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COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2-18 वर्ष पुराने COVAXIN के क्लिनिकल ट्रायल के लिए केंद्र की अनुमति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया
COVID-19: दिल्ली हाईकोर्ट ने 2-18 वर्ष पुराने COVAXIN के क्लिनिकल ट्रायल के लिए केंद्र की अनुमति को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में COVAXIN के दूसरे और तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल करने के लिए केंद्र की अनुमति के खिलाफ COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान दायर एक याचिका का निपटारा किया।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने जैकब पुलियेल बनाम भारत संघ और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ध्यान दिया, जिसमें माना गया कि COVID-19 वैक्सीनेशन पॉलिसी पर केंद्र की नीति उचित है।इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि प्रासंगिक डेटा की गहन समीक्षा...

बीयर की बोतलें और डिब्बे मिनटों की जांच में नहीं खरीदे जाते: ब्रेवरीज के बीच ट्रेडमार्क विवाद पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा
'बीयर की बोतलें और डिब्बे मिनटों की जांच में नहीं खरीदे जाते': ब्रेवरीज के बीच ट्रेडमार्क विवाद पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बहुराष्ट्रीय शराब बनाने वाले कार्ल्सबर्ग के ट्रेडमार्क के समान ट्रेडमार्क का उपयोग करने के लिए टेन्सबर्ग ब्रेवरीज इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा पारित की।अदालत ने यह भी कहा कि प्रतिवादी द्वारा अपनाए जाने बोतल का आकार भ्रामक रूप से कार्ल्सबर्ग के समान प्रतीत होता है।जस्टिस नवीन चावला ने आदेश में कहा,"बीयर की बोतलें और डिब्बे सूक्ष्म जांच के साथ नहीं बल्कि अधिक आकस्मिक तरीके से खरीदे जाते हैं। अनजान उपभोक्ता के परीक्षण को अधूरी याद के साथ...

संस्कृति स्कूल एडमिशन- दिल्ली न्यायिक सेवा को आरक्षण लाभ के लिए सिविल सेवा श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकताः दिल्ली हाईकोर्ट
संस्कृति स्कूल एडमिशन- दिल्ली न्यायिक सेवा को आरक्षण लाभ के लिए सिविल सेवा श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकताः दिल्ली हाईकोर्ट

निचली अदालत के न्यायाधीश की बेटी की ओर से संस्कृति स्कूल में सरकारी कोटे के तहत दाखिले के लिए दायर याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली न्यायिक सेवा के अधिकारियों को केंद्रीय अधिकारियों (ग्रुप ए) की शिक्षण संस्थान में आरक्षण योजना श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकता।जस्टिस चंद्रधारी सिंह उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें कहा गया कि दिल्ली न्यायिक नियम 1970 के नियम 3 (सी) के आधार पर एक सिविल ग्रुप ए राजपत्रित पद पर तैनान न्यायिक अधिकारी को डीजेएस नियमों के नियम 33 के...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने 8 साल के बच्चे की हत्या के लिए दोषी व्यक्ति की उम्रकैद की सज़ा डाईंग डिक्लेरेशन के आधार पर बरकरार रखी
उड़ीसा हाईकोर्ट ने '8 साल के बच्चे' की हत्या के लिए दोषी व्यक्ति की उम्रकैद की सज़ा डाईंग डिक्लेरेशन के आधार पर बरकरार रखी

उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में मृतक के मरने से पहले दिए बयान (Dying Declaration) के आधार पर आठ (8) साल के लड़के की हत्या के दोषी व्यक्ति के आजीवन कारावास को बरकरार रखा।चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर और जस्टिस चित्तरंजन दास की खंडपीठ ने कहा,"विसरा में ऑर्गनोफॉस्फोरस कीटनाशक जहर था। इससे यह तथ्य सामने आया कि मौत का कारण जहर दिया जाना था। मृतक के पिता के साथ पिछली दुश्मनी और झगड़े ने अपराध के लिए मकसद दिया और वह भी पीड़ित पक्ष द्वारा स्थापित किया गया। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी के आचरण पर ध्यान दिया, जो मृतक...

झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने एक सीनियर वकील द्वारा प्रदान की जाने वाली कानूनी सेवाओं पर सर्विस टेक्स के भुगतान के लिए जारी डिमांड नोटिस खारिज किया

झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने एक सीनियर वकील द्वारा प्रदान की जाने वाली कानूनी सेवाओं पर सर्विस टेक्स के भुगतान के लिए जारी डिमांड नोटिस खारिज कर दिया।चीफ जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने हालांकि, कर अधिकारियों द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 18/2016-एसटी दिनांक 1.3.2016 और अधिसूचना संख्या 9/2016-एसटी दिनांक 1.3.2016 को रद्द करने की प्रार्थना की अनुमति नहीं दी, इस हद तक कि वह उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली कानूनी सेवाओं के लिए सीनियर वकीलों से सीधे सेवा कर वसूलने...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीडब्ल्यूसीडी के 57 चाइल्ड केयर होम के लाइसेंस को नवीनीकृत करने से इनकार करने पर कड़ी आपत्ती जताई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीडब्ल्यूसीडी के 57 चाइल्ड केयर होम के लाइसेंस को नवीनीकृत करने से इनकार करने पर कड़ी आपत्ती जताई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला और बाल विकास आयुक्त (सीडब्ल्यूसीडी) के किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत कम से कम 57 गैर सरकारी संगठनों के लाइसेंस नवीनीकरण प्रस्तावों को बिना सुनवाई या उन्हें सही करने का अवसर दिए बिना खारिज करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है।जस्टिस मगेश पाटिल और जस्टिस संदीप मार्ने की औरंगाबाद बेंच में बैठी खंडपीठ ने सीडब्ल्यूसीडी को कम से कम नौ गैर सरकारी संगठनों के प्रस्तावों पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया, जिन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।बेंच ने कहा,"आक्षेपित संचार किसी...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कोच द्वारा लिखित पुस्तक के विमोचन पर रोक लगाने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कोच सोजर्ड मारिजेन की किताब के विमोचन पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी की मेडिकल कंडीशन के संबंध में कोई निजता नहीं हो सकती।पुस्तक "विल पावर: द इनसाइड स्टोरी ऑफ द इनक्रेडिबल टर्नअराउंड इन इंडियन वीमेन्स हॉकी" का विमोचन 21 सितंबर को होने वाला है।फील्ड हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर ने स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा के साथ-साथ पुस्तक के प्रकाशक हार्पर कॉलिन्स पब्लिशर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और इसके लेखक सोजर्ड मारिजने के खिलाफ हर्जाने की मांग...

दिल्ली हाईकोर्ट ने हैदराबाद रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले मीडिया हाउस के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका में सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने हैदराबाद रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले मीडिया हाउस के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका में सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन को एक जनहित याचिका में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है, जिसमें हैदराबाद बलात्कार मामले की पीड़िता और आरोपी व्यक्तियों की पहचान उजागर करने के लिए कुछ मीडिया घरानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि चार सप्ताह के भीतर दस्तावेजों के पूरे सेट के साथ जॉन को आदेश की सूचना दी जाए।कोर्ट ने मामले को 12 जनवरी, 2023 को सुनवाई के लिए पोस्ट करते हुए कहा,"मामले को...

चलता है का रवैया कानून के शासन के लिए खतरनाक; जमानत मामलों के शीघ्र निस्तारण में राज्य सबसे बड़ी बाधा: उत्तराखंड हाईकोर्ट
'चलता है' का रवैया कानून के शासन के लिए खतरनाक; जमानत मामलों के शीघ्र निस्तारण में राज्य सबसे बड़ी बाधा: उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि राज्य जमानत मामलों के शीघ्र निस्तारण में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। कोर्ट ने जमानत मामलों में राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये की कड़ी आलोचना की। जस्टिस रवींद्र मैथानी की पीठ ने राज्य सरकार को 'चलता है' रवैये पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जमानत मामलों में राज्य का रवैया कानून के शासन के लिए खतरनाक है। दरअसल पीठ एक आरोपी द्वारा धारा 384, 323, 504, 506 और 34 के तहत दर्ज मामले में दायर जमानत याचिका का निस्तारण कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने...

