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गुजरात हाईकोर्ट
औद्योगिक विवाद अधिनियम | छंटनी और पुनर्नियोजन प्रक्रिया के उल्लंघन में बर्खास्त किए गए कर्मचारी धारा 25G और 25H के तहत बहाली के हकदार: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि जहां औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 25 (जी) और 25 (एच) के तहत प्रदान की गई छंटनी और पुन: रोजगार की प्रक्रिया के उल्लंघन में एक कर्मचारी की सेवा समाप्त की जाती है, वहां बहाली के आदेश पालन होना चाहिए।जस्टिस बीरेन वैष्णव ने श्रम न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों को 72,000 रुपये का बकाया वेतन दिया गया था और सेवा की निरंतरता के साथ सेवा में उनकी बहाली का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा,"पुनर्स्थापना के बदले मुआवजा उन याचिकाकर्ताओं के लिए...

राज्य का कर्तव्य सुरक्षा प्रदान करना और अप्रिय घटना को रोकना: मद्रास हाईकोर्ट ने अन्नाद्रमुक की बैठक के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर कहा
"राज्य का कर्तव्य सुरक्षा प्रदान करना और अप्रिय घटना को रोकना": मद्रास हाईकोर्ट ने अन्नाद्रमुक की बैठक के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका पर कहा

मद्रास हाईकोर्ट ने 23 जून को होने वाली अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की कार्यकारी परिषद और आम परिषद की बैठक के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका की अनुमति देते हुए कहा कि राज्य का कर्तव्य आवश्यक सुरक्षा प्रदान करना और हिंसा किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।जस्टिस एन सतीश कुमार की पीठ ने तिरुवल्लुर जिले के जिला सचिव और अन्नाद्रमुक के सदस्य पी बेंजामिन की याचिका पर यह टिप्पणी की।एडवोकेट विजय नारायण के प्रतिनिधित्व वाले याचिकाकर्ता ने कहा कि वे गुटीय विवाद के कारण...

मद्रास हाईकोर्ट
भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद के खरीदार अधिग्रहण की कार्यवाही को चुनौती नहीं दे सकते: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक व्यक्ति अगर भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 की धारा 4 के तहत सरकार द्वारा अधिग्रहण की अधिसूचना जारी करने के बाद जमीन का एक टुकड़ा खरीदता है तो उसे अधिग्रहण की कार्यवाही को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है।चीफ ज‌‌स्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी और जस्टिस एन माला की पीठ ने एक संपत्ति के बाद के खरीदारों की अपील को खारिज कर दिया। उन्होंने बीस साल बाद अधिग्रहण को चुनौती दी थी।अदालत ने मीरा साहनी बनाम दिल्ली उपराज्यपाल (2008 (9) SCC 177 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा...

फर्म के खिलाफ मुकदमा उन सभी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा है जो इसके भागीदार हैं: केरल हाईकोर्ट
फर्म के खिलाफ मुकदमा उन सभी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा है जो इसके भागीदार हैं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते कहा कि फर्म द्वारा या उसके खिलाफ दायर मुकदमा फर्म के सभी भागीदारों द्वारा या उनके खिलाफ मुकदमा है। हाईकोर्ट ने कहा कि फर्म का नाम उन सभी के लिए है, जो फर्म में उस समय भागीदार थे जब कार्रवाई का कारण उत्पन्न हुआ था।जस्टिस पी.बी. सुरेश कुमार और जस्टिस सी.एस. सुधा ने बताया कि आदेश XXX (स्वयं के अलावा अन्य नामों से व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों द्वारा या उनके खिलाफ सूट) सीपीसी में निहित नीति, पक्षकारों की लंबी श्रृंखला से बचने और संस्था के सुविधाजनक तरीके की अनुमति देने के...

सीआरपीसी की धारा 306/307| अपराध के लिए आरोपी के अलावा अन्य व्यक्ति को भी माफ़ी दी जा सकती है: केरल हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 306/307| अपराध के लिए आरोपी के अलावा अन्य व्यक्ति को भी माफ़ी दी जा सकती है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 306 और 307 के तहत आरोपी के अलावा अन्य किसी व्यक्ति को भी माफी दी जा सकती है, भले ही उसे अंतिम रिपोर्ट में आरोपी के रूप में पेश न किया गया हो।जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस सी. जयचंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 306 और 307 में प्रयुक्त भाषा 'आरोपी व्यक्ति' नहीं है, बल्कि माफी मांगने वाला 'किसी भी व्यक्ति' की केवल 'प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपराध से संबंधित या गुप्त तरीके से' जुड़े होने की संभावना है।खंडपीठ ने कहा,"धारा...

