मुख्य सुर्खियां
न्यायालय के क्षेत्राधिकार को लागू करने से पहले मध्यस्थता अधिनियम की धारा 21 की आवश्यकता का धारा 11 के साथ अनुपालन किया जाना चाहिए: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए एकमात्र मध्यस्थ नियुक्त करने के लिए मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 ('मध्यस्थता अधिनियम') की धारा 11 के तहत आवेदन पर सुनवाई करते हुए कहा कि मध्यस्थता अधिनियम की धारा 21 में प्रतिवादी को मध्यस्थता खंड (Arbitration Clause) लागू करने के लिए उचित नोटिस देने में अनुपालन नहीं किया गया, इसलिए आवेदन समय से पहले होने के कारण खारिज करने योग्य है।मामले के तथ्य यह है कि याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों के बीच कोयला खनन...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने सरकार को 2008 कंधमाल दंगा पीड़ित के परिजनों को मुआवजा देने का निर्देश दिया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कंधमाल सांप्रदायिक दंगों के दौरान हुई गंभीर चोटों के कारण अक्टूबर, 2008 में मारे गए व्यक्ति के भाई को मुआवजे के अनुदान के दावे को ओडिशा सरकार द्वारा खारिज किए जाने पर 'हैरानी' व्यक्त की।जस्टिस अरिंदम सिन्हा ने राज्य को याचिकाकर्ता को अन्य दंगा पीड़ितों को भुगतान किए गए कुल मुआवजे का भुगतान करने का आदेश देते हुए कहा:"अदालत आश्वस्त है कि याचिकाकर्ता की कार्रवाई के कारण की निरंतरता और कम करने वाले कारक है। अंततः सुप्रीम कोर्ट ने आर्कबिशप राफेल चीनाथ एसवीडी बनाम उड़ीसा राज्य,...
'सबसे अमानवीय': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 7 साल की अपनी बेटी के साथ रेप मामले में दोषी पिता की सजा बरकरार रखी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 7 साल की अपनी बेटी के साथ रेप मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आईपीसी की धारा 376 के तहत अपराध के लिए दोषसिद्धि रेप पीड़िता की एकमात्र गवाही पर आधारित हो सकती है।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस एनएस शेखावत की पीठ ने आगे कहा कि पिता द्वारा अपनी ही बेटी के साथ बलात्कार करने से ज्यादा गंभीर और जघन्य अपराध कुछ नहीं हो सकता।कोर्ट ने कहा,"पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपने पिता के साथ शिकायतकर्ता के घर पर रहने आई थी, लेकिन उसके पिता यानी अपीलकर्ता उसकी इच्छा के...
यदि व्यक्ति विदेश में रहता है तो अग्रिम जमानत देने पर कोई रोक नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत दर्ज एफआईआर में याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने के लिए सीआरपीसी की धारा 438 के तहत दायर याचिका पर विचार करते हुए कहा कि केवल इसलिए कि आरोपी विदेश में रहता है, अग्रिम जमानत से इनकार करने का कोई आधार नहीं है।याचिकाकर्ता मृतक पति की सास है, जिसने सितंबर 2020 में याचिकाकर्ता द्वारा कथित तौर पर उससे आर्थिक मांग किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह फरवरी...
'लैब को व्हिस्की के सैंपल का विश्लेषण करने की मान्यता प्राप्त नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट ने शराब निर्माता के खिलाफ एफएसएसए की कार्यवाही रद्द की
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में व्हिस्की में एथिल अल्कोहल सामग्री के घोषित स्तर पर विनियमन के कथित उल्लंघन के लिए शराब निर्माता पर्नोड रिकार्ड के खिलाफ 2021 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया।अदालत ने देखा कि सैंपल का विश्लेषण करने वाली प्रयोगशाला को व्हिस्की के टेस्टिंग के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है और कहा कि टेस्टिंग मान्यता के वैध दायरे में किए जाने चाहिए। व्हिस्की खाद्य एवं औषधि प्रशासन प्रयोगशाला की मान्यता के दायरे से बाहर है जिसने...
