मुख्य सुर्खियां

आईटी नियम, 2021 के भाग III के तहत गूगल जैसे सर्च इंजन प्रकाशक नहीं: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया
आईटी नियम, 2021 के भाग III के तहत गूगल जैसे सर्च इंजन 'प्रकाशक' नहीं: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग III के तहत गूगल (Google) जैसे सर्च इंजन 'प्रकाशक' हैं।नियमों की धारा 2(एस) एक प्रकाशक को "समाचार और समसामयिक मामलों की सामग्री के प्रकाशक या ऑनलाइन क्यूरेट की गई सामग्री के प्रकाशक" के रूप में परिभाषित करती है।सूचना और प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से केंद्र ने सीबीएसई के अधिकारी द्वारा दायर एक याचिका में एक जवाबी हलफनामा दायर किया है, जिसमें कथित...

फिल्म का टाइटल राजपूत समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है: करणी सेना ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिल्म पृथ्वीराज की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की
"फिल्म का टाइटल राजपूत समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है": करणी सेना ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिल्म 'पृथ्वीराज' की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की

अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर अभिनीत फिल्म 'पृथ्वीराज (Prithviraj)' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संगीता सिंह (महिला विंग) द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका दायर की गई है।राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की (महिला विंग) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली वकील संगीता सिंह ने यह आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है कि फिल्म का शीर्षक 'सम्राट पृथ्वीराज चौहान' की जगह 'पृथ्वीराज' रखा गया है। इससे...

COVID-19 बूस्टर डोज: गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश, अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी और वकीलों को फ्रंट लाइन वर्कर माना जाएगा
COVID-19 बूस्टर डोज: गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश, अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी और वकीलों को फ्रंट लाइन वर्कर माना जाएगा

असम सरकार की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि गुवाहाटी हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों के सभी न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, अन्य अधिकारी और कर्मचारियों को COVID-19 वैक्सीनेशन के उद्देश्य से फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में माना जाएगा। इन कर्मचारियों में विभिन्न अदालतों में पेश होने वाले वकील और विभिन्न जेलों के सभी अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।यह ध्यान दिया जा सकता है कि 10 जनवरी, 2022 से राज्य में स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं, फ्रंट लाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को संक्रमण के साथ...

[एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37] उचित आधार का मतलब प्रथम दृष्टया आधार से कुछ अधिक है: कलकत्ता हाईकोर्ट
[एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37] 'उचित आधार' का मतलब 'प्रथम दृष्टया' आधार से कुछ अधिक है: कलकत्ता हाईकोर्ट

नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 37 की व्याख्या करते हुए, कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि किसी अपराधी ने अपराध नहीं किया है, यह मानने के लिए 'उचित आधार' होना चाहिए, जो महज 'प्रथम दृष्टया' आधार से अधिक होना चाहिए।अधिनियम की धारा 37 इस कानून में निहित अपराधों के वर्गीकरण से संबंधित है और उन मामलों का प्रावधान करती है जहां आरोपी व्यक्ति को जमानत दी जा सकती है। यह कुछ अपराधों के मामले में जमानत के लिए दोहरी शर्तें प्रदान करता है: पहला, आरोपी...

[दिल्ली दंगे] भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने का प्रयास किया गया, बड़े पैमाने पर जनता पीड़ित: अभियोजन पक्ष ने जमानत के विरोध में तर्क दिए
[दिल्ली दंगे] "भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने का प्रयास किया गया, बड़े पैमाने पर जनता पीड़ित": अभियोजन पक्ष ने जमानत के विरोध में तर्क दिए

दिल्ली दंगों (Delhi Riots) के बड़े षड्यंत्र के मामले में कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने गुरुवार को दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) को बताया कि आरोपी व्यक्तियों द्वारा भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने का प्रयास किया गया था और हिंसा के कारण बड़े पैमाने पर जनता पीड़ित है।विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद उमर खालिद, शरजील इमाम, खालिद सैफी, मीरा हैदर, सलीम मलिक, शहाब अहमद और सलीम खान की जमानत याचिकाओं का विरोध कर रहे थे।प्रसाद ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत को...

