मुख्य सुर्खियां
मानव विस्थापन का पैमाना कल्पना से परे, लोगों को 'अतिक्रमणकर्ता' के रूप में लेबल करना और बुलडोजरों को तैनात करना कोई समाधान नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में कथित अतिक्रमण के मुद्दे को हल करने के लिए अधिक विचारशील दृष्टिकोण की मांग करते हुए कहा कि लोगों को केवल "अतिक्रमणकर्ता" और "बुलडोजर तैनात करना" के रूप में लेबल करना समाधान नहीं है, क्योंकि मानव विस्थापन का पैमाना कल्पना से परे है।जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस नीला गोखले की खंडपीठ ने पश्चिमी रेलवे की भूमि पर लगभग 101 "अवैध" संरचनाओं को ध्वस्त करने के तरीके को अस्वीकार कर दिया और कहा कि "सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन में अगली तारीख तक ग्रेटर मुंबई में पश्चिमी...
यदि चार्जशीट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध शामिल नहीं है तो सीबीआई के अधिकार क्षेत्र में जांच बंद हो जाती है: मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि सीबीआई आईपीसी के तहत अपराधों की जांच करने के अपने अधिकार में है, बशर्ते कि वे भ्रष्टाचार अधिनियम की रोकथाम के तहत अपराधों के साथ सांठगांठ में हों। हालांकि जब पीसी अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराधों को चार्जशीट से हटा दिया जाता है तो सीबीआई को अपना अभियोजन जारी रखने के लिए राज्य की विशिष्ट सहमति की आवश्यकता होती है, क्योंकि सीबीआई का अधिकार क्षेत्र ऐसी चार्जशीट दाखिल करने की तारीख से समाप्त हो जाएगा।जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह ने उस याचिका पर सुनवाई करते...
निराधार सुरक्षा आशंकाओं का आश्रय लेकर अभियुक्त अभियोजन की जगह नहीं चुन सकता: जेकेएल हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. एसके भल्ला द्वारा डोडा में पत्रकार द्वारा दायर मानहानि शिकायत को जम्मू ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।जस्टिस एम ए चौधरी की पीठ ने कहा कि निराधार व्यक्तिगत सुरक्षा आशंकाओं का सहारा लेकर अभियुक्त को मुकदमा चलाने के लिए उसकी पसंद की जगह की अनुमति नहीं दी जा सकती।भल्ला ने दावा किया कि प्रतिवादी "डोडा के दो फर्जी आरटीआई कार्यकर्ताओं" के बारे में उसके सोशल मीडिया पोस्ट से चिढ़ गया था, जिसने कथित रूप से प्रतिवादी के "दुष्कर्म"...
लोगों के एक समूह के साथ रेप के कृत्य में मदद करने वाली महिला पर आईपीसी की धारा 376D के तहत 'गैंग रेप' का मुकदमा चलाया जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने कहा कि एक महिला रेप का अपराध नहीं कर सकती है, लेकिन अगर वह लोगों के एक समूह के साथ रेप के कृत्य में मदद की है तो संशोधित प्रावधानों के मद्देनजर उस पर आईपीसी की धारा 376D के तहत 'गैंग रेप (Gang Rape)' के लिए मुकदमा चलाया जा सकता है।आईपीसी की धारा 375 और 376 (भारतीय दंड संहिता, 1860 के 2013 के अधिनियम 13 द्वारा संशोधित) के प्रावधानों का अवलोकन करते हुए जस्टिस शेखर कुमार यादव की पीठ ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि एक महिला पर कथित गैंग रेप के अपराध के लिए...
वैवाहिक विवाद- 'ट्रांसफर हमेशा पत्नी के पक्ष में नहीं हो सकता': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ब्रेन कैंसर से पीड़ित पति को दी राहत
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद मामले में पति को राहत देते हुए कहा कि मामले को हमेशा पत्नी के पक्ष में ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।इसके साथ ही जस्टिस निधि गुप्ता की पीठ ने एक पति (ब्रेन कैंसर से पीड़ित) द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका को स्वीकार कर लिया और पत्नी द्वारा गुरदासपुर में दायर ओए मामले को लुधियाना अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया।दरअसल, पत्नी ने सिविल जज, जूनियर डिवीजन, गुरदासपुर की अदालत में प्रतिवादी (पति) को निर्देश देने की मांग करते हुए अनिवार्य...
