मुख्य सुर्खियां
हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम 'अजन्मे बच्चे' को गोद लेने के लिए एग्रीमेंट की परिकल्पना नहीं करता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अजन्मे बच्चे को गोद लेने के मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत अजन्मे बच्चे को गोद लेने के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 ऐसे बच्चे को गोद लेने के एग्रीमेंट की परिकल्पना नहीं करता, जो अभी तक पैदा नहीं हुआ है।जस्टिस एम.एस. रामचंद्र राव नवजात शिशु की प्राकृतिक मां द्वारा उसे प्रतिवादी नंबर चार और पांच की कस्टडी से मुक्त कराने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहे थे,...
कंपनी अधिनियम की धारा 447 के तहत धोखाधड़ी के लिए निजी शिकायत आर्थिक अपराधों के लिए विशेष न्यायालय के समक्ष सुनवाई योग्य नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 447 के तहत धोखाधड़ी के लिए निजी शिकायत विशेष न्यायालय के समक्ष सुनवाई योग्य नहीं है। कंपनी अधिनियम की धारा 212(6) सुनिश्चित करती है कि उचित जांच के बाद ही धोखाधड़ी के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है। यह विभिन्न कंपनियों के लाखों शेयरधारकों की शिकायतों से सुरक्षा प्रदान करता है।कोर्ट ने कहा,"अगर शिकायतकर्ता का यह तर्क कि कोई शेयरधारक धोखाधड़ी के लिए शिकायत दर्ज कर सकता है, स्वीकार कर लिया जाता है तो ऐसी शिकायतों की बाढ़ आ...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर पुरी जगन्नाथ मंदिर कॉरिडोर परियोजना को चुनौती देने वाले लंबित मामले का निपटारा किया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने अर्धेंदु कुमार दास बनाम ओडिशा राज्य में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के मद्देनजर पुरी श्री जगन्नाथ मंदिर कॉरिडोर परियोजना को चुनौती देने वाली लंबित रिट याचिका का निपटारा किया।हाईकोर्ट ने विशेष रूप से उस मामले का निपटारा किया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने सदियों पुराने पवित्र मंदिर के निकटवर्ती क्षेत्र में ओडिशा सरकार द्वारा किए गए कुछ निर्माण कार्यों के खिलाफ दायर दो याचिकाओं को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने न केवल उन याचिकाओं को खारिज किया, बल्कि दोनों याचिकाकर्ताओं पर एक-एक...
पत्नी और नाबालिग बच्चे को आर्थिक सहायता से वंचित करना 'घरेलू हिंसा' के बराबर, भले ही पार्टियां साझा घर में नहीं रह रही हों: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने गुरुवार को कहा कि पत्नी और नाबालिग बच्चे को आर्थिक सहायता से वंचित करना घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 (DV Act, 2005) की धारा 3 के तहत 'घरेलू हिंसा' का गठन करता है और यह महत्वहीन है कि क्या पार्टियां अभी भी एक साझा घर में रह रही हैं या नहीं।धारा 3 घरेलू हिंसा को परिभाषित करती है और इसमें शारीरिक, यौन, मौखिक, भावनात्मक और आर्थिक शोषण शामिल है।जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित डीवी अधिनियम की धारा 12 के तहत...
शिकायतकर्ता की ओर से नियुक्त प्राइवेट प्रॉसिक्यूटर अतिरिक्त आरोप तय करने की मांग कर सकता है, यह अभियोजन का नियंत्रण लेने के बराबर नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने हाल ही में न्यायिक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें यह कहा गया था कि एक निजी वकील, जिसे लोक अभियोजक (Public Prosecutor) की सहायता के लिए शिकायतकर्ता द्वारा नियुक्त किया गया है, वह सीआरपीसी की धारा 301 (2) के तहत एक स्वतंत्र अभियोजन नहीं चला सकता है और इसलिए अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने और मामले का संचालन करने का कोई अधिकार नहीं है।जस्टिस भरत चक्रवर्ती ने कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश बरकरार रखने योग्य नहीं है क्योंकि सीआरपीसी की धारा 301...
