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'वह स्कूल यूनिफॉर्म में थी': मद्रास हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषसिद्धि की पुष्टि की, उम्रकैद की सजा घटाई
मद्रास हाईकोर्ट ने दसवीं कक्षा की छात्रा के अपहरण, शादी और यौन उत्पीड़न में शामिल एक पादरी सहित तीन आरोपियों की उम्रकैद की सजा को घटा दिया है।जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस एए नक्किरन ने कहा कि अपीलकर्ता-आरोपी की सजा की पुष्टि अन्य मूल सजाओं के साथ की गई है, हालांकि पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा को प्रत्येक आरोपी के लिए एक निश्चित अवधि तक कम किया जा सकता है।मामले के आरोपी विजयकुमार (ए-1) थे, जिन्होंने अपहरण के बाद नाबालिग के गले में 'थाली' बांधकर उससे शादी की थी, पादरी मुनियांडी (ए-2)...
आपसी सहमति से तलाक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 बी (1) के तहत 'एक साल अलग रहने' की शर्त को माफ नहीं किया जा सकता
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 बी (1) के तहत आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन दाखिल करने के लिए अलग रहने की एक वर्ष की अवधि अनिवार्य है और धारा 14 के तहत इस अनुमति से छूट नहीं है।जस्टिस शील नागू और जस्टिस डीके पालीवाल हिंदू विवाह अधिनियम, 1956 की धारा 28 के तहत निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपीलकर्ता/पति की ओर से दायर पहली अपील पर विचार कर रहे थे। निचली अदालत ने अधिनियम की धारा 13बी के तहत अपीलकर्ता और उसकी पत्नी के आपसी तलाक के आवेदन को खारिज कर दिया...
पीड़ित दोषी को दी गई सजा की पर्याप्तता के खिलाफ धारा 372 सीआरपीसी के तहत अपील दायर नहीं कर सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि कोई भी ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 372 के तहत अपील नहीं कर सकता है।जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस सी जयचंद्रन की खंडपीठ ने उक्त टिप्पणियों के साथ एक आपराधिक अपील को खारिज कर दिया और कहा कि ऐसी अपील केवल सीआरपीसी की धारा 377 के तहत राज्य द्वारा ही की जा सकती है।कोर्ट ने कहा, "यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सजा की अपर्याप्तता के खिलाफ आदेश से कोई अपील प्रदान नहीं की जाती है। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 377 के आधार पर...
किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ मांगी गई स्थायी निषेधाज्ञा उस व्यक्ति तक ही सीमित होनी चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के निष्कर्षों में हस्तक्षेप किए बिना दूसरी अपील का निस्तारण कर दिया है। अदालत ने यह भी पाया कि कार्रवाई का कारण मौजूद नहीं है और कानून का कोई बड़ा सवाल शामिल नहीं था।मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस एन आनंद वेंकटेश, वेल्लोर के प्रधान जिला मुंसिफ के फैसले और डिक्री की पुष्टि करने वाले अधीनस्थ न्यायाधीश, वेल्लोर के फैसले और डिक्री के आदेश के खिलाफ ए गणेश नामक व्यक्ति द्वारा दायर दूसरी अपील पर सुनवाई कर रहे थे।वादी का मामला यह था कि पहले प्रतिवादी को दूसरे प्रतिवादी...
भारत के खिलाफ पाकिस्तान की टी20 जीत का जश्न मनाने के आरोप में गिरफ्तार कश्मीरी छात्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दी
भारत के खिलाफ एक टी 20 क्रिकेट विश्व कप मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के आरोप में अक्टूबर में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन कश्मीरी छात्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।जस्टिस अजय भनोट की खंडपीठ ने तीन छात्रों अर्शीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनई को जमानत दे दी। ये सभी आगरा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र हैं और उन्हें 27 अक्टूबर को आगरा पुलिस ने गिरफ्तार किया था।मामलातीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए (विभिन्न...
दिल्ली पुलिस ने रमजान के दौरान शर्तों के तहत निजामुद्दीन मरकज की मस्जिद खोलने के लिए सहमत दी
हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने बताया कि निज़ामुद्दीन मरकज़ में बंगले वाली मस्जिद को रमज़ान के दौरान खोलने की अनुमति दी जाएगी। यह अनुमति कोर्ट द्वारा अपने पिछले आदेश में निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन होगी। इस आदेश में नमाज़ियों को शब-ए-बारात के त्योहार पर नमाज़ अदा करने की अनुमति दी गई थी।2020 में COVID-19 पॉजीटिव पाए जाने वाले तब्लीगी जमात के सदस्यों के बाद निजामुद्दीन मरकज में सार्वजनिक प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।हाईकोर्ट ने 16 मार्च, 2022 के आदेश के तहत शब ए-बारात पर मस्जिद परिसर के...
