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अगर आवश्यक हो तो पंजाब के असिस्टेंट एडवोकेट जनरल और दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मित्रों को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करें: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा
'अगर आवश्यक हो तो पंजाब के असिस्टेंट एडवोकेट जनरल और दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मित्रों को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करें': हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana high Court) ने राज्य सरकार से कहा कि अगर आवश्यक हो तो पंजाब के असिस्टेंट एडवोकेट जनरल हरसिमरन संधू और दिवंगत सिंगर सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) के मित्रों को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करें।जस्टिस करमजीत सिंह की पीठ ने यह आदेश संधू की याचिका पर जारी किया, जिसमें पंजाब के सरकारी अधिकारियों को उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।अपनी सुरक्षा याचिका में उन्होंने कहा है कि उसे विभिन्न गैंगस्टरों से धमकियां मिल रही हैं...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावों के शीघ्र निपटान के तरीकों और साधनों की खोज पर वकीलों के सम्मेलन का आयोजन किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावों के शीघ्र निपटान के तरीकों और साधनों की खोज पर वकीलों के सम्मेलन का आयोजन किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रविवार को "मोटर दुर्घटना दावों के शीघ्र निपटान के तरीकों और साधनों की खोज और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में नए संशोधनों पर चर्चा" पर वकीलों के सम्मेलन का आयोजन किया गया।कॉन्क्लेव चीफ जस्टिस राजेश बिंदल के संरक्षण और पूरे यूपी राज्य में हाईकोर्ट और मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के समक्ष लंबित मोटर दुर्घटना दावों से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटान के लिए निगरानी और सुझाव देने के लिए समिति द्वारा आयोजित किया गया।इस कॉन्क्लेव को चीफ जस्टिस राजेश बिंदल ने वर्चुअल प्लेटफॉर्म के...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 11 साल से अधिक समय से जेल में बंद दहेज हत्या मामले में आरोपी को जमानत दी, मुकदमे की 'धीमी' प्रगति पर नाराजगी जताई

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में दहेज हत्या मामले में आरोपी (लगभग 11 साल तक जेल में बंद है) को जमानत दी। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में मुकदमे की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई।जस्टिस शमीम अहमद की पीठ आईपीसी की धारा 498-ए, 304-बी और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दर्ज एक आपराधिक मामले में दायर फयानाथ यादव की चौथी जमानत याचिका पर विचार कर रही थी।पूरा मामलाकोर्ट आरोपी की चौथी जमानत याचिका पर विचार कर रहा था जिसमें उसके वकील ने कहा कि आवेदक निर्दोष है और उसे वर्तमान मामले...

पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी में ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस ने बताया
पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी में ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस ने बताया

दिल्ली हाईकोर्ट को पुलिस ने सूचित किया कि पुलिस थानों और पुलिस चौकियों में पहले से लगे सीसीटीवी सिस्टम में ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा नहीं है।न्यायालय को आगे बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में दिल्ली पुलिस ने पहले ही 192 पुलिस स्टेशनों और 53 पुलिस में 30 दिनों तक वीडियो फुटेज स्टोरेज के साथ 2127 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जो प्रभावी ढंग से कार्य कर रहे हैं।दिल्ली पुलिस द्वारा पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया,"प्रत्येक पुलिस स्टेशन में कुल 10 सीसीटीवी कैमरे और...

डिक्री में आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के तहत वाद को खारिज करने का आदेश शामिल, यह धारा 96 के तहत अपील के उपचार लिए उत्तरदायी: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
डिक्री में आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के तहत वाद को खारिज करने का आदेश शामिल, यह धारा 96 के तहत अपील के उपचार लिए उत्तरदायी: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन), चंडीगढ़ के एक आदेश को रद्द करने के लिए दायर एक पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया। आक्षेपित आदेश के तहत, एक समरी सूट की अस्वीकृति के लिए सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत एक आवेदन को अनुमति दी गई थी।जस्टिस मंजरी नेहरू कौल की पीठ ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में, जब पहले से ही आक्षेपित आदेश के खिलाफ अपील का एक वैधानिक उपाय मौजूद है, संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत मौजूदा याचिका पर विचार करना उचित नहीं है।अदालत...

