मुख्य सुर्खियां
हनुमान चालीसा केस के बारे में मीडिया से बात नहीं की: नवनीत राणा और रवि राणा ने गैर-जमानती वारंट जारी करने का विरोध किया, राजद्रोह पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत लाभ का दावा किया
सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackery) के निजी आवास के बाहर हनुमान चालीसा का जाप करने के लिए उनके खिलाफ राजद्रोह (Sedition) की प्राथमिकी में जमानत की शर्तों के उल्लंघन से इनकार किया है।मुंबई की स्पेशल कोर्ट के समक्ष एक हलफनामे में दंपति ने दावा किया कि वे केवल न्यायिक हिरासत में 12 दिनों की अपनी न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान बीएमसी द्वारा उनके घर के बाहर पोस्ट किए गए नोटिस के बारे में बात कर रहे थे।उन्होंने राजद्रोह पर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में बर्गर किंग के पक्ष में एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा दी
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हाल ही में प्रतिवादियों के खिलाफ दायर ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में 'बर्गर किंग' के पक्ष में एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि वे इसके पंजीकृत ट्रेडमार्क का दुरुपयोग कर रहे हैं और 'बर्गर किंग' ट्रेडमार्क को शामिल करने वाले डोमेन नामों को पंजीकृत करने में भी संलग्न हैं और इनकी अनुमति और प्राधिकरण के बिना फर्जी वेबसाइटों का संचालन किया जा रहा है।जस्टिस ज्योति सिंह ने इस प्रकार प्रतिवादियों को विज्ञापन देने, किसी भी सामान या...
मद्रास हाईकोर्ट ने चाइल्ड कस्टडी मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार पर निर्णय लेने के लिए फुल बेंच का गठन किया
मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी ने चाइल्ड हिस्ट्री एंड गार्जियनशिप मैटर्स पर परिवार न्यायालय अधिनियम, 1984 के तहत निर्णय लेने के लिए ओरिजनल साइड पर हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र से संबंधित प्रश्न की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के पांच न्यायाधीशों की फुल बेंच का गठन किया है।फुल बेंच का हिस्सा बनने वाले पांच जजों में जस्टिस पी.एन. प्रकाश, जस्टिस आर महादेवन, जस्टिस एम सुंदर, जस्टिस एन. आनंद वेंकटेश और जस्टिस एए नक्किरन हैं।फुल बेंच का संदर्भ जस्टिस एए नक्कीरन, जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस...
मतदाता सूची में नाम का जोड़ना/नाम हटाना असाधारण परिस्थिति नहीं है, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हस्तक्षेप की आवश्यकता हो : गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया
गुजरात हाईकोर्ट ने दोहराया कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाना संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट के असाधारण क्षेत्राधिकार का आह्वान करने वाली "असाधारण परिस्थिति" नहीं है। कोर्ट ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति को नियम 28 के तहत चुनाव याचिका दायर करके वैधानिक उपाय का लाभ उठाना चाहिए।जस्टिस बीरेन वैष्णव और जस्टिस संदीप भट्ट की पीठ ने एकल न्यायाधीश द्वारा की गई निम्नलिखित टिप्पणियों की पुष्टि की,"एक बार चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत यह न्यायालय...
पति के पॉवर ऑफ अटॉर्नी होल्डर की असुविधा पत्नी द्वारा मांगे गए ट्रांसफर से इनकार का आधार नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना है कि पति के पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर की असुविधा फैमिली कोर्ट (चाहे पुरुष हो या महिला) के समक्ष लंबित मामले में पत्नी द्वारा मांगे गए ट्रांसफर से इनकार करने का कारण नहीं है।जस्टिस ए बधरुद्दीन ने कहा कि एक पॉवर ऑफ अटॉर्नी की नियुक्ति के जरिए एक प्रिंसिपल ने अपने मामले का संचालन करने के लिए एक एजेंट की नियुक्ति किया है और ऐसा एजेंट प्रतिवादी के लिए और उसकी ओर से प्रतिवादी के मामले को लड़ने ओर यात्रा करने में सक्षम कोई भी हो सकता है।कोर्ट ने कहा, " किसी को भी एक एजेंट की...