न्याय का मतलब सबसे शक्तिशाली, यहां तक कि खुद राज्य के खिलाफ जीतने का समान और उचित अवसर है: जस्टिस संजीव खन्ना
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि 'न्याय' शब्द का अर्थ ऐसे नियमों का अस्तित्व है, जो लोगों को सबसे शक्तिशाली और यहां तक कि राज्य के खिलाफ भी जीतने का समान और उचित अवसर प्रदान करते हैं।वे शनिवार को कटक स्थित ओडिशा न्यायिक अकादमी में बोल रहे थे, जहां उन्होंने उड़ीसा हाईकोर्ट की 'वार्षिक रिपोर्ट-2022' जारी की और 'जिला न्यायाधीश सम्मेलन-2023' को झंडी दिखाकर रवाना किया। उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. जस्टिस एस. मुरलीधर और हाईकोर्ट के जजों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।जस्टिस खन्ना...
एक ही घटना के संबंध में पार्टियों के दो अलग-अलग बयानों के मामले में क्रॉस एफआईआर की अनुमति: जेकेएल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि एक ही घटना के संबंध में दो एफआईआर नहीं हो सकती हैं, लेकिन एक ही घटना के संबंध में प्रतिद्वंद्वी पक्षों की ओर से दो अलग-अलग बयानों के मामलों में, क्रॉस एफआईआर दर्ज करने की अनुमति है।न्यायिक मजिस्ट्रेट किश्तवाड़ की ओर से पारित एक आदेश के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजेश ओसवाल ने यह टिप्पणी की कि काउंटर एफआईआर को छोड़कर एक ही कारण/घटना के लिए दो एफआईआर नहीं हो सकती हैं और याचिकाकर्ता की शिकायत कल्पना की किसी भी सीमा...
अगर दूल्हा दुल्हन के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करता है तो मैच-मेकर पर धोखाधड़ी का आरोप नहीं लगाया जा सकताः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि एक मैच-मेकर, जिसने भावी दुल्हन के परिवार के सामने दूल्हे की प्रशंसा की हो,उस पर केवल इसलिए धोखा देने का आरोप नहीं लगाया जा सकता क्योंकि पुरुष/दुल्हे ने कथित रूप से महिला/दुल्हन के साथ बुरा व्यवहार किया और अब उस पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया गया है। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने शादी कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले(मैच-मेकर) एक वरिष्ठ बैंकर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया,जिसे पति और उसके परिवार के साथ इस एफआईआर में...
टोल एक टैक्स, कलेक्शन कंपनी और सिविक कंपनी के बीच संविदात्मक ऋण नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि वाहन टोल एक कर है, यह कलेक्शन कंपनी और सिविक बॉडी के बीच एक संविदात्मक ऋण नहीं है, मुंबई स्थित एमईपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड (एमईपीआईडीएल) की ओर से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की रिकवरी की कार्यवाही के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दिया। एमईपीआईडीएल इकट्टा किए गए टोल की राशि का भुगतान एमसीडी को नहीं कर पाया था, जिसके बाद मौजूदा मामला दायर किया गया।कोर्ट ने कहा,“एमईपीआईडीएल टोल एकत्र कर रहा था और भेज रहा था। इसलिए, सवाल यह नहीं है कि क्या एमईपीआईडीएल अनुबंध...
बलपूर्वक धर्मांतरण मामला : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएचयूएटीएस' वीसी को 15 फरवरी तक कठोर कार्रवाई से संरक्षण दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (पूर्व में इलाहाबाद कृषि संस्थान) के कुलपति (डॉ.) राजेंद्र बिहारी लाल को बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के मामले में बलपूर्वक कार्रवाई के खिलाफ अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।जस्टिस मंजू रानी चौहान की पीठ ने लाल द्वारा दायर अग्रिम जमानत अर्जी पर यह आदेश पारित किया। न्यायालय के आदेश का ऑपरेटिव भाग इस प्रकार है:"यदि आवेदक 13 और 15 फरवरी, 2023 को जांच अधिकारी (आईओ) के सामने पेश होता है, और 13 फरवरी, 2023 को आईओ...
