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ऑर्डर XLI रूल 22 सीपीसी | डिक्री धारक के लिए अपील में क्रॉस-ऑब्जेक्शन दर्ज करना अनिवार्य नहीं है, यदि डिक्री में संशोधन की संभावना नहीं: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि डिक्री धारक के लिए यह अनिवार्य नहीं है कि वह अपील में एक लिखित प्रति-आपत्ति प्रस्तुत करे, यदि वे यह दावा कर रहे हैं कि डिक्री संशोधित करने के लिए उत्तरदायी नहीं है।जस्टिस जीएस अहलूवालिया की पीठ ने कहा कि डिक्री धारक को उन मामलों में अपनी प्रति-आपत्ति दर्ज करनी होगी, जहां उनका तर्क है कि डिक्री को संशोधित किया जा सकता है-एक डिक्री धारक क्रॉस-ऑब्जेक्शन दाखिल करके निष्कर्षों को चुनौती दे सकता है। हालांकि यदि डिक्री धारक के पक्ष में दी गई...
'क्या लापरवाही का हर उदाहरण आपराधिक अपराध हो सकता है?': केरल हाईकोर्ट ने कुएं में भालू की मौत पर वन अधिकारियों के खिलाफ याचिका में पूछा
द वॉकिंग आई फाउंडेशन फॉर एनिमल एडवोकेसी ने केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की है जिसमें 20 अप्रैल, 2023 को एक कुएं में गिरे भालू की मौत पर वन विभाग के अधिकारियों और पशु चिकित्सक के खिलाफ जिम्मेदारी तय करने और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है। याचिका में अधिकारियों पर मामले में उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।यह घटना 20 अप्रैल, 2023 की तड़के वेल्लानाडू ग्राम पंचायत में एक निजी भूमि पर एक कुएं में एक सुस्त भालू के गिरने से संबंधित है, जिसने मीडिया का महत्वपूर्ण ध्यान...
कलकत्ता हाईकोर्ट के जज के टीवी इंटरव्यू पर आपत्ति जताते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने डब्ल्यूबी शिक्षक भर्ती मामले को दूसरे जज को सौंपने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले से संबंधित मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को सौंपने का निर्देश दिया है।इस मामले को अब तक कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय देख रहे थे, जिन्होंने सीबीआई और ईडी को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से पूछताछ करने का निर्देश दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले एबीपी आनंद के साथ जस्टिस गंगोपाध्याय के साक्षात्कार पर आपत्ति जताई थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर बनर्जी के खिलाफ...
प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना किसी भी व्यक्ति को आजीविका के स्रोत से वंचित नहीं किया जा सकता: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसल में कहा कि भले ही कोई व्यक्ति किसी अथॉरिटी को, उसकी ओर से से मांगे गए दस्तावेजों को सौंप देता है, यह अथॉरिटी को उस व्यक्ति के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार की अवहेलना करने की खुली छूट नहीं देता है।जस्टिस संजय धर की पीठ ने कहा,"प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करना कोई खोखली औपचारिकता नहीं है। किसी भी व्यक्ति को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना और कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना उसकी संपत्ति या आजीविका के...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीजेपी सांसद कमलेश पासवान को दंगा मामले में जमानत दी, 18 महीने की सजा पर रोक; कहा-सजा उनके राजनीति करियर पर कलंक लगा देगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2008 में दर्ज दंगे के एक मामले भाजपा सांसद कमलेश पासवान को जमानत दे दी, साथ ही हाईकोर्ट के समक्ष उनकी पुनरीक्षण याचिका लंबित रहने तक निचली अदालत द्वारा उन्हें दी 1.5 साल की सजा पर रोक लगा दी।जस्टिस राजीव मिश्रा की पीठ ने आदेश में कहा कि पासवान एक सांसद हैं और निचली अदालत का फैसला उनके राजनीतिक करियर पर कलंक लगा देगा, जिसके गंभीर परिणाम होंगे।कोर्ट ने निचली अदालत का रिकॉर्ड भी तलब किया।उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर में अपर सिविल जज (सिविल डिवीजन), द्वितीय/अतिरिक्त मुख्य...
