मुख्य सुर्खियां
न्यायालय नए राजमार्गों के निर्माण की आवश्यकता पर निर्णय नहीं ले सकता, यह विशुद्ध रूप से नीतिगत निर्णय है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें सरकारी भूमि अधिग्रहण को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पहले से ही राजमार्ग मौजूद है जिसे मरम्मत करके चौड़ा किया जा सकता है।जस्टिस मोक्ष खजूरिया काज़मी और जस्टिस पंकज मिथल की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा:"यह प्रस्तुत करना कि नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पहले से ही एक राजमार्ग मौजूद है जिसे मरम्मत और चौड़ा किया जा सकता है, यह...
भरण-पोषण की कार्यवाही में पति को सैलरी स्लिप प्रस्तुत करने के लिए कहना, उसकी निजता का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर बेंच) ने कहा है कि भरण-पोषण की कार्यवाही के प्रभावी अधिनिर्णय के लिए पति को अपनी सैलरी स्लिप प्रस्तुत करने के लिए कहना, उसे उसके जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित करना नहीं कहा जा सकता है।न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की खंडपीठ ने आगे कहा कि इस तरह की कार्यवाही में पति को अपनी सैलरी स्लिप पेश करने के लिए कहना, उसकी निजता का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता है।वर्तमान मामले में, पति को प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, ग्वालियर ने कुल मिलाकर उसकी पत्नी और बच्चों को भरण-पोषण...
लोक अदालत के माध्यम से लंबित सिविल मामले का निपटारा होने पर पूरी कोर्ट फीस वापस किया जाना चाहिए: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लंबित सिविल मामले का निपटारा होने पर पूरी कोर्ट फीस वापस किया जाना चाहिए।न्यायमूर्ति वी.जी. अरुण ने पाया कि पहले से भुगतान किए गए कोर्ट फीस में 7% की कटौती बरकरार रखने योग्य है क्योंकि ऐसे मामले विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम और न्यायालय शुल्क अधिनियम द्वारा शासित हैं, न कि केरल न्यायालय शुल्क और सूट मूल्यांकन (राजस्व बोर्ड) नियम से।बेंच ने कहा,"जब एक लंबित दीवानी मामले में एक विवाद को लोक अदालत में भेजा जाता है और निपटाया जाता है, तो भुगतान की गई...
धमकी देकर प्राप्त की गई सहमति बेकार, आईपीसी की धारा 90 के तहत मान्य नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बलात्कार की दोषसिद्धि को बरकरार रखा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर पीड़िता को धमकी दी गई और आरोपी याचिकाकर्ता के साथ रहने के लिए मजबूर किया गया तो इस तरह की सहमति को आईपीसी की धारा 90 के दायरे में सहमति नहीं कहा जा सकता है।यह टिप्पणी जस्टिस रूमी कुमार फुकन ने की, जिन्होंने कहा कि भले ही पीड़िता एक बालिग थीं, दी गई परिस्थितियों में सहमति महत्वहीन है:"दिए गए मामले में, पीड़िता को आरोपी याचिकाकर्ता के साथ धमकी और मजबूरी में रखा गया था, जिसे आईपीसी की धारा 90 के...
संवैधानिक सुरक्षा उपायों का सख्त पालन और ठोस उपाय व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कम करने के लिए जरूरी: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने निवारक निरोध आदेश को रद्द किया
जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में सांबा के एक जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित एक डिटेंशन ऑर्डर को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि यह आदेश संवैधानिक सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखे बिना पारित किया गया था।जस्टिस सिंधु शर्मा ने कहा,"हिरासत के आक्षेपित आदेश को पारित करते समय कानूनी और संवैधानिक सुरक्षा का पालन नहीं किया है। इसलिए आदेश टिकाऊ नहीं है। तदनुसार, इस याचिका को अनुमति दी जाती है और आक्षेपित आदेश को रद्द किया जाता है। यदि किसी अन्य मामले के संबंध में हिरासत में लिए गए व्यक्ति की...
पार्टियां अनुच्छेद 227 के तहत हाईकोर्ट के पास जाने से पहले सुप्रीम कोर्ट में वैकल्पिक उपाय समाप्त नहीं कर सकतींः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पहले किसी पक्ष को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उपलब्ध वैकल्पिक उपाय को समाप्त करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता है।शेक्सपियर के जूलियस सीजर का जिक्र करते हुए जस्टिस सी हरि शंकर ने कहा, "सीज़र से मार्क एंटनी के लिए कोई अपील नहीं हो सकती।"कोर्ट इंडियाबुल्स ग्रीन्स पनवेल नामक एक परियोजना में 51 आवंटियों द्वारा याचिकाकर्ता लुसीना लैंड डेवलपमेंट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग...
अल्पसंख्यक संस्थानों में शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं: मद्रास हाईकोर्ट ने दोहराया
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने दोहराया कि अल्पसंख्यक संस्थानों में शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं है।न्यायमूर्ति वी पार्थिबन की पीठ ने आगे कानूनी स्थिति की पुष्टि की कि बच्चों के नि: शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 के संदर्भ में टीईटी योग्यता का नुस्खा अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू नहीं है।प्रगति एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य (2014) में संविधान पीठ के निर्णय के आलोक में अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों को याचिकाकर्ता शिक्षक को उचित वार्षिक वेतन...