जस्टिस संजीव खन्ना ने उड़ीसा हाईकोर्ट की 'वार्षिक रिपोर्ट' जारी की
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजीव खन्ना ने पिछले सप्ताह ओडिशा न्यायिक अकादमी, कटक में उड़ीसा हाईकोर्ट की 'वार्षिक रिपोर्ट-2022' जारी की।उन्होंने वार्षिक जिला न्यायाधीश सम्मेलन-2023 को भी झंडी दिखाकर समारोह का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. एस. मुरलीधर, हाईकोर्ट के न्यायाधीश, राज्य के सभी जिला न्यायाधीश और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उपस्थित थे।वार्षिक रिपोर्ट में हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों के कामकाज और गतिविधियों पर व्यापक विवरण होता है। इसको सात साल के अंतराल के...
आपराधिक मामले के लंबित रहने के दौरान सीलबंद कवर प्रक्रिया अपनाने के आधार पर पदोन्नति रोक नहीं सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी आपराधिक मामले के लंबित रहने के दौरान सीलबंद कवर प्रक्रिया अपनाने के आधार पर अनिश्चित काल के लिए किसी व्यक्ति की सिफारिश को रोक नहीं सकता है।जस्टिस जसप्रीत सिंह की पीठ ने रणबीर सिंह (वर्तमान में राज्य सरकार के साथ तहसीलदार के रूप में सेवा कर रहा है और डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति की मांग कर रहा है) को राहत देते हुए सक्षम प्राधिकारी को आज से आठ सप्ताह की अवधि के भीतर सीलबंद कवर खोलने के उनके दावे पर विचार करने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता का यह मामला...
[पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट] अगर प्राधिकरण संतुष्ट है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है, जनस्वास्थ्य के लिए खतरा हिरासत का आधार हो सकता है: जेकेएल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि केवल इसलिए कि हिरासतकर्ता प्राधिकरण ने अन्य आधारों के साथ यह भी देखा है कि हिरासत में लिए गए लोगों की गतिविधियां आम जनता के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करती हैं, पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम की धारा 3 के तहत हिरासत के आदेश को अवैध नहीं बनाती है।प्रिवेंशन ऑफ इल्लिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1988 में धारा 3 सरकार को किसी व्यक्ति को मादक दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थों के अवैध...
निचली अदालतें सीआरपीसी की धारा 313 के तहत सवाल तय करने के लिए जहमत नहीं उठा रही: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही में धारा 313 सीआरपीसी का पालन न करने के कारण आईपीसी की धारा 302 के तहत एक व्यक्ति की सजा को रद्द कर दिया।जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस एएन केशरवानी की डिविजन बेंच ने देखा कि निचली अदालत ने सीआरपीसी की धारा 313 की आवश्यकताओं का उसकी भावना से पालन नहीं किया और इसलिए, अपीलकर्ता की दोषसिद्धि अपुष्ट थी।चूंकि ट्रायल कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 313 की आवश्यकताओं का अनुपालन उसकी भावना में नहीं किया है और अपीलकर्ता को उन आपत्तिजनक सबूतों के खिलाफ...
"50 साल बाद विधवा को उसके घर से बाहर निकालने के लिए पार्टी नहीं बना जा सकता, न्याय कहां है?": बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) से कहा वह उस बूढ़ी विधवा महिला को संभवतः उसके 50 साल के कानूनी रूप से कब्जे वाले घर से बेदखल करने के लिए पक्षकार नहीं हो सकता। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने म्हाडा को 160 वर्ग के परिसर में किरायेदार/रहने वाले के रूप में उसका नाम जोड़ने का निर्देश भी दिया।जस्टिस जीएस पटेल और जस्टिस एसजी डिगे की खंडपीठ ने कहा कि एक तरफ तो म्हाडा के पास अवैध रूप से घुसपैठियों को भी अस्थायी रूप से समायोजित करने की नीति है, लेकिन वर्तमान मामले में वे कानूनी...