न्यायाधीशों को अवमानना याचिकाओं के जरिये धमकाने का प्रयास अस्वीकार्य: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'दुस्साहस' के खिलाफ वादियों को चेतावनी दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित "हर गलत आदेश" को अवमानना अधिकार के तहत लाने की प्रथा को खारिज करते हुए कहा है कि अवमानना याचिकाओं के जरिये न्यायाधीशों को धमकाने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमथ और जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने एक ट्रायल कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ 'लापरवाह आरोप' लगाने के लिए चार वादियों की खिंचाई करते हुए कहा:"...हम इस तरह के रवैये की निंदा करते हैं। हम इस बात की सराहना नहीं करते हैं कि ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित हर गलत आदेश को...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (26 सितंबर, 2022 से 30 सितंबर, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।राज्य अपने नागरिकों की भूमि पर प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत का सहारा लेकर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता: कलकत्ता हाईकोर्टकलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कल्याणकारी राज्य होने का दावा करने वाला राज्य, अपने ही नागरिकों की संपत्ति हड़पने के लिए प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत को लागू करके भूमि के एक...
ईसी ने एचएनएलयू वीसी को शक्ति न सौंपी हो तो वह कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं कर सकते: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि हिदायतुल्ला नेशनल लॉ स्कूल के कुलपति कार्यकारी परिषद (ईसी) द्वारा उन्हें ऐसी शक्ति दिए बिना कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं कर सकते हैं।जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा, "यह एक सामान्य कानून है कि जब अधिनियम किसी विशेष निकाय को शक्ति का प्रयोग करने के लिए निर्धारित करता है, तो शक्ति का प्रयोग केवल उस निकाय द्वारा किया जाना चाहिए। जब तक इसे प्रत्यायोजित नहीं किया जाता है, तब तक इसका प्रयोग...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पत्नी को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में 34 साल पहले ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को निचली अदालत द्वारा 36 साल पहले अपनी पत्नी को क्रूरता से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी कर दिया। कोर्ट ने पाया कि पीड़ित पक्ष ट्रायल कोर्ट के समक्ष सभी उचित संदेह से परे आरोप साबित करने में विफल रहा।जस्टिस शंपा दत्त (पॉल) की खंडपीठ ने ट्रायल जज के निष्कर्षों में भी गलती पाई, जिन्होंने आदेश में यह कहते हुए दोषी के बारे में अपनी 'व्यक्तिगत राय' दी कि उन्होंने सोचा कि पति मुख्य अपराधी है, "जिसने दहेज के लिए या किसी भी कारण से...
राज्य अपने नागरिकों की भूमि पर प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत का सहारा लेकर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कल्याणकारी राज्य होने का दावा करने वाला राज्य, अपने ही नागरिकों की संपत्ति हड़पने के लिए प्रतिकूल कब्जे के सिद्धांत को लागू करके भूमि के एक टुकड़े पर अपना अधिकार सिद्ध करने का दावा नहीं कर सकता है।जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय की पीठ ने आगे कहा कि यह बहुत ही अजीब होगा यदि राज्य जबरन किसी नागरिक की भूमि पर प्रतिकूल कब्जे के आधार पर कब्जा कर लेता है।कोर्ट ने कहा,"न्याय के बिना कानून उतना ही व्यर्थ है जितना इंजन के बिना एक फैंसी मोटर कार और...
