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नार्को एनालिसिस: राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को अपने बचाव के समर्थन में स्वेच्छा से नार्को टेस्ट से गुजरने की अनुमति देने का निर्देश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह पत्नी की दहेज हत्या के आरोपी पति-याचिकाकर्ता को अपने बचाव के समर्थन में स्वेच्छा से नार्को एनालिसिस टेस्ट कराने की अनुमति दे और इस तरह उसे साक्ष्य में दर्ज करे।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने कहा,"भले ही नार्को एनालिसिस टेस्ट परिणाम पर पूर्ण बाध्यकारी प्रभाव न हो, यह निश्चित रूप से कानून द्वारा मान्यता प्राप्त वैज्ञानिक तकनीक है। इसका उपयोग अभियोजन एजेंसियों के साथ-साथ न्यायालयों द्वारा जांच के दौरान मुख्य साक्ष्य का समर्थन और...
लोकायुक्त शिकायत में शामिल परेशानी पर सुनवाई कर सकते हैं या नहीं, यह केस-दर-केस तय होगा, कोर्ट इस पर कोई कानून नहीं बना सकता: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा था कि लोकायुक्त या उप लोकायुक्त किसी भी कष्ट या आरोप के संबंध में किसी भी शिकायत पर विचार कर सकते हैं और यह तथ्यात्मक परिस्थितियों के अनुसार और मामले के आधार पर पता लगाया जाना चाहिए, न्यायालय इस संबंध में किसी कानून का निर्धारण नहीं कर सकता है।जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस शाजी पी चाली की खंडपीठ ने प्राधिकरणों जैसे कि उप लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग, किशोर न्याय बोर्ड, सिविल कोर्ट आदि को निर्देश दिया कि विभिन्न कानूनों के तहत इसी अदालत द्वारा एक अन्य मामले में...
धारा 319 सीआरपीसी | जांच या परीक्षण के दरमियान अदालत द्वारा एकत्र की गई सामग्री का ही उपयोग अतिरिक्त आरोपी को दोषारोपित करने के लिए किया जा सकता है: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि जांच या परीक्षण के दरमियान अदालत द्वारा एकत्र की गई सामग्री का उपयोग ही केवल धारा 319 सीआरपीसी के तहत अतिरिक्त आरोपी के दोषारोपण के लिए किया जा सकता है, न कि मामले की जांच के दरमियान जांच एजेंसी द्वारा एकत्र की गई सामग्री का उपयोग...।जस्टिस संजय धर की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसके संदर्भ में मेसर्स जेके स्टेशनर्स ने विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत आरोप पत्र में धारा 5 (1) (डी) सहपठित...
[मेडिकल लापरवाही] मेडिकल पेशेवरों के खिलाफ आपराधिक कानून लागू करने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना आवश्यक: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि आपराधिक लापरवाही के अपराध के लिए मेडिकल पेशेवरों पर मुकदमा चलाने से पहले आपराधिक अदालत को मेडिकल एक्सपर्ट की राय लेनी चाहिए। यदि इस तरह की राय से मेडिकल पेशेवर के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का प्रथम दृष्टया मामला बनता है तो तभी आपराधिक कानून की मशीनरी को चालू किया जाना चाहिए।जस्टिस संजय धर की पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसके माध्यम से याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पुलवामा द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी। इसमें...
"ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी भूमि के किसी भी हिस्से पर अतिक्रमण कर सकता है": उत्तराखंड एचसी ने देहरादून के नदी तल पर अतिक्रमण को तत्काल हटाने का निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून में नदी तलों के निरंतर अतिक्रमण और संबंधित अधिकारियों की मौन भागीदारी और समर्थन पर गंभीर निराशा व्यक्त की।चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ ने अतिक्रमण को तत्काल हटाने का आदेश पारित करते हुए कहा,"हम वन भूमि, जलमार्ग और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में राज्य में प्रचलित वर्तमान स्थिति को देखकर निराश हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि यह सभी के लिए नि: शुल्क है और कोई भी भूमि के किसी भी हिस्से पर अतिक्रमण कर सकता है।"तथ्यात्मक...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने पुलिस को बार के सदस्यों द्वारा आरोपी के जमानत बांड जमा करने से रोके गए वकील को एस्कॉर्ट करने का निर्देश दिया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को खुर्दा के पुलिस अधीक्षक को वकील को आवश्यक सुरक्षा/एस्कॉर्ट प्रदान करने का निर्देश दिया, जिसे कथित रूप से टांगी के बार सदस्यों ने अपने मुवक्किलों के जमानत बांड जमा करने के लिए मजिस्ट्रेट के पास जाने से रोका था।इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए जस्टिस एस. तलापात्रा और जस्टिस एम.एस. साहू ने कहा,"कोई भी सही सोच वाला व्यक्ति ऐसी स्थिति के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त नहीं कर सकता है, चाहे इस तरह की कार्रवाई के पीछे कोई भी कारण हो। स्वतंत्रता हमारे संवैधानिक ढांचे के तहत...