गुजरात हाईकोर्ट
सिंगल मदर को बिना आय और व्यय के विवरण के बच्चे के भरण-पोषण की आड़ में संपत्ति में नाबालिग के हिस्से को बेचने की अनुमति नहीं दे सकते: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही प्राकृतिक अभिभावक होने के बावजूद सिंगर मदर अपने नाबालिग बच्चे की संपत्ति बेचने की कोशिश करती है, उसे संदेह की नजर से देखा जा सकता है। इस आधार पर उसे प्रासंगिक सामग्री विवरण न होने पर ऐसी संपत्ति को बेचने की अनुमति से वंचित किया जा सकता है।जस्टिस उमेश ए त्रिवेदी की एकल पीठ ने कहा,"आवेदन में या पति की कमाई के संबंध में या मृतक पति के बैंक खातों के विवरण सहित उसके द्वारा छोड़ी गई बचत के संबंध में कोई बयान नहीं है। इस तथ्य के बारे में भी कोई उल्लेख नहीं है कि अन्य...

केरल हाईकोर्ट
इलाज में असमर्थता के कारण स्तन कैंसर की शिकार महिलाओं की संख्या में वृद्धि: केरल हाईकोर्ट ने केंद्र से ड्रग राइबोसिक्लिब के अनिवार्य लाइसेंस पर विचार करने को कहा

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग को एक जीवन रक्षक स्तन कैंसर की दवा राइबोसिक्लिब (Ribociclib) के अनिवार्य लाइसेंस पर विचार करने का निर्देश दिया है।जस्टिस वी.जी. अरुण ने इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों द्वारा गंभीर विचार की मांग के रूप में पाया और संबंधित अधिकारियों से परामर्श के बाद इस मुद्दे पर एक तर्कसंगत आदेश पारित करने के लिए विभाग को एक अंतरिम निर्देश जारी किया।बेंच ने कहा,"उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार महंगे इलाज और दवा का खर्च उठाने में...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट के लिए पकड़े गए फार्मेसी स्टूडेंट को रिहा किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट के लिए पकड़े गए फार्मेसी स्टूडेंट को रिहा किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 21 वर्षीय फार्मेसी स्टूडेंट निखिल भामरे को जमानत दे दी। निखिल भामरे को कथित तौर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार की मानहानि करने वाले पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस एनआर बोरकर की खंडपीठ ने उसे सीआरपीसी की धारा 226, 482 और धारा 407 का हवाला देते हुए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत दी गई।पीठ ने मौखिक रूप से देखा,"वह एक स्टूडेंट है, वह एक महीने से हिरासत में है। हम उसे जमानत देने का आदेश पारित...

गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने अत्यधिक देरी का हवाला देते हुए सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण हटाने की मांग वाली याचिका खारिज की

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फ्रीलांस रिपोर्टर और आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा दायर जनहित याचिका खारिज की, जिसमें अदालत से संपर्क करने में अत्यधिक देरी का हवाला देते हुए सार्वजनिक उद्यानों के विकास के लिए आरक्षित भूखंडों पर कथित अतिक्रमण को हटाने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष शास्त्री की खंडपीठ ने कहा कि भूखंडों के आवंटन के 16-19 साल बाद याचिका दायर की गई थी और याचिका में इस चीज का जिक्र तक नहीं है कि याचिकाकर्ता ने 2003/2006 से अब तक कोई सवाल क्यों नहीं उठाया। खासकर...

राज्य सतर्कता विभाग को आरटीआई अधिनियम से पूरी तरह छूट नहीं दी जा सकती: उड़ीसा हाईकोर्ट
राज्य सतर्कता विभाग को आरटीआई अधिनियम से पूरी तरह छूट नहीं दी जा सकती: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना है कि राज्य के सतर्कता विभाग को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 से पूरी तरह से छूट नहीं दी जा सकती है। इसने निर्देश दिया कि भ्रष्टाचार के आरोपों और मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित जानकारी और विभाग द्वारा की गई गतिविधियों से संबंधित जानकारी, जो संवेदनशील या गोपनीय नहीं है, आरटीआई के तहत प्रकट की जानी चाहिए।चीफ जस्टिस डॉ एस मुरलीधर और जस्टिस राधा कृष्ण पटनायक की खंडपीठ ने उक्त टिप्‍पणी की।संक्षिप्त तथ्यजनहित याचिका के माध्यम से दायर तीन रिट याचिकाओं में सूचना का अधिकार...