धारा 100 सीपीसी | "कानून का महत्वपूर्ण प्रश्न" वह है, जो पार्टियों के बीच मामले में निर्णय को प्रभावित करता है: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दूसरी अपील का दायरा समझाया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि दूसरी अपील उन मामलों में होगी, जिनमें कानून का महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हो। कोर्ट ने समझाया कि 'कानून के प्रश्न' से पहले 'महत्वपूर्ण' शब्द मामले में शामिल हितों को संदर्भित नहीं करता, न ही सामान्य महत्व के कानून के प्रश्नों को संदर्भित करने करता, बल्कि पार्टियों के बीच मामले में निर्णय पर कानून के प्रश्न के प्रभाव या परिणाम को संदर्भित करता है।जस्टिस देवाशीष बरुआ ने कहा,''कानून का महत्वपूर्ण प्रश्न'' का अर्थ न केवल सामान्य महत्व का 'कानून का महत्वपूर्ण...
दिल्ली हाईकोर्ट में नौ नए जजों ने ली शपथ, जजों की संख्या बढ़कर 44 हुई
दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को नौ नए न्यायाधीशों ने शपथ ली। इससे बाद दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी ने नव नियुक्त न्यायाधीशों को शपथ दिलाई।नए न्यायाधीश (वरिष्ठता के क्रम में) हैं:- सुश्री तारा वितस्ता गंजु- श्रीमती मिनी पुष्करण- श्री विकास महाजनी- श्री तुषार राव गेदेला- श्रीमती मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा- मिस्टर सचिन दत्ता- श्री अमित महाजनदिल्ली हाईकोर्ट वर्तमान में 60 पदों की स्वीकृत शक्ति के मुकाबले 35 न्यायाधीशों की कार्यशील शक्ति के साथ...
एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अपराध के लिए यह आवश्यक कि डिसऑनर्ड चेक खाताधारक ने अपने नाम और हस्ताक्षर से जारी किया होः मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने दोहराया है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रयूमेंट एक्ट (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत अपराध के लिए खाताधारक द्वारा अपने नाम और हस्ताक्षर के तहत डिसऑनर्ड चेक जारी किया जाना चाहिए।जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह ने कहा कि केवल उस खाताधारक को ही जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिस खाते से चेक ड्रा किया गया है और इस तरह के दोष को अन्य लोगों तक नहीं बढ़ाया जा सकता है, सिवाय जैसा कि धारा 141 एनआई एक्ट के तहत प्रावधान किया गया है, जो कंपनी या पार्टनरशिप द्वारा और उसकी ओर से अपराधों से संबंधित है, जहां चेक...
शिकायतकर्ता महिला की उम्र 58 वर्ष से कम होने पर वरिष्ठ नागरिक मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल का अधिकार क्षेत्र लागू नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत वरिष्ठ नागरिक होने का दावा करने वाली महिला द्वारा दायर भरण-पोषण याचिका के जवाब में पारित अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के आदेश रद्द करते हुए कहा कि मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल अपने अधिकार क्षेत्र को इस कारण से लागू नहीं कर सकता कि महिला की आयु प्रासंगिक तिथि यानी ऐसे ट्रिब्यूनल के समक्ष कार्यवाही की स्थापना की तारीख को 58 वर्ष से कम थी।जस्टिस अरुण मोंगा की खंडपीठ ने आक्षेपित आदेश को रद्द कर दिया। उन्होंने कहा...
'वकील न्याय वितरण प्रणाली का हिस्सा और पार्सल': पटना हाईकोर्ट ने सभी न्यायालयों में एडवोकेट्स के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा
पटना हाईकोर्ट ने राज्य की सभी अदालतों में वकीलों और उनके मुवक्किलों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कानूनी प्रभारी सचिव को छह सप्ताह के भीतर इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने एडवोकेट रमाकांत शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया,प्रभारी सचिव कानून सभी हितधारकों के साथ बैठक कर प्रदेश के वकीलों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना तैयार करेंगे।अदालत ने देखा...