क्या रिट कोर्ट के दो अलग-अलग आदेशों के खिलाफ सिंगल रिट अपील सुनवाई योग्य है? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जवाब दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने हाल ही में एक रिट कोर्ट द्वारा पारित दो अलग-अलग आदेशों के खिलाफ दायर एक रिट अपील के सुनवाई योग्य होने को बरकरार रखा। अपील के सुनवाई योग्य होने को चुनौती देने वाले प्रतिवादियों द्वारा उठाए गए तर्कों को खारिज करते हुए जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस एसके सिंह ने कहा, इस न्यायालय का यह सुविचारित मत है कि यह न्याय के हित में होगा यदि अपीलकर्ता मूल आदेश के विरुद्ध की गई अपील में पुनर्विचार याचिका की अस्वीकृति के आदेश को भी चुनौती दे सकता है, क्योंकि तीन ऐसे अवसर...
आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ NIA एक्ट की धारा 21 के तहत अपील सुनवाई योग्य नहीं : मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने माना कि यूएपीए के कड़े प्रावधानों के तहत आरोप तय करने के आदेश को राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम की धारा 21 के तहत अपील में चुनौती नहीं दी जा सकती।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डिएंगदोह की पीठ ने कहा कि एनआईए अधिनियम की योजना में मुकदमे की त्वरित प्रक्रिया और कार्रवाई को अंतिम रूप देने की परिकल्पना की गई। इस प्रकार, एनआईए अधिनियम की धारा 21 में अपील प्रावधान को ठीक उसी तरह पढ़ा जाना चाहिए, जैसा कि कहा गया और इसकी व्यापक व्याख्या, जो प्रक्रिया को बढ़ाएगी, अनुमेय नहीं...
सरकार को एडवोकेट जनरल द्वारा दी गई कानूनी सलाह आरटीआई एक्ट के तहत प्रकटीकरण के दायरे से बाहर : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एडवोकेट जनरल द्वारा सरकार को दी गई कानूनी सलाह सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8 (1) (ई) के तहत प्रकटीकरण के दायरे से बाह है, क्योंकि दोनों के बीच प्रत्ययी संबंध का गठन नहीं होता।जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन ने कहा,"... नाजुक और संवेदनशील मुद्दे हो सकते हैं, जिनमें सरकार एडवोकेट जनरल की राय चाहती हो। वे सरकार और एडवोकेट जनरल के बीच गोपनीय बातचीत हैं। एडवोकेट जनरल द्वारा सरकार को दी गई कानूनी राय हमेशा होनी चाहिए गोपनीय। यह अधिनियम 2005 की धारा 8(1)(ई) के तहत...
'ईडी की आशंका फिल्मी नहीं': दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएमएलए मामले में कार्यवाही के हस्तांतरण के खिलाफ सत्येंद्र जैन की याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक विशेष अदालत से हाल ही में किसी अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने के मामले में कार्यवाही को चुनौती दी गई थी।जस्टिस योगेश खन्ना ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की आशंका तुच्छ या अनुचित नहीं है।अदालत ने कहा,"उठाई गई आशंका विलंबित चरण में नहीं है, क्योंकि स्वतंत्र मूल्यांकन के लिए अनुरोध लगातार किए गए हैं और प्रतिवादी सीआरएल.एमसी.सं.3401/2022 (सुप्रा) में...
निजता का अधिकार व्यक्ति को अपने रहस्य कब्र तक ले जाने का अधिकार देता है : कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता में पुलिस को अपने दोस्त के साथ मृत महिला के व्हाट्सएप मैसेज और तस्वीरों को तुरंत "वापस लेने" का निर्देश देते हुए कहा कि निजता के अधिकार में यह विश्वास भी शामिल है कि एक व्यक्ति को अपने रहस्यों को कब्र तक ले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसका खुलासा आरटीआई अधिनियम के तहत किया गया।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य ने महिला की पुरानी चैट के संदर्भ में टिप्पणी की जिसकी पिछले साल उसके वैवाहिक घर में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई :"दायित्व उच्च नैतिक आधार है, क्योंकि मृतक...
