मुख्य सुर्खियां
दिल्ली हाईकोर्ट ने आरटीआई अधिनियम के तहत कॉलेजियम की सिफारिशों से संबंधित सूचना मांगने वाली याचिकाओं पर केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के संबंध में सूचना मांगने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।इसे एक "महत्वपूर्ण मामला" कहते हुए, जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा से उचित निर्देश लेने और एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा क्योंकि आरटीआई आवेदन कॉलेजियम की बैठकों से संबंधित राय और अन्य नोटों से संबंधित हैं।अब इस मामले की सुनवाई मई में होगी।अदालत तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सवाल उठाया गया था...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2014 में स्कूल प्रधानाध्यापक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर रद्द की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि घटना के समय आरोपी की ओर से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, जिसने मृतक को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया हो।सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लटाला के प्रिंसिपल रंजीत सिंह की 2014 में कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई थी। उनके बेटे ने शिकायत में कहा है कि उसके पिता ने उसे बताया था कि उसके एक्सटेंशन के संबंध में स्कूल की क्लर्क परमिंदर कौर और उसके पति ने गुरमेल से मिलीभगत की है।सिंह, जो उस समय...
'मानहानि मामले में पेश नहीं होने पर राहुल गांधी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करें': सुशील मोदी की पटना कोर्ट में याचिका
राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को मानहानि के मुकदमे में अदालत में पेश नहीं होने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए पटना कोर्ट के समक्ष एक आवेदन दायर किया है। मानहानि मामले में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपने बयान दर्ज कराने के लिए 12 अप्रैल को पेश होने के निर्देश देने के अदालत के 18 मार्च के आदेश के बाद राहुल गांधी अदालत में पेश नहीं हो पाए थे, जिसके बाद आज यह आवेदन दायर किया गया।एमपी मोदी ने 2019 में गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (मानहानि) की...
न्यायिक प्रक्रिया सेलेब्रिटीज को परेशान करने का औजार नहीं : सलमान खान के खिलाफ पत्रकार की शिकायत खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने विस्तृत आदेश में अभिनेता सलमान खान और उनके अंगरक्षक के खिलाफ एक मामले को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की बदले की भावना को संतुष्ट करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया को किसी सेलिब्रिटी के अनावश्यक उत्पीड़न का साधन नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने देखा," निराशा या इशारे में बोले गए शब्द, चाहे कितने भी भयावह हों, आईपीसी की धारा 504 को आकर्षित नहीं करेंगे, जब तक कि य्ह जानबूझकर अपमान प्रदर्शित नहीं करते हों और किसी भी व्यक्ति को उकसाने का कारण देते हों और जो इस तरह की प्रकृति का...
"विवाह विवाद हमारे देश में सबसे कड़वी लड़ाई वाले मुक़दमे हैं": हाईकोर्ट ने महिला को अपने बेटे के साथ भारत आने के दिए निर्देश
“विवाह विवाद हमारे देश में सबसे कड़वी लड़ाई वाले मुक़दमे हैं।“ये टिप्पणी बॉम्बे हाईकोर्ट ने की। हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवादों में बच्चों को ‘गुलाम’ या चल संपत्ति की तरह इस्तेमाल किये जाने पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने एक महिला को अपने 15-साल के बेटे के साथ थाईलैंड से भारत आने का निर्देश दिया। ये निर्देश कोर्ट ने इसलिए दिया ताकि बच्चा को अपने पिता और भाई-बहनों से मिल सके।जस्टिस आर. डी. धानुका और जस्टिस गौरी गोडसे की बेंच ने कहा, ‘‘एक बच्चे पर माता-पिता के अधिकारों से अधिक महत्वपूर्ण उस बच्चे का...
