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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी को जेल में सुपीरियर क्लास देने का गाजीपुर कोर्ट का आदेश खारिज किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी को जेल में 'सुपीरियर क्लास' देने का गाजीपुर कोर्ट का आदेश खारिज किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के गाजीपुर में एक ट्रायल कोर्ट के मार्च 2022 के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें बांदा जिला जेल के एसएसपी को 'गैंगस्टर' और यूपी के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को जेल में 'सुपीरियर क्लास' देने का निर्देश दिया था। जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने अंसारी को एक खूंखार अपराधी और बाहुबली बताते हुए प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, एमपी/एमएलए, गाजीपुर के आदेश को न केवल अधिकार क्षेत्र से बाहर बल्कि गुण-दोष के आधार पर टिकाऊ नहीं पाया। नतीजतन, गाजीपुर का आदेश...

पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण के व्यक्तिगत दायित्व से पति इस आधार पर मुक्त नहीं हो सकता कि उसके पास भुगतान करने का कोई साधन नहींः गुवाहाटी हाईकोर्ट
पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण के व्यक्तिगत दायित्व से पति इस आधार पर मुक्त नहीं हो सकता कि उसके पास भुगतान करने का कोई साधन नहींः गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने माना है कि वैवाहिक मुकदमेबाजी में उलझे पतियों की यह एक बहुत ही आम दलील होती है कि वे अपनी पत्नी और बच्चों को पालने की आर्थिक स्थिति में नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि ठोस आधार के अभाव में इस तरह की दलील पति को पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण के उसके ‘‘व्यक्तिगत दायित्व’’ से मुक्त नहीं कर सकती है। जस्टिस मालाश्री नंदी ने कहा कि, ‘‘प्रत्येक याचिका में, आम तौर पर पति द्वारा यह दलील दी जाती है कि उसके पास भुगतान करने का साधन नहीं है या उसके पास नौकरी नहीं है या उसका व्यवसाय अच्छा नहीं...

उत्तराखंड उपभोक्ता फोरम ने सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क नसबंदी ऑपरेशन के बाद गर्भवती दंपत्ति को मुआवजा देने से इनकार किया
उत्तराखंड उपभोक्ता फोरम ने सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क नसबंदी ऑपरेशन के बाद गर्भवती दंपत्ति को मुआवजा देने से इनकार किया

देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने जिला उपभोक्ता फोरम के उस आदेश को रद्द किया जिसमें सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क नसबंदी कराने के दो साल बाद लड़की पैदा करने वाले दंपति को छह लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा गया था।जस्टिस डी.एस. त्रिपाठी और सदस्य उदय सिंह टोलिया की खंडपीठ ने यह देखने के लिए कई उदाहरणों का उल्लेख किया कि नसबंदी गर्भावस्था के खिलाफ 100% सुरक्षा नहीं है। बेंच यह भी नोट किया कि शिकायतकर्ता ने एक सरकारी अस्पताल में मुफ्त सेवा का लाभ उठाया था।बेंच ने...

मुंसिफ मजिस्ट्रेट-ट्रेनी न्यायिक अधिकारी नहीं, अनुमति के बाद जिला जज के रूप में नियुक्ति पर रोक नहीं: केरल हाईकोर्ट
मुंसिफ मजिस्ट्रेट-ट्रेनी न्यायिक अधिकारी नहीं, अनुमति के बाद जिला जज के रूप में नियुक्ति पर रोक नहीं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब एक व्यक्ति जिला जज के रूप में नियुक्ति के लिए आवेदन करने की तिथि पर या उस पद पर नियुक्ति की तिथि पर न्यायिक अधिकारी नहीं था, बल्‍कि केवल मुंसिफ मजिस्ट्रेट-ट्रेनी था, तब यह जिला जज के पद पर उनकी नियुक्ति के लिए बाधक नहीं बनेगा।जस्टिस अनु शिवरामन ने एवी टेल्स (तीसरा प्रतिवादी) की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया। नियुक्ति को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि वह केरल न्यायिक अकादमी में मुंसिफ मजिस्ट्रेट की ट्रेनिंग ले रहे थे।कोर्ट ने कहा, "तीसरे...