डीएनए नमूना जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों को निर्दिष्ट करें, एमपी हाईकोर्ट का राज्य सरकार को निर्देश
डीएनए नमूना जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों को निर्दिष्ट करें, एमपी हाईकोर्ट का राज्य सरकार को निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि डीएनए नमूनों की जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब के गठन के लिए जारी न्यायालय के निर्देशों के संबंध में उसने क्या कदम उठाए हैं।यह आदेश जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने दिया। पीठ कहा कि बड़ी संख्या में मामलों में, एफएसएल रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट एचसी या ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं की जा रही है, इस तथ्य के बावजूद कि चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है और मुकदमे में, महत्वपूर्ण गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।अदालत ने कहा, "यह राज्य...

Install Smart Television Screens & Make Available Recorded Education Courses In Shelter Homes For Ladies/Children
अन्य राज्यों की एसी/एसटी/ओबीसी महिलाएं विवाह बाद राजस्‍थान में बसने पर यहां सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण की हकदार नहींः राजस्‍थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया कि राज्य के बाहर की महिलाएं विवाह के बाद राजस्थान में बसने पर किसी अन्य राज्य में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग की सदस्य होने के कारण राज्य में सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण के लाभ के हकदार नहीं हो सकती हैं।हालांकि, वे आरक्षित श्रेणी के सदस्य के रूप में उन योजनाओं का लाभ उठा सकती हैं, जिनमें डोमिसाइल या निवास को हकदारी के रूप में परिकल्पित किया गया है।हाईकोर्ट ने सुनीता रानी नामक एक महिला की रिट याचिका पर य‌ह टिप्‍पणियां की। प्रतिवादी सब डिविजनल...

एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी की गवाही को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि अन्य सह-आरोपियों के संबंध में दी गई गवाही को अविश्वसनीय पाया गया: कलकत्ता हाईकोर्ट
एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी की गवाही को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि अन्य सह-आरोपियों के संबंध में दी गई गवाही को अविश्वसनीय पाया गया: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि एक आरोपी के संबंध में एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी की गवाही को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि अन्य सह-आरोपियों के संबंध में उसके साक्ष्य अविश्वसनीय पाए गए हैं।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस बिभास रंजन डे की खंडपीठ ने कहा कि सबूतों की सराहना के संबंध में भारत में 'एक बात में झूठ, हर बात में झूठ' (falsus in uno, falsus in omnibus) का सिद्धांत लागू नहीं है। तदनुसार, पीठ ने एकमात्र चश्मदीद गवाह (पीडब्ल्यू 5) की गवाही के आधार पर आईपीसी की धारा 302...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ दायर 11 अवमानना ​​याचिकाओं को खारिज किया, 11 लाख का जुर्माना लगाया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ दायर 11 अवमानना ​​याचिकाओं को खारिज किया, 11 लाख का जुर्माना लगाया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने जितेंद्र कुमार राजन नामक एक व्यक्ति द्वारा दायर उन 11 अवमानना याचिकाओं को खारिज़ कर दिया है, जिनमें हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा, "किसी को भी न्याय के मंदिर की छवि खराब करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।"जस्टिस बी वीरप्पा और जस्टिस एमजी उमा की खंडपीठ ने कहा, "जब न्यायालय की गरिमा की बात आती है तो कोई नरमी नहीं दिखाई जा सकती, और इसलिए, प्रत्येक याचिका पर एक लाख रुपये यानी, कुल 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।"इसके बाद अदालत ने...

