मुख्य सुर्खियां
निर्धारित वैधानिक सीमा के अभाव में भी पक्षकारों से 'उचित समय' के भीतर अदालत का दरवाजा खटखटाने की उम्मीद: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया है कि किसी भी निर्धारित सीमा के अभाव में, एक उचित समय होना चाहिए, जिसके भीतर पीड़ित पक्ष को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े।कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत दायर एक याचिका पर विचार कर रहा था, जिसमें 20.09.2012 के आक्षेपित अवॉर्ड को रद्द करने के लिए प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता के पति की सेवा की समाप्ति का जवाब श्रम कोर्ट ने उसके खिलाफ दिया था।जस्टिस राजबीर सहरावत की पीठ ने यह कहते हुए याचिका को खारिज कर दिया कि नीचे की अदालत...
पासपोर्ट रिन्यू करने का अनुरोध केवल आपराधिक मामलों के लंबित होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना है कि आपराधिक मामलों का लंबित होना मात्र किसी व्यक्ति के पासपोर्ट रिन्यू (नवीनीकरण) करने से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता।जस्टिस विश्वनाथ रथ की सिंगल जज बेंच ने कहा,"... इस कोर्ट की राय में पासपोर्ट के नवीनीकरण या यहां तक कि संबंधित पक्ष से संबंधित आपराधिक कार्यवाही के लंबित होने पर पासपोर्ट प्रदान करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, जो समय आधारित नवीनीकरण या अनुदान हो सकता है।"संक्षिप्त तथ्यमौजूदा मामले में याचिकाकर्ता ने संयुक्त अरब अमीरात के तेल क्षेत्रों में काम किया।...
आदेश XXXVIII नियम 5 सीपीसी- वाद संपत्ति को यांत्रिक तरीके से या केवल वादी से कहने पर जब्त नहीं किया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश XXXVIII नियम 5 के तहत शक्ति का प्रयोग यांत्रिक रूप से या केवल वाद के वादी के कहने पर नहीं किया जा सकता है।जस्टिस अमित बंसल ने कहा,"सीपीसी के आदेश XXXVIII नियम 5 के प्रावधानों का संयम से इस्तेमाल किया जाना चाहिए और वादी को अदालत को संतुष्ट करना होगा कि प्रतिवादी अपनी पूरी संपत्ति या उसके हिस्से को हटाने या निपटाने की मांग कर रहा है ताकि उस डिक्री के निष्पादन में बाधा या देरी हो सके जो उसके खिलाफ पारित किया जा सकती...
सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच को आकस्मिक नहीं लिया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा है कि सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच को आकस्मिक (Casual) नहीं लिया जाना चाहिए और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न केवल न्याय किया जाता है बल्कि स्पष्ट रूप से देखा जाता है।न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा न्यायाधिकरण, लखनऊ के एक आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा प्रतिवादी संख्या 2 (मृतक सरकारी कर्मचारी) के खिलाफ पारित सजा...
कलकत्ता हाईकोर्ट 14 साल से जेल में बंद दोषियों की अपील के लंबित होने के बीच जमानत पर विचार करेगा
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने मंगलवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (आईटी) को उन अपीलों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया जहां अपीलकर्ता 14 साल या उससे अधिक समय से जेल में हैं और उन मामलों को 2 सप्ताह के भीतर जमानत पर विचार करने के लिए अदालत के समक्ष सूचीबद्ध करें।यह निर्देश सजा को निलंबित करते हुए और दो आरोपी व्यक्तियों को जमानत देते हुए दिया गया था, जिन्हें लगभग 20 साल तक जेल में रखा गया था।न्यायमूर्ति बिवास पटनायक और न्यायमूर्ति जोमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि सौदा सिंह बनाम उत्तर...
आपराधिक मामला लंबित होने पर भी न्यायालयों को सीआरपीसी की धारा 104 के तहत पासपोर्ट जब्त करने की शक्ति नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि आपराधिक मामला लंबित होने पर भी सीआरपीसी की धारा 104 के तहत न्यायालय द्वारा पासपोर्ट को जब्त नहीं किया जा सकता।आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 482 के तहत आपराधिक याचिका दायर की गई। इसमें प्रधान सत्र न्यायाधीश के न्यायालय के आदेश को रद्द करने और याचिकाकर्ता के पासपोर्ट को वापस करने के लिए उसे रिन्यू करने के बाद यूएसए की यात्रा करने की अनुमति देने की मांग की गई।याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत किया कि उसने लगाई गई शर्तों का ईमानदारी से पालन किया और...