एफआईआर दर्ज करने में 45 दिनों की देरी : कर्नाटक हाईकोर्ट ने ठोस स्पष्टीकरण के अभाव में आपराधिक कार्यवाही रद्द की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही यह कहते हुए रद्द कर दी कि शिकायतकर्ता ने हमले की कथित घटना के 45 दिन बाद एफआईआर दर्ज करवाई थी और वह एफआईआर दर्ज करने में देरी के लिए कोई प्रशंसनीय स्पष्टीकरण नहीं दे पाया। जस्टिस हेमंत चंदनगौदर की एकल पीठ ने बी दुर्गा राम द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 506 और धारा 34 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए उसके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही रद्द कर दी।मामले का विवरण:दूसरे प्रतिवादी द्वारा एफआईआर...
सीपीसी| विभिन्न डिक्री धारकों के बीच संपत्ति के रेटेबल डिस्ट्रीब्यूशन का आदेश उन्हें उनके व्यक्तिगत ऋण को सेट-ऑफ करने से रोकता है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया है कि नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत, जब अलग-अलग डिक्रीधारकों के पक्ष में एक संपत्ति के लिए 'रेटेबल डिस्ट्रीब्यूशन' का आदेश होता है, तो उनमें से कोई भी बिक्री से प्राप्त राशि से अपने पूरे ऋण को समायोजित करने का दावा नहीं कर सकता है।न्यायमूर्ति अनिल के. नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पी.जी. अजितकुमार की खंडपीठ ने कहा कि ऐसे मामले में जहां न्यायालय द्वारा 'रेटेबल डिस्ट्रीब्यूशन' का आदेश दिया जाता है, वहां डिक्री धारक को केवल उस आनुपातिक राशि को ही अलग...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने वकीलों के बारे में गलत बातें पेश करने के आरोपी कन्नड़ समाचार चैनल के खिलाफ निजी शिकायत खारिज की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पब्लिक टीवी, न्यूज़ चैनल, और चैनल के मुख्य संरक्षक एचआर रंगनाथ के खिलाफ शुरू की गई मानहानि की कार्यवाही को रद्द कर दिया , जिसमें आरोप लगाया गया था कि कई मीडिया संस्थाओं ने बड़े पैमाने पर वकील की बिरादरी के बारे में गलत बातें पेश की हैं। जस्टिस हेमंत चंदनगौदर की एकल न्यायाधीश पीठ ने याचिका की अनुमति दी और कहा,"मौजूदा मामले में आरोप यह है कि याचिकाकर्ता-आरोपी ने एडवोकेट की बिरादरी के बारे में गलत बाते की हैं और शिकायत किए गए शब्द उसकी व्यक्तिगत क्षमता में शिकायतकर्ता के खिलाफ...
आईपीसी की धारा 498 ए के तहत महिला के खिलाफ शिकायतकर्ता के पति के साथ अवैध संबंध का आरोप सुनवाई योग्य नहीं : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498-ए, 506, 504 और 34 और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत अन्य महिला द्वारा दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया। उक्त एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि आरोपी के उसके पति के साथ अवैध संबंध हैं।जस्टिस हेमंत चंदनगौदर की एकल पीठ ने महिला द्वारा दायर याचिका की अनुमति देते हुए कहा,"याचिकाकर्ता-आरोपी नंबर 5 के खिलाफ एकमात्र आरोप यह है कि उसके शिकायत नंबर दो के साथ अवैध संबंध हैं, जो प्रतिवादी नंबर एक का पति है। यह आरोप याचिकाकर्ता...
याचिका लखनऊ सीट में सुनवाई योग्य है भले ही कार्रवाई के कारण का केवल एक हिस्सा अवध क्षेत्रों के भीतर उत्पन्न हुआ हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने स्पष्ट किया है कि एक पक्ष के पास इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ सीट के क्षेत्राधिकार को आकर्षित करने का विकल्प है, भले ही कार्रवाई के कारण का केवल एक हिस्सा अवध क्षेत्रों में उत्पन्न होता है।यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अवध क्षेत्र उत्तर प्रदेश राज्य के वे क्षेत्र हैं जहां हाईकोर्ट की लखनऊ सीट का अधिकार क्षेत्र है। इससे पहले, लखनऊ सीट को अवध में चीफ द कोर्ट के रूप में जाना जाता था और संयुक्त प्रांत हाईकोर्ट (समामेलन) आदेश, 1948, अवध के मुख्य न्यायालय...