केवल यह कहते हुए कि 'मामला जल्द से जल्द निपटाया जाएगा', समयबद्ध अधिनिर्णय के लिए फैमिली कोर्ट आवेदन का निस्तारण नहीं कर सकता, समय-सीमा तय करनी चाहिए: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि जब किसी मामले को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए आवेदन दायर किया जाता है तो फैमिली कोर्ट इस तरह के आदेश पारित करने वाले आवेदन का निपटारा नहीं कर सकती है कि मामला "जल्द से जल्द निपटाया जाएगा।"जस्टिस अनिल के. नरेंद्रन और जस्टिस पी.जी. अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा,"... यदि आवेदक ने शीघ्र सुनवाई या समयबद्ध निपटान के लिए कोई न्यायोचित या वैध कारण बताया है तो फैमिली कोर्ट को उस मामले की शीघ्र सुनवाई या समयबद्ध निपटान का आदेश देते हुए समय-सीमा निर्दिष्ट करते हुए उस...
किसी भी धार्मिक संप्रदाय को सुविधा प्रदान करने के लिए टैक्स के छोटे से हिस्से का उपयोग करने वाला राज्य अनुच्छेद 27 का उल्लंघन नहीं करता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि राज्य नागरिकों से एकत्र किए गए टैक्स/राजस्व में से कुछ रुपये किसी धार्मिक संप्रदाय को कुछ सुविधाएं प्रदान करने के लिए खर्च करता है तो यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 27 का उल्लंघन नहीं होगा।संदर्भ के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 27 में यह आदेश दिया गया कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी टैक्स का भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिसका उपयोग किसी विशेष धर्म या धार्मिक संप्रदाय के प्रचार या रखरखाव के लिए खर्च के भुगतान के लिए किया जा सकता है।न्यायालय ने...
सुरक्षित भोजन का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार; सार्वजनिक स्वास्थ्य के अधीन मांस बेचने का अधिकार: गुजरात हाईकोर्ट
“सुरक्षित भोजन के अधिकार को भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत एक मौलिक अधिकार है।“ये टिप्पणी गुजरात हाईकोर्ट ने की। कोर्ट ने आगे कहा कि मांस या ऐसे किसी भी खाद्य पदार्थ में मुक्त व्यापार का अधिकार सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं के अधीन होना चाहिए।जस्टिस एन वी अंजारिया ने गुजरात में मांस विक्रेताओं और एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिकाओं का निपटारा किय़ा। याचिकाओं में खाद्य सुरक्षा कानूनों का पालन नहीं करने, अस्वच्छ परिस्थितियों में या बिना लाइसेंस वाली दुकानों के माध्यम से...
खाद्य सुरक्षा कानूनों का पालन किए बिना धार्मिक अवसरों पर मांस बेचने/बूचड़खाने चलाने की अप्रतिबंधित स्वतंत्रता नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानूनों का पालन किए बिना धार्मिक अवसरों पर मांस बेचने/बूचड़खाने चलाने की अप्रतिबंधित स्वतंत्रता नहीं है।जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने ये भी कहा कि बिना लाइसेंस वाले बूचड़खाने चलाने और बिना स्टैंप वाले मांस बेचने को लागू कानूनों का अनुपालन करने वाले हितधारकों के बिना अनुमोदित या अनुमति नहीं दी जा सकती है।जस्टिस एन वी अंजारिया ने गुजरात में मांस विक्रेताओं और एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिकाओं का निपटारा किय़ा। याचिकाओं में खाद्य सुरक्षा कानूनों का पालन...
अपग्रेडिड परफॉर्मेंस ग्रेड के आधार पर प्रमोशन के लिए कर्मचारी पर पुनर्विचार करने के लिए सेलेक्शन कमेटी बाध्य: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब किसी कर्मचारी के ग्रेड को उसकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट में अपग्रेड किया जाता है तो सेलेक्शन कमेटी को उसके अपग्रेड किए गए ग्रेड को ध्यान में रखते हुए प्रमोशन के लिए उस पर पुनर्विचार करना होगा।एक्टिंग चीफ जस्टिस एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस संदीप वी मार्ने की खंडपीठ उस कर्मचारी की रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसके परफॉर्मेंस ग्रेड को अपग्रेड करने के बाद प्रमोशन की मांग की गई थी।अदालत ने कहा,"जब भी किसी कर्मचारी/अधिकारी की ग्रेडिंग को अपग्रेड किया जाता है...
