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[सैनिक फार्म] अगर कोई इमारत ढह जाती है और लोग मर जाते हैं तो कौन जिम्मेदार होगा?: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को मरम्मत कार्यों की अनुमति देने पर विचार करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को केंद्र के उस फैसले पर आपत्ति जताई, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत रूप से बनाई गई "समृद्ध कॉलोनियों" जैसे सैनिक फार्मों में मौजूदा संरचनाओं में मरम्मत कार्य करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने सैनिक फार्म में क्षेत्र विकास समिति के संयोजक रमेश दुगर की क्षेत्र में कॉलोनियों को नियमित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए करते हुए मौखिक रूप से टिप्पणी की,"क्या होगा अगर कल कुछ...
पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा मामला: राज्य के आरोप NHRC ने कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के बावजूद खुद का पैनल बनाया, कलकत्ता हाईकोर्ट ने आयोग से जवाब मांगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा लगाए गए आरोप पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से जवाब मांगा कि चुनाव के बाद हुई हिंसा की शिकायतों को देखने के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन के न्यायालय के पहले के आदेश के विपरीत पश्चिम बंगाल में पीड़ितों के लिए एनएचआरसी ने 11 सदस्यों की टीम का गठन किया गया।अदालत ने सुनवाई की पिछली तिथि पर इस आरोप की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के कारण 303 से अधिक पीड़ितों को विस्थापित किया गया है,...
करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के लिए दर्ज कई एफआईआर में आरोपी महिला को सीआरपीसी की धारा 437 जमानत का पूर्ण अधिकार नहीं देता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने एक ऐसे मामले की सुनवाई की जहां याचिकाकर्ताओं पर साजिश रचने और कई पीड़ितों से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), मानेसर के साथ निविदा उपलब्ध कराने के बहाने निर्दोष व्यक्तियों को लुभाने के लिए 167 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। कोर्ट ने मामले में कहा कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं, और उन्हें नियमित जमानत देने के लिए कोई आधार नहीं बनाया गया है।जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान की पीठ ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता धारा...
मोयनागुरी यौन उत्पीड़न मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने जब्ती गवाहों के हस्ताक्षर के कथित निर्माण की जांच का आदेश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को आईपीएस अधिकारी अमित पी. जवालगी को मोयनागुरी यौन उत्पीड़न मामले से संबंधित जब्ती गवाहों के हस्ताक्षर के निर्माण से संबंधित आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने साथ ही कहा कि कानून के अनुसार यदि आवश्यक हो तो संबंधित जांच अधिकारी को बदलने के लिए वह स्वतंत्रता हैं।पश्चिम बंगाल के मोयनागुरी में आठवीं कक्षा की लड़की के बलात्कार के प्रयास का अपराध किए जाने के बाद आत्महत्या कर लेने के मामले में यह निर्देश दिया गया है। बलात्कार के प्रयास के संबंध में पुलिस शिकायत...
सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी को धर्म संसद अभद्र भाषा मामले में मेडिकल आधार पर तीन महीने के लिए जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हरिद्वार धर्म संसद में कथित तौर पर मुस्लिम विरोधी भड़काऊ भाषण देने के मामले में जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को तीन महीने के लिए जमानत दे दी। अदालत ने हालांकि त्यागी को यह अंडरटैकिंग देने का निर्देश दिया कि वह अभद्र भाषा में शामिल नहीं होंगे और इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल/सोशल मीडिया पर कोई बयान नहीं देंगे।जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के आठ मार्च के आदेश को चुनौती देते हुए त्यागी द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका में निर्देश जारी...
मानहानि | मजिस्ट्रेट धारा 500 के तहत अपराध के बारे में शिकायत को धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत जांच के लिए पुलिस को नहीं भेज सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 156 (3) के तहत शुरू की गई एक कार्यवाही को रद्द कर दिया। मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499, 500 के तहत मानहानि के लिए दायर शिकायत को आगे की जांच के लिए पुलिस को भेज दिया था।हाईकोर्ट ने ऐसा करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी बनाम युनियन ऑफ इंडिया, (2016) 7 SCC 221 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा किया, जिसमें यह माना गया था कि जब शिकायतकर्ता द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष की गई शिकायत में आईपीसी...