मोटर दुर्घटना के दावेदार को वाहन चालक के स्वामित्व को साबित करने की आवश्यकता नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना के दावेदार को वाहन चालक के स्वामित्व को साबित करने की आवश्यकता नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने कहा कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) के मामलों में परीक्षण 'उचित संदेह से परे' नहीं बल्कि 'संभावनाओं की प्रबलता' है और यह कि एक दावेदार को वाहन चालक के स्वामित्व को साबित करने की आवश्यकता नहीं है। ।जस्टिस पंकज जैन की पीठ ने आगे कहा कि कथित अपराधी के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले के परिणाम का दावा अधिकरण के समक्ष लंबित मुआवजे की मांग वाली याचिका पर कोई असर नहीं पड़ता है।अदालत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, जालंधर द्वारा पारित...

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना अल्लाह से करने पर टीएमसी विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग, कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना अल्लाह से करने पर टीएमसी विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग, कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका

कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें टीएमसी के एक सदस्य डॉ निर्मल मांझी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना अल्लाह से की है, जिससे उन्होंने मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है।गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के उलुबेरिया उत्तर विधानसभा से तृणमूल कांग्रेस के विधायक डॉ निर्मल मांझी पर हाल ही में ममता बनर्जी को मां शारदा का अवतार बताने का आरोप लगाया गया था और अब उन...

केरल हाईकोर्ट
"हम केरल की सड़कों को 'मरने की जगह' नहीं होने दे सकते": केरल हाईकोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को एक सप्ताह के भीतर सड़कें ठीक करने का निर्देश दिया

केरल हाईकोर्ट( Kerala High Court) ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को आज से एक सप्ताह के भीतर बिना किसी और देरी के अपने नियंत्रण में आने वाली हर सड़क को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने कहा कि सड़कों में गड्ढों को ठीक करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए, चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्ग, पीडब्ल्यूडी सड़कों या विभिन्न स्थानीय स्व-सरकारी संस्थानों के नियंत्रण में किसी अन्य सड़क पर हो।कोर्ट ने कहा,"हम न तो किसी अन्य पीड़ित की प्रतीक्षा कर सकते हैं, न ही हम...

गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग पीड़िता के बयान में "सुधार" का हवाला देते हुए 62 वर्षीय POCSO आरोपी को अग्रिम जमानत दी

गुजरात हाईकोर्ट ने 17 साल की लड़की को नशा देकर उसका यौन शोषण करने के 62 वर्षीय आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी।आरोपी व्यक्ति पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363, 366 और 376 और पोक्सो अधिनियम की धारा 4, 6 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है।हाईकोर्ट ने आरोपी को राहत देते समय कई कारकों को ध्यान में रखा, जैसे अभियोजन पक्ष के बयान में सुधार, आरोपी के बाद के आचरण आदि।एफआईआर के अनुसार, पीड़िता ने स्वेच्छा से पोरबंदर से गांधीनगर की यात्रा की, जहां वह आवेदक के घर गई। पीड़िता का अपने घर लौटने का इरादा...

COVID-19 प्रतिबंध के कारण इस्तेमाल नहीं हुई मॉडल शॉप की लाइसेंस फीस रिफंड नहीं हुई : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा
COVID-19 प्रतिबंध के कारण इस्तेमाल नहीं हुई मॉडल शॉप की लाइसेंस फीस रिफंड नहीं हुई : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विभाग से स्पष्टीकरण मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि आबकारी विभाग ने न्यायालय के निर्देशों का पालन करने से व्यावहारिक रूप से इनकार कर दिया। साथ ही कदाचार, न्यायिक अनुशासन और औचित्य के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन किया।जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने कहा कि विभाग के आचरण के लिए अनुकरणीय जुर्माना लगाने और उचित कार्यवाही शुरू करने की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, विभाग को एक सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने और यह कारण बताने का अवसर दिया गया कि कदाचार दिखाने के लिए उन पर जुर्माना...