प्रथम दृष्टया मामला बनाता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित रूप से निर्दोष व्यक्तियों को झूठे रेप केस में फंसाने के मामले में नफीसा गैंग की 5 महिलाओं को राहत देने से इनकार किया
'प्रथम दृष्टया मामला बनाता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित रूप से निर्दोष व्यक्तियों को झूठे रेप केस में फंसाने के मामले में 'नफीसा गैंग' की 5 महिलाओं को राहत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कथित रूप से निर्दोष व्यक्तियों को झूठे रेप केस में फंसाने के मामले में 'नफीसा गैंग' की 5 महिलाओं को राहत देने से इनकार किया।कोर्ट ने इन महिलाओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।इन महिलाओं पर आरोप है कि कथित रूप से पैसे निकालने के उद्देश्य से निर्दोष व्यक्तियों को झूठे रेप और एससी-एसटी अधिनियम के तहत केस में फंसाती हैं।जस्टिस अंजनी कुमार मिश्रा और जस्टिस गजेंद्र कुमार की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ प्रथम...

पूरे शहर में समय-समय पर जांच की जा रही है कि कोई बैरिकेड मानवरहित न रहे : हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा
पूरे शहर में समय-समय पर जांच की जा रही है कि कोई बैरिकेड मानवरहित न रहे : हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में समय-समय पर जांच कर रही है कि कोई भी बैरिकेड मानव रहित न रहे और वह सभी बैरिकेड्स को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने प्रस्तुतियों पर ध्यान देते हुए मानव रहित बैरिकेड्स के संबंध में पिछले साल अदालत द्वारा दायर जनहित याचिका का स्वत: संज्ञान लिया।दिल्ली पुलिस द्वारा 6 जनवरी को स्टेटस रिपोर्ट दायर की गई, जिसमें कहा गया कि मार्च, 2022 में जारी...

Allahabad High Court
हत्या के प्रयास का मामला| 'समाज के खिलाफ अपराध, घायल व्यक्ति आरोपी को माफ नहीं कर सकते': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को आरोपियों और घायल पीड़ितों के बीच समझौते के आधार पर हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा, इसे 'समाज के खिलाफ अपराध' कहा।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने कहा कि अपराध समाज के खिलाफ था न कि अकेले शिकायतकर्ता के घायल बेटों के खिलाफ और इसलिए, शिकायतकर्ता और उसके बेटों के पास आरोपी व्यक्तियों को क्षमा करने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने अभियुक्तों की ओर से दायर धारा 482 सीआरपीसी याचिका को खारिज कर...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरोगेट बच्चे को वीजा देने से इनकार के बाद ऑस्ट्रेलिया ले जाने की अनुमति मांगने वाले व्यक्ति की याचिका पर नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरोगेट बच्चे को वीजा देने से इनकार के बाद ऑस्ट्रेलिया ले जाने की अनुमति मांगने वाले व्यक्ति की याचिका पर नोटिस जारी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को ऐसे मामले में केंद्र और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें याचिकाकर्ता कमीशनिंग माता-पिता को सरोगेट बच्चे के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया गया, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के विभाग ने उसे पहले अदालत के आदेश की पुष्टि करने के लिए कहा, जिससे यह साबित हो सके कि उसे बच्चे को भारत से बाहर ले जाने का अधिकार है।जस्टिस संजय वशिष्ठ ने मामले को 02 फरवरी को विचार के लिए सूचीबद्ध किया और प्रतिवादियों को सुनवाई की अगली तारीख पर या उससे पहले अपना जवाब दाखिल...

