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मनरेगा अधिनियम | कलेक्टर ग्राम रोजगार सेवकों को प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए स्थानांतरित कर सकता है: उड़ीसा हाईकोर्ट
मनरेगा अधिनियम | कलेक्टर ग्राम रोजगार सेवकों को 'प्रशासनिक आवश्यकताओं' के लिए स्थानांतरित कर सकता है: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना कि कलेक्टर ग्राम रोजगार सेवकों (जीआरएस) को स्थानांतरित कर सकता है, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा अधिनियम) की धारा 18 के तहत काम कर रहे हैं।चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर और जस्टिस चित्तरंजन दास की खंडपीठ ने ऐसे तबादलों की चुनौतियों को खारिज करते हुए कहा,"उपरोक्त सांविधिक ढांचे और संचालन संबंधी दिशानिर्देशों और निर्देशों की स्थापना के मद्देनजर, न्यायालय संतुष्ट है कि कलेक्टर जीआरएस के हस्तांतरण के आदेश जारी करने के लिए अधिकृत है और यह...

मद्रास हाईकोर्ट
राज्य सभी दृष्टिबाधित व्यक्तियों के साथ अन्य विकलांग व्यक्तियों के जैसा व्यवहार करे, यह निर्देश नहीं दे सकतेः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह राज्य सरकार को सभी दृष्टिबाधित व्यक्तियों के साथ अन्य विकलांग व्यक्तियों, जो किसी भी रोजगार में अक्षम हों, के जैसे व्यवहार का निर्देश नहीं दे सकता है।कोर्ट ने कहा,"इसलिए, हमारा विचार है कि हम प्रतिवादियों को यह निर्देश नहीं दे सकते कि वे दृष्टिबाधित श्रेणी के तहत सभी विकलांग व्यक्तियों के साथ अन्य विकलांग व्यक्तियों के समान व्यवहार करें, जो किसी भी रोजगार में अक्षम हैं।" कार्यवाहक चीफ जस्टिस एम दुरईस्वामी और जस्टिस सुंदर मोहन की खंडपीठ ने विकलांग समूह के...

दिल्ली हाईकोर्ट
वेबसाइट की केवल जियोग्राफिकल उपस्थिति और यूज़र्स की इसे एक्सेस करने की क्षमता ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामलों में निषेधाज्ञा देने के लिए पर्याप्त: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि ट्रेडमार्क उल्लंघन से संबंधित मामलों में निषेधाज्ञा की राहत प्रदान करते समय किसी जियोग्राफिकल क्षेत्र में वेबसाइट की उपस्थिति और यूज़र्स की उस तक पहुंचने की क्षमता पर्याप्त है।जस्टिस मुक्ता गुप्ता और जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की खंडपीठ ने कहा कि ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामलों में ट्रेडमार्क उल्लंघन के कारण जनता के मन में भ्रम और धोखे की संभावना है, जो अदालत के लिए निषेधाज्ञा देने के लिए पर्याप्त है।अदालत ने कहा,"यहां तक ​​​​कि अगर कोई वेबसाइट किसी विशेष देश में यूजर्स पर...

आरडीएफ और माओवादी गतिविधियों के साथ प्रथम दृष्टया गहरी संलिप्तता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गर परिषद मामले में डीयू के प्रोफेसर हनी बाबू को जमानत देने से इनकार किया
आरडीएफ और माओवादी गतिविधियों के साथ प्रथम दृष्टया गहरी संलिप्तता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गर परिषद मामले में डीयू के प्रोफेसर हनी बाबू को जमानत देने से इनकार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हनी बाबू रैलियों करा रहा है और दोषी प्रोफेसर जीएन साईंबाबा के बचाव में समन्वय करके साथी अकादमिक की मदद कर रहा है।प्रो बाबू को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 28 जुलाई, 2020 को भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद बड़े षड्यंत्र मामले में गिरफ्तार किया था।अदालत ने गुप्त नेटवर्क स्थापित करने और निगरानी से बचने के लिए बाबू से कथित रूप से बरामद "गोपनीयता पुस्तिका" पर भरोसा किया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि "यदि कॉमरेड को गिरफ्तार किया जाता है...