कम्यूनिटी से बाहर विवाह के कारण सदस्यों को निष्कासित करना अनुच्छेद 25 का उल्लंघन: केरल कोर्ट ने Knanaya चर्च की अपील खारिज की
कम्यूनिटी से बाहर विवाह के कारण सदस्यों को निष्कासित करना अनुच्छेद 25 का उल्लंघन: केरल कोर्ट ने Knanaya चर्च की अपील खारिज की

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज-V, कोट्टायम की अदालत ने एडिशनल सब कोर्ट, कोट्टायम के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर कहा कि Knanaya कैथोलिक कम्यूनिटी में एंडोगैमी आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है और इस आधार पर, कम्यूनिटी के बाहर शादी करने के के कारण Knanaya कैथोलिक सदस्य और उसके परिवार का चर्च से स्थायी रूप से निष्काषन संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन है।एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज-V, सानू एस पणिकर ने कहा,".. मेरा विचार है कि एंडोगैमी कम्यूनिटी में प्रचलित एक विवाह के तरीके के अलावा और कुछ नहीं है, जो चर्च की सदस्यता...

कामगार मुआवजा अवॉर्ड को यह रिकॉर्ड करना चाहिए कि क्या चोट/बीमारी सेवा के कर्तव्यों की आनुषंगिक हैः आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
कामगार मुआवजा अवॉर्ड को यह रिकॉर्ड करना चाहिए कि क्या चोट/बीमारी सेवा के कर्तव्यों की आनुषंगिक हैः आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि कामगार मुआवजा अधिनियम, 1923 के तहत एक अवॉर्ड में आयुक्त को विशिष्ट रूप से यह रिकॉर्ड करना चाहिए कि क्या चोट कर्मचारी को रोजगार के दरमियान हुई दुर्घटना के कारण लगी है या कर्मचारी को व्यवसायिक बीमारी हुई, जो उस रोजगार के कारण होती है।संक्षिप्त तथ्यमौजूदा मामले में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने कर्मकार मुआवजा अधिनियम, 1923 की धारा 30 के तहत अपील दायर की थी, जिसमें उसने मुआवजे की अनुमति देने वाले आयुक्त के फैसले को चुनौती दी थी।पहली प्रतिवादी के...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
आदेश एक नियम 10 सीपीसी- किसी को भी वादी की इच्छा के खिलाफ प्रतिवादी के रूप में शामिल नहीं किया जा सकता, जब तक कि कोर्ट स्वयं निर्देश ना दे: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि वादी डोमिनिस लिटिस (वाद का मास्टर) हैं और जब तक अदालत स्वत: निर्देश ना दे, तब तक किसी को भी वादी की इच्छा के खिलाफ प्रतिवादी के रूप में पक्षकार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि वादी की आपत्ति पर बाद के खरीदारों को प्रतिवादी के रूप में पक्षकार न बनाना वादी का जोखिम होगा।मौजूदा मामले में वादी ने घोषणा, स्थायी निषेधाज्ञा और कब्जे की रिकवरी के लिए मुकदमा दायर किया था। ट्रायल कोर्ट ने आदेश I नियम 10 के तहत प्रतिवादी की...

केरल हाईकोर्ट ने बीड़ी टाइकून मोहम्मद निशाम की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी
केरल हाईकोर्ट ने बीड़ी टाइकून मोहम्मद निशाम की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी

केरल हाईकोर्ट ने सुरक्षा गार्ड चंद्रबोस हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने और उम्रकैद की सजा के खिलाफ बीड़ी कारोबारी मोहम्मद निशाम की अपील शुक्रवार खारिज कर दी।जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस सी जयचंद्रन की खंडपीठ ने आरोपी को दी गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा।खंडपीठ ने कहा,यह स्पष्ट है कि किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने के लिए नीचे गिराने का सचेत कार्य, जिससे सामान्य रूप से चोट लगने से मृत्यु हो गई, आरोपी को हत्या के लिए उत्तरदायी बनाता है। किसी व्यक्ति को जानबूझकर वाहन से कुचलना भी ऐसा कार्य...

