मुख्य सुर्खियां
अनुच्छेद 162 | विशेष स्थान पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करना सरकार का विवेकाधिकार है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में संविधान के अनुच्छेद 162 के तहत राज्य की विस्तृत कार्यकारी शक्तियों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्थापित करने का विवेकाधिकार है।जस्टिस एम. गंगा राव ने इस प्रकार जगमपेटा गांव के बजाय जेड.रागमपेटा गांव में नया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के सरकार के फैसले के खिलाफ दायर रिट याचिका खारिज कर दी।जगमपेटा मंडल के पूर्व सरपंच याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि 1986 से गांव में पहले से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इसे ही...
सीआरपीसी | निष्पादन कार्यवाही लंबित रहने के दरमियान निस्तारण के कारण भरण-पोषण का आदेश समाप्त नहीं होता: जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में यह माना कि केवल इसलिए कि निष्पादन की कार्यवाही के लंबित रहने के दरमियान एक दूसरे के खिलाफ मुकदमे में शामिल पति-पत्नी के बीच समझौता हो गया है, जम्मू-कश्मीर सीआरपीसी की धारा 488 के तहत एक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित भरण-पोषण का आदेश समाप्त नहीं हो जाता, यदि दोनों के बीच समझौता काम नहीं कर रहा।जस्टिस संजय धर की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसके तहत याचिकाकर्ता के खिलाफ एक निष्पादन याचिका में न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती दी गई...
ब्लॉगर आत्महत्या केस | 'सच्चाई जानने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी': केरल हाईकोर्ट ने पति को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को युवा व्लॉगर रीफा मेहनाज़ के पति को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। मेहनाज़ इस साल की शुरुआत में रहस्यमय परिस्थितियों में दुबई में अपने घर में मृत पाई गई थी।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता की हिरासत में पूछताछ उसकी पत्नी की मौत के आसपास की सच्चाई को जानने के लिए आवश्यक है।कोर्ट ने कहा,"जिन परिस्थितियों के कारण मृतक ने खुद को फांसी लगा ली वह एक ऐसा मामला है, जो याचिकाकर्ता के ज्ञान में हो सकता है।...
केरल हाईकोर्ट ने चीनी यूनिवर्सिटी में भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए व्यावहारिक ट्रेनिंग और इंटर्नशिप की याचिका पर एनएमसी से जवाब मांगा
केरल हाईकोर्ट ने चीन की विभिन्न यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले 92 मेडिकल छात्रों की ओर से दायर याचिका पर राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (एनएमसी) से जवाब मांगा है। उक्त याचिका में जब तक कि चीन द्वारा यात्रा प्रतिबंध नहीं हटा लिया जाता है, तब तक भारत में व्यावहारिक ट्रेनिंग और इंटर्नशिप की सुविधा की मांग की गई है।जस्टिस वी जी अरुण ने एनएमसी को इस मुद्दे पर आयोग के रुख के बारे में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।जस्टिस वी जी अरुण ने कहा,"राष्ट्रीय मेडिकल आयोग के सरकारी वकील आयोग के रुख के बारे में जिम्मेदार...
संयुक्त संपत्ति पर निर्माण के खिलाफ आदेश देने के लिए 'टाइटल' या 'टाइटल और कब्जे दोनों' का विस्तृत दावा पर्याप्त है: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने संयुक्त स्वामित्व और कब्जे के दावे वाली एक संपत्ति के स्वत्वाधिकार (टाइटल) और विभाजन की घोषणा के मामले में कहा कि प्रतिवादी को संपत्ति पर निर्माण करने से रोकने के आदेश की मांग करने वाले वादी को प्रथम दृष्टया यह साबित करने की आवश्यकता है कि उसके पास इसका मालिकाना है या उसके कब्जे का हकदार है या दोनों का हकदार है। इस संबंध में आवश्यक विवरण के साथ स्वत्वाधिकार या स्वत्वाधिकार एवं कब्जे दोनों का दावा करना पर्याप्त है। मूल स्वत्वाधिकार विलेख प्रस्तुत करने की कोई आवश्यकता नहीं है।...