पूर्व सीएम जयललिता की वसीयत का खुलासा करने की मांग को लेकर अनिश्चितकाल तक अनशन पर बैठने के लिए व्यक्ति ने मद्रास हाईकोर्ट से अनुमति मांगी
पूर्व सीएम जयललिता की वसीयत का खुलासा करने की मांग को लेकर अनिश्चितकाल तक अनशन पर बैठने के लिए व्यक्ति ने मद्रास हाईकोर्ट से अनुमति मांगी

पूर्व सीएम स्वर्गीय जयललिता (Jayalalitha) की वसीयत का खुलासा करने की मांग को लेकर एक व्यक्ति ने हाल ही में मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) का दरवाजा खटखटाकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की अनुमति मांगी है।जस्टिस जीके इलांथिरैया की पीठ ने सोमवार को याचिकाकर्ता की सुनवाई की और सरकार को यह जांचने का निर्देश दिया कि क्या याचिकाकर्ता द्वारा किया गया कोई प्रतिनिधित्व कलेक्टर या अन्य संबंधित अधिकारियों के समक्ष लंबित है।याचिकाकर्ता, सुंदरराजन ने प्रस्तुत किया कि वह तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री...

न्यायिक मजिस्ट्रेट उन व्यक्तियों के खिलाफ संज्ञान ले सकते हैं, जो सेशन कोर्ट द्वारा विशेष रूप से विचारणीय अपराधों के लिए चार्ज-शीटेड नहीं है: उड़ीसा हाईकोर्ट
न्यायिक मजिस्ट्रेट उन व्यक्तियों के खिलाफ संज्ञान ले सकते हैं, जो सेशन कोर्ट द्वारा विशेष रूप से विचारणीय अपराधों के लिए 'चार्ज-शीटेड नहीं' है: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास, एक ऐसे अपराधी, जिसे चार्जशीट नहीं किया गया है, कि तुलना में एक ऐसे अपराध का संज्ञान लेने का अधिकार है, जिस पर अनिवार्य रूप से और विशेष रूप से सेशन कोर्ट में मुकदमा चलाया जा सकता है।चीफ जस्टिस डॉ एस मुरलीधर और जस्टिस चित्तरंजन दास की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा, "धर्म पाल (सुप्रा) में उपरोक्त विचार, जिसे सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने लिया है] महत्वूपर्ण है।...

मनी लॉन्ड्रिंग केस: दिल्ली कोर्ट ने आप नेता सत्येंद्र जैन के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई
मनी लॉन्ड्रिंग केस: दिल्ली कोर्ट ने आप नेता सत्येंद्र जैन के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी, जो वर्तमान में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में है। निदेशालय (ईडी) ने एक विशेष अदालत से मामले को स्थानांतरित करने के लिए एक आवेदन दायर किया। आवेदन पर नोटिस जारी करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार गुप्ता ने सत्येंद्र जैन और अंकुश जैन, वैभव जैन, पूनम जैन और मेसर्स जेजे आइडियल स्टेट सहित अन्य आरोपियों से जवाब मांगा।अदालत ने मामले को 30 सितंबर को...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
आदेश 41 नियम 3-ए सीपीसी | देरी की माफी के लिए आवेदन ना होना सुधार योग्य गलती, ऐसा आवेदन बाद में दिया जा सकता है: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक प्रश्न कि यदि अपील सीपीसी के आदेश 41 में नियम 3ए के उपनियम (1) में उल्लिखित आवेदन के साथ नहीं होगी तो क्या परिणाम होंगे, का जवाब देते हुए कहा, "देरी की माफी के लिए आवेदन ना होना सुधार योग्य गलती है, और यदि आवश्यक हो तो ऐसा आवेदन बाद में दायर किया जा सकता है और अपील को आदेश 41 सीपीसी के नियम 3A के अनुसार प्रस्तुत किया जा सकता है"।जस्टिस विनोद चटर्जी कौल की पीठ अनुच्छेद 227 के तहत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने एक अपील से उत्पन्न...

