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26 साल की महिला अनौपचारिक रिश्ते को समझने के लिए व्यस्क है: कलकत्ता हाईकोर्ट ने शादी के वादे पर बलात्कार करने की सजा रद्द की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में बलात्कार के अपराध के लिए ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्ति को इस आधार पर बरी कर दिया कि पीड़िता ने पूरी तरह से वयस्क होने के नाते आरोपी के साथ यौन संबंध बनाने के लिए स्वेच्छा से सहमति दी। इसे शादी के झूठे वादे के कारण गलतफहमी में दी गई सहमति का मामला नहीं कहा जा सकता।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने कहा,"इसमें कोई संदेह नहीं कि अपीलकर्ता के लिए यह नैतिक रूप से निंदनीय है कि वह उस पीड़ित महिला को छोड़ दे, जिसके साथ उसने गर्भवती...
वक्फ ट्रिब्यूनल नोटिस जारी करने के लिए जुर्माना जमा करने पर जोर नहीं दे सकता: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि गुजरात राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल (प्रक्रिया) नियम, 1998 के तहत ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं है जिसके द्वारा गुजरात राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल अपने समक्ष दायर याचिका पर नोटिस जारी करने के लिए जुर्माना जमा करने पर जोर दे सके।याचिकाकर्ता का मामला यह है कि याचिकाकर्ता के पूर्वजों ने तीर्थयात्रियों को आवास देने के लिए 'मुसाफिर खाना' के निर्माण के लिए भूमि प्रतिवादी नंबर 2 को दान की थी।हालांकि, राज्य सरकार (प्रतिवादी नंबर 1) ने गेस्ट हाउस का निर्माण किया और उसका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कीं। कोर्ट ने कहा कि उसे इस योजना में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता है।अदालत ने कहा,"अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज की जाती हैं।"चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की डिविजनल बेंच फैसला सुनाया। फैसला पिछले साल 15 दिसंबर को सुरक्षित रखा गया था।कुल 23 याचिकाओं में से पांच ने अग्निपथ योजना को चुनौती दी थी। पिछली भर्ती योजना के अनुसार नियुक्ति की मांग करने वाली अन्य...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (20 फरवरी, 2023 से 24 फरवरी, 2023) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा पहले दर्ज किया गया डाइंग डिक्लेरेशन पुलिस अधिकारी को फिर से रिकॉर्ड नहीं करना चाहिए: छत्तीसगढ़ हाईकोर्टछत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारी को मरने से पहले दिए गए बयान को फिर से दर्ज नहीं करना चाहिए, जो पहले से ही एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया गया, जो ऐसा...
"दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिला एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगा रही है जो भारत में नहीं है", पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते कथित पीड़िता के खिलाफ सामूहिक बलात्कार के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया क्योंकि यह पाया गया कि कथित अपराध के समय आरोपी देश से बाहर था।यह देखते हुए कि जांच अधिकारी के अनुसार, आरोपी उस समय लंदन में था जब बलात्कार का कथित अपराध हुआ था, जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने इसे ब्लैकमेल करने के साथ-साथ कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग का मामला करार दिया।कोर्ट ने कहा,"स्वीकार की गई स्थिति के मद्देनजर कि कथित घटना के दिन, याचिकाकर्ता देश से...
संविदात्मक कर्मचारी को प्राकृतिक न्याय के नियमों का पालन किए बिना नौकरी से नहीं हटाया जा सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने दोहराया कि कांट्रेक्ट पर रखे गए कर्मचार को हटाने से पहले भी प्राकृतिक न्याय के नियमों का पालन करने की आवश्यकता होती है।एक जूनियर टीचर (संविदात्मक) को राहत प्रदान करते हुए, जिन्हें खुद का बचाव करने का अवसर प्रदान किए बिना हटा दिया गया था, जस्टिस शशिकांत मिश्रा की एक एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा, “यह अदालत इस तर्क से प्रभावित नहीं है कि एक संविदात्मक कर्मचारी होने के नाते उन्हें हटाने से पहले किसी नियम या प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक नहीं है। बल्कि यह कानून की तय स्थिति है कि एक...
केरल हाईकोर्ट ने जेजे एक्ट, पोक्सो एक्ट और बच्चों के बीच नशीली दवाओं के इस्तेमाल पर कोलोक्वीअम का आयोजन किया, जस्टिस एस रविंद्र भट ने किया उद्घाटन
केरल हाईकोर्ट ने किशोर न्याय अधिनियम, 2015, पोक्सो एक्ट, और बच्चों के बीच नशीली दवाओं के इस्तेमाल पर एक क्षेत्रीय कोलोक्वीअम का आयोजन किया । एर्नाकुलम स्थित होटल मैरियट में दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एस रविंद्र ने शनिवार को किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जस्टिस डिलीवरी सिस्टम के विभिन्न भागीदारों को संवेदनशील बनाना है, जिन में पर विभिन्न स्तरों बच्चों से जुड़े मामलों को संभालने की जिम्मेवारी है।जस्टिस भट सुप्रीम कोर्ट की किशोर न्याय समिति के अध्यक्ष भी हैं। इस...