क्या आर्य समाज विवाह मंदिर ट्रस्ट हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की के बीच विवाह करा सकता है ?: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जांच करेगा
क्या 'आर्य समाज विवाह मंदिर ट्रस्ट' हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की के बीच विवाह करा सकता है ?: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जांच करेगा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इस सवाल की जांच करने के लिए तैयार है कि क्या आर्य समाज विवाह मंदिर ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत एक स्वयंभू ट्रस्ट एक हिंदू लड़के और एक मुस्लिम लड़की के बीच विवाह करा सकता है।बंदी प्रत्यक्षीकरण की प्रकृति में दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रोहित आर्य और जस्टिस जस्टिस एमआर फड़के ने निम्नलिखित प्रश्नों को उठाया और पवित्र कुरान संबंध‌ित प्रासंगिक साहित्य और पाठ में सहायता के लिए एडवोकेट ऑफ द कोर्ट नियुक्त किया- क्या आर्य समाज विवाह मंदिर ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत एक...

दिल्ली हाईकोर्ट
क्षणिक चूक, भविष्य को बुरी तरह प्रभावित नहीं कर सकती': दिल्ली हाईकोर्ट ने निफ्ट उम्मीदवार को राहत दी, जिसने अनजाने में प्रवेश परीक्षा में पहचान का खुलासा किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि उम्मीदवार की ओर से एक क्षणिक चूक पर इतनी गंभीर दंडात्मक कार्रवाई नहीं किया जाना चाहिए जो गंभीर और अपूरणीय पूर्वाग्रह का कारण बने और उम्मीदवार के भविष्य को बुरी तरह प्रभावित करे।जस्टिस संजीव नरूला ने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) को निर्देश देते हुए समृद्धि खंडेलवाल नाम की एक उम्मीदवार को राहत दी, ताकि वह ऑनलाइन इनविजिलेटेड या रिमोट प्रॉक्टेड निफ्ट एंट्रेंस्‍ एग्जाम, 2022 के परिणामों के आधार पर काउंसलिंग में शामिल हो सके।उक्त परीक्षा को दो भागों में...

एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किए गए वाहन की अंतरिम हिरासत तय करने की शक्ति मजिस्ट्रेट/ विशेष न्यायालय के पास है, न कि ड्रग डिस्पोजल कमेटी के पास: कर्नाटक हाईकोर्ट
एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किए गए वाहन की अंतरिम हिरासत तय करने की शक्ति मजिस्ट्रेट/ विशेष न्यायालय के पास है, न कि ड्रग डिस्पोजल कमेटी के पास: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना कि एक मजिस्ट्रेट या विशेष न्यायालय को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों से उत्पन्न मामलों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 451 और 457 के प्रावधानों के तहत वाहन की 'अंतरिम हिरासत' के लिए आवेदन पर विचार करने की शक्ति/अधिकार क्षेत्र से सम्मानित किया गया है।जस्टिस बी वीरप्पा और जस्टिस एस रचैया की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के दो परस्पर विरोधी फैसलों के मद्देनजर किए गए एक संदर्भ पर फैसला करते हुए स्पष्ट किया कि, ''केंद्र सरकार द्वारा 16.01.2015 को जारी अधिसूचना के तहत गठित ड्रग डिस्पोजल...

