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[NEET-UG 2021] तकनीकी खराबी के कारण गलती से सफल घोषित किए गए उम्मीदवारों के पक्ष में कोई निहित अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एनईईटी-यूजी (NEET-UG) परीक्षा 2021 के संबंध में तीन उम्मीदवारों को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसा कोई अधिकार नहीं है जो उनके पक्ष में निहित हो क्योंकि उन्हें तकनीकी खराबी के कारण गलती से "सफल" घोषित कर दिया गया था।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,"विचार के लिए यह सवाल उठता है कि क्या याचिकाकर्ताओं के पक्ष में अधिकार निहित है, जिन्हें तकनीकी गड़बड़ी के कारण गलती से सफल उम्मीदवार घोषित कर दिया गया था। इस प्रश्न का उत्तर नकारात्मक होना चाहिए, क्योंकि किसी भी...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्नी की विवाह रद्द करने की याचिका खारिज की, पत्नी ने किया था नशीला पदार्थ देकर विवाह कराने का दावा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि धोखाधड़ी के आधार पर विवाह को रद्द करने की याचिका धोखाधड़ी का पता चलने के एक साल के भीतर पेश की जानी चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता महिला को मामले में राहत देने से इनकार कर दिया। महिला का दावा था कि उसे दिसंबर 2011 में नशीला पदार्थ देकर उसके विवाह स्थल से उसका अपहरण कर लिया गया था।जस्टिस केआर श्रीराम और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने कहा कि "कोई भी समझदार व्यक्ति उसके बयान पर विश्वास नहीं करेगा" कि मुंबई जैसे शहर में एक शिक्षित स्वतंत्र महिला को प्रसाद...
गैर-बाध्यकारी मध्यस्थता समझौते के आधार पर ए एंड सी अधिनियम की धारा 8 को लागू नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि पक्षकारों के बीच समझौते से 'गैर-बाध्यकारी' मध्यस्थता का रास्ता बना, हालांकि पक्षकारों का मध्यस्थता समझौता करने का कोई इरादा नहीं था, इस कारण उक्त समझौते को मध्यस्थता समझौता नहीं कहा जा सकता।जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की एकल पीठ ने माना कि चूंकि समझौते में संबंधित खंड के तहत पक्षकार सिविल कोर्ट के समक्ष मुकदमेबाजी शुरू करने के लिए स्वतंत्र है, इसलिए, उक्त खंड स्पष्ट रूप से एक मध्यस्थता समझौते से अलग हो गया। इस कारण याचिकाकर्ता द्वारा दायर वसूली का मुकदमा निचली अदालत...
पेंशन योजना का दावा सेवा में आने की तिथि से किया जा सकता है, नियमित नियुक्ति की स्वीकृति की तिथि से नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि शिक्षकों के पेंशन लाभों पर विचार करते समय प्रासंगिक तिथि वह तिथि होगी जिस दिन शिक्षक ने सेवा में प्रवेश किया था, न कि वह तिथि जिस पर वास्तव में नियुक्ति की पुष्टि हुई थी। जस्टिस एस वैद्यनाथन और जस्टिस एन माला ने वी वसंती बनाम तमिलनाडु राज्य के फैसले पर भरोसा किया, जहां इसी तरह के तथ्यों पर, अदालत ने माना था कि शिक्षकों की सेवा अवधि नियुक्ति की तारीख से शुरू होती है, न कि अनुमोदन की तारीख से, भले ही मौद्रिक लाभ प्रशिक्षण पूरा होने की तारीख से ही मिलना शुरू हो...
केरल हाईकोर्ट ने सहकर्मी के यौन उत्पीड़न के आरोप में सीजीसी द्वारा दायर जमानत याचिका को अनुमति दी
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के वकील नवनीत एन नाथ द्वारा उनके खिलाफ उनके सहयोगी द्वारा दर्ज किए गए यौन उत्पीड़न मामले में जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने कुछ शर्तों के अधीन जमानत दी।कोर्ट ने यह देखते हुए जमानत दी कि हालांकि उनके खिलाफ कथित अपराध गंभीर हैं। फिर भी यह असंभव है कि वह न्याय से भाग जाएंगे, क्योंकि उन्हें केंद्र सरकार का वकील कहा जाता है।याचिकाकर्ता को पिछले महीने सहकर्मी द्वारा यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार किया गया था। सहकर्मी...
