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नियोक्ता को वैसे कर्मचारी को काम पर रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है, जो जानबूझकर गिरफ्तारी के तथ्य को छुपाता है : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
नियोक्ता को वैसे कर्मचारी को काम पर रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है, जो जानबूझकर गिरफ्तारी के तथ्य को छुपाता है : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल, 2022 को एक बार फिर कहा है कि नियोक्ता को ऐसे कर्मचारी को नौकरी में रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिसने झूठा बयान दिया हो या जानबूझकर भौतिक तथ्यों का खुलासा नहीं किया है। हाईकोर्ट ने यह निर्णय ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें गिरफ्तारी के तथ्य को छुपाने के आधार पर प्रतिवादियों ने याचिकाकर्ता को कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति से इनकार कर दिया था।मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा और जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने इस संबंध में...

सीआरपीसी की धारा 102 के तहत आरोपी के किसी भी रिश्तेदार का बैंक खाता जब्त किया जा सकता है: जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 102 के तहत आरोपी के किसी भी रिश्तेदार का बैंक खाता जब्त किया जा सकता है: जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी (जिसके अपराध की जांच की जा रही) के किसी भी रिश्तेदार का बैंक अकाउंट सीआरपीसी की धारा 102 के तहत संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत आता है।जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने आगे कहा कि जांच के दौरान एक पुलिस अधिकारी आरोपी के रिश्तेदारों के उक्त खाते को जब्त या प्रतिबंधित कर सकता है, अगर ऐसी संपत्ति का उस अपराध के साथ सीधा संबंध है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।संक्षेप में मामलाअपराध शाखा, कश्मीर को 2015 के एक सरकारी आदेश के जारी होने के बाद...

लंबे समय तक हिरासत में रखने के लिए मनगढ़ंत रूप से मामला बनाया : पुलिस पर हमले के मामले में जिग्नेश मेवाणी को असम कोर्ट ने दी जमानत
"लंबे समय तक हिरासत में रखने के लिए मनगढ़ंत रूप से मामला बनाया" : पुलिस पर हमले के मामले में जिग्नेश मेवाणी को असम कोर्ट ने दी जमानत

असम की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को एक पुलिसकर्मी पर कथित हमले के मामले में जमानत दे दी।कोर्ट ने यह देखते हुए ज़मानत दी कि वर्तमान मामला मेवानी को लंबे समय तक हिरासत में रखने, कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से बनाया गया।एक महत्वपूर्ण कदम में सत्र न्यायाधीश, बारपेटा ए. चक्रवर्ती ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से भी अनुरोध किया कि वह असम पुलिस को कुछ उपाय करके खुद को सुधारने का निर्देश दे, जैसे कानून और व्यवस्था में लगे प्रत्येक पुलिस कर्मियों को बॉडी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
"न्याय केवल अभियुक्त के लिए नहीं बल्कि पीड़ित के साथ भी न्याय होना चाहिए": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार मामले के आरोपियों की स्थानांतरण याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि "न्याय केवल आरोपियों के लिए नहीं है, पीड़िता के साथ भी न्याय होना चाहिए।"हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी सामूहिक बलात्कार के आरोपियों की ओर से दायर तीन याचिकाओं को खारिज करते हुए की। याचिकाओं में उन पर दायर मुकदमे को झांसी जिले से किसी अन्य जिले में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। जस्टिस अनिल कुमार ओझा की खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी मामले को स्थानांतरित किया जाता है तो यह सामूहिक बलात्कार पीड़िता का अपमान होगा।पीठ ने कहा, "यदि मामला जिला झांसी से किसी अन्य जिले में...