आर्म्स एक्ट की धारा 18 | आर्म्स लाइसेंस जारी करने के खिलाफ कोई अपील नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमें आर्म्स एक्ट की धारा 18 के तहत शस्त्र लाइसेंस जारी करने के आदेश के खिलाफ अपील पर विचार किया जा सकता हो।आर्म्स एक्ट की धारा 18 में कहा गया कि कोई भी व्यक्ति लाइसेंस देने से इनकार करने या लाइसेंस की शर्तों को बदलने या लाइसेंसिंग प्राधिकरण या उस प्राधिकरण के आदेश से लाइसेंस देने से इनकार करने वाला कोई भी व्यक्ति लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने के उस आदेश के खिलाफ ऐसी अवधि के भीतर अपील कर सकता है, जो निर्धारित की जा सकती है।जस्टिस विजय...
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे इंजीनियर को साइट पर दुर्घटना में घायल बच्चे के शैक्षिक खर्च में योगदान करने का निर्देश दिया, समझौता करने की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने चल रहे निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे एक साइट इंजीनियर को निर्देश दिया कि वह उस बच्चे के शैक्षिक खर्च में योगदान करें जो साइट पर मौजूद एक बोर्ड के गिरने से घायल हो गया था।यह निर्देश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक बच्चा 10वीं पास नहीं कर लेता। नाबालिग बच्चा अभी तीसरी कक्षा में है।एक निजी निर्माण कंपनी में कार्यरत याचिकाकर्ता-इंजीनियर की ओर से लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाबालिग बच्चे के पिता द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 283 और 338 के तहत एफआईआर दर्ज कराई...
राजस्थान हाईकोर्ट ने COVID-19 वैक्सीनेशन स्थिति के आधार पर भेदभाव के खिलाफ दायर याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी, जिसमें COVID-19 के खिलाफ कम से कम एक वैक्सीन खुराक लेने वाले लोगों के लिए इनडोर गेम्स, जिम, रेस्तरां और अन्य सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच को प्रतिबंधित किया गया है।जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी। एडवोकेट जनरल ने अदालत को सूचित किया कि सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत आदेश पारित किया है, जिसमें कहा गया कि किसी भी व्यक्ति को वैक्सीन लगाने के लिए मजबूर नहीं...
केरल हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत स्वप्ना सुरेश के बयान की प्रतियां मांगने वाली सौलार पैनल घोटाले में मुख्य आरोपी सरिता नायर की याचिका खारिज की
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने सौलार पैनल घोटाले (Solar Panel Scam) की मुख्य आरोपी सरिता एस. नायर (Sarita S. Nair) द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने सोने की तस्करी मामले (Gold Smuggling Case) में आरोपी स्वप्ना सुरेश (Swapna Suresh) द्वारा सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए गए बयान की प्रतियां प्रदान करने की मांग की थी।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने याचिका खारिज कर दी।मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील एडवोकेट बी.ए. अलूर ने प्रस्तुत किया कि स्वप्ना द्वारा दिया गया बयान...
मुंबई कोर्ट ने ऑस्ट्रेलिया के दंपति को सरोगेट बच्चे के कानूनी माता-पिता के रूप में घोषित किया
मुंबई में सिटी सिविल कोर्ट ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय जोड़े को सरोगेसी से पैदा हुए अपने बेटे के आनुवंशिक और जैविक माता-पिता के रूप में घोषित किया। इस आदेश के बाद दंपत्ति बच्चे के साथ ऑस्ट्रेलिया की यात्रा कर सकेंगे।दंपति ने दावा किया कि समझौते के बावजूद सरोगेट मां उनके साथ सहयोग नहीं कर रही है और ऑस्ट्रेलिया के दूतावास की कई अन्य बाधाएं और आवश्यकताएं हैं।माता-पिता के लिए इस तरह की राहत पाने के लिए विशिष्ट कानून के अभाव में अदालत ने उन दिशानिर्देशों पर भरोसा किया, जिनमें कहा...