यह निर्णय की त्रुटि नहीं है बल्कि रोगी का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने देखभाल के कर्तव्य का उल्लंघन किया ; एनसीडीआरसी मुआवजा देने का निर्देश दिया
यह निर्णय की त्रुटि नहीं है बल्कि रोगी का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने देखभाल के कर्तव्य का उल्लंघन किया ; एनसीडीआरसी मुआवजा देने का निर्देश दिया

जस्टिस आर.के. अग्रवाल, अध्यक्ष एवं डॉ. एस.एम. कांतिकर, सदस्य वाली राष्ट्रीय आयोग की खंडपीठ ने कहा कि इलाज करने वाले डॉक्टर उचित कौशल और ज्ञान के साथ कार्य करने में अपने कर्तव्यों में विफल रहे। उन्होंने आघात के एबीसी की मूल बातें अपनाकर आपात स्थिति को संभालने के लिए उचित स्तर की देखभाल नहीं की।आयोग ने कहा कि राज्य आयोग ने डॉक्टरों के कर्तव्य का पालन करने में गलती की और इसे केवल 'निर्णय की त्रुटि' मानकर शिकायत को खारिज कर दिया। इस प्रकार, यह "निर्णय की त्रुटि" नहीं है, बल्कि रोगियों का इलाज करने...

पैगंबर पर टिप्पणी : नूपुर शर्मा का सिर काटने का वीडियो अपलोड करने के आरोपी कश्मीरी यूट्यूबर को श्रीनगर कोर्ट ने जमानत दी
पैगंबर पर टिप्पणी : नूपुर शर्मा का सिर काटने का वीडियो अपलोड करने के आरोपी कश्मीरी यूट्यूबर को श्रीनगर कोर्ट ने जमानत दी

श्रीनगर की एक अदालत ने कश्मीर के एक यूट्यूबर फैसल वानी को जमानत दे दी है, जिसे पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कथित तौर पर एक वीडियो अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस वीडियो में पैगंबर मुहम्मद साहब पर विवादास्पद टिप्पणी के लिए निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की हत्या का चित्रण किया गया था। कहा जाता है कि आरोपी ने अपने YouTube चैनल पर वीडियो पोस्ट किया था जिसमें YouTuber ने हिंसा को बढ़ावा दिया था और शर्मा की एक तस्वीर का सिर काटने का चित्रण किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट...

मद्रास हाईकोर्ट
क्लास-II कैटेगरी के कानूनी उत्तराधिकारियों को कानूनी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने पर कोई रोक नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

अपने मृत भाई के लिए कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक महिला द्वारा दायर याचिका की अनुमति देते हुए मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) के जस्टिस अब्दुल कुद्दोज की पीठ ने दोहराया कि क्लास-II कैटेगरी के उत्तराधिकारी को कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (Legal Heirship Certificate) जारी करने पर कोई रोक नहीं है।याचिकाकर्ता के भाई डी. धनपाल का 25.11.2017 को कुंवारे रहते हुए निधन हो गया। याचिकाकर्ता ने अपने मृत भाई के लिए कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने की मांग करते हुए दिनांक...

पैगंबर मुहम्मद पर की गई अपमानजनक टिप्पणी मामले में विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ सहारनपुर पुलिस पर हिरासतीय हिंसा करने का आरोप: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एसपी से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी
पैगंबर मुहम्मद पर की गई अपमानजनक टिप्पणी मामले में विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ सहारनपुर पुलिस पर हिरासतीय हिंसा करने का आरोप: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एसपी से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) ने उस शिकायत पर संज्ञान लिया जिसमें आरोप लगाया गया है कि पैगंबर मुहम्मद पर की गई अपमानजनक टिप्पणी मामले में विरोध कर रहे लोगों को सहारनपुर पुलिस की हिरासतीय हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।आयोग ने सहारनपुर एसपी से मामले में चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। वर्तमान शिकायत अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता और अमानवीय व्यवहार के आरोपों से संबंधित हैं, जो सोशल मीडिया पर पैगंबर मुहम्मद के संबंध में एक...

केरल हाईकोर्ट
डीवी एक्ट| अंतरिम भरण-पोषण के आदेश का जानबूझकर पालन न करने पर बचाव पक्ष को रोक सकती है कोर्ट: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा है कि घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम (डीवी एक्ट) के तहत अंतरिम भरण-पोषण के भुगतान के आदेश का पालन करने से जानबूझकर इनकार करने पर अदालत डिफॉल्टर के बचाव को रोक सकती है।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने कहा कि रजनेश बनाम नेहा और अन्य में, सुप्रीम कोर्ट ने भरण-पोषण के भुगतान के आदेश के साथ जानबूझकर और असंगत गैर-अनुपालन होने पर बचाव पक्ष को रोकने की अदालत की शक्ति को बरकरार रखा था।कोर्ट ने कहा, "डीवी एक्ट के तहत एक कार्यवाही में, पेंडेंट लाइट भरण-पोषण के...