हाईकोर्ट अपनी प्रत्यावर्तन शक्ति से ट्रायल कोर्ट के दिन-प्रतिदिन के मामलों को नियंत्रित नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट अपनी पुनरीक्षण शक्ति का प्रयोग ट्रायल कोर्ट के दिन-प्रतिदिन के मामलों को नियंत्रित करने के रूप में नहीं कर सकता।न्यायालय 2 मई, 2022 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उक्त आदेश में ट्रायल कोर्ट ने स्थानीय आयुक्त की नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता के अनुरोध को खारिज कर दिया था।जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा का विचार था कि अदालतों में लंबित मामलों के कारण मामलों के शीघ्र निपटान के लिए साक्ष्य दर्ज करने के लिए स्थानीय आयुक्त की नियुक्ति की प्रथा को...
प्यूबर्टी की आयु प्राप्त करने वाली नाबालिग मुस्लिम लड़की पर POCSO एक्ट लागू होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने इस तर्क को खारिज कर दिया है कि मुस्लिम कानून (Muslim Law) के अनुसार पीड़िता यौवन (Puberty) की आयु प्राप्त कर चुकी है। इसलिए इस मामले में POCSO अधिनियम लागू नहीं होगी।जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि पोक्सो अधिनियम के उद्देश्य के बयान में कहा गया है कि अधिनियम का उद्देश्य बच्चों की कम उम्र को सुरक्षित करना है और यह सुनिश्चित करना है कि उनके साथ दुर्व्यवहार न हो और उनके बचपन और युवाओं को शोषण से बचाया जाए।इस दलील पर सहमति जताते हुए कि पोक्सो 18 साल से कम उम्र के...
'एसीबी जनहित पर विचार करने में विफल': कर्नाटक हाईकोर्ट बेंगलुरू अर्बन के पूर्व कमिश्नर से जुड़े रिश्वत मामले की निगरानी के लिए "मजबूर"
कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा बेंगलुरु अर्बन (शहरी) के पूर्व कमिश्नर से जुड़े रिश्वत मामले की जांच की निगरानी करेगा, क्योंकि एसीबी उसके खिलाफ पर्याप्त सामग्री होने के बावजूद मामले में कोई कार्रवाई करने में विफल रहा है।जस्टिस एचपी संदेश की सिंगल जज बेंच ने कहा,"पूर्व कमिश्नर खिलाफ मामला दर्ज नहीं करने में एसीबी के आचरण पर ध्यान देने और एसीबी के समक्ष पर्याप्त सामग्री होने के बावजूद, इस अदालत ने देखा कि (एसीबी) केवल डीसी कार्यालय के क्लर्क और...
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 25| गुजरात हाईकोर्ट ने सीनियर सिटीजन को उनकी संपत्ति से 16.6 लाख रुपए मूल्य के पोस्त के भूसे की वसूली पर जमानत देने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 439 के तहत 66 वर्षीय व्यक्ति को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसकी संपत्ति से 16.6 लाख रुपए जब्त किए गए हैं।जस्टिस एसएच वोरा ने कहा कि हालांकि सीनियर सिटीजन अपराध के स्थान पर या आसपास के क्षेत्र में नहीं है। हालांकि, चूंकि वह संपत्ति का मालिक है, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस) की धारा 25 मामले में आकर्षित होती है।एनडीपीएस की धारा 25 में अपराध करने के लिए परिसर आदि का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए दंड का प्रावधान है।...
पीएम केयर्स फंड: दिल्ली हाईकोर्ट ने आईटी विभाग को आरटीआई के तहत टैक्स छूट डिटेल्स प्रदान करने के सीआईसी के निर्देश पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें आयकर (IT) विभाग को सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के अनुसार पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) को दी गई टैक्स छूट के बारे में विवरण प्रदान करने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस यशवंत वर्मा की एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि पीएम केयर्स फंड एक सार्वजनिक प्राधिकरण है या नहीं, यह मामला हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष विचाराधीन है।कोर्ट ने आदेश दिया,"सूचीबद्ध होने की अगली तारीख तक, 27 अप्रैल 2022 के आदेश पर रोक...
