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पटना हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय विरासत स्थल की खस्ताहालत पर केंद्र, बिहार सरकार से जवाब मांगा
पटना हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय विरासत स्थल की खस्ताहालत पर केंद्र, बिहार सरकार से जवाब मांगा

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने वीर कुंवर सिंह (Veer Kunwar Singh) से संबंधित राष्ट्रीय धरोहर की खस्ताहालत को लेकर दा जनहित याचिका पर केंद्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इसके साथ ही कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने कहा, "केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आज से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर जवाब सकारात्मक रूप से दाखिल किया जाए। उसका प्रत्युत्तर, यदि कोई हो, इसके बाद एक सप्ताह की अवधि के...

केवल भारतीय नागरिक वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू कर सकते हैं: कर्नाटक हाईकोर्ट
केवल 'भारतीय नागरिक' वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू कर सकते हैं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि केवल 'भारतीय नागरिक' माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत कार्यवाही शुरू कर सकते हैं।जस्टिस पी. कृष्णा भट की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"यह स्पष्ट है कि अधिनियम के प्रयोजनों के लिए 'वरिष्ठ नागरिक' नामित किए जाने के लिए आवश्यक तत्वों में से एक व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना है।"याचिकाकर्ता डेफनी ग्लेडिस लोबो ने यूनाइटेड किंगडम की स्थायी निवासी कैरोलीना फेराओ गुरेन द्वारा दायर शिकायत के आधार पर सहायक आयुक्त और अध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक...

यह किस तरह का मामला है?: दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति रतन टाटा को भारत रत्न देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
'यह किस तरह का मामला है?': दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति रतन टाटा को 'भारत रत्न' देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) को 'भारत रत्न (Bharat Ratna)' देने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार किया। याचिका में देश के लिए टाटा की अमूल्य सेवा और बेदाग जीवन जीने का हवाला देते हुए पुरस्कार की मांग की गई थी। शुरुआत में, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यह फैसला अदालतों को नहीं करना है कि किसे पुरस्कार दिया जाना चाहिए।पीठ ने मौखिक रूप से कहा,"यह किस तरह का मामला है? क्या...

अनुकंपा नियुक्ति चयन प्रक्रिया के नियम का अपवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट ने विधवा को राहत दी
अनुकंपा नियुक्ति चयन प्रक्रिया के नियम का अपवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट ने विधवा को राहत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट हाल ही में एक विधवा को अनुकंपा नियुक्ति चयन प्रक्रिया में राहत दी। उक्त विधवा को मृत पति के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित कर दिया गया था। विधवा का पति एक शैक्षणिक परिसर में चपरासी का काम करता था।शिक्षा विभाग द्वारा पारित एक आदेश के तहत उसे लाभ से वंचित कर दिया गया। इसमें कहा गया कि नए स्टाफिंग पैटर्न को मंजूरी देने का प्रस्ताव सरकार के पास लंबित है और अभी तक सरकार से कोई मंजूरी नहीं मिली है।जस्टिस साधना एस. जाधव और जस्टिस एसजी डिगे की पीठ ने इस आदेश को रद्द करते हुए...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
'आरोपी के शरीर पर 12 साल की पीड़िता के दांतों के निशान नहीं होना, उसे बरी करने का आधार नहीं हो सकता': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में दोषी की सजा बरकरार रखी

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal Pradesh High Court) ने 12 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में पॉक्सो कानून के तहत एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखते हुए मंगलवार को कहा कि यह जरूरी नहीं है कि 37 वर्षीय आरोपी व्यक्ति के चंगुल से खुद को छुड़ाने की कोशिश में 12 साल की बच्ची के काटने का शरीर पर चोट या दांतों के निशान पड़ सकते हैं।इन परिस्थितियों में, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी के शरीर पर बाहरी चोट, दांतों के निशान की अनुपस्थिति का कोई परिणाम नहीं होगा और यह आरोपी को...

पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में 11 साल की नाबालिग के रेप मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने केस डायरी और मेडिकल रिपोर्ट मांगी
पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में 11 साल की नाबालिग के रेप मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने केस डायरी और मेडिकल रिपोर्ट मांगी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को उत्तर 24-परगना के बशीरहाट के मटिया में 11 साल की नाबालिग लड़की के बलात्कार की भीषण घटना की जांच से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट के साथ केस डायरी की मांगी की।मामले की अगली सुनवाई चार अप्रैल को होगी।अदालत ने आगे आदेश दिया कि नाबालिग पीड़िता की वर्तमान मेडिकल स्थिति के बारे में अदालत को सूचित करते हुए रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जानी चाहिए।गुरुवार को लापता हुई 11 वर्षीय स्कूली छात्रा शुक्रवार को मटिया के एक पार्क के पास से बेहोशी की हालत में मिली। पुलिस की...

लोकतंत्र पर सीधा हमला: सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पर हमले की एसआईटी जांच की मांग को लेकर AAP एमएलए ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
"लोकतंत्र पर सीधा हमला": सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पर हमले की एसआईटी जांच की मांग को लेकर AAP एमएलए ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर हमले और तोड़फोड़ की घटना की एसआईटी जांच की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।अपनी याचिका में आप विधायक भारद्वाज ने आरोप लगाया गया कि यह हमला "भारतीय जनता पार्टी के गुंडों" की आड़ में किया गया।उक्त हमले को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए अधिवक्ता भरत गुप्ता के माध्यम से दायर याचिका में हमले और इसके अपराधियों के संबंध में एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध आपराधिक जांच की मांग की गई। साथ...

पत्रकार राणा अय्यूब ने उन्हें देश छोड़ने से रोकने की प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
पत्रकार राणा अय्यूब ने उन्हें देश छोड़ने से रोकने की प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

पत्रकार राणा अय्यूब (Journalist Rana Ayyub) ने उन्हें देश छोड़ने से रोकने की प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ के समक्ष आज मामले का उल्लेख किया गया।अय्यूब के वकील ने यह कहते हुए जल्द से जल्द सूचीबद्ध करने की प्रार्थना की कि वह अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण लंदन और इटली की यात्रा पर जाने वाली है। उन्होंने कहा कि उन्हें कल (शुक्रवार) की फ्लाइट रे रवाना...

राजीव गांधी हत्याकांड: मद्रास हाईकोर्ट ने पूछा- क्या राज्यपाल ने सभी दोषियों की फाइलें राष्ट्रपति को भेजी थीं या केवल पेरारिवलन की फाइल भेजी गई थी
राजीव गांधी हत्याकांड: मद्रास हाईकोर्ट ने पूछा- क्या राज्यपाल ने सभी दोषियों की फाइलें राष्ट्रपति को भेजी थीं या केवल पेरारिवलन की फाइल भेजी गई थी

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार को यह पता लगाने का निर्देश दिया कि क्या राजीव गांधी हत्याकांड के सभी कैदियों को रिहा करने की सिफारिशें राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को भेजी गई थीं या केवल एजी पेरारिवलन की सिफारिश की गई थी।अदालत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी याचिकाकर्ता एस. नलिनी की अर्जी पर विचार कर रही थी।मामले की सुनवाई करते हुए, नलिनी के वकील राधाकृष्णन ने दोहराया कि आवेदक पूर्व रिहाई का पात्र है, लेकिन राज्यपाल ने 42 महीने बाद भी मंत्रिपरिषद की...