समलैंगिक विवाह: दिल्ली हाईकोर्ट ने लाइव स्ट्रीमिंग का विरोध करने वाले केंद्र के हलफनामे में 'आपत्तिजनक टिप्पणियों' पर नाराजगी जताई
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने देश में समलैंगिक विवाहों (Same Sex Marriage) की मान्यता और पंजीकरण से संबंधित मामले में कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का विरोध करने वाले केंद्र सरकार के हलफनामे में की गई "आपत्तिजनक टिप्पणियों" पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।केंद्र ने दावा किया कि आवेदक मामले का "अनावश्यक प्रचार" करने का प्रयास कर रहा है और उसका एकमात्र इरादा जनहित में "भ्रम पैदा करना" और मामले को "सनसनीखेज" बनाना है।याचिकाकर्ताओं के सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल ने अपनी पीड़ा व्यक्त की और प्रस्तुत...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस अमजद ए सईद को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अमजद ए सईद के नाम की सिफारिश की है। वर्तमान में जस्टिस अमजद ए. सैयद बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। 21 जनवरी, 1961 को जन्मे जस्टिस सैयद ने वर्ष 1984 में बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वह केंद्र सरकार, बॉम्बे हाईकोर्ट (Senior Counsel Group-I) के पैनल में थे। वह बॉम्बे हाईकोर्ट में सहायक सरकारी वकील भी रहे।वह भारत सरकार/राज्य सरकार की ओर से मैंग्रोव, कचरा...
'कस्टडी में रहते हुए कई बीमारियों से पीड़ित हो गया': कलकत्ता हाईकोर्ट ने बोलने और सुनने में पूरी तरह असमर्थ एनडीपीएस आरोपी को जमानत दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में सीआरपीसी की धारा 439 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग किया और एक आरोपी को जमानत दी। कोर्ट ने ध्यान दिया गया कि आरोपी बोलने और सुनने में पूरी तरह असमर्थ है और हिरासत में रहते हुए कई शारीरिक बीमारियों से पीड़ित हो चुका है।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य और जस्टिस केसांग डोमा भूटिया की एक पीठ याचिकाकर्ता की जमानत याचिका पर फैसला सुना रही थी। उस पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत अपराध का आरोप था।अदालत ने कहा कि...
माता मृकुला देवी मंदिर का जीर्णोद्धार | हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एएसआई को मंदिर इंस्पेक्शन पूरा करने के लिए 15 दिन का समय दिया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को 11 वीं शताब्दी में निर्मित मंदिर माता मृकुला देवी में इंस्पेक्शन कार्य पूरा करने का आदेश दिया है, जो राज्य के लाहौल जिले में स्थित है।गौरतलब है कि कोर्ट ने वर्ष 2020 में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुल्लू द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए माता मृकुला देवी मंदिर की बिगड़ती स्थिति का विवरण प्रस्तुत करने के बाद स्वत: संज्ञान लेते हुए मुकदमा शुरू किया था।चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस संदीप शर्मा की पीठ ने 21 अप्रैल को...