मधु लिंचिंग केस| केरल हाईकोर्ट ने 11 आरोपियों की जमानत रद्द करने के विशेष न्यायालय का आदेश बरकरार रखा
मधु लिंचिंग केस| केरल हाईकोर्ट ने 11 आरोपियों की जमानत रद्द करने के विशेष न्यायालय का आदेश बरकरार रखा

केरल हाईकोर्ट ने फरवरी, 2018 में आदिवासी युवक की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में 11 आरोपियों को दी गई जमानत रद्द करने के विशेष न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपीलों को सोमवार को खारिज कर दिया।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मन्नारक्कड़ विशेष अदालत द्वारा 11 आरोपियों की जमानत रद्द करने के आदेश की पुष्टि की। हालांकि एक आरोपी की जमानत बरकरार रखी गई।अदालत ने कहा,"आरोपी नंबर 11 को छोड़कर सभी अपीलें खारिज कर दी गईं।"फरवरी, 2018 में केरल...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता की धारा 155- 'अधिग्रहण कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान तहसीलदार राजस्व रिकॉर्ड सही कर सकते हैं': हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की नागपुर बेंच ने कहा कि महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता के तहत तहसीलदार के पास राजस्व रिकॉर्ड में भूमि की स्थिति को सही करने का अधिकार है, जो मुआवजे की राशि को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है, भले ही अधिग्रहण की कार्यवाही उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित हो।अदालत ने कहा,"संहिता की धारा 155 के तहत तहसीलदार के समक्ष कार्यवाही स्पष्ट रूप से स्वतंत्र कार्यवाही है और यदि वे भूमि मालिकों को उचित मुआवजा निर्धारित करने में सहायता करते हैं, तो यह नहीं कहा जा सकता है कि...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता फोरम के कामकाज और उनके समक्ष ममामलों के लंबित होने पर डेटा मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता फोरम के कामकाज और उनके समक्ष ममामलों के लंबित होने पर डेटा मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर भर में सभी जिला उपभोक्ता निवारण फोरम के कामकाज और उनके समक्ष अंतिम मामलों के लंबित होने पर रजिस्ट्रार जनरल से डेटा-आधारित रिपोर्ट मांगी।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि रजिस्ट्रार जनरल डेटा एकत्र करने के लिए टीम का गठन कर सकते हैं, यह कहते हुए कि वह फोरम से भौतिक यात्राओं और पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र हैं।अदालत ने मामले को एक नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए आदेश दिया,"उपरोक्त वर्णित विवरणों को निर्धारित करने वाली व्यापक रिपोर्ट योग्य रजिस्ट्रार जनरल द्वारा इस...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
"गवाहों का परीक्षण होने तक अभियोजक, जांच अधिकारी का वेतन रोकें": पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने POCSO मामले में अभियोजन के 'कैजुअल' रवैये की आलोचना की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक लोक अभियोजक और एक जांच अधिकारी के वेतन को रोकने का निर्देश जारी किया। कोर्ट ने यह नोट करने के बाद कि पोक्सो के एक मामले में अभियोजन पक्ष ने मुकदमे का संचालन 'कैजुअल' होकर ‌किया था, उक्त निर्देश दिए।जस्टिस राजबीर सहरावत ने कहा,"चूंकि लोक अभियोजक और मामले के जांच अधिकारी ने उचित तत्परता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया है, इसलिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि उन्हें मुकदमे की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए मजबूर किया जा सके। ...

केरल हाईकोर्ट
जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के लिए आवेदन सरसरी तौर पर खारिज नहीं किया जा सकता, रजिस्ट्रार को साक्ष्यों पर विचार करना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में नगर पालिका और ग्राम पंचायत के तहत सभी रजिस्ट्रारों को जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत प्रावधानों का पालन करते हुए जन्म प्रमाण पत्र में सुधार की मांग करने वाले आवेदनों पर विचार करने और ऐसे आवेदनों को सरसरी तौर पर खारिज नहीं करने का निर्देश दिया।जस्टिस अमित रावल ने यह निर्देश उन उदाहरणों को ध्यान में रखते हुए दिया जहां रजिस्ट्रार, धारा 15 और नियम 11 और अन्य नियमों के प्रावधानों का पालन किए बिना, जन्म रिकॉर्ड में सुधार के लिए आवेदनों को खारिज कर रहे हैं।यदि...