यदि समन के दौरान आरोपी जानबूझ कर अनुपस्थित नहीं था तो गैर-जमानती वारंट जारी करने के बाद भी उसे जमानत दी जा सकती है : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
यदि समन के दौरान आरोपी जानबूझ कर अनुपस्थित नहीं था तो गैर-जमानती वारंट जारी करने के बाद भी उसे जमानत दी जा सकती है : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आरोपी को जमानत दी थी, जिस के खिलाफ समन जारी करने के दरमियान अनुपस्थिति के कारण गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। अदालत ने पाया कि आरोपी को समन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि उसने अपना निवास बदल लिया था और इसलिए निचली अदालत के समक्ष तारीखों पर पेश नहीं हो सका।याचिकाकर्ता की ओर से जमानत प्राप्त करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 439 के तहत आपराधिक याचिका दायर की गई थी।याचिकाकर्ता पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए और 307 के तहत अपराध का आरोप...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
"न्यायालय वादियों की सुविधा के लिए हैं, अधिवक्ताओं की नहीं" : बॉम्बे हाईकोर्ट ने वाई में कोर्ट स्थापित करने के खिलाफ दायर बार एसोसिएशन की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के वाई शहर में एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत और एक सिविल जज की अदालत स्थापित करने के फैसले(हाईकोर्ट द्वारा) का विरोध करते हुए सतारा जिला बार एसोसिएशन की तरफ से दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया है। एसोसिएशन ने कहा था कि इस फैसले से न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और वादियों को काफी परेशानी होगी। रिट याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस जी.एस.पटेल और जस्टिस माधव जे जामदार की बेंच ने कहा, ''इस याचिका के साथ वास्तविक कठिनाई यह है कि इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच को कैजुअल तरीके से नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एक सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच को एक कैजुअल एक्सर्साइज के रूप में नहीं माना जाना चाहिए और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न केवल न्याय किया जाता है बल्कि स्पष्ट रूप से किया हुआ दिखता भी है।जस्टिस योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा न्यायाधिकरण, लखनऊ के एक आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा प्रतिवादी संख्या 2 (मृतक सरकारी कर्मचारी) के खिलाफ पारित सजा के...

निर्धारित वैधानिक सीमा के अभाव में भी पक्षकारों से उचित समय के भीतर अदालत का दरवाजा खटखटाने की उम्मीद: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
निर्धारित वैधानिक सीमा के अभाव में भी पक्षकारों से 'उचित समय' के भीतर अदालत का दरवाजा खटखटाने की उम्मीद: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया है कि किसी भी निर्धारित सीमा के अभाव में, एक उचित समय होना चाहिए, जिसके भीतर पीड़ित पक्ष को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े।कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत दायर एक याचिका पर विचार कर रहा था, जिसमें 20.09.2012 के आक्षेपित अवॉर्ड को रद्द करने के लिए प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता के पति की सेवा की समाप्ति का जवाब श्रम कोर्ट ने उसके खिलाफ दिया था।जस्टिस राजबीर सहरावत की पीठ ने यह कहते हुए याचिका को खारिज कर दिया कि नीचे की अदालत...

पासपोर्ट रिन्यू करने का अनुरोध केवल आपराधिक मामलों के लंबित होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
पासपोर्ट रिन्यू करने का अनुरोध केवल आपराधिक मामलों के लंबित होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना है कि आपराधिक मामलों का लंबित होना मात्र किसी व्यक्ति के पासपोर्ट रिन्यू (नवीनीकरण) करने से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता।जस्टिस विश्वनाथ रथ की सिंगल जज बेंच ने कहा,"... इस कोर्ट की राय में पासपोर्ट के नवीनीकरण या यहां तक ​​कि संबंधित पक्ष से संबंधित आपराधिक कार्यवाही के लंबित होने पर पासपोर्ट प्रदान करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, जो समय आधारित नवीनीकरण या अनुदान हो सकता है।"संक्षिप्त तथ्यमौजूदा मामले में याचिकाकर्ता ने संयुक्त अरब अमीरात के तेल क्षेत्रों में काम किया।...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
आदेश XXXVIII नियम 5 सीपीसी- वाद संपत्ति को यांत्रिक तरीके से या केवल वादी से कहने पर जब्त नहीं किया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश XXXVIII नियम 5 के तहत शक्ति का प्रयोग यांत्रिक रूप से या केवल वाद के वादी के कहने पर नहीं किया जा सकता है।जस्टिस अमित बंसल ने कहा,"सीपीसी के आदेश XXXVIII नियम 5 के प्रावधानों का संयम से इस्तेमाल किया जाना चाहिए और वादी को अदालत को संतुष्ट करना होगा कि प्रतिवादी अपनी पूरी संपत्ति या उसके हिस्से को हटाने या निपटाने की मांग कर रहा है ताकि उस डिक्री के निष्पादन में बाधा या देरी हो सके जो उसके खिलाफ पारित किया जा सकती...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच को आकस्मिक नहीं लिया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा है कि सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच को आकस्मिक (Casual) नहीं लिया जाना चाहिए और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न केवल न्याय किया जाता है बल्कि स्पष्ट रूप से देखा जाता है।न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा न्यायाधिकरण, लखनऊ के एक आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा प्रतिवादी संख्या 2 (मृतक सरकारी कर्मचारी) के खिलाफ पारित सजा...