सीएम के खिलाफ फ्लाइट में प्रदर्शन: केरल हाईकोर्ट ने दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत दी
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं फरसीन मजीद और आर के नवीन को जमानत दे दी। उक्त कार्यकर्ताओं को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर फ्लाइट में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने के कारण गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया था।जस्टिस विजू अब्राहम ने याचिकाकर्ताओं को यह कहते हुए जमानत दे दी कि आरोपों की प्रकृति को देखते हुए याचिकाकर्ताओं से हिरासत में और पूछताछ आवश्यक नहीं लगती।उन्होंने कहा,"अभियोजन पक्ष के लिए ऐसा कोई मामला नहीं है कि याचिकाकर्ता कोई हथियार ले जा रहे...
बार एसोसिएशन चुनाव के कारण कोर्ट का कामकाज ठप नहीं हो सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एक पंजीकृत सोसायटी के चुनाव होने के कारण अदालत के काम को नहीं रोका जा सकता है।जस्टिस जेजे मुनीर की खंडपीठ ने कहा कि बार एसोसिएशन की स्थापना न्यायालय के कामकाज में बाधा डालने और उसके संप्रभु कार्यों के निर्वहन में हस्तक्षेप करने के लिए नहीं की गई है।मामलान्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका रजनी ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) फास्ट ट्रैक कोर्ट, मुजफ्फरनगर के आदेश के खिलाफ दायर की किया था। आदेश में उसके आवेदन 85...
मौजूद व्यक्ति के हस्ताक्षर पंचनामा में प्राप्त किए गए थे, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्टॉक को दोबारा मापने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने परिसर में पड़े कोयले के भंडार को फिर से मापने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है क्योंकि सर्च टीम ने पंचनामा करते समय मौजूद व्यक्तियों के हस्ताक्षर प्राप्त कर लिए हैं।जस्टिस शील नागू और जस्टिस मनिंदर एस. भट्टी की खंडपीठ ने पंचनामा का अवलोकन किया और पाया कि तलाशी की तारीख पर ही, याचिकाकर्ता द्वारा कर की राशि और जुर्माना जमा किया गया था, क्योंकि स्टॉक में विसंगतियां पाई गई थीं, और इस प्रकार वहां किसी तरह की जब्ती का सवाल नहीं है।अदालत ने कहा कि स्वतंत्र गवाहों के साथ-साथ...
प्रयागराज हिंसा| "कानून के शासन की अनदेखी कर घर ढहाया गया": आरोपी जावेद की पत्नी ने अपने घर को ढहाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की
प्रयागराज हिंसा के आरोपी जावेद मोहम्मद की पत्नी ने 12 जून को जिला प्रशासन और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा उनके घर को गिराने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की हअपनी याचिका में आरोपी जावेद मोहम्मद की पत्नी फातिमा ने कहा है कि ध्वस्त घर उसके नाम पर था और उसे उसके पिता ने उपहार में दिया था और उसके पास ध्वस्त घर के संबंध में सभी वैध दस्तावेज थे, हालांकि बिना कोई नोटिस दिए मकान को गिरा दिया गया।प्रयागराज स्थानीय अधिकारियों ने 12 जून को वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के नेता और...
कथित अनुचित प्रतिस्पर्धा व्यवहार के लिए बुक माय शो के खिलाफ जांच: सीसीआई ने 60 दिनों के भीतर डीजी से जांच रिपोर्ट मांगी
अशोक कुमार गुप्ता (अध्यक्ष), संगीता वर्मा (सदस्य) और भगवंत सिंह बिश्नोई (सदस्य) की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा है कि बुक माय शो (BookMyShow) के संचालन के संबंध में एक प्रथम दृष्टया मामला मौजूद है, जिसकी डीजी द्वारा जांच की आवश्यकता है यह निर्धारित करने के लिए सामान्य है कि क्या BookMyShow के संचालन के परिणामस्वरूप प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 4 के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।सूचना देने वाले ने आरोप लगाया है कि BookMyShow उन उपभोक्ताओं से सुविधा शुल्क के रूप में 25 रुपये प्रति...
