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कोर्ट की अवमानना का मामला: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के डीएसपी और उनके सहयोगी को छह महीने की जेल की सजा सुनाई
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस के बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों और उनके सहयोगी प्रदीप शर्मा को सोशल मीडिया पर हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की न्यायिक कार्यवाही के खिलाफ 'दुर्भावनापूर्ण' और 'अपमानजनक' वीडियो प्रसारित करने के लिए अवमानना मामले में 6 महीने की कैद की सजा सुनाई।जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन की खंडपीठ ने आरोपी पर 2000 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया। यह घटनाक्रम हाईकोर्ट द्वारा मामले में दोनों को गिरफ्तार करने के आदेश के चार दिन बाद आया।मामले की...
बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाते हुए अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने पत्नी की कस्टडी में रह रहे अपने बच्चों के ठिकाने का पता लगाने की मांग की
बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाते हुए अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर अपने बच्चों के ठिकाने के बारे में पता लगाने की मांग की, जो उनकी पत्नी आलिया की कस्टडी में हैं।जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस पीडी नाइक की खंडपीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद सिद्दीकी और उनकी पत्नी के वकीलों को सिद्दीकी के मुलाक़ात के अधिकारों के बारे में आम सहमति पर पहुंचने के लिए कहा। उन्होंने अपने बच्चों से बात करने की इच्छा जताई।अदालत ने कहा,"हमारा सुझाव है कि आप चर्चा करें और मुलाक़ात के...
घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत कार्यवाही, IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता के लिए एफआईआर दर्ज करने पर रोक नहीं लगाती: हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 (डीवी अधिनियम) के तहत पत्नी द्वारा अपने पति के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही, भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए के तहत क्रूरता के लिए एफआईआर दर्ज करने पर कोई रोक नहीं लगाती है।याचिकाकर्ता-पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय धर की पीठ ने ये टिप्पणी की, जिसमें उनके खिलाफ उनकी पत्नी-शिकायतकर्ता द्वारा दायर शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 498ए और 109 के तहत दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी गई थी।एकल-न्यायाधीश...
महिला हो या पुरुष, न्यायाधीश को 'माई लॉर्ड' या 'योर ऑनर' के बजाय 'सर' के रूप में संबोधित किया जाना चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सोनिया गोकानी
गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सोनिया गोकानी ने जज को 'मिलॉर्ड' या 'योर ऑनर' के रूप में संबोधित किया जाना चाहिए या नहीं, इस बहस में शामिल होते हुए अपना योगदान देते हुए गुरुवार को कहा कि न्यायाधीश चाहे पुरुष हो या महिला, उसे संबोधित करने का सही तरीका, उन्हें 'सर' कहना है।चीफ जस्टिस गोकानी को एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस गोकानी (और जस्टिस संदीप एन भट्ट भी शामिल हैं) के नेतृत्व वाली पीठ को बार-बार 'योर लेडीशिप' के रूप में संबोधित करने के बाद चीफ जस्टिस गोकानी को टिप्पणी करने के लिए प्रेरित...
बेंगलुरू कोर्ट ने आईपीएस अधिकारी रूपा मोदगिल और मीडिया को आईएएस रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करने से अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया
बेंगलुरु में अतिरिक्त सिटी सिविल और सत्र न्यायालय ने गुरुवार को आईपीएस अधिकारी डी रूपा मौदगिल और गूगल और मेटा प्लेटफॉर्म सहित 59 अन्य मीडिया आउटलेट्स को आईएएस अधिकारी रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ किसी भी मानहानिकारक सामग्री को प्रकाशित करने से रोकते हुए एकतरफा अस्थायी निषेधाज्ञा आदेश पारित किया।न्यायाधीश के एस गंगन्नवर ने कहा,"प्रतिवादियों के कृत्यों और वादी द्वारा दावा की गई चोट पर विचार करते हुए इस स्तर पर वादी प्रतिवादी नंबर 1, 2 और 4 से 60 के खिलाफ टीआई के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनाते हुए पाया...