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा पहले दर्ज किया गया डाइंग डिक्लेरेशन पुलिस अधिकारी को फिर से रिकॉर्ड नहीं करना चाहिए: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारी को मरने से पहले दिए गए बयान को फिर से दर्ज नहीं करना चाहिए, जो पहले से ही एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया गया, जो ऐसा करने के लिए कानून के तहत सक्षम और बेहतर प्राधिकारी है।जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की खंडपीठ ने पुलिस द्वारा मृत्यु पूर्व बयान दर्ज करने के तरीके को अस्वीकार करते हुए कहा,"चूंकि देहाती नालसी की रिकॉर्डिंग से कुछ घंटे पहले 24-7-2012 को कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा मरने से पहले का बयान दर्ज किया गया, हम यह...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियुक्त को जमानत दी, कहा पीएमएलए की धारा 45 लागू नहीं, क्योंकि अधिनियम की धारा 19 के तहत गिरफ्तारी नहीं हुई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामले में आरोपी को जमानत दे दी, यह देखते हुए समानता दी कि पीएमएलए की धारा 19 के तहत जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार नहीं किया गया। इसलिए पीएमएलए की धारा 45 की कठोरता लागू नहीं किया जा सकता।आवेदक द्वारा दी गई नियमित जमानत अर्जी को ट्रायल कोर्ट ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि पीएमएलए की धारा 45 की दोहरी शर्तें संतुष्ट नहीं हैं।जस्टिस राजेश सिंह चौहान ने जमानत देते हुए यह टिप्पणी की,"वर्तमान मामले में प्रथम दृष्टया, आवेदक को हिरासत...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने विचाराधीन व्यवसायी को मेडिकल राय के विपरीत अस्पताल में रखने पर जेल अधीक्षक पर 2000 रूपये का जुर्माना लगाया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुपरिटेंडेंट, प्रेसीडेंसी सुधार गृह पर अदालती आदेश का उल्लंघन करने के लिए अवमानना कार्यवाही में अंडरट्रायल कैदी को अस्पताल में भर्ती करने के बहाने आराम देने के आरोप में 2000 रूपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, उक्त आरोपी को संस्थागत मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता नहीं थी।जस्टिस अजय कुमार गुप्ता और जस्टिस जॉयमाला बागची की खंडपीठ ने कहा,“वर्तमान मामले में लोक सेवक शामिल है, जो सुधार गृह का प्रमुख है। उसने जानबूझकर न्यायिक आदेश का उल्लंघन किया और विचाराधीन कैदी को...
'स्वयंवर' अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार, इसकी जड़ें रामायण, महाभारत में खोजी जा सकती हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा कि स्वयंवर यानी अपनी पसंद से शादी करना कोई आधुनिक घटना नहीं है और इसकी जड़ें प्राचीन इतिहास में खोजी जा सकती हैं, जिसमें रामायण महाभारत जैसी पवित्र पुस्तकें भी शामिल हैं।जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने यह कहते हुए कि अनुच्छेद 21 इस मानवाधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में लागू करता है, आरोपी व्यक्ति के खिलाफ लड़की का अपहरण करने के आरोप में दर्ज एफआईआर रद्द कर दी।न्यायालय ने कहा कि दोनों पक्ष वयस्क हैं और उन्होंने अपने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध विवाह...
दिल्ली हाईकोर्ट सोमवार को अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाएगा
दिल्ली हाईकोर्ट सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को फैसला सुनाएगा।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ फैसला सुनाएगी। फैसला पिछले साल 15 दिसंबर को सुरक्षित रखा गया।नवंबर, 2022 में पीठ ने फैसला किया कि वह पहले अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी और फिर रक्षा सेवाओं में पिछले भर्ती विज्ञापनों के अनुसार फिर से शुरू करने और नामांकन की मांग करने वाली अन्य याचिकाओं पर सुनवाई...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में संशोधन के बाद नाबालिग बेटी के यौन उत्पीड़न के दोषी व्यक्ति की सजा घटाई
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले और सजा में गुरुवार को संशोधन किया, जिसमें पिता को अपनी 13 वर्षीय बेटी के यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने आरोपी सजा में यह देखते हुए संशोधन किया उस पर लगे सभी उचित संदेह से साबित नहीं हुए हैं।जस्टिस माइकल ज़ोथनखुमा और जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की खंडपीठ ने पीड़िता के बयान पर ध्यान दिया कि उसके पिता ने उसके साथ बलात्कार किया। इसने इसकी तुलना डॉक्टर के बयान से की, जिसने कहा कि उस लड़की ने उसे बताया कि उसके पिता...
यूएपीए के तहत रिमांड बढ़ाते समय आरोपी लोक अभियोजक की रिपोर्ट की कॉपी पाने का हकदार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि यूएपीए की धारा 43डी(2) के तहत जारी जांच के लिए रिमांड के विस्तार के चरण में आरोपी को लोक अभियोजक की रिपोर्ट प्रदान करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस मुक्ता गुप्ता और जस्टिस अनीश दयाल की खंडपीठ ने हालांकि कहा कि जब आरोपी को लोक अभियोजक की रिपोर्ट के आधार पर जांच की अवधि के विस्तार के बारे में सूचित करने के लिए पेश किया जाता है, तो "आरोपी एक मूक दर्शक नहीं हो सकता" और विशेष अदालत को जांच की प्रगति और आगे हिरासत में लेने के कारणों के बारे में रिपोर्ट की जांच करते...