सीआरपीसी की धारा 313- 'आरोपी को उसके खिलाफ सबूतों में आने वाली किसी भी परिस्थिति को व्यक्तिगत रूप से स्पष्ट करने का अवसर दिया जाना चाहिए': कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने शुक्रवार को कहा कि सीआरपीसी की धारा 313 के तहत एक आरोपी की जांच करते समय, अभियोजन पक्ष का यह अनिवार्य दायित्व है कि वह आरोपी को उसके खिलाफ सबूतों में आने वाली किसी भी परिस्थिति को व्यक्तिगत रूप से समझाने का अवसर दे।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य ने महेश्वर तिग्गा बनाम झारखंड राज्य में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी भरोसा किया। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि सीआरपीसी की धारा 313 के तहत किसी आरोपी के लिए परिस्थितियों का इस्तेमाल उसके खिलाफ नहीं किया जा सकता है...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई के पूर्व प्रमुख एम नागेश्वर राव का ट्विटर वैरिफिकेशन टैग हटाने के खिलाफ दायर याचिका जुर्माने के साथ खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर के वैरिफिकेशन टैग (नाम के साथ ब्ल्यू टिक) हटाने के फैसले के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो के पूर्व प्रमुख और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एम नागेश्वर राव द्वारा दायर याचिका 10,000 रुपए के जुर्माने के साथ खारिज कर दी। जस्टिस यशवंत वर्मा का विचार था कि राव को वैरिफिकेशन के लिए फिर से आवेदन करने की स्वतंत्रता देकर, 7 अप्रैल, 2022 के आदेश के द्वारा समान प्रार्थनाओं वाली याचिका का निपटारा किया जा चुका है।नतीजतन राव ने उक्त आदेश के अनुपालन में...
आईपीसी/आरपीसी अपराधों के संबंध में बैंक अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए किसी पूर्व स्वीकृति की आवश्यकता नहीं: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि आईपीसी/आरपीसी के तहत अपराधों के संबंध में बैंक अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए पूर्व मंजूरी लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।जस्टिस संजय धर की खंडपीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता बैंक के अधिकारियों की नियुक्ति और हटाने का अधिकार सरकार का नहीं है, बल्कि यह भारतीय स्टेट बैंक का सक्षम प्राधिकारी है जिसे ऐसा करने का अधिकार है। इसलिए, सीआरपीसी की धारा 197 बैंक अधिकारियों के मामले में लागू नहीं होती है।संक्षेप में मामलाप्रतिवादी-शिकायतकर्ता द्वारा मुख्य न्यायिक...
रिटायरमेंट के बाद गोद लिए गए बच्चे को पारिवारिक पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक सरकारी कर्मचारी की दत्तक बेटी की याचिका पर विचार करते हुए ने कहा कि दत्तक पोस्ट-रिटायरमेंट दत्तक को पारिवारिक पेंशन के लाभ से वंचित करने का आधार नहीं होगी। उक्त लड़की का परिवार पेंशन के लाभ के लिए आवेदन को उसके पिता की सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद गोद लिए जाने के एकमात्र आधार पर खारिज कर दिया गया था।कोर्ट ने कहा कि केवल इसलिए कि पोस्ट-रिटायरमेंट के बाद बच्चा गोद लिया गया है, जो मुख्य रूप से निर्भरता के लिए और युगल के बुढ़ापा के सहारा के लिए है। यह उक्त बच्चे को...
लिक्विडेटेड डैमेज पर डिफरमेंट चार्ज की वसूली का कोई सवाल ही नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
जस्टिस विभु बाखरू की एकल पीठ ने माना कि स्थगन शुल्क को अलग-अलग शुल्क के रूप में देय नहीं माना जा सकता है, भले ही परिसमापन हर्जाना (Liquidated Damages) देय हो या नहीं।कोर्ट ने माना कि ये केवल तभी देय होंगे जब परिसमापन हर्जाना को देय माना जाएगा।याचिकाकर्ता (एचवीपीएनएल) ने इस आधार पर अवार्ड का विरोध किया कि मध्यस्थ न्यायाधिकरण ने प्रतिवादी (कोबरा) के दावे को उसके द्वारा लगाए गए परिसमापन हर्जाना पर लगाए गए डिफरमेंट चार्ज (Deferment Charge) की वापसी के लिए अनुमति देने में गलती की।एचवीपीएनएल ने तर्क...