बिहार के जेल मैनुअल में बदलाव के खिलाफ जनहित याचिका
बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह 27 अप्रैल यानी गुरूवार को रिहा हो गए। उनकी रिहाई की चर्चा पूरे देश में है। इन सबके बीच उनकी रिहाई के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई।जनहित याचिका में क्या-क्या कहा गया है उस पर जाएंगे, लेकिन उससे पहले आनंद मोहन को किस मामले में सजा मिली थी और क्या सजा मिली थी वो जान लीजिए। बिहार के सहरसा जिले में एक गांव है- पनगछिया। इसी गांव में आनंद मोहन सिंह का जन्म हुआ था। बुहत ही कम उम्र में राजनीति में आ गए। उनके एक मित्र थे छोटन शुक्ला।...
जिया खान की मौत का मामला : मुंबई सीबीआई कोर्ट ने अभिनेता सूरज पंचोली को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बरी किया
अभिनेत्री जिया खान (26) के अपने जुहू अपार्टमेंट में मृत पाए जाने के लगभग एक दशक बाद, मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने उनके तत्कालीन प्रेमी सूरज पंचोली को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश एएस सैय्यद ने फैसला सुनाया।सूरज अभिनेत्री जरीना वहाब और आदित्य पंचोली के बेटे हैं। जिया अपनी मां राबिया के कमरे में फंदे से लटकी पाई गई थीं। इसके सात दिन बाद 10 जून, 2013 को सूरज को गिरफ्तार किया गया था। एक महीने बाद सूरज को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी।राबिया द्वारा अपनी...
गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस हेमंत प्रच्छक की बेंच राहुल गांधी की मानहानि मामले में सजा पर रोक लगाने की याचिका पर शनिवार को सुनवाई करेगी
गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस हेमंत एम. प्रच्छक 29 अप्रैल को अप्रैल 2019 में कोलार में राजनीतिक अभियान में अपनी टिप्पणी के लिए अयोग्य ठहराए गए सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेंगे। राहुल गांधी ने मानहानि के मामले में उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की है। गांधी ने मानहानि के मामले में 25 अप्रैल को अपनी सजा पर रोक लगाने के लिए गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस गीता गोपी ने 26 अप्रैल को सूरत सत्र न्यायालय के 20 अप्रैल के आदेश को चुनौती देने वाली गांधी...
कर्मचारियों को वेतन के भुगतान के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज की संपत्ति का निपटान किया जाए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य से कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लहरगागा, संगरूर की कर्मचारियों को वेतन भुगतान के लिए संपत्ति का निपटान (Dispose) करने का आदेश दिया।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल ने कहा,"इस अदालत के पास संस्थान को आज से एक महीने की अवधि के भीतर याचिकाकर्ताओं को राशि का भुगतान करने के लिए सकारात्मक रूप से संपत्ति का निपटान करने के लिए तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, पंजाब के प्रधान सचिव को यह निर्देश देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, जो संस्थान...
दिल्ली हाईकोर्ट ने नेपाल की नाबालिग बलात्कार पीड़िता को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी की अनुमति दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नेपाल की नाबालिग बलात्कार पीड़िता को 27 सप्ताह की प्रेग्नेंसी को मेडिकली टर्मिनेट कराने की अनुमति दी।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने आदेश दिया,"इस तथ्य के मद्देनजर कि बच्चा और परिवार नेपाली नागरिक हैं, यह अदालत निर्देश देती है कि एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा प्रेग्नेंसी को जल्द से जल्द टर्मिनेट किया जाए।"अदालत पीड़िता की मां की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उसने अपनी नाबालिग बेटी का मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।मां...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यायिक आदेश के बावजूद नाबालिग बच्चे की कस्टडी पिता को सौंपने में विफल रहने पर मां के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक महिला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और पुलिस आयुक्त, बेंगलुरु को निर्देश दिया कि वह अदालत के निर्देशानुसार नाबालिग बच्चे को उसके पिता को सौंपने में विफल रहने पर महिला को अदालत में पेश करे।जस्टिस एस सुनील दत्त यादव और जस्टिस सी एम पूनाचा की अवकाशकालीन खंडपीठ ने नाबालिग बच्चे को पैदा करने के निर्देश की मांग करने वाले पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"यह ऐसा मामला है जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि...