गुजरात हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी की आरोपी 70 साल की महिला को जमानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406, 420, 114, 467, 471 और 120-बी और धारा 66 (सी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के 66 (डी) और विदेशी अधिनियम की धारा 14, 14 (ए) (बी) के तहत अपराध करने की आरोपी 70 वर्षीय महिला को जमानत दी। महिला ने दावा किया कि उसे दो माह के बच्चे की देखभाल करनी है।एफआईआर और आरोप पत्र के अनुसार, आवेदक के खिलाफ प्राथमिक आरोप यह है कि उसने खुद को कस्टम अधिकारी के रूप में पेश किया और शिकायतकर्ता को किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में 3.87 लाख रुपये...
पुष्टि के अभाव में बलात्कार पीड़िता की गवाही पर कार्रवाई से इनकार उसकी चोटों को और अपमानित करता है: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट ने बलात्कार की सजा को बरकरार रखा
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट वर्ष 2011 में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के दोषी की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि भारतीय परिस्थितियों में पुष्टि के अभाव में, जैसा कि नियम है, यौन पीड़िता की गवाही पर कार्रवाई से इनकार, उसकी चोटों को और अपमानित कर रहा है।जस्टिस रजनीश ओसवाल और जस्टिस मोहन लाल की पीठ ने यह भी कहा कि बलात्कार के मामलों में, पीड़िता अपना चेहरा और एक व्यक्ति के रूप में अपनी वैल्यू खो देती है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि हमारे रूढ़िवादी समाज में एक महिला और एक युवा...
पेंशन लाभ | कदाचार के लिए सेवा से हटाए गए कर्मचारी सेवा पूरी होने पर सेवानिवृत्त होने वालों के समान नहीं: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में देखा कि कदाचार के लिए सेवा से हटाया गया कर्मचारी उन लोगों के बराबर नहीं है, जो सेवानिवृत्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं।जस्टिस संजीव कुमार ने जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक के पूर्व कर्मचारी द्वारा किए गए पेंशन दावे को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। उक्त कर्मचारी को 2011 में सेवा से हटा दिया गया था।याचिकाकर्ता ने जम्मू-कश्मीर ग्रामीण बैंक (कर्मचारी) पेंशन विनियम, 2018 का लाभ मांगा था, जिसके तहत टर्मिनल लाभों के लिए प्रावधान किया गया है।कोर्ट ने हालांकि दो...
[गैंगस्टर एक्ट केस] इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वघोषित 'अंतर्राष्ट्रीय हिंदू नेता' को जमानत दी, उस पर योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर लोगों को धोखा देने का आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने मंगलवार को गैंगस्टर एक्ट केस में स्वघोषित अंतरराष्ट्रीय हिंदू नेता और योगी सेना नामक एक संगठन के प्रमुख कुलदीप शर्मा उर्फ कुलदीप हिंदू को जमानत दी। उस पर धोखाधड़ी से बड़े पैमाने पर जनता से पैसे ऐंठने का आरोप है।शर्मा के खिलाफ उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का कथित रूप से दुरुपयोग करने और विभिन्न व्यक्तियों को बैंक खातों में पैसा जमा करने के लिए मूर्ख बनाने के लिए उनके खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले के आधार पर गैंगस्टर...
"चाचा और भतीजी का पवित्र रिश्ता बदनाम किया": पजांब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय भतीजी से बलात्कार के दोषी की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को 2008 में अपनी ही 12 वर्षीय भतीजी के साथ बलात्कार के दोषी एक व्यक्ति को दी गई आजीवन कारावास की सजा को यह देखते हुए बरकरार रखा कि आरोपी पीड़िता का असली चाचा है।अदालत ने कहा,"अपील के तथ्य दुर्भाग्य से घिनौनी और अप्रिय घटना से संबंधित हैं, जहां अपीलकर्ता, जो पीड़िता का असली चाचा है, उसने अपनी भतीजी, 12 साल की छोटी बच्ची के साथ बलात्कार किया। परिणाम यह हुआ कि चाचा और भतीजी के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया गया। ऐसे अपराधी सभ्य समाज के लिए एक खतरा हैं और कानून के...
