मुख्य सुर्खियां

[बिहार में शराबबंदी] पटना हाईकोर्ट ने शराब की तस्करी करने वालों पर कार्रवाई नहीं होने पर ईडी के संयुक्त सचिव को तलब किया
[बिहार में शराबबंदी] पटना हाईकोर्ट ने शराब की तस्करी करने वालों पर कार्रवाई नहीं होने पर ईडी के संयुक्त सचिव को तलब किया

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने बुधवार को बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद बड़ी मात्रा में शराबी की बरामदगी मामले में बड़े तस्करों पर कार्रवाई नहीं करने पर ईडी के संयुक्त सचिव को तलब किया है।न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकलपीठ ने आदेश दिया,"संयुक्त सचिव 4 अप्रैल (सोमवार) को कोर्ट में पेश हों।" हाईकोर्ट के समक्ष एक गंगाराम की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसमें शराबबंदी कानून के बावजूद बड़ी मात्रा में शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।न्यायमूर्ति संदीप कुमार की...

आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 6बी के तहत बिना नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए आवश्यक वस्तुओं को जब्त नहीं किया जा सकता: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 6बी के तहत बिना नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए आवश्यक वस्तुओं को जब्त नहीं किया जा सकता: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट (Andhra Pradesh High Court) ने हाल ही में रिट याचिका की अनुमति देते हुए कहा कि आवश्यक वस्तु की जब्ती से पहले वैधानिक नोटिस आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 6 बी के तहत अनिवार्य है।याचिकाकर्ता का मामला यह है कि वे क्रमशः जब्त चावल और लॉरी के मालिक है। याचिकाकर्ता खाद्यान्न का डीलर है और उसने धान खरीदा और उसे चावल में बदल दिया।जब वह सब्जेक्ट लॉरी के माध्यम से ई-वे बिल के साथ उसे ले जा रहा था, उसे लॉरी के साथ जब्त कर लिया गया और आरोप लगाया गया कि विषय...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
"जांच में गंभीर गलती": दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में पुलिस उपायुक्त से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपों से जुड़े एक मामले में शहर की पुलिस द्वारा की गई जांच में एक गंभीर गलती देखते हुए इस सप्ताह पुलिस उपायुक्त, पश्चिम जिले को तीन सप्ताह की अवधि के भीतर एक व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने कहा कि अभियोजन पक्ष के बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया कि उसके साथ बलात्कार किया गया। आरोपी व्यक्ति द्वारा उसकी तस्वीरें और वीडियों बनाए गए।अदालत ने कहा,"अभियोक्ता के बयान पर गौर करने के बाद और पक्षकारों के वकील द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुतियों...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
पति या पत्नी में से कोई भी धारा 25 एचएमए के तहत गुजारा भत्ता का दावा कर सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्नी को पति को भरण-पोषण का भुगतान करने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने नांदेड़ दीवानी अदालत के दो आदेशों को बरकरार रखा, जिसमें शिक्षक के रूप में कार्यरत एक पत्नी को अपने पति को 3,000 रुपये भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही कोर्ट ने अगस्त 2017 से भरण-पोषण न देने के कारण स्कूल प्र‌िंसपल को महिला की तनख्वाह से 5000 रुपये काटने का आदेश दिया।जस्टिस भारती डांगरे ने पत्नी की इस दलील को खारिज कर दिया कि चूंकि दंपति की 23 साल पुरानी शादी 2015 में तलाक की डिक्री के बाद समाप्त हो गई थी, पति अब मासिक भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकता।अदालत ने हिंदू...

दिल्ली हाईकोर्ट
"जांच में गंभीर चूक": दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में पुलिस उपायुक्त से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बलात्कार के आरोपों से जुड़े एक मामले में पुलिस उपायुक्त, पश्चिम जिले को तीन सप्ताह की अवधि के भीतर एक व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि शहर की पुलिस जांच में गंभीर चूक हुई है। न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने कहा कि अभियोजन पक्ष के बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उसके साथ बलात्कार किया गया और आरोपी व्यक्ति ने तस्वीरें और वीडियो बनाए।अदालत ने कहा,"अभियोक्ता के बयान पर गौर करने के बाद और पक्षकारों के वकील द्वारा प्रस्तुत...

राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिकारियों को गंगानगर शहर में कथित अवैध धर्मांतरण के खिलाफ प्रतिनिधित्व पर विचार करने का निर्देश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिकारियों को गंगानगर शहर में कथित अवैध धर्मांतरण के खिलाफ प्रतिनिधित्व पर विचार करने का निर्देश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने गंगानगर शहर में कथित अवैध धर्मांतरण और अनधिकृत धार्मिक संरचनाओं के निर्माण के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया और कहा कि वह रिट क्षेत्राधिकार में तथ्यों के विवादित प्रश्नों का फैसला नहीं कर सकता है।न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति विनोद कुमार भरवानी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत उठाने की स्वतंत्रता दी।बेंच ने कहा, "यह उम्मीद की जाती है कि इस तरह के अभ्यावेदन पर निष्पक्ष रूप से विचार किया...

भीड़ अनियंत्रित थी; पुलिस बल अपर्याप्त था: दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के आवास पर हमले की जांच की सीलबंद कवर में स्टेट्स रिपोर्ट मांगी
'भीड़ अनियंत्रित थी; पुलिस बल अपर्याप्त था': दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के आवास पर हमले की जांच की सीलबंद कवर में स्टेट्स रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने 30 मार्च को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के सरकारी आवास पर हुए हमले और तोड़फोड़ की घटना की जांच की सीलबंद लिफाफे में स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ को सूचित किया गया कि दिल्ली पुलिस, जो सीएम की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, ने स्वत: संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज की है और अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।एजेंसी की ओर से पेश एएसजी संजय जैन ने निर्देश पर आगे बताया कि...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ डीएम के नेतृत्व वाली समिति को आवासीय क्षेत्रों में चल रहे स्कूलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ के रिहायशी इलाकों में संचालित हो रहे स्कूलों के सुरक्षा मानकों और संबंधित नियम-कायदों के उल्लंघन के मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी को इस संबंध में निरीक्षण करने और रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस आलोक माथुर की पीठ ने डीएम के नेतृत्व वाली समिति को राजधानी में ऐसे 16 स्कूलों का निरीक्षण करने और 18 अप्रैल को इस संबंध में एक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।पीठ गोमती नदी बैंक के निवासियों द्वारा सचिव गिरधर...

Gujarat High Court
[आत्महत्या के लिए उकसाना] आईपीसी की धारा 306 के तहत दोषी ठहराने के लिए 'सकारात्मक कृत्य' आवश्यक: गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने दोहराया कि आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत दोषी ठहराने के लिए 'सकारात्मक कृत्य' आवश्यक है।कोर्ट ने कहा,"आईपीसी की धारा 306 के तहत अपराध के आवश्यक तत्व हैं: (i) उकसाना; (ii) मृतक को आत्महत्या करने में मदद करने या उकसाने का आरोपी का इरादा। हालांकि, आरोपी का कृत्य, मृतक का अपमान करना अभद्र भाषा का उपयोग करना, अपने आप में आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं होगा। ऐसे सबूत होने चाहिए जो यह साबित कर सकें कि इस तरह के कृत्य के लिए आरोपी का इरादा...

गुजरात हाईकोर्ट ने न्यायालयों की अवमानना अधिनियम के तहत देरी के आधार पर लाभ और हितों की मांग करने वाला आवेदन खारिज किया
गुजरात हाईकोर्ट ने न्यायालयों की अवमानना अधिनियम के तहत देरी के आधार पर लाभ और हितों की मांग करने वाला आवेदन खारिज किया

गुजरात हाईकोर्ट ने अपीलकर्ताओं द्वारा कथित रूप से पेंशन संबंधी लाभों के भुगतान में कोई देरी नहीं होने शिकायत करने वाली लेटर पेटेंट अपील में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसमें प्रतिवादी अधिकारियों को सभी परिणामी पेंशन लाभ और विलंबित भुगतान पर 18% ब्याज का भुगतान करने की मांग की गई।अपीलकर्ता ने अपनी सेवाएं समाप्त कर दी है, जिसके खिलाफ उसने और अन्य व्यक्तियों ने एक संदर्भ दायर किया, जिसे अनुमति दी गई है। तद्नुसार, अपीलकर्ता को उसी तरह के अन्य लाभों के हकदार होने के लिए आयोजित किया गया, जैसा कि...