एफआईआर में आरोपी, पीड़ित के धर्म का उल्लेख न हो, यह तय करने के लिए क्या कदम उठाए गए; पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब डीजीपी से हलफनामा दायर करने को कहा
एफआईआर में आरोपी, पीड़ित के धर्म का उल्लेख न हो, यह तय करने के लिए क्या कदम उठाए गए; पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब डीजीपी से हलफनामा दायर करने को कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह निर्दिष्ट करना होगा कि एफआईआर में अभियुक्त, पीड़ित और गवाहों के धर्म का उल्लेख ना किया जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी की पीठ दरअसल एनडीपीएस एक्ट के तहत एक आरोपी द्वारा पेश की गई जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जब उन्होंने नोट किया कि स्‍थानीय भाषा में लिखी एफआईआर में 'सरदार' शब्द का इस्तेमाल किया गया है।इसके अलावा, कोर्ट ने मार्च 2022 में पुलिस...

सीजेआई ललित ने ओडिशा के सभी 30 जिलों में पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन किया; उड़ीसा हाईकोर्ट की ई-पहल की सराहना
सीजेआई ललित ने ओडिशा के सभी 30 जिलों में पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन किया; उड़ीसा हाईकोर्ट की ई-पहल की सराहना

सीजेआई उदय उमेश ललित, जस्टिस धनंजय वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एम.आर. शाह ने ओडिशा के 'सभी 30 जिलों' में 34 पेपरलेस न्यायालयों का उद्घाटन किया।ओडिशा न्यायिक अकादमी, कटक में आयोजित कार्यक्रम में उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. जस्टिस एस. मुरलीधर, जस्टिस एस. तलापात्रा, उच्च न्यायालय की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना प्रौद्योगिकी समिति के अध्यक्ष और उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश शामिल थे।इसके अलावा, उच्च न्यायालय की 75वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए, उड़ीसा के उच्च न्यायालय की विशेषता वाले 6...

दिल्ली हाईकोर्ट
जहां मौत का कारण अज्ञात हो, वहां एफएसएल रिपोर्ट में देरी से पीड़ित परिवार को भुगतना पड़ता है, सैंपल खराब हो सकते हैं : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जांच से संबंधित वैज्ञानिक रिपोर्ट प्राप्त करने में देरी से न केवल सामाजिक नुकसान होता है, बल्कि पीड़ित परिवार को अत्यधिक पीड़ा होती है, क्योंकि वे मृत्यु के सही कारण से अनजान रहते हैं।जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने कहा कि "किसी भी कारण से" देरी को कानून के तहत नहीं माना जा सकता। यहां तक ​​​​कि टेस्ट के उद्देश्य को नकारते पर "सैंपल का खराब या उनमें सड़न" भी हो सकती है।अदालत ने 14 वर्षीय लड़के की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट आगे बढ़ाने में अत्यधिक देरी पर चिंता व्यक्त...

मद्रास हाईकोर्ट
रजिस्ट्रार हस्तांतरण विलेख, जिस पर पहले से ही कार्रवाई की जा चुकी है, को रद्द करने के लिए निरस्तीकरण विलेख को स्वीकार नहीं कर सकताः मद्रास हाईकोर्ट (फुल बेंच)

मद्रास हाईकोर्ट की एक खंडपीठ एक संदर्भ का जवाब देते हुए कहा कि रजिस्ट्रार के पास पहले किए गए हस्तांतरण विलेख (Deed Of Conveyance) को रद्द करने के लिए निरस्तीकरण विलेख (Deed Of Cancelation) को स्वीकार करने की शक्ति नहीं है, जब हस्तांतरण विलेख पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी हो। पीठ में जस्टिस एसएस सुंदर, जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस आर विजयकुमार शामिल थे।कोर्ट जस्टिस एस वैद्यनाथन की ओर से एकतरफा निरस्तीकरण विलेख के पंजीकरण के खिलाफ दायर एक रिट याचिका के सुनवाई योग्य होने के संबंध में दिए गए एक...

COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2-18 वर्ष पुराने COVAXIN के क्लिनिकल ट्रायल के लिए केंद्र की अनुमति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया
COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2-18 वर्ष पुराने COVAXIN के क्लिनिकल ट्रायल के लिए केंद्र की अनुमति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में COVAXIN के दूसरे और तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल करने के लिए केंद्र की अनुमति के खिलाफ COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान दायर एक याचिका का निपटारा किया।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने जैकब पुलियेल बनाम भारत संघ और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ध्यान दिया, जिसमें माना गया कि COVID-19 वैक्सीनेशन पॉलिसी पर केंद्र की नीति उचित है।इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि प्रासंगिक डेटा की गहन समीक्षा...