सीपीसी का आदेश XVA | अदालत के निर्देश पर किराए के भुगतान में महज चूक करना ही दोषी किरायेदार के बचाव को निरस्त करने को सही नहीं ठहराता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश XVA(1) के तहत कोर्ट द्वारा निर्देशित किराये के भुगतान में महज चूक, वास्तव में, डिफ़ॉल्ट किरायेदार के बचाव को दरकिनार करने वाला आदेश पारित करने को सही नहीं ठहरा सकती है।न्यायमूर्ति सी हरि शंकर, ट्रायल कोर्ट द्वारा दीवानी वाद में पारित 07 दिसंबर, 2019 के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता प्रतिवादी था और प्रतिवादी वादी था।आक्षेपित आदेश में याचिकाकर्ता द्वारा सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी)...
सेवानिवृत्ति के बाद गोद लिए गए बच्चे को पारिवारिक पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने एक सरकारी कर्मचारी की दत्तक बेटी की याचिका पर विचार करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद गोद लिए बच्चे को पारिवारिक पेंशन के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता है। दत्तक बेटी के परिवारिक पेंशन के लाभ के लिए किए गए आवेदन को उसके पिता की सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद गोद लिए जाने के एकमात्र आधार पर खारिज कर दिया गया था।पीठ ने कहा कि केवल इसलिए कि सेवानिवृत्ति के बाद गोद लिया है जो मुख्य रूप से निर्भरता प्रदान करने के उद्देश्य से है और कपल...
36 साल के बाद आरोपियों को दोषी ठहराने से सुविधा का संतुलन बिगड़ेगा और अधिक अन्याय होगा: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने आईपीसी की धारा 147/380/427 (दंगा करने की सजा, आवास में चोरी, नुकसान पहुंचाने वाली शरारत) के तहत एक आपराधिक मामले के संबंध में बरी करने के आदेश को रद्द कर दिया।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य का विचार था कि आरोप तय होने के 36 साल के अंतराल के बाद दोषसिद्धि का आदेश पारित करने से सुविधा का संतुलन बिगड़ जाएगा और अन्याय होगा, खासकर तब जब आरोपी ने अपील में प्रतिनिधित्व भी नहीं किया हो।तदनुसार, इसने मामले को पुन: विचार के लिए ट्रायल कोर्ट को भेज दिया।पीठ मई 1980 में...
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र को 'दहेज कैलकुलेटर' वेबसाइट के मालिक को ब्लॉकिंग ऑर्डर और फैसले के बाद सुनवाई की कॉपी देने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह वेबसाइट 'दहेज कैलकुलेटर' के मालिक और निर्माता तनुल ठाकुर को ओरिजनल ब्लॉकिंग ऑर्डर के साथ-साथ निर्णय के बाद सुनवाई की कॉपी दे, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा सितंबर 2018 में ब्लॉक कर दिया गया था।जस्टिस मनमोहन और जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा की खंडपीठ ने ब्लॉकिंग नियम, 2009 के तहत एमईआईटीवाई द्वारा गठित समिति को 23 मई, 2022 को दोपहर 3 बजे ठाकुर के वकील को निर्णय के बाद सुनवाई करने का निर्देश...
अटॉर्नी जनरल का तोहफा: 12 लाख रुपये से अधिक कीमत की किताबें अमेरिका से केरल यूनिवर्सिटी पहुंची
केरल यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी अब पेटेंट कानून पर एक आधिकारिक किताबों से समृद्ध है। इन किताबों की कीमत 12 लाख रुपये से अधिक है, भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने ये किताबें तोहफे में दी हैं, जिसके लिए यूनिवर्सिटी में उनका शुक्रिया अदा किया जा रहा है। डोनाल्ड एस चिसुम द्वारा लिखित पुस्तक "चिसम ऑन पेटेंट्स" ("Chisum on Patents") के 54 वॉल्यूम रविवार को तिरुवनंतपुरम में यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी मेंपहुंचे। पेटेंट कानून में सबसे उद्धृत ग्रंथ, इन किताबों की कीमत US $15,894.00 (भारतीय मुद्रा में...

