मूल्यों में गिरावट आई है; वादी कोर्ट को गुमराह करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपए जुर्माने के साथ जनहित याचिका खारिज की
"मूल्यों में गिरावट आई है; वादी कोर्ट को गुमराह करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपए जुर्माने के साथ जनहित याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में 50 हजार रुपए जुर्माने के साथ एक जनहित याचिका (PIL) याचिका को खारिज करते हुए कहा,"पिछले 40 वर्षों में, मूल्यों में गिरावट आई है और अब वादी अदालत को गुमराह करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उनके पास सच्चाई का कोई सम्मान नहीं है।" मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की खंडपीठ ने यह आदेश राम प्रसाद राजौरिया द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें दो व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी,...

कलकत्ता हाईकोर्ट
बरी के सभी आदेशों को पीड़ित को उचित सूचना के लिए डीएलएसए और जिला मजिस्ट्रेट को अग्रेषित किया जाना चाहिए, पीड़ित के अपील के अधिकार का समर्थन करना चाहिए: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि सीआरपीसी की धारा 2 (डब्ल्यूए) के अनुसार पीड़िता को उचित सूचना देने के लिए बरी होने के हर आदेश को जिला मजिस्ट्रेट और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को भेजा जाना चाहिए।कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि बरी होने के हर आदेश में, संबंधित ट्रायल कोर्ट को फैसले में पीड़ित के अधिकार का जिक्र करना चाहिए कि वह धारा 372 सीआरपीसी के प्रावधान के अनुसार अपील करे और यदि आवश्यक हो, तो ऐसी अपील दायर करने के लिए संबंधित कानूनी सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
'ओसीआई कार्ड आवेदन संसाधित करने के लिए भारतीय जीवनसाथी को पेश करना हमेशा संभव नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एकल न्यायाधीश के एक आदेश को बरकरार रखा है जिसमें एक ईरानी महिला को उसके ओसीआई (भारत के विदेशी नागरिक) कार्ड आवेदन को संसाधित करने के लिए अधिकारियों के समक्ष अलग रह रहे अपने भारतीय पति को पेश करने से छूट दी गई थी।एकल न्यायाधीश ने कहा था कि ओसीआई कार्ड आवेदन को संसाधित करने के उद्देश्य से दोनों पति-पत्नी की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है।इस विचार को बरकरार रखते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने कहा,"आम तौर पर, पति या...

मद्रास हाईकोर्ट
'वह स्कूल यूनिफॉर्म में थी': मद्रास हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषसिद्धि की पुष्टि की, उम्रकैद की सजा घटाई

मद्रास हाईकोर्ट ने दसवीं कक्षा की छात्रा के अपहरण, शादी और यौन उत्पीड़न में शामिल एक पादरी सहित तीन आरोपियों की उम्रकैद की सजा को घटा दिया है।जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस एए नक्किरन ने कहा कि अपीलकर्ता-आरोपी की सजा की पुष्टि अन्य मूल सजाओं के साथ की गई है, हालांकि पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा को प्रत्येक आरोपी के लिए एक निश्चित अवधि तक कम किया जा सकता है।मामले के आरोपी विजयकुमार (ए-1) थे, जिन्होंने अपहरण के बाद नाबालिग के गले में 'थाली' बांधकर उससे शादी की थी, पादरी मुनियांडी (ए-2)...

आपसी सहमति से तलाक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 बी (1) के तहत एक साल अलग रहने की शर्त को माफ नहीं किया जा सकता
आपसी सहमति से तलाक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 बी (1) के तहत 'एक साल अलग रहने' की शर्त को माफ नहीं किया जा सकता

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 बी (1) के तहत आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन दाखिल करने के लिए अलग रहने की एक वर्ष की अवधि अनिवार्य है और धारा 14 के तहत इस अनुमति से छूट नहीं है।जस्टिस शील नागू और जस्टिस डीके पालीवाल हिंदू विवाह अधिनियम, 1956 की धारा 28 के तहत निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपीलकर्ता/पति की ओर से दायर पहली अपील पर विचार कर रहे थे। निचली अदालत ने अधिनियम की धारा 13बी के तहत अपीलकर्ता और उसकी पत्नी के आपसी तलाक के आवेदन को खारिज कर दिया...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
पीड़ित दोषी को दी गई सजा की पर्याप्तता के खिलाफ धारा 372 सीआरपीसी के तहत अपील दायर नहीं कर सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि कोई भी ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 372 के तहत अपील नहीं कर सकता है।जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस सी जयचंद्रन की खंडपीठ ने उक्त टिप्‍पणियों के साथ एक आपराधिक अपील को खारिज कर दिया और कहा कि ऐसी अपील केवल सीआरपीसी की धारा 377 के तहत राज्य द्वारा ही की जा सकती है।कोर्ट ने कहा, "यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सजा की अपर्याप्तता के खिलाफ आदेश से कोई अपील प्रदान नहीं की जाती है। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 377 के आधार पर...