[एनआई एक्ट की धारा 138] मजिस्ट्रेट के पास न्यायिक विवेकाधिकार है कि वह आरोपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से रोक सकता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत शिकायत से निपटने वाला मजिस्ट्रेट अगर यह पाता है कि अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति का आग्रह पीड़ा देगा या आरोपियों को परेशान करेगा तो अभियुक्त को उसकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे सकता है।जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने कहा,"इस तरह के विवेक का उपयोग केवल दुर्लभ मामलों में किया जाना चाहिए, जहां अभियुक्त बहुत दूर रहता है या व्यापार करता है या किसी भी शारीरिक या अन्य अच्छे कारणों के...
निर्णय में तर्क पर विचार किए बिना नियुक्ति प्रस्ताव को केवल एफआईआर में संलिप्तता के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि फैसले में तर्क और प्रासंगिक तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किए बिना केवल एफआईआर दर्ज करने के आधार पर नियुक्ति के प्रस्ताव को अस्वीकार करने के लिए सामान्यीकरण नहीं किया जा सकता।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता की खंडपीठ ने अधिकारियों को ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश देते हुए यह टिप्पणी की, जिसकी दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (EXE) के पद पर नियुक्ति 2011 में दहेज हत्या के मामले में उसकी संलिप्तता के कारण रद्द कर दी गई।...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने योजना की वापसी के बाद एचयूएफ पीपीएफ खाता खोलने के लिए डाक अधिकारियों को फटकार लगाई, ब्याज के भुगतान का आदेश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट हाल ही में बेंगलुरु के एक 48 वर्षीय निवासी का बचाव किया, जिसे पीपीएफ जमा पर ब्याज देने से इनकार कर दिया गया था। उससे कहा गया था कि योजना में संशोधन के बाद उसका एचयूएफ पीपीएफ खाता अनियमित रूप से खोला गया था।यह कहते हुए कि ऐसे अनियमित खातों का पता लगाना और निवेशकों को तुरंत सूचित करना अधिकारियों का काम है, जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश पीठ ने पोस्टमास्टर और डाकघर के वरिष्ठ अधीक्षक को आगाह किया कि ऐसा करने में विफल रहने पर ऐसे खातों का प्रबंधन करने वाले अधिकारियों पर...
मेघालय हाईकोर्ट ने नाबालिग से रेप के मामले में पूर्व विधायक की 25 साल की सजा बरकरार रखी
मेघालय हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक जूलियस के दोरफांग की ओर से दायर एक अपील को खारिज कर दिया है। उन्हें एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का दोषी ठहराया गया है और 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह की पीठ ने कहा,“यह उच्च सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्ति के जघन्य और नृशंस आचरण की भयावह गाथा का उपसंहार है। मुकदमे के दरमियान बचाव पक्ष की ओर से पेश कुछ भी पीड़िता की भरोसेमंद आपबीत को झूठला नहीं सका कि वह अपीलकर्ता के हाथों कैसे पीड़ित हुई।"दोरफांग पर दो...
हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 482 के स्तर पर आपराधिक कार्यवाही को यह कहकर रद्द नहीं कर सकता कि आरोप साबित नहीं हुए हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि हाईकोर्ट दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए "मिनी ट्रायल" नहीं कर सकता है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने हाईकोर्ट के एक फैसले को खारिज करते हुए कहा,"डिस्चार्ज के स्तर पर और/या सीआरपीसी की धारा 482 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते समय न्यायालय के पास बहुत सीमित क्षेत्राधिकार है और इस पर विचार करना आवश्यक है कि क्या आरोपी के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए कोई पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है, जिसके लिए आरोपी के खिलाफ...