राजस्थान हाईकोर्ट
यदि निर्धारिती क्रिप्टो करेंसी अकाउंट लेनदेन जमा करने में विफल रहता है तो पुनर्मूल्यांकन नोटिस को चुनौती नहीं दी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि यदि निर्धारिती क्रिप्टो करेंसी अकाउंट लेनदेन आयकर विभाग को जमा करने में विफल रहता है तो पुनर्मूल्यांकन नोटिस को चुनौती नहीं दी जा सकती।जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने कहा कि क्रिप्टो करेंसी में व्यापार को सत्यापित करने के लिए अकेले बैंक लेनदेन पर्याप्त नहीं हैं। निर्धारिती को विभाग के समक्ष संबंधित खाता बही विवरण प्रस्तुत करना चाहिए, जो यह प्रमाणित करता हो कि उसने क्रिप्टो करेंसी के व्यापार में प्रवेश किया, जैसा कि उसके द्वारा बताई गई...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
यह जीएसटी डिपार्टमेंट के बजाय रेलवे को भुगतान करने वाले करदाता की वास्तविक गलती है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि करदाता ने गलती की है और भारत सरकार को सीजीएसटी अधिकारियों के माध्यम से और महाराष्ट्र राज्य को एसजीएसटी अधिकारियों के माध्यम से भुगतान करने के बजाय पूरी राशि का भुगतान भारतीय रेलवे के माध्यम से भारत सरकार को किया गया।जस्टिस केआर श्रीराम और जस्टिस एएस डॉक्टर ने निर्देश दिया कि रेलवे को गलत तरीके से भुगतान की गई राशि का भुगतान सीजीएसटी अधिकारियों और एसजीएसटी अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर किया जाए।याचिकाकर्ता विज्ञापन के व्यवसाय में है और विभिन्न पक्षों को विज्ञापन...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दलित भाइयों के खिलाफ यूपी पुलिस द्वारा दर्ज कथित 'फर्जी' मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में सीबीआई को दो व्यक्तियों/आरोपियों के खिलाफ अपहरण के एक मामले की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने आरोप आरोप लगाया है कि उन्हें उत्तर प्रदेश के 35 पुलिस कर्मियों के इशारे पर झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।जस्टिस सुनीत कुमार और जस्टिस सैयद वैज मियां की पीठ ने दलित याचिकाकर्ताओं द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कथित 'फर्जी' अपहरण मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करने वाली एक रिट याचिका पर यह आदेश दिया।याचिकाकर्ताओं का प्राथमिक निवेदन था कि मथुरा जिले के पुलिस अधिकारियों ने...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता को आरोपी से धमकी मिलने वाले विवादास्पद तथ्य के मद्देनजर जमानत बहाल की

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में तीन लोगों को जमानत बहाल कर दी है, जब पक्षकारों ने एक-दूसरे के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज की। कोर्ट ने यह देखते हुए जमानत बहाल की कि जब तक दोनों मामलों में जांच अपने तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुंचती है, यह नहीं माना जा सकता कि आरोपी व्यक्तियों ने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया। निचली अदालत द्वारा दी गई या न्याय प्रशासन को प्रभावित करने की कोशिश की।अदालत ने यह भी दोहराया कि एक बार जमानत मिल जाने के बाद इसे यांत्रिक तरीके से रद्द नहीं किया जाना चाहिए, यह कहते हुए...

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सहस्त्रधारा रोड के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक हटाई; सरकार को पेड़ लगाने का निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सहस्त्रधारा रोड के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक हटाई; सरकार को पेड़ लगाने का निर्देश दिया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मसूरी की ओर जाने वाले सहस्त्रधारा मार्ग में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए '2057 पेड़ों की संख्या' को प्रस्तावित काटने की अनुमति दे दी।चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ ने इस कदम को रोकने के लिए याचिकाकर्ता द्वारा दायर स्थगन आवेदन में राहत से इनकार करते हुए कहा,"किस सड़क को विकसित या विस्तारित किया जाना चाहिए, यह नीतिगत निर्णय का मामला है। न तो याचिकाकर्ता को यह दावा करने का निहित अधिकार है कि प्रतिवादी को एक नीति तैयार करनी चाहिए जो वह उचित समझे...