क्या मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड छात्रों के एडमिशन रद्द करने की सिफारिश कर सकता है? राजस्थान हाईकोर्ट विचार करेगा
क्या मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड छात्रों के एडमिशन रद्द करने की सिफारिश कर सकता है? राजस्थान हाईकोर्ट विचार करेगा

राजस्थान हाईकोर्ट इस पर विचार करेगा कि क्या चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड (MARB) विभिन्न मेडिकल कोर्सेज में छात्रों के एडमिशन रद्द करने की सिफारिश कर सकता है।शैक्षणिक वर्ष 2021 के लिए ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्सेज में एडमिशन रद्द करने, अनुमति पत्र वापस लेने के लिए MARB द्वारा की गई सिफारिशों को चुनौती देने वाली मेडिकल कॉलेजों और उसके छात्रों द्वारा दायर कई रिट याचिकाओं की पृष्ठभूमि में यह सवाल पैदा हुआ है।संस्थानों की ओर से कुछ रिट याचिकाएं दायर की गई हैं, जहां छात्रों को ग्रेजुएशन...

झारखंड हाईकोर्ट
मृतका के गोत्रज को नहीं भेजा नोटिस, याचिकाकर्ता उनसे 'विल' का अस्तित्व छिपाने की कोशिश कर रहा है: झारखंड हाईकोर्ट ने प्रोबेट आवेदन खारिज किया

झारखंड हाईकोर्ट ने एक ऐसे मामले में हैरानी व्यक्त की, जिसमें उस मृतका के गोत्रज (एग्नेट्स) को नोटिस नहीं जारी किया गया था, जिसकी कथित वसीयत को आवेदक द्वारा निष्पादित करने की मांग की गई थी। इसने कहा कि इलाके में कोई सामान्य नोटिस जारी नहीं किया गया था और इसे केवल सरकार को भेजा गया था।इस प्रकार प्रोबेट (मृत लेख प्रमाण) आवेदन को खारिज करने के खिलाफ अपील पर विचार करने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति आनंद सेन ने कहा,"यह एक ऐसी स्थिति है, जो न्यायालय की अंतरात्मा को झकझोरती है। यह स्पष्ट नहीं किया गया...

कलकत्ता हाईकोर्ट
'अपनी जान जोखिम में नहीं डाल सकती': कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा, सरकारी शिक्षक मेडिकल कंडिशन के आधार पर नजदीकी स्कूल में ट्रांसफर की मांग कर सकती है

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को एक मेडिकल बोर्ड की तरफ से दायर रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए एक सरकारी स्कूल की शिक्षका को अपने आवास के नजदीक एक स्कूल में ट्रांसफर की मांग करने की अनुमति दे दी है क्योंकि मेडिकल बोर्ड ने उसे उसकी मेडिकल कंडिशन के कारण लंबी यात्रा से बचने की सलाह दी है।यह मानते हुए कि स्कूल शिक्षक को अपनी जान जोखिम में डालने के लिए नहीं कहा जा सकता है, जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा, ''..यह देखा गया है कि एक महिला शिक्षक को एक सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों ने...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
पैरोल | अपराधियों को समाज के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पैरोल प्रदान करते समय मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है ताकि दोषियों को अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक मुद्दों को हल करने का अवसर मिल सके और अपराधियों को समाज के संबंध में प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने यह भी कहा कि पैरोल राज्य द्वारा दी गई राहत है, जो ऐसे कैदियों के पुनर्वास के लिए एक लंबा रास्ता तय करती है। इसलिए यह अंततः समाज की भलाई के लिए लक्षित हैं और इसलिए, सार्वजनिक हित में हैं।आगे यह कहते हुए कि...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
पॉक्सो अधिनियम किसी अन्य कानून के अपमान में नहीं है और यदि किसी अन्य कानून के साथ कोई असंगतता है तो पॉक्सो के प्रावधान ओवरराइडिंग प्रभाव डालेंगे : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के लिए दोषी ठहराए गए आरोपी को दी गई कारावास की सजा को सात साल से बढ़ाकर दस साल कर दिया और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण ( पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए।जस्टिस एच टी नरेंद्र प्रसाद और जस्टिस राजेंद्र बादामीकर की खंडपीठ ने कहा, "धारा 42 ए (पॉक्सो अधिनियम) यह स्पष्ट करती है कि अधिनियम किसी अन्य कानून के अपमान में नहीं है और यदि वर्तमान में लागू किसी अन्य कानून के साथ कोई असंगतता है, तो पॉक्सो अधिनियम के प्रावधान...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी को 'आंख मूंदकर' खारिज करने के सेशन कोर्ट के तरीकों पर चिंता जताई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शुक्रवार को सेशन कोर्ट द्वारा मामले के गुण-दोष में जाने के बिना अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं को आंख बंद करके खारिज करने पर चिंता व्यक्त की।अदालत ने आगे कहा कि छोटे-मोटे मामलों के लिए भी वादियों को उन पर 'अनावश्यक वित्तीय बोझ' डालते हुए दूरदराज और निर्जन क्षेत्रों से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।जस्टिस दीपक कुमार अग्रवाल ने आवेदक की सीआरपीसी की धारा 439 द्वारा दायर जमानत याचिका पर निर्णय देते हुए कहा कि आवेदक के मामले में उसे...

कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों को पेंशन योजना कार्यान्वयन पर आदेश का पालन न करने पर अवमानना नोटिस जारी किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव और वित्त विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया। नोटिस में दायर याचिका के माध्यम दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम (SBSTC) के कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना के कार्यान्वयन से संबंधित मामले में दीवानी अवमानना ​​शुरू करने की मांग की गई है।जस्टिस अरिंदम मुखर्जी ने आदेश दिया,"मैं राजेश कुमार सिन्हा, प्रमुख सचिव, परिवहन विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार, परिबाहन भवन, 12, आर.एन. मुखर्जी रोड, कोलकाता-700001; एच.के....

पेंशन बढ़ाने के लिए कर्मचारी सेवा में रुकावट की छूट की मांग नहीं कर सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट
पेंशन "बढ़ाने" के लिए कर्मचारी सेवा में रुकावट की छूट की मांग नहीं कर सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कोई कर्मचारी पेंशन "बढ़ाने" के लिए सेवा में रुकावट की छूट की मांग नहीं कर सकता, जहां कर्मचारी के पास पहले से ही पेंशन के लिए अर्हक सेवा (qualifying service) है।जस्टिस आरडी धानुका और जस्टिस एसजी मेहरे की बेंच ने कहा,"सेवा में रुकावट की छूट का उद्देश्य किसी कर्मचारी को उसकी सेवा के दिनों को जोड़कर पेंशन का हकदार बनाना है न कि इस कारण से पेंशन बढ़ाना कि पेंशन की गणना और भुगतान अंतिम वेतन के आधार पर किया जाना है।"याचिकाकर्ता नगर निगम (तत्कालीन परिषद) में शिक्षक के रूप...

राज्य की कार्रवाई के कारण लगी चोट: दिल्ली हाईकोर्ट ने 1997 के सीपी शूटआउट के शिकार व्यक्ति को 15 लाख का मुआवजा देने का निर्देश दिया
"राज्य की कार्रवाई के कारण लगी चोट": दिल्ली हाईकोर्ट ने 1997 के सीपी शूटआउट के शिकार व्यक्ति को 15 लाख का मुआवजा देने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 31 मार्च 1997 को हुए कनॉट प्लेस गोलीबारी के शिकार व्यक्ति को 15 लाख रूपये मुआवजे के तौर पर देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि वह व्यक्ति गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके शरीर में छर्रे लगे।अदालत ने पाया कि राज्य की कार्रवाई के कारण चोट लगी, जहां पुलिस अधिकारियों को आपराधिक अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया। अदालत ने कहा कि इस मामले को लापरवाही और निष्क्रियता के सामान्य मामलों की तुलना में "उच्च स्तर" पर विचार करने की आवश्यकता है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने स्पष्ट...