'हिसाब किताब' टिप्पणी मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ विधायक अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद राजनेता मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा में अंसारी ने कहा था कि उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव से कहा कि अगर सपा गठबंधन की सरकार बनती है तो अगले छह महीने तक सरकारी अधिकारियों का तबादला न करें। चुनाव के बाद सबसे पहले उनका 'हिसाब किताब' होगा।सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी)-समाजवादी पार्टी गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में यूपी विधानसभा चुनाव...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 10 रुपये की रिश्वत लेने वाले कोर्ट स्टाफ की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा को बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में अनुशासनात्मक प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश में हस्तक्षेप नहीं करने का फैसला बरकरार रखा। इस फैसले में कोर्ट रीडर द्वारा दस रुपये की रिश्वत लेने के लिए सजा के रूप में उसकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति का निर्देश दिया गया है।जस्टिस शील नागू और जस्टिस एम.एस. भट्टी याचिकाकर्ता द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इसमें अदालत को याचिकाकर्ता के निलंबन की अवधि के लिए सजा और बकाया राशि के आक्षेपित आदेशों को रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।मामले के तथ्य यह...
आदर्श आचार संहिता और धारा 144 सीआरपीसी लागू होने के बाद सार्वजनिक राजनीतिक बैठक करना गैरकानूनी भीड़ जुटाने के बराबरः झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने और उसके बाद धारा 144 सीआरपीसी के तहत निषेधाज्ञा जारी होने के बाद किसी उम्मीदवार द्वारा सार्वजनिक राजनीतिक बैठक आयोजित करना प्रथम दृष्टया गैरकानूनी भीड़ जुटाने के समान है।जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने आगे स्पष्ट किया कि इस तरह की सभा का सामान्य उद्देश्य, प्रथम दृष्टया, धारा 144 सीआरपीसी के तहत जारी निषेधाज्ञा के उल्लंघन में कार्य करना होगा।कोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 143 [गैरकानूनी सभा के सदस्य...
हिंदी में दिए गए निर्णयों की संख्या का विवरण केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है: गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने लोकसभा (Lok Sabha) में जानकारी दी कि हिंदी में दिए गए निर्णयों की संख्या का विवरण केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है।यह प्रतिक्रिया सांसदों केशरी देवी पटेल और कनकमल कटारा द्वारा अदालतों में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने और हिंदी में दिए गए निर्णयों की संख्या के साथ हिंदी में निर्णय लिखने के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देशों का विवरण मांगने पर आई।प्रश्न में हाईकोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण भी...
पटना हाईकोर्ट में दो नए जजों ने शपथ ली
पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में दो नए न्यायाधीशों ने मंगलवार, 29 मार्च, 2022 को शपथ ली।चीफ जस्टिस संजय करोल ने नवनियुक्त न्यायाधीशों जस्टिस राजीव रॉय और जस्टिस हरीश कुमार को शपथ दिलाई।नई नियुक्तियों के साथ हाईकोर्ट की कार्य शक्ति अब बढ़कर 27 हो गई है।उल्लेखनीय है कि जस्टिस राजीव राय संवैधानिक, प्रशासनिक और आपराधिक मामलों के वकील थे। जस्टिस हरीश कुमार ने शिक्षा और संवैधानिक मामलों को देखा। दोनों न्यायाधीशों ने हाईकोर्ट में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व किया।केंद्र सरकार ने 24 मार्च, 2022 को...
यदि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत पहले ही याचिका को अनुमति दी जा चुकी है तो दूरी/वित्तीय बोझ के आधार पर वैवाहिक मामले को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एक बार हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 [भरण-पोषण और मुकदमेबाजी का खर्च] की धारा 24 के तहत एक आवेदन को अनुमति दी जा चुकी हो, और वैवाहिक विवाद में शामिल एक पक्ष को मुकदमेबाजी खर्च का निर्बाध भुगतान किया जा रहा हो, वह दूरी और वित्तीय बोझ के आधार पर स्थानांतरण आवेदन दायर नहीं कर सकता/सकती है।जस्टिस नीरज तिवारी की खंडपीठ ने अभिलाषा गुप्ता बनाम हरिमोहन गुप्ता 2021 9 एससीसी 730 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए उक्त टिप्पणी की। उक्त मामले में सुप्रीम...
जेलों में कानूनी सहायता प्रणाली अप्रभावी, कई लोग जेलों में इसी कारण सड़ रहेः एडवोकेट सुधा भारद्वाज
सिविल राइट्स लॉयर और एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज ने हाल ही में एक वेबिनार में जेलों में प्रभावी कानूनी सहायता प्रणाली की कमी के बारे में बात की। उल्लेखनीय है कि सुश्री भारद्वाज को भीमा कोरगांव मामले में तीन साल से अधिक समय तक जेल में बंद रही थीं। दिसंबर 2021 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। वेबिनार में उन्होंने अंडर ट्रायल के रूप में बिताये अपने अनुभवों को सुनाया।उन्होंने बताया कई कैदी, विशेष रूप से हाशिए के लोग कानूनी उपायों का लाभ उठाने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने ऐसे कैदियों को पेश...
