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यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने अवंथा समूह के प्रमोटर गौतम थापर की जमानत याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में अवंथा ग्रुप के प्रमोटर गौतम थापर द्वारा दायर जमानत याचिका खारिज कर दी।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने इस महीने की शुरुआत में उक्त याचिका को सुरक्षित रखने के बाद आदेश सुनाया। कोर्ट ने मामले में थापर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी को सुना। प्रवर्तन निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर रहे अमित महाजन ने जमानत याचिका का विरोध किया।थापर को पिछले साल अगस्त में यस बैंक से लोन के रूप में मिले धन के हेराफेरी के आरोपों के सिलसिले में गिरफ्तार किया...
निलंबित बोर्ड निदेशक के पास आईबीसी के तहत आरपी को बदलने की कोई शक्ति नहीं: एनसीएलएटी, चेन्नई
एनसीएलएटी, चेन्नई ने अनिल कुमार ओझा बनाम चंद्रमौली रामसुब्रमण्यम रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल ऑफ एसएलओ इंडस्ट्रियल लिमिटेड और अन्य के मामले में यह माना कि निलंबित बोर्ड निदेशक के पास आईबीसी के तहत एक समाधान पेशेवर नियुक्त करने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसा करने की शक्ति केवल लेनदारों की समिति (सीओसी) और फिर निर्णायक प्राधिकरण (एए) में निहित है।खंडपीट में न्यायमूर्ति एम. वेणुगोपाल, न्यायिक सदस्य और कांति नरहरि, टेक्निकल टीम शामिल थी। NCLAT ने अपीलकर्ता द्वारा IBC की धारा 60(5) के तहत दायर अपील को खारिज...
[17-करोड़ की धोखाधड़ी का मामला] "निजी लाभ के लिए जनता के धन के दुरुपयोग ने देश को बुरी तरह प्रभावित किया": इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 करोड़ रूपये के जनता के धन की धोखाधड़ी के संबंध में आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने जोर देकर कहा कि निजी लाभ के लिए सार्वजनिक कार्यालय का दुरुपयोग दायरा और पैमाने पर बढ़ गया है। यह देश को बुरी तरह प्रभावित करता है। इससे होने वाला भ्रष्टाचार राजस्व को कम करता है। आर्थिक गतिविधि को धीमा करता है और आर्थिक विकास को रोकता है।जस्टिस राजीव गुप्ता की पीठ दुर्गा दत्त त्रिपाठी द्वारा दायर सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर आवेदन पर सुनवाई कर रही थी।...
18 साल जेल में रहने के आधार पर धारा 57 आईपीसी का लाभ नही मिलता, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के दोषियों की अपील खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2003 की हत्या के मामले में 5 दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए हाल ही में कहा कि धारा 57 आईपीसी के तहत प्रदान किया गया लाभ अपीलकर्ताओं को केवल इस आधार पर नहीं दिया जा सकता है कि वे लगभग 18 साल से जेल में रहे हैं।मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद, जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस ओम प्रकाश VII की खंडपीठ अपीलकर्ताओं की ओर से पेश वकील के तर्क से असहमत रही कि उन्हें धारा 57 आईपीसी का सहारा लेकर रिहा किया जा सकता है क्योंकि वे पहले ही 18 साल से...
केरल हाईकोर्ट ने मीडिया वन चैनल पर प्रसारण प्रतिबंध को बरकरार रखा, एकल पीठ के फैसले के खिलाफ अपील खारिज की
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने मलयालम समाचार चैनल मीडिया वन (MediaOne) पर राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा हाल ही में लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया।मुख्य न्यायाधीश एस. मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी. चाली की खंडपीठ ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा मीडिया वन को दिए गए प्रसारण लाइसेंस को नवीनीकृत करने से इनकार करने वाले आदेश को बरकरार रखा है।केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (KUWJ) ने...