नागरिकों को उन नियमों को जानने का अधिकार है जिनके तहत उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार किया जाता है: गुजरात हाईकोर्ट
नागरिकों को उन नियमों को जानने का अधिकार है जिनके तहत उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार किया जाता है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि नागरिकों को उन नियमों और विनियमों को जानने का अधिकार है, जिसके तहत उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति से वंचित किया जाता है। इसमें कहा गया कि पुलिस द्वारा इस तरह के नियमों को प्रचारित करने से इंकार करना सूचना के अधिकार अधिनियम के उद्देश्य को "मारना और गला घोंटना" है।कोर्ट ने कहा,"सूचना का अधिकार अधिनियम इस भावना के साथ अधिनियमित किया गया कि लोकतंत्र को सूचित नागरिक और सूचना की पारदर्शिता की आवश्यकता होती है, जो इसके कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है और...

बच्चे के भरण-पोषण में विफल रहने पर अधीनस्थ अधिकारी के खिलाफ जिला कलेक्टर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं: मद्रास हाईकोर्ट
बच्चे के भरण-पोषण में विफल रहने पर अधीनस्थ अधिकारी के खिलाफ जिला कलेक्टर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु में पुदुकोट्टई से पोन्नेरी में वैवाहिक विवाद को ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पिता, जो ग्राम प्रशासन अधिकारी के रूप में कार्यरत है, अपनी 10 वर्षीय बेटी को अंतरिम भरण-पोषण का भुगतान नहीं कर रहा है।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने मुलाक़ात के अधिकार के बावजूद उसे इस तरह का भुगतान करने का निर्देश देते हुए जिला कलेक्टर को यह भी निर्देश दिया कि अगर वह इस तरह के अंतरिम भरण-पोषण का भुगतान करने में विफल रहता है तो अधिकारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत...

सूट शेयरों में किसी तीसरे पक्ष का हित उत्पन्न नहीं होने देंगे: अशनीर ग्रोवर ने दिल्ली हाईकोर्ट में BharatPe के सह-संस्थापक भाविक कोलाडिया द्वारा मुकदमा दायर करने पर कहा
सूट शेयरों में किसी तीसरे पक्ष का हित उत्पन्न नहीं होने देंगे': अशनीर ग्रोवर ने दिल्ली हाईकोर्ट में BharatPe के सह-संस्थापक भाविक कोलाडिया द्वारा मुकदमा दायर करने पर कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में BharatPe के पूर्व प्रबंध निदेशक अश्नीर ग्रोवर ने बुधवार को बताया कि वह फिनटेक कंपनी के सह-संस्थापक भाविक कोलादिया द्वारा उन्हें ट्रांसफर किए गए 16,110 शेयरों में किसी तीसरे पक्ष हित उत्पन्न नहीं होने देंगे और इसके परिणामस्वरूप जो भी अधिकार उन्हें मिले हैं, उनका उपयोग वे अदालत के अगले आदेश तक नहीं करेंगे।जस्टिस प्रतीक जालान ने ग्रोवर को BharatPe में शेयरों के संबंध में किसी तीसरे पक्ष के अधिकार उत्पन्न होने से रोकने के लिए अंतरिम आवेदन के साथ कोलाडिया द्वारा दायर मुकदमे की...

आईपीसी की धारा 498ए | ससुराल वाले अलग रहते हों तो भी मानसिक क्रूरता  हो सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
आईपीसी की धारा 498ए | ससुराल वाले अलग रहते हों तो भी मानसिक क्रूरता हो सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा था कि मानसिक क्रूरता एक अमूर्त अवधारणा है और इसे तब भी किया जा सकता है जब ससुराल वाले अलग रहते हों।कोर्ट ने कहा, "मानसिक क्रूरता एक अमूर्त अवधारणा है और जिसके साथ क्रूरता हो रही हो, वही व्यक्ति इसका अनुभव कर सकता है... कभी-कभी, ताने एक व्यक्ति को अहानिकर लग सकते हैं, जबकि जरूरी नहीं कि किसी अन्य व्यक्ति हो भी वैसा ही लगे... मानसिक क्रूरता की ऐसी प्रकृति होने के कारण, यह जरूरी नहीं कि यह उसी के साथ हो जो शारीरिक रूप से मौजूद है, इसे दूर रहते हुए भी किया जा सकता...