आईपीसी की धारा 498A: कर्नाटक हाईकोर्ट ने ननद पर प्रताड़ना के आरोप में दर्ज आपराधिक मामला खारिज किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने वह आपराधिक मामला खारिज कर दिया, जिसमें महिला द्वारा अपनी ननद के खिलाफ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के "आरोप" लगाए गए थे।जस्टिस मोहम्मद नवाज की एकल न्यायाधीश की पीठ ने महिला द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली, जिसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498-ए, 323, 504 सपठित धारा 149 के तहत अन्य आरोपियों के साथ चार्जशीट किया गया।कोर्ट ने कहा,'शिकायतकर्ता की मां और भाइयों के बयानों में याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई विशिष्ट आरोप नहीं लगाया गया।'शिकायतकर्ता का आरोप है कि दहेज के लिए उसके पति...
'आजादी का अमृत महोत्सव' नागरिकों के कल्याण से जुड़ा, लेकिन पुलिस प्रशासन के लिए अब भी औपनिवेशिक ढांचे के साथ रहना ज्यादा सहज: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में सुनवाई के दरमियान टिप्पणी की, "75 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद से, सरकार 'आजादी-का-अमृत महोत्सव' मना रहा है और देश के नागरिकों के कल्याण की संभावित दृष्टि से इसे 'अमृत काल' करार दिया गया है, हालांकि पुलिस प्रशासन को अब भी औपनिवेशिक संरचना के साथ रहना अधिक सहज महसूस होता है।"हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका में राज्य की ओर से दायर एक जवाबी हलफनामे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आवेदक आपराधिक मंशा का है।जस्टिस मंजू रानी चौहान की खंडपीठ ने जवाबी हलफनामे के अभिसाक्षी...
इस साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में 97 लाख से अधिक मामले निपटाए गए
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के मार्गदर्शन और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और NALSA के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजय किशन कौल के नेतृत्व में देश भर के कानूनी सेवा प्राधिकरणों ने सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वर्ष 2023 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। नालसा को प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत में 11 फरवरी शाम 7.30 बजे तक 97.54 लाख प्रकरणों का निपटान किया। निपटाए गए मामलों में लगभग 17.13 लाख लंबित मामले और 80.50 लाख मुकदमेबाजी से पूर्व के मामले शामिल...
केरल हाईकोर्ट ने ISIS में शामिल होने के लिए सीरिया जाने का प्रयास करने के आरोपियों की सजा निलंबित करने से इनकार किया, कहा- उन्हें रिहा करना सुरक्षित नहीं
केरल हाईकोर्ट ने उन तीन लोगों की सजा निलंबित करने की अर्जी खारिज कर दी, जिन्हें पिछले साल कथित रूप से आईएसआईएस में शामिल होने के लिए सीरिया जाने की कोशिश करने के लिए दोषी ठहराया गया था। आवेदकों ने तर्क दिया कि वे पांच साल से अधिक समय तक हिरासत में रहे हैं और यहां तक कि मुकदमे के दौरान उन्हें कभी जमानत पर रिहा नहीं किया गया।जस्टिस अलेक्जेंडर थॉमस और जस्टिस सोफी थॉमस की खंडपीठ ने कहा कि सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम केंद्रीय जांच ब्यूरो (2022) में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया कि सीआरपीसी की धारा...
AIBE XVII : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने संशोधित आंसर की जारी की
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआईबीई) XVII के सेट ए, बी, सी और डी के लिए संशोधित आंसर की जारी की है। एआईबीई 17 की आंसर शीट (अंग्रेजी सेट ए, सेट बी, सेट सी, और सेट डी) परीक्षा आयोजित होने के बाद 5 फरवरी को जारी की गई थी, हालांकि बाद में इसे हटा दिया गया, कथित तौर पर आंसर की में गलत उत्तर थे।बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने 5 फरवरी को अखिल भारतीय बार परीक्षा XVII आयोजित की।बीसीआई के अनुसार, निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए 53 शहरों और 261 केंद्रों में...



