अनुच्छेद 30 | अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त संस्थान अल्पसंख्यक समुदाय से योग्य प्रिंसिपल की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र, अदालतें हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का प्रबंधन "अल्पसंख्यक समुदाय" के योग्य व्यक्ति को उस संस्थान का नेतृत्व करने के लिए या तो वाइस प्रिंसिपल या प्रिंसिपल के रूप में नियुक्त करने का "सचेत विकल्प" बनाता है तो अदालत इसमें हस्तेक्षप नहीं कर सकती।यह कहते हुए कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 30 (1) के तहत अधिकार इस संबंध में पूर्ण है, जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने आगे कहा:"प्रत्येक भाषाई अल्पसंख्यक की अपनी सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सीमाएं हो सकती हैं। उसे ऐसी संस्कृति और भाषा के...
ट्रांसजेंडर अधिकारों के लिए नियम अधिसूचित करें, शिक्षकों को ट्रांसजेंडर कम्यूनिटी से जुड़े बच्चों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाएं: मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य से कहा
मद्रास हाईकोर्ट को तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को सूचित किया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा की नीति अपने अंतिम चरण में है और नीतियों को जल्द से जल्द लागू करने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।जस्टिस आनंद वेंकटेश की पीठ ने इस प्रकार राज्य को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) नियमों को अधिसूचित करने के लिए 12 सप्ताह का और समय दिया है।कोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किया,"एडिशनल एडवोकेट जनरल ने प्रस्तुत किया कि मसौदा नियमों की अब कानून विभाग द्वारा जांच की जा रही है और विभाग...
[अनुच्छेद 22(5)] डिटेंड व्यक्ति द्वारा अंग्रेजी में हस्ताक्षर करने का मतलब यह नहीं है कि वह अंग्रेजी भाषा और प्रिवेंटिव डिटेनशन आदेश को समझता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि डिटेंड व्यक्ति द्वारा अंग्रेजी भाषा में हस्ताक्षर करने से यह नहीं पता चलता है कि वह अंग्रेजी भाषा को समझता है और परिणामस्वरूप हिरासत के आधार और दस्तावेजों पर भरोसा करता है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की खंडपीठ ने कहा,"डिटेंड व्यक्ति द्वारा अंग्रेजी में हस्ताक्षर करने का मतलब यह नहीं है कि वह अंग्रेजी समझता है ताकि अनुच्छेद 22(5) के जनादेश को पूरा किया जा सके।"कोर्ट ने संयुक्त सचिव, सरकार द्वारा जारी नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक...
आपराधिक मामले में विभागीय जांच में सजा तय करते समय बरी करने के आदेश पर विचार किया जा सकता है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
हाल ही में एक मामले में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट (Andhra Pradesh High Court) ने कहा कि आपराधिक मामले में विभागीय जांच में सजा तय करते समय बरी करने के आदेश पर विचार किया जा सकता हैहालांकि, बरी करने का आदेश निर्धारक नहीं होगा जहां (i) बरी करने का आदेश तथ्यों के एक ही सेट या साक्ष्य के एक ही सेट पर पारित नहीं किया गया है; (ii) जहां अपराधी अधिकारी पर आपराधिक मामले की विषय वस्तु से अधिक कुछ आरोप लगाया गया था और या दीवानी न्यायालय के निर्णय से आच्छादित है।पूरा मामलाद्वितीय प्रतिवादी द्वारा याचिकाकर्ता...
[पॉक्सो एक्ट] पीड़िता की जन्मतिथि साबित करने के लिए स्कूल की प्रधानाध्यापिका द्वारा जारी प्रमाणपत्र पर्याप्त नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने अपनी बेटी के साथ बार-बार बलात्कार (Rape Case) करने वाले पिता की पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत दोषसिद्धि को खारिज करते हुए कहा कि स्कूल की प्रधानाध्यापिका द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र को पीड़ित उम्र स्थापित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं माना जा सकता है।जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस सी. जयचंद्रन की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा,"स्कूल में रखा गया रजिस्टर एक सार्वजनिक दस्तावेज नहीं है और प्रधानाध्यापक द्वारा जारी प्रमाण पत्र को द्वितीयक साक्ष्य नहीं माना जा...