दिव्यांग व्यक्ति अधिनियम ने अपनी सुरक्षा से अधिकारिता पर ध्यान केंद्रित किया: कलकत्ता हाईकोर्ट
दिव्यांग व्यक्ति अधिनियम ने अपनी सुरक्षा से अधिकारिता पर ध्यान केंद्रित किया: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को कॉलेज के शासी निकाय (Governing Body) द्वारा पारित प्रस्ताव को शारीरिक रूप से विकलांग श्रेणी में नियुक्ति के लिए शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति पर विचार करने से इनकार करते हुए इसे दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 का उल्लंघन बताते हुए रद्द कर दिया।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य ने कहा कि 2016 के अधिनियम ने दिव्यांग व्यक्तियों (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 को प्रतिस्थापित किया, जो दिव्यांग व्यक्तियों की रक्षा करने के बजाय उन्हें...

बिजली कनेक्शन से केवल इसलिए इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि जमीन के मालिकाना हक का विवाद लंबित है: गुजरात हाईकोर्ट
बिजली कनेक्शन से केवल इसलिए इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि जमीन के मालिकाना हक का विवाद लंबित है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने कहा कि किसी को बिजली कनेक्शन से केवल इसलिए इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि जमीन के मालिकाना हक का विवाद लंबित है।जस्टिस एएस सुपेहिया ने खंडपीठ के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि किसी उपभोक्ता को बिजली का कनेक्शन देने के साथ अधिकार और स्वामित्व या अधिभोग के अधिकार का कोई संबंध नहीं है।याचिकाकर्ताओं, भूमि के वर्तमान कब्जेदारों ने प्रस्तुत किया कि उन्हें बिजली कनेक्शन से केवल इसलिए वंचित किया गया क्योंकि जिस भूमि पर वे कब्जा कर रहे हैं वह सरकार के नाम पर...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
फैमिली पेंशन के लिए दूसरी पत्नी तभी हकदार होगी, जब मृतक कर्मचारी पर लागू पर्सनल लॉ के तहत द्विविवाह की अनुमति हो: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में देखा कि एक मृत कर्मचारी की दूसरी पत्नी केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमों के तहत पारिवारिक पेंशन की हकदार नहीं है, जब तक कि ऐसे कर्मचारी पर लागू व्यक्तिगत कानून एक से अधिक जीवित विवाह की अनुमति नहीं देता है।जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ ने एक कर्मचारी की दूसरी पत्नी द्वारा किए गए दावे की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जो वर्ष 1983 में सेवानिवृत्त हुई और 2002 में गुजर गई। याचिकाकर्ता ने अपने पति की पहली पत्नी के निधन के बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया था।न्यायालय ने...

मद्रास हाईकोर्ट
धारा 102(3) सीआरपीसी | बैंक खाते को फ्रीज करने के संबंध में सूचना जुरस्डिक्शनल मजिस्ट्रेट को दी जानी चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने लोन फ्रॉड की जांच के लिए जब्त एक खाते को डी-फ्रीज करने का आदेश देते हुए माना कि यह सीआरपीसी की धारा 102 (3) की एक अनिवार्य आवश्यकता थी कि जब्ती की जानकारी मजिस्ट्रेट को दी जानी चाहिए।ज‌स्टिस जीके इलांथिरैया ने कहा कि मामले में जब्ती की जानकारी काफी देरी के बाद दी गई थी।उन्होंने कहा,माननीय सुप्रीम कोर्ट और इस न्यायालय ने बार-बार यह माना कि सीआरपीसी की धारा 102 (3) के तहत प्रावधान में यह आवश्यक है कि पुलिस अधिकारी जब्ती की सूचना अधिकार क्षेत्र के मजिस्ट्रेट को तत्काल देगा। मामले...