डीएनए सैंपल जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों को निर्दिष्ट करें: एमपी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा
डीएनए सैंपल जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों को निर्दिष्ट करें: एमपी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि डीएनए सैंपल की जांच के लिए अतिरिक्त फोरेंसिक लैब के गठन के लिए जारी न्यायालय के निर्देशों के संबंध में उसके द्वारा क्या कदम उठाए गए।जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ से यह आदेश आया। पीठ ने कहा कि बड़ी संख्या में मामलों में एफएसएल रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट एचसी या ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं की जा रही है, इस तथ्य के बावजूद कि चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है और मुकदमे में महत्वपूर्ण गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।अदालत ने कहा,"यह राज्य...

हम आपकी चिंता को समझते हैं कि मामले की सुनवाई हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूएपीए के आरोपी अतीक की जमानत याचिका 10 फरवरी तक स्थगित की
"हम आपकी चिंता को समझते हैं कि मामले की सुनवाई हो": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूएपीए के आरोपी अतीक की जमानत याचिका 10 फरवरी तक स्थगित की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूएपीए के आरोपी अतीक-उर-रहमान और अन्य आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामले को चीफ जस्टिस के समक्ष रखा और मामले को 10 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया।अतीक-उर-रहमान और अन्य को 2020 में यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब वे सामूहिक बलात्कार और हत्या पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए हाथरस जा रहे थे।जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस अजय त्यागी की खंडपीठ ने मामले को चीफ जस्टिस को यह देखते हुए भेजा कि चूंकि अतीक और अन्य द्वारा दायर बंदी...

हम अपराध से जुड़े सामाजिक कलंक से बेखबर नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाबालिग के बलात्कार के मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी को माफ किया
'हम अपराध से जुड़े सामाजिक कलंक से बेखबर नहीं': कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाबालिग के बलात्कार के मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी को माफ किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि बलात्कार के अपराध से सामाजिक कलंक जुड़ा है, और इस प्रकार यह माना जाता है कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने मे विलंबर अभियोजन के मामले को निष्प्रभावी नहीं करेगी। अदालत ने तदनुसार 14 साल की एक नाबालिग पीड़िता के बलात्कार के दोषी एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखा। पीड़िता ने बाद में एक मृत बच्चे को जन्म दिया था।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस बिवास पटनायक की खंडपीठ ने कहा कि यह स्पष्ट है कि पीड़िता ने अपीलकर्ता की लगातार धमकियों के कारण किसी को अपराध के बारे में...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कफील खान की मेडिकल कॉलेज से बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका पर यूपी सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कफील खान की मेडिकल कॉलेज से बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका पर यूपी सरकार से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से उनकी सेवाओं को समाप्त करने को चुनौती देने वाली डॉ कफील खान की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया।जस्टिस राजन रॉय की बेंच ने चार हफ्ते में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। खान के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबन आदेश जारी किया था। खान को 2017 बीआरडी अस्पताल मामले में बर्खास्त कर दिया गया था। अगस्त 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण 63 बच्चों की मौत हो गई थी।यह आरोप लगाया गया कि जब उक्त त्रासदी...

[दिल्ली दंगा] आरोपी सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिख रहे, गवाहों द्वारा पहचान किए जाने के बाद डिस्चार्ज का कोई आधार नहीं: दिल्ली कोर्ट ने 11 के खिलाफ आरोप तय किए
[दिल्ली दंगा] "आरोपी सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिख रहे, गवाहों द्वारा पहचान किए जाने के बाद डिस्चार्ज का कोई आधार नहीं": दिल्ली कोर्ट ने 11 के खिलाफ आरोप तय किए

दिल्ली कोर्ट (Delhi Court) ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों (Delhi Riots) से संबंधित एक मामले में 11 के खिलाफ आरोप तय किए हैं।कोर्ट ने कहा कि आरोपी सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखे, इसे डिस्चार्ज करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है। इन दंगों ने 2020 में शहर को हिलाकर रख दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने अंकित चौधरी उर्फ फौजी, सुमित बादशाह, पप्पू, विजय, आशीष कुमार, सौरभ कौशिक, भूपेंद्र, शक्ति सिंह, सचिन कुमार, राहुल और योगेश के खिलाफ आरोप तय किए।गोकलपुरी थाने में दर्ज प्राथमिकी...