खरगोन दंगों के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रहवासी की याचिका पर राज्य को नोटिस जारी किया
खरगोन दंगों के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रहवासी की याचिका पर राज्य को नोटिस जारी किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में खरगोन जिले के एक निवासी द्वारा दायर एक याचिका में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया।याचिकर्ता की संपत्ति कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय से संबंधित होने के कारण उसके खिलाफ प्रतिशोध लेते हुए राज्य ने ध्वस्त कर दी थी।जस्टिस प्रणय वर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ने संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता द्वारा अपनी याचिका में यह मामला बनाया गया था कि राज्य के अधिकारियों ने एक विशेष समुदाय से...

पटना हाईकोर्ट
'शराबबंदी कानून के तहत की गई कार्रवाई में अब तक जेल जा चुकीं महिलाओं, 18-25 साल के युवाओं का ब्यौरा पेश करें': हाईकोर्ट ने उत्पाद विभाग के मुख्य सचिव को तलब किया

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव से बिहार में शराबबंदी कानून के अंतर्गत की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है।जस्टिस सत्यव्रत वर्मा ने काजल कुमारी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया,"शराबबंदी कानून के तहत की गई कार्रवाई में अब तक जेल जा चुकीं महिलाओं और 18-25 साल के युवाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए।"दरअसल, कोर्ट बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) के तहत दर्ज मामले में जेल में बंद काजल कुमारी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित बलात्कार पीड़िता को सीआरपीसी की धारा 311 के तहत खुद को दोबारा गवाही के लिए बुलाने की अनुमति देने वाला निचली अदालत का आदेश रद्द किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित बलात्कार पीड़िता को सीआरपीसी की धारा 311 के तहत खुद को दोबारा गवाही के लिए बुलाने की अनुमति देने वाला निचली अदालत का आदेश रद्द किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें एक बलात्कार के मामले में पीड़िता की तरफ से दायर एक आवेदन को अनुमति दे दी थी। पीड़िता ने इस मामले में खुद को गवाह के रूप में फिर से बुलाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने माना कि निचली अदालत ने आक्षेपित आदेश पीड़िता की दलीलों को 'पूर्ण सत्य' के रूप में स्वीकार करते हुए पारित किया है, जबकि उस बारे में कोई जांच नहीं की गई। जस्टिस अतुल श्रीधरन निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए आवेदक की तरफ से सीआरपीसी की धारा 482...

मद्रास हाईकोर्ट
फर्जी जाति प्रमाण पत्र के माध्यम से प्राप्त रोजगार 'शुरू से ही शून्य' माना जाएगा: मद्रास हाईकोर्ट ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश दिए

मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने गुरुवार को इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र के एक कर्मचारी की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश दिया, जिसने फर्जी एससी समुदाय प्रमाण पत्र जमा करके रोजगार प्राप्त किया था।अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि कर्मचारी पेंशन लाभ के केवल 40% के लिए पात्र होगा और कर्मचारी द्वारा किए गए पीएफ योगदान को छोड़कर, ग्रेच्युटी, डीसीआरजी और इसी तरह के अन्य टर्मिनल लाभों के लिए पात्र नहीं होगा।न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन और न्यायमूर्ति मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने यह भी देखा कि...

चाइल्ड मैरिज एक्ट की धारा 11 के तहत बच्चे की सगाई अपराध नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने पिता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की
चाइल्ड मैरिज एक्ट की धारा 11 के तहत बच्चे की सगाई अपराध नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने पिता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने पाया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम (Prohibition of Child Marriage Act), 2006 की धारा 11 यह स्पष्ट रूप से स्पष्ट करती है कि अधिनियम के तहत बच्चे के शादी करना अपराध है। हालांकि, किसी भी मामले में केवल एक बच्चे की सगाई धारा 11 के तहत अपराध की श्रेणी में नहीं आती है।अधिनियम की धारा 11 बाल विवाह को बढ़ावा देने या अनुमति देने के लिए दंड प्रदान करती है जबकि अधिनियम की धारा 15 में कहा गया है कि सीआरपीसी में कुछ भी शामिल होने के बावजूद इस अधिनियम के तहत दंडनीय...