मद्रास हाईकोर्ट
किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ मांगी गई स्थायी निषेधाज्ञा उस व्यक्ति तक ही सीमित होनी चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के निष्कर्षों में हस्तक्षेप किए बिना दूसरी अपील का निस्तारण कर दिया है। अदालत ने यह भी पाया कि कार्रवाई का कारण मौजूद नहीं है और कानून का कोई बड़ा सवाल शामिल नहीं था।मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एन आनंद वेंकटेश, वेल्लोर के प्रधान जिला मुंसिफ के फैसले और डिक्री की पुष्टि करने वाले अधीनस्थ न्यायाधीश, वेल्लोर के फैसले और डिक्री के आदेश के खिलाफ ए गणेश नामक व्यक्ति द्वारा दायर दूसरी अपील पर सुनवाई कर रहे थे।वादी का मामला यह था कि पहले प्रतिवादी को दूसरे प्रतिवादी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
भारत के खिलाफ पाकिस्तान की टी20 जीत का जश्न मनाने के आरोप में गिरफ्तार कश्मीरी छात्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दी

भारत के खिलाफ एक टी 20 क्रिकेट विश्व कप मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के आरोप में अक्टूबर में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन कश्मीरी छात्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।जस्टिस अजय भनोट की खंडपीठ ने तीन छात्रों अर्शीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनई को जमानत दे दी। ये सभी आगरा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हैं और उन्हें 27 अक्टूबर को आगरा पुलिस ने गिरफ्तार किया था।मामलातीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए (विभिन्न...

दिल्ली पुलिस ने रमजान के दौरान शर्तों के तहत निजामुद्दीन मरकज की मस्जिद खोलने के लिए सहमत दी
दिल्ली पुलिस ने रमजान के दौरान शर्तों के तहत निजामुद्दीन मरकज की मस्जिद खोलने के लिए सहमत दी

हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने बताया कि निज़ामुद्दीन मरकज़ में बंगले वाली मस्जिद को रमज़ान के दौरान खोलने की अनुमति दी जाएगी। यह अनुमति कोर्ट द्वारा अपने पिछले आदेश में निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन होगी। इस आदेश में नमाज़ियों को शब-ए-बारात के त्योहार पर नमाज़ अदा करने की अनुमति दी गई थी।2020 में COVID-19 पॉजीटिव पाए जाने वाले तब्लीगी जमात के सदस्यों के बाद निजामुद्दीन मरकज में सार्वजनिक प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।हाईकोर्ट ने 16 मार्च, 2022 के आदेश के तहत शब ए-बारात पर मस्जिद परिसर के...

एनडीपीएस एक्ट| अदालतें किसी विशेष ड्रग को निर्मित ड्रग या साइकोट्रोपिक पदार्थ घोषित नहीं कर सकतीं: जेकेएल हाईकोर्ट
एनडीपीएस एक्ट| अदालतें किसी विशेष ड्रग को 'निर्मित ड्रग' या 'साइकोट्रोपिक पदार्थ' घोषित नहीं कर सकतीं: जेकेएल हाईकोर्ट

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने माना है कि अदालतें एनडीपीएस एक्ट के तहत यह घोषणा नहीं कर सकती हैं कि एक विशेष ड्रग एक 'निर्मित ड्रग' या 'साइकोट्रोपिक पदार्थ' है। जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने कहा कि यह सरकार का काम है कि वह एनडीपीएस एक्ट के तहत 'निर्मित ड्रग' या 'साइकोट्रोपिक पदार्थों' की सूची में एक विशेष दवा को शामिल करने पर निर्णय ले।उल्‍लेखनीय है कि 'निर्मित ड्रग' को एनडीपीएस एक्ट की धारा 2 (xi) में परिभाषित किया गया है और इसमें सभी कोका डेरिवेटिव, मेडिस‌िनन कैनबीज़, ऑपियम डेरिवेटिव और...