मौखिक रूप से हुए पारिवारिक समझौत पर पंजीकरण या स्टांप ड्यूटी का भुगतान अनिवार्य नहीं, इसे केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि फैमिली सेटलमेंट को पंजीकृत करने और उसके लिए स्टांप शुल्क का भुगतान करने की जरूरत नहीं है, जब इस प्रकार के सेटलमेंट को शुरू में मौखिक बंटवारे के रूप में किया गया हो, हालांकि बाद में सूचना के मकसद से लिखित रूप दिया गया हो।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा, "पक्षकारों के बीच वकीलों के हस्तक्षेप से मौखिक समझौते के माध्यम से विभाजन पर सहमति हुई थी। समझौता ज्ञापन स्वयं संपत्तियों का विभाजन नहीं करता है, बल्कि केवल स्मृति की सहायता के रूप में रिकॉर्ड करता है।" .मौजूदा मामले...
सीपीसी द्वितीय अपील| केवल सहानुभूति के आधार पर आदेशों में हस्तक्षेप नहीं कर सकते, कानून का महत्वपूण्र प्रश्न जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि एक हाईकोर्ट दूसरी अपील में कानून के किसी महत्वपूर्ण प्रश्न के अभाव में मात्र सहानुभूति के आधार पर सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 100 के तहत एक आदेश में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।सीपीसी की धारा 100 के तहत किसी सिविल सूट के किसी भी पक्ष को, जिस पर दीवानी अदालत द्वारा पारित डिक्री का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, दूसरी अपील का प्रक्रियात्मक अधिकार प्रदान किया गया है। हाईकोर्ट में दूसरी अपील उसी स्थिति में की जाती है, जब न्यायालय संतुष्ट हो कि इसमें कानून का महत्वपूर्ण प्रश्न...
पटना हाईकोर्ट ने वीर कुंवर सिंह से संबंधित राष्ट्रीय धरोहर की खस्ताहालत को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र और बिहार राज्य सरकार से जवाब मांगा
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने वीर कुंवर सिंह (Veer Kunwar Singh) से संबंधित राष्ट्रीय धरोहर की खस्ताहालत को लेकर दा जनहित याचिका पर केंद्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इसके साथ ही कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने कहा, "केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आज से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर जवाब सकारात्मक रूप से दाखिल किया जाए। उसका प्रत्युत्तर, यदि कोई हो, इसके बाद एक सप्ताह की...
निवारक निरोध के खिलाफ प्रतिनिधित्व करने का अवसर राज्य सरकार को नहीं, बल्कि हिरासत में लेने वाले प्राधिकारी को दिया जाना चाहिए: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने हाल ही में इस आधार पर निवारक निरोध (Preventive Detention) के एक आदेश को रद्द कर दिया कि बंदी को हिरासत में लेने वाले प्राधिकारी के समक्ष एक प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करने का अवसर नहीं दिया गया, जो कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(5) के तहत उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।न्यायमूर्ति शील नागू (Justice Sheel Nagu) और न्यायमूर्ति एम.एस. भट्टी (Justice M.S. Bhatti) अनिवार्य रूप से याचिकाकर्ता द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें वह...
तांडव वेब-सीरीज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमेज़न प्राइम वीडियो की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित को अग्रिम जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने अमेज़न प्राइम वीडियो की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित को अंतिम अग्रिम जमानत दी, जो कथित तौर पर वेब सीरीज तांडव (Tandav) में हिंदू देवताओं का अपमान करने के खिलाफ लखनऊ में दर्ज एक प्राथमिकी का सामना कर रही है।न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की खंडपीठ ने मामले के समग्र तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया और परिणामस्वरूप इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि आवेदक को अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए।अनिवार्य रूप से, पुरोहित अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में अग्रिम जमानत की मांग कर...
एक्टर के यौन उत्पीड़न का मामला | केरल हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी पल्सर सुनी की जमानत याचिका खारिज की
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को सनसनीखेज 2017 यौन उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी पल्सर सुनी को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। इस मामले में प्रमुख एक्टर का अपहरण कर लिया गया और एक साजिश के तहत चलती गाड़ी में बलात्कार किया गया।जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती।मामले में सुनी मुख्य आरोपी है, वहीं मलयालम अभिनेता दिलीप मामले में सह-आरोपी हैं। माना जाता है कि साजिश के पीछे उनका दिमाग था। 2017 के मामले में 10 आरोपी हैं और पुलिस ने सात को...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण की मांग वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार और लोक सेवा आयोग से सभी सरकारी-नियंत्रित प्रतिष्ठानों और संस्थानों ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के लिए रोजगार में आरक्षण की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर जवाब मांगा है।जनहित याचिका में कहा गया है,"महाराष्ट्र राज्य ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के प्रति अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 21 के तहत अपने संवैधानिक दायित्व को पूरा करने में विफल रहा है।" याचिकाकर्ता में एनजीओ संपदा ग्रामीण महिला संस्था और समुदाय आधारित संगठन मुस्कान संस्था के...


