हिरासत में यातना: कलकत्ता हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के आरोपी को जमानत दी, सीसीटीवी फुटेज की जांच और संरक्षण के आदेश दिए
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने मंगलवार को एक आरोपी को जमानत दे दी, जिसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस एक्ट) के तहत कार्यवाही शुरू की गई थी, यह ध्यान में रखते हुए कि उसे हिरासत में रहते हुए यातना का सामना करना पड़ा था।कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक, मुर्शिदाबाद को आरोपी के खिलाफ लगे प्रताड़ना के आरोपों की तुरंत जांच करने और सुनवाई की अगली तारीख पर इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।जस्टिस राजशेखर मंथा आरोपी की पत्नी द्वारा दायर एक...
कृष्णा जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद- मस्जिद परिसर को सील करने की प्रार्थना करते हुए 2 वकीलों ने मथुरा की स्थानीय कोर्ट का रुख किया
विवादित ईदगाह मस्जिद परिसर को सील करने की प्रार्थना के साथ मथुरा की स्थानीय अदालत में आवेदन दायर किया गया है। यह आवेदन एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह और राजेंद्र माहेश्वरी ने दायर की है।आवेदन में दावा किया गया है कि अगर विवादित परिसर को सील नहीं किया गया, तो संपत्ति का धार्मिक चरित्र बदल जाएगा।आवेदन में यह भी मांग की गई है कि शाही ईदगाह मस्जिद परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जाए, किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगाई जाए और सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट अब इस याचिका पर एक...
आत्महत्या का हर किसी का अलग-अलग पैटर्न, प्रतीत होता है कि मृतक हाइपर-सेंसिटिव थी: झारखंड हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप रद्द किए
झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में एक आवेदक-आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को खारिज करते हुए, अलग-अलग व्यक्तियों के अलग-अलग "आत्महत्या के पैटर्न" पर जोर दिया और कहा कि प्रतीत होता है कि मौजूदा मामले में मृतक 'अति-संवेदनशील' था और अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर सकता था, जिसके चलते उसने इतना बड़ा कदम उठाया।जस्टिस एनके चद्रवंशी ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं था, जो प्रथम दृष्टया यह दर्शाता हो कि आवेदक ने उसे किसी भी तरह से परेशान किया या कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्य किया...
'फ्रीबी से यह अलग नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनावी घोषणापत्र में 'नकद लाभ' का वादा करने वाले राजनीतिक दलों की प्रैक्टिस के खिलाफ दायर याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनावों के दरमियान वोट के बदले नोट की पेशकश की राजनीतिक दलों की कथित प्रैक्टिस के खिलाफ दायर एकजनहित याचिका को खारिज कर दिया है।कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ का विचार था कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही एस सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु राज्य में विचार कर चुका है, और मौजूदा मामला अलग नहीं है।सुब्रमण्यम बालाजी (सुप्रा) में, राजनीतिक दलों द्वारा चुने जाने पर मतदाताओं को फ्रीबीज़ देने का मुद्दा उठाया गया था। उक्त फैसले में सुप्रीम कोर्ट...
केवल आतंकवादी संगठन के साथ संबंध यूएपीए के तहत अपराध नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रतिबंधित संगठन को रंगदारी देने के कथित मामले में जमानत दी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि एक आतंकवादी संगठन के साथ एक सदस्य के रूप में संबंध या अन्यथा धारा 38 के तहत अपराध को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा, जब तक कि साथ के जरिए संगठन अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का इरादा नहीं रखता है।इन्हीं टिप्पणियों के साथ जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस रजनी दुबे की खंडपीठ ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1967 के तहत दो आरोपियों को जमानत प्रदान की। उन पर सड़क निर्माण कार्य के लिए प्रतिबंधित संगठनों को रंगदारी देने के आरोप थे।सुदेश केडिया बनाम...