पंजीकरण की आवश्यकता न होने पर, बिक्री विलेख का पंजीकरण उस समय से संचालित होगा, जब से यह संचालित होना शुरू हो जाएगा, न कि पंजीकरण के समय सेः राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 23, 47 और 74 पर भरोसा करते हुए दोहराया कि पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होने पर, बिक्री विलेख का पंजीकरण उस समय से संचालित होगा, जब से यह संचालित होना शुरू हो जाएगा, न कि पंजीकरण के समय से।दरअसल, याचिकाकर्ता ने रिटेल आउटलेट डीलरशिप और झालावाड़ में पेट्रोल पंप के आवंटन के लिए प्रतिवादी-आईओसीएल द्वारा आयोजित चयन के लिए आवेदन किया था। आवेदन पत्र को जमा करने की अंतिम तिथि 12/01/2019 थी। उन्हें 19/03/2019 को कार्यालय उप-पंजीयक, खोड़ा से एक...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठी फिल्म में निर्देशक महेश मांजरेकर और निर्माताओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को फिल्म के ट्रेलर में बच्चों के आपत्तिजनक चित्रण के संबंध में POCSO अधिनिमय के तहत दर्ज की गई एफआईआर में निर्देशक महेश मांजरेकर और मराठी फिल्म 'नय वारन भट लोंचा कोन ने कोंचा' के निर्माताओं के खिलाफ तीन सप्ताह तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।जस्टिस पीबी वराले की अगुवाई वाली खंडपीठ ने मांजरेकर, नरेंद्र हीरावत और श्रेयांस हीरावत की याचिका पर सुनवाई की। इसमें एक एनजीओ की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने वाले पोक्सो कोर्ट के आदेश को रद्द...
पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर कथित तौर पर सुअर के चेहरे के साथ साझा की गई; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन को राहत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में मोहम्मद इमरान मलिक, जो एक व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन हैं, के खिलाफ एक आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया।उस व्हाट्सएप ग्रुप में कथित तौर पर एक सुअर के चेहरे के साथ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की तस्वीर साझा की गई थी।न्यायमूर्ति मो. असलम ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत आवेदन को खारिज कर दिया और यह नोट किया गया कि वह एक 'ग्रुप एडमिन' था और व्हाट्सएप ग्रुप का सह-विस्तृत सदस्य भी था।अनिवार्य रूप से, न्यायालय सूचना प्रौद्योगिकी...
धारा 203 सीआरपीसी के तहत प्रक्रिया का विधिवत पालन किया गया, गुजरात हाईकोर्ट ने निजी शिकायत को खारिज करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने एक निजी शिकायत को इस आधार पर खारिज करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले की पुष्टि करते हुए कि विवाद दीवानी प्रकृति का था, पाया है कि ट्रायल कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 203 के तहत प्रक्रिया का विधिवत पालन किया था।जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ धारा 227 के तहत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता के पुनरीक्षण आवेदन को खारिज करने के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें धारा 203 सीआरपीसी के तहत उसकी निजी...
वाहन की खरीदते समय भुगतान किया गया 'रोड टैक्स' और राजमार्ग पर भुगतान किया गया 'टोल टैक्स' दोहरे टैक्स के समान नहीं : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि कार खरीदते समय मोटर वाहन अधिनियम के तहत भुगतान किया गया रोड टैक्स और राष्ट्रीय राजमार्ग टोल बूथों पर दिया जाने वाला टोल टैक्स दोहरे टैक्स की श्रेणी में नहीं आएगा।याचिकाकर्ताओं द्वारा जनहित याचिका में उठाए गए मुद्देअधिवक्ता याचिकाकर्ताओं ने जनहित याचिका के माध्यम से रिट याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि वे कई वाहनों के मालिक हैं। उन्होंने वाहनों की खरीद के समय रोड टैक्स का भुगतान किया और प्रतिवादी उन्हें टोल टैक्स का भुगतान करने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जो...