पत्नियां कहती हैं कि पुरुष पैसे बर्बाद कर रहे हैं, राज्य कहता है कि अधिनियम लोगों की रक्षा के लिए, हम इसमें कैसे हस्तक्षेप करें? मद्रास एचसी ने ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध की याचिका पर कहा
मद्रास हाईकोर्ट में ऑनलाइन गेमिंग और ऑनलाइन गेम एक्ट, 2022 के तमिलनाडु निषेध को चुनौती देते हुए ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने गुरुवार को सवाल किया कि "सामाजिक बुराई" के नाम पर केवल रम्मी जैसे खेलों पर प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है, जबकि अन्य और बड़ी सामाजिक बुराइयां जैसे शराब पीना और लॉटरी भी राज्य में मौजूद है।एक्टिंग चीफ जस्टिस टी राजा और जस्टिस भरत चक्रवर्ती की खंडपीठ के समक्ष गेम्सराफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी एक प्रश्न का उत्तर दे...
'राज्य ने विधवा के जीवन के अधिकार को छीनने की कोशिश की': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पेंशन के लिए महिला की याचिका मंजूर की, राज्य पर 2 लाख का जुर्माना लगाया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने विधवा द्वारा दायर उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उसके मृतक पति की फैमिली पेंशन और पेंशन संबंधी लाभों को रोकने के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसे पंजाब में जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर के रूप में अपनी सेवा के दौरान आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया था।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने आदेश में कहा,"इस बात का कोई औचित्य सामने नहीं आया कि कानून के किस अधिकार के तहत याचिकाकर्ता के पति की पेंशन और अन्य लाभ और याचिकाकर्ता की फैमिली पेंशन को रोका या अस्वीकार किया गया।...
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली की विशेष समिति ने एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल को अंतिम रूप दिया
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली की एक विशेष समिति ने वकीलों को मारपीट, हत्या, धमकी और धमकी की घटनाओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए दिल्ली अधिवक्ता (संरक्षण) विधेयक, 2023 को अंतिम रूप दिया।दिल्ली के सभी जिला न्यायालय बार एसोसिएशन की समन्वय समिति द्वारा आज पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि विशेष समिति की अध्यक्षता बीसीडी सदस्य के.सी. मित्तल; समन्वय समिति के अध्यक्ष एवं महासचिव डॉ. एन.सी. शर्मा एवं रमन शर्मा सहित सभी बार संघों के अध्यक्ष एवं सचिव शामिल हैं।प्रस्ताव में कहा गया है,"यह अधिवक्ता अधिनियम, 1961...
मृतक की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति और अनुग्रह राशि का भुगतान उसे मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे से वंचित नहीं करता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि मोटर दुर्घटना में मृतक की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति और अनुग्रह राशि (स्वैच्छिक) भुगतान उसे मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे से वंचित नहीं करता।जस्टिस शिवकुमार डिगे ने मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल द्वारा दूरसंचार कंपनी में सहायक तकनीशियन के परिवार को दिए गए मुआवजे के खिलाफ रिलायंस जनरल इंश्योरेंस की अपील को खारिज कर दिया, जिसकी मोटर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।अदालत ने कहा,"अनुकंपा आधार पर अपने मृत-पति के स्थान पर मृतक की पत्नी को सेवा देना उसके मुआवजे से इनकार करने का...
