मुख्य सुर्खियां

दिल्ली हाईकोर्ट
वैवाहिक मामलों में पक्षकारों के बीच समझौता होने के बाद आईपीसी की धारा 377 के तहत एफआईआर रद्द की जा सकती हैः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि जिन वैवाहिक मामलों में आपसी समझौता हो जाता है,वहां भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत अपराध से भी समझौता किया (आपस में मिलकर निपटाया) जा सकता है और एफआईआर को रद्द किया जा सकता है क्योंकि पक्षकारों को अपने जीवन में आगे बढ़ना है। जस्टिस तलवंत सिंह की पीठ ने रिफाकत अली व अन्य बनाम राज्य व अन्य के मामले में एक समन्वय पीठ द्वारा 26 फरवरी, 2021 को दिए गए एक निर्णय से सहमति व्यक्त की, जिसमें अदालत ने आईपीसी की धारा 377 के तहत दर्ज एक एफआईआर को रद्द कर दिया था। कोर्ट...

एएमयू में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन- छात्रों को ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए जो महान शिक्षण संस्थानों को बदनाम करती हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
एएमयू में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन- 'छात्रों को ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए जो महान शिक्षण संस्थानों को बदनाम करती हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने दिसंबर 2019 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हुई कुछ घटनाओं (एंटी-सीएए प्रोटेस्ट के दौरान) से संबंधित मुद्दों को उठाने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा,"छात्र शिक्षा के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों या किसी भी शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन लेते हैं और इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होते हैं, जिससे महान शिक्षण संस्थानों का नाम खराब होता है।"चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस जे जे मुनीर की पीठ ने याचिकाओं को खारिज कर दिया क्योंकि बेंच ने राष्ट्रीय...

दिल्ली हाईकोर्ट
यूएपीए की धारा 45(1) के तहत अभियोजन के लिए मंजूरी देने के संबंध में दस्तावेजों के खुलासा को आरटीआई अधिनियम के तहत छूट दी जा सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मुंबई ट्विन ब्लास्ट मामले (7/11 बम विस्फोट मामले) में एक दोषी द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसे यूएपीए की धारा 45(1) के तहत अभियोजन के लिए मंजूरी देने से संबंधित प्रस्ताव और सभी दस्तावेजों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया गया था।एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी नामक शख्स को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 और राष्ट्रीय जांच अधिनियम, 2008 के तहत दोषी ठहराया गया...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हावेरी के डिप्टी कमिश्नर को कथित अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हावेरी के डिप्टी कमिश्नर को कथित अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने हावेरी जिले के डिप्टी कमिश्नर को बिना किसी लाइसेंस के जिले में कथित अवैध बूचड़खानों के संचालन के बारे में दिए गए अभ्यावेदन पर तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।एक्टिंग चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी की खंडपीठ ने सोमशेखर शंकरप्पा हुरुकदली द्वारा दायर एक जनहित याचिका का निपटारा किया।याचिकाकर्ता द्वारा यह दावा किया गया कि उसने तीन मौकों पर अभ्यावेदन प्रस्तुत कर प्रतिवादियों को अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश...

