूह है, जो अकेले या सामूहिक रूप से संगठित अपराध की गतिविधियों में लिप्त एक सिंडिकेट या गिरोह के रूप में कार्य करता है।जस्टिस एएस सुपेहिया की खंडपीठ ने 'संगठित अपराध' को ऐसी निरंतर गैरकानूनी...

मुस्लिम महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी: स्थानीय अदालत ने यति नरसिंहानंद को जमानत दी
मुस्लिम महिलाओं पर 'अपमानजनक' टिप्पणी: स्थानीय अदालत ने यति नरसिंहानंद को जमानत दी

उत्तराखंड कोर्ट (हरिद्वार) ने उत्तर प्रदेश में शक्तिशाली डासना देवी मंदिर के प्रमुख यति नरसिंहानंद (Yati Narsinghanand) को मुस्लिम महिलाओं पर उनकी कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी के लिए दर्ज एक मामले में जमानत दे दी।अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश भारत भूषण पांडेय ने सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जमानत की मांग वाली याचिका पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया, जिसने उन्हें 19 जनवरी को जमानत देने से इनकार कर दिया था।मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणीइस मामले में आरोप लगाया गया है कि...