सोशल मीडिया से भाजपा नेता श्याम जाजू, उनके बेटे के खिलाफ अपमानजनक कंटेंट हटाएं: दिल्ली हाईकोर्ट ने आप नेताओं से कहा
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, संजय सिंह और दिलीप कुमार पांडेय को राजनेता और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू और उनके बेटे के खिलाफ कथित अपमानजनक कंटेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया।जस्टिस नवीन चावला ने पाया कि अंतरिम राहत देने के लिए जाजू और उनके बेटे के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला बनता है और आप नेताओं को दो दिनों के भीतर कंटेंट हटाने का निर्देश दिया।अदालत 22 जनवरी को आयोजित एक प्रेस...
मद्रास हाईकोर्ट ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चे को एडमिशन से वंचित करने के लिए स्कूल की आलोचना की
मद्रास हाईकोर्ट ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चे को प्रवेश से वंचित करने के लिए शैक्षणिक संस्थान की आलोचना करते हुए कहा कि संस्था न केवल अपने कर्तव्य को निभाने में विफल रही है बल्कि उस ईसाई मिशनरी को भी बदनाम किया, जिसके नाम पर संस्था चल रही है।अदालत ने कहा,छठा उत्तरदाता का नाम काफी दयनीय और विडंबनापूर्ण तरीके से भारत में तीसरी पीढ़ी के अमेरिकी मेडिकल मिशनरी के नाम पर रखा गया। यह मुझे आश्चर्यचकित करता है कि क्या प्रशासन में आज के लोग उसके सिद्धांतों या मूल आचरण का पालन किए बिना उसके नाम का उपयोग कर...
अंतरिम रोक आदेश के खिलाफ एनजीओ की अपील पर मद्रास हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीसामी को नोटिस जारी किया
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीसामी को एक एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने वाली अरापोर इयाक्कम एनजीओ द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें एआईएडीएमके नेता के खिलाफ किसी भी अपमानजनक टिप्पणी करने से रोक लगाई गई थी।जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने ये कहते हुए कि यह दूसरे पक्ष को सुने बिना ही अपील की अनुमति देने के बराबर होगा, विवादित आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया।पिछले साल दिसंबर में, जस्टिस कृष्णन रामास्वामी ने अरापोर इयक्कम...
कहीं अन्य दर्ज अलग जन्म तिथि का रिकॉर्ड स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट में दर्ज जन्म तिथि से बेहतर प्रमाण नहीं हो सकता : उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने पाया कि व्यक्ति की अलग जन्म तिथि के रूप में दर्ज उसकी जन्म तारीख का तथ्य उसके स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट में दर्ज जन्म तारीख के दस्तावेजी प्रमाण के सामने टिक नहीं सकता।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और संजय कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने कर्मचारी को उसके प्रबंधन के खिलाफ राहत प्रदान करते हुए कहा,"यह दर्ज तारीख का तथ्य दस्तावेजी साक्ष्य के सामने टिक नहीं सकता, जो स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट में है। स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट जन्म तिथि के प्रमाणों में से एक है। इसमें भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की...
यौन उत्पीड़न के आरोप बढ़ रहे हैं; जमानत याचिका पर विचार करते समय एफआईआर दर्ज करने में अत्यधिक देरी पर विचार किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में एक विवाहित महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करने के आरोपी दो पुरुषों को जमानत दे दी। कोर्ट ने जमानत देते हुए इस बात पर जोर दिया कि जमानत याचिका पर विचार करते समय प्राथमिकी दर्ज करने में अत्यधिक देरी पर विचार किया जाना चाहिए।कोर्ट ने ये भी देखा कि यौन अपराधों में झूठे आरोप बढ़ रहे हैं।जस्टिस कृष्ण पहल की पीठ ने आगे कहा कि 1983 के एक मामले (भारवाड़ा भोगिनभाई हिरजीभाई बनाम गुजरात राज्य) में सर्वोच्च न्यायालय की राय के बाद से गंगा में बहुत पानी बह...