"जज 16-17 घंटे काम करते हैं, क्या लोग ऐसी याचिका दायर करते हैं?": गुजरात हाईकोर्ट ने रोस्टर सिस्टम के खिलाफ याचिका दायर करने वाले वकील पर जुर्माना कम करने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने रोस्टर सिस्टम को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने वाले वकील पर गुरुवार को एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने शुक्रवार को जुर्माने की राशि कम करने से इनकार करते हुए इस तरह की याचिकाएं दायर करने पर निराशा व्यक्त की।गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन (GHAA) के प्रेसिडेंट, सीनियर एडवोकेट असीम पंड्या ने पीठ से जुर्माने की राशि में कमी पर विचार करने का अनुरोध किया तो मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार ने कहा," उन्हें (याचिकाकर्ता वकील) आवेदन दाखिल करने दें, हम इस पर विचार करेंगे लेकिन...
पोक्सो एक्ट एक सुखी पारिवारिक रिश्ते को तोड़ने के लिए नहीं है : मेघालय हाईकोर्ट ने नाबालिग के साथी के खिलाफ चल रही कार्यवाही रद्द की
मेघालय हाईकोर्ट ने एक नाबालिग के साथी के खिलाफ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012(पॉक्सो) के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए दोहराया कि एक खुशहाल पारिवारिक रिश्ते को तोड़ने के लिए अधिनियम की कठोरता को लागू नहीं किया जा सकता। इस तरह के मामलों का निर्णय आरोपी के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए, जिसका नाबालिग के साथ आपसी सहमति से बनाया गया संबंध है, वर्तमान मामले में वह लगभग 18 वर्ष की आयु की है। जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह की पीठ ने यह टिप्पणी पॉक्सो के मामले के एक...
मातृत्व लाभ अधिनियम में मातृत्व लाभ के अनुदान के लिए पहले और दूसरे बच्चे के बीच समय के अंतर के संबंध में कोई शर्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला को राहत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा कि मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 अधिनियम में मातृत्व लाभ के अनुदान के लिए पहले और दूसरे बच्चे के बीच समय के अंतर के संबंध में कोई शर्त नहीं है।इसके साथ, कोर्ट ने एक इंटर कॉलेज लेक्चरर को राहत दी, जिसका मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन वित्तीय पुस्तिका के नियम 153 (1) पर निर्भरता रखते हुए खारिज कर दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि दूसरा मातृत्व अवकाश नहीं दिया जा सकता है क्योंकि पहले मातृत्व अवकाश की समाप्ति और दूसरे मातृत्व अवकाश के अनुदान के बीच दो वर्ष से...
मद्रास हाईकोर्ट की फुल बेंच ने चाइल्ड कस्टडी मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के मूल अधिकार क्षेत्र के पक्ष में फैसला सुनाया
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 3:2 बहुमत के फैसले में चाइल्ड कस्टडी और संरक्षकता (guardianship) मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के मूल अधिकार क्षेत्र के पक्ष में फैसला सुनाया।जस्टिस पीएन प्रकाश, जस्टिस आर महादेवन, जस्टिस एम सुंदर, जस्टिस आनंद वेंकटेश और जस्टिस एए नक्किरन की बेंच ने कहा,(i) क्या चाइल्ड कस्टडी और संरक्षकता के मामलों पर अपने मूल पक्ष पर हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र को परिवार न्यायालय अधिनियम, 1984 की धारा 8 और 20 के सपठित धारा 7(1) के स्पष्टीकरण (जी) के प्रावधानों के मद्देनजर हटा...




![[मेडिकल लापरवाही] मेडिकल पेशेवरों के खिलाफ आपराधिक कानून लागू करने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना आवश्यक: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट [मेडिकल लापरवाही] मेडिकल पेशेवरों के खिलाफ आपराधिक कानून लागू करने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना आवश्यक: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/03/19/500x300_390812-362676-medical-negligence-2.jpg)





![[गैंगस्टर एक्ट केस] इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वघोषित अंतर्राष्ट्रीय हिंदू नेता को जमानत दी, उस पर योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर लोगों को धोखा देने का आरोप [गैंगस्टर एक्ट केस] इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वघोषित अंतर्राष्ट्रीय हिंदू नेता को जमानत दी, उस पर योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर लोगों को धोखा देने का आरोप](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/09/03/500x300_433456-429243-allahabad-high-court-lucknow-yogi-adityanath-kuldeep-sharma.jpg)