आपको केवल यह चिंता है कि टीए, वाहन, घर कैसे प्राप्त करें : उड़ीसा हाईकोर्ट की एलएलबी परीक्षा परिणामों में देरी के लिए उत्कल यूनिवर्सिटी को फटकार लगाई
"आपको केवल यह चिंता है कि टीए, वाहन, घर कैसे प्राप्त करें" : उड़ीसा हाईकोर्ट की एलएलबी परीक्षा परिणामों में देरी के लिए उत्कल यूनिवर्सिटी को फटकार लगाई

उड़ीसा हाईकोर्ट ने बीए एलएलबी सेमेस्टर परीक्षा के परिणामों के प्रकाशन में देरी के लिए उत्कल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को फटकार लगाई। डॉ. जस्टिस विद्युत रंजन सारंगी और जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की खंडपीठ यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज, उत्कल यूनिवर्सिटी, भुवनेश्वर के फाइनल वर्ष के छात्र द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने सेमेस्टर के परिणाम समयबद्ध तरीके से प्रकाशित कराने की प्रार्थना करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग के एक आदेश पर भरोसा किया...

गुजरात हाईकोर्ट
कोर्ट को प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ आरोप तय करते समय मामले से संतुष्ट होना चाहिए, कारण दर्ज नहीं किया जाना चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि आरोप तय करने के लिए केवल एक कथित अपराध में अभियुक्त की प्रथम दृष्टया संलिप्तता आवश्यक है और अदालत को सबूतों का मूल्यांकन करने या उसके कारणों को रिकॉर्ड करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस समीर दवे ने ओमवती बनाम राज्य (दिल्ली प्रशासन) 2001 एएआर 394 (एससी) का उन परिस्थितियों को दोहराने के लिए संदर्भ‌ित किया, जिनमें न्यायालय अभियुक्त को आरोपमुक्त कर सकता है:"(i) यदि यह विचार करने पर कि अभियुक्त के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है, तो वह उस अभियुक्त को...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
मजिस्ट्रेट पुलिस को मूल शिकायतों को अग्रेषित नहीं कर सकते, यह अदालत के रिकॉर्ड को नष्ट करने के बराबर हो सकता है: जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक फैसला में कहा कि यदि अदालत द्वारा प्राप्त कोई भी आवेदन, वह दीवानी हो या आपराधिक, उचित ढंग से डायरीकृत और पंजीकृत नहीं किया जाता है तो न्यायिक मजिस्ट्रेट को प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ अदालत के रिकॉर्ड को नष्ट करने के आरोप का सामना करन पड़ सकता है।ज‌स्टिस संजय धर की खंडपीठ ने कहा कि जब भी कोई आवेदन, चाहे वह नागरिक पक्ष या आपराधिक पक्ष से प्राप्त हो, न्यायालय द्वारा प्राप्त किया जाता है, उसे अनिवार्य रूप से डायरी और पंजीकृत किया जाना...

मोटर दुर्घटना का दावा बोनान्जा नहीं, बीमा कंपनी पर अस्थायी चोटों के लिए अत्यधिक राशि का बोझ नहीं डाला जा सकता: त्रिपुरा हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना का दावा "बोनान्जा" नहीं, बीमा कंपनी पर अस्थायी चोटों के लिए अत्यधिक राशि का बोझ नहीं डाला जा सकता: त्रिपुरा हाईकोर्ट

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि वह मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी दावेदार को अस्थायी रूप से लगी चोटों के लिए बीमा कंपनी पर बहुत ज्यादा राशि नहीं लगा सकती।जस्टिस टी अमरनाथ गौड़ ने कहा,"दोनों पक्षों को सुनने के बाद और रिकॉर्ड पर मौजूदा सबूतों को देखने के बाद कोर्ट को लगता है कि दावेदार-अपीलकर्ता को लगीं चोटें अस्थायी प्रकृति की हैं। विद्वान दावा न्यायाधिकरण ने 3,00,000/- रुपये का अवॉर्ड दिया है...।निस्संदेह, यह लाभकारी कानून है और दावेदार-अपीलकर्ता को उचित मुआवजे के लिए विचार करने की...