दक्षिण दिल्ली अवैध निर्माण: हाईकोर्ट ने सीबीआई को एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ जांच के लोकपाल आदेश पर कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया
दक्षिण दिल्ली अवैध निर्माण: हाईकोर्ट ने सीबीआई को एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ जांच के लोकपाल आदेश पर कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से भारत के लोकपाल द्वारा पारित आदेश पर कार्रवाई नहीं करने के लिए कहा, जिसमें केंद्रीय एजेंसी को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों के खिलाफ अवैध रूप से आरोप लगाने वाली और दक्षिण दिल्ली क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण की शिकायत की जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है।अदालत ने कहा,"मामले की प्रकृति को देखते हुए इस बीच सीबीआई विवादित आदेश के तहत जांच को आगे नहीं बढ़ाएगी ... हालांकि यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि लोकपाल को एमसीडी के किसी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रोड एक्सीडेंट मामले में नाबालिग ड्राइवर के पिता से मुआवजे की वसूली को सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने रोड एक्सीडेंट मामले में नाबालिग ड्राइवर के पिता से मुआवजे की वसूली को सही ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने उस कार के रजिस्टर्ड मालिक के खिलाफ बीमाकर्ता को वसूली अधिकार देने को चुनौती देने वाली अपील खारिज कर दी, जिसका बेटा 2013 में रोड़ एक्सीडेंट में शामिल था, जिसके कारण 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा कि 42 वर्षीय व्यक्ति ने केवल इसलिए अपनी जान गंवाई, क्योंकि नाबालिग के पिता ने यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए कि उसका वाहन केवल वैध ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति ही चलाए।अदालत ने कहा,"इसलिए यह अदालत अपीलकर्ता के इस तरह के कृत्य को माफ नहीं...

दिल्ली उच्च न्यायिक सेवाएं: हाईकोर्ट ने SC/ST के लिए आरक्षित रिक्तियों पर नियुक्ति की मांग वाली याचिका खारिज की
दिल्ली उच्च न्यायिक सेवाएं: हाईकोर्ट ने SC/ST के लिए आरक्षित रिक्तियों पर नियुक्ति की मांग वाली याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा - 2022 में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रिक्तियों पर न्यायिक अधिकारी के रूप में नियुक्ति की मांग करने वाले एक उम्मीदवार की याचिका खारिज कर दी।जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता उम्मीदवार के पास उच्च न्यायिक सेवा में नियुक्त होने का कोई अपरिहार्य अधिकार नहीं है और वह अधिकार के रूप में यह दावा नहीं कर सकता कि अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित...

बिजली विभाग के पास उपभोक्ता की संपत्ति के स्वामित्व की जांच करने का कोई अधिकार नहीं है: केरल हाईकोर्ट
बिजली विभाग के पास उपभोक्ता की संपत्ति के स्वामित्व की जांच करने का कोई अधिकार नहीं है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जहां दीवानी विवाद सिविल कोर्ट के समक्ष लंबित है, बिजली विभाग को शिकायत पर विचार करने में सावधानी बरतनी चाहिए, जब तक कि अधिनियम के प्रावधानों का घोर उल्लंघन न हो।जस्टिस अमित रावल ने उपरोक्त आदेश उस याचिका पर पारित किया, जो याचिकाकर्ता को बिजली बोर्ड द्वारा जारी संचार को चुनौती देते हुए दायर की गई, जिसमें उसे संपत्ति का स्वामित्व दिखाने के लिए कहा गया।कोर्ट ने कहा,"बिजली विभाग के पास स्वामित्व की सत्यता की जांच करने का कोई काम नहीं है। एक बार मामला सिविल कोर्ट के...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 90 हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तित होने के लिए लालच देने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 90 हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तित होने के लिए लालच देने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने 90 हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए धोखाधड़ी और लालच देने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।कोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत केवल उपयुक्त मामलों में प्रयोग किया जाने वाला एक असाधारण उपाय है।जस्टिस ज्योत्सना शर्मा की पीठ ने राहत से इनकार कर दिया क्योंकि अभियुक्तों को अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं मिला।पीठ एक भानू प्रताप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर आईपीसी की धारा 153ए, 506, 420, 467, 468, 471 और उत्तर...