दिल्ली हाईकोर्ट में कैलिफोर्निया में सरोगेट के लिए भ्रूण भेजने की मांग वाली याचिका दायर
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में विदेश में सरोगेट मां (Surrogate) को मानव भ्रूण (Embryo) भेजने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) को निर्देश देने की मांग वाली याचिका दायर की गई है।एडवोकेट परमिंदर सिंह के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि "एम्ब्रायस और गैमेट्स भेजने के लिए दिशानिर्देशों" के अनुसार पूर्व शासन में भ्रूण के निर्यात की अनुमति थी। हालांकि, 25 जनवरी 2022 को सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) अधिनियम के अधिनियमित होने के बाद...
"लाइव प्रोसीडिंग्स का इस्तेमाल मनोरंजन के उद्देश्य से किया जा रहा है": गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा
गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (GHAA) के अध्यक्ष ने गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) के चीफ जस्टिस अरविंद कुमार को गुजरात हाईकोर्ट (कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग) नियम, 2021 के प्रावधानों के 'प्रमुख' और 'व्यापक' उल्लंघन के संबंध में पत्र लिखा है।GHAA के अध्यक्ष असीम पंड्या ने चीफ जस्टिस को उनके संज्ञान में लाने के लिए पत्र लिखा है कि हाईकोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का उपयोग विभिन्न व्यक्तियों द्वारा Youtube, Instagram और Facebook पर व्यावसायिक और मनोरंजन उद्देश्यों के लिए...
सीतापुर कोर्ट ने कथित हिंदू संतों को 'हेट मोंगर्स' कहने को लेकर ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जमानत देने से इनकार किया
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की एक स्थानीय अदालत ने ऑल्ट न्यूज़ (Alt News) के सह-संस्थापक, मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) को हिंदू संतों को 'हेट मोंगर्स यानी नफरत फैलाने वाले' कहने के मामले में जमानत देने से इनकार किया।दरअसल, जुबैर ने कथित तौर पर 3 हिंदू संतों- यति नरसिंहानंद सरस्वती, बजरंग मुनि को ट्वीट पोस्ट में 'हेट मोंगर्स यानी नफरत फैलाने वाले' कहा था।न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायाधीश अभिनव श्रीवास्तव ने उन्हें इस आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया कि मामला गंभीर, संज्ञेय और...
जहां आरोपी बरी हो गया और कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं तो राउडी शीट जारी नहीं रह सकतीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने माना है कि जब एक आरोपी व्यक्ति को उसके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों से बरी कर दिया गया है और उसके खिलाफ कोई और आपराधिक मामला लंबित नहीं है, तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ 'राउडी शीट' जारी रखना उचित नहीं है।जस्टिस चीकाती मानवेंद्रनाथ की एकल पीठ एक परमादेश के लिए एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ताओं के खिलाफ राउउी शीट खोलने और बाद में उसे जारी रखने की उत्तरदाताओं की कार्रवाई को अवैध, मनमाना, असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी। उक्त शीट को रद्द करने की मांग...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में अवैध बूचड़खानों के संचालन का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में चल रहे अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ का विचार था कि याचिकाकर्ता उक्त अवैध बूचड़खानों के बारे में उचित विवरण देने में विफल रहा।मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"आपने किसी भी अवैध बूचड़खाने का एक भी उदाहरण नहीं दिया है। आप चाहते हैं कि हम पूरी दिल्ली में मछली पकड़ने और घूमने की जांच करें। बूचड़खानों की सूची...