"प्रथम दृष्टया अनुच्छेद 19 के तहत संवैधानिक अधिकार का हनन": कलकत्ता हाईकोर्ट ने राधा के साथ भगवान कृष्ण के 'अंतरंग' चित्र मामले में अन्वेषण पर रोक लगाई
एक आर्टिस्ट ने उसके फेसबुक पोस्ट (Facebook Post) को लेकर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295ए के तहत दर्ज एफआईआर के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) का रुख किया, जिसमें उसके द्वारा बनाए गए चित्र में भगवान कृष्ण और राधा के बीच एक अंतरंग दृश्य को दर्शाया गया है, जो गीत गोविंदा (जया देवा की प्रेम कविता) से प्रभावित है।मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने प्रथम दृष्टया उल्लेख किया कि मामले में आपराधिक शिकायत एक संज्ञेय अपराध का खुलासा नहीं करती है, और यह कि एफआईआर ने भारत के...
जिला प्राथमिक विद्यालय परिषद के चेयरमैन शिक्षकों के ट्रांसफर का आदेश नहीं दे सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट की एक एकल न्यायाधीश की बेंच ने उत्तर 24 परगना जिला प्राथमिक विद्यालय परिषद के चेयरमैन द्वारा अपीलकर्ता के खिलाफ जारी ट्रांसफर के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को दायर हुई इंट्रा-कोर्ट अपील में हाईकोर्ट ने कहा कि चेयरमैन के पास प्राथमिक विद्यालय के अपीलकर्ता सहायक शिक्षक को आक्षेपित ट्रांसफर आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है।अपीलकर्ता का 7 अक्टूबर, 2021 को तबादला कर दिया गया था। इस पर अपीलकर्ता ने हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश के समक्ष रिट आवेदन को...
डिफ़ॉल्ट जमानत का उद्देश्य स्वाभाविक रूप से अनुच्छेद 21 से जुड़ा है, जो बचाव पक्ष के जीवन और मनमाने ढंग से हिरासत के खिलाफ व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर जोर देता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि डिफ़ॉल्ट जमानत का उद्देश्य स्वाभाविक रूप से भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा हुआ है, जिसमें मनमाने ढंग से हिरासत के खिलाफ आरोपी के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करने पर जोर दिया गया है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस) के तहत दर्ज मामले के संबंध में आरोपी द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। पुनर्विचार याचिका में ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें डिफ़ॉल्ट जमानत के लिए उसकी...
दिल्ली दंगा : कोर्ट ने छह लोगों को डकैती के आरोप से आरोपमुक्त किया, दंगा और गैरकानूनी रूप से जमा होने के आरोप बरकरार रखे
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के दंगों के मामले में छह लोगों को डकैती के आरोपों से आरोपमुक्त मुक्त कर दिया, जबकि उनके खिलाफ दंगा करने और गैरकानूनी रूप से जमा होने (Unlawful Assembly) के अन्य आरोपों को बरकरार रखा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने आरोपी सुमित, नरेश, उदय सिंह, दर्शन, विनोद कुमार और देवराज को भारतीय दंड संहिता की धारा 436 के तहत आरोपों से भी आरोपमुक्त कर दिया। आईपीसी की धारा 436 के तहत घर को नष्ट करने के इरादे से आग या विस्फोटक पदार्थ द्वारा शरारत करने का अपराध आता...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य मामले/अपील पर बहस करने के बजाय अभियुक्तों के लिए जमानत मांगने की वकीलों की प्रैक्टिस की निंदा की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील के लंबित रहने के दौरान वकीलों द्वारा अपील/मुख्य मामले पर बहस करने में अनिच्छा दिखाते हुए अभियुक्तों की जमानत अर्जी के लिए दबाव डालने की परिपाटी के प्रति अपनी निराशा व्यक्त की और इस प्रकार की प्रैक्टिस की निंदा की। जस्टिस डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस अजय त्यागी की पीठ ने 2016 में आरोपी द्वारा उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर एक अपील पर विचार करते हुए यह बात कही। इस सुनवाई में आरोपी की ओर से पेश वकील ने मुख्य मामले पर बहस करने के बजाय जमानत...