कला केंद्र का प्रदर्शन लाइसेंस तब रद्द नहीं किया जा सकता, जब पॉक्सो एक्ट के तहत कथित अपराध परिसर में नहीं किया गया हो: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि नटराज सांस्कृतिक कला केंद्र, नासिक के कलाकारों का लाइसेंस मालिक के खिलाफ दर्ज अपराध के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता, क्योंकि कथित अपराध कला केंद्र के परिसर में नहीं किया गया।जस्टिस आरजी अवाचट ने कहा कि चूंकि मालिक को अपराध से बरी कर दिया गया है, इसलिए रद्द करने का आधार अब मौजूद नहीं है।अदालत ने कहा,"यह अधिकारियों का मामला नहीं है कि उक्त अपराध कला केंद्र के परिसर में किया गया। चूंकि जिस आधार पर याचिकाकर्ता का लाइसेंस रद्द किया जाना है, वह अब मौजूद नहीं है...
ट्रायल से संबंधित चिंता जज पर आक्षेप लगाने को न्यायोचित नहीं ठहराती: दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
एक व्यक्ति के खिलाफ अवमानना कार्यवाही को बंद करते हुए, दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि अपनी पूर्व पत्नी द्वारा दायर मामले की सुनवाई के दौरान आदमी जिस चिंता से गुजरा था, वह एक न्यायिक अधिकारी पर आक्षेप लगाने (Casting Aspersion) के कृत्य को न्यायोचित नहीं ठहराती है।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने उनके बिना शर्त माफी को स्वीकार कर लिया, साथ ही संयम बरतने और भविष्य में अदालत पर किसी भी तरह का आरोप लगाने से बचने की चेतावनी दी।अदालत ने कड़कड़डूमा अदालतों के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश...
'एडहॉक जज के रूप में सेवा को हाईकोर्ट जज के रूप में पदोन्नति के लिए नहीं गिना जा सकता': सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के न्यायिक अधिकारियों की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के नौ न्यायिक अधिकारियों की ओर से दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट को निर्देश दिया जाए के उन्हें जजों के रूप में पदोन्नति के लिए विचार करने का निर्देश दिया जाए।विचारार्थ पात्र न्यायिक अधिकारियों की हाईकोर्ट द्वारा तैयार की गई वरिष्ठता सूची में याचिकाकर्ताओं का नाम इस आधार पर शामिल नहीं था कि उन्होंने न्यायिक अधिकारी के रूप में दस वर्ष की सेवा पूरी नहीं की थी, जो कि अनुच्छेद 217(2)(ए) के तहत आवश्यक...
भारतीय समाज लिव-इन रिलेशन को स्वीकार्य नहीं मानता, ब्रेक-अप के बाद महिला का अकेले रहना मुश्किल: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अपनी शादीशुदा लिव-इन पार्टनर से रेप के आरोपी शख्स को जमानत देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप टूटने के बाद एक महिला के लिए अकेले रहना मुश्किल होता है।यह मानते हुए कि भारतीय समाज बड़े पैमाने पर ऐसे संबंधों को स्वीकार्य नहीं मानता है, अदालत ने कहा कि एक महिला के पास अपने लिव-इन पार्टनर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, जैसा कि वर्तमान मामले में हुआ है।जस्टिस सिद्धार्थ की पीठ ने आदित्य राज वर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में वकीलों के खिलाफ सभी लंबित शिकायतों का विवरण मांगा, कहा- वकीलों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बार काउंसिल को बार-बार शिकायत करने के कारण वकीलों को "उत्पीड़न और हताशा में डाला जा रहा है", जब तक कदाचार का कोई गंभीर मामला नहीं बनता है, तब तक इसका समर्थन नहीं किया जा सकता है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली को वकीलों के खिलाफ सभी लंबित शिकायतों का विवरण रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया। मांगी गई जानकारी में शिकायत दर्ज करने की तारीख और पहली नोटिस शामिल हैं।अदालत ने छह सप्ताह के भीतर बीसीडी से एक विस्तृत चार्ट मांगते हुए कहा, "अगर कोई दूसरी शिकायत...