ऊंची अदालतों पर जमानत के आदेश में दखल देने पर कोई कानूनी रोक नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि हालांकि जमानत देने के आदेश में आमतौर पर हाईकोर्टों द्वारा हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा, फिर भी इस प्रकार के हस्तक्षेप पर कोई कानूनी रोक नहीं है।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने कहा कि न्याय के लक्ष्य को सुरक्षित करने और किसी भी अदालत की प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक आदेश की मदद में हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपनी अंतर्निहित शक्तियों का उपयोग कर सकता है।"भले ही जमानत देने के आदेश में, सामान्य परिस्थितियों में हाईकोर्टों द्वारा हस्तक्षेप नहीं किया...
"पति और पत्नी परिवार के दो स्तंभ, एक के कमजोर होने पर पूरा घर ढह जाता है": दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी के पक्ष में दिए तलाक को बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 (1) (ia) के तहत पत्नी के पक्ष में तलाक देने के फैमिली कोर्ट के एक आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया था कि पत्नी ने पति द्वारा दी जा रही मानसिक क्रूरता के आधार को अच्छी तरह से स्थापित किया है।फैमिली कोर्ट ने प्रतिवादी पत्नी को धारा 13(1)(ia) के तहत तलाक दिया था, जो पूरी तरह से मानसिक क्रूरता के आधार पर निर्भर करती है।उसी को बरकरार रखते हुए कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा,"पति और पत्नी...
सक्षम फोरम के काम न कर रहा हो तो वादी फैसले का इंतजार करता नहीं रह सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने सेवा मामले में रिट खारिज करने से इनकार किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा, "यह नहीं माना जा सकता है कि एक वादी अपने विवादों के फैसले का इंतजार करता रहेगा, अगर सक्षम फोरम या प्राधिकरण काम नहीं कर रहा है।"जस्टिस रेखा बोराना ने यह टिप्पणी केंद्र की ओर से दायर एक आवेदन पर सुनवाई के दरमियान की, जिसमें वैकल्पिक उपाय के आधार पर सिविल सेवा में भर्ती से संबंधित एक याचिका को खारिज करने की मांग की गई थी। उस समय केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में स्वीकृत रिक्ति के कारण हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की गई थी।पीठ ने प्रतिवादियों द्वारा दायर...
'जघन्य अपराध का आरोपी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन की शिकायत नहीं कर सकता है, जब वह खुद मुकदमे के जल्द समापन में सहयोग नहीं कर रहा हो': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में कहा कि एक जघन्य अपराध का आरोपी भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन की शिकायत नहीं कर सकता है, जब वह खुद मुकदमे के जल्द समापन में सहयोग नहीं कर रहा हो। 2019 रायबरेली-आदित्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेश यादव को जमानत देने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने कहा, "जब आरोपी मुकदमे में सहयोग नहीं कर रहे हैं और आरोपी-आवेदक पर सबसे नृशंस तरीके से एक युवक की भीषण हत्या का जघन्य अपराध का आरोप लगाया गया है,...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 साल की कैद की सजा पूरी करने के एक साल बाद व्यक्ति की अपील का फैसला किया, सजा कम की
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने एक श्रमिक ठेकेदार की अपील का फैसला किया, जिसमें 10 साल की कैद की सजा पूरी करने के एक साल बाद 30 वर्षीय व्यक्ति को केंद्रीय जेल से रिहा किया गया।न्यायमूर्ति पीडी नाइक की पीठ ने नकली मुद्रा (आईपीसी की 489-बी) रखने के संबंध में केवल सात साल के लिए लूथपुरा शेख की सजा को बरकरार रखा और उसे 10 साल की सजा को आकर्षित करने वाले गंभीर आरोपों से बरी कर दिया।इसका मतलब है, शेख, कम से कम 3 साल जेल में अधिक रहे । अनवरबीबी मुजीबुल शेख, जिन्होंने भी अपील दायर की थी, को सभी...
''कोई भी भारतीय महिला अपने पति को बांट नहीं कर सकती'': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी व्यक्ति को डिस्चार्ज करने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी एक व्यक्ति के आरोपमुक्त करने की मांग वाले आवेदन को खारिज कर दिया गया था। पत्नी ने कथित तौर पर इस वजह से आत्महत्या कर ली थी कि उसके पति ने उसे तलाक दिए बिना दूसरी महिला से शादी कर ली थी। जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने यह कहते हुए कि एक भारतीय महिला किसी भी कीमत पर अपने पति को साझा नहीं कर सकती है, पति द्वारा दायर रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया और कहा किः ''वे (भारतीय...