धारा 171 अनुबंध अधिनियम| बैंक एक ऋण के पुनर्भुगतान के बाद, एक और ऋण के लंबित होने का हवाला देते हुए मालिकाना दस्तावेज अपने पास नहीं रख सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि एक बैंक ऋण के पुनर्भुगतान के बाद किसी अन्य ऋण के लंबित होने के कारण दस्तावेजों पर सामान्य ग्रहणाधिकार का हवाला देते हुए एक उधारकर्ता के घर के मालिकाने के दस्तावेजों को अपने पास नहीं रख सकता है।पीठ ने एक उधारकर्ता की रिट याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता की कंपनी की ओर से अदा नहीं किए गए एक और ऋण की वसूली की कार्यवाही के बावजूद उसके फ्लैट के मालिकाने के दस्तावेज उन्हें सौंप दे।जस्टिस एएस चंदुरकर और...
"शिक्षा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है": कोर्ट ने हत्या के आरोपी को एनएलयू-दिल्ली एंट्रेंस एग्जाम में बैठने की अनुमति दी
दिल्ली की एक अदालत (Delhi Court) ने हत्या के आरोपी को 26 जून को होने वाली नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU), दिल्ली द्वारा आयोजित ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट, 2022 में बैठने की अनुमति दी।कोर्ट ने देखा कि शिक्षा प्राप्त करना एक मौलिक अधिकार है।राउज एवेन्यू कोर्ट के अवकाश जज चंद्रशेखर ने इस प्रकार एक शशांक जादोन द्वारा दायर आवेदन को एंट्रेंस एग्जाम में बैठने की अनुमति दी, यह देखते हुए कि उसके द्वारा वर्ष 2020 में किए गए इसी तरह के अनुरोध को संबंधित अदालत द्वारा अनुमति दी गई थी।जादोन सीबीआई के एक मामले...
मुकदमे में देरी से बचने के लिए संबंधित तथ्यों को जोड़ने के प्रयास में अभ्यावेदन दाखिल करने की प्रथा को हतोत्साहित किया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि देरी को दूर करने के आधार के रूप में मुकदमे से जुड़े तथ्यों को जोड़ने के प्रयास में अभ्यावेदन दाखिल करने की प्रथा को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।जस्टिस संजीव नरूला ने अपनी 266वीं बैठक में एनसीटीई की उत्तरी क्षेत्रीय समिति द्वारा लिए गए निर्णय के खिलाफ विंध्य गुरुकुल कॉलेज द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए अवलोकन किया। इसमें कॉलेज को पिछली बैठक में लिए गए 100 सीटों (दो बुनियादी इकाइयों) मूल निर्णय के विपरीत बी.एड की केवल 50 सीटों (एक बुनियादी इकाई) के लिए मान्यता दी गई...
एनईपी का वैधानिक समर्थन नहीं, राज्य इसे लागू करने के लिए बाध्य नहीं: मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु सरकार ने कहा
मद्रास हाईकोर्ट तमिलनाडु सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का कोई वैधानिक समर्थन नहीं है, इसलिए इसे लागू करने के लिए राज्य पर कोई वैधानिक दायित्व नहीं है।अर्जुनन एलयाराजा द्वारा दायर तमिलनाडु में एनईपी को लागू करने की मांग करने वाली याचिका के जवाब में सरकार, उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा दायर जवाबी हलफनामे में उक्त टिप्पणी की गई।राज्य के अनुसार, प्रस्तावित एनईपी 2020 में मजबूत केंद्रीकरण की प्रवृत्ति है जो भारतीय संघ की संघीय विशेषताओं पर अस्थिर प्रभाव डाल सकती है। सरकार...
औद्योगिक विवाद अधिनियम वक्फ बोर्ड के साथ पंजीकृत ऐसे संस्थानों पर लागू जो वाणिज्यिक गतिविधि में संलग्न: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि वक्फ बोर्ड के तहत पंजीकृत एक संस्था, जो धार्मिक शिक्षा प्रदान करने के अलावा पत्रिकाओं की छपाई जैसी व्यावसायिक गतिविधियों में लिप्त है, औद्योगिक विवाद अधिनियम के प्रयोजनों के लिए एक 'उद्योग' है।कोर्ट ने कहा कि एक 'मौलवी' जिसे इस तरह की व्यावसायिक गतिविधि का प्रबंधन सौंपा गया है, जो वर्तमान मामले में मुद्रण सामग्री आदि का प्रबंधक है, अधिनियम के तहत एक 'वर्कमैन' है और इस प्रकार, अधिनियम के तहत सेवा की समाप्ति (Termination) से संबंधित प्रावधान आकर्षित होंगे।जस्टिस एवाई...



