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निजी क्षेत्र में स्थानीय निवासियों के ‌लिए 75% आरक्षण देने के हरियाणा सरकार के कानून पर अंतरिम रोक लगाई
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निजी क्षेत्र में स्थानीय निवासियों के ‌लिए 75% आरक्षण देने के हरियाणा सरकार के कानून पर अंतरिम रोक लगाई

हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के निवासियों को निजी क्षेत्र में 75% आरक्षण प्रदान करने के लिए पारित हरियाणा स्टेट इम्‍प्लॉयमेंट ऑफ लोकल कैंडिडेट एक्ट, 2020 पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतर‌िम रोक लगा दी है। जस्टिस अजय तिवारी और जस्टिस पंकज जैन की खंडपीठ ने कानून की वैधता के खिलाफ दायर रिट याचिका पर यह फैसला दिया है।हरियाणा की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की प्रस्तुतियों के बाद हाईकोर्ट ने रिट याचिकाओं को स्वीकार कर लिया और अधिनियम पर रोक लगा दी। फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) ने...

क्या आप वकील या एमिकस-क्यूरी नियुक्त करना चाहते हैं?: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद आजम खान जमानत याचिका रद्द करने की सरकार की मांग पर कहा
क्या आप वकील या एमिकस-क्यूरी नियुक्त करना चाहते हैं?: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद आजम खान जमानत याचिका रद्द करने की सरकार की मांग पर कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के सांसद और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से पूछा कि क्या वह यूपी सरकार द्वारा दायर वर्तमान जमानत रद्द करने के आवेदन में उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी वकील को शामिल करना चाहते हैं या उसकी ओर से किसी एमिकस-क्यूरी को नियुक्त किया जाना चाहिए।जस्टिस राजीव गुप्ता की बेंच ने बुधवार को निर्देश दिया कि मोहम्मद को नोटिस भेजा जाए। आजम खान के माध्यम से अधीक्षक, जिला जेल, सीतापुर से पूछा। आजम खान सीतापुर की जेल में बंद है।हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए मामले की...

दिल्ली हाईकोर्ट
वयस्क जेलों में किशोर: दिल्ली हाईकोर्ट गिरफ्तार करके पुलिस थाने लाए गए व्यक्ति की उम्र का आकलन करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) गिरफ्तार व्यक्ति की उम्र का आकलन करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने पर विचार करने के लिए तैयार है, जब गिरफ्तार करके पुलिस थाने लाया जाए।कोर्ट ने देखा कि पिछले पांच वर्षों में तिहाड़ में वयस्क जेलों में बंद लगभग 800 किशोर या कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों की एक खतरनाक संख्या है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी की खंडपीठ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के कार्यान्वयन से संबंधित एक आपराधिक संदर्भ से निपट रही थी।जुवेनाइल जस्टिस...

दिल्ली कोर्ट ने दस्तावेज लीक मामले में अनिल देशमुख के वकील आनंद डागा को जमानत दी
दिल्ली कोर्ट ने दस्तावेज लीक मामले में अनिल देशमुख के वकील आनंद डागा को जमानत दी

दिल्ली की एक अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के वकील आनंद डागा को पूर्व गृह मंत्री के खिलाफ चल रही जांच में संवेदनशील दस्तावेज लीक करने के आरोप में जमानत दी।विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने मामले के सह आरोपी वैभव गजेंद्र तुमाने को भी जमानत दे दी।जमानत देते हुए अदालत ने कहा,"A-2 को अधिवक्ता बताया गया और A-3 को मीडिया से संबंधित बताया गया। इसके देखते हुए दोनों आरोपियों को सामाजिक कहा जा सकता है। इसके अलावा, बड़े पैमाने के आर्थिक अपराधों के लिए वर्तमान मामले के आरोप संबंधित नहीं...