मेवाणी का ज़मानत आदेश : गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम अदालत के राज्य पुलिस के खिलाफ टिप्पणी पर रोक लगाई, ,ज़मानत जारी रहेगी
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक पुलिसकर्मी पर कथित हमले के मामले में गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को जमानत देते समय राज्य पुलिस के खिलाफ असम की अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी है हालांकि, उन्हें जमानत का लाभ देने के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया गया है। जस्टिस देवाशीष बरुआ की पीठ का यह आदेश राज्य द्वारा सत्र न्यायाधीश, बारपेटा: ए चक्रवर्ती के खिलाफ दायर एक अपील पर आया है।मामले में नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसका आदेश जिला जज द्वारा की गई टिप्पणियों पर रोक लगाने...
उसी मुद्दे का फिर से बढ़ाना अदालती प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है: दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच स्थानांतरित करने की मांग करने वाले वादियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसने एक जांच को सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग की थी। जबकि ऐसी ही एक याचिका को वापस लिया गया के रूप में कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका था।जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता एफआईआर की जांच सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर विचार कर रहे थे। इसी तरह की प्रार्थना के साथ एक समान आपराधिक रिट याचिका को अदालत ने 22 मार्च, 2022 के आदेश के तहत वापस ले लिया था।मामले के तथ्य यह थे कि याचिकाकर्ता ने वुडलैंड से एक जोड़ी जूते...
सेवा की गलत समाप्ति के मामले में सेवा की निरंतरता और पिछले वेतन के साथ बहाली सामान्य नियम: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में औद्योगिक न्यायाधिकरण द्वारा एक कर्मचारी की गलत तरीके से सेवा समाप्त करने के लिए दी गई राहत की पुष्टि की और रिट अपील को खारिज कर दिया। कर्मचार को 50% पिछले वेतन के साथ सेवा में बहाल करने की राहत दी गई थी।मामलाएक रिट याचिका पर 21.10.2016 को आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद उक्त अपील दायर की गई थी। मामले के तथ्य यह थे कि कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई थी। 2000 में उसके खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया था और उसके बाद मामले की जांच की गई थी।जांच अधिकारी ने...
POCSO Act-एफएसएल रिपोर्ट के बिना दायर चार्जशीट अधूरी नहीं, सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए कोई आधार नहीं बनताः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो) के प्रावधानों के तहत दर्ज एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए, पीड़ित के बयान पर अंतिम रिपोर्ट पूरी मानी जाएगी और एफएसएल रिपोर्ट का उपयोग केवल उनके बयानों की पुष्टि के लिए किया जा सकता है। जस्टिस सुवीर सहगल की पीठ ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा दायर चालान के आधार पर अदालत अपराध का संज्ञान ले सकती है। अदालत निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने हुए सीआरपीसी की धारा 401 के तहत...
तलाक का अधिकार इस्लाम में कॉंट्रेक्चुअल मैरिज के तहत निहित : मुस्लिम महिला ने दिल्ली हाईकोर्ट में 'तलाक-उल-सुन्नत' को असंवैधानिक घोषित करने की याचिका का विरोध किया
एक मुस्लिम महिला ने एक जनहित याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसमें तलाक -उल-सुन्नत को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। तलाक -उल-सुन्नत को एक 28 वर्षीय मुस्लिम महिला ने चुनौती दी, जिसमें कहा गया कि विवादित प्रथा एक मुस्लिम पति को अपनी पत्नी को बिना किसी कारण या अग्रिम सूचना के किसी भी समय तलाक देने के लिये सक्षम बनाती है, जो मनमाना है।एक मुस्लिम महिला कुर्रत उल ऐन लतीफ ने इस याचिका के विरोध में एक आवेदन दायर किया है, जो दावा करती है कि उसकी शादी खराब हुई, लेकिन ...
बहुविवाह: दिल्ली हाईकोर्ट ने मुस्लिम पुरुषों को दूसरी शादी के लिए मौजूदा पत्नी की पूर्व सहमति प्राप्त करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 28 वर्षीय मुस्लिम महिला द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में यह घोषणा करने की मांग की गई कि मुस्लिम पुरुष अपनी पहली पत्नी की पूर्व सहमति के बिना दूसरी शादी नहीं कर सकते।संक्षेप में, याचिका मुस्लिम पुरुषों में बहुविवाह की प्रथा को प्रतिबंधित करने का प्रयास करने की मांग करती है। इसमें कहा गया कि यह एक प्रतिगामी प्रथा है, जो महिलाओं के लिए अपमानजनक है। शरीयत कानून के तहत केवल "असाधारण परिस्थितियों" में दूसरी शादी की अनुमति दी जाती है, जैसे कि पहली पत्नी की...
तेलंगाना हाईकोर्ट ने अमिताभ बच्चन-स्टारर फिल्म 'झुंड' के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए
तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हैदराबाद के फिल्म निर्माता नंदी चिन्नी कुमार की याचिका पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिसमें अमिताभ बच्चन-स्टारर फिल्म 'झुंड' को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है।जस्टिस पी. श्री सुधा की एकल पीठ ने निर्देश दिया,"मामले की अगली सुनवाई तक यानी 8 जून तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखें।"कोर्ट ने प्रतिवादियों को अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग करने वाले याचिकाकर्ता के आवेदन का जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।तेलंगाना की एक स्थानीय अदालत ने...



