पोक्सो अपराध से पैदा हुआ बच्चा सीआरपीसी की धारा 2 (wa) के तहत "पीड़ित": बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेप के एक दोषी की उम्रकैद की सजा को घटाकर 10 साल करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने दोषी के अवैध कृत्यों से पैदा हुए बच्चे को मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बच्चा भी अपराध का "पीड़ित" है, जैसा कि सीआरपीसी की धारा 2 (wa) के तहत विचार किया गया था।15 साल की रेप पीड़िता की 2015 में बच्चे को जन्म देने के चार दिन बाद मौत हो गई थी।जस्टिस साधना एस. जाधव और जस्टिस पृथ्वीराज के चव्हाण की खंडपीठ ने कहा कि बच्चे का कल्याण सर्वोपरि है और उन्होंने आरोपी रमेश...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाशिवरात्रि समारोह के लिए किसानों की फसल नष्ट करने के लिए जिला अधिकारियों की खिंचाई की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते पारित एक आदेश में कोल्हापुर जिले में स्थानीय राज्य और नागरिक निकाय के अधिकारियों को महाशिवरात्रि त्योहार के लिए किसान के सोयाबीन की फसल वाले खेत के किसी भी हिस्से का उपयोग करने से रोक दिया।जस्टिस एसजे कथावाला और जस्टिस एमएन जाधव की खंडपीठ ने कोल्हापुर के कलेक्टर द्वारा दिए गए एक बयान को अदालत में एक अंडरटेकिंग के रूप में दर्ज किया। कलेक्टर ने अपने बयान में कहा कि वे महाशिवरात्रि के उत्सव को केवल सार्वजनिक सड़क तक ही सीमित रखेंगे और याचिकाकर्ताओं का क्षेत्र/भूमि के...
बॉम्बे हाईकोर्ट ईडी द्वारा नवाब मलिक की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर कल सुनवाई करेगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका में तत्काल सर्कुलेशन प्रदान किया।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनआर बोरकर की बेंच ने सर्कुलेशन को मंजूरी दे दी और निर्देश दिया कि मामले को कल (बुधवार) एक उपयुक्त बेंच के समक्ष रखा जाए।मलिक ने गिरफ्तारी को अवैध कहा है। इसके साथ ही केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में मलिक ने अपने खिलाफ ईडी के ईसीआईआर को...
'प्रति-परीक्षण का अधिकार निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का हिस्सा': छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने POCSO मामले में अभियोक्ता की पुन:परीक्षण की अनुमति दी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने हाल ही में कहा कि प्रति-परीक्षण (Cross- Examination) का अधिकार निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का एक हिस्सा है जो प्रत्येक व्यक्ति के पास जीवन के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधीन है।न्यायमूर्ति रजनी दुबे ने निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया और POCSO मामले में अभियोक्ता (Prosecutrix) की पुन: परीक्षण (Re-Examination) की अनुमति दी। आरोपी द्वारा एक अपील दायर की गई थी, जिसमें विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें...
घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 19 के तहत साझा घर में निवास का अधिकार अपरिहार्य अधिकार नहीं, जब बहू को सास-ससुर के खिलाफ खड़ा किया गया होः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 19 के तहत निवास का अधिकार साझा घर में निवास का अपरिहार्य अधिकार नहीं है, खासकर, जब बहू को वृद्ध ससुर और सास के खिलाफ खड़ा किया जाता हो।जस्टिस योगेश खन्ना ने कहा,"इस प्रकार, जहां निवास एक साझा घर है, यह मालिक पर अपनी बहू के खिलाफ बेदखली का दावा करने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाता है। पार्टियों के बीच एक तनावपूर्ण संघर्षपूर्ण संबंध यह तय करने के लिए प्रासंगिक होगा कि बेदखली के आधार मौजूद हैं या नहीं।"अदालत एक सिविल सूट में 10.07.2018 को पारित...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिद्दीकी कप्पन की जमानत याचिका पर यूपी सरकार से 14 मार्च तक जवाबी हलफनामा मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित हाथरस साजिश मामले में केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन के खिलाफ दर्ज राजद्रोह, यूएपीए मामले के संबंध में द्वारा दायर जमानत याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा। उक्त याचिका लखनऊ में एनआईए कोर्ट के समक्ष लंबित है।जस्टिस राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने मामले को 14 मार्च को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जवाबी हलफनामा दायर नहीं किया जाता है तो जमानत आवेदन पर सुनवाई की जाएगी और अंतिम रूप से निपटारा किया जाएगा।कोर्ट ने...