एनडीपीएस एक्ट| अदालतें किसी विशेष ड्रग को 'निर्मित ड्रग' या 'साइकोट्रोपिक पदार्थ' घोषित नहीं कर सकतीं: जेकेएल हाईकोर्ट
जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने माना है कि अदालतें एनडीपीएस एक्ट के तहत यह घोषणा नहीं कर सकती हैं कि एक विशेष ड्रग एक 'निर्मित ड्रग' या 'साइकोट्रोपिक पदार्थ' है। जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने कहा कि यह सरकार का काम है कि वह एनडीपीएस एक्ट के तहत 'निर्मित ड्रग' या 'साइकोट्रोपिक पदार्थों' की सूची में एक विशेष दवा को शामिल करने पर निर्णय ले।उल्लेखनीय है कि 'निर्मित ड्रग' को एनडीपीएस एक्ट की धारा 2 (xi) में परिभाषित किया गया है और इसमें सभी कोका डेरिवेटिव, मेडिसिनन कैनबीज़, ऑपियम डेरिवेटिव और...
अगर मुख्य आरोपी को समान आरोप के लिए समान गवाहों की गवाही पर विचार करते हुए बरी कर दिया जाता है तो सह-अभियुक्त को दोषी नहीं ठहराया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा है कि अगर मुख्य आरोपी को समान आरोप के लिए समान गवाहों की गवाही पर विचार करते हुए बरी कर दिया जाता है तो सह-अभियुक्त को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।न्यायमूर्ति सुरेश कुमार गुप्ता (Justice Suresh Kumar Gupta) की खंडपीठ ने देखा कि आईपीसी की धारा 364-ए [फिरौती के लिए अपहरण], धारा 34 के आरोपों को खारिज कर दिया, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के एक समूह की गवाही के आधार पर इस मामले के मुख्य आरोपी को निचली अदालत पहले ही बरी कर...
पटना हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय विरासत स्थल की खस्ताहालत पर केंद्र, बिहार सरकार से जवाब मांगा
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने वीर कुंवर सिंह (Veer Kunwar Singh) से संबंधित राष्ट्रीय धरोहर की खस्ताहालत को लेकर दा जनहित याचिका पर केंद्र व राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इसके साथ ही कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने कहा, "केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आज से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर जवाब सकारात्मक रूप से दाखिल किया जाए। उसका प्रत्युत्तर, यदि कोई हो, इसके बाद एक सप्ताह की अवधि के...
केवल 'भारतीय नागरिक' वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू कर सकते हैं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि केवल 'भारतीय नागरिक' माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत कार्यवाही शुरू कर सकते हैं।जस्टिस पी. कृष्णा भट की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"यह स्पष्ट है कि अधिनियम के प्रयोजनों के लिए 'वरिष्ठ नागरिक' नामित किए जाने के लिए आवश्यक तत्वों में से एक व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना है।"याचिकाकर्ता डेफनी ग्लेडिस लोबो ने यूनाइटेड किंगडम की स्थायी निवासी कैरोलीना फेराओ गुरेन द्वारा दायर शिकायत के आधार पर सहायक आयुक्त और अध्यक्ष, वरिष्ठ नागरिक...
'यह किस तरह का मामला है?': दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति रतन टाटा को 'भारत रत्न' देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) को 'भारत रत्न (Bharat Ratna)' देने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार किया। याचिका में देश के लिए टाटा की अमूल्य सेवा और बेदाग जीवन जीने का हवाला देते हुए पुरस्कार की मांग की गई थी। शुरुआत में, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यह फैसला अदालतों को नहीं करना है कि किसे पुरस्कार दिया जाना चाहिए।पीठ ने मौखिक रूप से कहा,"यह किस तरह का मामला है? क्या...
अनुकंपा नियुक्ति चयन प्रक्रिया के नियम का अपवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट ने विधवा को राहत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट हाल ही में एक विधवा को अनुकंपा नियुक्ति चयन प्रक्रिया में राहत दी। उक्त विधवा को मृत पति के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित कर दिया गया था। विधवा का पति एक शैक्षणिक परिसर में चपरासी का काम करता था।शिक्षा विभाग द्वारा पारित एक आदेश के तहत उसे लाभ से वंचित कर दिया गया। इसमें कहा गया कि नए स्टाफिंग पैटर्न को मंजूरी देने का प्रस्ताव सरकार के पास लंबित है और अभी तक सरकार से कोई मंजूरी नहीं मिली है।जस्टिस साधना एस. जाधव और जस्टिस एसजी डिगे की पीठ ने इस आदेश को रद्द करते हुए...
'आरोपी के शरीर पर 12 साल की पीड़िता के दांतों के निशान नहीं होना, उसे बरी करने का आधार नहीं हो सकता': हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में दोषी की सजा बरकरार रखी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (Himachal Pradesh High Court) ने 12 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में पॉक्सो कानून के तहत एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखते हुए मंगलवार को कहा कि यह जरूरी नहीं है कि 37 वर्षीय आरोपी व्यक्ति के चंगुल से खुद को छुड़ाने की कोशिश में 12 साल की बच्ची के काटने का शरीर पर चोट या दांतों के निशान पड़ सकते हैं।इन परिस्थितियों में, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी के शरीर पर बाहरी चोट, दांतों के निशान की अनुपस्थिति का कोई परिणाम नहीं होगा और यह आरोपी को...
पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में 11 साल की नाबालिग के रेप मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने केस डायरी और मेडिकल रिपोर्ट मांगी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को उत्तर 24-परगना के बशीरहाट के मटिया में 11 साल की नाबालिग लड़की के बलात्कार की भीषण घटना की जांच से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट के साथ केस डायरी की मांगी की।मामले की अगली सुनवाई चार अप्रैल को होगी।अदालत ने आगे आदेश दिया कि नाबालिग पीड़िता की वर्तमान मेडिकल स्थिति के बारे में अदालत को सूचित करते हुए रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जानी चाहिए।गुरुवार को लापता हुई 11 वर्षीय स्कूली छात्रा शुक्रवार को मटिया के एक पार्क के पास से बेहोशी की हालत में मिली। पुलिस की...
"लोकतंत्र पर सीधा हमला": सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पर हमले की एसआईटी जांच की मांग को लेकर AAP एमएलए ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर हमले और तोड़फोड़ की घटना की एसआईटी जांच की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।अपनी याचिका में आप विधायक भारद्वाज ने आरोप लगाया गया कि यह हमला "भारतीय जनता पार्टी के गुंडों" की आड़ में किया गया।उक्त हमले को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए अधिवक्ता भरत गुप्ता के माध्यम से दायर याचिका में हमले और इसके अपराधियों के संबंध में एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध आपराधिक जांच की मांग की गई। साथ...
पत्रकार राणा अय्यूब ने उन्हें देश छोड़ने से रोकने की प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
पत्रकार राणा अय्यूब (Journalist Rana Ayyub) ने उन्हें देश छोड़ने से रोकने की प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का दरवाजा खटखटाया है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ के समक्ष आज मामले का उल्लेख किया गया।अय्यूब के वकील ने यह कहते हुए जल्द से जल्द सूचीबद्ध करने की प्रार्थना की कि वह अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण लंदन और इटली की यात्रा पर जाने वाली है। उन्होंने कहा कि उन्हें कल (शुक्रवार) की फ्लाइट रे रवाना...
राजीव गांधी हत्याकांड: मद्रास हाईकोर्ट ने पूछा- क्या राज्यपाल ने सभी दोषियों की फाइलें राष्ट्रपति को भेजी थीं या केवल पेरारिवलन की फाइल भेजी गई थी
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार को यह पता लगाने का निर्देश दिया कि क्या राजीव गांधी हत्याकांड के सभी कैदियों को रिहा करने की सिफारिशें राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को भेजी गई थीं या केवल एजी पेरारिवलन की सिफारिश की गई थी।अदालत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी याचिकाकर्ता एस. नलिनी की अर्जी पर विचार कर रही थी।मामले की सुनवाई करते हुए, नलिनी के वकील राधाकृष्णन ने दोहराया कि आवेदक पूर्व रिहाई का पात्र है, लेकिन राज्यपाल ने 42 महीने बाद भी मंत्रिपरिषद की...
यदि समन के दौरान आरोपी जानबूझ कर अनुपस्थित नहीं था तो गैर-जमानती वारंट जारी करने के बाद भी उसे जमानत दी जा सकती है : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आरोपी को जमानत दी थी, जिस के खिलाफ समन जारी करने के दरमियान अनुपस्थिति के कारण गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। अदालत ने पाया कि आरोपी को समन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि उसने अपना निवास बदल लिया था और इसलिए निचली अदालत के समक्ष तारीखों पर पेश नहीं हो सका।याचिकाकर्ता की ओर से जमानत प्राप्त करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 439 के तहत आपराधिक याचिका दायर की गई थी।याचिकाकर्ता पर भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए और 307 के तहत अपराध का आरोप...
"न्यायालय वादियों की सुविधा के लिए हैं, अधिवक्ताओं की नहीं" : बॉम्बे हाईकोर्ट ने वाई में कोर्ट स्थापित करने के खिलाफ दायर बार एसोसिएशन की याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के वाई शहर में एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत और एक सिविल जज की अदालत स्थापित करने के फैसले(हाईकोर्ट द्वारा) का विरोध करते हुए सतारा जिला बार एसोसिएशन की तरफ से दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया है। एसोसिएशन ने कहा था कि इस फैसले से न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और वादियों को काफी परेशानी होगी। रिट याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस जी.एस.पटेल और जस्टिस माधव जे जामदार की बेंच ने कहा, ''इस याचिका के साथ वास्तविक कठिनाई यह है कि इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि...
सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच को कैजुअल तरीके से नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एक सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच को एक कैजुअल एक्सर्साइज के रूप में नहीं माना जाना चाहिए और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न केवल न्याय किया जाता है बल्कि स्पष्ट रूप से किया हुआ दिखता भी है।जस्टिस योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा न्यायाधिकरण, लखनऊ के एक आदेश को बरकरार रखा, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा प्रतिवादी संख्या 2 (मृतक सरकारी कर्मचारी) के खिलाफ पारित सजा के...

