फे़क न्यूज़ के युग में हमें ऐसे पत्रकारों की जरूरत पहले से अधिक है, जो समाज में अनदेखे को डॉक्यूमेंट करें और फॉल्ट लाइन्स को उजागर करें: जस्टिस चंद्रचूड़
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि "फे़क न्यूज़ और दुष्प्रचार के युग में, हमें ऐसे पत्रकारों की जरूरत पहले से कहीं अधिक है, जो हमारे समाज में अनदेखे को डॉक्यूमेंट करें और समाज की फॉल्ट लाइन्स को उजागर करें।"जस्टिस चंद्रचूड़ ने यह टिप्पणी ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में 11वें दीक्षांत समारोह और स्थापना दिवस समारोह में दिए अपने भाषण में की।उनके भाषण के अंश निम्नलिखित हैं-"कुछ दिनों में, भारत 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा, यह हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।75 वर्षों में भारत ने संवैधानिक...
'अनुसूचित अपराध के बिना कोई पीएमएलए मामला नहीं': मुंबई स्पेशल कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को लागू किया
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के हालिया फैसले के बाद पहली बार, मुंबई स्पेशल कोर्ट (Mumbai Special Court) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में दो आरोपियों की अंतरिम रिहाई का आदेश दिया, जब आरोपियों ने दावा किया कि उन्हें निर्धारित अपराध में बरी कर दिया गया था।स्पेशल जज एमजी देशपांडे ने विजय मंडल चौधरी और अन्य बनाम भारत सरकार मामले पर भरोसा जताया जहां सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कोई अनुसूचित / विधेय अपराध नहीं है, तो पीएमएलए मामला जारी नहीं रह सकता...
धारा 20 एसआरए | विशिष्ट अदायगी की डिक्री देने की शक्ति "विवेकाधीन": त्रिपुरा हाईकोर्ट
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक बिक्री विलेख के निष्पादन से संबंधित मामले का निस्तारण करते हुए कहा कि विशिष्ट अदायगी के लिए एक उपचार प्रकृति में विवेकाधीन है और न्यायालय शक्ति का प्रयोग केवल इसलिए नहीं कर सकता है क्योंकि ऐसा करना वैध है। अदालत उस कठिनाई को ध्यान में रख सकती है जो इस तरह के निर्देश से किसी पक्ष को हो सकती है।जस्टिस अरिंदम लोध ने कहा,"हमने मामले में गंभीरतापूर्वक विचार किया है और दलीलों के साथ-साथ रिकॉर्ड पर लाए गए सबूतों का भी अध्ययन किया है। बार में कोई बहस नहीं हो सकती है कि...
NCLT ने ऑनलाइन सुनवाई के आयोजन के संबंध में 8 अगस्त, 2022 की फर्जी अधिसूचना पर स्पष्टीकरण जारी किया
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 09 अगस्त, 2022 को अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि व्हाट्सएप पर शेयर की जा रही 08 अगस्त 2022 की अधिसूचना अप्रमाणिक है। इस अधिसूचना को न तो NCLT के अध्यक्ष द्वारा अनुमोदित है और न ही इसे NCLT की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।संक्षिप्त पृष्ठभूमिव्हाट्सएप पर 08 अगस्त, 2022 को अप्रमाणिक NCLT की अधिसूचना शेयर की जा रही थी। इस अधिसूचना में कहा गया कि NCLT बेंच में सदस्यों की कमी के कारण यह निर्णय लिया गया है कि NCLT केवल वर्चुअल माध्यम से...
"लोकसभा चुनावों में उन्हें हराने के लिए राजनीतिक साजिश के कारण एफआईआर दर्ज की गई": यूपी कोर्ट ने बलात्कार मामले में सांसद अतुल राय को बरी करते हुए कहा
उत्तर प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने हाल ही में बसपा सांसद अतुल राय को 24 वर्षीय महिला की ओर से दायर कथित बलात्कार के मामले में बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राय के खिलाफ एफआईआर 2019 लोकसभा चुनावों में उन्हें हराने के लिए एक राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराई गई थी।24 वर्षीय महिला/पीड़ित, जिसने 2019 में राय पर बलात्कार का आरोप लगाया था, और उसके पुरुष मित्र ने 16 अगस्त, 2021 को सुप्रीम कोर्ट के बाहर खुद को आग लगा ली थी। 24 अगस्त को दोनों ने दम तोड़ दिया।अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश सियाराम चौरसिया...




