आदेश 23 नियम 3 सीपीसी | विकृत समझौता डिक्री को वही न्यायालय वापस ले सकता है, इस तरह के डिक्री को अलग मुकदमे में चुनौती देने पर रोक: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
आदेश 23 नियम 3 सीपीसी | विकृत समझौता डिक्री को वही न्यायालय वापस ले सकता है, इस तरह के डिक्री को अलग मुकदमे में चुनौती देने पर रोक: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि एक समझौता विलेख दरअसल पक्षों के बीच न्यायालय की डिक्री द्वारा आरोपित एक अनुबंध है और इस प्रकार की डिक्री को केवल उसी न्यायालय से संपर्क कर और उसके समक्ष यह प्रदर्शित करके टाला जा सकता है कि जिस समझौत के आधार पर डिक्री पारित की गई है, वह वैध नहीं है।जस्टिस संजीव कुमार की पीठ ने उक्त टिप्‍पणी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत असाधारण रिट क्षेत्राधिकार का आह्वान करते हुए मुंसिफ कोर्ट (अतिरिक्त...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
सीआरपीसी की धारा 451 के तहत जब्त किए गए सोने के गहने अधिकतम एक महीने तक कस्टडी में रखे जा सकते हैंः कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी अपराध की जांच के दौरान सोने के सराफा या सोने के गहने जब्त किए जाते हैं तो इसके लिए अधिकतम 15 दिन या एक महीने की अवधि हो सकती है और बाद में इसे रिलीज़ किया जाना चाहिए। पीड़ित/शिकायतकर्ता/आवेदक को उसकी अंतरिम कस्टडी सौंपी जानी चाहिए।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने मेसर्स नंबूर ज्वैलर्स द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही पुलिस द्वारा जब्त किए गए सोने की अंतरिम कस्टडी सौंपने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता हमीद अली के खिलाफ भारतीय दंड संहिता...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
आरक्षण हर योग्य उम्मीदवार तक पहुंचना चाहिए, यह लाभ आरक्षित श्रेणी का ऐसा उम्मीदवार न निगल जाए, जिसके पास सामान्य श्रेणी के अंतिम उम्मीदवार की तुलना में समान या बेहतर मेरिटः जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आरक्षण का लाभ संबंधित कैटेगरी में योग्य उम्मीदवार तक पहुंचना चाहिए। कोर्ट ने कहा राज्य का यह दायित्व है कि वह यह देखे के यह लाभ आरक्षित श्रेणी का ऐसा उम्मीदवार न निगल जाए, जिसके पास सामान्य श्रेणी में प्रवेश पाने वाले अंतिम उम्मीदवार की तुलना में समान या बेहतर मेरिट है।चीफ जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ रिट कोर्ट के फैसले के खिलाफ चेयरमैन, जेएंडके बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेश (बीओपीईई) के माध्यम से दायर एक...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला न्यायालयों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला न्यायालयों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई, 2019 में वकील कुंवर गंगेश सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) में अपने प्रशासनिक पक्ष से नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जिसमें शहर भर की विभिन्न जिला अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के निर्देश देने की मांग की गई।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दायर पूर्व स्टेटस रिपोर्ट वर्ष 2020 की है, जिससे प्रशासन को मामले में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया।मामले की सुनवाई अब 9 जनवरी...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा के दौरान पूजा समितियों को अनुदान देने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द करने से इनकार किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा के दौरान पूजा समितियों को अनुदान देने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द करने से इनकार किया

कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने हाल ही में दुर्गा पूजा के दौरान पूजा समितियों को अनुदान देने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द करने से इनकार कर दिया।कोर्ट ने सरकार को केवल उन्हीं क्लबों/पूजा समितियों के पक्ष में अनुदान जारी करने का निर्देश दिया, जिन्होंने पिछले वर्ष इसका उपयोग उस उद्देश्य के लिए किया था, जिसके लिए प्रदान किया गया था और समय के भीतर विधिवत उपयोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने राज्य सरकार के पश्चिम बंगाल राज्य...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
सीआरपीसी की धारा 451- 'जब्त किए गए सोने के गहने अधिकतम 1 महीने तक कस्टडी में रखे जा सकते हैं': कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट Karnataka High Court) ने कहा कि अगर किसी अपराध की जांच के दौरान सोने के गहने जब्त किए जाते हैं, तो अधिकतम 15 दिन या एक महीने की अवधि हो सकती है और बाद में, इसे छोड़ा जाना चाहिए और पीड़ित/शिकायतकर्ता/आवेदक को अंतरिम कस्टडी सौंपी जानी चाहिए।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने नंबूर ज्वैलर्स द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और पुलिस द्वारा जब्त किए गए सोने की अंतरिम कस्टडी को सौंपने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 451 और 457 के तहत एक...

बॉम्बे रेंट एक्ट की धारा 13 के तहत यह आवश्यक नहीं कि सभी संयुक्त किरायेदार वैकल्पिक आवास ढूंढें ताकि मकान मालिक को किराए के परिसर पर कब्जा वापस मिल सके: गुजरात हाईकोर्ट
बॉम्बे रेंट एक्ट की धारा 13 के तहत यह आवश्यक नहीं कि सभी संयुक्त किरायेदार वैकल्पिक आवास ढूंढें ताकि मकान मालिक को किराए के परिसर पर कब्जा वापस मिल सके: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि बॉम्बे रेंट, होटल और लॉजिंग हाउस रेट कंट्रोल एक्ट, 1947 की धारा 13 (1) (1) के तहत यह आवश्यक नहीं है कि सभी संयुक्त किरायेदार वैकल्पिक आवास ढूंढें ताकि मकान मालिक को किराए के परिसर पर कब्जा वापस मिल सके।जस्टिस एएस सुपेहिया ने कहा,"मकान मालिक किसी भी परिसर के कब्जे की वसूली को वापस पाने का हकदार होगा यदि न्यायालय संतुष्ट है कि किरायेदार ने इस अधिनियम के प्रभावी होने के बाद, खाली कब्जा बना चुका है या अर्जित कर चुका है या एक उपयुक्त निवास आवंटित किया जा चुका है और संयुक्त...

मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस से दशहरा महोत्सव के दौरान सभी अश्लील नृत्य प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने के लिए कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस से दशहरा महोत्सव के दौरान सभी अश्लील नृत्य प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने के लिए कहा

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में थूथुकुडी जिला कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल आयोजनों, जुलूस/बैठक आदि आयोजित करने की अनुमति देने के दौरान पालन की जाने वाली प्रक्रिया के संबंध में सर्कुलर ज्ञापन को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया। इस प्रकार अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना है कि अरुल्थरम मुथरम्मन मंदिर में दशहरा उत्सव के दौरान कोई अश्लील नृत्य प्रदर्शन या अन्य जुलूस न हो।कोर्ट ने कहा कि हम निर्देश देते हैं कि आगामी उत्सव में पुलिस अधिकारियों द्वारा अश्लील नृत्य प्रदर्शन...

कलकत्ता हाईकोर्ट
अमान्य पुनर्मूल्यांकन नोटिस से पूरी कार्यवाही को समाप्त करना है: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही की नींव वैध नोटिस है, और यदि नोटिस को अमान्य माना जाता है तो इससे पूरी इमारत को गिरना होगा।जस्टिस टी.एस. शिवगनम और जस्टिस न्यायमूर्ति हिरणमय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने कहा कि निर्धारण अधिकारी उचित समय के भीतर कारण प्रस्तुत करने के लिए बाध्य है, नोटिसकर्ता नोटिस पर अपनी आपत्ति दर्ज करने का हकदार है और निर्धारण अधिकारी आदेश पारित करके इसका निपटान करने के लिए बाध्य है।प्रतिवादी/निर्धारिती ने कुल आय शून्य घोषित करते हुए निर्धारण वर्ष 2009-10 के लिए...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य को 80 लाख रुपये के चोरी के आभूषण पुलिस द्वारा जब्त किए जाने के बावजूद गायब हो जाने पर पीड़ित को मुआवजा देने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य को 80 लाख रुपये के चोरी के आभूषण पुलिस द्वारा जब्त किए जाने के बावजूद गायब हो जाने पर पीड़ित को मुआवजा देने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में राज्य को याचिकाकर्ताओं को पूरी तरह से मुआवजा देने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता के 80 लाख के कीमत के आभूषणों चोरी हो गए थे, जिसे बाद में पुलिस ने जब्त किया था, लेकिन फिर से अपने ट्रेसरी से खो गया।इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि गहने पुलिस के कब्जे में होने वाले थे, जब उन्होंने इसे पाया और जब्त कर लिया, जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने कहा,"यहां यह उल्लेख करना अनुचित नहीं है कि पुलिस ने अपराध संख्या 290/2017 में पुलिस थाना पड़व, जिला ग्वालियर में...

अपंजीकृत पारिवारिक समझौता साक्ष्य में तभी स्वीकार्य होगा जब परिवार के सभी सदस्यों की स्वीकृति के साथ समझौते की पुष्टि हुई हो: कर्नाटक हाईकोर्ट
अपंजीकृत पारिवारिक समझौता साक्ष्य में तभी स्वीकार्य होगा जब परिवार के सभी सदस्यों की स्वीकृति के साथ समझौते की पुष्टि हुई हो: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना कि अचल संपत्तियों को बांटने के लिए पार्ट‌ियों के बीच पारिवारिक समझौता परिवार के सभी सदस्यों के बीच होना चाहिए, जो सामान्य नियमों और शर्तों से सहमत हैं, और पंचायत के समक्ष आए मुकदमें की दो पार्ट‌ियों के बीच लिखित समझौता स्वीकार्य नहीं होगा, जब तक कि यह एक पंजीकृत दस्तावेज न हो।जस्टिस सचिन शंकर मखादुम की सिंगल जज बेंच ने कृष्णप्पा और अन्य द्वारा दायर अपील को स्वीकार किया और अपीलीय अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।बेंच ने कहा,"पारिवारिक समझौते में सहभागिता शामिल है और उस पर...

हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों पर पूर्णकालिक रूप से काम नहीं करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों पर पूर्णकालिक रूप से काम नहीं करने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार द्वारा शहर के उत्तर पूर्व जिले में दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों में छात्रों को पूर्णकालिक शिक्षा देने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर जवाब मांगा। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि बच्चों को या तो केवल 2 घंटे की दैनिक शिक्षा दी जाती है या वैकल्पिक दिनों में पढ़ाया जा रहा है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने नागरिक अधिकार समूह सोशल ज्यूरिस्ट के इस कदम पर नोटिस जारी किया, जिसमें दावा किया गया कि सरकारी स्कूलों...

जब तक कि अपील 5/6 वर्षों तक अनिर्णीत न हो, जघन्य मामलों में धारा 389 सीआरपीसी के तहत निलंबन पर विचार नहीं किया जाना चाहिएः जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
जब तक कि अपील 5/6 वर्षों तक अनिर्णीत न हो, जघन्य मामलों में धारा 389 सीआरपीसी के तहत निलंबन पर विचार नहीं किया जाना चाहिएः जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराध में, अपील का निस्तारण न होने की स्थिति में 5-6 वर्षों बाद ही सीआरपीसी की धारा 389 के तहत सजा के निलंबन और जमानत पर विचार होना चाहिए।जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे और जस्टिस मोहम्मद अकरम चौधरी एक आवेदन के साथ एक अपील पर विचार कर रही थी। अपीलकर्ता ने अपनी सजा के निलंबन और जमानत की मांग की थी। उसकी अपील लंबित थी। उसे धारा 302 और 392 आरपीसी के तहत दंडनीय अपराधों के लिए सजा दी गई थी।अपीलकर्ता ने अपनी अपील के साथ...

सीपीसी के आदेश 26 नियम 9 के तहत आवेदन की अनुमति दी जा सकती है, जहां विवादित तथ्यों का पता नहीं लगाया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
सीपीसी के आदेश 26 नियम 9 के तहत आवेदन की अनुमति दी जा सकती है, जहां विवादित तथ्यों का पता नहीं लगाया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में कुछ विवादित तथ्यों की स्थानीय जांच करने के लिए आयोगों की नियुक्ति की मांग करने वाले आवेदन की अनुमति दी, जबकि यह देखते हुए कि प्रक्रियात्मक कानून न्याय के कारण को आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया है, न कि अति तकनीकी आधार पर वादी का गला घोंटने के लिए।जस्टिस राकेश मोहन पांडे ने अतिरिक्त जिला न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें जल निकासी पथ पर अतिक्रमण की सीमा का पता लगाने के लिए स्थानीय निरीक्षण के लिए याचिकाकर्ता के आवेदन को खारिज कर दिया...

झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने परिवार के सदस्यों द्वारा गैंग-रेप की शिकार 'अंधी नाबालिग लड़की' को ₹10 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया

झारखंड हाईकोर्ट ने भाई और चाचा सहित अपने ही परिवार के सदस्यों द्वारा गैंग रेप की शिकार 'अंधी नाबालिग लड़की' को 10 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को इस तरह के जघन्य और क्रूर अपराधों के पीड़ितों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राजधानी रांची में पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का भी निर्देश दिया।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए कई निर्देश जारी करते हुए कहा,"ए" द्वारा पीड़ित शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक आघात दुर्जेय है। बलात्कार न...

Gauhati High Court
सुपारी प्राकृतिक हानि के अधीन, जांच की आवश्यकता नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने रिहाई का निर्देश दिया

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने जब्त सुपारी को छोड़ने का निर्देश दिया, क्योंकि सुपारी तेजी से प्राकृतिक हानि के अधीन हैं और जांच के उद्देश्य के लिए उनके प्रतिधारण की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस रॉबिन फुकन की एकल पीठ ने कहा कि जब्ती की तारीख से अब तक 128 दिन से अधिक समय बीत चुका है। जब्त सुपारी के संबंध में चोरी का कोई आरोप नहीं है। याचिकाकर्ता ने गांव बुराह और जुतोवी गांव के अध्यक्ष द्वारा अपने गांव से सुपारी खरीदने के संबंध में जारी प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया है।एसआई अतीकुर रहमान ने 14.03.2022 को प्रभारी...