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर न्यायपालिका के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रसारित करना जनता को कानून के खिलाफ भड़काने के बराबर: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस के डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों और उनके सहयोगी को एक आपराधिक अवमानना मामले में 6 महीने की कैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आदेश में कहा कि राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर न्यायपालिका के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रसारित करना लोगों को कानून के खिलाफ भड़काने के बराबर है।जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस हरप्रीत कौर जीवन की खंडपीठ ने माना कि सेखों और उनके सहयोगी की ओर से प्रसारित वीडियो की सामग्री 'अपमानजनक', 'दुर्भावनापूर्ण' 'निंदात्मक', और...
'अमीर पैसे देता है और गरीब दुआएं', चीफ जस्टिस ने किया कानूनी सहायता प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमाथ ने शुक्रवार को हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज़ कमेटी, जबलपुर के लिए चयनित पैनल लॉयर्स के लिए तीन दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस विवेक अग्रवाल भी मौजूद थे।इस अवसर पर चीफ जस्टिस ने पैनल लॉयर्स की ओर से दी जाने वाली कानूनी सहायता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गरीब और कमजोरों की मदद करना, सबसे पवित्र काम है, जिसे एक वकील कर सकता है।उन्होंने कहा कि जो वकील ऐसी...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के आश्वासन के बाद स्टेट बार काउंसिल ने कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव वापस लिया
मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश स्टेट बार एसोसिएशन ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ के वकीलों की समस्याओं के विषय पर विचार करने के आश्वासन के बाद वकीलों के शुक्रवार को कार्य से विरत रहने के अपने पूर्व प्रस्ताव को वापस ले लिया।इससे पहले स्टेट बार एसोसिएशन ने वकीलों की व्यवसायिक परेशानियों और प्रदेश भर में वकीलों की सुरक्षा के मुद्दों की अपनी मांगों को लेकर 24 फरवरी को पूरे प्रदेश में वकीलों के कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया था।मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि...
[पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट] हिरासतकर्ता प्राधिकरण को हिरासत में लिए गए व्यक्ति की ओर से दिए गए प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने में दो महीने से अधिक का समय लगाया, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने तत्काल रिहाई के आदेश दिए
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को प्रिवेंशन ऑफ इल्लिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1988 (पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट) की धारा 3 (1) के तहत एक हिरासत आदेश को इस आधार पर रद्द कर दिया कि हिरासतकर्ता प्राधिकरण ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति के प्रतिनिधित्व का निस्तारण करने में ढाई महीने से अधिक समय लिया।जस्टिस अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ और जस्टिस रॉबिन फुकन की खंडपीठ ने कहा,"मौजूदा मामले में, हमने देखा है कि भले ही हम उस अवधि को निकाल दें, जितने दिनों के लिए रिकॉर्ड एडवाइजरी...
अगर हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा दी जाती है तो अन्य अपराधों के लिए सजा साथ-साथ चलेगी: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि यदि किसी अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा दी जाती है और किसी अन्य आरोप के लिए एक और निश्चित अवधि की सजा दी जाती है तो दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी न कि एक के बाद एक।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की पीठ ने दोषियों रामचंद्र रेड्डी और अन्य की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए यह स्पष्टीकरण दिया और निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को एससी नंबर 02/2007 में 25.11.2010 को पारित दोषसिद्धि के आक्षेपित आदेश के संदर्भ में सजा सुनाई...
अभियोजन साक्ष्य पूरा होने के बाद अतिरिक्त दस्तावेज तैयार किया जा सकता है, यदि यह महत्वपूर्ण है और चूक वास्तविक गलती है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अभियोजन साक्ष्य पूरा होने के बाद अतिरिक्त दस्तावेज पेश किया जा सकता है, यदि ऐसे दस्तावेज की चूक वास्तविक गलती है और दस्तावेज को महत्वपूर्ण माना जाता है।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की एकल पीठ अतिरिक्त सत्र न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने पर विचार कर रही थी, जिसमें अभियोजन पक्ष को साक्ष्य पूरा करने के बाद अभियुक्तों का मकसद दिखाने के लिए एफआईआर पेश करने की अनुमति दी गई। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 और 307 के तहत अपराध के लिए मुकदमा चला रहे अभियुक्त ने...

















![[पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट] हिरासतकर्ता प्राधिकरण को हिरासत में लिए गए व्यक्ति की ओर से दिए गए प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने में दो महीने से अधिक का समय लगाया, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने तत्काल रिहाई के आदेश दिए [पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट] हिरासतकर्ता प्राधिकरण को हिरासत में लिए गए व्यक्ति की ओर से दिए गए प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने में दो महीने से अधिक का समय लगाया, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने तत्काल रिहाई के आदेश दिए](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/02/11/500x300_458424-427230-ndps-act.jpg)