स्कूल चेयरमैन द्वारा "नालायक, झोपडपट्टी-छाप" कहे जाने के बाद लड़के ने फांसी लगाई : बॉम्बे हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में स्कूल चेयरमैन और अनुशासनात्मक प्राधिकारी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उसने "कोमल दिमाग को चकनाचूर कर दिया" और "उसे गहरी निराशा में डाल दिया।"जस्टिस विनय जोशी ने पिछले महीने आदेश में कहा था कि युवा छात्र ने आवेदक के कृत्य के कारण अपनी जान गंवा दी और उस मामले के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है, जहां जांच जारी है।उन्होंने कहा,"गवाहों के बयान के अनुसार, आवेदक ने मृतक नाबालिग...
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण : वाराणसी कोर्ट ने मीडिया में जानकारी लीक करने पर कोर्ट कमिश्नर को हटाया, रिपोर्ट जमा करने के लिए दिया दो दिन का समय
वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को दोनों कोर्ट कमिश्नर को ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो दिन का समय दिया। हालांकि कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर एडवोकेट अजय मिश्रा को हटाने का आदेश दिया है।सर्वे की जानकारी मीडिया में लीक करने के आरोप में एडवोकेट मिश्रा को पद से हटा दिया गया है। अब बाकी दो कमिश्नर सर्वे रिपोर्ट सौंपेंगे।इससे पहले आज विशेष कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर के समक्ष एक आवेदन दिया था जिसमें विवादित स्थल के सभी...
पटना हाईकोर्ट ने विधि सचिव को छह सप्ताह के भीतर सभी अदालतों में वकीलों,क्लाइंटों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने राज्य की सभी अदालतों में वकीलों और उनके क्लाइंट के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए विधि सचिव को छह सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने एडवोकेट रमाकांत शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया,"विधि सचिव सभी हितधारकों के साथ बैठक कर पूरे राज्य के वकीलों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजना तैयार करें।"कोर्ट ने कहा कि...
अगर सड़कों के बीच में धार्मिक ढांचे आ गए तो सभ्य समाज कैसे बचेगा?: दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को स्पष्ट स्टैंड लेने के लिए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को बिना किसी अनुमति या प्रतिबंधों के सड़कों के बीच में धार्मिक संरचनाओं (स्ट्रक्चर) के बड़े पैमाने पर निर्माण पर गंभीर चिंता व्यक्त की।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने सरकार से कहा:"एक सभ्य समाज इस तरह कैसे चलेगा, अगर सड़क के बीच में चीजें आ रही हैं? आपको स्पष्ट तौर पर संदेश देना होगा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आपको मजबूती से सड़क पर उतरना चाहिए और अतिक्रमण करने वाले को वहां से हटाना चाहिए।"बेंच एडवोकेट एसडी विंडलेश द्वारा दायर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉपीराइट अधिनियम की धारा 52(1)(za) के तहत विवाह समारोहों में साउंड रिकॉर्डिंग के उचित उपयोग में सहायता के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की
दिल्ली हाईकोर्ट ने डॉ. अरुल जॉर्ज स्कारिया को विवाह समारोहों और शादियों में साउंड रिकॉर्डिंग के उचित उपयोग और व्यवहार की सीमा तक कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 52(1)(za) की व्याख्या में सहायता करने के लिए एक्सपर्ट के रूप में नियुक्त किया है।डॉ. स्कारिया नेशलन लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में कानून और सह-निदेशक, सेंटर फॉर इनोवेशन, आईपी और प्रतियोगिता के एसोसिएट प्रोफेसर हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह का विचार था कि उठाए गए मुद्दे का गीतकारों, संगीतकारों, गायकों, साउंड रिकॉर्डिंग निर्माताओं और मालिकों जैसे...


