'तलाक के बाद शादी' का वादा अपने आप में धोखा नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 417 के तहत मामले में दी गई सजा रद्द की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 417 के तहत उस व्यक्ति को दोषी ठहराने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया, जिस पर अपनी पिछली शादी के खत्म होने के बाद उससे शादी करने के वादे पर महिला को उसके साथ यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया गया।जस्टिस सिद्धार्थ रॉय चौधरी की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"इस प्रकार यह सुरक्षित रूप से कहा जा सकता है कि आरोपी व्यक्ति द्वारा किया गया विवाह का वादा साधारण वादा नहीं था- यह उसकी शादी के विघटन पर आकस्मिक था, जो...
राजस्थान हाईकोर्ट ने चार्जशीट दायर करने के 8 दिनों के भीतर पॉक्सो आरोपी को दोषी ठहराने का आदेश रद्द किया, नए सिरे से सुनवाई का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि ट्रायल करने में अनुचित जल्दबाजी की गई, पॉक्सो मामले में सजा रद्द कर दी और मामले को नए सिरे से ट्रायल करने के लिए निचली अदालत में वापस भेज दिया। उक्त मामले में ट्रायल कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने के आठ दिनों के भीतर फैसला सुनाया था।जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि ट्रायल जजों के बीच यह देखने के लिए कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है कि कौन पहले खत्म करता है और उस तरह के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण से न्याय नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि अनुचित जल्दबाजी और अनुचित देरी के...
धार्मिक भावनाएं इतनी नाजुक नहीं हो सकतीं कि किसी व्यक्ति के भाषण से आहत या उत्तेजित हों: दिल्ली हाईकोर्ट ने राज ठाकरे के खिलाफ जारी समन खारिज किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ जारी समन खारिज करते हुए कहा कि धर्म और आस्था इंसानों की तरह नाजुक नहीं हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि धार्मिक भावनाएं इतनी नाजुक नहीं हो सकती हैं कि किसी व्यक्ति के भाषण से आहत या भड़काया जा सके।कोर्ट ने कहा,“…मेरा विचार है कि भारत ऐसा देश है, जो विभिन्न धर्मों, आस्थाओं और भाषाओं के कारण अद्वितीय है, जो साथ-साथ मौजूद हैं। इसकी एकता इस सह-अस्तित्व में निहित है।जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि धार्मिक भावनाएं इतनी नाजुक नहीं हो...
बिजली करंट की घटनाओं को महज दुर्घटना मानकर नजरअंदाज किया जाता है : जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने वैधानिक नियमों को लागू करने के लिए समिति का गठन किया
बिजली के करंट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा और बिजली आपूर्ति से संबंधित उपाय ) विनियम, 2010, में निहित वैधानिक सुरक्षा उपायों और नियमों के उसकी भावना के तहत कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का गठन किया ।जस्टिय वसीम सादिक नरगल की पीठ ने कहा,"ऐसा प्रतीत होता है कि बिजली करंट से होने वाली मौतों के साथ-साथ बिजली करंट के कारण होने वाली शारीरिक चोटों को महज दुर्घटनाओं के रूप में नजरअंदाज कर दिया...
धारा 190 (1) (बी) सीआरपीसी | मजिस्ट्रेट धारा 164 सीआरपीसी के बयान के आधार पर भी व्यक्ति को सम्मन कर सकता है, यदि उसकी प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाई जाती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सीआरपीसी की धारा 190 (1) (बी) के संदर्भ में एक पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अपराध का संज्ञान लेने वाला एक मजिस्ट्रेट किसी व्यक्ति को धारा 164 सीआरपीसी के तहत दिए बयान के आधार पर भी सम्मन जारी कर सकता है, भले ही ऐसे व्यक्ति को पुलिस रिपोर्ट या एफआईआर में आरोपी के रूप में आरोपित नहीं किया गया हो। जस्टिस मंजू रानी चौहान की खंडपीठ ने हालांकि स्पष्ट किया कि किसी अपराध का संज्ञान लेने पर व्यक्तियों को बुलाने से पहले, मजिस्ट्रेट को उनके पास उपलब्ध सामग्रियों की जांच...




