यूपी अर्बन बिल्डिंग एक्ट | मकान मालिक के मना करने पर ही किरायेदार किराया कोर्ट में किराया जमा करा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश अर्बन बिल्डिंग्स (रेगुलेशन ऑफ लेटिंग, रेंट, एंड एविक्शन) एक्ट, 1972 की धारा 30 में प्रावधान है कि अगर मकान मालिक किराया लेने से मना कर दे तो किरायेदार अदालत में किराया जमा कर सकता है, लेकिन यह स्थिति केवल तब तक रहती है जब तक मकान मालिक किराया प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त करता है। अगर मकान मालिक ने सहमति व्यक्त करते हुए औपचारिक नोटिस दिया है, तो नोटिस प्राप्त होने पर किरायेदार को कम से कम मकान मालिक को स्वीकृत दर पर किराए का भुगतान करना होगा।जस्टिस अनिरुद्ध...
एक महिला, जिसके साथ सड़क पर छेड़छाड़ हो रही है, उसे अपराध में भागीदार मानकर मुकदमा नहीं चलाया जा सकताः रिचर्ड गेयर किसिंग मामले में शिल्पा शेट्टी के आरोपमुक्त होने पर मुंबई की अदालत ने कहा
बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के खिलाफ 2007 में दर्ज अश्लीलता मामले में सेशन कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि एक महिला, जिसके साथ सड़कों पर छेड़छाड़ हो रही है, उसे अपराध में भागीदार मानकर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एससी जाधव ने कहा,"एक महिला, जिसके साथ सड़क पर या आम रास्ते पर या सार्वजनिक परिवहन में छेड़छाड़ हो रही है, उसे आरोपी या मानसिक अपराध की सीमा तक सहभागी नहीं माना जा सकता है और उसे अभियोजन के लिए उत्तरदायी बनाने के लिए अवैध गलती का...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आज़म की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को मोहम्मद अब्दुल्ला आज़म खान की 15 साल पुराने एक मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। इस दोषसिद्धि के कारण उन्हें विधायक के रूप में अयोग्य ठहराया गया था। खान को मुरादाबाद की एक अदालत द्वारा 15 साल पुराने एक मामले में दोषी ठहराए जाने और दो साल की जेल की सजा सुनाए जाने के कुछ दिनों बाद इस साल फरवरी में उत्तर प्रदेश विधान सभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। स्वार विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अब्दुल्ला समाजवादी पार्टी...
एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत आपराधिक दायित्व आकर्षित करने के लिए चेक छह महीने के भीतर प्राप्तकर्ता बैंक तक पहुंचना चाहिए: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के प्रावधानों के तहत आपराधिक दायित्व को आकर्षित करने के लिए यह आवश्यक है कि चेक को जारी करने की तारीख से छह महीने के भीतर उस बैंक में प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिस के लिए इसे आहरित किया गया है।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने एक अपील की सुनवाई के दरमियान ये टिप्पणियां कीं, जिसके संदर्भ में अपीलकर्ता ने उपमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश की कोर्ट द्वारा पारित फैसले को चुनौती दी थी। फैसले में...
भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 के तहत उत्तराधिकार प्रमाण पत्र किसी तरह का कोई स्वामित्व नहीं देते : जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया है कि भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 के तहत उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्रदान करने की कार्यवाही संक्षिप्त प्रकृति की है और प्रमाण पत्र धारक के पक्ष में राशि के लिए कोई टाइटल/स्वामित्व प्रदान नहीं करती है।जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 384 के संदर्भ में दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है। यह अपील जिला न्यायाधीश, श्रीनगर की अदालत द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ की गई थी, जिसके तहत कोर्ट...











![[एनआई एक्ट की धारा 138] मजिस्ट्रेट के पास न्यायिक विवेकाधिकार है कि वह आरोपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से रोक सकता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट [एनआई एक्ट की धारा 138] मजिस्ट्रेट के पास न्यायिक विवेकाधिकार है कि वह आरोपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से रोक सकता है: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/02/15/500x300_459053-justicejavediqbalwanijammukashmir.jpg)