मृत व्यक्ति के खिलाफ जारी किया गया पुनर्मूल्यांकन नोटिस अमान्य होगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि मृत व्यक्ति के खिलाफ पुनर्मूल्यांकन नोटिस तब तक अमान्य होगा जब तक कि कानूनी प्रतिनिधि बिना किसी आपत्ति के मूल्यांकन अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में प्रस्तुत नहीं करते।जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस वाल्मीकि सा मेनेजेस की खंडपीठ ने कहा कि जहां कानूनी प्रतिनिधि आयकर अधिनियम की धारा 148 के तहत नोटिस के अपने अधिकार का त्याग नहीं करते हैं, यह नहीं कहा जा सकता कि मृत व्यक्ति के खिलाफ जारी नोटिस आयकर अधिनियम के इरादे और उद्देश्य के अनुरूप है।याचिकाकर्ता के पिता रमणीकलाल...
क्या पुलिस आरटीआई अधिनियम के तहत जांच के दौरान एकत्र की गई व्हाट्सएप चैट और तस्वीरों का खुलासा कर सकती है? कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा 'नहीं'
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मृत महिला और उसके दोस्त की निजी चैट और तस्वीरों के आरटीआई खुलासे के खिलाफ आदेश पारित करते हुए कहा कि जांच के दौरान पुलिस को व्हाट्सएप मैसेज और तस्वीरें प्रदान करना उन्हें "निजी से गैर-निजी" में परिवर्तित नहीं करता।जस्टिस मौसमी भट्टाचार्य ने कहा कि निजता के अधिकार में अकेले या दूसरों के साथ रहने का अधिकार भी शामिल है और किसी की अंतरंगता, रिश्तों, विश्वासों और जुड़ाव को निजी डोमेन के भीतर रहने वाली जानकारी के रूप में मानने का अधिकार भी शामिल है।अदालत ने कहा,"यह इस विश्वास के...
आरएसएस रूट मार्च: मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को 2 अक्टूबर के बजाय 6 नवंबर के लिए अनुमति देने का निर्देश दिया
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने तमिलनाडु सरकार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को 2 अक्टूबर के बजाय 6 नवंबर को अपना रूट मार्च करने की अनुमति देने का निर्देश दिया।इसके साथ ही अदालत ने उचित अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका को लंबित रखने का फैसला किया।जस्टिस जीके इलांथिरैया ने 22 सितंबर को अदालत के आदेश पारित होने के बावजूद राज्य द्वारा अनुमति देने से इनकार करने के खिलाफ आरएसएस द्वारा दायर एक अवमानना याचिका पर आदेश पारित किए, जब अदालत ने सकारात्मक फैसला...
'बजरंगबली-दलित' टिप्पणी- एक जनसभा को संबोधित करना एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने से अलग है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी को राहत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ वर्ष 2018 में राजस्थान के अलवर जिले में एक चुनाव कैंपेन के दौरान दिए गए कथित 'आपत्तिजनक भाषण' के लिए शिकायत दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कथित तौर पर कहा था कि ''(हिंदू भगवान) हनुमान जी वनवासी, वंचित और दलित थे। बजरंग बली ने उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सभी भारतीय समुदायों को एक साथ जोड़ने का काम किया।'' जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने कहा कि चुनाव के दौरान आम...
एडवोकेट एक्ट वकीलों को न्यायालय परिसर के अंदर वाहन पार्क करने का अधिकार नहीं देता : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि एडवोकेट एक्ट की धारा 30 केवल वकीलों को प्रैक्टिस करने का अधिकार प्रदान करती है और यह किसी भी वकील को न्यायालय परिसर के अंदर अपना वाहन पार्क करने का अधिकार प्रदान नहीं करती। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी की खंडपीठ ने एडवोकेट एनएस विजयंत बाबू द्वारा दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें एडवोकेट एसोसिएशन के सदस्यों के लिए नए वाहन स्टिकर जारी करने के संबंध में नोटिस रद्द करने की मांग की गई थी।यह तर्क दिया गया कि एडवोकेट...




