कलकत्ता हाईकोर्ट 14 साल से जेल में बंद दोषियों की अपील के लंबित होने के बीच जमानत पर विचार करेगा
कलकत्ता हाईकोर्ट 14 साल से जेल में बंद दोषियों की अपील के लंबित होने के बीच जमानत पर विचार करेगा

कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने मंगलवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (आईटी) को उन अपीलों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया जहां अपीलकर्ता 14 साल या उससे अधिक समय से जेल में हैं और उन मामलों को 2 सप्ताह के भीतर जमानत पर विचार करने के लिए अदालत के समक्ष सूचीबद्ध करें।यह निर्देश सजा को निलंबित करते हुए और दो आरोपी व्यक्तियों को जमानत देते हुए दिया गया था, जिन्हें लगभग 20 साल तक जेल में रखा गया था।न्यायमूर्ति बिवास पटनायक और न्यायमूर्ति जोमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि सौदा सिंह बनाम उत्तर...

आपराधिक मामला लंबित होने पर भी न्यायालयों को सीआरपीसी की धारा 104 के तहत पासपोर्ट जब्त करने की शक्ति नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आपराधिक मामला लंबित होने पर भी न्यायालयों को सीआरपीसी की धारा 104 के तहत पासपोर्ट जब्त करने की शक्ति नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि आपराधिक मामला लंबित होने पर भी सीआरपीसी की धारा 104 के तहत न्यायालय द्वारा पासपोर्ट को जब्त नहीं किया जा सकता।आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 482 के तहत आपराधिक याचिका दायर की गई। इसमें प्रधान सत्र न्यायाधीश के न्यायालय के आदेश को रद्द करने और याचिकाकर्ता के पासपोर्ट को वापस करने के लिए उसे रिन्यू करने के बाद यूएसए की यात्रा करने की अनुमति देने की मांग की गई।याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया कि उसने लगाई गई शर्तों का ईमानदारी से पालन किया और...

हिसाब किताब टिप्पणी मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ विधायक अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
'हिसाब किताब' टिप्पणी मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ विधायक अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद राजनेता मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा में अंसारी ने कहा था कि उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव से कहा कि अगर सपा गठबंधन की सरकार बनती है तो अगले छह महीने तक सरकारी अधिकारियों का तबादला न करें। चुनाव के बाद सबसे पहले उनका 'हिसाब किताब' होगा।सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी)-समाजवादी पार्टी गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में यूपी विधानसभा चुनाव...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 10 रुपये की रिश्वत लेने वाले कोर्ट स्टाफ की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा को बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 10 रुपये की रिश्वत लेने वाले कोर्ट स्टाफ की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा को बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में अनुशासनात्मक प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश में हस्तक्षेप नहीं करने का फैसला बरकरार रखा। इस फैसले में कोर्ट रीडर द्वारा दस रुपये की रिश्वत लेने के लिए सजा के रूप में उसकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति का निर्देश दिया गया है।जस्टिस शील नागू और जस्टिस एम.एस. भट्टी याचिकाकर्ता द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इसमें अदालत को याचिकाकर्ता के निलंबन की अवधि के लिए सजा और बकाया राशि के आक्षेपित आदेशों को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।मामले के तथ्य यह...