दुर्भावना के बिना प्रशासनिक कारणों से किए गए स्थानांतरण में हस्तक्षेप नहीं कर सकते: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के CISFofficial के स्थानांतरण आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि यह प्रशासनिक कारणों से किया गया है।जस्टिस अनु शिवरामन ने कहा कि इसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा, क्योंकि यह वर्दीधारी सेवा के सदस्य का स्थानांतरण है और इसमें कोई दुर्भावना नहीं है।कोर्ट ने कहा,"एक्ज़िबिट P9 में बताए गए विशिष्ट कारणों के मद्देनजर, प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण की आवश्यकता है। मेरी राय है कि स्थानांतरण के आदेश में हस्तक्षेप करना...
क्षेत्रीय भाषाओं के साथ ऐप अपडेट होने तक आधार को लिंक नहीं करने पर आंगनबाड़ी केंद्रों को खाद्य आपूर्ति बंद न करें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को तीन महीने के भीतर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मोबाइल एप्लिकेशन को सुधारने और क्षेत्रीय भाषाओं में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने आदेश दिया कि इस बीच, केंद्र को पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन पर लाभार्थी के आधार डेटा को अंग्रेजी में फीड करने में विफलता के लिए महाराष्ट्र के आंगनवाड़ी सेंटर्स को खाद्यान्न के आवंटन को रोकने से बचना चाहिए।जस्टिस एके मेनन और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ महाराष्ट्र में...
जब बेदखली के फरमान पर रोक लगाई गई तो मकान मालिक किरायेदार से होने वाले मध्यवर्ती मुनाफे का हकदार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि एक बार बेदखली के लिए एक डिक्री पर रोक लगाने के बाद, अपीलीय अदालत के लिए यह आवश्यक है कि परिसर का कब्जा जारी रखने के लिए किरायेदार द्वारा मकान मालिक को भुगतान किए जाने वाले मध्यवर्ती मुनाफे को तय किया जाए।मेसर्स मार्टिन एंड हैरिस प्राइवेट लिमिटेड बनाम राजेंद्र मेहता के मामले में जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने कहा, "इस प्रकार, बेदखली का फरमान पारित करने के बाद किरायेदारी समाप्त हो जाती है और उक्त तिथि से मकान मालिक को परिसर के उपयोग से वंचित...
हाईकोर्ट के पास अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर पंजीकृत अपराधों में ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने की शक्ति है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है एक हाईकोर्ट के पास अपने अधिकार क्षेत्र/राज्य के बाहर पंजीकृत/पंजीकृत होने के संभावला वाले अपराध के संबंध में एक आरोपी को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने की शक्ति है।जस्टिस सिद्धार्थ की पीठ ने बुधवार को कहा, "... ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने में हाईकोर्ट की ओर से कोई बंधन नहीं है ताकि आवेदक हाईकोर्टों सहित न्यायालयों का दरवाजा खटखटा सकें जहां अपराध का आरोप लगाया गया है और मामला दर्ज किया गया है।"मामलान्यायालय 7 व्यक्तियों द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रहा था, जिन्होंने...
गोविंद पानसरे हत्याकांड : एसआईटी से महाराष्ट्र एटीएस को जांच हस्तांतरण की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में आवेदन दायर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार को कम्युनिस्ट नेता गोविंद पानसरे की हत्या की जांच राज्य एसआईटी से महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते को सौंपने की मांग को लेकर दायर आवेदन पर नोटिस जारी किया। आवेदन में उक्त हत्या के पीछे के असली मास्टरमाइंड का पता लगाने के लिए जांच स्थानांतरित करने की मांग की गई है। पानसरे की बेटी स्मिता पानसरे द्वारा दायर आवेदन में कहा गया कि सुबह की सैर पर उसके पिता की गोली मारकर हत्या करने के लगभग सात साल बाद एसआईटी इस मामले में कोई ठोस सफलता हासिल करने में विफल...

![[NEET-UG 2021] तकनीकी खराबी के कारण गलती से सफल घोषित किए गए उम्मीदवारों के पक्ष में कोई निहित अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट [NEET-UG 2021] तकनीकी खराबी के कारण गलती से सफल घोषित किए गए उम्मीदवारों के पक्ष में कोई निहित अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/08/11/500x300_398351-neetmedical.jpg)

