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-बाद की तारीख में ऊंची योग्यता अर्जित करना वरिष्ठता तय करने के लिए निर्धारक नहीं: जेकेएल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर सरकार को निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की वरिष्ठता उनकी प्रारंभिक नियुक्ति से तय की जाए। कोर्ट ने दोहराया कि बाद की तारीख में ऊंची योग्यता अर्जित करना, भले ही ऐसी योग्यता उच्चतर पद के लिए अपेक्षित योग्यता हो, वरिष्ठता निर्धारण के लिए निर्धारक नहीं होगा।पर्यवेक्षकों के रूप में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के चयन संबंधित फरवरी 2019 में जारी सरकारी आदेश के खिलाफ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर याचिका पर जस्टिस जावेद इकबाल वानी...
यह जरूरी है कि स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना दिल्ली में घुसकर कार्रवाई करने से बाहरी पुलिस को रोका जाएः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकना आवश्यक है, जहां अन्य राज्यों की पुलिस दिल्ली पुलिस को सूचना दिए बिना राष्ट्रीय राजधानी में अपने ऑपरेशन्स चलाती है।दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने अतीत में इसके संबंध में अदालत द्वारा पारित विभिन्न आदेशों का जब उल्लेख किया, जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा,"जाहिर है, हालांकि इतिहास खुद को दोहराता रहता है। इन परिस्थितियों में, बाहरी राज्यों से पुलिस के दिल्ली में आने और स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना कार्रवाई करने जैसे...
'अजीब बात है कि एक विधायक ने हवाई यात्रा के लिए जाली आधार कार्ड बनाया': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा विधायक इरफान सोलंकी को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते समाजवादी पार्टी के विधायक इरफान सोलंकी को जाली आधार कार्ड के जरिए हवाई यात्रा करने के खिलाफ दर्ज मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने माना कि यह बहुत ही 'अजीब' है कि विधान सभा के एक सदस्य ने आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा किया और उसी के आधार पर यात्रा की।इसके साथ ही कोर्ट ने सोलंकी की ओर से पेश वकील की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि मामला अनिवार्य रूप से आधार अधिनियम 2016 के उल्लंघन से संबंधित है और अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज...
धारा 344 सीआरपीसी के तहत आपराधिक मनः स्थिति आवश्यक तत्व: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में 'गलत साक्ष्य' देने के मामले में तहसीलदार के खिलाफ कार्यवाही खारिज की
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालत में कथित तौर पर 'झूठे साक्ष्य' देने के आरोप में एक तहसीलदार के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 344 के तहत आरंभी की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है।जस्टिस दीपक कुमार तिवारी ने कार्यवाही को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। उन्होंने कहा,"सीआरपीसी की धारा 344 के तहत शक्ति के प्रयोग के लिए पूर्ववर्ती शर्त यह है कि निर्णय या अंतिम आदेश देने के समय गवाह ने जानबूझकर या अपनी इच्छा से झूठा साक्ष्य दिया है या इस इरादे से झूठा सबूत गढ़ा है कि इस तरह की...
नवरात्रि सांप्रदायिक हिंसा: खेड़ा एसपी ने सार्वजनिक पिटाई का बचाव किया; आरोपी ने आतंक का माहौल बनाया, दंगे रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई की
गुजरात हाईकोर्ट के समक्ष राज्य पुलिस ने अपने हलफनामे में पिछले साल अक्टूबर में खेड़ा जिले के उंधेला गांव में गरबा कार्यक्रम में कथित तौर पर पथराव करने वाले कुछ आरोपियों की सार्वजनिक पिटाई का बचाव किया।स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस इंस्पेक्टर और खेड़ा सब-इंस्पेक्टर द्वारा दायर दो अलग-अलग हलफनामों में कहा गया कि पुलिस ने अपनी शक्तियों को पार नहीं किया या सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी डीके बसु दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं किया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों ने कानून और व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित...


