5 दिनों की अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए सेवा से हटाने की सजा बहुत कठोर: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट (Telangana High Court) ने हाल ही में कहा कि अनधिकृत अनुपस्थिति (इस मामले में केवल 5 दिन) के आरोपों के लिए सेवा से हटाने की सजा बहुत कठोर है।सेवा से हटाने के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए रिट याचिका दायर की गई थी। इसके परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता को सेवा की निरंतरता, परिचर लाभ और न्याय और निष्पक्षता के हित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया।याचिकाकर्ता वर्ष 1990 में एक चालक के रूप में प्रतिवादी निगम में शामिल हुआ। याचिकाकर्ता को विभागीय अधिकारियों से बिना...
पति या पत्नी द्वारा एक-दूसरे के साथ शारीरिक संबंध से इनकार करना क्रूरता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक को मंजूरी दी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने कहा कि वैवाहिक संबंधों में पति या पत्नी द्वारा एक-दूसरे के साथ शारीरिक संबंध से इनकार करना क्रूरता है।कोर्ट ने मामले में पति की तलाक की याचिका को स्वीकार कर लिया। न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी और पार्थ प्रतिम साहू की खंडपीठ ने कहा,"यह स्पष्ट है कि अगस्त, 2010 से पति-पत्नी के रूप में दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है, जो यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त है कि उनके बीच कोई शारीरिक संबंध नहीं है। पति और पत्नी के बीच शारीरिक संबंध विवाहित जीवन के स्वस्थ...
किशोर की पहचान का खुलासा ना किया जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को याद दिलाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया है कि ऐसे किशोर/बच्चों, जिन्होंने कानून का उल्लंघन किया है, उनकी पहचान का खुलासा नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को मौजूदा मामले में किशोर आरोपी की पहचान को सभी रिकॉर्डों से हटाने का निर्देश दिया।जस्टिस संजय कुमार पचौरी ने कहा,"मौजूदा मामले में आक्षेपित फैसले और आदेश में किशोर की पहचान का खुलासा किया गया है। यह किशोर की निजता और गोपनीयता का उल्लंघन है। साथ ही शिल्पा मित्तल बनाम एनसीटी दिल्ली, (2020) 2 एससीसी 787 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय कानून के खिलाफ है,...
दिल्ली की जिला अदालतों को वर्चुअल हियरिंग लिंक को सिटिंग आवर्स के दौरान खुला रखने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सभी शहर जिला न्यायालयों को निर्देश दिया गया कि वे अदालत के कामकाजी घंटों (सिटिंग आवर्स) के दौरान अपने वीडियोकांफ्रेंसिंग लिंक को खुला रखें।वर्चुअल मोड के माध्यम से अदालतों के सुचारू और परेशानी मुक्त कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश (मुख्यालय) गिरीश कठपालिया द्वारा 28 फरवरी, 2022 को जारी एक सर्कुलर में निर्देश जारी किए गए।यह घटनाक्रम दिल्ली हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने 20 जनवरी, 2022 के आदेश के बाद कहा कि यह उम्मीद करता है कि जिला और...



![[17-करोड़ की धोखाधड़ी का मामला] निजी लाभ के लिए जनता के धन के दुरुपयोग ने देश को बुरी तरह प्रभावित किया: इलाहाबाद हाईकोर्ट [17-करोड़ की धोखाधड़ी का मामला] निजी लाभ के लिए जनता के धन के दुरुपयोग ने देश को बुरी तरह प्रभावित किया: इलाहाबाद हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/10/21/500x300_402691-allahabadhc.jpg)













